रांची, 30 अगस्त 2026। झारखंड में परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज की ओर से रविवार को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा सामाजिक-आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
महाजुटान में शामिल लोगों और वक्ताओं ने परिसीमन के दौरान लोकसभा और विधानसभा में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों का अनुपात बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप बनाए रखने की मांग पर जोर दिया। उनका कहना था कि परिसीमन की प्रक्रिया में आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक संरक्षण का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का संदेश
रैली में आदिवासी समाज से आपसी एकजुटता बनाए रखने और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अधिकार, सम्मान और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखा जाएगा।महाजुटान के दौरान आदिवासी अधिकारों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करने, राजनीतिक उपेक्षा का विरोध करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक हितों की सुरक्षा के लिए एकजुट रहने की बात कही गई।
परिसीमन में प्रतिनिधित्व का मुद्दा प्रमुख
आयोजकों के अनुसार, परिसीमन का प्रभाव झारखंड में राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है। ऐसे में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित लोकसभा और विधानसभा सीटों के अनुपात को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसी मुद्दे को लेकर रैली में लोगों ने अपनी मांगों को मजबूती से सामने रखा।
महाजुटान के माध्यम से आदिवासी समाज ने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक-आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संदेश दिया।
रैली से पहले आयोजकों की ओर से लोगों से रविवार सुबह 9 बजे मोरहाबादी मैदान पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई थी।
झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका, खाते में संदिग्ध रकम आने पर निर्दोषों को न फंसाने की मांग
याचिका में दावा- पिछले वर्ष 8,674 बैंक खाते संदिग्ध लेनदेन के आरोप में किए गए फ्रीज
रकम खाते में आने मात्र से खाताधारक को दोषी मानना उचित नहीं, स्वतंत्र जांच की मांग
Bkd News Jharkhand। Ranchi।
रांची: साइबर अपराध और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े मामलों में निर्दोष बैंक खाताधारकों को परेशानी से बचाने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते में उसकी जानकारी या सहमति के बिना संदिग्ध रकम पहुंचती है, तो केवल इस आधार पर उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं की जाए और बैंक खाता फ्रीज करने से पहले उसकी भूमिका की उचित जांच हो।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता अच्युत स्वरूप मिश्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका में साइबर अपराध से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों के मामलों में एक प्रभावी और स्पष्ट प्रक्रिया तैयार करने की मांग की गई है।
8,674 बैंक खाते फ्रीज किए जाने का दावा
याचिका में कहा गया है कि पिछले वर्ष संदिग्ध लेनदेन के आरोप में 8,674 बैंक खातों को फ्रीज किया गया था। याचिकाकर्ता का दावा है कि इनमें ऐसे लोगों के खाते भी शामिल थे, जिनका साइबर अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।
ऐसे मामलों में खाताधारकों को अचानक अपने बैंक खाते के फ्रीज होने, बैंक या पुलिस की ओर से नोटिस मिलने और बाद में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
खाते में पैसा आना अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं
याचिका में महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा गया है कि किसी व्यक्ति के बैंक खाते में रकम जमा हो जाने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि खाताधारक को उस रकम के स्रोत या लेनदेन की जानकारी थी।
याचिकाकर्ता के अनुसार किसी खाताधारक की आपराधिक भूमिका निर्धारित करने के लिए यह जांच आवश्यक है कि उसे लेनदेन की जानकारी थी या नहीं, उसकी सहमति थी या नहीं, संबंधित खाते या लेनदेन पर उसका वास्तविक नियंत्रण कितना था, उसे इससे कोई आर्थिक लाभ मिला या नहीं और क्या उसके पीछे कोई आपराधिक मंशा थी।
बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाया सवाल
जनहित याचिका में डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि पैसा भेजने वाले व्यक्ति की सुरक्षा के लिए बैंकिंग प्रणाली में ओटीपी, पिन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
लेकिन यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के खाते में उसकी जानकारी के बिना साइबर अपराध से जुड़ी रकम पहुंच जाती है, तो ऐसे खाताधारक के लिए समान रूप से प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। इसके चलते संबंधित व्यक्ति को अपना खाता फ्रीज होने के साथ-साथ पुलिस जांच और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
निर्दोष खाताधारकों के लिए स्पष्ट प्रक्रिया बनाने की मांग
