झारखंड की आवाज

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विधानसभा में विधायक ने रजिस्ट्री पोर्टल नहीं खुलने का उठाया मुद्दा

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रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12 वें दिन गुरुवार को एक बार फिर विधायकों को कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े रजिस्ट्री पोर्टल का मामला उठाया गया। विधायक नवीन जायसवाल ने वित्त मंत्री के आश्वासन के बावाजूद रजिस्ट्री पोर्टल नहीं खुलने पर सदन में सरकार से जवाब मांगा।

आश्वासन के तीन दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन नहीं खुला

उन्होंने कहा कि मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन के तीन दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन अभी तक रजिस्ट्री पोर्टल शुरू नहीं किया गया हैइस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस मामले में रांची के उपायुक्त से बातचीत की गई है। जांच में पता चला है कि कोऑपरेटिव सोसाइटी की कुछ जमीन पर अतिक्रमण हो गया है और कुछ जगहों पर जमीन की बंदोबस्ती भी कर दी गई है।इसके अलावा रजिस्ट्री प्रक्रिया में कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं, जिसके कारण फिलहाल पोर्टल शुरू नहीं हो सका है।

रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले 22-23 वर्षों से विधायकों को कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से जमीन नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व मंत्री, राजस्व सचिव और रांची के उपायुक्त के साथ बैठक कर जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

विधायक सीपी सिंह ने क्या कहा

उल्लेखनीय है कि विधायक सीपी सिंह ने गत सोमवार को भी सदन में इस मुद्दे को उठाया था उन्होंने कहा था कि विधायकों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई कोऑपरेटिव सोसाइटी की जमीन की अब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों से लगातार बातचीत हो रही है। लेकिन कभी एक सप्ताह तो कभी दस दिन का समय दिया जाता है और अब तक रजिस्ट्री के लिए पोर्टल लिंक भी नहीं खोला गया है।

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर का जवाब

इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा था कि तीन दिनों के भीतर रजिस्ट्री पोर्टल खोल दिया जाएगा। आश्वासन के तीन दिन बाद भी पोर्टल नहीं खोलने पर विधायक नवीन जायसवाल ने इस मुद्दे को फिर से सदन में उठाया।

पुल की रेलिंग तोड़ ट्रक गिरा डैम में, चालक लापता

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Hazaribag // हजारीबाग में बुधवार की देर रात मछली लदा ट्रक अनियंत्रित होकर तिलैया डैम में जा गिरा। इस दुर्घटना में ट्रक सहित चालक लापता है। जबकि उपचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बरही थाना क्षेत्र में जवाहर घाटी स्थित तिलैया डैम पुल पर हुई।

ड्राइवर की पानी में डूबने से मौत हो गई है।

आशंका जाहिर की जा रही है ड्राइवर की पानी में डूबने से मौत हो गई है। हालांकि पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मछली से लदा ट्रक बरही से कोडरमा जाने के क्रम में जवाहर घाटी के पास पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे तिलैया डैम के गहरे पानी में समा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में लदी मछलियां सड़क पर बिखर गईं।

गंभीर रूप से घायल उपचालक को तुरंत बरही अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है

इधर, घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक पूरी तरह से डैम के गहरे पानी में डूब गया है। चालक का पता अभी तक नहीं हो पाई है और आशंका है कि उसका शव अभी भी ट्रक के अंदर फंसा हुआ है। गंभीर रूप से घायल उपचालक को तुरंत बरही अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, चालक की पहचान सुनिश्चित करने और उसके शव को डैम से निकालने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर गोताखोरों की मदद भी ली जा सकती है।

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जवाहर घाटी में पहले भी इस तरह की कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। घाटी क्षेत्र में तीखे मोड़ और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन और एनएचएआई से इस स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा आवश्यक संकेतक और बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

