झारखंड की आवाज

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रांची से लापता चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज के तीनपहाड़ से बरामद, पांच गिरफ्तार

साहिबगंज। रांची रेलवे स्टेशन के बाहर से 24 सितंबर को लापता हुए चार वर्षीय बच्चे को रविवार, 27 सितंबर की सुबह साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के बाबूपाड़ा से सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में पुलिस ने कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रांची पुलिस ने धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस के सहयोग से की।

रेलवे स्टेशन के बाहर से अचानक गायब हुआ था बच्चा

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ निवासी दिलमेत राजवाड़े आंध्र प्रदेश के सलेम में काम करने के बाद अपने बच्चों के साथ छत्तीसगढ़ लौट रही थीं। 24 सितंबर को वह अपने चार वर्षीय बेटे विवान कुमार और छह वर्षीय बेटी प्रिंसी कुमारी के साथ रांची पहुंची थीं।

रांची रेलवे स्टेशन के बाहर वह अंबिकापुर जाने वाली बस के संबंध में ऑटो चालकों से जानकारी ले रही थीं। इसी दौरान उनका चार वर्षीय बेटा विवान अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने चुटिया थाना में शिकायत दर्ज कराई।

CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग

शिकायत मिलने के बाद रांची पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा साहिबगंज के तीनपहाड़ तक पहुंचा।

बाबूपाड़ा में पुलिस ने बच्चे को बरामद किया

चुटिया थाना इंस्पेक्टर पूनम कुजूर के नेतृत्व में रांची पुलिस की टीम तीनपहाड़ पहुंची। स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से बाबूपाड़ा में कार्रवाई की गई, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीनपहाड़ क्षेत्र से चार अन्य लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।

बच्चे को रांची कैसे लाया गया, जांच जारी

बच्चे के रांची से तीनपहाड़ पहुंचने की पूरी कड़ी को पुलिस खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे को किस तरह रांची से साहिबगंज लाया गया और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।

जन्म-मृत्यु के दो साल बाद पंजीकरण के लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी

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देवघर। जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल से अधिक समय बाद पंजीकरण कराने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना आवश्यक होगा।

बताया गया है कि यह प्रावधान एक अक्टूबर 2026 से लागू होगा। वहीं जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के अनुसार अलग-अलग स्तर पर सत्यापन और अनुमति की व्यवस्था की गई है।

30 दिन के भीतर पंजीकरण पर सामान्य प्रक्रिया

जन्म या मृत्यु की घटना के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर अस्पताल अथवा संबंधित स्थानीय निकाय से सूचना और प्रमाण के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। 30 दिन से अधिक लेकिन एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए संबंधित नगर निकाय अथवा प्रखंड स्तर पर आवेदन और निर्धारित अधिकारी की अनुमति की जरूरत होगी।

एक से दो साल के बीच पंजीकरण के लिए शपथ पत्र सहित आवेदन करना होगा और संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।

वहीं दो साल से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

21 दिनों के भीतर पंजीकरण पर नियम में बदलाव नहीं

खबर के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। समय पर पंजीकरण होने से सरकारी रिकॉर्ड में जन्म और मृत्यु का प्रमाण सुरक्षित रहता है और भविष्य में प्रमाणपत्र से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।

राज्य में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए झारखंड जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन नियमावली, 2009 पहले से लागू है। नए प्रावधान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण मामलों में सत्यापन को अधिक व्यवस्थित करना बताया गया है।

नए नियम लागू होने के बाद विलंब से पंजीकरण कराने वाले लोगों को निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

मारगोमुंडा में 78 हजार की लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

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देवघर। मारगोमुंडा थाना क्षेत्र में बाइक सवार अपराधियों द्वारा एक व्यक्ति से 78 हजार रुपये समेत लैपटॉप और अन्य सामान लूटने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट की रकम का हिस्सा, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:25 बजे मो. कलीम अंसारी अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने उनका बैग छीन लिया। बैग में करीब 78 हजार रुपये नकद, HP कंपनी का माइक्रोफाइनेंस से संबंधित लैपटॉप, दो पीस जीपीएस कनेक्टर, पेन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पर्स, रसीद स्लिप और Vivo कंपनी का मोबाइल था।

घटना के संबंध में मारगोमुंडा थाना कांड संख्या 61/2026, दिनांक 23 अगस्त 2026 को धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

