झारखंड की आवाज

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झारखंडी संस्कृति की रंगीन झलक, मांदर की थाप पर थिरके सैकड़ों लोग

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करम महोत्सव में झूमे साहिबगंज के कुर्मी समाज के लोग

साहिबगंज // रविवार को झारखंड प्रदेश अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष प्रेम लाल मंडल उर्फ मंटा मंडल के नेतृत्व में साहिबगंज जिले से सैकड़ों कुर्मी-महतो समाज के लोग पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित कोड़ाडीह मैदान में आयोजित करम महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान भाजपा नेत्री कृष्णा महतो, संजय पटेल, झूलन महतो समेत महासभा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।करम महोत्सव में पहुंचने पर साहिबगंज से पहुंचे लोगों ने झारखंडी लोक संस्कृति और परंपरा की अनूठी झलक देखी। मैदान में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच लोग सामूहिक रूप से करम नृत्य करते नजर आए। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोगों की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को आकर्षक बना दिया।

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महासभा के सदस्यों ने बताया कि करम पर्व झारखंड की लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और रीति-रिवाजों से जोड़ने का अवसर मिलता है। साहिबगंज से पहुंचे लोगों ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मांदर की थाप पर जमकर नृत्य किया और करम महोत्सव का आनंद उठाया। इस दौरान कोड़ाडीह मैदान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। साहिबगंज से पहुंचे कुर्मी-महतो समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आयोजन में भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश भी दिया। मौके पर मौजूद ओमप्रकाश महतो, राजू महतो, और अन्य महतो परिवार मौजूद थे।

देवघर में रंगदारी और हथियार के भय का मामला: जमशेदपुर से दो आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल-कारतूस व CCTV-DVR बरामद

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देवघर। बाबा बैद्यनाथ मंदिर के समीप शिवगंगा क्षेत्र में लगे अस्थायी भादो मेला के दुकानदारों और व्यवसायियों से कथित रूप से मारपीट, छिनतई, रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो को जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र से पकड़ा गया, जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी देवघर से की गई।

पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि गौरव झा, निहाल मिश्रा, राहुल शर्मा/मिश्रा तथा उनके अन्य सहयोगी कथित तौर पर अवैध हथियार का भय दिखाकर शिवगंगा क्षेत्र के अस्थायी मेला दुकानदारों एवं व्यवसायियों से रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने और मारपीट करने के आरोप भी सामने आए थे।

पुलिस का यह भी कहना है कि घटनाओं से जुड़े साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे और DVR को जबरन ले जाने की बात सामने आई थी।

चार अलग-अलग मामले दर्ज

मामले को लेकर देवघर नगर थाना में अलग-अलग तिथियों पर कुल चार प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इनमें नगर थाना कांड संख्या 336/26, 360/26, 363/26 और 364/26 शामिल हैं। इन मामलों में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, देवघर के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा नामजद आरोपियों और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।

जमशेदपुर में छिपे थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को सूचना मिली कि मामले के वांछित आरोपी जमशेदपुर जिले के साकची थाना क्षेत्र स्थित सरकारी क्वार्टर में छिपे हुए हैं और पुलिस की कार्रवाई के बीच राज्य से बाहर भागने की तैयारी में हैं।

इसके बाद एक पुलिस टीम को तत्काल जमशेदपुर भेजा गया। साकची थाना पुलिस के सहयोग से की गई छापेमारी में नामजद आरोपी गौरव झा और निहाल मिश्रा को पकड़ लिया गया। दोनों को पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए देवघर नगर थाना लाया गया।

निशानदेही पर पिस्टल और दो कारतूस बरामद

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों द्वारा शिवगंगा स्थित श्मशान घाट की झाड़ियों में हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर श्मशान घाट की झाड़ियों से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए।

वहीं, एक अन्य टीम ने आरोपी विक्रम कुमार चौरसिया को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसकी निशानदेही पर छतीसी स्थित उसके दूसरे घर से CCTV कैमरा और DVR बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  1. गौरव झा, उम्र 26 वर्ष, पिता सुभाकांत झा, लक्ष्मीचरण द्वारी लेन, नगर थाना, देवघर।
  2. निहाल मिश्रा, उम्र 26 वर्ष, पिता स्व. मुन्ना मिश्रा, चक्रवर्ती लेन, नगर थाना, देवघर।
  3. विक्रम कुमार चौरसिया, उम्र 25 वर्ष, पिता उमेश मोदी, हरिहरबाड़ी, शयनशाला के पास, नगर थाना, देवघर।