JSBC। झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर मतदान शुरू

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देवघर// झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव को लेकर वोटिंग शुरू हो गई है। देवघर अधिवक्ता संघ सभागार में सुबह 10 बजे से वोटिंग शुरू हो गई। सुबह सुबह ही अधिवक्ता अपने अपने वोट के लिए लाइन में लगकर। अपना वेरिफिकेशन करा कर वोटिंग कर रहे हैं। मतदान को लेकर देवघर में दो बूथ बनाए गए हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच मतदान की प्रक्रिया चल रही है।

रांची में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति, लोगों को घबराने की जरुरत नहीं : उपायुक्त

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रांची // राजधानी रांची में गैस की आपूर्ति को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बुधवार को गैस कंपनी और एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति की जानकारी ली।बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में घेरलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है। इसलिए लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उपायुक्त ने बैठक के दौरान आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के प्रतिनिधियों से इस संबंध बात कही। उन्होंने कहा कि गैस कंपनियों के ओर से कहा गया है कि लोग घबरा कर गैस की बुकिंग नहीं करें।

एक बुकिंग के बाद 25 दिनों बाद ही दूसरी बुकिंग हो पायेगी

ज्यादा संख्या में बुकिंग रिक्वेस्ट आने से गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर असर पड़ा है। इससे एजेंसियों की ओर से अपग्रेडेशन का कार्य जारी है, कुछ ही दिनों में सामान्य रुप से बुकिंग हो सकेगी। कहा गया कि लोगों को एजेंसियों के ऑफिस आने की आवश्यकता नहीं है।बैठक में कहा गया कि एक बुकिंग के बाद 25 दिनों के बाद दूसरी बुकिंग हो सकेगी। वहीं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक बुकिंग के बाद 25 दिनों बाद ही दूसरी बुकिंग हो पायेगी। वहीं आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ता 02 और 05 लीटर के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।

आईवीआर, ऐप और वेब बेस्डर करें बुकिंग

प्रतिनिधियों ने बताया कि एचपीसीएल और बीपीसीएल के 05 लीटर के सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं आधार कार्ड लेकर उपभोक्ता गैस प्राप्त कर सकते हैं। आईवीआर, ऐप और वेब बेस्डर करें बुकिंग बैठक में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपभोक्ता आइवीआर, मिस्ड कॉल फैसिलिटी ऐप और वेब बेस्ड बुकिंग करें। इससे उन्हें एजेंसी में आने की जरुरत नहीं पडेगी। प्रतिनिधियों ने कहा कि गैस की बुकिंग में हो रही देरी सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण है जो जल्द ही दूर हो जायेगा।

कालाबाजारी पर होगी कडी कार्रवाई

उपायुक्त ने गैस की बढ़ती मांग के बीच सभी गैस कंपनियों और एजेंसियों को प्रोपर प्लानिंग और कम्यूनिकेशन के साथ कार्य करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू है। इसलिए कंपनियां सभी उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस सामान्य तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें, किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

उपायुक्त ने इसके लिए डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का दिया आदेश

बैठक में उपायुक्त ने अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र, ओल्ड ऐज होम, अनाथालय, कल्याण विभाग की ओर से संचालित हॉस्टल, मध्याह्न भोजन, संप्रेषण गृह, जेल और सीएपीएफ में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। उपायुक्त ने इसके लिए डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश दिया गया। कमिटि में अनुमंडल पदाधिकारी सदर और बुंडू, मार्केटिंग ऑफिसर, ओएमसी एवं गैस एजेंसी के नोडल, हॉस्पिटल के नोडल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी को रखा गया है।

जनेऊ कार्यक्रम से सीधे जेल , देखिए कैसे युवती ने प्रेम जाल में फंसाकर किया फ्रॉड

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पूर्वी सिंहभूम // गोविंदपुर थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर गरुड़बासा में एक युवती ने शादी का झांसा देकर युवक और उसके परिवार का विश्वास जीत लिया और फिर लाखों रुपये के गहने लेकर फरार होने की कोशिश की। घटना का खुलासा तब हुआ जब घर की अलमारी से जेवरात और नगद गायब पाए गए।

