झारखंड की आवाज

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Crime News। CSP से 2.45 लाख रुपये चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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साहिबगंज। तालझारी थाना क्षेत्र के बड़ी भगियामारी गांव में सीएसपी से 2 लाख 45 हजार रुपये चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोहिनूर शेख उर्फ कुन्दर शेख (20 वर्ष) और आदित्य यादव उर्फ सोनू यादव (24 वर्ष) के रूप में हुई है।

राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बीते 29 और 30 सितंबर की रात बड़ी भगियामारी स्थित अभिषेक आनंद के सीएसपी में चोरी की घटना हुई थी। चोर सीएसपी से 2 लाख 45 हजार रुपये लेकर फरार हो गए थे। मामले में तालझारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई छापेमारी टीम

एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर चोरी की घटना के उद्भेदन के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में कोहिनूर शेख उर्फ कुन्दर शेख, पिता कौशर शेख उर्फ दरवेश शेख, निवासी नया बस्ती मोतीझरना महाराजपुर तथा आदित्य यादव उर्फ सोनू यादव, पिता गौतम यादव, निवासी हाथीगढ़ सकरीगली, थाना तालझारी शामिल हैं।

आदित्य के पास से बाइक और मोबाइल बरामद

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी आदित्य यादव के पास से चोरी की रकम में से 10 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर बाइक (जेएच18बी-3290) और एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है।

चोरी के पैसे से खरीदी गई पल्सर बाइक

वहीं दूसरे आरोपी कोहिनूर शेख के पास से भी चोरी के 10 हजार रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने उसके पास से चोरी के पैसे से खरीदी गई बजाज पल्सर 125 सीसी बाइक भी बरामद की है। बाइक का चेसिस नंबर एमडी2सी19बीएक्स7टीपीई05841 बताया गया है। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल

चोरी की घटना के उद्भेदन में राजमहल इंस्पेक्टर राजीव रंजन, पुअनि संजीत कुमार मिश्रा, सअनि मनीष रंजन सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी की रकम से संबंधित अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

रिखिया में मालवाहक टेंपो चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; चोरी का टेंपो बरामद

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पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टेंपो भी किया बरामद, तीनों आरोपियों को भेजा न्यायिक हिरासत में

देवघर। रिखिया थाना क्षेत्र के महेशमारा गांव के पास मालवाहक टेंपो चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी गया मालवाहक टेंपो और घटना में प्रयुक्त एक अन्य टेंपो बरामद किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 को रिखिया थाना क्षेत्र के महेशमारा गांव के पास से मालवाहक टेंपो रजिस्ट्रेशन नंबर JH 15Y 2481 चोरी होने को लेकर बासुदेव यादव, उम्र करीब 23 वर्ष, पिता सुरेंद्र यादव, निवासी महेशमारा, रेलवे ओवरब्रिज के पास, ने रिखिया थाना में आवेदन दिया था।

अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

आवेदन के आधार पर रिखिया थाना कांड संख्या 121/26, दिनांक 05.10.2026, धारा 303(2) BNS के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की गई।

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तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मामले में शामिल आरोपियों की पहचान करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित यादव उर्फ बाबा, उम्र करीब 20 वर्ष, पिता प्रेम प्रसाद यादव, कुन्दन कुमार उर्फ अंडे, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता विष्णुदेव यादव तथा विकास यादव उर्फ बिजू, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता मुनेश्वर महतो, सभी निवासी महतवाईनडीह, थाना रिखिया, जिला देवघर के रूप में हुई है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

चोरी का टेंपो और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी गया मालवाहक टेंपो JH 15Y 2481 बरामद किया है। इसके अलावा घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए सवारी टेंपो JH 15X 5656 को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल

छापेमारी दल में रिखिया थाना प्रभारी पु0अ0नि0 प्रभात कुमार, पु0अ0नि0 अनिल कुमार तथा स0अ0नि0 बेंजा उराँव एवं रिखिया थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटना का सफलतापूर्वक उद्भेदन हुआ है।

देवघर में ATM चोरी: शटर तोड़कर पूरी मशीन उखाड़ ले गए चोर, ट्रैक्टर पर लादकर फरार

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देवघर। नगर थाना क्षेत्र के नंदन पहाड़ स्थित नदी सेवा आश्रम के बाहर लगे एसबीआई के एटीएम को अज्ञात चोरों ने देर रात निशाना बनाया। चोरों ने पहले एटीएम के शटर को तोड़ा और इसके बाद पूरी एटीएम मशीन को उखाड़कर ट्रैक्टर पर लाद लिया। घटना को अंजाम देने के बाद चोर एटीएम मशीन लेकर मौके से फरार हो गए।