दो आरोपियों को हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गौरव झा और निहाल मिश्रा पूर्व में कुंडा थाना कांड संख्या 110/23 से जुड़े रहे हैं। इस मामले में दोनों को धारा 302/201/34 IPC के तहत आजीवन कारावास की सजा होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गौरव झा और निहाल मिश्रा के विरुद्ध देवघर नगर थाना एवं कुंडा थाना में पूर्व के कई मामले भी दर्ज हैं। निहाल मिश्रा के खिलाफ वर्ष 2026 में आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला भी दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान निम्न सामान बरामद किया गया—

  • एक पिस्टल
  • दो जिंदा कारतूस
  • CCTV कैमरा
  • DVR

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों और घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

ट्रेन में 13 लाख के आभूषण की चोरी, हावड़ा क्राइम ब्रांच पहुंची राजमहल

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बरहरवा के आरोपी को ससुराल से पकड़ा, लाल मार्केट की दुकान से दो चेन व एक जोड़ी बाली बरामद

राजमहल साहिबगंज // हावड़ा डिविजन के कोटालपोखर के आसपास चलती ट्रेन में कूचबिहार निवासी महिला यात्री निरुपमा दास से करीब 13 लाख रुपये के आभूषण व अन्य सामान की चोरी के मामले में शनिवार को हावड़ा क्राइम ब्रांच की टीम राजमहल पहुंची। टीम ने पाकुड़, साहिबगंज पुलिस और आरपीएफ के साथ मिलकर आभूषणों की बरामदगी को लेकर कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार घटना 14-15 सितंबर की रात की है. निरुपमा दास ट्रेन के एस-1 कोच में बर्थ संख्या 75 व 77 पर यात्रा कर रही थीं.रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच कोटालपोखर के आसपास उनका कॉफी रंग का लेडीज हैंडबैग ट्रेन से गिर गया। बैग में दो सोने की चेन, चूड़ा, माला, हार, दो अंगूठियां, एक अन्य सोने की चेन, मोटोरोला जी35 मोबाइल और जरूरी दस्तावेज थे।

सामान की कीमत करीब 13 लाख रुपये बतायी गयी है । जांच के दौरान पुलिस ने बरहरवा थाना क्षेत्र के एक आरोपी को राजमहल थाना क्षेत्र के नगेनश्वर बाग स्थित उसके ससुराल से पकड़ा । पूछताछ में आरोपी ने आभूषणों को अलग-अलग जगहों पर बेचने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने बरामदगी के लिए छापेमारी शुरू की । इसी क्रम में राजमहल थाना क्षेत्र के लाल मार्केट स्थित प्रदीप साह की सोना दुकान में जांच की गयी, जहां से दो सोने की चेन और एक जोड़ी कान की बाली बरामद की गयी।

पुलिस बरामद आभूषणों का पीड़िता के बताये सामान से मिलान करा रही है।आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है. आरोपी को पकड़ा गया है और उसके द्वारा बेचे गये आभूषणों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामान का मिलान कराया जा रहा है। लालू मार्केट से दुकानदार नयाबाजार निवासी प्रदीप साह को गिरफ्तार कर किया गया। मौके पर राजमहल थाना प्रभार प्रभारी ओम प्रकाश चौहान पुलिस बल के साथ मौजूद थे। कार्रवाई में हावड़ा क्राइम ब्रांच, सीआईबी बर्द्धमान, आरपीएफ बरहरवा, पाकुड़ आरपीएफ और साहिबगंज पुलिस की टीम शामिल रही। पुलिस अन्य आभूषणों की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

DUSU Election : आंदोलन की राजनीति बनाम संगठन की चुनावी रणनीति

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डूसू चुनाव ने खोली कांग्रेस-NSUI की रणनीति की परतें, टिकट से ज्यादा चला उम्मीदवार का अपना जनाधार

विशेष यादव और दीपांशु शौकीन के प्रदर्शन ने छात्र राजनीति में छेड़ी नई बहस, कांग्रेस-NSUI के टिकट वितरण पर उठे सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों ने छात्र राजनीति में एक बार फिर संगठन, टिकट और व्यक्तिगत जनाधार के बीच चल रही खींचतान को सामने ला दिया है। चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की शानदार जीत ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि संगठन से टिकट की उम्मीद रखने वाले कुछ चेहरों ने टिकट नहीं मिलने के बाद अलग रास्ता चुना और चुनाव मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। इनमें दीपांशु शौकीन (Dipanshu Sokin) और विशेष यादव (Vishesh Yadav) का नाम प्रमुखता से सामने आया।

15 हजार से ज्यादा वोट लेकर भी जीत से दूर रहे विशेष यादव

संयुक्त सचिव पद का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा। ABVP के लक्ष्यराज सिंह को 16,615 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। वहीं विशेष यादव को 15,778 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे। NSUI के गोपाल चौधरी 15,206 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