जनेऊ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची

जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर निवासी निखिल सिंह ने बताया कि उसकी पहचान पूजा पांडेय नामक युवती से हुई थी, जो शहर में एक पीजी में रहती है। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बात शादी तक पहुंच गई। इसी दौरान निखिल के घर में जनेऊ का कार्यक्रम था, जिसमें पूजा भी शामिल होने के लिए पहुंची। कार्यक्रम के दौरान उसने घर के लोगों से घुलमिलकर उनका भरोसा जीत लिया।

परिवार का विश्वास हासिल कर घटना को दिया अंजाम

परिवार का विश्वास हासिल करने के बाद निखिल ने अपनी अलमारी की चाभी भी उसे दे दी। 06 मार्च को जब जनेऊ कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निखिल की बुआ घर लौटने की तैयारी कर रही थीं, तब उन्हें अपनी अलमारी से मंगलसूत्र निकालना था। इसके लिए निखिल बार-बार पूजा से चाभी मांग रहा था, लेकिन वह लगातार कोई न कोई बहाना बनाकर चाभी देने से बचती रही। इस पर घरवालों को शक हुआ।

शादी का झांसा देकर फ्रॉड

इसी दौरान यह भी पता चला कि युवती ने आसपास के पड़ोसियों का भी विश्वास जीतकर उनके घरों से अलमारी की चाभी और गहने गायब करने की कोशिश की थी। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि पूजा पांडेय पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि वह युवकों को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देती है और मौका मिलते ही जेवरात और कीमती सामान लेकर फरार हो जाती है।

पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। फिलहाल गोविंदपुर थाना पुलिस युवती को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। सीटी एसपी कुमार शिवा आशीष के अनुसार हिरासत में ली गई महिला से पूछताछ किया जा रहा है।

जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली , 3871 करोड़ रुपये की लागत से हाइटेक ट्रॉमा सेंटर होगा स्थापित : इरफान

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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की बड़ी घोषणा

प्रत्येक पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा।

कैथलैब की स्थापना की जाएगी।

एएनएम और जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन के लिए 10,500 लोगों की नियुक्ति होगी

रिम्स-टू के पहले चरण में 1400 और दूसरे चरण में 2600 बेड की व्यवस्था होगी

750 अबुआ स्टोर भी खोले जाएंगे

25 हाइटेक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे

42 हजार सहियाओं को टैब उपलब्ध कराया जाएगा

237 हाइटेक एंबुलेंस खरीदारी होगी।

रांची // विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभागीय बजट के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने जवाब में कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार एक से बढकर एक कार्य कर रही है।

राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड अब मुफ्त कराया जाएगा। साथ ही वर्ष 2029 तक झारखंड को थैलेसिमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी जिलों में जांच की व्यवस्था की जाएगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद और सदर अस्पताल रांची में कैथलैब की स्थापना की जाएगी। ताकि हार्ट के मरीजों को सुविधा मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एएनएम और जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन के लिए 10,500 लोगों की नियुक्ति होगी। इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा।

सदर अस्पताल रांची में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधाएं शुरू होगी

नर्सिंग निदेशालय का भी गठन किया जाएगा

सदर अस्पताल रांची में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधाएं शुरू होगी, नर्सिंग निदेशालय का भी गठन किया जाएगा। अंसारी ने पूर्व में राज्य में मेडिकल कॉलेज नहीं होने पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार ने महज एक साल में ही आठ मेडिकल कॉलेज खोला है। ब्रांबे में इसी वर्ष मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी और रिम्स-टू भी इसी साल शुरू किया जाएगा। रिम्स-टू के पहले चरण में 1400 और दूसरे चरण में 2600 बेड की व्यवस्था होगी। इसके अलावा सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली की जाएगी

मंत्री ने कहा कि राज्य में 25 हाइटेक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे और 3871 करोड़ रुपये की लागत से मेडिको सिटी का निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 750 अबुआ स्टोर भी खोले जाएंगे। अब राज्य के पांच जिलों खूंटी, गुमला, लातेहार, चतरा और रांची में 10 बेडेड आईसीयू की स्थापना की जा रही है। मंत्री ने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद और सदर अस्पताल रांची में कैथलैब की स्थापना की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एएनएम और जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन के लिए 10,500 लोगों की नियुक्ति होगी।इसके अलावा प्रत्येक पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा।