सुबह स्थानीय लोगों को मिली घटना की जानकारी

मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर एटीएम के टूटे शटर और मशीन के गायब होने पर पड़ी। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना नगर थाना पुलिस को दी गई। एटीएम चोरी की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस

सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली।

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पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से चोरों की पहचान हो सकेगी और यह पता लगाया जा सकेगा कि वारदात के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए।

ट्रैक्टर से एटीएम ले जाने की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने पूरी एटीएम मशीन को उखाड़कर ट्रैक्टर पर लादा और मौके से फरार हो गए। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि चोरी की घटना में एक से अधिक अपराधी शामिल रहे होंगे।

रात की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके की रात्रि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि एटीएम जैसी महत्वपूर्ण जगह पर इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

चोरों की तलाश में जुटी पुलिस

नगर थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के अलावा घटना से जुड़े अन्य सुरागों को भी खंगाल रही है। एटीएम मशीन की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। एटीएम में कितनी नकदी मौजूद थी और चोरी में कितने लोग शामिल थे, इसकी आधिकारिक जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

बाइक चोरी के दो आरोपितों को छह-छह वर्ष की कठोर कारावास की सजा

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जामताड़ा कोर्ट। बाइक चोरी और चोरी की बाइक रखने के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने सोमवार को दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए छह-छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने मकसूद अंसारी और शहाबुद्दीन अंसारी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मामले के अनुसार, 19 अक्तूबर 2025 को जामताड़ा थाना क्षेत्र के पोसोई मोड़ पर पुलिस वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मकसूद अंसारी को एक बाइक के साथ पकड़ा। बाइक के कागजात की जांच करने पर पुलिस को उसके चोरी की होने का संदेह हुआ। जांच के बाद बाइक चोरी की पाई गई।

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पुलिस ने मकसूद अंसारी की निशानदेही पर उसके घर से तीन और बाइकें बरामद कीं। इसके बाद उसके बयान के आधार पर भीटरा गांव निवासी शहाबुद्दीन अंसारी के घर से भी चोरी की आठ बाइकें बरामद की गईं।

घटना को लेकर जामताड़ा थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी पाते हुए छह-छह वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

6 माह के अंदर फैसला : पत्नी की हत्या के मामले में पति को छह वर्ष का कठोर कारावास

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जामताड़ा कोर्ट। पत्नी की हत्या के मामले में सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत में सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई हुई। अदालत ने बिंदापाथर थाना क्षेत्र के पालाजोरी गांव निवासी पति मुकेश टुडू को दोषी पाते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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मामले के अनुसार, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी जीव लाल हेंब्रम ने अपनी पुत्री गायत्री हेंब्रम की शादी पालाजोरी गांव निवासी मुकेश टुडू के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद पति मुकेश टुडू, सास रश्मोनी मुर्मू और ससुर बाबू धन टुडू द्वारा गायत्री को प्रताड़ित किया जाता था।

चार मई 2026 की दोपहर करीब एक बजे जीव लाल हेंब्रम को सूचना मिली कि उनकी पुत्री को गमछे से बांधकर पलाश के पेड़ से लटका दिया गया है। सूचना मिलने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे, जहां गायत्री पेड़ से लटकी मिली।

घटना को लेकर मृतका के पिता ने बिंदापाथर थाना में कांड संख्या 17/2026 दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मुकेश टुडू को दोषी पाते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आरोपित को जेल भेज दिया गया।

नाबालिग को शादी की नीयत से भगाने के मामले में आरोपी दोषी करार

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जामताड़ा कोर्ट। पॉक्सो के एक मामले में सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में अंतिम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने नाबालिग को शादी की नीयत से भगाने के मामले में आरोपित जीवन बाउरी को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई सात अक्तूबर को होगी।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, बागडेहरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सूचक की नाबालिग पुत्री को 20 फरवरी 2026 को गांव का ही रहने वाला जीवन बाउरी शादी की नीयत से जबरन अपने साथ लेकर फरार हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी नाबालिग का पता नहीं चलने पर उसके परिजन ने 22 फरवरी को बागडेहरी थाना में मामला दर्ज कराया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत जीवन बाउरी को दोषी करार दिया।

