पान–तांती–स्वांसी समाज का वार्षिक मिलन समारोह में एकजुटता एवं शिक्षा पर जोर
खूंटी // खूंटी के डोड़मा स्थित बिरसा शिशु विद्या मंदिर, आम बागान परिसर में सोमवार को दक्षिणी छोटानागपुर पान तांती स्वांसी समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में पान–तांती–स्वांसी समाज का वार्षिक मिलन समारोह आयोजित किया गया।
आनंद पांड़ की मूर्ति स्थापना समाज के लिए ऐतिहासिक पहल
समारोह में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला–खरसावां, रांची, खूंटी तथा सिमडेगा जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में धरती आबा बिरसा मुंडा के गुरु आनंद पांड़ के वंशज सहदेव स्वांसी की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। वक्ताओं ने हाल ही में गौरबेड़ा गांव में आनंद पांड़ की मूर्ति स्थापना को समाज के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।
तीन दिवसीय धरना आयोजित करने की तैयारी का आह्वान किया
समारोह को संबोधित करते हुए संस्थापक उमाकांत दास ने समाज की संवैधानिक मांगों के समर्थन में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान तीन दिवसीय धरना आयोजित करने की तैयारी का आह्वान किया। केंद्रीय संगठन सचिव जितेंद्र दास ने शिक्षा को समाज के समग्र विकास की पहली शर्त बताते हुए आपसी एकजुटता पर बल दिया। वहीं केंद्रीय अध्यक्ष मोतीलाल दास ने मतभेद भुलाकर संगठित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन अनंत तांती ने किया, जबकि अध्यक्ष बिशुन तांती ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह के समापन की घोषणा की।
आयोजन को सफल बनाने में दक्षिणी छोटानागपुर पान-तांती-स्वासी समाज, खूंटी के लखीचरण तांती, विशाल तांती, गहनू तांती, सोमरा तांती, श्यामचरण तांती, दीपक तांती, जीतवाहन तांती सहित कई सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। समारोह में कोल्हान प्रमंडल पान (तांती) समाज कल्याण समिति और स्वांसी उत्थान समिति, खूंटी के पदाधिकारियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
चतरा नगर परिषद के अध्यक्ष और सरायकेला नगर परिषद अध्यक्ष ने सीएम से की मुलाकात
रांची // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में विभिन्न नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की।
देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत जेएमएम देवघर जिला अध्यक्ष संजय शर्मा
सबसे पहले चतरा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अताउर रहमान उर्फ बाबू खान तथा सरायकेला नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दोनों को जीत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
शहरी विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई
इसके बाद देवघर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर रवि राउत तथा चाईबासा नगर परिषद के अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने भी मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस दौरान मंत्री हाफिजूल हसन भी उपस्थित थे। मुलाकात के दौरान राज्य में शहरी विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
रांची // जमशदपुर के मानगो नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने के बाद मेयर सुधा गुप्ता ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर सुधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन को पुष्पगुच्छ भेंट कर मानगो की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रचंड जीत के बाद विधायक कल्पना सोरेन ने सुधा गुप्ता और बन्ना गुप्ता का मुंह मीठा कराकर शुभकामनाएं दीं।
सुधा गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यह जीत मानगो की जागरूक जनता, माताओं-बहनों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के विश्वास एवं समर्थन की जीत है।
हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुधा गुप्ता को जीत की बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार नगर निकायों के सशक्तिकरण और शहरी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मानगो के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सीएम ने समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए समाधान का आश्वासन दिया
मुलाकात के दौरान सुधा गुप्ता ने मानगो क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं-पेयजल संकट और कचरा निस्तारण सहित अन्य विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और शीघ्र क्रियान्वयन के लिए सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन ने समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए समाधान का आश्वासन दिया।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सुरक्षित, स्वच्छ, समृद्ध और विकसित मानगो का निर्माण ही लक्ष्य है और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में तेजी से कार्य किया जाएगा। अंत में सुधा गुप्ता ने कहा कि यह जीत जिम्मेदारी और सेवा का अवसर है तथा वे मानगो की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगी।
राँची // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक मंगलवार को हुई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा किए जाने से पर सहमति बनी।
34 कैदियों के रिहाई प्रस्ताव पर बिंदुवार गहन विचार‑विमर्श किया
बैठक में राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ‑साथ पिछली बैठकों में रिहाई से संबंधित अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आजीवन सजा काट रहे 34 कैदियों के रिहाई प्रस्ताव पर बिंदुवार गहन विचार‑विमर्श किया, और अंततः 23 कैदियों की रिहाई पर सहमति दी गई।
मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रवृत्ति,न्यायालयों,संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों,जेल अधीक्षकों एवं प्रोबेशन अधिकारियों द्वारा दिए गए मंतव्यों की समीक्षा करने के बाद यह सुनिश्चित किया कि रिहाई न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा एवं कारा अधिनियमों के दृष्टिकोण से वैध और उचित रहे।
रिहा होने वाले कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रिहा होने वाले कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि डायन‑बिसाही के आरोप में रहे कैदियों के साथ महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, उनकी आय सृजन और सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा जिला स्तर पर उनके जीवनयापन के लिए निर्धारित जिला समन्वयकों की विशेष जिम्मेदारी तय की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा,प्रधान सचिव‑विधि परामर्शी, विधि विभाग नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक, कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल,न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रामगढ़ // जिले में कराटे खेल के संगठित विकास और खिलाड़ियों को राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच देने के उद्देश्य से जिला कराटे संघ की बैठक गोरियारीबाग स्थित द टेम्पल ऑफ वॉरियर्स में आयोजित की गई।
सभी सदस्यों ने एकमत होकर लिया संकल्प
बैठक में आगामी जिला कराटे चैम्पियनशिप, राज्य कराटे चैम्पियनशिप के लिए खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण व्यवस्था और जिले में कराटे के व्यापक विस्तार को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर संकल्प लिया कि जिले में कराटे खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही आगामी जिला कराटे चैम्पियनशिप को अनुशासित, भव्य एवं सफल आयोजन बनाया जाएगा।
प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी जिला कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन राज्य कराटे चैम्पियनशिप के लिए आधिकारिक चयन प्रतियोगिता के रूप में किया जाएगा। प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण सत्रों से तैयार किया जाएगा। ताकि वे राज्य स्तर पर बेहतर तकनीकी प्रदर्शन करते हुए जिले का प्रतिनिधित्व कर सकें।
आगामी कराटे चैम्पियनशिप को सुव्यवस्थित और उच्च स्तर पर आयोजित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजना और संचालन समितियों का गठन किया गया। इन समितियों को प्रतियोगिता प्रबंधन, तकनीकी संचालन, खिलाड़ियों की व्यवस्था, अनुशासन एवं समन्वय की जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे प्रतियोगिता का आयोजन सफल एवं व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
प्रतियोगिताओं की निर्णायक व्यवस्था को और सशक्त करते हुए
रेफरी आयोग का विस्तार किया गया
बैठक के दौरान प्रतियोगिताओं की निर्णायक व्यवस्था को और सशक्त करते हुए रेफरी आयोग का विस्तार किया गया। आयोग का नेतृत्व चेयरमैन सेंसई संजय सोनकर करेंगे, जबकि सेंसई सुमित कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया। आयोग में सदस्य के रूप में राशि सिन्हा एवं जोगिंदर गंजू को शामिल किया गया, जो रेफरी और टेबल ऑफिशियल टीम का संचालन करेंगे।
कराटे गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया टीम का भी गठन किया गया, जिसमें राहुल पांडे, रवि सोरेन, मार्शल टुडू एवं बिनेरंजन को जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में रेंशी नरेंद्र सिन्हा, शिहान शशि पांडे, सेंसई संजय सोनकर, सेंसई सुमित कुमार, अंजन प्रसाद, राहुल पांडे, जोगिंदर गंजू, मार्शल टुडू, कमल नायक, शेखर कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
कोडरमा // समाहरणालय सभागार में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में निर्भया कोष के अंतर्गत विभिन्न परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा बैठक की गई।बैठक में कोडरमा जिला में महिलाओं की सुरक्षा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्भया फंड (एमओडब्ल्यूसीडी, भारत सरकार) के तहत तैयार किए गए प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रौद्योगिकी आधारित महिला सुरक्षा कार्यक्रम (ऑटोमैटिक सीसीटीवी, ड्रोन और पिंक पेट्रोलिंग), डिजिटल ट्रैकिंग, निगरानी एवं गश्त, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, शौर्य प्रशिक्षण (सेल्फ-डिफेंस), आजीविका एवं आवास की व्यवस्था, महिला सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण, कक्षा 9-12 की छात्राओं एवं कामकाजी महिलाओं के लिए निहत्थे आत्मरक्षा सहित अन्य प्रस्ताव शामिल थे।
उपायुक्त ऋतुराज ने सभी प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री को प्रस्तुत की। बैठक में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।इस अवसर पर उपायुक्त ऋतुराज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी ओमप्रकाश मंडल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अनूप कुजूर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा रानी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची // झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में 6 से 8 मार्च तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बादल छाने के कारण अधिकतम तापमान में हल्की कमी आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार….
मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर विदर्भ होते हुए पश्चिम बंगाल के गंगा नदी से जुड़े इलाकों, ओडिशा के आंतरिक हिस्सों और दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका प्रभाव झारखंड समेत आसपास के राज्यों पर भी पड़ सकता है, जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सरायकेला में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान हजारीबाग में 14.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सोमवार को रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से मौसम साफ रहा। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मध्यम गति की हवाएं चलीं। दोपहर में धूप की तपिश महसूस की गई, हालांकि हवाओं के चलने से गर्मी अपेक्षाकृत कम लगी।
सोमवार को रांची में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 15.7 डिग्री, जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 34.8 और न्यूनतम 21.4 डिग्री, डालटेनगंज में अधिकतम 35.4 और न्यूनतम 16.2 डिग्री, बोकारो में अधिकतम तापमान 34.1 और न्यूनतम 18.1 डिग्री एवं चाईबासा में अधिकतम तापमान 33.8 और न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी बनी हुई है, जबकि रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
चतरा // बिहार के गयाजी जिले के डुमरिया से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जा रही एक स्लीपर बस झारखंड के चतरा जिले में अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा चतरा-डोभी मुख्य मार्ग पर मोरैंवा टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर पहले एनएच-22 पर हुआ। बस (सीजी 13 क्यू 0805) का अगला टायर अचानक फटने से दुर्घटना हुई।
कई यात्रियों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी। बस में सफर कर रहे यात्री अनुज कुमार ने बताया कि घाटी क्षेत्र में पहुंचते ही बस का अगला टायर ब्लास्ट कर गया, जिसके बाद चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे में करीब 12 यात्री घायल हो गए। कई यात्रियों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में किसी यात्री की मौत नहीं हुई है। गंभीर रूप से घायल पांच यात्रियों को चतरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक घायल को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया है।
घायलों की पहचान जहानाबाद निवासी राकेश कुमार, गयाजी जिले के वजीरगंज निवासी रंधीर कुमार, डुमरिया के संजीत कुमार, चतरा के सुजीत कुमार, बगरा के कमलेश कुमार और जोरी के अमृत कुमार के रूप में हुई है।
पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता अस्पताल पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए चतरा सदर अस्पताल भेजा गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
बताया गया कि उक्त बस डुमरिया से दोपहर 1:30 बजे रायपुर के लिए रवाना होती है और रानीगंज, शेरघाटी, डोभी व चतरा होते हुए अपने निर्धारित मार्ग पर चलती है। हादसे के समय भी बस अपने तय रूट पर ही थी
पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुटी है।
चतरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि क्रेन की मदद से पलटी बस को सीधा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मार्ग पर यातायात सामान्य किया जा सके। पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुटी है। प्रशासन ने घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
देवघर // हथियार के साथ बैठ कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बनाने की गुप्त सूचना पुलिस को मिली जिसके बाद सूचना के आधार पर पुलिस ने सुचना प्राप्ति पश्चात थाना प्रभारी द्वारा वरीय पदाधिकारी को सूचित कर निर्देशानुसार त्वरित कार्यवाई करते हुए एक टीम का गठन किया गया ।
घटनास्थल पर पहुँच कर घटनास्थल का निरीक्षण के पश्चात छापामारी दल द्वारा अवैध कट्टा के साथ एक अभियुक्त की गिरफ्तारी की गयी । साथ ही एक अवैध कट्टा को जप्त किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम प्रीतम महथा उम्र 34 वर्ष पे०-स्व० घनश्याम महथा सा०-जटाही मोड थाना-नगर जिला-देवघर जिसके पास से एक अवैध देशी कट्टा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार आर्म्स एक्ट के अभियुक्त छोटु श्रृंगारी उर्फ चन्द्रशेखर श्रृंगारी पे०-मुखी श्रृंगारी सा०-बी०एन० झा पथ पोखनाटील्हा थाना-नगर जिला-देवघर अपने घर में 02/03 व्यक्तियों के साथ मिलकर किसी घटना को अंजाम देने के उदेश्य से सभी इकट्ठा हुआ था।