42 हजार सहियाओं को टैब उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही 42 हजार सहियाओं को टैब उपलब्ध कराया जाएगा। लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम के साथ 237 हाइटेक एंबुलेंस खरीदारी होगी। इसके साथ ही स्पीकर रबींंद्र नाथ महतो ने सदन में विपक्ष की लाई गई कटौती प्रस्ताव को अस्वी्कृत करते हुए विभागीय बजट की मांगों को स्वीकृत किया। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

रांची सिविल काेर्ट काे उड़ाने की धमकी के बाद अलर्ट, सिटी एसपी ने लिया जायजा

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पूर्वी सिंहभूम // झारखंड के राजधानी रांची के सिविल काेर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर के बाद राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के मद्देनजर जमशेदपुर में भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। बुधवार को सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जमशेदपुर सिविल कोर्ट परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया।

पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर का लिया जायजा

इस दौरान डीएसपी मनोज ठाकुर, भोला प्रसाद,सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा समेत अन्य पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद थे। पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर के गेट संख्या-1 से लेकर गेट संख्या-3 तक सभी प्रवेश और निकास द्वारों की जांच की और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले लोगों की जांच प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है या नहीं।

कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखना बेहद जरूरी है

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी बातचीत की और उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि परिसर में आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु दिखने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जाए।पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।

जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी

साथ ही मेटल डिटेक्टर और बैग जांच की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।दरअसल, रांची सिविल काेर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना के बाद से राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील संस्थानों की नियमित जांच की जा रही है।

किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस सूचित करें

इससे पहले जमशेदपुर के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई को भी ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन जांच की थी, हालांकि जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

झारखंड के तड़ीपार महिला अपराधी चटनी डॉन गिरफ्तार

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पूर्वी सिंहभूम // सोनारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से आपराधिक मामलों में कुख्यात और जिला निष्कासित (तड़ीपार) घोषित महिला अपराधी प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आधी रात को छापेमारी कर उसे उसके पैतृक घर से दबोच लिया। गिरफ्तार महिला के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की कोशिश

सिटी एसपी कुमार शिवाशिष ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को 10 मार्च की रात में गुप्त सूचना मिली थी कि सोनारी थाना क्षेत्र के ग्वाला बस्ती स्थित सुनील सिंह के घर में कुछ अपराधी एकत्रित हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सोनारी थाना में सनहा दर्ज किया गया और इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई।

कई बार गई जेल अपराध की दुनिया में एक बड़ा नाम

इसके बाद पुलिस ने सुनील सिंह के घर की तलाशी ली, जहां कुख्यात अपराधी प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन अचानक मौजूद मिली। वह सुनील सिंह की पुत्री है और सोनारी थाना क्षेत्र के ग्वाला बस्ती की निवासी है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं और वह कई बार जेल भी जा चुकी है। जिला प्रशासन की ओर से उसके खिलाफ जिला निष्कासन (तड़ीपार) का आदेश भी जारी किया गया था। इसके बावजूद वह बिना किसी वैध अनुमति के चोरी-छिपे अपने पैतृक घर में रह रही थी।

2017 से 2022 के बीच सोनारी थाना में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा 25 के तहत जिला निष्कासन आदेश के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में रहना संज्ञेय और दंडनीय अपराध है। इस आधार पर महिला पुलिस की सहायता से उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रिया सिंह उर्फ चटनी डॉन के खिलाफ वर्ष 2017 से 2022 के बीच सोनारी थाना में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें रंगदारी मांगना, लूटपाट करना, आग्नेयास्त्र से हमला करना, जान से मारने की नीयत से मारपीट करना और अपने गिरोह के साथ इलाके में दहशत फैलाना जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह चटनी गिरोह की सरगना है और अपने गुर्गों के साथ मिलकर इलाके में अपराध के जरिए वर्चस्व कायम करने की कोशिश करती रही है।

