वीर कुंवर सिंह चौक पर जुटे छात्र-छात्राएं, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
देवघर। NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन की गूंज अब झारखंड के देवघर तक पहुंच गई है। सोमवार को शहर के वीर कुंवर सिंह चौक (वीआईपी चौक) पर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
देवघर के वीर कुंवर सिंह चौक पर NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली में अनशन के दौरान पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना का भी विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
“छात्रों को कब मिलेगा इंसाफ?”
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि NEET-UG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने लाखों मेहनती छात्रों का विश्वास तोड़ा है। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष नहीं होगी तो छात्रों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सोनम वांगचुक के समर्थन में उठी आवाज
छात्रों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
ये रहीं प्रमुख मांगें
NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच।
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।
छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को बनाते थे शिकार, APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेते थे; 4 मोबाइल, 7 सिम और 1 प्रतिबंधित सिम बरामद
देवघर// पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवघर साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रशांत प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम ने 19 जुलाई 2026 को चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सभी की संलिप्तता साइबर ठगी के मामलों में पाई गई है।
पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में कुछ लोग Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe, Paytm और Airtel Payment Bank के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. सुमरित कुमार (33 वर्ष), निवासी – कड़वामरनी, थाना कटोरिया, जिला बांका (बिहार)।
2. अमित कुमार (20 वर्ष), निवासी – बाराकोला, थाना मोहनपुर, जिला देवघर।
3. राजू कुमार ठाकुर (22 वर्ष), निवासी – बाराकोला, थाना मोहनपुर, जिला देवघर।
4. सूरज कुमार मंडल (30 वर्ष), निवासी – मालभंडारो, थाना मुफस्सिल दुमका, जिला दुमका।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते और मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी करते थे।
इनका तरीका कुछ इस प्रकार था—Google Pay, PhonePe और Paytm के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर कैशबैक का लालच देना।
PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेना।
Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर Airtel Thanks App के माध्यम से बंद कार्ड चालू कराने या नया कार्ड दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करना।
बरामद सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से—
4 मोबाइल फोन
7 सिम कार्ड
1 प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी जांच में आरोपियों के मोबाइल नंबर और IMEI नंबर विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
छापेमारी टीम कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी नरेश कुमार मंडल, मोहनपुर थाना प्रभारी संदीप कृष्णा तथा मोहनपुर थाना एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम शामिल रही।
BKD News Jharkhand की अपील:
साइबर ठगी से ऐसे बचें
✔ किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, CVV या बैंक की जानकारी साझा न करें।
✔ Google Pay, PhonePe, Paytm, Amazon Pay या किसी बैंक का कस्टमर केयर नंबर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें।
✔ WhatsApp, SMS या Telegram पर आई APK फाइल या संदिग्ध लिंक कभी डाउनलोड न करें।
✔ कैशबैक, KYC अपडेट, बिजली बिल, PM किसान योजना या बैंक खाता बंद होने जैसे संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें।
✔ किसी भी ऐप को Screen Sharing या Remote Access की अनुमति देने से पहले अच्छी तरह जांच करें।
✔ ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
✔ अपने बैंक खाते और UPI ऐप में दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) का उपयोग करें और समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
24×7 संचालन, पूरी मशीनरी चालू रखने और पर्याप्त तकनीकी स्टाफ तैनात करने के दिए निर्देश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
देवघर // विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर देवघर नगर निगम पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेले के दौरान शहर की स्वच्छता और बेहतर सीवेज प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने सोमवार को सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, मशीनों की स्थिति और संचालन व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार, सहायक अभियंता सूरज उरांव, नगर प्रबंधक सतीश दास तथा प्लांट संचालन कर रही बीटीएल (BTL) एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
24×7 संचालन के सख्त निर्देश
नगर आयुक्त ने बीटीएल एजेंसी को निर्देश दिया कि श्रावणी मेले के दौरान सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट को 24 घंटे सातों दिन (24×7) चालू रखा जाए, ताकि नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाले फीकल स्लज (Faecal Sludge) का समय पर और वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जा सके।
मुख्य निर्देश
प्लांट 24×7 ऑपरेशनल मोड में रहेगा।
सभी तकनीकी कर्मियों एवं स्टाफ की शिफ्टवार 100% उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
प्लांट की सभी मशीनें हर समय पूरी तरह फंक्शनल रहें।
किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी होने पर तत्काल मरम्मत कर संचालन बाधित नहीं होने दिया जाए।
स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने क्या कहा ?
नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा, “श्रावणी मेले के दौरान देवघर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत निकलने वाले फीकल स्लज का समय पर और वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जाना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“उन्होंने अधिकारियों और एजेंसी को निर्देश दिया कि मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, कहा— बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले हर श्रद्धालु को मिलेगी 24×7 बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों को निर्बाध एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री इरफान अंसारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपस्थित मंत्री इरफान अंसारी देवघर विधायक सुरेश पासवान एवं अन्य अधिकारी
बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, महामारी नियंत्रण, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और एम्बुलेंस प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 35 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे। इनमें 32 स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे और तपोवन, खरगडीहा एवं त्रिकुट पहाड़ के 3 स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। सभी शिविरों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन, आवश्यक दवाइयां और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
अस्पतालों में 150 से अधिक बेड तैयार
श्रद्धालुओं के इलाज के लिए पुराना सदर अस्पताल (अस्थायी मेला अस्पताल) में 50 बेड तथा नया सदर अस्पताल में 100 बेड तैयार रखे गए हैं। इसके अलावा दुम्मा, बीएड कॉलेज, कुमैठा और नेहरू पार्क में 10-10 बेड वाले स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं। शिवगंगा, नंदन पहाड़, कोठिया बस स्टैंड, हथगढ़ बस स्टैंड, सुविधा केंद्र, हिंदी विद्यापीठ, बाघमारा बस स्टैंड और गिधनी में 5-5 बेड की व्यवस्था रहेगी, जबकि बाबा मंदिर और क्यू कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक उपचार के लिए 2-2 बेड उपलब्ध रहेंगे।
41 एम्बुलेंस रहेंगी तैनात
मेला क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 41 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। इनमें सदर अस्पताल की एम्बुलेंस, रूट लाइन पर चलने वाली टोटो एम्बुलेंस, रिस्पॉन्स टीम की एम्बुलेंस तथा विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में उपलब्ध एम्बुलेंस शामिल हैं।
महामारी नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने महामारी रोकथाम के लिए दो विशेष स्वच्छता दल तैनात किए हैं, जो नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव करेंगे। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए 3 उड़नदस्ता खाद्य निरीक्षक दल और नकली दवाओं की बिक्री पर निगरानी के लिए 2 औषधि निरीक्षक दल भी सक्रिय रहेंगे।
21 पल्स पोलियो केंद्र भी रहेंगे सक्रिय
मेला में अपने परिवार के साथ आने वाले 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 21 पल्स पोलियो केंद्र एवं विशेष दल तैनात किए जाएंगे।
मंत्री इरफान अंसारी ने क्या कहा ?
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर 24 घंटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, पर्याप्त दवाओं और त्वरित एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
35 स्वास्थ्य शिविर, जिनमें 32 रहेंगे 24×7 संचालित।
41 एम्बुलेंस रहेंगी तैनात।
150 से अधिक बेड की व्यवस्था।
21 प्राथमिक उपचार केंद्र।
21 पल्स पोलियो केंद्र।
3 खाद्य निरीक्षक उड़नदस्ता दल।
2 औषधि निरीक्षक दल।
24 घंटे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और ऑक्सीजन की उपलब्धता।
सावन का महीना और बाबा बैद्यनाथ धाम की अद्भुत आस्था
देवघर // सावन का महीना शुरू होते ही पूरा देश शिवमय हो जाता है। “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बाबा नगरी” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। इसी दौरान झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला आयोजित होता है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंचते हैं।
फाइल फोटो: सावन महीना में कावरियां का जत्था
सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी करने वाले कांवड़िए जब बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचते हैं, तो उनकी महीनों की तपस्या पूर्ण होती है। यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम है।
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कब हुई ?