नई दिल्ली // ईरान, इजरायल और अमेरिका के टकराव से मध्य पूर्व में मची अफरा-तफरी का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। एयर इंडिया, इंडिगो सहित कई एयरलाइंस कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एक दिन पहले 11 देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से रविवार को भारत में 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं थीं।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री परेशानी का सामना कर रहे हैं।
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट ने सोमवार को ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में लिखा, “मध्यपूर्व में बदलते राजनीतिक हालात की वजह से पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रुकावटें आ रही हैं और उनके शेड्यूल में बदलाव हो रहे हैं।” वहीं, कई उड़ानें रद्द होने के कारण आईजीआई एयरपोर्ट पर यात्री फंसे हुए हैं। उधर, कई उड़ानें रद्द होने से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री परेशानी का सामना कर रहे हैं।
2 और 3 मार्च को इंडिगो की कुल 203 उड़ानें रद्द कर दी
एयर इंडिया ने क्षेत्र की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं हैं। एयरलाइन ने ‘एक्स’ पर जारी एडवाइजरी में कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है। इंडिगो ने मध्य पूर्व के लिए सभी उड़ानें रात 12 बजे तक रद्द कर दीं हैं। हवाई क्षेत्र पर जारी प्रतिबंधों के कारण 2 और 3 मार्च को इंडिगो की कुल 203 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कंपनी ने इसे एहतियाती कदम बताया।
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 11 देशों में हवाई क्षेत्र बंद
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 11 देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने से रविवार को भारत में 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। मुंबई हवाई अड्डे पर 125 और दिल्ली हवाई अड्डे पर 100 उड़ान रद्द हुईं। अमृतसर हवाई अड्डे पर भी 10 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें दुबई, दोहा और शारजाह रूट पर कतर एयरवेज, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और इंडिगो की फ्लाइट्स शामिल हैं। इसके अलावा देश के कई अन्य शहरों से उड़ानें रद्द हुईं थी।
कोडरमा // जिले में इन दिनों बच्चा चोर की शक में अज्ञात लोगों को पड़कर पिटाई करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार की तड़के सुबह तिलैया थाना क्षेत्र के मोरियावां गांव से सामने आया है।
टहलने निकले ग्रामीण ने फैलाई अफवाह
जहां ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर एक युवक को बांधकर उसकी पिटाई कर दी। घटना की जानकारी देते हुए मोरियावां के पूर्व वार्ड पार्षद बलराम यादव ने बताया कि सोमवार की सुबह जब गांव के लोग टहलने निकले थे, तो देखा कि एक अज्ञात युवक अलग-अलग घरों में ताक झांक कर रहा है। जिस पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने शोर मचाकर ग्रामीणों को वहां इकट्ठा कर लिया। इसके बाद ग्रामीण उस अज्ञात युवक को पकड़ पूछताछ करने लगे।
गांव का नाम बताया लेकिन अपना नाम नहीं बताया
युवक ने कुछ भी साफ-साफ नहीं बताया। जिस पर ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीणों ने जब उनसे कठोरता से पूछताछ की तो उक्त युवक ने बताया कि वह झुमरी तिलैया के वार्ड 1 स्थित नरेश नगर का रहने वाला है। हालांकि उसने अपना नाम नहीं बताया। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा इस मामले की जानकारी तिलैया पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उस अज्ञात युवक को पकड़ कर अपने साथ थाना ले आई।
कोई भी व्यक्ति किसी के साथ मारपीट न करें
इधर थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को देखने पर तुरंत थाना को सूचना दें। कोई भी व्यक्ति किसी के साथ मारपीट न करें, यह कानूनन अपराध है।