विभाग के समय पर जवाब ना देने पर विधानसभा अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

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रांची // झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विभागों की ओर से समय पर जवाब उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सदन में उठा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रवीन्द्र नाथ महतो ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर विषय बताया। अध्यक्ष ने कहा कि कई बार विभागों की ओर से समय पर सभा सचिवालय को सदस्यों के सवालों का जवाब नहीं भेजा जाता, जिसके कारण सदन में जवाब उपलब्ध नहीं हो पाता।

विधायक प्रदीप यादव सहित कई विधायकों उठाया सवाल

उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर को निर्देश देते हुए कहा कि इस त्रुटि को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि सदस्यों को समय पर उनके सवालों के जवाब मिल सके। दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव सहित कई विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कई सवालों के जवाब समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष ने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार करने और विभागों को समय पर जवाब भेजने के निर्देश दिए।

Jharkhand State Bar Council Election News। 12 मार्च को वोटिंग 25001 वोटर करेंगे वोट

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राँची// झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026 पांच वर्षों के लिए स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में कुल 23 सदस्य पदों के लिए 12 मार्च 2026 को झारखंड राज्य के 25001 मतदाता राज्यभर में अपना मताधिकार का प्रयोग करेंगे। अधिवक्ता मतदाता सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनाव में राज्य के 24 जिला और अनुमंडल को मिलाकर कुल 37 बार एसोसिएशन में टोटल 75 बूथ बनाए गए हैं।

23 पदों के लिए 100 प्रत्याशी मैदान में

चुनाव मैदान में कुल 100 उम्मीदवार हैं, जिनमें 75 पुरुष और 25 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। राज्यभर के 25,001 अधिवक्ता मतदाता इस चुनाव में भाग लेंगे। 25 सदस्यीय काउंसिल में से 23 पदों के लिए चुनाव हो रहा है, जिनमें 18 पुरुष और पांच महिला सदस्य चुने जाएंगे, जबकि दो महिला सदस्यों का चयन मनोनयन के आधार पर किया जाएगा। मतदाता एक साथ 23 पदों के लिए मतदान कर सकेंगे, लेकिन बैलेट को वैध रखने के लिए कम से कम पांच उम्मीदवारों को वरीयता देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर मत अमान्य माना जाएगा। इस बार पहली बार महिला अधिवक्ताओं के लिए सात सीटें आरक्षित की गई हैं।

75 पीठासीन पदाधिकारी तैनात किए गए हैं।

चीफ रिटर्निंग ऑफिसर Justice Ambuj Nath ने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैलेट बॉक्स जिलों में भेज दिए गए हैं और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए 75 पीठासीन पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक बार एसोसिएशन में एक-एक पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया गया है। जिन बार एसोसिएशन में 500 से अधिक मतदाता हैं, वहां दो बैलेट बॉक्स का उपयोग किया जाएगा।

रांची स्थित Jharkhand High Court परिसर में 10 बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा रांची और धनबाद जिला बार एसोसिएशन में आठ-आठ बूथ, बोकारो और गिरिडीह में तीन-तीन, हजारीबाग में चार तथा जमशेदपुर में पांच बूथ बनाए गए हैं। अन्य जिलों में भी आवश्यकता के अनुसार मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कहां से कितने उम्मीदवार

  • झारखंड हाईकोर्ट – 44
  • सिविल कोर्ट रांची – 12
  • सिविल कोर्ट जमशेदपुर – 11
  • सिविल कोर्ट धनबाद – 7
  • देवघर सिविल कोर्ट – 5
  • हजारीबाग व बोकारो – 4-4
  • गिरिडीह – 3
  • चाईबासा व गोड्डा – 2-2
  • लोहरदगा, डाल्टनगंज, दुमका, कोडरमा, रामगढ़, तेनुघाट – 1-1

