पाकुड़। महेशपुर थाना क्षेत्र के गणेशपुर दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को 10 दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो महिला आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

अदालत ने इससे पहले 1 अक्टूबर को मामले में 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। बुधवार को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनायी।
इन 10 दोषियों को मिली उम्रकैद
सजा पाने वालों में प्रधान सोरेन, ताहा सोरेन उर्फ डेनेक, रामजी सोरेन, रमेश सोरेन, ईश्वर सोरेन, लिलू सोरेन, सोहन हेम्ब्रोम, रोशन सोरेन उर्फ राजेन सोरेन, बीपी सिंह सोरेन और कालिदास सोरेन शामिल हैं।
एक-एक लाख रुपये का जुर्माना
अदालत ने सभी दोषियों को भादवि की धारा 302/149 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ-साथ एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
वहीं, मामले में आरोपी दो महिलाओं को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया। दोहरे हत्याकांड में अदालत के इस फैसले के बाद मामले का न्यायिक रूप से अहम चरण पूरा हुआ है।
