देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की बरामदगी करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे पुलिस अधीक्षक, देवघर को गुप्त सूचना मिली थी कि चुल्हिया हाई स्कूल के समीप पहाड़ी के पास एक व्यक्ति चोरी के लाल रंग के महिन्द्रा ट्रैक्टर और होंडा साइन मोटरसाइकिल को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित लाल रंग का महिन्द्रा ट्रैक्टर और रजिस्ट्रेशन नंबर घिसी हुई होंडा साइन मोटरसाइकिल बरामद की गई।
पुलिस ने चोरी के वाहनों को बेचने का प्रयास कर रहे प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद कुमार यादव, पिता शंकर यादव, निवासी पिरामोह, थाना मोहनपुर, जिला देवघर को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में मोहनपुर थाना कांड संख्या 140/2026, दिनांक 24 अगस्त 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4)/317(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बरामद सामान
चोरी का एक लाल रंग का महिन्द्रा ट्रैक्टर, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है।
चोरी की एक होंडा साइन मोटरसाइकिल, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर घिसा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी
प्रमोद कुमार उर्फ प्रमोद कुमार यादव, पिता शंकर यादव, ग्राम पिरामोह, थाना मोहनपुर, जिला देवघर।
छापामारी दल
पु०अ०नि० संदीप कृष्णा, थाना प्रभारी, मोहनपुर थाना
पु०अ०नि० मनेन्द्र कुमार, मोहनपुर थाना
स०अ०नि० मुकेश कुमार सिंह, मोहनपुर थाना
स्थानीय चौकीदार
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध तालझारी थाना कांड संख्या 46/2026, दिनांक 19 अगस्त 2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत भी मामला दर्ज है।
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देर रात से ही कांवरियों की कतार बाबा मंदिर की ओर बढ़ती रही और पूरा बाबाधाम ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। अंतिम सोमवारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, रूटलाइन, कतार प्रबंधन और सुगम जलार्पण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिरप्रांगण का नजारा सावन की अंतिम सोमवारी
अंतिम सोमवारी से एक दिन पहले यानी 23 अगस्त तक राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 25 दिनों में 55,02,228 श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं। 22 अगस्त को 2,02,458 और 23 अगस्त को 1,87,239 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। इससे पहले 21 अगस्त तक जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 51,12,531 थी।
2025 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंचा 2026 का आंकड़ा
2025 के राजकीय श्रावणी मेला में 28 दिनों में 55,63,100 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण किया था।
वहीं, 2026 में अभी 25 दिन ही पूरे हुए हैं और श्रद्धालुओं की संख्या 55,02,228 पहुंच चुकी है। यानी 2025 के 28-दिन के आंकड़े से अब अंतर महज 60,872 श्रद्धालुओं का रह गया है।
इस तुलना से साफ है कि 2026 में श्रद्धालुओं की आमद बेहद तेज रही है। हालांकि दोनों आंकड़ों की अवधि अलग-अलग है, इसलिए इसे वर्ष-दर-वर्ष पूरे मेले की अंतिम तुलना नहीं माना जाना चाहिए।
2026 में किस दिन कितने श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई से 23 अगस्त तक बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही—
तारीख
श्रद्धालुओं की संख्या
30 जुलाई
74,987
31 जुलाई
1,05,179
01 अगस्त
1,27,533
02 अगस्त
1,51,621
03 अगस्त
3,17,494
04 अगस्त
1,51,373
05 अगस्त
1,52,685
06 अगस्त
1,85,423
07 अगस्त
2,07,713
08 अगस्त
2,27,691
09 अगस्त
2,73,861
10 अगस्त
3,69,449
11 अगस्त
2,79,256
12 अगस्त
2,84,456
13 अगस्त
2,35,233
14 अगस्त
2,31,168
15 अगस्त
2,27,556
16 अगस्त
2,32,147
17 अगस्त
3,61,679
18 अगस्त
2,39,407
19 अगस्त
2,38,963
20 अगस्त
2,26,747
21 अगस्त
2,11,010
22 अगस्त
2,02,458
23 अगस्त
1,87,239
कुल
55,02,228
इन आंकड़ों में सबसे अधिक भीड़ 10 अगस्त को 3,69,449 श्रद्धालुओं के साथ रही। इसके बाद 17 अगस्त को 3,61,679 और 3 अगस्त को 3,17,494 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
अंतिम सोमवारी को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