मतदाता के लिए जरूरी निर्देश

  • मतदान समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
  • ▪ पहचान पत्र दिखाने के बाद ही मिलेगा बैलेट पेपर
  • ▪ प्रत्येक मतदाता अधिकतम 23 वरीयता वोट दे सकेगा
  • ▪ बैलेट वैध रखने के लिए कम से कम 5 वरीयता देना अनिवार्य
  • ▪ वरीयता One Two Three Four और Five (वन, टू, थ्री फ़ॉर फाइव) अंग्रेजी शब्दों में लिखनी होगी
  • ▪ मतदान केंद्र में मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस प्रतिबंधित
  • ▪ नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई संभव

ईडी बनाम रांची पुलिस : उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का दिया आदेश

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रांची // प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की अदालत ने मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है।

दोनों पक्षों ने पेश की दलील

अदालत ने सीबीआई में प्राथमिकी दर्ज कर और उसका अनुसंधान करने का भी निर्देश दिया है। मामले में अदालत ने 24 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी की ओर से एसजीआई एसवी राजू, अधिवक्ता एके दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा था। वहीं राज्य सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय के वरीय अधिवक्ता एस नागामुथु, महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता दीपांकर ने दलील पेश की थी।

सूचक की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा था। यह मामला एयरपोर्ट थाना कांड संख्या 05/2026 से संबंधित है, जिसमें संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।ईडी ने अदालत में याचिका दायर कर प्राथमिकी को रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया था। साथ ही शिकायतकर्ता संतोष कुमार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी।

23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का मामला

उल्लेखनीय है कि संतोष कुमार पर लगभग 23 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है, जो कथित पेयजल घोटाले से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले में उनके खिलाफ इसीआईआर दर्ज किया है। ईडी के अनुसार, संतोष कुमार 12 जनवरी 2026 को खुद ईडी कार्यालय पहुंचे थे।

पूछताछ के दौरान वे अचानक उत्तेजित हो गए और खुद ही जग उठाकर अपने सिर पर मार लिया, जिससे उन्हें मामूली चोट आई। इसके बाद संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज कराया। मामले को लेकर रांची पुलिस ईडी कार्यालय भी जांच करने गई थी और ईडी अधिकारियो से पूछताछ भी की थी।

रामनवमी पर डीजे प्रतिबंध का विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया विरोध

हजारीबाग // विधायक प्रदीप प्रसाद ने रामनवमी के अवसर पर शोभा यात्रा में डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध का झारखंड विधानसभा में कड़ा विरोध किया। उन्होंने इस निर्णय को धार्मिक परंपराओं और जनता की आस्था के खिलाफ बताते हुए विधानसभा परिसर में सदन के बाहर धरना दिया।विधायक ने कहा कि रामनवमी करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि डीजे पर रोक लगाना लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ अन्याय है। साथ ही उन्होंने मांग की कि हजारीबाग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्री चैत्र रामनवमी महोत्सव को राज्य सरकार राजकीय महोत्सव का दर्जा दे और परंपरा के अनुरूप शोभायात्रा में डीजे बजाने की अनुमति दे। विधायक ने प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि रामनवमी सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है, इसलिए इस पर अनावश्यक प्रतिबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से बिस्तर पर पड़े युवक काे दी इच्छा मृत्यु की इजाजत

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने आज अहम फैसला सुनाते हुए करीब 13 साल से अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े रहने को मजबूर गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की इजाजत दे दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने 100 फीसदी दिव्यांगता के शिकार हरीश राणा के मेडिकल ट्रीटमेंट को हटाने की इजाजत दे दी ।

शांति से मौत का अधिकार संविधान की धारा 21 के तहत जीने के अधिकार का हिस्सा है

उच्चतम न्यायालय ने एम्स को निर्देश दिया कि मरीज को पैलिएटिव केयर में भर्ती किया जाए, ताकि चिकित्सा उपचार को उचित तरीके से हटाया जा सके। मरीज की गरिमा भी बनी रहे। उच्चतम न्यायालय ने इच्छा मृत्यु पर विस्तृत कानून लाने की भी अनुशंसा की है। दरअसल, अपने 32 वर्षीय बेटे के ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुके हरीश के माता-पिता ने ही उसके लिए इच्छा मृत्यु की मांग की थी। इस प्रक्रिया में मरीज को जीवित रखने वाले आर्टिफिशियल सपोर्ट को हटाकर उसे मरने दिया जाता है।