अब अदालत सात अक्तूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी।

न्यायालय को गलत रिपोर्ट देना नगर थानेदार को पड़ा भारी, डीआइजी ने किया लाइन हाजिर

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दुमका। न्यायालय को जब्त बाइक की सही जानकारी नहीं देना दुमका नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक राम को भारी पड़ गया। करीब पांच साल पहले जब्त की गई बाइक की स्थिति को लेकर न्यायालय ने जब थाना से रिपोर्ट मांगी, तो पुलिस ने रिपोर्ट दी कि संबंधित नंबर की बाइक थाना में मौजूद नहीं है। बाद में तलाश शुरू हुई तो वही बाइक थाना के पास एक गड्ढे में जर्जर हालत में मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी की अनुशंसा पर डीआइजी ने नगर थाना प्रभारी अशोक राम को लाइन हाजिर कर दिया।

न्यायालय ने बाइक की स्थिति की मांगी थी रिपोर्ट

मामला नगर थाना के सामने पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले विमान काहली की बाइक से जुड़ा है। करीब पांच वर्ष पहले पुलिस ने उनकी बाइक जब्त की थी। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से वाहन का चालान भी काटा गया था।

वाहन मालिक ने बाइक को मुक्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया। न्यायालय ने नगर थाना को बाइक की स्थिति की जांच कर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

थाना की रिपोर्ट में बताया गया- बाइक मौजूद नहीं

न्यायालय के आदेश के बाद थाना स्तर से बाइक की तलाश करने के बजाय रिकॉर्ड के आधार पर रिपोर्ट भेजी गई कि संबंधित नंबर की कोई बाइक नगर थाना में मौजूद नहीं है।

इसके बाद मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब पुलिसकर्मियों ने जब्त वाहनों की गहनता से तलाश शुरू की।

थाने के पास गड्ढे में मिली जर्जर बाइक

तलाश के दौरान संबंधित बाइक नगर थाना के पास ही एक गड्ढे में जर्जर हालत में पड़ी मिली। बाइक मिलने के बाद थाना प्रभारी की ओर से न्यायालय को इसकी जानकारी दी गई।

पहले न्यायालय को बाइक थाना में नहीं होने की रिपोर्ट देना और बाद में उसी बाइक का थाना के पास मिलना सामने आने पर न्यायालय ने नाराजगी जतायी।

एसपी की अनुशंसा पर डीआइजी ने की कार्रवाई

मामले की जानकारी एसपी को मिलने के बाद न्यायालय को सही जानकारी नहीं देने के मामले को गंभीरता से लिया गया। एसपी ने नगर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा डीआइजी से की।

अनुशंसा के बाद रविवार शाम इंस्पेक्टर अशोक राम को लाइन हाजिर कर दिया गया।

नए थाना प्रभारी की नियुक्ति तक संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार

नए नगर थाना प्रभारी की नियुक्ति होने तक मुफस्सिल थाना प्रभारी जगन्नाथ धान नगर थाना का भी काम संभालेंगे।

करीब पांच साल से जब्त बाइक की स्थिति और उसके संबंध में थाना स्तर से न्यायालय को दी गई रिपोर्ट ने पुलिस के रिकॉर्ड, जब्त वाहनों की निगरानी और उनके रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बच्चों को नशे से बचाने के लिए प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने दिए कार्रवाई के निर्देश

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03 अक्टूबर 2026।
रांची // जिले में बढ़ते नशे के प्रचलन और इसकी चपेट में आ रहे स्कूली बच्चों को लेकर युवा राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता किश्तिज मिश्रा ने आज रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री जी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने, विशेषकर स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ाने, बच्चों को नशे से बचाने के लिए जागरूकता एवं काउंसलिंग की व्यवस्था करने तथा नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

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क्षितिज मिश्रा ने कहा कि आज नशे का प्रभाव केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। यह हमारे बच्चों के भविष्य और समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए नशे के खिलाफ प्रशासन और समाज को मिलकर निर्णायक अभियान चलाने की आवश्यकता है।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को जिले के स्कूलों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर नशीले पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

युवा राष्ट्रीय जनता दल ने प्रशासन की त्वरित पहल का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के हाथ में किताब और खेल का सामान होना चाहिए, नशे का सामान नहीं। संगठन आगे भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करेगा।

