झारखंड की आवाज

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दूसरी सोमवारी पर देवघर में आस्था का सैलाब, 9 किमी तक पहुंची कांवरियों की कतार

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4:15 बजे शुरू हुआ बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण, 3.80 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

पिछली सोमवारी में 3.17 लाख भक्तों ने किया था जलार्पण

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार तड़के 4:15 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण शुरू होते ही कांवरियों की कतार करीब 9 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। हर तरफ बोल बम के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ गूंज उठा।

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बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर प्रांगण की तस्वीरें

जलार्पण शुरू होने के बाद कांवरिया उत्साह और श्रद्धा के साथ कतार में आगे बढ़ते रहे। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

रात 1 बजे ही नंदन पहाड़ से चमारीडीह पुल तक पहुंच गई थी कतार

जिला प्रशासन के अनुसार दूसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। रात करीब 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ से चमारीडीह पुल तक पहुंच गई थी।इसके बाद धीरे-धीरे कांवरियों की संख्या बढ़ती गई और कतार कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। प्रशासन की ओर से कांवरियों को निर्धारित रूटलाइन में धैर्य के साथ आगे बढ़ने की अपील की गई है।

4 लाख तक पहुंच सकती है श्रद्धालुओं की संख्या

देवघर के उपायुक्त सौरभ भुवानिया के अनुसार पिछली सोमवारी को करीब 3 लाख 17 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया था।

दूसरी सोमवारी पर भीड़ इससे कहीं अधिक रहने का अनुमान है।प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या 3.80 लाख से 4 लाख तक पहुंच सकती है। वास्तविक संख्या और जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं का अंतिम आंकड़ा दोपहर बाद जारी किया जाएगा।

मजिस्ट्रेट से लेकर पुलिस बल तक की तैनाती

भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सभी मजिस्ट्रेट और संबंधित अधिकारियों को विशेष ब्रीफिंग दी गई है।

इनपुट और एग्जिट प्वाइंट पर अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। एसपी के दिशा-निर्देश पर एसडीएम समेत प्रशासनिक टीम लगातार समन्वय के साथ काम कर रही है।

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कांवरिया पथ और रूटलाइन में भीड़ की निगरानी, कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस किया गया है।

रविवार को 2.73 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

दूसरी सोमवारी से एक दिन पहले यानी रविवार को भी बाबा नगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 11वें दिन रविवार को 2,73,861 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया।

इनमें 1,54,875 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 1,18,986 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया।

रविवार को भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT), पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की चौबीसों घंटे तैनाती रही। पूरे रूटलाइन पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रही।

पिछली सोमवारी में 3.17 लाख श्रद्धालुओं ने किया था जलार्पण

श्रावणी मेला की पहली सोमवारी पर देवघर में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली थी। उस दिन 3,17,494 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया था। दूसरी सोमवारी पर इस आंकड़े के और बढ़ने की संभावना जताई गई है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, निर्धारित रूटलाइन का पालन करें और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करते हुए बाबा बैद्यनाथ का दर्शन एवं जलार्पण करें।

देवघर एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क पर चैंबर ने उठाए सवाल, 13 मिनट की पिक एंड ड्रॉप अवधि में शुल्क लेने का विरोध

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संताल परगना चैंबर ने किया एयरपोर्ट का स्थल निरीक्षण, पार्किंग बूथ पर शुल्क और समय-सीमा की जानकारी बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करने की मांग

देवघर। संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर ने देवघर एयरपोर्ट की पार्किंग शुल्क व्यवस्था का स्थल निरीक्षण कर यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। चैंबर ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित 13 मिनट की पिक एंड ड्रॉप अवधि में एयरपोर्ट से बाहर निकलने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क लिया जाना उचित नहीं है।

चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा एवं देवघर एयरपोर्ट एडवाइजरी कमिटी के सदस्य आलोक मल्लिक के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्यों ने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित वेंडर और पार्किंग कर्मियों से पार्किंग शुल्क वसूली की प्रक्रिया की जानकारी ली।

पार्किंग बूथ पर स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करने की मांग

चैंबर ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग शुल्क और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी पार्किंग वसूली बूथ पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करने की सलाह दी है।

चैंबर ने यात्रियों से भी अपील की है कि एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करते समय पार्किंग पर्ची पर दर्ज इन टाइम को अवश्य देखें और वापसी के समय उसी के आधार पर शुल्क का भुगतान करें।

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चैंबर का कहना है कि पिक एंड ड्रॉप के लिए निर्धारित 13 मिनट की अवधि यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से है। ऐसे में इस अवधि के भीतर बाहर निकलने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