कांवड़ यात्रा का कोई निश्चित ऐतिहासिक वर्ष उपलब्ध नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसकी परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष का पान भगवान शिव ने किया था। उनके ताप को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल से जलाभिषेक किया। यही परंपरा आगे चलकर कांवड़ यात्रा के रूप में प्रसिद्ध हुई।
देवघर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार लंका के राजा रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की और सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया। तभी से इस मार्ग की धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ गई।
बाबा बैद्यनाथ धाम क्यों है विशेष?
बाबा बैद्यनाथ धाम को भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। साथ ही इसे 51 शक्तिपीठों में भी विशेष स्थान दिया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान शिव और माता शक्ति दोनों का दिव्य स्वरूप एक साथ विराजमान है, इसलिए इस धाम का महत्व अन्य तीर्थों की तुलना में और भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष करोड़ों श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंचते हैं।
सुल्तानगंज से ही गंगाजल क्यों लाया जाता है?
बिहार के सुल्तानगंज में गंगा उत्तरवाहिनी (उत्तर दिशा की ओर बहने वाली) है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां से भरा गया गंगाजल अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु इसी जल को कांवड़ में लेकर लगभग 105 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं।
श्रावणी मेले में जलार्पण की व्यवस्था कैसे होती है ?
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं।
फाइल फोटो। देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में सावन माह में अरघा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था होती है
मेले के दौरान स्पर्श पूजा (शिवलिंग को हाथ लगाकर पूजा) की अनुमति नहीं रहती। सभी श्रद्धालु अरघा व्यवस्था के माध्यम से जलार्पण करते हैं, ताकि लाखों भक्त सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से बाबा पर जल अर्पित कर सकें।
आंतरिक अरघा के माध्यम से जलार्पण का फाइल फोटो
भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए दो अरघा संचालित किए जाते हैं, एक अरघा जिसके माध्यम से श्रद्धालु जलार्पण के साथ बाबा का दर्शन भी कर सकते हैं मंदिर के मुख्य द्वार पर अरघा लगाया जाता है।
फाइल फोटो : बाह्य अरघा का
अरघा में जलार्पण के साथ ही बाबा पर जलार्पण हो जाता है वही एक बाह्य (Outer) अरघा भी शामिल होता है। इसमें जलार्पण के लिए लाइन मुख्य द्वार वाले अरघा के तुलना में इसमें भीड़ कम होती है इस अरघा को मंदिर प्रांगण में लगाया जाता है जहां जलार्पण के साथ बाबा का दर्शन नहीं हो पाता है। मंदिर के ऊपर लगे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से जलार्पण को देख सकते हैं। इससे जलार्पण की प्रक्रिया अधिक सुचारु और तेज हो जाती है।
शीघ्र दर्शनम कूपन क्या है ?
बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र दर्शनम की व्यवस्था उपलब्ध रहती है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार सामान्य दिनों में शीघ्र दर्शनम कूपन का शुल्क ₹300 है। श्रावणी मेला के दौरान इसका शुल्क ₹600 निर्धारित किया जाता है। पूर्व में यह शुल्क क्रमशः ₹250 और ₹500 था, जिसमें पिछले वर्ष संशोधन किया गया। (शुल्क एवं व्यवस्था समय-समय पर मंदिर प्रशासन द्वारा परिवर्तित की जा सकती है।)
बोलबम कितने प्रकार के होते हैं ?