इस परिणाम का एक खास पहलू यह रहा कि तीनों प्रमुख उम्मीदवारों को 15 हजार से अधिक वोट मिले। यानी मुकाबला केवल संगठन बनाम संगठन नहीं रहा, बल्कि उम्मीदवारों के व्यक्तिगत समर्थन ने भी चुनावी समीकरण को प्रभावित किया।

विशेष यादव गुरुग्राम, हरियाणा के रहने वाले बताए जाते हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग के छात्र हैं। उनके पिता सरकारी शिक्षक और मां गृहिणी हैं।

चुनाव से पहले विशेष यादव के NSUI से टिकट की उम्मीद लगाए जाने की चर्चा थी। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। चुनाव परिणाम में उनका दूसरे स्थान पर रहना इस बात की ओर संकेत करता है कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद उम्मीदवार अपना अलग जनाधार तैयार कर सकता है।

दीपांशु शौकीन ने बदल दिया उपाध्यक्ष पद का पूरा समीकरण

डूसू चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।

उन्होंने संगठन आधारित राजनीति के मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए उपाध्यक्ष पद अपने नाम किया। इस चुनाव ने यह सवाल जरूर खड़ा किया कि क्या विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अब पार्टी या छात्र संगठन के आधिकारिक टिकट से ज्यादा महत्व उम्मीदवार के व्यक्तिगत संपर्क और छात्र समुदाय में उसकी स्वीकार्यता का हो रहा है?

दीपांशु शौकीन की कहानी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि वह पहले NSUI से टिकट की मांग कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका नामांकन हुआ था, लेकिन बाद में संगठन की ओर से नामांकन वापस लेने को कहा गया। शौकीन ने नामांकन वापस नहीं लिया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में डटे रहे।

नतीजा सामने आया तो उन्होंने न केवल चुनाव जीता, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

साधारण परिवार से निकला छात्र नेता

दीपांशु शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके से आते हैं। उनके पिता बस कंडक्टर और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है और वर्तमान में बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग में अध्ययनरत हैं।

उनकी जीत को लेकर समर्थकों का दावा है कि उन्हें विभिन्न वर्गों के छात्रों का समर्थन मिला। हालांकि किसी चुनाव में वोट मिलने के कारणों को केवल एक कारक से जोड़ना उचित नहीं होगा। व्यक्तिगत लोकप्रियता, छात्र मुद्दे, प्रचार, संगठनात्मक समर्थन और उम्मीदवार की स्थानीय पकड़ जैसे कई तत्व परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।

NSUI के सामने अब सबसे बड़ा सवाल—टिकट या जनाधार?

डूसू चुनाव के बाद NSUI की रणनीति पर बहस स्वाभाविक है। खासकर इसलिए क्योंकि संगठन से जुड़े रहे उम्मीदवारों में से एक ने टिकट विवाद के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

यह परिणाम NSUI के लिए एक संगठनात्मक सवाल जरूर खड़ा करता है—क्या उम्मीदवार चयन में जमीनी लोकप्रियता और छात्र समुदाय के बीच व्यक्तिगत स्वीकार्यता को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है?

यह सवाल केवल दिल्ली विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। छात्र राजनीति में उम्मीदवार चयन किसी भी संगठन की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में डूसू का यह परिणाम आने वाले समय में टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन को लेकर होने वाली बहस को प्रभावित कर सकता है।

राहुल गांधी के सामाजिक न्याय के मुद्दों और चुनावी टिकट वितरण के बीच अंतर?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से जाति जनगणना, सामाजिक न्याय और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की बात करते रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में SC, ST और OBC प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी लगातार प्रमुखता से उठाया जाता रहा है।

लेकिन राजनीतिक बहस का एक दूसरा पहलू यह है कि संगठन इन मुद्दों को चुनावी उम्मीदवार चयन में किस हद तक लागू करता है।

डूसू चुनाव के बाद कांग्रेस और NSUI को लेकर आलोचकों की ओर से यही सवाल उठाया जा रहा है कि राजनीतिक मंच पर सामाजिक प्रतिनिधित्व की बात और चुनावी मैदान में उम्मीदवार चयन—क्या दोनों के बीच पर्याप्त तालमेल है?