पूर्वी सिंहभूम // गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित नेताजी सुभाष टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन(एनटीटीएफ) के छात्रावास में रविवार देर रात एक छात्र के फंदे से लटकर खुदकुशी करने का मामला प्रकाश में आया है। मृतक की पहचान आदित्य सिंह के रूप में हुई है। वह मेकाट्रॉनिक्स शाखा का छात्र था और मूल रूप से बिहार के छपरा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की खबर मिलते ही संस्थान और छात्रावास परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।
मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस
बताया जाता है कि आदित्य अपने कमरे में था। देर रात तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर साथियों को आशंका हुई। मामले की सूचना हॉस्टल प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। गोलमुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया के बाद कमरे का दरवाजा खुलवाया गया। अंदर छात्र का शव फंदे से लटका मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए कमरे को सील कर दिया और जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, ताकि मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है। छात्र के मोबाइल फोन और अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं की जांच की जा रही है। सहपाठियों और हॉस्टल प्रबंधन से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कहीं वह मानसिक तनाव, शैक्षणिक दबाव या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से परेशान तो नहीं था।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है और उनके जमशेदपुर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खेत बेचकर बहन की शादी के लिए 35.47 लाख रुपये जमा किये थे।
हमीरपुर // उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के राठ कस्बे के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी विवेक कुमार ने रविवार को बताया कि उसका इलाज नशा मुक्ति केंद्र ग्वालियर से चलता है। वहां मोबाइल अपने पास रखना प्रतिबंधित है, जिससे उसका फोन घर पर ही रहता है। उसका कस्बे की सेन्ट्रल बैंक में खाता है और उसने अभी तक न कोई यूपीआई बनाया है और न ही उसका उपयोग किया है। उसने अपना खेत बेचकर बहन की शादी के लिए 35.47 लाख रुपये जमा किये थे।
पीड़ित ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बीते 10 मार्च 2025 से लेकर 9 जुलाई 2025 तक साइबर ठग उसके खाते से यूपीआई बनाकर रुपये निकालते रहे। इसकी जानकारी उसे नहीं हो पाई। 20 फरवरी 26 को उसने अपनी बहन रिमझिम के नाम चेक बैंक में लगाई तो पता चला कि बैंक के खाते में पैसे नहीं है। बताया कि साइबर ठगों द्वारा 35.15 लाख रुपये निकाल लिया गया है। उसने साइबर वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Bkd News Jharkhand Desk भारत विविधताओं, परंपराओं और उत्सवों का देश है। यहां मनाए जाने वाले प्रत्येक पर्व का अपना सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व है। इन्हीं पर्वों में होली का विशेष स्थान है। रंगों, उमंगों और प्रेम का संदेश देने वाला यह त्योहार केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारतीय जीवन दर्शन का जीवंत प्रतीक है। होली प्रकृति, संस्कृति और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम है, जो समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
भारतीय सनातन संस्कृति में प्रत्येक पर्व उत्सव के साथ-साथ आध्यात्मिक संदेश और जीवन दर्शन का प्रतीक होता है। उन्हीं पावन पर्वों में से एक है होली, जो रंगों, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम माना गया है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल बाहरी रंगों का उत्सव नहीं बल्कि अंतर्मन को प्रेम, करुणा और सद्भाव से रंगने का अवसर है।
रंगों का त्योहार
होली का नाम लेते ही मन में रंगों की फुहार, हंसी-ठिठोली और उल्लास का वातावरण सजीव हो उठता है। होली जीवन के उत्साह और आनंद का प्रतीक है। यह पर्व मनुष्य के भीतर छिपी प्रसन्नता को बाहर लाने का अवसर प्रदान करता है। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि भावनाओं का उत्सव है। फाग गीतों की मधुरता, ढोल-मंजीरों की थाप, मित्रों और परिजनों की हंसी तथा अबीर-गुलाल की रंगत इस पर्व को विशेष बनाती है। प्रकृति भी मानो इस उत्सव में सहभागी बन जाती है। आम के पेड़ों पर आई बौर, भंवरों की गूंज, खिले हुए फूल और कोयल की मधुर कूक वातावरण को आनंदमय बना देती है।
इसबार होली कब है ?