साहिबगंज में गौरचन्द्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई निकला हत्यारा

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साहिबगंज: राधानगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर चौक के पास गौरचन्द्र बागती की गला रेतकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात को मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती ने अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम

राजमहल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विमलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहनपुर चौक के समीप मोहनपुर निवासी गौरचन्द्र बागती की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, साहिबगंज के निर्देश पर एसडीपीओ राजमहल विमलेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया।

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टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से मिले साक्ष्यों के साथ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस का संदेह मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती पर गया।

पूछताछ में हत्या की बात कबूलने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक, मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि आपसी रंजिश और अमीन भाई के बढ़ते रसूख के कारण वह द्वेष की भावना से ग्रसित था। आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

हत्या में प्रयुक्त चाकू और चप्पल बरामद

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है। इसके अलावा घटनास्थल से चप्पल भी बरामद की गई है। पुलिस ने बरामद सामान को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।

इस मामले में राधानगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर सुसंगत धाराओं के तहत अनुसंधान किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी बहादुर बागती को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और हत्या से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

14 साल बाद परिवार से मिली बिछड़ी बेटी, देवघर प्रशासन और CWC के प्रयास से हुआ भावुक पुनर्मिलन

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देवघर। वर्षों पहले परिवार से बिछड़ी एक बेटी को आखिरकार 14 साल बाद उसका परिवार मिल गया। देवघर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के दिशा-निर्देश और बाल कल्याण समिति (CWC) एवं देवघर बालिका गृह के लगातार प्रयासों से गढ़वा की रहने वाली वृंदा कुमारी का उसके परिजनों से सफल पुनर्मिलन कराया गया। लंबे समय बाद बेटी को सामने देखकर परिवार की आंखों में खुशी और भावुकता साफ नजर आई।

15 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गई थी वृंदा

गढ़वा जिले के रमना प्रखंड अंतर्गत चटनियां गांव की रहने वाली वृंदा कुमारी वर्ष 2011 में महज 15 वर्ष की उम्र में भटकते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा पहुंच गई थी।

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उस समय वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। हावड़ा बाल कल्याण समिति ने करीब एक वर्ष तक उसकी देखभाल की। इसके बाद वर्ष 2012 में उसे देवघर बालिका गृह स्थानांतरित किया गया।

इलाज और काउंसिलिंग से स्थिति में हुआ सुधार

देवघर बालिका गृह में रहने के दौरान वृंदा की उचित देखभाल के साथ नियमित इलाज और काउंसिलिंग कराई गई। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के दिशा-निर्देश में उसका रांची स्थित RINPAS में इलाज कराया गया। लगातार चिकित्सा, देखभाल और काउंसिलिंग के बाद उसकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।

इसी दौरान वृंदा को अपने परिवार और गांव से जुड़े कुछ पुराने नाम और सुराग याद आने लगे। इन्हीं सुरागों के आधार पर उसके परिवार की तलाश शुरू की गई।

सुराग मिलते ही शुरू हुई परिवार की तलाश

वृंदा से मिली जानकारी के आधार पर देवघर बाल कल्याण समिति ने उपायुक्त के निर्देश पर गढ़वा के रमना थाना प्रभारी और स्थानीय मुखिया से संपर्क किया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर गहन खोजबीन शुरू की गई। लगातार प्रयास के बाद वृंदा के परिवार का पता लगाया गया।

परिवार ने वर्षों पहले यह उम्मीद तक छोड़ दी थी कि उनकी बेटी जीवित होगी। ऐसे में जब वृंदा के बारे में जानकारी मिली तो परिवार के लिए यह खबर बेहद भावुक कर देने वाली थी।

25 सितंबर को हुआ भावुक पुनर्मिलन

सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 25 सितंबर 2026 को रमना थाना परिसर में वृंदा कुमारी को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। 14 साल बाद अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर परिवार भावुक हो उठा।

वृंदा अब अपने गृह जिले गढ़वा में अपने परिवार के साथ है। 15 वर्ष की उम्र में परिवार से बिछड़ी वृंदा ने करीब 14 साल बाद अपने परिजनों का साथ फिर से हासिल किया।

यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, बाल कल्याण समिति के प्रयास, चिकित्सा देखभाल और लगातार खोजबीन के जरिए वर्षों से बिछड़े परिवारों को फिर से जोड़ा जा सकता है।

RPF ने 5 नाबालिग बच्चों को किया रेस्क्यू,फेसबुक फ्रेंड से मिलनी निकली थी..