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से ऐसे मामलों के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश और स्पष्ट प्रक्रिया तैयार करने की मांग की है, जिससे साइबर अपराध की जांच भी प्रभावित न हो और किसी निर्दोष खाताधारक को महज खाते में संदिग्ध रकम आने के कारण आरोपी की तरह परेशानी न झेलनी पड़े।
याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि साइबर अपराध की जांच के दौरान वास्तविक अपराधी तक पहुंचने के साथ-साथ उन लोगों के अधिकारों की भी रक्षा जरूरी है, जिनका संबंधित अपराध से कोई लेना-देना नहीं है।
11 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनवर अंसारी को ठहराया दोषी
BNS की धारा 69 में 7 साल की सजा, SC-ST एक्ट के तहत आजीवन सश्रम कारावास
दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान
गोड्डा // युवती को कथित रूप से जहर देकर हत्या करने के मामले में गोड्डा की विशेष अदालत ने आरोपी अनवर अंसारी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार पवन की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों और 11 गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी माना।
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, अदालत ने आरोपी को एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत भी दोषी माना। इस धारा के तहत अदालत ने उसे आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को चार महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश
अदालत ने अपने फैसले में दोनों धाराओं में दी गई सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है। इस कारण आरोपी को अलग-अलग सजा जोड़कर अतिरिक्त अवधि नहीं भुगतनी होगी। मामले में अदालत के फैसले के बाद आरोपी को जेल में ही सजा काटनी होगी।
मृतका की मां ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी
मामला गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोपी अनवर अंसारी सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के घटियारी गांव का रहने वाला बताया गया है।मामले में तसरिया गांव निवासी बड़ी पहाड़िन ने अपनी पुत्री की मौत को लेकर सुंदरपहाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि उसकी पुत्री को जहर देकर उसकी हत्या की गई।
गवाही और साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनायी।
अदालत के इस फैसले को मामले में न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
देवघर // बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में एक माह तक चले राजकीय श्रावणी मेला 2026 का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारियों ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और सफल आयोजन के लिए बाबा का आशीर्वाद लिया।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना तथा अनुमंडल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की। इसके बाद मंदिर में जलार्पण के लिए लगाए गए अर्घा को हटाया गया।
अर्घा हटाए जाने के बाद अधिकारियों को बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा कराई गई। इस दौरान विधि-विधान के साथ बाबा की आराधना की गई। पूजा के पश्चात उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने राजकीय श्रावणी मेला के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए बाबा बैद्यनाथ को नमन करते हुए आभार व्यक्त किया।
मेला के बाद शुरू हुई स्पर्श पूजा
राजकीय श्रावणी मेला के समापन और अर्घा हटाए जाने के साथ ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए स्पर्श पूजा की शुरुआत हो गई। इससे श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ के सीधे दर्शन और स्पर्श पूजा का अवसर मिलने लगा।पूजा-अर्चना के बाद उपायुक्त ने मां तारा मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया।
इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, सहायक मंदिर प्रभारी संतोष कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित जिला प्रशासन, पुलिस एवं मंदिर प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि के साथ राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह की शुरुआत, 28 अगस्त से तीन दिवसीय आयोजन
उपायुक्त, एसपी समेत वरीय अधिकारियों ने महान हॉकी खिलाड़ी के चित्र पर किया माल्यार्पण
देवघर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देवघर जिला प्रशासन की ओर से खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 27 अगस्त को शिवलोक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा एवं अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
28 से 30 अगस्त तक होगा तीन दिवसीय खेल महोत्सव
उपायुक्त ने बताया कि मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा 28 से 30 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से जिले के युवाओं और आम लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने के साथ फिटनेस के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ रहेगा इस वर्ष का संदेश
इस वर्ष फिट इंडिया अभियान के तहत राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” रखी गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में विभिन्न खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
‘एक घंटा खेल के मैदान में’ पर रहेगा विशेष जोर