इस साल 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। इसलिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि रंग कब खेला जाएगा? ज्योतिष के अनुसार , चंद्रग्रहण लगने के नौ घंटे पहले से सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। सूतक काल में किसी भी तरह के धार्मिक उत्सव मनाने से परहेज किया जाता है। ऐसे में होली 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। अगर शास्त्र सम्मत विधि की बात की जाए तो ग्रहण के समापन के उपरांत रंग खेल सकते हैं इसलिए धुलंडी (रंगों की होली) 4 मार्च को ही खेली जाएगी।
चंद्रग्रहण का समय
पंचांग के अनुसार, इस बार होली के साथ चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है, जो भारत में दृश्यमान रहेगा। इसलिए सम्पूर्ण भारत में ग्रहण का सूतक काल भी लागू रहेगा। भारतीय समयानुसार, चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा, जिसका समापन शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। अगर कुल अवधि की बात की जाए तो इस बार का चंद्रग्रहण 3 घंटे 27 मिनट तक दिखेगा।
ऋतु से होली का संबंध
होली का सीधा संबंध ऋतुओं के राजा बसंत से है। बसंत ऋतु प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक मानी जाती है। पतझड़ के बाद जब वृक्षों पर नई कोपलें फूटती हैं, खेतों में सरसों पीली चादर ओढ़ लेती है और वातावरण सुगंधित हो उठता है, तब होली का आगमन होता है।
बसंत प्रेम, नवचेतना और उल्लास का संदेश लेकर आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी ऋतु में भगवान श्रीराम का माता सीता से प्रथम मिलन हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों संग रास रचाकर प्रेम और आनंद का संदेश दिया। महाशिवरात्रि का पावन पर्व भी इसी काल में आता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति से जुड़ा है। इस प्रकार होली केवल सामाजिक नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
होली का संदेश
होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व है। होलिका दहन की परंपरा हमें यह सिखाती है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। पौराणिक कथा के अनुसार, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के सामने अत्याचारी हिरण्यकश्यप और होलिका का अहंकार नष्ट हो गया। इसलिए होलिका दहन केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन की नकारात्मकताओं को त्यागने का प्रतीक है।
यह पर्व नवसंवत्सर के स्वागत की भी तैयारी है। होली हमें मन की कलुषता, ईर्ष्या, द्वेष और वैमनस्य को त्याग कर नए उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ जीवन की नई शुरुआत करने का संदेश देती है। होली मिलन कार्यक्रम सामाजिक समरसता और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देते हैं।
होली और रंगों की परंपरा
होली रंगों का त्योहार है और रंग जीवन के विविध भावों के प्रतीक हैं। लाल रंग प्रेम और ऊर्जा का, पीला रंग खुशहाली का, हरा रंग समृद्धि का तथा नीला रंग शांति और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
होली के दिन बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर हो जाते हैं। गलियों, मोहल्लों, गांवों और शहरों में उत्साह का वातावरण दिखाई देता है। हाथों में पिचकारियां, चेहरे पर मुस्कान और दिलों में अपनापन-यही होली की असली पहचान है। इस दिन सामाजिक भेदभाव समाप्त हो जाते हैं और सभी लोग एक समान होकर उत्सव मनाते हैं। “बुरा न मानो होली है” केवल एक वाक्य नहीं बल्कि जीवन को सहजता और प्रसन्नता से जीने का संदेश है। यह पर्व हमें क्षमा, अपनापन और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा देता है।
होली की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता
होली आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व रिश्तों में आई दूरियों को मिटाने का अवसर प्रदान करता है। लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और शुभकामनाएं देते हैं। परंपरा के अनुसार, होली के दिन लोग मित्रों और रिश्तेदारों के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाते हैं, बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं और बच्चों को स्नेह प्रदान करते हैं। मिठाइयों और पकवानों का आदान-प्रदान सामाजिक संबंधों को और मजबूत बनाता है।
आज के व्यस्त जीवन में जहां लोगों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है, वहां होली जैसे पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। यह हमें याद दिलाती है कि जीवन का वास्तविक आनंद प्रेम, सहयोग और सद्भाव में ही निहित है।
प्रह्लाद की अटूट भक्ति
