झारखंड की आवाज

-

जसीडीह में लूटकांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार; ₹4.30 लाख नकद समेत मोबाइल-लैपटॉप बरामद

1005256373

देवघर // जसीडीह थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार से हथियार के बल पर नकदी और अन्य सामान लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर ₹4.30 लाख नकद, दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक देसी कट्टा और अन्य सामान बरामद किए हैं।

1005256373

पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को वादी विक्रम चौधरी के लिखित आवेदन के आधार पर जसीडीह थाना क्षेत्र के टमाटर ढाबा के पास मुख्य सड़क पर लूट की घटना की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि अज्ञात अपराधकर्मियों ने मोटरसाइकिल सवार को रोककर ₹40,50,000 नकद समेत मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान लूट लिया था।मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 269/2026, दिनांक 08.08.2026 के तहत धारा 126(2), 134, 204, 205, 307 और 310(2) BNS 2023 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस टीम गठित कर शुरू हुई छापेमारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच करते हुए संदिग्धों की पहचान की और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में—

  • 1. कुमुद पोद्दार, उम्र 34 वर्ष, पिता रविन्द्र पोद्दार, निवासी महथिया बक्सा थाना सिमुलतला, जिला जमुई (बिहार)
  • 2. संजय कुमार सिंह, उम्र 55 वर्ष, पिता राम सिंह, निवासी रेंगला थाना बेलहर, जिला बांका (बिहार)
  • 3. शिव शंकर कुमार, उम्र 28 वर्ष, पिता सदेव राम, निवासी गोरसामी टोला, कटोरिया थाना कटोरिया, जिला बांका (बिहार)
  • 4. धनश्याम यादव, उम्र 47 वर्ष, पिता तेजो यादव, निवासी कौलाश पहाड़ी थाना बेलहर, जिला बांका (बिहार)
  • 5. विनोद प्रसाद यादव, उम्र 38 वर्ष, पिता जगन्नाथ यादव, निवासी रेंगला थाना सिमुलतला, जिला जमुई (बिहार) शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?

  • पुलिस के मुताबिक संजय सिंह की निशानदेही पर एक मोटरसाइकिल (JH01BP-4780), एक काले रंग का रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी का सफेद रंग का मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक की पुलिस डंडा और एक काला रंग का पुलिस लिखा बैग बरामद किया गया।

वहीं कुमुद पोद्दार की निशानदेही पर

  • 500×840 के नोट कुल ₹4,20,000 तथा 200×50 के नोट कुल ₹10,000, यानी कुल ₹4,30,000 नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक एप्पल कंपनी का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया।

शिव शंकर कुमार की निशानदेही पर

  • एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें घटनास्थल से मुक्त होकर आने-जाने वाली रास्ते का मैप बताया गया है।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

  • पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व से भी कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपियों के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं, जिनमें BNS की धाराओं के साथ-साथ बिहार मद्य निषेध अधिनियम से संबंधित मामला भी शामिल है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।

छापामारी टीम में शामिल रहे पुलिसकर्मी

  • कार्रवाई में देवघर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जसीडीह थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ तकनीकी शाखा की टीम की भूमिका रही। पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

JJMP नक्सलियों के खिलाफ पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 5 लाख का सब जोनल कमांडर समेत 4 गिरफ्तार

IMG 20260819 110929

गुमला // पुलिस ने नक्सली संगठन जेजेएमपी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है गुमला जिला के डुमरी थाना अंतर्गत औरापाठ के जंगल में गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी करते हुए पुलिस ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका एरिया कमांडर अरविंद नायक व सदस्य जीतेंद्र लोहरा मुनेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है। रामदेव के ऊपर पुलिस ने ₹500000 का इनाम घोषित किया था।

1005255793

पुलिस ने इनके पास से 1 एके56 1 एसएलआर 1 ऑटोमैटिक रायफल एक पिस्टल एक देशी कट्टा 146 गोली वॉकी टोकी मोबाइल9 नक्सल पर्चा बाइक बरामद किया। एसपी गुमला हारीश बिन जमां ने बताया कि पुलिस ने पूर्व में ही जेजेएमपी की कमर तोड़ दी थी।

1005255794

लेकिन रामदेव के नेतृत्व में कुछ नक्सली चतरा लातेहार व लोहरदगा इलाके में सक्रिय थे। जो गुमला में फिर से संगठन को मजबूत करने के लिये पहुचे थे जिसे समय रहते पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया।