श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार अलग-अलग प्रकार से यात्रा करते हैं।
1. साधारण बोलबम सबसे अधिक श्रद्धालु इसी प्रकार की यात्रा करते हैं। वे सामान्य गति से पैदल चलकर जल लेकर बाबा धाम पहुंचते हैं। सालों भर बाबा पर जलार्पण के लिए श्रद्धालु आते हैं। इसमें अधिकतर श्रद्धालु तीन दिन में अपनी यात्रा को पूरा करते हैं।
2. डाक बम डाक बम बिना रुके तेज गति से दौड़ते हुए यात्रा पूरी करते हैं। इनका संकल्प होता है कि गंगाजल भरने के बाद बिना विश्राम किए सीधे बाबा के दरबार पहुंचेंगे। 24 घंटे के अंदर बाबा पर जलार्पण करना । इसकी संख्या सावन माह में अधिक होती है बाकी दिनों में नहीं के बराबर आते हैं क्योंकि सावन में डाक बम के लिए सुविधाएं रहती है बाकी दिनों में नहीं होती है।
3. दंडी बम दंडी बम पूरी यात्रा दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी करते हैं। यह अत्यंत कठिन साधना मानी जाती है। इसकी यात्रा में महीनों से अधिक का समय लगता है
कांवड़ यात्रा के प्रमुख नियम
गंगाजल भरने के बाद कांवड़ को अपवित्र नहीं होने देना चाहिए।
सात्विक भोजन करना चाहिए।
मांस, मदिरा और नशे से दूर रहना चाहिए।
ब्रह्मचर्य एवं संयम का पालन करना चाहिए।
प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।
कांवड़ को सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। स्टैंड पर रखना चाहिए
बाबा बैद्यनाथ मंदिर की विशेषता
भारत के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल।
शक्तिपीठ के रूप में भी धार्मिक महत्व।
श्रावणी मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सुल्तानगंज से देवघर तक लगभग 105 किलोमीटर की प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा।
पूरे श्रावण मास में “बोल बम” के जयघोष से गूंजती बाबा नगरी।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकृत स्थान से ही गंगाजल भरें। लाइन तोड़ने या धक्का-मुक्की से बचें। बुजुर्गों एवं महिलाओं की सहायता करें। साफ-सफाई बनाए रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें। कोई भी सहायता सुविधा के लिए जिला प्रशासन के द्वारा लगाए जाने वाले सहायत केंद्र से और आधिकारिक अकाउंट से प्राप्त करें।
देवघर की अदालत ने सुनाया फैसला, 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
देवघर | BKD News Jharkhand।
देवघर व्यवहार न्यायालय ने अवैध संबंध के शक में छोटे भाई की निर्मम हत्या के मामले में दोषी बड़े भाई सत्यानारायण सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
22 माह में आया फैसला
यह मामला सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के डोड़िया-पांडे गांव का है। घटना 23 अगस्त 2024 की रात हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी को अपनी पत्नी और छोटे भाई केवलानंद सिंह के बीच अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक में उसने छोटे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।करीब 22 माह तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
सिर और पेट पर कुल्हाड़ी से किए थे कई वार
अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार आरोपी ने छोटे भाई के सिर और पेट पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। हत्या के बाद शव को गांव के मिडिल स्कूल के पास स्थित नाले में फेंक दिया गया। अगले दिन शव मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
12 गवाहों की गवाही के बाद दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने अदालत में 12 गवाहों की गवाही और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
व्यवहार न्यायालय ने सुनाया फैसला
व्यवहार न्यायालय, देवघर ने आरोपी सत्यानारायण सिंह को भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
डिजिटल साक्ष्यों और विभागीय जांच के बाद एसपी ने की कार्रवाई
देवघर | BKD News Jharkhand।
देवघर // जिले में वाहन जांच के दौरान ऑनलाइन माध्यम से कथित अवैध वसूली के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एएसआई, एक हवलदार समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच रिपोर्ट और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
13 जुलाई की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को वाहन जांच के दौरान एक व्यक्ति से ऑनलाइन माध्यम से ₹1,000 की कथित वसूली किए जाने की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई थी। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य भी प्रस्तुत किए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
DSP मुख्यालय ने की विस्तृत जांच