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साहिबगंज/बरहरवा। आरपीएफ बरहरवा की टीम ने रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में चलाए जा रहे नियमित गश्त एवं सघन चेकिंग अभियान के दौरान 05 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। सभी बच्चों को आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर संरक्षण एवं देखरेख के लिए संबंधित प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।

आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

तीनपहाड़ स्टेशन पर छोटे भाई के साथ मिली नाबालिग बालिका

आरपीएफ के अनुसार, 04 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:35 बजे तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त के दौरान एक नाबालिग बालिका अपने करीब दो वर्षीय छोटे भाई को गोद में लेकर अकेले घूमती मिली। संदेह होने पर आरपीएफ जवानों ने उसे रोककर पूछताछ की।

पूछताछ में बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों से वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी। भटकते हुए दोनों तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। इसके बाद आरपीएफ टीम दोनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर बरहरवा आरपीएफ पोस्ट पहुंची।

बरहरवा स्टेशन पर तीन और नाबालिग मिले

इसी क्रम में 05 अक्टूबर 2026 की रात करीब 00:20 बजे बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और वेटिंग रूम में चेकिंग के दौरान तीन अन्य नाबालिग बच्चे अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध अवस्था में मिले।

पूछताछ और सत्यापन के दौरान बच्चों ने बताया कि वे अपने माता-पिता को बिना बताए घर से निकल आए थे।

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आरपीएफ के अनुसार, इनमें तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले 17 वर्षीय बालक और 16 वर्षीय बालिका भी शामिल थे। दोनों ने बताया कि वे पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और एक-दूसरे को पसंद करते थे। परिवार की सहमति नहीं होने के कारण दोनों ने 04 अक्टूबर को घर से बिना बताए निकलने और बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की बात बताई। दोनों पश्चिम बंगाल की ओर जाने की तैयारी में थे, लेकिन आरपीएफ टीम ने समय रहते उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।

फेसबुक के जरिए युवक से हुई थी नाबालिग बालिका की पहचान

एक अन्य 16 वर्षीय नाबालिग बालिका, जो बरहेट थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल फोन और फेसबुक के माध्यम से करीब एक वर्ष पहले उसकी पटना निवासी एक व्यक्ति से पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होती थी और वह उक्त व्यक्ति से मिलने के लिए पटना जाने का प्रयास कर रही थी।

बालिका के अनुसार, परिवार के सदस्य इस संबंध से सहमत नहीं थे और इसी बात को लेकर उसे अक्सर डांट पड़ती थी। इसके बाद वह 04 अक्टूबर की शाम करीब 8 बजे बिना माता-पिता को बताए घर से निकल गई और सड़क मार्ग से बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंची थी।

परिजनों से संपर्क के बाद संरक्षण हेतु सौंपे गए बच्चे

आरपीएफ कर्मियों ने सभी पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया। आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया।

इसके बाद नियमानुसार आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी पांच नाबालिग बच्चों को मंथन/बरहरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल और अंशु मालाकार को आगे की आवश्यक कार्रवाई, देखरेख एवं संरक्षण के लिए सुपुर्द किया गया।

RPF ने अभिभावकों से की अपील

आरपीएफ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। बच्चों की भावनात्मक और व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास करें तथा मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उनकी गतिविधियों पर उचित निगरानी रखें।

आरपीएफ ने कहा कि परिवार में संवाद और बच्चों की समस्याओं को समझने से ऐसी परिस्थितियों को रोका जा सकता है, जिनमें बच्चे बिना बताए घर से निकलकर जोखिमपूर्ण स्थिति में पहुंच जाते हैं।

सकरीगली–महाराजपुर के बीच रेल परिचालन बहाली को लेकर युद्धस्तर पर जारी है कार्य

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अपर समाहर्ता विजय कुमार एवं अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने प्रभावित स्थल का किया निरीक्षण

साहिबगंज // जिले में पूर्व रेलवे, मालदा मंडल अंतर्गत सकरीगली–महाराजपुर के बीच गंगा नदी के तटबंध (Embankment) के कटाव से प्रभावित रेल क्षेत्र में बहाली कार्य का जिला प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता विजय कुमार एवं अंचलाधिकारी, साहिबगंज बासुकीनाथ टुडू द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित स्थल पर चल रहे बहाली कार्य की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों से कार्य की वर्तमान स्थिति एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