देवघर में NDRF का साहसिक रेस्क्यू, कुएं में गिरे बिहार के श्रद्धालु को 10 मिनट में सुरक्षित निकाला

IMG 20260818 WA0006

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवघर में NDRF की टीम ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए कुएं में गिरे एक श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसा शिवगंगा तालाब के समीप स्थित भट्टर धर्मशाला के कुएं में हुआ।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे स्थानीय लोगों ने एक श्रद्धालु को कुएं में गिरा देखा। इसकी सूचना तत्काल मेला कंट्रोल रूम को दी गई। करीब 5 मिनट बाद शिवगंगा तालाब के पास तैनात NDRF टीम को घटना की जानकारी मिली।

इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में एक सब-ऑफिसर और छह जवानों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। करीब 1:40 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। NDRF के एक बचावकर्मी ने रस्सी और कैराबिनर की मदद से गहरे कुएं में उतरकर श्रद्धालु को सुरक्षित बांधा। आधुनिक बचाव उपकरणों की सहायता से करीब 1:45 बजे उसे कुएं से बाहर निकाल लिया गया।

गया के बोधगया निवासी हैं श्रद्धालु

बचाए गए श्रद्धालु की पहचान 28 वर्षीय योगेंद्र चौधरी, पिता विलास चौधरी, निवासी बोधगया, जिला गया, बिहार के रूप में हुई है।

कुएं से बाहर निकालने के बाद NDRF कर्मियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। बताया गया कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसके बाद उन्हें पुलिस ओपी नंबर-06 को सौंपा गया, जहां से आगे की चिकित्सा और निगरानी के लिए मेडिकल कैंप भेज दिया गया।

श्रावणी मेले के दौरान NDRF की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर आपदा और आपात स्थिति में प्रशिक्षित बचाव दल की अहम भूमिका सामने आई है।

1003 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 3 गिरफ्तार

IMG 20260819 101157

साहिबगंज // जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेन्स नीति के तहत लगातार कार्यवाही हो रही है। इसी कड़ी में आज रांगा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केसरो गांव के पास से 1003 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन तस्कर को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह बरहरवा क्षेत्र में अब तक बरामद ब्राउन शुगर की सबसे बड़ी खेप है।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अमन राज, गुलशन कुमार और शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल फोन और ब्राउन शुगर की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक सफेद स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है।

IMG 20260819 101210

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का कनेक्शन पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक से जुड़ा है। आरोपियों के माध्यम से बिहार समेत अन्य राज्यों में ब्राउन शुगर की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है।

मामले में बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया ।

अशोकधाम मंदिर में भीषण भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

IMG 20260817 115959

जिला प्रशासन ने घटना के बारे में दी जानकारी

लखीसराय, बिहार। सावन की तीसरी सोमवारी पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अचानक मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं।

भारी भीड़ के बीच बिगड़े हालात

सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए पहुंच रहे थे। मंदिर और आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति अचानक बेकाबू हो गई।

1005244871

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीड़ के बीच बिजली का एक पोल गिरने के बाद वहां करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में घबराहट पैदा हुई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ा और भगदड़ की स्थिति बन गई। घटना के वास्तविक कारण की जांच प्रशासन कर रहा है।

7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग बताई गई है, इसलिए प्रशासन की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।

1005244870

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

दो ट्रेनों के पहुंचने से बढ़ी भीड़

प्रशासन की शुरुआती जानकारी के अनुसार, लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच आसपास की रेलवे सेवा से भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर की ओर आए। दो ट्रेनों के क्रम से पहुंचने के कारण भीड़ अचानक बढ़ने की बात सामने आई है। भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूटने की जानकारी भी सामने आई है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर स्थिति संभाल ली है। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत कार्य जारी है। हादसे की परिस्थितियों और भगदड़ के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

तारापीठ में भयावह अग्निकांड: नींद में सो रहे 6 श्रद्धालुओं की दम घुटने से मौत

IMG 20260817 100548

वीरभूम // पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तारापीठ धाम में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण अग्निकांड हो गया। थाना के पास स्थित होटल में लगी आग के दौरान सो रहे 6 श्रद्धालुओं की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि श्रावण माह के अंतिम सोमवार के कारण तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसपास के होटलों में ठहरे हुए थे। इसी दौरान तड़के अचानक होटल में आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने होटल के कमरों को अपनी चपेट में ले लिया।हादसे के समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। आग और धुएं के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