हालांकि डूसू जैसे एक छात्रसंघ चुनाव के परिणाम के आधार पर विधानसभा, लोकसभा या राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस की लगातार हार का एकमात्र कारण टिकट वितरण को मानना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। बड़े चुनावों के परिणाम कई अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं।

आंदोलन की राजनीति बनाम संगठन की चुनावी रणनीति

कांग्रेस की ओर से आरक्षण, संविधान और जाति जनगणना जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जाता रहा है। इन मुद्दों से जुड़े राजनीतिक संदेशों का प्रभाव व्यापक स्तर पर देखने को मिलता है।

लेकिन चुनावी राजनीति में केवल मुद्दे उठाना और उन मुद्दों को उम्मीदवार चयन तथा संगठन के स्थानीय ढांचे में लागू करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

डूसू चुनाव ने इसी अंतर पर नई बहस को जन्म दिया है।

एक तरफ सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की राजनीति का संदेश है, तो दूसरी तरफ छात्र चुनाव का जमीनी गणित है—कौन उम्मीदवार छात्रों के बीच कितना सक्रिय है, किसकी व्यक्तिगत पकड़ है और कौन संगठन के बाहर रहकर भी समर्थन जुटाने में सक्षम है।

डूसू चुनाव का संदेश क्या है?

2026 के डूसू चुनाव में ABVP ने तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया।

विशेष यादव का 15,778 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहना और दीपांशु शौकीन का निर्दलीय रहते हुए उपाध्यक्ष पद जीतना छात्र राजनीति के बदलते समीकरण की ओर जरूर ध्यान खींचता है।

इन परिणामों से कम से कम इतना स्पष्ट है कि छात्र राजनीति में संगठन की ताकत के साथ-साथ उम्मीदवार का व्यक्तिगत जनाधार भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

अब देखना होगा कि डूसू के इस चुनावी परिणाम से NSUI और कांग्रेस अपनी संगठनात्मक रणनीति, उम्मीदवार चयन और छात्र राजनीति के मॉडल को लेकर क्या निष्कर्ष निकालते हैं।

घटवाल-घटवार समाज ने मनाया आदिम जनजाति सांस्कृतिक करम परब महोत्सव

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देवघर // जिला के मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में घटवाल-घटवार आदिवासी समाज द्वारा शनिवार को तिरनगर मैदान (त्रिकूट पहाड़, देवघर) में आदिम जनजाति सांस्कृतिक करम परब महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव करम गोसाईं, करमा परब और जावा गोसाईं की पारंपरिक मान्यताओं एवं लोक संस्कृति को समर्पित रहा, जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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महोत्सव के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम पूजा संपन्न हुई। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत की धुन पर प्रस्तुत नृत्य ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताएं, बहनें, बेटियां, युवा एवं बुद्धिजीवी शामिल हुए। सभी ने सामूहिक रूप से करम पर्व की परंपराओं का निर्वहन करते हुए सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश दिया।

अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सामूहिक रूप से महोत्सव का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य समाज की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज, लोकगीत, लोकनृत्य और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

मोके पर ये प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

कार्यक्रम में खुशवंत प्रधान,महेंद्र सिंह, शैलेश राय, राजू सिंह, हेम नारायण सिंह, बलवंत सिंह, वनवारी प्रधान, विरेन्द्र सिंह, अनिल सिंह, मुकेश कुमार राय, चुन्ना सिंह, चंदन राय, कुलवंत सिंह, अजय बाबा, तीर्थनाथ, देव नारायण सिंह, सुघरी सिंह, भीम सिंह, पल्टू राय, प्रकाश राय, मृतुंजय राय, भूपाल सिंह, संजय सिंह, रोहित राय, नागेंद्र राय, शालिग्राम सिंह, टिपन राय, रघुनाथ राय, मनोज राय, नरेंद्र राय, भोला राय, शिव शंकर, विजय, पंकज कुमार, नीतीश कुमार राय, कालेश्वर सिंह, अनिल राय, विकास राय, विजय सिंह, किशन सिंह, जानकी देवी, रंजीत राय, दुर्गा सिंह, देवनारायण राय एवं अजय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देवघर में 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 15 मोबाइल और 18 सिम बरामद

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देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 18 सितंबर 2026 को पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर कथित तौर पर साइबर ठगी में संलिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ लोग अलग-अलग कंपनियों और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को फोन कर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ा। उनके पास से मिले मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात पुलिस ने कही है।

अलग-अलग तरीकों से करते थे ठगी

  • पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को कैशबैक या सहायता का झांसा देते थे।
  • इसके अलावा PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
  • Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर ग्राहकों को झांसे में लेते थे। Airtel Thanks App के माध्यम से कार्ड बंद होने या उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर भी ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

15 मोबाइल और 18 सिम बरामद

  • छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 मोबाइल फोन, 18 सिम कार्ड और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच में जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के संबंध में अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