होली का मूल संबंध भक्त प्रह्लाद और उनके पिता हिरण्यकशिपु की कथा से जुड़ा है। हिरण्यकशिपु असुरराज था, जिसने अपने अहंकार में स्वयं को ईश्वर घोषित कर दिया था। किंतु उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था। अनेक यातनाएं देने के बावजूद प्रह्लाद की भक्ति अडिग रही। अंततः हिरण्यकशिपु की बहन होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। किन्तु दैवीय न्याय देखिए, होलिका जलकर भस्म हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित रहे। इसी स्मृति में होलिका दहन किया जाता है। यह दहन केवल लकड़ियों, गोबर के उपलों और बल्लों का नहीं बल्कि अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और पाप प्रवृत्तियों का होता है।
रंगों की होली
होलिका दहन के दूसरे दिन रंगों की होली खेली जाती है। यह दिन सामाजिक समरसता और आपसी प्रेम का प्रतीक है। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेद मिटाकर सभी एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। सनातन परंपरा में ब्रजभूमि में इस त्यौहार का विशेष महत्व है। वृंदावन और बरसाना की लठमार होली विश्व प्रसिद्ध है। इस त्यौहार राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं की स्मृति है, जो ब्रज जी गलियों सहित पूरे भारत में आज भी जीवंत है।
होली मनाने की परंपराएं
होली भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीकों से मनाई जाती है। होली मानने की कुछ परंपराओं में ब्रज की लठमार होली (बरसाना और नंदगांव) शामिल है। ब्रज की लठमार होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां पर खेली जाने वाली होली भगवान कृष्ण व राधा के प्रेम का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि कृष्ण अपने सखाओं के साथ बरसाना होली खेलने जाते थे और राधा व उनकी सखियां उन्हें लाठियों से रोकती थीं। इसलिए आज भी यह होली खेली जाती है, जिसमें महिलाएं पुरुषों को डंडों से पीटती हैं। पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह पूरी होली हंसी-मजाक और गीतों के साथ होती है।
फूलों की होली (वृंदावन, उत्तर प्रदेश):
फूलों की होली वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में एकादशी के दिन मनाई जाती है। यहां रंगों या गुलाल की जगह ताजे फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग किया जाता है। मंदिर के पुजारी भक्तों पर फूल बरसाते हैं। भक्त भगवान पर फूल और गुलाल उड़ाते हैं।
धुलंडी और डोलची होली (राजस्थान):
यह मुख्य रूप से राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और कोटा जैसे शहरों के आस पास के क्षेत्र में मनाई जाती है। इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल और पानी वाले रंगों से सराबोर कर देते हैं। टोलियां बनाकर ढोल-नगाड़ों के साथ शहर या गांव की गलियों में निकलते हैं और ‘होली है’ का शोर मचाते हैं। साथ ही मारवाड़ क्षेत्र में पारंपरिक कपड़े पहनकर ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य करते हैं। बीकानेर की डोलची होली में डोलची भरकर एक दूसरे के ऊपर पानी डालते हैं।
होला मोहल्ला (पंजाब):
यह पंजाब में खेली जाने वाली होली है जिसे सिख समुदाय वीरता के प्रतीक के रूप में मनाता है। इसकी शुरुआत गुरु गोविंद सिंह जी ने की थी ताकि सिखों में सैन्य कौशल और वीरता का विकास हो सके। आनंदपुर साहिब में लगने वाले इस मेले में निहंग सिख घुड़सवारी, तलवारबाजी और युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं।
रंगपंचमी (महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश):
रंगपंचमी विशेष तौर पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाई जाती है। मध्य परदेश के मालवा क्षेत्र में इस दिन बड़े आयोजन होते हैं। इंदौर के राजवाड़ा में निकालने वाली रंगपंचमी ‘गेर’ विश्व प्रसिद्ध है। रंग पंचमी के दिन सड़कों पर पानी की बौछारें की जाती हैं और लोग रंगों में डूब जाते हैं।
बैठकी और खड़ी होली (कुमाऊं, उत्तराखंड):
इसे ‘बैगवाल’ या कुमाऊंनी होली के नाम से भी जाना जाता है, जो मुख्य तौर से उत्तराखंड के कुमाऊं में मनाई जाती है। इस होली में संगीत का विशेष महत्व है। यहां होली केवल एक दिन का पर्व नहीं बल्कि महीनों चलने वाला संगीत का उत्सव है। लोग घरों में जमा होकर पहाड़ी होली गीत गाते हैं। साथ ही ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा पहनकर घेरा बनाकर नृत्य करते हुए गीत गाते हैं।
होली रंगों के पर्व के साथ पकवानों और मिठाई का भी त्यौहार है
इस पर्व में हर घर में तरह-तरह की मिठाइयां और पकवान बनाए जाते हैं। आइए जानते हैं इस त्यौहार पर बनाएं जाने वाले कुछ खास पकवानों के बारे में।