कई लोग धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद होटल से लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल राज्य मंत्री कौशिक चौधरी भी कोलकाता से घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

तारापीठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर हुई इस दर्दनाक घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक एवं दहशत का माहौल है।

बंगला सावन, नागपंचमी और तीसरी सोमवारी का संगम, बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

IMG 20260817 062920

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तीसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आस्था के महासागर में बदल गई है। बंगला सावन की आखरी सोमवारी और नागपंचमी के विशेष संयोग के कारण बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों का उत्साह चरम पर है।

आधी रात से ही कांवरियों की लंबी कतारें नंदन पहाड़ तक पहुंच गईं और पूरा बाबाधाम हर-हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से गूंज उठा।

रात एक बजे ही नंदन पहाड़ तक पहुंची कतार

जिला प्रशासन के अनुसार, तीसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई कि रात्रि करीब 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।

1005242420

कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर हजारों कांवरिये पैदल देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं।

बंगला सावन में सोमवारी का विशेष महत्व

बंगला परंपरा में सावन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन की सोमवारी को भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे में बंगला सावन की आखरी सोमवारी पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।

बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही भक्ति का माहौल बना हुआ है।

नागपंचमी ने बढ़ाया पर्व का धार्मिक महत्व

तीसरी सोमवारी के साथ नागपंचमी का पर्व भी होने के कारण आज का दिन शिवभक्तों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। सनातन परंपरा में नागों का भगवान शिव से गहरा संबंध माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान रहते हैं, इसलिए नागपंचमी के अवसर पर शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।

1005200404

नागपंचमी और सोमवारी के इस धार्मिक अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। मंदिर परिसर में बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

एक दिन पहले 2.32 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

राजकीय श्रावणी मेला के 18वें दिन यानी 16 अगस्त 2026 को भी बाबा बैद्यनाथ पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में जलार्पण किया। सुबह 4:13 बजे से जलार्पण शुरू हुआ और कुल 2,32,147 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल चढ़ाया।इनमें 1,07,353 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 1,24,794 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया।

तीसरी सोमवारी पर इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने से बाबाधाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारू जलार्पण को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

बंगला सावन की अंतिम सोमवारी, नागपंचमी और बाबा बैद्यनाथ की नगरी—इन तीनों के धार्मिक महत्व ने आज देवघर को आस्था के सबसे बड़े केंद्र में बदल दिया है। चारों ओर गूंज रहा है—हर-हर महादेव… बोल-बम!

14 दिनों में 28.33 लाख श्रद्धालुओं ने किया बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण, मेले में 3.54 करोड़ की आय

IMG 20260813 210740

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर गुरुवार को आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में साप्ताहिक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में हुई प्रेसवार्ता में मेले की अब तक की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, स्वास्थ्य, सुरक्षा और राजस्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक कुल 28,33,634 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण किया, जिनमें 92,134 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से शामिल रहे।

बाबा मंदिर से 3.54 करोड़ रुपये से अधिक की आय

उपायुक्त के अनुसार 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बाबा मंदिर की कुल आय 3,54,59,011 रुपये रही। इसमें मंदिर के अन्य स्रोतों से प्राप्त आय भी शामिल है। वहीं शीघ्र दर्शनम् कूपन से प्राप्त आय में 60 प्रतिशत के रूप में 2,91,19,680 रुपये की राशि बताई गई।

उन्होंने कहा कि मेले के सफल संचालन में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, मीडिया और आम लोगों सहित सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

925 सीसीटीवी और 225 एआई कैमरों से निगरानी

श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 925 सीसीटीवी कैमरे, 225 एआई कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए ऑनलाइन चैटबॉट क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त 65 शिकायतों का निष्पादन किया गया है।

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कोठिया में दो टेंट सिटी में कुल 2,000 बेड, बाघमारा टेंट सिटी में 750 बेड और आध्यात्मिक भवन में 700 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था में 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का इलाज

मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इन केंद्रों में कुल 98,436 श्रद्धालुओं का इलाज किया गया।

https://youtu.be/Ao9GE-bCz2w

इनमें 66,141 पुरुष, 28,414 महिलाएं और 3,791 बच्चे शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 111 चिकित्सक और 470 पारा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा 16 सामान्य एंबुलेंस, 24 एंबुलेंस-108 और 6 जीप उपलब्ध हैं।