  • महेश राणा, गौतम राणा, पाण्डव महतो, शुभम यादव, उत्तम राणा, लालूमोहन राणा, कैलाश दास, कुन्दन कुमार दास, मनुवर अंसारी और छलबली कुमार शामिल हैं।

सभी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं।चार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में उत्तम राणा के खिलाफ देवघर साइबर थाना कांड संख्या 38/21, कैलाश दास के खिलाफ कांड संख्या 102/24, कुन्दन कुमार दास के खिलाफ कांड संख्या 85/20 और मनुवर अंसारी के खिलाफ कांड संख्या 81/20 में मामला दर्ज है।पुलिस ने बताया कि मामले में बरामद डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच जारी है। जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

साहिबगंज पुलिस की बड़ी कार्यवाही तीन अपराधि हथियार के साथ गिरफ्तार

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साहिबगंज// बीती रात मुफ्फसील थाना पुलिस ने तीन अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। सभी अपराधी हथियार के बल पर बलुआ दियारा में पिकअप वाहन से लूट की योजना बना रहा था। जिसकी सुचना समय रहते पुलिस अधीक्षक साहिबगंज को मिली। जिनके निर्देश पर मुफ्फसिल थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर छापामारी की गई। जिसमे एक बड़ी देशी बन्दुक के साथ तीन अपराधी मौका से गिरफ्तार हुआ है। जिनकी पहचान मो जुनैद पिता मो निसार महादेवगंज, मो फजल पिता मो खुर्शीद रेजानगर और मो अरबाज पिता शेख जलु कोदरजन्ना सभी थाना मुफ्फसिल साहिबगंज का रहने वाला है। जिनके पास से पुलिस को एक 25 इंच लम्बा देशी कट्टा, और एक मोटर साइकिल पुलिस ने बरामद किया। सभी पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस की त्वरित कार्यवाही से एक बड़ी वारदात को ताला जा सका।

देवघर में साइबर ठगी के आरोप में चार गिरफ्तार, 6 मोबाइल और 4 सिम बरामद

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देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 16 सितंबर 2026 को मधुपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि मधुपुर थाना क्षेत्र में कुछ लोग अलग-अलग कंपनियों और सरकारी योजनाओं के नाम पर आम लोगों को फोन कर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने चार आरोपियों को पकड़ा।

इन तरीकों से करते थे साइबर ठगी

  • पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनमें Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe और Paytm के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर कैशबैक या सहायता के नाम पर ठगी करने का तरीका शामिल था।
  • इसके अलावा आरोपियों द्वारा PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान के नाम पर APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल तक पहुंच हासिल करने और उसके बाद साइबर ठगी करने की बात सामने आई है।
  • पुलिस के मुताबिक, एक अन्य तरीके में आरोपी खुद को Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर ग्राहकों को विश्वास में लेते थे। Airtel Thanks App के माध्यम से कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे दोबारा चालू कराने या सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था।

चारों आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है

  • —1. अनिश दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता बिनोद दास, निवासी बियाही गड़हा, थाना मधुपुर।
  • 2. सुमेश महरा, उम्र करीब 38 वर्ष, पिता फुचा महरा, निवासी खरना, थाना सारठ।
  • 3. राहुल दास, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता बुलबुल दास, निवासी रोहिणी आजान टोला, थाना जसीडीह।
  • 4. दिनेश दास, उम्र करीब 22 वर्ष, पिता कार्तिक दास, निवासी गुनियासोल, थाना मधुपुर।सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

छह मोबाइल और चार सिम बरामद

  • छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल और सिम की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।पुलिस ने बताया कि तकनीकी जांच के दौरान जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुमेश महरा पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 102/24 में भी आरोपित रहा है।

फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

बेटे के जन्म के कुछ घंटों बाद महिला दारोगा की मौत, रांची पुलिस लाइन में दी गई अंतिम सलामी

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रांची // राजधानी रांची में एक दुखद घटना सामने आई है। वर्ष 2018 बैच की महिला दारोगा सुमित्रा कच्छप का इलाज के दौरान निधन हो गया। वह गिरिडीह जिला बल में पदस्थापित थीं और वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट, रांची में गिरिडीह जिला बल की कोर्ट नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थीं।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह रांची के तुपुदाना स्थित राजेंद्र नर्सिंग होम में ऑपरेशन के जरिए सुमित्रा कच्छप ने एक बेटे को जन्म दिया था। परिवार में नवजात के आगमन की खुशी थी, लेकिन प्रसव के कुछ घंटों बाद देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

परिजनों के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी हालत गंभीर होने लगी। उन्हें तत्काल देवनिका अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजन उन्हें लालपुर क्षेत्र के एक बड़े अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रिम्स ले जाया गया।