उपायुक्त ने कहा कि अभियान का प्रमुख संदेश “एक घंटा खेल के मैदान में” है। इसके जरिए लोगों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल अथवा शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित खेल गतिविधियों से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ जिले में खेल संस्कृति को भी मजबूत किया जा सकता है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना है। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न खेल कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के जरिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश
साहिबगंज // गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिया है। इसी क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
रामपुर टोपरा और बलुवा टोली दियारा क्षेत्र का निरीक्षण
एसडीओ ने रामपुर टोपरा, बलुवा टोली समेत दियारा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर जलस्तर, आवागमन और बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
प्रभावित परिवारों को चूड़ा, गुड़, बिस्किट और पेयजल मिला
दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच जरूरी खाद्य एवं पेय सामग्री का वितरण किया गया। प्रशासन की ओर से लोगों को चूड़ा, गुड़, बिस्किट और पेयजल उपलब्ध कराया गया, ताकि आपात स्थिति में परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई के निर्देशअनुमंडल पदाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी आपात परिस्थिति की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही आम लोगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी साहिबगंज बासुकीनाथ टुडू सहित संबंधित कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
देवघर/जसीडीह। जसीडीह थाना क्षेत्र के कुंहराबाद बहियार में करीब 13 वर्ष पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला आया। अब दोषियों की सजा की अवधि को लेकर 31 अगस्त को सुनवाई होगी।
मामला वर्ष 2013 का है। अभियोजन के अनुसार कुंहराबाद बहियार में मुकेश कुमार सिंह और उनके चालक सोनू कुमार शर्मा पर भीड़ ने लाठी, रॉड समेत अन्य हथियारों से हमला कर दिया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी।
आठ आरोपियों को माना गया दोषी
इस मामले में अदालत ने मनोज यादव, कुणाल कुमार साह उर्फ भट्टू साह, बालेश्वर महतो, राजू यादव, संजय यादव, पप्पू गुप्ता, दिनेश यादव और अमित कुमार सोनी उर्फ राजकुमार को दोषी करार दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने पक्ष में गवाही प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी माना।
27 अगस्त 2013 को दर्ज हुआ था मामला
बताया गया है कि घटना के बाद जसीडीह थाना में 27 अगस्त 2013 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के दौरान मामले में कुल 11 लोगों के नाम सामने आए थे। सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई, जबकि एक आरोपी के फरार होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद शेष आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही।
न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे परिजन
लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में मृतकों के परिवार को अदालत के फैसले का इंतजार था। करीब 13 वर्ष बाद आठ आरोपियों को दोषी ठहराए जाने से मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। अब 31 अगस्त को अदालत द्वारा दोषियों को दी जाने वाली सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।
देवघर: चेक बाउंस के एक मामले में देवघर की न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने अभियुक्त चन्देश्वर प्रसाद झा को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 17 लाख 27 हजार 461 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला सूरज कुमार झा बनाम चन्देश्वर प्रसाद झा से संबंधित है। परिवादी सूरज कुमार झा ने वर्ष 2019 में शिकायतवाद दायर करते हुए आरोप लगाया था कि अभियुक्त ने उनसे दोस्ताना कर्ज के तौर पर 11 लाख रुपये लिए थे। बताया गया कि उक्त राशि को एक महीने के भीतर वापस करने का आश्वासन दिया गया था।
समय बीतने के बाद जब रकम वापस नहीं की गई तो परिवादी द्वारा राशि की मांग की गई। इसके बाद अभियुक्त की ओर से भुगतान के लिए चेक दिया गया। परिवादी ने जब चेक को बैंक में जमा किया तो वह बाउंस हो गया।
चेक अनादरित होने के बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। यह मामला कम्प्लेंट केस संख्या 1301/2019 के रूप में न्यायालय में चला।
मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी नंबर-1 स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत ने चन्देश्वर प्रसाद झा को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें एक वर्ष की सजा सुनाने के साथ 17,27,461 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
चेक बाउंस से जुड़े मामलों में अदालत के इस फैसले को वित्तीय लेन-देन में चेक के माध्यम से किए गए भुगतान की जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दुमका/जरमुंडी । जरमुंडी के भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर के यहां रसोइए के रूप में काम करने वाले सोनू राउत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर विधायक देवेंद्र कुंवर समेत कुल 9 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