अनुसंधान और छापेमारी के दौरान पुलिस ने मामले में नसीद अंसारी (24 वर्ष), पिता-राजाउद्दीन मियां उर्फ कोका, निवासी चमरवीधा, थाना मारगोमुंडा तथा नवाब अंसारी (करीब 20 वर्ष), पिता-मो. जमशेद, निवासी मुरलीपहाड़ी, थाना मारगोमुंडा को गिरफ्तार किया।

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पुलिस ने नसीद अंसारी के पास से 500 रुपये के 9 नोट और 100 रुपये के 2 नोट, कुल 4,700 रुपये, तथा मो. कलीम अंसारी के नाम से लिखा हुआ पेन कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो बरामद किए। वहीं नवाब अंसारी की निशानदेही पर HP कंपनी का लैपटॉप और 500 रुपये के 18 नोट यानी 9,000 रुपये बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। नसीद अंसारी के खिलाफ मारगोमुंडा थाना और दिल्ली साइबर थाना में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। नवाब अंसारी के खिलाफ भी मारगोमुंडा थाना में पूर्व के मामले दर्ज बताए गए हैं।

छापेमारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मधुपुर, थाना प्रभारी मारगोमुंडा, कांड के अनुसंधानकर्ता लक्ष्मण बोदांग तथा मारगोमुंडा थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

साहिबगंज में कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार; वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद

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साहिबगंज। बोरियो थाना क्षेत्र के गांडे पहाड़ नवगाछी गांव में एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और खून से सनी मिट्टी भी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को चांदी पहाड़िन के फर्द बयान के आधार पर बोरियो थाना में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में गांव के ही कतरू पहाड़िया उर्फ चकरो पहाड़िया पर उनके पति गुया पहाड़िया (39) की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगाया गया था।

मामले को लेकर बोरियो थाना कांड संख्या 68/26, दिनांक 26 सितंबर 2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस निरीक्षक नूनूदेव राय के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दुर्गा टोला से प्राथमिकी अभियुक्त कतरू उर्फ चकरो पहाड़िया (लगभग 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी गांडे पहाड़ नवगाछी का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और खून से सनी मिट्टी बरामद की गई।

कार्रवाई में बोरियो प्रभाग के पुलिस निरीक्षक नूनूदेव राय, थाना प्रभारी रोहित कुमार, एसआई सिद्धार्थ शंकर टोप्पो, अनुसंधानकर्ता एसआई दूधनाथ सिंह, एएसआई देवनारायण साहू, बिराम मार्डी सहित बोरियो थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

युवा कांग्रेस में शामिल हुए छात्र नेता मोनू कुमार समेत दर्जनों युवा

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देवघर // जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आशीष भारद्वाज के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं के युवा कांग्रेस का दामन थामा मौके पर जिला अध्यक्ष ने बताया कि शामिल सभी युवा पूर्व से ही राजनीति में सक्रिय रहे है और कांग्रेस की आइडियोलॉजी से प्रभावित होकर सभी युवा पार्टी में शामिल हुए हैं । इनके पार्टी में शामिल होने से संगठन को और भी मजबूती प्रदान हुई।

मौके पर शामिल युवा मोनू कुमार ने बताया कि वे विगत 6 वर्षों से ही विभिन्य दलो में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे है और अब सभी मिल कर युवा कांग्रेस के बैनर तले युवाओं और छात्रों की आवाब बुलंद करेंगे और युवाओं की समस्या का समाधान करेंगे।

मौके पर मुख्य रूप से युवा जिला अध्यक्ष अशीष भारद्वाज, मुख्य कांग्रेस के जिला सचिव अश्विनी कुमार सिंह,युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुराग आनंद ,कुमार बाबा ,अजय कृष्ण भारती, मोनू कुमार,जाहिद कुमार ,लक्की सिंह,महेंद्र कुमार ,पवन कुमार , सीपू कुमार , विक्रम कुमार ,पंकज चौधरी,अनिल चौधरी,रोहित कुमार ,प्रिंस कुमार ,ऋषभ बरनवाल आदि उपस्थित थे

देवघर में चक्रवाती तूफान का कहर, पेड़-पोल गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित; घर ढहने से महिला की मौत

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देवघर। जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए और कई कच्चे तथा एडवेस्टर वाले मकानों को नुकसान पहुंचा। तूफान ने किसानों और आम लोगों के जनजीवन को भी प्रभावित किया है।

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मोहनपुर प्रखंड के कटवन पंचायत के लोढ़ीवरन गांव में तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से बिजली के कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तार टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इसी गांव में मनोज यादव के पोल्ट्री फार्म को भी तेज आंधी से भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि फार्म में बड़ी संख्या में मुर्गे थे और फार्म के क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।