एसपी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय चंद्रशेखर ने मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया गया। साथ ही वाहन जांच में शामिल पुलिसकर्मियों, यातायात प्रभारी एवं अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।
जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण किया।
UPI हैंडलर के पति से भी हुई पूछताछ
जांच के क्रम में संबंधित UPI हैंडलर के पति से भी पूछताछ की गई। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर पूरी रिपोर्ट तैयार की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पांच पुलिसकर्मी निलंबित
विभागीय जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने वाहन जांच ड्यूटी में शामिल एक एएसआई, एक हवलदार सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी जारी है।
पुलिस विभाग का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या अवैध वसूली की शिकायत प्रमाणित होती है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवघर // जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समीक्षा को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 22 जुलाई 2026 को होने वाली BLO और BLA-2 की तीसरी संयुक्त बैठक की तैयारियों पर चर्चा की गई।
22 जुलाई को होगी BLO और BLA-2 की तीसरी संयुक्त बैठक
उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से 22 जुलाई को बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की संयुक्त बैठक आयोजित होगी। इसमें मृत, दोहरी प्रविष्टि वाले और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा नए पात्र मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं, के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे विशेष शिविर
ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में कार्य की गति बढ़ाने के लिए 18 और 20 जुलाई को विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में BLO और स्वयंसेवक छूटे हुए मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराने तथा मैपिंग कार्य पूरा करने में जुटे हैं।
इन पांच श्रेणियों के मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होंगे शामिल
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो पाया है, उनके मामलों में पूरी सावधानी बरती जाए। निम्नलिखित पांच श्रेणियों के मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे—पहले से पंजीकृत (D)मृत (D)स्थायी रूप से स्थानांतरित (S)पता न चलने वाला/अनुपस्थित (A)EF पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वालेसाथ ही BLO को निर्देश दिया गया कि EF के दोनों पृष्ठ, आवश्यक टिप्पणियों एवं दस्तावेजों के साथ हस्ताक्षरित रूप में ECINET पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं।
विशेष गहन पुनरीक्षण की समय-सारणी
घर-घर सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई 2026
मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन: 29 जुलाई 2026 तक
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन: 5 अगस्त 2026
दावा एवं आपत्ति अवधि: 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
दावों एवं आपत्तियों का निपटारा: 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 7 अक्टूबर 2026
बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी सागरी बराल, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
देवघर // देवघर पुलिस ने चेन लूट की एक घटना का सफल उद्भेदन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई चांदी की चेन, अन्य चांदी के आभूषण तथा घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी भी बरामद की है।
नगर थाना कांड संख्या 274/2026 दिनांक 16 जुलाई 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) में दर्ज मामले में वादी नितीश कुमार (20 वर्ष), निवासी खिजुरिया, थाना जसीडीह के आवेदन पर तीन अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
आलोक कुमार उर्फ सन्नी (19 वर्ष), निवासी बाजला चौक, नगर थाना क्षेत्र, देवघर।
घटना में प्रयुक्त नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी (पंजीयन संख्या JH15B8321)।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार प्रीतम मिश्रा एवं आशीष कुमार दास के विरुद्ध पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले शामिल हैं।
छापेमारी दल
इस कार्रवाई में नगर थाना प्रभारी रवि ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक सूरज कुमार, सहायक अवर निरीक्षक राजू रजवार, अवर निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, आरक्षी राकेश कुमार सिंह, चालक संजीव कुमार, अजमेर अंसारी सहित थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।