खोया-पाया केंद्र ने हजारों श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से मेला क्षेत्र में 34 सूचना केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 49,257 खोये-पाये कांवरियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 34,561 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया।इसके अलावा सूचना केंद्रों में 220 उद्घोषकों की व्यवस्था की गई है। मातृत्व विश्राम गृह के लिए 45 महिलाओं का चयन किया गया है। पांच टोटो की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

सुरक्षा के लिए 21 अस्थायी ओपी और 13 यातायात ओपी

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 यातायात ओपी बनाए गए हैं।

मेला क्षेत्र में एटीएस, रैफ, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड और क्यूआरटी टीम की तैनाती की गई है। इसके अलावा 52 पुलिस उपाधीक्षक, 92 पुलिस निरीक्षक, 758 सहायक पुलिस निरीक्षक और 1,110 सशस्त्र पुलिसकर्मियों समेत विभिन्न पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंदिर परिसर में इस सप्ताह कुछ मोबाइल बरामद किए गए हैं और कुछ पॉकेटमारों को गिरफ्तार भी किया गया है।

दो सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट

प्रेसवार्ता में उपायुक्त ने श्रावण माह की शेष दो सोमवारी को लेकर विशेष सतर्कता की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में कांवरियों के देवघर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहले की तरह अपने-अपने दायित्वों का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करेंगे।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के बाद श्रद्धालु देवघर से अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।

उन्होंने मेला के सफल संचालन में सभी विभागों, मीडिया और आम लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में भी इसी समन्वय और गति के साथ काम करते हुए श्रावणी मेला की सफलता के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।

अन्य व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन की नजर

मेला क्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता को लेकर 48 स्नानागार, 323 शौचालय, 16 इंद्रवर्षा, 76 चापाकल और 9 प्याऊ की व्यवस्था की गई है।

शिवलोक परिसर में अमरनाथ दर्शन और श्रीकालहस्ती मंदिर की थीम पर भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन करीब 15 से 17 हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी दी गई। शिवगंगा में वाटर प्रोजेक्शन एवं लेजर शो, 10 स्थानों पर वीआर के माध्यम से बाबाधाम की पौराणिक कथा और 31 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए वीडियो प्रस्तुति की व्यवस्था की गई है।

नगर निगम द्वारा 30 जुलाई से 12 अगस्त तक 1.06 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रहण किया गया है। वहीं परिवहन विभाग को राज्य प्रवेश शुल्क के रूप में 38.37 लाख रुपये और वाणिज्य कर के रूप में 1 अगस्त से 12 अगस्त के बीच 203.71 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है।

खनिज और खनन संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड में बड़े आंदोलन की चेतावनी, हेमंत सोरेन बोले—‘पूरा देश देखेगा’

IMG 20260813 205144

रांची // खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर झारखंड के हितों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए इस विधेयक को वापस लेने की मांग की है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी ?” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा में जल्दबाजी में विधेयक पारित कराकर केंद्र सरकार ने झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने का काम किया है।

‘झारखंड के विकास और भविष्य पर बड़ा कुठाराघात’

हेमंत सोरेन ने विधेयक को झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि यह राज्य के विकास और भविष्य पर बड़ा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि झारखंड इस तरह का सौतेला व्यवहार स्वीकार नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों और राजस्व पर असर पड़ने से राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

केंद्र ने बिल वापस नहीं लिया तो होगा बड़ा आंदोलन

हेमंत सोरेन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो झारखंड में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक जिला, प्रखंड, पंचायत और शहर में विरोध दर्ज कराया जाएगा।उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार झारखंड और झारखंडियों के हक-अधिकार को वापस नहीं करती है तो राज्य निर्णायक और ऐतिहासिक फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

JMM ने जताया पुरजोर विरोध

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस विधेयक का पुरजोर विरोध करता है। उनके बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।

देवघर में जमीन की कथित फर्जी बिक्री और रजिस्ट्री का मामला, पांच लोगों के खिलाफ परिवाद

IMG 20260812 140631

देवघर// देवघर में पैतृक एवं खतियानी जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने और उसकी रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। मामले में प्रताप दास ने अपने अधिवक्ता पप्पु कुमार यादव के माध्यम से देवघर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में परिवाद दायर किया है। परिवाद दिनांक 10 अगस्त 2026 को दाखिल किया गया, जिसका परिवाद वाद संख्या 1014/2026 बताया गया है।

परिवाद में सुधीर कुमार घोष, वीणा कुमारी, अंचल अधिकारी देवघर अनिल कुमार, जिला अवर निबंधक देवघर हीरा कुमार और समीर कुमार को आरोपी बनाया गया है।