आवेदन में कहा गया है कि सोनू ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
परिजनों के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 की रात नोनीहाट स्थित डाक बंगला परिसर के एक कमरे में सोनू राउत का शव पंखे से लटका हुआ मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। मृतक के शरीर पर मिले कथित निशानों को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
आवेदन में विधायक सहित 9 लोगों को बनाया गया आरोपी
मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन में विधायक देवेंद्र कुंवर के अलावा उनके परिवार और निजी स्टाफ से जुड़े लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आवेदन में दर्ज विवरण के अनुसार नामजद आरोपियों में विधायक, उनकी पत्नी, बेटा, बहू, विधायक के साले/रिश्तेदार तथा निजी चालक और निजी स्टाफ से जुड़े लोगों का उल्लेख है।
आवेदन में जिन नामों का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया गया है, उनमें देवेंद्र कुंवर, देवेंद्र कुंवर की पत्नी, बेटा रवि कुमार उर्फ कटारी , रवि कुमार की पत्नी, मिथलेश कुमार सिंह, मिथलेश कुमार सिंह की पत्नी, मिथलेश कुमार सिंह का बेटा , विधायक का निजी चालक और स्टाप शामिल है।
आत्महत्या नहीं, हत्या का लगाया आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि सोनू की मौत को आत्महत्या बताने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि घटना की परिस्थितियां और शरीर पर मिले कथित निशान सामान्य आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े करते हैं। परिजनों ने पुलिस से पूरे मामले की बारीकी से जांच, घटनास्थल की जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने की मांग की है।
पुलिस जांच से सामने आएगा मौत का सच
सोनू राउत की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की परिस्थितियां, मोबाइल एवं अन्य साक्ष्य तथा मृतक और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल परिजनों के आरोपों ने इस मौत के मामले को गंभीर बना दिया है।
देवघर // आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, 12 सितंबर 2026 के सफल आयोजन को लेकर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कौशल किशोर झा की अध्यक्षता में उनके सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से बैंक से जुड़े मामलों के निपटारे पर जोर दिया गया। बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बैंक ग्राहकों को अपने बकाया ऋण एवं अन्य संबंधित मामलों के निपटारे में कई तरह की राहत मिल सकती है। बैंक और ग्राहक आपसी सहमति एवं बातचीत के आधार पर विवादों का समाधान कर सकते हैं।
बैंक ग्राहकों को मिल सकते हैं ये प्रमुख लाभ
ब्याज, जुर्माना एवं अन्य शुल्क में राहत: बैंक मामलों में आपसी समझौते के आधार पर बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज, जुर्माने एवं अन्य शुल्क में नियमानुसार छूट या राहत मिल सकती है।
आपसी समझौते से समाधान: लोक अदालत में बैंक और ग्राहक के बीच बातचीत के माध्यम से सौहार्दपूर्ण तरीके से मामले का निपटारा किया जाता है। इससे लंबे समय तक चलने वाली अदालती प्रक्रिया से राहत मिलती है।
कम खर्च में समाधान: लोक अदालत में मामलों के निपटारे के लिए सामान्य न्यायालय की तरह न्यायालय शुल्क नहीं लिया जाता है। इससे पक्षकारों को कम खर्च में विवाद का समाधान प्राप्त करने में मदद मिलती है।
समय की बचत: लोक अदालत का उद्देश्य मामलों का त्वरित समाधान करना है। इसके माध्यम से नियमित न्यायालय की लंबी प्रक्रिया की तुलना में कम समय में मामलों का निपटारा किया जा सकता है।
कानूनी मान्यता: लोक अदालत द्वारा पक्षकारों की सहमति से पारित निर्णय को कानूनी मान्यता प्राप्त होती है और वह संबंधित पक्षों पर बाध्यकारी होता है। ऐसे निर्णय के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता।
बैठक के माध्यम से बैंक अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों से अपील की गई कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाते हुए लंबित एवं समझौता योग्य मामलों के निपटारे की दिशा में प्रभावी पहल करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय मिल सके।
देवघर // राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवघर के संयुक्त प्रयास से मंगलवार को मोहनपुर प्रखंड के घूठिया बड़ा असहना में 60 दिवसीय महाअभियान का शुभारंभ किया गया।यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, देवघर श्री कौशल किशोर झा के निर्देशानुसार शुरू किया गया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता एवं न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही समाज के वंचित, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, देवघर के सचिव श्री संदीप निशित बारा ने किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता एवं विभिन्न विधिक सेवाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में घूठिया बड़ा असहना पंचायत के मुखिया, LADC चीफ सज्जन कुमार मिश्र, LADC असिस्टेंट अमित चंद्र, सेतु सुमन, दिलीप कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
महाअभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जानकारी देकर उन्हें न्याय पाने की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
राँची// झारखंड पुलिस द्वारा गुम/खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी एवं उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। CEIR पोर्टल के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में गुम/खोए मोबाइल फोन को ट्रेस कर वास्तविक मोबाइल धारकों को उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
प्राप्त निर्देश के आलोक में आज दिनांक 25.08.2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 817 मोबाइल फोन वास्तविक धारकों को उपलब्ध कराई गई है l मोबाइल फोन वापस मिलने से आम नागरिकों के चेहरे पर खुशी और संतोष की मुस्कान देखने को मिली है। ये उनके लिए न केवल आर्थिक नुकसान की भरपाई हुई है, बल्कि झारखंड पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसा भी और मजबूत हुआ है।
जिला-वार विवरण निम्नवत है—
रांची – 100
गुमला – 24
लोहरदगा – 14
खूंटी – 53
सिमडेगा – 128
जमशेदपुर – 28
चाईबासा – 33
सरायकेला – 04
गढ़वा – 57
लातेहार – 24
बोकारो – 78
धनबाद – 29
हजारीबाग – 07
चतरा – 18
रामगढ़ – 59
गोड्डा – 18
जामताड़ा – 37
साहेबगंज – 106
कुल – 817 मोबाइल फोन
CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की बरामदगी एवं वास्तविक धारकों तक उसकी सुपुर्दगी से आम नागरिकों को अपने गुम अथवा खोए मोबाइल फोन वापस प्राप्त करने में काफी सहायता मिल रही है। झारखंड पुलिस द्वारा इस अभियान को आगे भी प्रभावी रूप से जारी रखते हुए अधिक से अधिक गुम/खोए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला समाप्ति के बाद देवघर जिले में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर जिला प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने जनता दरबार के दौरान संबंधित अधिकारियों को विशेष कैंप आयोजित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, जमीन से जुड़े मामलों सहित पेंशन, आवास, राशन कार्ड और झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की भौतिक जांच कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
मेला के बाद भू-अर्जन मामलों के लिए लगेगा विशेष कैंप
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राजकीय श्रावणी मेला के बाद DLAO (जिला भू-अर्जन पदाधिकारी) कार्यालय द्वारा भू-अर्जन, मुआवजा वितरण एवं जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रैयतों को मुआवजे की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार कार्ड के लिए भी विशेष कैंप
आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला समाप्ति के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष नागरिक सेवा कैंप आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है। इन कैंपों में छूटे हुए लोगों का जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के साथ-साथ नए आधार कार्ड, बायोमेट्रिक अपडेट तथा नाम-पता में सुधार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कैंप का शेड्यूल मेला समाप्ति के बाद जारी करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इन सेवाओं का लाभ मिल सके।
एक सप्ताह में मांगी जाएगी कार्रवाई की रिपोर्ट
जनता दरबार में प्राप्त विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर उपायुक्त ने अधिकारियों को आवेदनों की जांच कर जल्द से जल्द समाधान करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर शिकायतों पर की गई कार्रवाई की प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सके।
जिला प्रशासन का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल और सुगम तरीके से पहुंचाना है।
देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की बरामदगी करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे पुलिस अधीक्षक, देवघर को गुप्त सूचना मिली थी कि चुल्हिया हाई स्कूल के समीप पहाड़ी के पास एक व्यक्ति चोरी के लाल रंग के महिन्द्रा ट्रैक्टर और होंडा साइन मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित लाल रंग का महिन्द्रा ट्रैक्टर और रजिस्ट्रेशन नंबर घिसी हुई होंडा साइन मोटरसाइकिल बरामद की गई।
पुलिस ने चोरी के वाहनों को बेचने का प्रयास कर रहे प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद कुमार यादव, पिता शंकर यादव, निवासी पिरामोह, थाना मोहनपुर, जिला देवघर को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में मोहनपुर थाना कांड संख्या 140/2026, दिनांक 24 अगस्त 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4)/317(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बरामद सामान
चोरी का एक लाल रंग का महिन्द्रा ट्रैक्टर, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है।
चोरी की एक होंडा साइन मोटरसाइकिल, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर घिसा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी
प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद कुमार यादव, पिता शंकर यादव, ग्राम पिरामोह, थाना मोहनपुर, जिला देवघर।
छापामारी दल