गुझिया: गुझिया एक खास पकवान है, जिसके बिना इस त्यौहार का पर्व अधूरा-सा रहता है। यह पकवान भारतवर्ष के लगभग हर घर में बनाया जाता है और लोग होली के रंगों के साथ गुझिया खाना व खिलाना खूब पसंद करते हैं।
दही बड़े: दही बड़े भी इस त्यौहार का एक खास पकवान है जिसके बिना होली अधूरी-सी लगती है। इस त्यौहार पर यह पकवान खास तौर पर ब्रज के घरों में अवश्य बनाया जाता है।
गुलाब जामुन: गुलाब जामुन एक प्रसिद्ध भारतीय मिठाई है, जिसके बिना उत्सव का रंग ही फीका पड़ जाता है इसलिए हर घर में इस त्यौहार के उत्सव में इस मिठाई को जरूर शामिल किया जाता है। घर वाले खुद भी इस मिठाई को बड़े चाव के साथ खाते हैं और होली मिलन के लिए आए मेहमानों को भी गुलाब जामुन जरूर खिलाते हैं। इन मिठाई और पकवानों के अलावा घरों में गाठिये, नमकीन पूड़ियां और मालपुए भी इस त्यौहार का जायका बढ़ाते हैं ।
आज की जरूरत
आज के समय में होली मनाते हुए हमें पर्यावरण का भी ध्यान रखना चाहिए। रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करना चाहिए। जल की बचत करें और इस त्यौहार को सात्विक, मर्यादित तथा आनंदमय बनाएं।
अपने भीतर की दुर्भावनाओं को होलिका में अर्पित करें
और प्रेम, क्षमा तथा सद्भाव के रंगों से अपने जीवन को आलोकित करें।
होली केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और प्रेम का पर्व है। जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हमारे हृदय में भक्ति और सत्य का प्रकाश है, तो कोई भी होलिका हमें जला नहीं सकती। इस पावन अवसर पर अपने भीतर की दुर्भावनाओं को होलिका में अर्पित करें और प्रेम, क्षमा तथा सद्भाव के रंगों से अपने जीवन को आलोकित करें।
होली केवल रंग खेलने का पर्व नहीं बल्कि जीवन को रंगीन बनाने का संदेश है। यह मन की नीरसता को दूर कर आशा, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। होली हमें सिखाती है कि जीवन में प्रेम के रंग सबसे महत्वपूर्ण हैं। आइए, इस होली पर हम केवल शरीर ही नहीं बल्कि अपने मन और विचारों को भी प्रेम, सद्भाव और खुशियों के रंगों से रंगें तथा समाज में भाईचारे और मानवता का संदेश फैलाएं। (हि.स.)
रांची // झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में रविवार तड़के सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित माओवादी संगठन भाकपा (माओवादी) के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट समेत तीन जवान घायल हो गए। सभी घायलों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से रांची लाकर राज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
दोनों को बेहतर इलाज के लिए एम्स भेजा गया
झारखंड पुलिस के आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता माइकल राज एस ने बताया कि मुठभेड़ में घायल हुए कोबरा के हेड कांस्टेबल और आईईडी ब्लास्ट में घायल हुए असिस्टेंट कमांडेंट को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया है। दोनों को बेहतर इलाज के लिए एम्स भेजा गया है।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला में सारंडा के घने जंगलों में रविवार तड़के सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। मिली जानकारी की अनुसार छोटानागरा और जराईकेला थाना क्षेत्र में सुबह करीब पांच बजे शुरू हुए कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान सबसे पहले नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट किया। इसमें कोबरा के असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक घायल हो गए। आनन-फानन में असिस्टेंट कमांडेंट को बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया।
इसी बीच नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कोबरा के हेड कांस्टेबल विक्रम यादव को गोली लगने से घायल हो गए। घायल हेड कांस्टेबल को भी तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची के राज अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं एक अन्य जवान संजीव भी घायल बताए जा रहे।
आईजी अभियान झारखंड और सीआरपीएफ आईजी अस्पताल पहुंचे।
घायल अधिकारी और जवान को देखने के लिए आईजी अभियान झारखंड और सीआरपीएफ आईजी अस्पताल पहुंचे। झारखंड पुलिस के आईजी अभियान ने बताया कि घायलों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया जा रहा है। दोनों जवानों को रविवार रात को दिल्ली के एम्स भेजा गया है।
आईजी अभियान डॉ. माइकल राज ने बताया कि पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कई नक्सली हताहत हुए हैं। इलाके में पुलिस सर्च अभियान चला रही है। फिलहाल अब तक किसी भी नक्सली का शव नहीं मिला है।