फुटकर विक्रेताओं के मुद्दे पर भी चैंबर ने जताई चिंता

निरीक्षण के दौरान चैंबर ने टावर चौक से आजाद चौक के बीच फुटकर विक्रेताओं के मामले को भी उठाया। चैंबर ने नगर निगम और प्रशासन की नीति को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि एक तरफ निगम द्वारा फुटकर विक्रेताओं से शुल्क वसूला जाता है, जबकि दूसरी ओर अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाती है।

चैंबर ने फुटकर विक्रेताओं के प्रति नैतिक समर्थन जताते हुए मांग की कि नगर निगम इनके लिए स्थान का स्पष्ट निर्धारण और डिमार्केशन करे।

‘शुल्क लेते हैं तो अनावश्यक रूप से परेशान न करें’

चैंबर का कहना है कि जिन फुटकर विक्रेताओं से नगर निगम शुल्क वसूलता है, उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान या विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। फुटकर विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित करने से बाजार की व्यवस्था भी बेहतर होगी और विक्रेताओं की रोजी-रोटी भी प्रभावित नहीं होगी।

चैंबर ने प्रशासन और नगर निगम से इस मामले में स्पष्ट एवं व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है, ताकि फुटकर विक्रेताओं और शहर की यातायात एवं बाजार व्यवस्था के बीच संतुलन कायम किया जा सके।

निरीक्षण में ये सदस्य रहे मौजूद

स्थल निरीक्षण के दौरान चैंबर के महासचिव निरंजन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव पंकज भालोटिया, विवेक अग्रवाल, संजय मालवीय, लक्ष्मण पटेल, ऋषि राज सिंह, विभूति ठाकुर और निलेश सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों की सुविधा से जुड़े मुद्दों को लेकर चैंबर लगातार प्रशासन एवं संबंधित संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखता रहेगा।


कल्याणचक ज्वेलरी लूटकांड में बड़ी कार्रवाई, 2 देशी कट्टा और 2 जिंदा गोलियों के साथ आरोपी गिरफ्तार

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विष्णु मंडल से पूछताछ के बाद पुलिस ने सुबोध मंडल को दबोचा, हथियार बरामद; लूटकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी

साहिबगंज। अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साहिबगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कल्याणचक ज्वेलरी लूटकांड में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो देशी कट्टे और दो जिंदा गोलियां बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई की जानकारी रविवार को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी।

विष्णु मंडल से पूछताछ में मिला हथियारों का सुराग

एसडीपीओ ने बताया कि राजमहल थाना कांड संख्या-174/25, दिनांक 04 जून 2025 में रिमांड पर लिए गए अभियुक्त विष्णु मंडल, पिता- युगल मंडल उर्फ मंगरू मंडल, निवासी चानन, थाना जिरवाबाड़ी से पुलिस ने पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान विष्णु मंडल ने पुलिस को बताया कि पूर्व में हुए कल्याणचक ज्वेलरी लूटकांड में इस्तेमाल देशी कट्टे और गोलियां उसने जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के शांतिनगर निवासी सुबोध मंडल को दिए थे।

संयुक्त टीम ने शांतिनगर में की छापेमारी

मिली सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साहिबगंज के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया गया। इसके बाद जिरवाबाड़ी और राजमहल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 8 अगस्त 2026 को त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबोध मंडल को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुबोध मंडल (23 वर्ष), पिता- सीताराम मंडल, निवासी शांतिनगर लोहंडा, थाना जिरवाबाड़ी के रूप में हुई है।

निशानदेही पर दो देशी कट्टा और दो गोलियां बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर छापेमारी कर दो अवैध देशी कट्टा और दो जिंदा गोलियां बरामद की गईं। पुलिस ने बरामद हथियारों और गोलियों को जप्ती सूची तैयार कर जब्त कर लिया है।

आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

हथियार बरामदगी के मामले में जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या-146/26, दिनांक 09 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 25(1-बी)ए/26/35 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

छापेमारी टीम में ये पुलिस पदाधिकारी रहे शामिल

कार्रवाई में जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशि सिंह, राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी, अवर निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान, एएसआई कार्तिक उरांव, जिरवाबाड़ी, एसआई शिवानंद प्रसाद, राजमहल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पुलिस की इस कार्रवाई को कल्याणचक ज्वेलरी लूटकांड की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस अब लूटकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और घटना में हथियारों की भूमिका की जांच आगे बढ़ा रही है।

साहिबगंज में SP की पहल से बदली छात्रा की जिंदगी, 24 घंटे में झोपड़ी तक पहुंची बिजली-पानी की सुविधा

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जनता दरबार में छात्रा ने लगाई थी पढ़ाई जारी रखने की गुहार, पुलिस-प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ; आर्थिक तंगी से जूझ रही स्वीकृति राज सुकरना अब आगे बढ़ने को तैयार