अंतिम सोमवारी पर भीड़ को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने रूटलाइन और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने दंडाधिकारियों और पुलिस बल को श्रद्धालुओं के साथ ‘सेवा भाव’ से पेश आने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, कुमुदिनी घोष रोड, बरमसिया, सरकार भवन, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, जलसार मोड़ और शिवराम झा चौक सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशासन की निगरानी जारी है।
केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से रूटलाइन और मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, बिजली, सूचना केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह जैसी सुविधाओं को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
मंदिर की आय में भी 2026 ने बनाया नया आंकड़ा
श्रद्धालुओं की संख्या के साथ बाबा मंदिर की आय के आंकड़े में भी 2026 में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025 में 30 दिनों में मंदिर की आय ₹7,36,44,295 रही थी, जबकि 2026 में 23 दिनों में ही ₹8,23,47,741 की आय दर्ज की गई।
यानी 2026 में 23 दिनों की आय ही 2025 के 30 दिनों की आय से ₹87,03,446 अधिक हो चुकी है। यह लगभग 11.82 प्रतिशत अधिक है।
आस्था और व्यवस्था दोनों की बड़ी परीक्षा
बाबा बैद्यनाथ धाम में अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़ एक बार फिर देवघर की धार्मिक आस्था की विशालता को दिखा रही है। 2026 के आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस वर्ष कम दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 2025 के 28-दिन के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।
हालांकि 24 अगस्त यानी अंतिम सोमवारी का अंतिम जलार्पण आंकड़ा अभी इस खबर में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उसका आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध होने के बाद ही 2026 का अंतिम कुल आंकड़ा निश्चित रूप से बताया जा सकेगा।
स्रोत: देवघर जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्तियां एवं उपलब्ध प्रकाशित आंकड़े। 2025 में 28 दिनों के जलार्पण का आंकड़ा 55,63,100 जिला प्रशासन की जानकारी के आधार पर प्रकाशित हुआ था।
देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने सारठ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 9 संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तकनीकी जांच के दौरान 18 मोबाइल फोन और 17 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, साइबर उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गठित टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र में कुछ युवक अलग-अलग तरीकों से लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर नौ आरोपियों को पकड़ा।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी खुद को Flipkart, Amazon Pay और Google Pay/PhonePe/Paytm के कस्टमर केयर प्रतिनिधि तथा Airtel Payment Bank के अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। ठगी के दौरान कैशबैक या अन्य सहायता का झांसा देकर पीड़ितों से जरूरी जानकारी हासिल की जाती थी।
इसके अलावा आरोपी PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान जैसे मामलों से संबंधित APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश करते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी Airtel Payment Bank से जुड़ी सहायता के नाम पर भी लोगों को झांसे में लेते थे और Airtel Thanks ऐप के माध्यम से बैंक कार्ड बंद कराने अथवा अन्य सहायता देने का बहाना बनाकर ठगी करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में कई युवक शामिल
निरंजन मेहरा (32),
दीपक कुमार दास (21),
आदर्श मेहरा (18),
शुभम कुमार दास (18),
राहुल कुमार दास (19),
सौरभ कुमार दास (19),
सुमित कुमार दास (18),
कुंदन दास (20) और
उत्तम कुमार दास (29) शामिल हैं।
सभी आरोपियों का संबंध सारठ थाना क्षेत्र से बताया गया है।
18 मोबाइल और 17 सिम बरामद
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 18 मोबाइल फोन और 17 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस इन मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और घटनाओं के बारे में भी जानकारी सामने आने की संभावना है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें विभिन्न राज्यों में दर्ज होने की जानकारी भी मिली है।