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वहीं कटवन-जमुआ क्षेत्र में भी तूफान का असर देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई एडवेस्टर के घर क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद स्थानीय मुखिया की पहल पर जेसीबी मशीन की मदद से सड़क से पेड़ हटाकर आवागमन बहाल कराया गया।

झारखंडी पंचायत के जमुआ गांव में भी तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई। यहां जनार्दन मंडल के एडवेस्टर वाले घर को काफी नुकसान पहुंचा। घर में मौजूद बच्चों के चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई है।

इधर खेरखुटी गांव में एडवेस्टर का घर गिरने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान जहरून बीबी के रूप में बताई गई है। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।

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वहीं जमुआ प्लांट के समीप बिजली का बड़ा पोल भी गिर गया,

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जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बनी। लगातार हुए नुकसान के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।

चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर क्षति का आकलन किए जाने की जरूरत है, ताकि प्रभावित परिवारों और किसानों को समय पर राहत मिल सके।

निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट से सियासी हलचल, SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल

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नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश की चुनावी राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। निर्वाचन आयोग के भीतर फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट में आपत्तियों की संख्या 14 बताई गई है। इनमें मतदाता सूची और SIR से जुड़े निर्णय भी शामिल बताए गए हैं।

आयोग ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोग में होने वाली आंतरिक चर्चा, सुझाव या अलग-अलग राय को अंतिम निर्णय से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग के मुताबिक उसके महत्वपूर्ण फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्ण आयोग द्वारा लिए जाते हैं।

आयोग ने यह भी कहा है कि हाल के वर्षों में कई राज्यों में चुनाव और उससे जुड़ी प्रक्रियाएं निर्धारित व्यवस्था के तहत पूरी की गई हैं। इसलिए केवल आंतरिक टिप्पणियों या मतभेदों के आधार पर पूरे आयोग की कार्यप्रणाली का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।

SIR बना विवाद का केंद्र

इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और मृत, स्थानांतरित, दोहरे या अपात्र नामों की पहचान करना है। हालांकि, प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित न हों और दावे-आपत्तियों का पर्याप्त अवसर मिले, इसे लेकर राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि हटाए गए 27.16 लाख मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने पुनः नाम शामिल कराने के लिए अपील की है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से आयोग की प्रक्रिया का बचाव किया गया है और कहा गया है कि अंतिम निर्णय आयोग की निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।

ऐसे में अब विवाद सिर्फ SIR की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और संस्थागत कार्यप्रणाली भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गई है।

BKD News Jharkhand: इस पूरे मामले में आगे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक स्थिति, राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं और अदालतों में चल रही कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सरगना हसन चिकना गिरफ्तार, बरहरवा रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कार्रवाई

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साहिबगंज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह के कथित सरगना हसन चिकना को बरहरवा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की ईटाहार पुलिस ने बरहरवा रेल पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, हसन चिकना पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मुंबई समेत कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

जानकारी के अनुसार, हसन चिकना कथित तौर पर रांची से चोरी के सोने की डिलीवरी करने के बाद वापस लौट रहा था। उसके बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिलने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस की टीम पहले से ही स्टेशन पर निगरानी कर रही थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर अभिषेक साह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन पुलिस पदाधिकारी सादे लिबास में स्टेशन परिसर में तैनात थे। ट्रेन से उतरने के बाद जैसे ही संदिग्ध को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद करीब 5 से 7 किलो सोना बरामद होने की चर्चा सामने आ रही है। हालांकि, बरामद सोने की वास्तविक मात्रा और उसकी कीमत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की विस्तृत जांच और बरामदगी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

कार्रवाई के बाद आरोपी को बरहरवा जीआरपी थाना लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस आरोपी को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई।

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।

करमा पूजा के दौरान महिलाओं से छेड़खानी और गाली-गलौज, विरोध पर फायरिंग का आरोप, 2 गिरफ्तार

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साहिबगंज // के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र से करमा पूजा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और मारपीट के बाद गोली फायरिंग का मामला सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 22 सितंबर की रात तेलियाडीह करमटोला गांव में हुई, जहां आदिवासी महिलाएं करमा पूजा कर रही थीं।