साहिबगंज // जरूरतमंद और होनहार छात्रों की मदद के लिए प्रशासन और पुलिस की संवेदनशील पहल समाज में सकारात्मक पुलिसिंग की मिसाल पेश करती है। साहिबगंज में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह की पहल से आर्थिक तंगी से जूझ रही एक छात्रा को पढ़ाई जारी रखने के लिए सहयोग मिला है।

हबीबपुर निवासी छात्रा स्वीकृति राज सुकरना बीएससी मेजर लाइफ साइंस से ऑनर्स की छात्रा हैं। आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। परिवार की स्थिति ऐसी थी कि पढ़ाई जारी रखना उनके लिए चुनौती बन गया था।

जनता दरबार में छात्रा ने रखी अपनी बात

बताया गया कि छात्रा के पिता ने अपनी पत्नी रूबी सिन्हा और पुत्री स्वीकृति राज सुकरना की स्थिति को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी। जनता दरबार में छात्रा ने पढ़ाई जारी रखने की अनुमति और सहयोग की गुहार लगाई।छात्रा की इच्छा है कि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़े और देश के उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान दे सके। छात्रा की परेशानी सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।

24 घंटे के भीतर झोपड़ी में पहुंची बिजली और पानी की सुविधा

इस मामले में प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक और उदाहरण देखने को मिला। जिस झोपड़ी में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं था और पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी, वहां महज 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की गई।

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प्रशासन और पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल तत्काल मदद करना ही नहीं, बल्कि छात्रा को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना भी है।

कम्युनिटी पुलिसिंग का दिखा मानवीय चेहरा

पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद लोगों और छात्रों की मदद के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से की जाने वाली ऐसी पहल कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को मजबूत करती है।

कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कॉपियां, बैग, फीस, कोचिंग और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की जाती रही है। साहिबगंज में भी छात्रा के मामले में पुलिस-प्रशासन की संवेदनशीलता सामने आई है।

पढ़ाई के सपने को मिला प्रशासन का सहारा

आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद स्वीकृति राज सुकरना ने पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद नहीं छोड़ी। प्रशासन और पुलिस की ओर से मिले सहयोग से अब उनके आगे की पढ़ाई का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।छात्रा और उनके परिवार ने इस पहल के लिए पुलिस एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया है। वहीं, इस पूरे मामले ने यह संदेश भी दिया है कि यदि प्रशासन जरूरतमंदों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुने और समय पर सहयोग करे, तो किसी छात्र का भविष्य संवर सकता है।

विश्व आदिवासी दिवस पर लोहरदगा में दिखी आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य आयोजन

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विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने पारंपरिक तरीके से कार्यक्रम का किया शुभारंभ, युवाओं से बोले- अपनी पहचान और संस्कृति पर गर्व करें

लोहरदगा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर लोहरदगा के स्थानीय नगर भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोक जीवन की आकर्षक झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, नृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज से नगर भवन का माहौल पूरी तरह आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने दीप प्रज्वलित करने के साथ पारंपरिक तरीके से ढोल-नगाड़े बजाकर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

आदिवासी समाज की पहचान और अधिकारों के सम्मान का दिवस

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने विश्व आदिवासी दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस पूरी दुनिया में आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित रखने के लिए संघर्ष किया है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण पहचान रही है।

प्रकृति के साथ सामंजस्य आदिवासी समाज की पहचान

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज मूल रूप से प्रकृति पूजक समाज है। जंगल, पहाड़, नदी और जमीन के साथ गहरा जुड़ाव इस समाज की जीवनशैली का हिस्सा रहा है। प्रकृति के संरक्षण की यह परंपरा आज के दौर में भी पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत केवल समाज की पहचान नहीं हैं, बल्कि झारखंड की विशिष्ट पहचान का भी अभिन्न हिस्सा हैं।

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युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अपील

विस अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने आदिवासी समाज के युवाओं से अपनी पहचान और संस्कृति पर गर्व करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिकता और बदलते समय के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी भाषा, परंपरा, संस्कृति और विरासत को भूलना नहीं चाहिए।

उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों तक आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं को पहुंचाने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की परंपरा और जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया। पारंपरिक नृत्य और संगीत ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने नगर भवन में उत्सव का माहौल बना दिया।

विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत, प्रकृति के प्रति सम्मान और अपनी पहचान को संरक्षित रखने के संदेश को मजबूती से सामने रखा।

आंदोलनकारी छात्रों से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की भावुक अपील- ‘जान है तो जहान है, अनशन और भूख हड़ताल से बचें’