रिम्स में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन बुधवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बेटे को जन्म देने के कुछ ही घंटों बाद महिला दारोगा की मौत से परिवार में मातम पसर गया।

पुलिस विभाग में शोक की लहर

सुमित्रा कच्छप के निधन की सूचना मिलने के बाद झारखंड पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को रांची पुलिस लाइन लाया गया। यहां पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी और उनके सहकर्मी भावुक नजर आए।

नवजात के जन्म की खुशी बदली मातम में

जिस परिवार में मंगलवार सुबह बेटे के जन्म की खुशी थी, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम छा गया। नवजात ने दुनिया में कदम रखा, लेकिन उसकी मां सुमित्रा कच्छप हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गईं। सुमित्रा कच्छप के आकस्मिक निधन से उनके परिवार के साथ-साथ झारखंड पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है।

UPI लेन-देन पर MDR लागू करने के निर्णय का संथाल चैंबर ने किया विरोध

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देवघर // संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर ने 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक UPI (P2M) लेन-देन पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने के निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार एवं NPCI से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा एवं महासचिव निरंजन कुमार सिंह ने कहा

UPI देश के व्यापार एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। ऐसे में व्यापारियों पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त भार लेन-देन पर लागू करना विशेषकर छोटे एवं मध्यम व्यवसायों के लिए चिंता का विषय है।*चैंबर ने कहा कि भले ही MDR सीधे ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है, लेकिन इसका भार व्यापारियों की व्यावसायिक लागत, लाभ एवं डिजिटल भुगतान को अपनाने की प्रवृत्ति को प्रभावित कर सकता है।

सरकार के अनुसार ₹2,000 तक के भुगतान तथा पात्र छोटे व्यापारियों के लेन-देन पर MDR नहीं लगेगा, जबकि निर्धारित श्रेणी के ₹2,000 से अधिक के P2M लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होगा।चैंबर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि UPI को देश की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का कम-लागत एवं व्यापार-अनुकूल माध्यम बनाए रखने के लिए MDR व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाए तथा व्यापारिक संगठनों से व्यापक परामर्श के बाद ही आगे की व्यवस्था लागू की जाए।

चैंबर ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटल भुगतान एवं UPI के विस्तार का पूर्ण समर्थन करता है, लेकिन डिजिटल व्यापार को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्था व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ का कारण नहीं बननी चाहिए।

साली ने जीजा पर लगाया दुष्कर्म करने का आरोप आरोपी रिहा, साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला

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देवघर। कुंडा थाना कांड संख्या 133/2023 से जुड़े दुष्कर्म मामले में देवघर व्यवहार न्यायालय के एडीजे-9 मुकुल चंद नारायण की अदालत ने आरोपी फिल्‍दूस तिग्गा को रिहा कर दिया है। मामले की सुनवाई सेशन ट्रायल संख्या 161/2024 के तहत हुई।

मामला आरोपी की साली द्वारा जीजा के ऊपर दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित था, जिसमें आरोपी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। प्राथमिकी में धारा 341, 376 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता का बयान अदालत में दर्ज किया गया। इसके अलावा मामले के अनुसंधानकर्ता पुलिस अधिकारी तथा चिकित्सक का परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण भी हुआ। सुनवाई के दौरान कुछ गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन किया, जबकि कुछ गवाहों ने घटना के संबंध में जानकारी होने से इनकार किया।

मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद एडीजे-9 मुकुल चंद नारायण की अदालत ने आरोपी फिल्‍दूस तिग्गा को रिहा कर दिया।

साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर विदेशी शराब के साथ चार गिरफ्तार

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साहिबगंज // RPF/CIB/Malda की विशेष टीम की कार्रवाई — 18.9 लीटर विदेशी शराब, मूल्य ₹14,700/- बरामद दिनांक 13.09.2026 को विश्वसनीय सूचना के आधार पर RPF/CIB/Malda द्वारा ट्रेन संख्या 53403 (Rampurhat–Gaya Passenger) में अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया। करणपुरतो रेलवे स्टेशन से ट्रेन के प्रस्थान के बाद GS कोच में चार व्यक्ति भारी बैगों के साथ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए, जिन्हें संदेह के आधार पर रोककर पूछताछ एवं तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से Officer’s Choice Elite Whisky के कुल 105 टेट्रा पैक, जिसमें कुल 18,900 ml (18.9 लीटर) विदेशी शराब, जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹14,700/- है, बरामद कर जब्त की गई।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान

  • (1) छोटो कुमार (21 वर्ष), निवासी लखीसराय,
  • (2) हर्ष कुमार (18 वर्ष), निवासी मुंगेर,
  • (3) धर्मवीर यादव (18 वर्ष), निवासी लखीसराय तथा
  • (4) प्रवीण कुमार (19 वर्ष), निवासी लखीसराय (बिहार) के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उक्त शराब पश्चिम बंगाल के तिलडांगा क्षेत्र से खरीदकर बारहड़वा रेलवे स्टेशन से ट्रेन में लोड की गई थी तथा जमालपुर, बिहार ले जाकर स्थानीय क्षेत्र में अवैध रूप से बिक्री करने की योजना थी। सभी चारों आरोपियों को शराब सहित साहिबगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर लगभग 12:30 बजे उतारकर आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु RPF Post/Sahibganj के सुपुर्द किया गया।

उल्लेखनीय है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि छोटो कुमार पूर्व में दिनांक 05.06.2026 को RPF/Post/Barharwa में इसी प्रकार के शराब परिवहन मामले में गिरफ्तार हो चुका है, जबकि प्रवीण कुमार को दिनांक 17.07.2026 को RPF/Post/Barharwa में समान प्रकृति के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे इनके द्वारा रेलवे मार्ग से शराब के अवैध परिवहन में बार-बार संलिप्त रहने की बात सामने आती है।

उक्त कार्रवाई ASI/Ravi Shankar Yadav, RPF/CIB/Malda द्वारा की गई, जिसमें RPF Post/Sahibganj के ड्यूटी स्टाफ का सहयोग रहा। बरामद शराब एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ चारों आरोपियों को IPF/Sahibganj के समक्ष प्रस्तुत कर बिहार में लागू मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु सुपुर्द किया गया।

देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार साइबर अपराधी गिरफ्तार

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देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करौं थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल में कुछ लोग फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर आम लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना में बताया गया था कि आरोपी Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank तथा Google पर PhonePe Customer Care के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े सुराग मिले हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • 1. कन्हैया कुमार दास, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता उमेश दास, निवासी केंदुआटांड़, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।
  • 2. रूपलाल कुमार पोद्दार, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता अर्जुन पोद्दार, निवासी जागाडीह, थाना करौं, जिला देवघर।
  • 3. मो. सलीम अंसारी, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता स्व. केला मियां, निवासी दुधानी, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।
  • 4. समीर कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता उमेश दास, निवासी केंदुआटांड़, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर।

ऐसे लोगों को बनाते थे निशाना । पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और प्रारंभिक जांच में आरोपियों की साइबर ठगी की कई गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है।

आरोपियों की कथित कार्यप्रणाली इस प्रकार बताई गई है—

  • फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठगी

आरोपी Google Pay, PhonePe और Airtel Payment Bank के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। कैशबैक या दूसरी सुविधाओं का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था।

  • APK फाइल के जरिए मोबाइल एक्सेस:

आरोपियों द्वारा PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan जैसे नामों से APK फाइल भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ऐसी फाइल डाउनलोड करवाकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने के बाद ठगी की जाती थी।

  • Airtel Payment Bank के नाम पर धोखाधड़ी:

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को विश्वास में लेते थे। Airtel Thanks App के माध्यम से कार्ड बंद होने और उसे दोबारा चालू कराने में सहायता के नाम पर भी लोगों को झांसे में लिया जाता था।

एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रूपलाल कुमार पोद्दार का पूर्व में भी साइबर अपराध से संबंधित मामला दर्ज रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में उसके खिलाफ साइबर थाना, देवघर कांड संख्या 152/2017 का उल्लेख किया गया है।देवघर पुलिस ने साइबर अपराध से बचने के लिए आम लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड न करें और बैंक, UPI या कस्टमर केयर के नाम पर मांगी गई संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

देवघर में रंगदारी मामले के वांछित चार आरोपी गिरफ्तार, दो पिस्टल और कारतूस बरामद

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देवघर। देवघर नगर थाना क्षेत्र में फिल्म देखने के दौरान मारपीट कर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और एक ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 11 सितंबर 2026 की रात की है। अमरनाथ केशरी अपने बेटे और परिवार के साथ VIOROY Eyelex में फिल्म देखने पहुंचे थे। फिल्म के मध्यान्तर के दौरान कथित तौर पर कुख्यात अपराधी विकास पलिवार उर्फ भाखड़ बोस अपने तीन साथियों के साथ अमरनाथ केशरी के बेटे के साथ मारपीट करने लगा और रंगदारी की मांग की।

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घटना को लेकर अमरनाथ केशरी के लिखित आवेदन पर नगर थाना में कांड संख्या 357/26, दिनांक 12 सितंबर 2026 को बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