झारखंड ग्रामीण बैंक ने देवघर में अपने नए क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। बैंक के अध्यक्ष मदन मोहन बरियार ने देवघर में आधुनिक कार्यालय भवन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर और सुलभ बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क होगा मजबूत
बैंक अध्यक्ष मदन मोहन बरियार ने कहा कि झारखंड ग्रामीण बैंक की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है। देवघर क्षेत्र में बैंक लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं मिल सकें।
13 शाखाओं का हुआ कायाकल्प, 18 जुलाई को खुलेगी नई शाखा
देवघर क्षेत्र की 71 शाखाओं में से पहले चरण में 13 शाखाओं का आधुनिकीकरण किया गया है। वहीं, 18 जुलाई को मोहनपुर में बैंक की नई शाखा का शुभारंभ किया जाएगा। इसके अलावा दुमका जिले के बारापलासी में भी नई शाखा खोलने की तैयारी चल रही है।
297 ग्राहक सेवा केंद्र कर रहे हैं कार्य
बैंक द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए 297 ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालित किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 नए सेवा केंद्र भी जोड़े गए हैं। बैंक ने ग्राहकों से साइबर ठगी से बचने के लिए ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक रूपेश कुमार, उप क्षेत्रीय प्रबंधक राहुल कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (प्रशासन) प्रदीप कुमार यादव, शाखा प्रबंधकों सहित बैंक के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में श्रद्धाकर्म के बाद गैस सिलेंडर में बची गैस के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे 9 मुकुल चंद नारायण की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई 30 जुलाई 2026 को होगी।
श्रद्धाकर्म के बाद गैस सिलेंडर के बंटवारे से शुरू हुआ विवाद
अभियोजन के अनुसार, सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में श्रद्धाकर्म के दौरान गैस सिलेंडर में बची गैस के बंटवारे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। मामला महज 75 रुपए का था दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट होने लगी। इसी दौरान एक बुजुर्ग पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घटना के बाद सोनारायठाड़ी थाना में थाना कांड संख्या 2/2023 दर्ज किया गया राज्य बनाम अरुण यादव में ट्रायल शुरू हुआ और एसटी केस नंबर 269/204 में धारा 147,148,302 और 307 में दोषी पाया ।
चार आरोपी दोषी, तीन को मिला संदेह का लाभ
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी माना, जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। आरोपी चार पुरुष को दोषी पाया जिसमें सीताराम यादव , संतोष यादव , चानो यादव और वरुण यादव शामिल है वहीं 3 महिला जिसे संदेह का लाभ मिला उसमें कालेश्वरी देवी , रीना देवी और अनीता देवी शामिल है।
30 जुलाई को सुनाई जाएगी सजा
अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। इसी दिन चारों दोषियों की सजा का ऐलान किया जाएगा। यह मामला उस समय पूरे क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना था।
देवघर में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, विधि-व्यवस्था और श्रावणी मेला की तैयारियों पर विशेष फोकस
देवघर, 16 जुलाई 2026: पुलिस अधीक्षक कार्यालय, देवघर के कॉन्फ्रेंस हॉल में गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, अंचल निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, परिचारी प्रवर तथा विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई।
देवघर पुलिस अधीक्षक समीक्षा बैठक करते हुए
श्रावणी मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए अहम निर्देश
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक प्रबंधन, कांवरिया मार्गों पर सतत निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट टास्किंग की। सभी अधिकारियों को मेला अवधि के दौरान समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर विशेष जोर
अपराध गोष्ठी में अड्डेबाजी की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान, वाहन चोरी सहित अन्य चोरी की घटनाओं के उद्भेदन, डकैती, लापता व्यक्तियों की खोज, एससी/एसटी अधिनियम के लंबित मामलों के निष्पादन, महिला संबंधी अपराधों एवं पोक्सो एक्ट के मामलों की त्वरित जांच की समीक्षा की गई। साथ ही साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित उद्भेदन के लिए विशेष टीम गठित कर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