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अपर समाहर्ता विजय कुमार ने बताया कि प्रभावित स्थल पर रेलवे के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रेल परिचालन को शीघ्र सामान्य स्थिति में लाने के उद्देश्य से सभी संबंधित टीमें चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।

जिला प्रशासन द्वारा भी पूरे घटनाक्रम पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं रेलवे प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए बहाली कार्य को गति देने और रेल सेवाओं को यथाशीघ्र सामान्य कराने की दिशा में हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

कैशबैक का झांसा और APK फाइल भेजकर ठगी, देवघर में 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार

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देवघर। साइबर अपराधियों के खिलाफ देवघर पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 3 अक्टूबर 2026 को साइबर ठगी के आरोप में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart/Amazon Pay कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank अधिकारी, Google Pay/PhonePe कस्टमर केयर और पीएम किसान योजना के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

कैशबैक का झांसा देकर करते थे ठगी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उपभोक्ताओं को कैशबैक मिलने का झांसा देकर उनसे जरूरी जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की जाती थी।

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APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेते थे

साइबर अपराधियों की दूसरी ठगी की तकनीक और भी खतरनाक बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी PM किसान योजना, बिजली बिल, RTO चालान और आधार अपडेट के नाम पर लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे।

APK फाइल इंस्टॉल करवाने के बाद मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस ने आम लोगों से ऐसी संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की अपील की है।

पांच साइबर अपराधी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  1. लालचन महरा, उम्र करीब 27 वर्ष, पिता सागर महरा, बरदही, थाना पथरड्डा ओपी (सारठ), देवघर।
  2. उत्तम दास, उम्र करीब 28 वर्ष, पिता कार्तिक दास, उपरटोला पाथरौल, थाना पाथरौल, देवघर।
  3. संदीप कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता तहदी महरा, गोबरशाला, थाना पथरड्डा ओपी (सारठ), देवघर।
  4. बिकास कुमार दास, उम्र करीब 31 वर्ष, पिता बिलास दास, चरकमारा, थाना सारठ, देवघर।
  5. अशोक कुमार दास, उम्र करीब 35 वर्ष, पिता काशी दास, चरकमारा, थाना सारठ, देवघर।

5 मोबाइल और 8 सिम कार्ड बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को इनके पास से जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।

दो आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उत्तम दास के खिलाफ पूर्व में साइबर थाना देवघर में कांड संख्या 67/2023 और 120/2025 दर्ज है। वहीं बिकास कुमार दास के खिलाफ साइबर थाना देवघर में कांड संख्या 37/2023 दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

देवघर फायरिंग मामले में दो गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर ली थी जिम्मेदारी

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देवघर। नगर थाना क्षेत्र में गणेश पूजा के दौरान आयोजित पार्टी में हुए गोलीकांड के मामले में देवघर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उज्जवल कुमार झा (22 वर्ष) और अभय गिरी उर्फ अभय भारद्वाज (करीब 24 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, घटना 14-15 सितंबर 2026 की रात बरियार बांधी स्थित बम्पास टाउन के समीप गणेश पूजा के अवसर पर लगाए गए पंडाल के पीछे आयोजित पार्टी के दौरान हुई थी। पार्टी में गोविन्द यादव, सौरभ सिंह राजपूत, राजेश चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि गोविन्द यादव के बुलावे पर बाबा गिरोह से जुड़े बताए जा रहे अभय गिरी, उज्जवल झा और अंकित झा उर्फ ब्रशली भी अपने साथियों के साथ पार्टी में पहुंचे थे।

कंधे पर हाथ रखने को लेकर हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, पार्टी के दौरान कांड के वादी चंदन यादव द्वारा अंकित झा उर्फ ब्रशली के कंधे पर हाथ रखने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद अंकित झा की पिस्टल लेकर अभय गिरी और उज्जवल झा ने चंदन यादव पर फायरिंग कर दी।

फायरिंग में चंदन यादव की जांघ में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल चंदन यादव का परिजनों द्वारा इलाज कराया गया।