सदर अस्पताल के पास से चारों आरोपी पकड़े गए

पुलिस के अनुसार 13 सितंबर को करीब तीन बजे सूचना मिली कि मामले के वांछित आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ हथियार लेकर ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार होकर सदर अस्पताल क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस ने सदर अस्पताल के समीप हरिशरणम कुटिया के पीछे घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान रिषभ राज उर्फ रिषभ केशरी, विकास पलिवार उर्फ भाखड़ बोस, सौरभ श्रृंगारी और प्रशांत कुमार झा के रूप में हुई।

दो पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद

पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान विकास पलिवार के कमर से एक पिस्टल तथा रिषभ राज उर्फ रिषभ केशरी के पास से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा सौरभ श्रृंगारी के पास से दो और प्रशांत कुमार झा के पास से दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

बरामद कारतूसों में 7.65 एमएम अंकित होने की बात पुलिस ने कही है। मौके से एक ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH15AR2703 है, भी जब्त की गई।

अलग से आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

हथियार और कारतूस बरामदगी के मामले में नगर थाना में कांड संख्या 358/26, दिनांक 13 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। इसमें बीएनएस की धारा 308(2), 111(4), 61(2) तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े हैं आरोपी

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी संगठित अपराध गिरोह से जुड़े सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस के अनुसार ये लोग अवैध हथियारों का भय दिखाकर दुकानदारों और राहगीरों को धमकाने, रंगदारी मांगने तथा रंगदारी वसूलने के अलावा जमीन पर जबरन कब्जे जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि इन सभी मामलों में आरोपों की पुष्टि संबंधित न्यायालयों के अंतिम फैसलों से ही होगी।

ये आरोपी गिरफ्तार

  1. रिषभ राज उर्फ रिषभ केशरी, उम्र 31 वर्ष, निवासी जलसार रोड, नगर थाना क्षेत्र, देवघर।
  2. विकास पलिवार उर्फ भाखड़ बोस, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी शिवगंगा लेन, नगर थाना क्षेत्र, देवघर।
  3. सौरभ श्रृंगारी, उम्र 26 वर्ष, निवासी पंडित बी.एन. झा पथ, नगर थाना क्षेत्र, देवघर।
  4. प्रशांत कुमार झा, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी करनीबाग, कुंडा थाना क्षेत्र, देवघर।

पुलिस के अनुसार ये लोग भी सहयोगी

पुलिस ने मामले में अनुभव नरौने उर्फ सोनू नरौने, छोटू श्रृंगारी, आस्तिक पलिवार और मोनू पंडित, सभी नगर थाना क्षेत्र, देवघर, के नाम सहयोगियों के रूप में बताए हैं। इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

बरामदगी:

  • 2 पिस्टल
  • 6 जिंदा कारतूस
  • ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो, रजिस्ट्रेशन नंबर JH15AR2703

देवघर में हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, कार्बाइन और दो मैगजीन के साथ युवक गिरफ्तार

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देवघर // जिले में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में कुण्डा थाना क्षेत्र के कोरियासा मैदान के आसपास पुलिस ने छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के पास से एक कार्बाइन मशीन गन (CMG), दो मैगजीन और एक कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि कुण्डा थाना क्षेत्र के कोरियासा मैदान के आसपास कुछ अपराधी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के उद्देश्य से जुटे हुए हैं। सूचना के आधार पर हथियार बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

टीम ने कोरियासा मैदान के आसपास संदिग्ध स्थानों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

गंजी के अंदर छिपाकर रखा था हथियार

गिरफ्तार युवक की तलाशी लेने पर उसकी गंजी के अंदर बाईं ओर छिपाकर रखा गया एक थैला मिला। थैले की जांच करने पर उसमें काले रंग की एक कार्बाइन मशीन गन (CMG) और दो मैगजीन बरामद हुईं। इसके अलावा आरोपी के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन भी मिला।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरज कुमार सिंह (28 वर्ष), पिता भरत सिंह, निवासी रोहिणी परमेश्वर चौक, थाना जसीडीह, जिला देवघर के रूप में की है।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सूरज कुमार सिंह का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह देवीपुर थाना कांड संख्या 137/2019, दिनांक 19 अगस्त 2019, धारा 392 भादवि के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा बांका उत्पाद थाना क्षेत्र में शराब के अवैध परिवहन से जुड़े मामले में भी उसके जेल जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

बरामद सामान

पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के पास से निम्न सामान बरामद किया गया है—-

  • कार्बाइन मशीन गन (CMG) — 01-
  • कार्बाइन मशीन गन की मैगजीन — 02-
  • I-Tel कंपनी का कीपैड मोबाइल — 01

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसी बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।