11.57 डिसमिल जमीन को फर्जी कागजात के आधार पर बेचने का आरोप

परिवादी प्रताप दास का आरोप है कि उनकी मौजा खोरादह स्थित जमाबंदी संख्या-04, प्लॉट संख्या-275 की पैतृक खतियानी जमीन से संबंधित कथित फर्जी कागजात तैयार कर सुधीर कुमार घोष ने वीणा कुमारी के पक्ष में जमीन का बिक्री पत्र तैयार कराया।

परिवाद के अनुसार, 28 जुलाई 2026 के बिक्री पत्र संख्या-458 के माध्यम से करीब 11.57 डिसमिल जमीन की बिक्री किए जाने का आरोप लगाया गया है।

फर्जी रजिस्टर-II तैयार करने का भी आरोप

परिवादी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2025-26 में उक्त जमीन से संबंधित रजिस्टर-II की ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रविष्टि कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार की गई। आरोप के मुताबिक इसमें हेमचंद्र घोष का नाम दर्ज किया गया, जबकि परिवादी पक्ष का कहना है कि उक्त व्यक्ति को उनके परिवार ने कभी देखा या उसके बारे में सुना तक नहीं।

परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुधीर कुमार घोष ने खुद को हेमचंद्र घोष का इकलौता पुत्र बताते हुए जमीन के बिक्री पत्र का निष्पादन किया, जबकि परिवादी के अनुसार यह दावा गलत है।

अवर निबंधक पर भी लगाए गंभीर आरोप

परिवाद में देवघर के जिला अवर निबंधक हीरा कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन की वास्तविक प्रकृति और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी होने के बावजूद बिक्री पत्र का निबंधन कर दिया गया।

परिवाद के मुताबिक, विक्रेता और क्रेता की ओर से आवश्यक दस्तावेज एवं अनुमति के संबंध में भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए तथा कथित फर्जी एवं असत्यापित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप

परिवाद में झारखंड हाईकोर्ट के WP(C) No. 75/2025 में 3 नवंबर 2025 को पारित आदेश का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश और उससे संबंधित सरकारी निर्देशों के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री की गई।

परिवाद में देवघर के अवर निबंधक पर अपने ही राज्य सरकार के आदेश की कथित अवहेलना करते हुए प्रताप दास की जमीन का बिक्री पत्र गैरकानूनी तरीके से निबंधित करने का आरोप लगाया गया है।

BNS की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की मांग

परिवादी ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले में आरोपियों द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 337, 339, 340, 198, 199, 201, 61(2), 318(2) और 3(5) के तहत अपराध किया गया है।

इन आरोपों को लेकर प्रताप दास ने अधिवक्ता पप्पु कुमार यादव के माध्यम से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, देवघर की अदालत में परिवाद दाखिल कर मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, परिवाद में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

श्रावणी मेला में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 68.5 किलो मिलावटी पेड़ा और 11 किलो छोला नष्ट

IMG 20260812 071618

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए देवघर जिला प्रशासन का खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सघन जांच अभियान चला रहा है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार, 11 अगस्त को लक्ष्मी चौक, शिवगंगा और आसपास के इलाकों में पेड़ा दुकानों, भोजनालयों और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

1005211252

जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, साफ-सफाई और FSSAI लाइसेंस की स्थिति की जांच की गई। त्वरित जांच में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने पर कई प्रतिष्ठानों में मौके पर ही खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए।

68.5 किलो पेड़ा और 11 किलो छोला नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 68.5 किलोग्राम मिलावटी पेड़ा और करीब 11 किलोग्राम छोला नष्ट कराया गया। इसके अलावा लगभग 2 लीटर चटनी भी नष्ट कराई गई।रितेश कुमार के प्रतिष्ठान में मेटानिल येलो (Metanil Yellow) रंग की मौजूदगी पाए जाने पर करीब 8 किलो छोला नष्ट कराया गया। विशाल चाट बर्गर के यहां लगभग 2 लीटर चटनी नष्ट कराई गई।शिवगंगा लेन स्थित अजीत कुमार के प्रतिष्ठान में पेड़ा में स्टार्च की मौजूदगी पाए जाने पर करीब 6 किलो पेड़ा नष्ट कराया गया।