ट्रैफिक व्यवस्था, डायल-112 और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 सेवा की प्रभावशीलता बढ़ाने, कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने, वाहन दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा हेलमेट चेकिंग एवं ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समन तामिला की समीक्षा करते हुए विगत पांच वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया। चरित्र सत्यापन एवं पासपोर्ट सत्यापन का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए भी सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
देवघर: साइबर थाना, देवघर की पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया जिसके पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी और पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया।
कोर्ट में पेशी के पूर्व फरार हुआ कैदी
सभी गिरफ्तार 7 साइबर आरोपी को पुलिस ने थाना से सदर अस्पताल देवघर ले जाकर मेडिकल जांच कराया जिसके बाद देवघर कोर्ट में पेशी के लिए ले गया । कोर्ट में पेशी के पूर्व सभी को बॉयोमेट्री कराने के लिए कोर्ट परिसर के बाहर बायोमेट्री के क्रम में हथकड़ी को हटाकर बॉयोमेट्री लिया जा रहा था तभी एक कैदी वहां से निकल कर भागने लगा मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी ने पिछा किया और थोड़ी दूरी पर चाय दुकान में छिपे कैदी को पुलिस ने पकड़ कर अपने कब्जे में ले लिया।
फरार हुए जगह पर : फरार कैदी की बरामदगी के बाद पुलिस और पब्लिक
कैदी के फरार होने की खबर कोर्ट परिसर में फैलते ही सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे और ड्यूटी में लगे पुलिस वालों की पसीना छूटने लगा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली ।
गिरफ्तार आरोपी के नाम पता
एफआईआर में जिन आरोपियों के नाम दर्ज हैं, उनमें नंदकिशोर दास, जितेंद्र यादव, एमडी ललमुद्दीन अंसारी, रफीक अंसारी, अनवर अंसारी, विक्की महारा और कृष्णा दास शामिल हैं। सभी आरोपी देवघर जिले के देवीपुर , मोहनपुर , पालोजोरी , पथरोल और सारठ थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।
प्राथमिकी के अनुसार साइबर अपराधियों ने अलग-अलग बैंक खातों, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर लोगों से ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने मामले से जुड़े बैंक खाते, मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया है।
साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह से अन्य लोग जुड़े हैं या नहीं।
पुरी (ओडिशा)। विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा को लेकर पुरी नगरी पूरी तरह भक्तिमय हो गई है। पवित्र रथयात्रा के लिए महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भगवान श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा के भव्य और दिव्य रथ पूर्णतः तैयार हो चुके हैं। पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार निर्मित इन रथों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
रथयात्रा के दौरान महाप्रभु श्रीजगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान श्रीबलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक भव्य यात्रा करेंगे। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
रथयात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। पूरे पुरी शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और मंदिर परिसर सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
हिंदू धर्म में रथयात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि महाप्रभु के रथ का दर्शन और रथ की रस्सी खींचने से श्रद्धालुओं को पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
कौन है प्रियंका और कौशल किशोर जिसके खाते में भेजे गए 1000 रूपए
देवघर। Bkd News Jharkhand।
झारखंड के देवघर जिले में पुलिस और कथित पत्रकारों के बीच सांठ-गांठ से चल रहे अवैध वसूली के एक बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। वाहन चेकिंग के नाम पर आम जनता को प्रताड़ित करने और जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने सीधे देवघर के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और अवैध वसूली में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुमका जिले के जामा प्रखंड के महारो निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजू पुजहर ने देवघर एसपी को सौंपे पत्र में कुंडा थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने शिकायत के साथ अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए पैसों के डिजिटल स्क्रीनशॉट की छायाप्रति भी साक्ष्य के तौर पर एसपी को सौंपी है।
क्या है पूरा मामला ?