पु०अ०नि० संदीप कृष्णा, थाना प्रभारी, मोहनपुर थाना
पु०अ०नि० मनेन्द्र कुमार, मोहनपुर थाना
स०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह, मोहनपुर थाना
स्थानीय चौकीदार
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध तालझारी थाना कांड संख्या 46/2026, दिनांक 19 अगस्त 2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत भी मामला दर्ज है।
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देर रात से ही कांवरियों की कतार बाबा मंदिर की ओर बढ़ती रही और पूरा बाबाधाम ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। अंतिम सोमवारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, रूटलाइन, कतार प्रबंधन और सुगम जलार्पण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिरप्रांगण का नजारा सावन की अंतिम सोमवारी
अंतिम सोमवारी से एक दिन पहले यानी 23 अगस्त तक राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 25 दिनों में 55,02,228 श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं। 22 अगस्त को 2,02,458 और 23 अगस्त को 1,87,239 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। इससे पहले 21 अगस्त तक जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 51,12,531 थी।
2025 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंचा 2026 का आंकड़ा
2025 के राजकीय श्रावणी मेला में 28 दिनों में 55,63,100 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण किया था।
वहीं, 2026 में अभी 25 दिन ही पूरे हुए हैं और श्रद्धालुओं की संख्या 55,02,228 पहुंच चुकी है। यानी 2025 के 28-दिन के आंकड़े से अब अंतर महज 60,872 श्रद्धालुओं का रह गया है।
इस तुलना से साफ है कि 2026 में श्रद्धालुओं की आमद बेहद तेज रही है। हालांकि दोनों आंकड़ों की अवधि अलग-अलग है, इसलिए इसे वर्ष-दर-वर्ष पूरे मेले की अंतिम तुलना नहीं माना जाना चाहिए।
2026 में किस दिन कितने श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई से 23 अगस्त तक बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही—
तारीख
श्रद्धालुओं की संख्या
30 जुलाई
74,987
31 जुलाई
1,05,179
01 अगस्त
1,27,533
02 अगस्त
1,51,621
03 अगस्त
3,17,494
04 अगस्त
1,51,373
05 अगस्त
1,52,685
06 अगस्त
1,85,423
07 अगस्त
2,07,713
08 अगस्त
2,27,691
09 अगस्त
2,73,861
10 अगस्त
3,69,449
11 अगस्त
2,79,256
12 अगस्त
2,84,456
13 अगस्त
2,35,233
14 अगस्त
2,31,168
15 अगस्त
2,27,556
16 अगस्त
2,32,147
17 अगस्त
3,61,679
18 अगस्त
2,39,407
19 अगस्त
2,38,963
20 अगस्त
2,26,747
21 अगस्त
2,11,010
22 अगस्त
2,02,458
23 अगस्त
1,87,239
कुल
55,02,228
इन आंकड़ों में सबसे अधिक भीड़ 10 अगस्त को 3,69,449 श्रद्धालुओं के साथ रही। इसके बाद 17 अगस्त को 3,61,679 और 3 अगस्त को 3,17,494 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
अंतिम सोमवारी को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
अंतिम सोमवारी पर भीड़ को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने रूटलाइन और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने दंडाधिकारियों और पुलिस बल को श्रद्धालुओं के साथ ‘सेवा भाव’ से पेश आने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, कुमुदिनी घोष रोड, बरमसिया, सरकार भवन, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, जलसार मोड़ और शिवराम झा चौक सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशासन की निगरानी जारी है।
केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से रूटलाइन और मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, बिजली, सूचना केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह जैसी सुविधाओं को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
मंदिर की आय में भी 2026 ने बनाया नया आंकड़ा
श्रद्धालुओं की संख्या के साथ बाबा मंदिर की आय के आंकड़े में भी 2026 में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025 में 30 दिनों में मंदिर की आय ₹7,36,44,295 रही थी, जबकि 2026 में 23 दिनों में ही ₹8,23,47,741 की आय दर्ज की गई।
यानी 2026 में 23 दिनों की आय ही 2025 के 30 दिनों की आय से ₹87,03,446 अधिक हो चुकी है। यह लगभग 11.82 प्रतिशत अधिक है।
आस्था और व्यवस्था दोनों की बड़ी परीक्षा
बाबा बैद्यनाथ धाम में अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़ एक बार फिर देवघर की धार्मिक आस्था की विशालता को दिखा रही है। 2026 के आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस वर्ष कम दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 2025 के 28-दिन के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।
हालांकि 24 अगस्त यानी अंतिम सोमवारी का अंतिम जलार्पण आंकड़ा अभी इस खबर में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उसका आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध होने के बाद ही 2026 का अंतिम कुल आंकड़ा निश्चित रूप से बताया जा सकेगा।
स्रोत: देवघर जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्तियां एवं उपलब्ध प्रकाशित आंकड़े। 2025 में 28 दिनों के जलार्पण का आंकड़ा 55,63,100 जिला प्रशासन की जानकारी के आधार पर प्रकाशित हुआ था।