कई पेड़ा दुकानों पर कार्रवाई

शिवम पेड़ा भंडार में लगभग 10 किलो मिलावटी पेड़ा पाया गया, जिसे मौके पर नष्ट कराया गया। धीरज कुमार के महादेव पेड़ा भंडार से करीब 21 किलो पेड़ा नष्ट कराया गया।बाबा पेड़ा भंडार में लगभग 10 किलो मिलावटी पेड़ा, शिवम कुमार के महादेव पेड़ा प्रतिष्ठान में करीब 9 किलो पेड़ा, पंकज पोद्दार के यहां 10.5 किलो मिलावटी पेड़ा तथा श्री गंगा साह पेड़ा भंडार में करीब 2 किलो मिलावटी पेड़ा नष्ट कराया गया। वहीं प्रिया चाट के यहां करीब 3 किलो छोला भी नष्ट कराया गया।

पेड़ा और खोया के नमूने जांच के लिए लिए गए

महावीर पेड़ा भंडार से पेड़ा और खोया के दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। प्रतिष्ठान संचालक को खोया के उचित रखरखाव और भंडारण का निर्देश दिया गया। खाद्य सामग्री को दीवार से कम से कम 12 इंच की दूरी पर रखने को भी कहा गया।

इसके अलावा गोकुल पेड़ा भंडार और शिव पेड़ा भंडार का निरीक्षण किया गया। गणेश मारवाड़ी भोजनालय में इस्तेमाल किए जा रहे तेल और मसालों की जांच की गई।

वैशाली होटल के FSSAI लाइसेंस में आवश्यक संशोधन कराने का निर्देश दिया गया। माँ गंगा पवित्र भोजनालय और श्री विनायक पैलेस का भी निरीक्षण किया गया।

बिना FSSAI लाइसेंस और गंदगी मिलने पर फैक्ट्री बंद करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान संजीव बलियासे इलायची फैक्ट्री में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं। प्रतिष्ठान संचालक द्वारा वैध FSSAI लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया।खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए प्रतिष्ठान का तत्काल संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया। संचालक को स्पष्ट किया गया कि जब तक सभी कमियों को नियमानुसार दूर नहीं किया जाता, तब तक फैक्ट्री का संचालन नहीं किया जाए।

इसके साथ ही उचित Exhaust System लगाने, अनधिकृत हाइड्रो का इस्तेमाल नहीं करने, साफ-सफाई और हाइजीन बनाए रखने, खाद्य सामग्री का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण करने तथा आवश्यक FSSAI लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही खाद्य पदार्थों का निर्माण और कारोबार करने का निर्देश दिया गया।

मेला अवधि में लगातार जारी रहेगा जांच अभियान

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और बिना वैध FSSAI लाइसेंस के कारोबार के खिलाफ निरीक्षण एवं कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।

प्रशासन का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त ने चानन, ओझाटोली और शकुंतला सहाय घाट का किया निरीक्षण

1005211206

साहिबगंज। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने मंगलवार को चानन घाट, ओझाटोली घाट और शकुंतला सहाय घाट समेत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने गंगा के जलस्तर, नदी कटाव और कटावरोधी कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।

खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है गंगा का जलस्तर

प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 26.25 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 27.25 मीटर है। यानी नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन अभी तक जिले की किसी भी आबादी के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।

बाढ़ से निपटने के लिए नावों की व्यवस्था

उपायुक्त ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित आवागमन और त्वरित निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की 6 मोटराइज्ड नावें फिलहाल सेवा के लिए तैयार रखी गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावों का अधिग्रहण भी किया जाएगा।

1005211206

इसके अलावा पूर्व में खराब हुई वॉटर एम्बुलेंस की मरम्मत करा ली गई है। इसे भी जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए तैयार रखा गया है।

वॉटरप्रूफ टेंट के लिए स्थान चिह्नित करने का निर्देश

शकुंतला सहाय घाट के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए वॉटरप्रूफ टेंट लगाने के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुरक्षित स्थानों की पहचान, आवागमन और प्रभावित लोगों की त्वरित निकासी की व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी जोर दिया।

प्रशासन ने लोगों से की नहीं घबराने की अपील

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

आपात स्थिति में लोग जिला नियंत्रण कक्ष के इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

9006963963, 9631155933, 9065370630
06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
आपातकालीन सेवा: 112

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

साहिबगंज कॉलेज में विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम, आदिवासी दाइयों का सम्मान