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कहा- आपकी मांगें गंभीरता से विचाराधीन, सरकार संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से समाधान के लिए प्रयासर

रांची, 9 अगस्त 2026। झारखंड में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भावुक अपील की है। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने, लेकिन अनशन और भूख हड़ताल से बचने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छात्रों की मांगें महत्वपूर्ण हैं, उनकी भावनाओं और संघर्ष को सरकार गंभीरता से समझ रही है। उनकी आवाज सरकार तक पहुंच रही है और सकारात्मक समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी मांग और आंदोलन से ज्यादा महत्वपूर्ण छात्रों की जिंदगी है।

आंदोलनकारी छात्रों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान किसी छात्र-छात्रा की तबीयत बिगड़ती है या अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है, तो उसके बेहतर इलाज के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आंदोलनकारी छात्र-छात्रा को चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं किया जाए। इलाज के नाम पर आंदोलनकारी छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा और आवश्यक चिकित्सा खर्च राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

मेडिकल इमरजेंसी में तत्काल मिलेगी सुविधा

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में आंदोलनकारी छात्रों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंदोलन स्थल पर भी स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों को आवश्यकतानुसार तैनात रखा गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आंदोलनकारी छात्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

‘अपनी आवाज बुलंद कीजिए, लेकिन जान को दांव पर मत लगाइए’

आंदोलनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करें और अपनी आवाज बुलंद करें, लेकिन अपनी जान को दांव पर न लगाएं।

उन्होंने कहा कि “जान है तो जहान है।” कोई भी आंदोलन, मांग या संघर्ष किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत नेताओं का भी जिक्र

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू भी इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले का सकारात्मक और सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।

उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से सरकार पर विश्वास रखने और बातचीत का रास्ता खुला रखने की अपील की।

‘आप झारखंड का भविष्य हैं’

डॉ. इरफान अंसारी ने छात्रों को झारखंड का भविष्य बताते हुए कहा कि उनकी आवाज और संघर्ष महत्वपूर्ण है, लेकिन उनका सुरक्षित और स्वस्थ रहना उनकी सबसे बड़ी चिंता है।

उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए किसी छात्र की जिंदगी खतरे में पड़े। इसलिए छात्रों को अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने की अपील करते हुए उन्होंने दोहराया कि अनशन और भूख हड़ताल से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘आपकी सरकार आपके साथ है’

अपील के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों के साथ है और उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझती है।

उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और बातचीत के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री का संदेश साफ है—मांगों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखें, लेकिन अपने स्वास्थ्य और जीवन को खतरे में डालकर नहीं।

सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ जजों की संख्या बढ़ाने से क्या होगा ? मेनका गुरुस्वामी ने राज्यसभा में उठाया बड़ा सवाल

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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन प्रतिनिधित्व का क्या ?

राज्यसभा में मेनका गुरुस्वामी ने उठाया बड़ा सवाल

पहली संसदीय स्पीच में न्यायपालिका पर फोकस; महिला और क्वीयर जजों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई

नई दिल्ली // सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की चर्चा के बीच राज्यसभा में वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद मेनका गुरुस्वामी ने न्यायपालिका के भीतर प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाकर बहस को एक नया आयाम दे दिया। उन्होंने सवाल किया कि अदालत में पदों की संख्या बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह देखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि इन पदों पर नियुक्त होने वाले जज समाज की विविधता को कितना प्रतिबिंबित करते हैं।

6 अगस्त 2026 को राज्यसभा में अपने पहले भाषण के दौरान गुरुस्वामी ने विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं और क्वीयर समुदाय के प्रतिनिधित्व की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत में जजों की संख्या 37 तक पहुंचने जा रही है, लेकिन महिला जजों की संख्या अभी भी काफी कम है।

जजों की संख्या बढ़ी, फिर भी महिला प्रतिनिधित्व कम

सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने को न्यायिक व्यवस्था पर बढ़ते मुकदमों के बोझ से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लेकिन गुरुस्वामी ने इस बहस के साथ एक दूसरा सवाल जोड़ दिया—नई नियुक्तियों में महिलाओं और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों की हिस्सेदारी कितनी होगी ?