इसी दौरान कार्यक्रम में पहुंचे दो युवकों पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और छेड़खानी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसी क्रम में दोनों आरोपियों ने देशी कट्टा से फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित महिला के आवेदन पर मिर्जाचौकी थाना में मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीरवाबाड़ी थाना क्षेत्र निवासी करण रिखियासन और गोड्डा जिले के महगामा थाना क्षेत्र के चुनाचक निवासी एक अन्य आरोपी के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। बरामद हथियार के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।

पूरे मामले की जानकारी साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

अब सुनिए इस पूरे मामले पर साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने क्या कहा।

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जमुनिया चौक पर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में आक्रोश

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अज्ञात असामाजिक तत्वों की करतूत पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

देवघर/मोहनपुर। मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के जमुनिया चौक स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी एवं झारखंड के वीर सपूत शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

घटना की जानकारी देवघर विधायक सुरेश पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी, जिला परिषद सदस्य गीता मंडल, राष्ट्रीय जनता दल के प्रखंड अध्यक्ष सह बंका पंचायत के मुखिया रंजित प्रधान, जमुनिया पंचायत की मुखिया अनिता टुडू, मुखिया प्रतिनिधि लखीराम सोरेन, शहीद सिद्धो-कान्हू मेला समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सोरेन तथा राजद नेता एवं समाजसेवी पुरुषोत्तम यादव समेत अन्य लोगों को दी गई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

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मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मोहनपुर थाना प्रभारी से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

एक सप्ताह में गेट-ग्रिल और प्रतिमा के जीर्णोद्धार का आश्वासन

देवघर विधायक सुरेश पासवान ने मौके से ही प्रतिमा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा स्थल पर स्टील का गेट और ग्रिल लगवाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त प्रतिमा का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने भी प्रतिमा स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

देवघर रेल रोको मामले में विधायक सुरेश पासवान समेत 10 अभियुक्त दोषमुक्त

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देवघर, 26 सितंबर। देवघर में वर्ष 2015 के किसान आंदोलन के दौरान हुए रेल रोको अभियान से जुड़े मामले में अदालत ने देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है।

देवघर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) दिव्या मिश्रा की अदालत में लंबे समय से चल रहे मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया गया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त करार देते हुए मामले का निष्पादन कर दिया।

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दोषमुक्त किए गए अभियुक्तों में देवघर विधायक सुरेश पासवान, कांग्रेस नेता दिनेश कुमार मंडल, नागेश्वर सिंह, गुलाब यादव, महेश यादव, राजद नेता नित्यानंद केशरी, सलीम खान, भाजपा नेता विपिन देव, संतोष पासवान और बलबीर राय शामिल हैं।

मामला वर्ष 2015 में किसान आंदोलन के दौरान बाबाधाम स्टेशन के समीप हुए रेल रोको अभियान से जुड़ा था। इस संबंध में देवघर नगर थाना में नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ 299/2015 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 188 और 341 के तहत आरोप लगाए गए थे।

लंबे समय तक चले न्यायिक विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को साबित करने के लिए प्रस्तुत साक्ष्यों पर अदालत ने विचार किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।

मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र भोक्ता ने पैरवी की।

गोलमुरी केनरा बैंक में दिनदहाड़े 43 लाख की डकैती, 2.5 किलो सोना लेकर फरार अपराधी

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हथियार के बल पर बैंककर्मियों को बनाया बंधक, चेस्ट खुलवाकर नकदी और सोना लूटा; अपाचे बाइक की पहचान

जमशेदपुर// शहर में दिनदहाड़े बैंक डकैती की सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोलकर बैंक कर्मचारियों को गन प्वाइंट पर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बैंक मैनेजर से चेस्ट खुलवाकर करीब 43 लाख रुपये नकद और लगभग 2.5 किलो सोना लूटकर अपराधी फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि अपराधी गुरुवार सुबह करीब 9:15 बजे हथियारों के साथ बैंक में दाखिल हुए। बैंक में प्रवेश करते ही उन्होंने कर्मचारियों को हथियार दिखाकर धमकाया और सभी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद अपराधियों ने बैंक मैनेजर को चेस्ट खोलने के लिए मजबूर किया। चेस्ट खुलने के बाद अपराधियों ने नकदी और सोने को अपने कब्जे में लिया और मौके से फरार हो गए।

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वारदात के दौरान बैंक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपराधियों के निकलने के बाद बैंककर्मियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे बैंक परिसर की जांच शुरू की।

पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को अपराधियों के भागने के दौरान इस्तेमाल की गई एक अपाचे मोटरसाइकिल के संबंध में जानकारी मिली है। पुलिस बाइक और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस को भी सक्रिय किया गया है। शहर से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