IMG 20260810 103331

साहिबगंज। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को साहिबगंज कॉलेज में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की, जबकि एसडीएम अमर जॉन ऐंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस वर्ष कार्यक्रम का प्रमुख विषय “आदिवासी दाइयों का सम्मान – जीवन और कल्याण की रक्षा” रहा।

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक विकास में समुदाय की भूमिका पर चर्चा की गई। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल में पारंपरिक रूप से योगदान देने वाली आदिवासी दाइयों की भूमिका को सम्मानपूर्वक याद किया गया।

आदिवासी संस्कृति और प्रकृति संरक्षण पर जोर

प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय का जल, जंगल और जमीन के साथ सदियों पुराना संतुलित संबंध रहा है। प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से जुड़ी उनकी परंपराएं आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

IMG 20260810 103342

उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति को केवल लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। इसमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, सामुदायिक सहयोग, सामाजिक समानता और जीवन के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण मूल्य शामिल हैं।

आदिवासी दाइयों के पारंपरिक ज्ञान को सम्मान देने की जरूरत

डॉ. सिंह ने कहा कि सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं वाले ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आदिवासी दाइयों ने पीढ़ियों से प्राप्त पारंपरिक ज्ञान के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि इन महिलाओं के अनुभव और पारंपरिक ज्ञान को सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।

प्राचार्य ने शिक्षा और स्वास्थ्य को आदिवासी समाज के सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने आदिवासी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ आदिवासी भाषाओं और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर भी जोर दिया।

विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान

डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से आदिवासी समाज की परंपराओं से सीख लेने और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति का सम्मान देश की विविधता और साझा सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है।

मुख्य अतिथि एसडीएम अमर जॉन ऐंद ने भी आदिवासी समाज के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की विशिष्ट पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।

शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में डॉ. धुर्व ज्योति सिंह, प्रो. प्रिया सिंह, प्रो. अनु सुमन बड़ा, सोनू फ्रांसिस मुर्मू, अक्षय कुमार, सुभाष हांसदा, प्रीफेक्ट अमित हांसदा, नायक बाबू धन सोरेन सीनियर, मनोहर टुडू, विनोद टुडू, मोहन हेम्ब्रम, प्रेम चंद्र मोहाली, अनूप टुडू, प्रीफेक्ट सोनी मुर्मू, सचिव बाली बेटी सोरेन, सोना बेसरा और दीपिका हांसदा सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आदिवासी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

दूसरी सोमवारी पर देवघर में आस्था का सैलाब, 9 किमी तक पहुंची कांवरियों की कतार

IMG 20260810 063206

4:15 बजे शुरू हुआ बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण, 3.80 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

पिछली सोमवारी में 3.17 लाख भक्तों ने किया था जलार्पण

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सोमवार तड़के 4:15 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण शुरू होते ही कांवरियों की कतार करीब 9 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। हर तरफ बोल बम के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ गूंज उठा।

1005200404
बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर प्रांगण की तस्वीरें

जलार्पण शुरू होने के बाद कांवरिया उत्साह और श्रद्धा के साथ कतार में आगे बढ़ते रहे। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

रात 1 बजे ही नंदन पहाड़ से चमारीडीह पुल तक पहुंच गई थी कतार

जिला प्रशासन के अनुसार दूसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। रात करीब 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ से चमारीडीह पुल तक पहुंच गई थी।इसके बाद धीरे-धीरे कांवरियों की संख्या बढ़ती गई और कतार कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गई। प्रशासन की ओर से कांवरियों को निर्धारित रूटलाइन में धैर्य के साथ आगे बढ़ने की अपील की गई है।

4 लाख तक पहुंच सकती है श्रद्धालुओं की संख्या

देवघर के उपायुक्त सौरभ भुवानिया के अनुसार पिछली सोमवारी को करीब 3 लाख 17 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया था।

दूसरी सोमवारी पर भीड़ इससे कहीं अधिक रहने का अनुमान है।प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या 3.80 लाख से 4 लाख तक पहुंच सकती है। वास्तविक संख्या और जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं का अंतिम आंकड़ा दोपहर बाद जारी किया जाएगा।

मजिस्ट्रेट से लेकर पुलिस बल तक की तैनाती

भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि सभी मजिस्ट्रेट और संबंधित अधिकारियों को विशेष ब्रीफिंग दी गई है।

इनपुट और एग्जिट प्वाइंट पर अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। एसपी के दिशा-निर्देश पर एसडीएम समेत प्रशासनिक टीम लगातार समन्वय के साथ काम कर रही है।

वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें 👇👇

कांवरिया पथ और रूटलाइन में भीड़ की निगरानी, कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस किया गया है।

रविवार को 2.73 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

दूसरी सोमवारी से एक दिन पहले यानी रविवार को भी बाबा नगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 11वें दिन रविवार को 2,73,861 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया।

इनमें 1,54,875 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 1,18,986 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया।

रविवार को भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT), पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की चौबीसों घंटे तैनाती रही। पूरे रूटलाइन पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रही।

पिछली सोमवारी में 3.17 लाख श्रद्धालुओं ने किया था जलार्पण

श्रावणी मेला की पहली सोमवारी पर देवघर में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली थी। उस दिन 3,17,494 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया था। दूसरी सोमवारी पर इस आंकड़े के और बढ़ने की संभावना जताई गई है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, निर्धारित रूटलाइन का पालन करें और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करते हुए बाबा बैद्यनाथ का दर्शन एवं जलार्पण करें।

देवघर एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क पर चैंबर ने उठाए सवाल, 13 मिनट की पिक एंड ड्रॉप अवधि में शुल्क लेने का विरोध

IMG 20260809 220309

संताल परगना चैंबर ने किया एयरपोर्ट का स्थल निरीक्षण, पार्किंग बूथ पर शुल्क और समय-सीमा की जानकारी बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करने की मांग

देवघर। संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर ने देवघर एयरपोर्ट की पार्किंग शुल्क व्यवस्था का स्थल निरीक्षण कर यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। चैंबर ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित 13 मिनट की पिक एंड ड्रॉप अवधि में एयरपोर्ट से बाहर निकलने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क लिया जाना उचित नहीं है।

चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा एवं देवघर एयरपोर्ट एडवाइजरी कमिटी के सदस्य आलोक मल्लिक के नेतृत्व में कार्यकारिणी के सदस्यों ने एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित वेंडर और पार्किंग कर्मियों से पार्किंग शुल्क वसूली की प्रक्रिया की जानकारी ली।

पार्किंग बूथ पर स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करने की मांग

चैंबर ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग शुल्क और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी पार्किंग वसूली बूथ पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करने की सलाह दी है।

चैंबर ने यात्रियों से भी अपील की है कि एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करते समय पार्किंग पर्ची पर दर्ज इन टाइम को अवश्य देखें और वापसी के समय उसी के आधार पर शुल्क का भुगतान करें।

1005199246

चैंबर का कहना है कि पिक एंड ड्रॉप के लिए निर्धारित 13 मिनट की अवधि यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से है। ऐसे में इस अवधि के भीतर बाहर निकलने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

फुटकर विक्रेताओं के मुद्दे पर भी चैंबर ने जताई चिंता

निरीक्षण के दौरान चैंबर ने टावर चौक से आजाद चौक के बीच फुटकर विक्रेताओं के मामले को भी उठाया। चैंबर ने नगर निगम और प्रशासन की नीति को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि एक तरफ निगम द्वारा फुटकर विक्रेताओं से शुल्क वसूला जाता है, जबकि दूसरी ओर अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाती है।

चैंबर ने फुटकर विक्रेताओं के प्रति नैतिक समर्थन जताते हुए मांग की कि नगर निगम इनके लिए स्थान का स्पष्ट निर्धारण और डिमार्केशन करे।

‘शुल्क लेते हैं तो अनावश्यक रूप से परेशान न करें’

चैंबर का कहना है कि जिन फुटकर विक्रेताओं से नगर निगम शुल्क वसूलता है, उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान या विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए। फुटकर विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित करने से बाजार की व्यवस्था भी बेहतर होगी और विक्रेताओं की रोजी-रोटी भी प्रभावित नहीं होगी।

चैंबर ने प्रशासन और नगर निगम से इस मामले में स्पष्ट एवं व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है, ताकि फुटकर विक्रेताओं और शहर की यातायात एवं बाजार व्यवस्था के बीच संतुलन कायम किया जा सके।

निरीक्षण में ये सदस्य रहे मौजूद

स्थल निरीक्षण के दौरान चैंबर के महासचिव निरंजन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव पंकज भालोटिया, विवेक अग्रवाल, संजय मालवीय, लक्ष्मण पटेल, ऋषि राज सिंह, विभूति ठाकुर और निलेश सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा ने कहा कि यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों की सुविधा से जुड़े मुद्दों को लेकर चैंबर लगातार प्रशासन एवं संबंधित संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखता रहेगा।