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि पिछले आठ वर्षों के दौरान सुप्रीम कोर्ट में केवल तीन महिला जजों की नियुक्ति हुई है। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा बताता है कि न्यायपालिका के सर्वोच्च स्तर पर लैंगिक प्रतिनिधित्व अभी भी पर्याप्त नहीं है।

‘सिर्फ पद बढ़ाने से नहीं बनेगी समावेशी न्यायपालिका’

गुरुस्वामी की बात का मुख्य केंद्र न्यायपालिका में विविधता रहा। उनका जोर इस बात पर था कि अदालतें समाज के हर हिस्से के अनुभवों और दृष्टिकोणों से जुड़ी हों।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में महिला और क्वीयर जजों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई। यह मुद्दा इसलिए भी खास है क्योंकि न्यायपालिका में नियुक्तियां लंबे समय से योग्यता, वरिष्ठता और न्यायिक अनुभव जैसे मानकों के साथ-साथ प्रतिनिधित्व के सवालों को लेकर भी चर्चा में रही हैं।गुरुस्वामी का हस्तक्षेप इसी बहस को व्यापक बनाता है। उनका संदेश यह है कि न्यायपालिका को मजबूत बनाने की प्रक्रिया में केवल कितने जज होंगे यह सवाल नहीं, बल्कि कौन जज बन रहे हैं यह सवाल भी महत्वपूर्ण है।

जजों की नियुक्ति और कॉलेजियम पर फिर चर्चा

भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम व्यवस्था लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। ऐसे में राज्यसभा में गुरुस्वामी द्वारा न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया जाना नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस से भी जुड़ता है।

गौरतलब है कि गुरुस्वामी खुद सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रही हैं और संवैधानिक मामलों में उनकी लंबी कानूनी भूमिका रही है। 2018 में धारा 377 से जुड़े ऐतिहासिक मामले में भी उन्होंने याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की थी।

पहली स्पीच में अपने ही पेशे से जुड़े मुद्दे पर बोलीं

राज्यसभा सांसद के तौर पर गुरुस्वामी का यह पहला बड़ा भाषण था। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी संसदीय पारी की शुरुआत उस क्षेत्र से जुड़े मुद्दे को उठाकर की, जिसमें वह वर्षों से सक्रिय रही हैं।

2026 में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। वह निर्विरोध निर्वाचित हुईं और अप्रैल 2026 में उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।

क्वीयर समुदाय से संसद तक का सफर

मेनका गुरुस्वामी देश की चर्चित संवैधानिक वकीलों में शामिल हैं। धारा 377 मामले में उनकी भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 2018 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद LGBTQ अधिकारों और संवैधानिक स्वतंत्रता की बहस में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया।

राज्यसभा पहुंचने के बाद अब उन्होंने न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व का मुद्दा संसद के भीतर उठाया है। इस लिहाज से उनकी पहली स्पीच उनके कानूनी करियर और संसदीय भूमिका के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा सकती है।

अब बहस सिर्फ ‘कितने जज’ पर नहीं, ‘कौन जज’ पर भी

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में है। लेकिन गुरुस्वामी के सवाल ने इस प्रक्रिया के साथ प्रतिनिधित्व के पहलू को भी जोड़ दिया है।

आने वाले समय में जब नई नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट की बढ़ी हुई न्यायिक क्षमता में महिलाओं और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों की भागीदारी कितनी बढ़ती है।

मेनका गुरुस्वामी का राज्यसभा में संदेश साफ है—न्यायपालिका को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि विविधता भी जरूरी है।

निर्मल महतो की पुण्य तिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई

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साहिबगंज // झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यकर्ताओं द्वारा स्वर्गीय निर्मल महतो की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजली मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन नगर अध्यक्ष आदित्य यादव की अगुआई में स्थानीय मछुआ सोसाइटी परिसर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।कार्यक्रम में मुख्य रूप से झामुमो जिला अध्यक्ष शामिल हुए। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने स्वर्गीय निर्मल महतो के तैलीय चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित कर एवं मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

विचार और आदर्श आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हैं।

पूरे वातावरण में भावनात्मक एकजुटता और सम्मान का माहौल देखने को मिला।अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि निर्मल महतो का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल रहा है। उन्होंने झारखंड आंदोलन और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके विचार और आदर्श आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हैं।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “ निर्मल महतो अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संगठन की एकता और मजबूती को लेकर भी चर्चा की गई तथा आगामी दिनों में जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने की बात कही गई।कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्वर्गीय निर्मल महतो को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दूसरी सोमवारी की तैयारी पूरी: उपायुक्त ने श्रावणी मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया

देवघर। राजकीय श्रावणी मेला-2026 की दूसरी सोमवारी को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने शुक्रवार को संपूर्ण मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कुमैठा से नंदन पहाड़ तक रूटलाइन का जायजा लिया और अधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रूटलाइन, होल्डिंग पॉइंट और साफ-सफाई पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संभावित भीड़ को देखते हुए पूरी रूटलाइन में मैट बिछाने, व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाने तथा होल्डिंग पॉइंट की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों को कहीं भी असुविधा नहीं होनी चाहिए और मेला क्षेत्र में नियमित कचरा उठाव एवं उसके निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