दिनदहाड़े बैंक में हथियार के बल पर हुई इस बड़ी डकैती से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।

देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार; Google Pay से लेकर Airtel Payment Bank तक के नाम पर ठगी का आरोप

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देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर थाना की पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल और सिम से साइबर ठगी में संलिप्तता के संकेत मिले हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के आदेश तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के निर्देश पर की गई।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर बनाते थे निशाना

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसे में लिया जाता था। आरोपी कथित तौर पर Flipkart/Amazon के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank पदाधिकारी तथा Google Pay/PhonePe कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे।

इसके अलावा PM किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की बात सामने आई है।

Cash Back और Gift Card के नाम पर भी ठगी

पुलिस की प्रेसनोट के अनुसार, आरोपी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर/IRCTC पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देते थे। इसके बाद PhonePe Gift Card बनवाकर उसे Redeem कराने के नाम पर ठगी की जाती थी।

इसी तरह Airtel Payment Bank का अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेने और Airtel Thanks App के माध्यम से बैंक कार्ड बंद करने या दोबारा चालू कराने में मदद के नाम पर भी ठगी करने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—

  1. तौहीद अंसारी, उम्र 22 वर्ष, पिता अनाजुल मियां, निवासी पिपराड़ी, थाना सारठ, देवघर।
  2. दिनेश महरा, उम्र 29 वर्ष, पिता रामकिशुन प्रसाद दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।
  3. अधन दास, उम्र 25 वर्ष, पिता छतीस दास, निवासी बड़ा संघरा, थाना पथरोल, देवघर।
  4. प्रमोद कुमार दास, उम्र 34 वर्ष, पिता कालू दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।
  5. सुमन कुमार, उम्र 18 वर्ष, पिता मनोज दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।

प्रेसनोट के मुताबिक, आरोपी प्रमोद कुमार दास देवघर साइबर थाना कांड संख्या 42/21 में भी आरोपित रहा है।

पांच मोबाइल और पांच सिम कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से:

  • मोबाइल फोन — 05
  • सिम कार्ड — 05

बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद उपकरणों की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

पुलिस की अपील

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी, सरकारी योजना, Cash Back, Gift Card या लोन के नाम पर संपर्क किए जाने पर बिना सत्यापन के कोई OTP, PIN, बैंक संबंधी जानकारी या डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी जाती है।

जमशेदपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार की मौत; शोक की लहर

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जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग के मरीन ड्राइव क्षेत्र में एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी भी शामिल हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दुर्घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

हादसे की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और अन्य मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।

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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

परिजनों के प्रति संवेदना

किसी भी माता-पिता के लिए अपनी संतान को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। यह हादसा उन सभी परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

इस कठिन घड़ी में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की गई है।

हादसे की विस्तृत जानकारी और पुलिस जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार है।

देवघर में साइबर ठगी के आरोप में 5 गिरफ्तार, 7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

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देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर, बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है।

देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वरीय पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 22 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की गई।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी सेवाओं के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके अलावा Airtel Payment Bank से जुड़े अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को कैशबैक दिलाने, खाते या बैंकिंग सेवा से जुड़ी समस्या दूर करने तथा अन्य सहायता के नाम पर विश्वास में लेते थे और इसके बाद ठगी की प्रक्रिया को अंजाम देते थे।

APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने का आरोप

जांच में पुलिस ने आरोपियों की कथित ठगी की एक अन्य कार्यप्रणाली का भी खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी। इस फाइल के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी करने का आरोप है।

इसके अलावा फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर ग्राहकों को Airtel Thanks App के माध्यम से फर्जी लिंक भेजने तथा Airtel Payment Bank कार्ड को बंद या दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करने की बात भी पुलिस ने बताई है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—

  1. कुर्बान अंसारी, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
  2. इस्लाम अंसारी, उम्र करीब 34 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
  3. रूपेश कुमार मंडल, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता बाबूलाल मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
  4. महेंद्र मंडल, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता जगदीश मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
  5. सुरेश कुमार, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता गिरजा मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले हैं।

7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच के बाद पकड़े गए आरोपियों के पास से पूर्व में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े साक्ष्य मिलने की संभावना है। साथ ही विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों के साथ भी इनके कनेक्शन की जांच की जा रही है।

देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, APK फाइल या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें और बैंकिंग अथवा सरकारी योजना से संबंधित जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।