रांची // साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को शीघ्र चालू करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को इस परियोजना को पूरा करने के लिए 45 दिनों का अंतिम मौका दिया है।
इंजीनियर-इन-चीफ को जिम्मेदार माना जाएगा
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि साहिबगंज में घर-घर पेयजल पहुंचाने की योजना पूरी नहीं होती है, तो इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।सुनवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहिबगंज की ओर से स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसका अदालत ने अध्ययन किया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2008 से यह योजना चल रही है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।
पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक जलापूर्ति शुरू हो जाने का सरकार का दावा सही नहीं है।
अदालत ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा कई बार इस परियोजना को पूरा करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया है। वहीं, अंडरग्राउंड पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से कई जगहों पर पानी रिसने की समस्या सामने आई है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने अदालत को बताया कि साहिबगंज में पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक जलापूर्ति शुरू हो जाने का सरकार का दावा सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड पाइपलाइन से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने पक्ष रखते हुए कहा कि परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और यदि कुछ कार्य शेष हैं तो उन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
साहिबगंज के करीब 19 हजार घरों में कनेक्शन के लिए आवेदन दिया है।
मामले की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की खंडपीठ ने की। इससे पहले सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना पूरी कर ली गई है और ट्रायल रन के बाद कुछ घरों में पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। सरकार ने अदालत को यह भी जानकारी दी थी कि साहिबगंज के करीब 19 हजार घरों में से अब तक लगभग 8,500 लोगों ने नल से जल कनेक्शन के लिए आवेदन दिया है।
आवेदन करने वाले सभी लोगों को पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।सरकार के दावों की सत्यता की जांच के लिए अदालत ने पिछली सुनवाई में डालसा, साहिबगंज को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।उल्लेखनीय है कि सिद्धेश्वर मंडल ने जनहित याचिका दायर कर साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को शीघ्र चालू कराने की मांग की है।