स्वास्थ्य, सहायता केंद्र और टोटो एम्बुलेंस रहें पूरी तरह सक्रिय

उपायुक्त ने स्वास्थ्य केंद्र, सूचना सह सहायता केंद्र, शुद्ध पेयजल, मोबाइल शौचालय, विद्युत नियंत्रण कक्ष, ओपी, मातृत्व विश्राम गृह और टोटो एम्बुलेंस की व्यवस्था को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

टेंट सिटी में श्रद्धालुओं से की बातचीत

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बाघमारा आईएसबीटी, टेंट सिटी और कोठिया टेंट सिटी का भी दौरा किया। यहां उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं से बातचीत कर आवासन, पेयजल, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। श्रद्धालुओं ने उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर दिए निर्देश

दूसरी सोमवारी को होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को पार्किंग और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों का परिचालन व्यवस्थित हो तथा कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए।

विनम्रता और सेवाभाव से करें श्रद्धालुओं की सहायता

उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि वे विनम्रता और सेवाभाव के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करें, ताकि बाबा बैद्यनाथ की नगरी से हर श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर लौटे।

मातृत्व विश्राम गृह और सहायता केंद्रों पर विशेष व्यवस्था

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निरीक्षण के दौरान बरमसिया, सरकार भवन, बीएड कॉलेज और तिवारी चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने कहा कि सूचना सह सहायता केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह 24 घंटे सक्रिय रहेंगे तथा महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • दूसरी सोमवारी से पहले मेला क्षेत्र का उपायुक्त ने किया निरीक्षण।
  • रूटलाइन, होल्डिंग पॉइंट और साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश।
  • स्वास्थ्य केंद्र, सहायता केंद्र, टोटो एम्बुलेंस और विद्युत व्यवस्था 24×7 सक्रिय रखने का आदेश।
  • टेंट सिटी में श्रद्धालुओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक।
  • अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सेवाभाव और विनम्रता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश।

देवघर में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान

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श्रावणी मेला 2026: खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 10 किलो अखाद्य हल्दी और 5 किलो मिलावटी चाट नष्ट

देवघर। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सघन निरीक्षण अभियान चला रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर गठित टीमों ने कोठिया बस पड़ाव क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।

अखाद्य रंग मिली हल्दी और चाट को मौके पर कराया गया नष्ट

निरीक्षण के दौरान रवि जनरल स्टोर, संजय किराना स्टोर, बिहारी भोजनालय समेत अन्य प्रतिष्ठानों में जांच के दौरान अखाद्य रंग (मेटानिल येलो) युक्त लगभग 10 किलोग्राम हल्दी पाउडर बरामद किया गया, जिसे विभाग की मौजूदगी में तत्काल नष्ट करा दिया गया।

वहीं कैलाश चाट भंडार, विक्की चाट स्टॉल और पप्पन चाट भंडार में लगभग 5 किलोग्राम चाट में भी मेटानिल येलो जैसे प्रतिबंधित रंग की मौजूदगी पाई गई। इसे भी मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

होटलों और भोजनालयों में भी हुई जांच

खाद्य सुरक्षा टीम ने सुधीर होटल, शिवम मिष्ठान भंडार, श्री गणेश भोजनालय, बाबा बैद्यनाथ होटल, लक्ष्मी भोजनालय, सुमित भोजनालय तथा टूरिस्ट राधा स्वामी भोजनालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए जागरूक भी किया गया।

बिना लाइसेंस कारोबारियों को चेतावनी

विभाग ने बिना खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के कारोबार कर रहे संचालकों को जल्द से जल्द लाइसेंस बनवाने की सख्त हिदायत दी। साथ ही स्पष्ट किया गया कि मिलावटी, असुरक्षित अथवा एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तंबाकू बिक्री पर भी सख्ती

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है कि मेला क्षेत्र में तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों का भंडारण और बिक्री नहीं करें। उल्लंघन करने वालों पर कोटपा अधिनियम-2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

8 अगस्त को लगेगा खाद्य लाइसेंस शिविर

विभाग ने बताया कि 8 अगस्त 2026 को कोठिया मोड़ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन जारी करने के लिए एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक खाद्य कारोबारी वैध लाइसेंस प्राप्त कर सकें।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि श्रावणी मेला अवधि के दौरान होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, चाट स्टॉल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य बिंदु:

  • 10 किलोग्राम अखाद्य रंग मिली हल्दी नष्ट।
  • 5 किलोग्राम मिलावटी चाट नष्ट।
  • बिना लाइसेंस कारोबारियों को चेतावनी।
  • तंबाकू बिक्री पर कोटपा-2003 के तहत कार्रवाई की चेतावनी।
  • 8 अगस्त को कोठिया मोड़ में खाद्य लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन शिविर आयोजित होगा।