उच्चतम न्यायालय ने 09 मार्च, 2018 को पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इच्छा मृत्यु के वसीयत की अनुमति देते हुए कहा था कि हर व्यक्ति को सम्मान के साथ मौत का अधिकार है। संविधान पीठ ने माना था कि शांति से मौत का अधिकार संविधान की धारा 21 के तहत जीने के अधिकार का हिस्सा है ।

न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाने की हिम्मत न करें: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाने की हिम्मत न करें। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वो न्यायिक अधिकारियों के काम के लिए सभी जरुरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए जो इस प्रक्रिया को बाधित करे

कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को ये सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए जो इस प्रक्रिया को बाधित करे, जब तक कि उसे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अनुमति न मिल जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हाई कोर्ट के आधिकारित टेलीग्राम ग्रुप पर रियल-टाइम में साझा की जा रही है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पोर्टल में आने वाली दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे कोई बाधा न आए।

इन अपीलों पर सुनवाई के लिए दो पूर्व हाई कोर्ट जज या मौजूदा हाई कोर्ट जजों की बेंच गठित

कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारी के फैसले के खिलाफ किसी प्रशासनिक निकाय के समक्ष अपील नहीं होगी। इसकी बजाय कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दो पूर्व हाई कोर्ट जज या मौजूदा हाई कोर्ट जजों की बेंच गठित कर सकते हैं जो इन अपीलों पर सुनवाई करेगी। उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वे अपील की इस व्यवस्था को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी करें। याचिका में कहा गया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान याचिकाकर्ताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया।

याचिकाकर्ताओं के नाम पहले के वोटर लिस्ट में थे। इन्होंने पहले मतदान किया था लेकिन उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए। तब कोर्ट ने कहा था कि मौजूदा हालात में वे न्यायिक अधिकारियों के फैसलों पर अपील नहीं कर सकती।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि 24 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण में दावे और आपत्तियों का निपटारा करने के लिए राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा था कि वे इस काम में तीन साल के अनुभव वाले एडिशनल सिविल जजों के अलावा झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करें।दरअसल कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि राज्य में ‘तार्किक विसंगति’ के 50 हजार से ज्यादा मामले हैं जिनका निपटारा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की कमी पड़ जाएगी।

कोर्ट ने खर्च को लेकर क्या कहा

हाई कोर्ट की ओर से कहा गया था कि इस काम के लिए करीब 250 न्यायिक अधिकारियों को 80 दिनों तक तैनात करना पड़ेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल से बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती पर आया खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा। निर्वाचन आयोग राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों के यात्रा, ठहरने और मानदेय का खर्च वहन करेगा।

के राजू आज पहुंचेंगे रांची, कई सांगठनिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

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रांची // अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के स्थायी आमंत्रित सदस्य और झारखंड प्रभारी के राजू 11 से 13 मार्च तक झारखंड के तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचेंगे। यह जानकारी पार्टी के प्रदेश इकाई के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने मंगलवार को दी।उन्होंने बताया कि इस दौरान झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी उनके साथ विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल रहेंगे।

जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन देंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार के राजू के नई दिल्ली से रांची पहुंचने के बाद वे खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड जाएंगे, जहां नगर भवन में आयोजित ब्लॉक संवाद कार्यक्रम में कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करेंगे और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन देंगे।

दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम में भी वे शामिल होंगे,

के राजू उसी दिन शाम को रांची स्थित झारखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम में भी वे शामिल होंगे, जिसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और विभिन्न समाज के लोग उपस्थित रहेंगे। 12 मार्च को के राजू रांची से जमशेदपुर के लिए रवाना होंगे, जहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे।

राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश देंगे

13 मार्च को वे पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा में आयोजित ब्लॉक संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे और कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश देंगे। इसके बाद वे रांची लौटकर हैदराबाद के लिए प्रस्थान करेंगे।