देवघर: एडीजे तृतीय सह स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने पुलिस पर फायरिंग के मामले में नामजद आरोपी सूरज कुमार यादव उर्फ सूरज यादव को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी कुंडा थाना क्षेत्र के कुंडा गांव का निवासी है।
पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
अदालत में प्रस्तुत अभियोजन के अनुसार, 13 सितंबर 2024 को तत्कालीन एएसआई सौरभ राज के प्रतिवेदन पर कुंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि पुलिस एक अन्य मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंची थी। पुलिस को देखते ही आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर गोली चला दी। फायरिंग के बाद वह मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद कुंडा थाना में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
छह गवाहों की गवाही से साबित हुआ अपराध
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को सिद्ध माना। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शौर्य कुमार ने पक्ष रखा।
दो वर्षों में आया फैसला
इस मामले में अदालत ने महज दो वर्षों के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया, जिसे न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से अपेक्षाकृत त्वरित माना जा रहा है।