विशेष मतदाता शिविर: 08 और 09 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर जुड़ेंगे नाम

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एक ही मतदान केंद्र पर शिफ्ट हो सकेंगे परिवार के सभी सदस्यों के नाम

देवघर// जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की ओर से सर्वसाधारण के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। योग्य नागरिक अब आसानी से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं। इसके लिए दिनांक-01.10.2026 को अर्हता तिथि मानते हुए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR), 2026 के तहत दिनांक-08.08.2026 एवं दिनांक-09.08.2026 को पूर्वा 10 बजे से अप० 04 बजे तक सभी मतदान केन्द्रों पर प्रथम विशेष कैम्प का आयोजन निर्धारित है।

नाम जोड़वाना और स्थानांतरण कराना आसान

साथ ही शिविर के माध्यम से नया नाम जोड़ना, जिन युवाओं की उम्र अर्हता तिथि के अनुसार पूरी हो चुकी है, वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। वही पारिवारिक नाम स्थानांतरण, यदि किसी परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर हैं, तो वे पूरा नाम एक ही मतदान केंद्र पर ट्रांसफर करा सकते हैं।

इसके अलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि उक्त अवधि में, दिनांक 01.10.2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले या 18 वर्ष पूर्ण हो चुका है तथा पात्र भारतीय नागरिक है एवं देवघर जिला अंतर्गत किसी भी मतदान केन्द्र क्षेत्र के सामान्य निवासी है, तो वैसे नागरिक, मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु प्रपत्र-6 घोषणा पत्र सहित आवेदन कर सकते है।

साथ ही, निवास स्थानांतरण या वर्तमान निर्वाचक नामावली में प्रविष्टियों में सुधार या बिना सुधार के ईपीक कार्ड निर्माण या दिव्यांगजन व्यक्तियों के रूप में चिन्हितीकरण आदि के लिए प्रपत्र 8 घोषणा पत्र सहित के साथ अपना आवेदन अपने बी०एल०ओ० को जमा कर सकते है। आगे उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर एक वोट मूल्यवान है। छूटे हुए सभी योग्य नागरिक अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर फॉर्म भरें और अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। कोई पात्र भारतीय नागरिक छुटे ना।

‘नशा मुक्त युवा भारत’ रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के रितेश रंजन ने हासिल किया प्रथम स्थान

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कन्हैया रजक

साहिबगंज // युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय ‘नशा मुक्त युवा भारत’ रील प्रतियोगिता में साहिबगंज कॉलेज के छात्र रितेश रंजन ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर उन्हें ₹10,000 की नगद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

रचनात्मक संदेश से जीता निर्णायकों का दिल

रितेश रंजन साहिबगंज कॉलेज में पीजी सेमेस्टर-4, राजनीति विज्ञान के छात्र हैं। प्रतियोगिता में उन्होंने अपनी रचनात्मक सोच और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उनकी रील को राज्य स्तर पर निर्णायकों ने सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हुए प्रथम स्थान प्रदान किया।

₹10 हजार की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित

राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में राज्य निदेशक ने रितेश रंजन को प्रशस्ति-पत्र और ₹10,000 की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि को साहिबगंज कॉलेज के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्राचार्य ने बताया विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा

साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने रितेश रंजन को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान समय में नशा युवाओं और समाज के सामने एक गंभीर चुनौती है। ऐसे में सोशल मीडिया और रील जैसे प्रभावी माध्यमों के जरिए नशामुक्ति का संदेश देना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनात्मकता और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर ही स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सकता है।

महाविद्यालय में खुशी का माहौल

प्राचार्य ने रितेश रंजन की सफलता को महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महाविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भी उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बधाई दी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करना साहिबगंज कॉलेज की शैक्षणिक एवं सामाजिक जागरूकता गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यह सफलता युवाओं को अपनी प्रतिभा का उपयोग समाजहित में करने तथा नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

आसनसोल मंडल में ट्रैफिक ब्लॉक के कारण चार मेमू ट्रेनों का अस्थायी निरस्तीकरण

आसनसोल // आसनसोल मंडल के डीसीओपी–दुर्गापुर (डाउन लाइन-1) खंड में पीक्यूआरएस अनुरक्षण कार्य को सुगमता से संपन्न कराने हेतु शनिवार, 15.08.2026 तथा मंगलवार, 18.08.2026 को 14:30 बजे से 18:00 बजे तक साढ़े तीन घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा।