घटना सोमवार, 13 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग 3:01 बजे की है। पीड़ित राजू पुजहर एम्स से कुंडा चौक होते हुए अपने मोटरसाइकिल से वापस घर लौट रहे थे। उनके साथ बाइक पर हैदर अली नामक एक व्यक्ति भी सवार था, जिसने हेलमेट नहीं पहना था। पीड़ित ने बताया कि हैदर अली एम्स में भर्ती अपने एक गंभीर रूप से बीमार दोस्त को एम्बुलेंस से पटना विदा करने आया था और वहां अकेला छूट गया था। इसी मजबूरी में राजू उसे लिफ्ट देकर घर छोड़ रहे थे।
कुंडा थाना के समीप ‘छोटा बाबू’ और ट्रैफिक पुलिस बल द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। हेलमेट न होने के कारण पुलिस ने राजू को रोक लिया। राजू ने पुलिसकर्मियों को मरीज की बीमारी, दवाओं के पर्चे और मजबूरी का पूरा हवाला दिया, लेकिन पुलिसकर्मी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए।
जब रसीद काटने के बदले मांगी गई रिश्वत
शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने पीड़ित राजू से सीधे पांच हजार रुपये की मांग की। जब सामाजिक कार्यकर्ता राजू पुजहर ने असमर्थता जताते हुए कानूनी रूप से चालान काटने की बात कही, तो पुलिसकर्मी बिफर गए। बाद में मामला 1,000 रुपये के लेन-देन पर आकर अटका।
पीड़ित ने जब खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए रियायत देने की बात कही, तो ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। आरोपी पुलिसकर्मी ने कहा: “हम लोगों के ऊपर भी बड़े पदाधिकारी बैठे हैं। उनसे मोटी रकम देकर हमें इस थाने में पोस्टिंग मिली है, तो हम आपको ऐसे कैसे छोड़ दें? हमें भी ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है।”
कौन हैं प्रियंका और कौशल कुमार ! डिजिटल ट्रांसफर का खुला खेल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब वहां मौजूद सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में एक व्यक्ति सामने आया, जिसे कथित तौर पर पत्रकार और पुलिस का द लाल बताया जा रहा है। उसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से एक क्यूआर कोड/नंबर दिया और पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।
पीड़ित राजू ने बताया कि उनके पास नकद पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने विवश होकर उक्त सिविल ड्रेस वाले व्यक्ति के कहने पर ‘प्रियंका कुमारी’ और ‘कौशल कुमार’ नामक बैंक खातों में ₹1,000 का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये प्रियंका कुमारी और कौशल कुमार कौन हैं, जिनके खातों का इस्तेमाल पुलिस की अवैध वसूली की रकम को ठिकाने लगाने या उसे आपस में बांटने के लिए किया जा रहा है? क्या यह किसी बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा है?
कथित पत्रकारों और पुलिस की सांठ-गांठ पर उठे सवाल
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि वाहन चेकिंग स्थलों पर कुछ सफेदपोश और कथित पत्रकार दिन-भर मंडराते रहते हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ इनकी नजदीकी जगजाहिर है। सूत्र बताते हैं कि ये कथित पत्रकार आम लोगों को डराने-धमकाने और मामला रफा-दफा करने के एवज में बिचौलिये की भूमिका निभाते हैं और कमीशन का एक बड़ा हिस्सा खुद डकार जाते हैं। देवघर की इस घटना ने इस गठजोड़ को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है।
जांच के घेरे में कुंडा पुलिस, एसपी से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के इस खुले खेल ने देवघर पुलिस की छवि पर गहरा बट्टा लगाया है। पीड़ित राजू पुजहर ने देवघर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पुलिस विभाग में बैठे काली भेड़ और उनके दलालों को बेनकाब किया जा सके। मामले में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन आईडी और स्क्रीनशॉट जैसे पुख्ता सबूत होने के कारण अब कुंडा थाना के दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि देवघर एसपी इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाते हैं और आम जनता को इस अवैध वसूली के आतंक से कब तक मुक्ति मिलती है।