2 अक्टूबर को दर्ज हुआ मामला

इलाज के बाद चंदन यादव के लिखित आवेदन के आधार पर 2 अक्टूबर 2026 को नगर थाना कांड संख्या 389/2026 दर्ज किया गया। मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर देवघर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी उज्जवल कुमार झा और अभय गिरी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर ली थी फायरिंग की जिम्मेदारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, बाबा गिरोह के सक्रिय सदस्य आदर्श झा, अंकित झा और अभय गिरी के इशारे पर भय का माहौल कायम करने के उद्देश्य से उज्जवल कुमार झा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था।

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पुलिस का दावा है कि इस वीडियो के माध्यम से गोलीकांड की जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई थी। पुलिस अब मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका और घटना में प्रयुक्त हथियार समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

1. उज्जवल कुमार झा, उम्र करीब 22 वर्ष
पिता – स्व. सुमन झा
पता – बिलासी, बाल भारती स्कूल के समीप, थाना नगर, जिला देवघर।

2. अभय गिरी उर्फ अभय भारद्वाज, उम्र करीब 24 वर्ष
पिता – संजय गिरी
पता – शिक्षा सभा चौक, थाना नगर, जिला देवघर।

अभय गिरी का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभय गिरी के खिलाफ देवघर के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड में नगर थाना के वर्ष 2018, 2019, 2022, 2023 और 2025 के कई कांड तथा मोहनपुर थाना के वर्ष 2022 के मामले शामिल हैं।

उज्जवल कुमार झा का भी आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार उज्जवल कुमार झा के खिलाफ भी पूर्व में मामले दर्ज हैं। इनमें नगर थाना कांड संख्या 218/2021, जिसमें हत्या एवं आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं, तथा रिखिया थाना कांड संख्या 224/2023, जिसमें हत्या से संबंधित धाराएं दर्ज थीं, शामिल हैं।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया।

FLIPKART/Amazon कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर ठगी करने के आरोप में 5 गिरफ्तार

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देवघर // जिला में साइबर क्राइम को लेकर लगातार कार्यवाही की जा रही है और पुलिस साइबर क्राइम के आरोप में लगातार छापेमारी कर बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है।

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शुक्रवार को भी पुलिस ने देवघर जिला के खागा थाना क्षेत्र व करौं थाना क्षेत्र से संदिग्ध साईबर अपराधी द्वारा फर्जी तरीके से FLIPKART/Amazon pay के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel payment Bank पदाधिकारी एवं गूगल पर फोन पे कस्टमर केयर एवं पी०एम० किसान योजना के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसकी सूचना मिली जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी किया और पुलिस ने 5 आरोपी को किया गिरफ्तार।

गिरफ्तार आरोपी देवघर और दुमका जिला से संबंधित है।

  1. रविन्द्र नाथ घोसाल उम्र करीब 24 वर्ष पिता मनोज कुमार घोषाल सा० रघुनाथपुर थाना रानीश्वर जिला दुमका
  2. अजय कुमार मंडल उम्र करीब 22 वर्ष पिता आनंद मंडल सा० बिराजपुर थाना खागा जिला देवघर
  3. पिन्टु कुमार उम्र करीब 26 वर्ष पिता प्रदीप कुमार मंडल सा० कड़बिदा थाना रामगढ़ जिला दुमका
  4. श्रीकांत महरा उम्र करीब 32 वर्ष पिता स्व० तुलु महरा सा० तंगीडीह थाना पथरड्डा (ओ०पी०) जिला देवघर एवं
  5. विकाश कुमार रवानी उम्र करीब 30 वर्ष पिता गोपाल रवानी सा० प्रतापपुर थाना करौं जिला देवघर।

गिरफ्तार अभियुक्तों की अपराध शैलीः-

  1. फर्जी Google Pay/Phonepe/PayTM Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर ठगी करना।
  2. Apk File (PM Kishan Yojna, Bijli Bill, RTO Challan, Aadhar update) भेजकर मोबाईल का एक्सेस लेकर ठगी करना।

गिरफ्तार अभियुक्त के पास से बरामद सामानों की विवरणीः-

मोबाईल फोन -05, सिम कार्ड -08

नोटः-तकनीकी जांच के उपरांत पकड़ाए अभियुक्तों के पास से जप्त मोबाईल नम्बर एवं IMEI नम्बरों के विरूद्ध विभिन्न राज्यों में साईबर ठगी के शिकायत दर्ज पाए गए हैं।

आपराधिक इतिहास

अजय कुमार मंडल पूर्व में देवघर, साइबर थाना काण्ड सख्या 27/24 में अरोपित है।