इसके परिणामस्वरूप, निम्नलिखित मेमू ट्रेनें 15.08.2026 एवं 18.08.2026 को निरस्त (cancelled) रहेंगी ।

  • 63522 आसनसोल–बर्धमान
  • 63515 बर्धमान–आसनसोल
  • 63524 आसनसोल–बर्धमान
  • 63517 बर्धमान–आसनसोल

देवघर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, स्थायी लोक अदालत ने दी जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े अधिकारों की जानकारी

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इंडियन बैंक के जोनल कार्यालय में आयोजित

शिविर में बैंकिंग, बीमा, बिजली, जलापूर्ति सहित जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के त्वरित एवं सुलभ निस्तारण की दी गई जानकारी

देवघर, 7 अगस्त 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देश तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), देवघर के मार्गदर्शन में शुक्रवार को स्थायी लोक अदालत, देवघर द्वारा इंडियन बैंक के आंचलिक (जोनल) कार्यालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्राहकों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकार-क्षेत्र तथा जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित और कम खर्च में समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराना था।

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कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत, देवघर के अध्यक्ष त्रिभुवन यादव, सदस्य अरुण कुमार एवं सदस्य अचल कुमार सहित इंडियन बैंक के आंचलिक कार्यालय के पदाधिकारी, बैंक अधिकारी, कर्मचारी, ग्राहक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि स्थायी लोक अदालत के माध्यम से बैंकिंग, बीमा, विद्युत, जलापूर्ति, परिवहन, डाक, दूरसंचार, शिक्षा, आवास एवं अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का त्वरित, सरल एवं कम व्यय में निस्तारण कराया जा सकता है। इसके साथ ही स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, अधिकार-क्षेत्र और वैधानिक प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

वक्ताओं ने कहा कि विधिक जागरूकता से ही नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकते हैं। लोगों से अपील की गई कि किसी भी जनोपयोगी सेवा से संबंधित विवाद की स्थिति में न्यायालयी प्रक्रिया से पहले स्थायी लोक अदालत की सेवाओं का लाभ उठाएं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके।

शिविर के अंत में उपस्थित लोगों को अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में भी विधिक साक्षरता का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया गया।

साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 9 लीटर विदेशी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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आनंद विहार वीकली एक्सप्रेस में गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई, ‘बोल बम’ वेशभूषा में शराब ले जा रहे दो आरोपी दबोचे गए

साहिबगंज // रेलवे परिसर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आरपीएफ/सीआईबी मालदा और आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को 9 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 9,840 रुपये आंकी गई है।

आरपीएफ को मिली विश्वसनीय सूचना के आधार पर शुक्रवार को ट्रेन संख्या 13429 अप आनंद विहार टर्मिनल वीकली एक्सप्रेस के साहिबगंज रेलवे स्टेशन पहुंचने पर प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। ट्रेन के एसी कोच से उतरे दो संदिग्ध व्यक्ति अलग-अलग बैग लेकर यात्रियों की भीड़ में खुद को छिपाने का प्रयास कर रहे थे। दोनों “बोल बम” वेशभूषा में थे। संदेह होने पर संयुक्त टीम ने उन्हें रोककर उनके बैगों की तलाशी ली, जिसमें विदेशी शराब बरामद हुई।

12 बोतल रॉयल स्टैग व्हिस्की बरामद

तलाशी के दौरान मुन्नी लाल साह के बैग से 750-750 मिलीलीटर की चार बोतलें (कुल 3 लीटर) तथा प्रकाश कुमार चौधरी के बैग से 750-750 मिलीलीटर की आठ बोतलें (कुल 6 लीटर) बरामद की गईं। इस प्रकार दोनों के कब्जे से कुल 12 बोतल रॉयल स्टैग व्हिस्की यानी 9 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 9,840 रुपये है।

जमालपुर ले जाकर बेचने की थी योजना

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुन्नी लाल साह (38 वर्ष), निवासी लखनपुर, थाना तारापुर, जिला मुंगेर (बिहार) तथा प्रकाश कुमार चौधरी (30 वर्ष), निवासी पुरानी साहिबगंज, नगर थाना क्षेत्र, जिला साहिबगंज (झारखंड) के रूप में हुई। दोनों ने पूछताछ में बताया कि शराब साहिबगंज से खरीदी गई थी और उसे जमालपुर रेलवे स्टेशन ले जाकर अवैध रूप से बेचकर आर्थिक लाभ कमाने की योजना थी।

कानूनी कार्रवाई जारी

आरपीएफ के अनुसार, दोनों आरोपियों के पास शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचना दे दी गई। बरामद शराब को जब्त कर आरोपियों को आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज लाया गया है, जहां उनके विरुद्ध संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।