दो आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस की प्रेस नोट के मुताबिक सौरभ कुमार दास और राहुल कुमार दास का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। दोनों पर देवघर साइबर थाना में क्रमशः कांड संख्या 53/25 और 36/25 में आरोपित होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी के मामलों में सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल न करें और कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी या सरकारी योजना के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग अथवा निजी जानकारी साझा न करें।
देवघर पुलिस ने दोहराया है कि साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साहेबगंज// झामुमो केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर भाजपा पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीआईडी जांच जारी है और जांच अब जेपीएससी-1 व 2 तक पहुंच रही है।
सीबीआई जांच में कितनी गिरफ्तारियां और कार्रवाई हुई बताए भाजपा
पंकज मिश्रा ने कहा कि भाजपा सीबीआई जांच की मांग कर रही है, जबकि पूर्व की जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच में कितनी गिरफ्तारियां और कार्रवाई हुई, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सीआईडी जांच में कई लोगों को जेल भेजा गया है, जिससे भाजपा नेता परेशान हैं। उन्होंने भाजपा पर छात्रों की आड़ में राजनीति करने और आंदोलन के दौरान बाहरी लोगों को बुलाकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।
खनन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया
कहा कि सरकार उच्च न्यायालय में 15 सितंबर को अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। पंकज मिश्रा ने कहा कि झामुमो कार्यकर्ता आंदोलनकारी हैं, लेकिन लाठी-डंडे की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्र के खनन विधेयक को लेकर भी भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। कहा कि सात सितंबर से प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। मौके पर विधायक धनंजय सोरेन, जिला अध्यक्ष अरुण सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष रामनाथ पासवान, समेत अन्य मौजूद थे।
रांची // मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सामने आ रही उम्र और दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियों को लेकर निर्वाचन विभाग ने जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाताओं से संबंधित दस्तावेजों और दर्ज उम्र का आवश्यक रूप से मिलान किया जाए, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में मतदाताओं की उम्र, पारिवारिक संबंध और उपलब्ध दस्तावेजों में अंतर सामने आने की बात कही गई है। कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच दर्ज उम्र में असामान्य अंतर भी पाया गया है। वहीं, कुछ दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और मतदाता सूची में उपलब्ध विवरण के बीच भी विसंगतियां सामने आई हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की तथ्यात्मक जांच करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी एक दस्तावेज के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उपलब्ध प्रमाणों की समुचित जांच की जाए।
गलत या अप्रामाणिक दस्तावेजों की भी होगी जांच
SIR के दौरान यदि किसी मतदाता के दस्तावेज गलत, अपूर्ण अथवा संदिग्ध पाए जाते हैं, तो उनकी भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आवश्यक प्रमाण उपलब्ध होने के बाद ही मतदाता सूची में किसी प्रकार का सुधार या परिवर्तन किया जाए।उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहना चाहिए और किसी भी वास्तविक मतदाता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, गलत तरीके से दर्ज नाम या अप्रामाणिक जानकारी को भी जांच के बाद नियमानुसार दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर पर विशेष ध्यान
जांच के दौरान ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है, जहां एक ही परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर दिखाई देता है। अधिकारियों को संबंधित मतदाता और परिवार से आवश्यक जानकारी लेकर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।
के. रविकुमार ने अधिकारियों से कहा कि SIR की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक आपत्ति और विसंगति का समाधान नियमों के अनुरूप किया जाए। जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह सके।
पारदर्शिता के साथ पूरा होगा पुनरीक्षण
निर्वाचन विभाग का जोर इस बात पर है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रमाण आधारित हो। अधिकारियों को मतदाताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच सावधानी से करने तथा आवश्यक होने पर अतिरिक्त प्रमाण प्राप्त करने को कहा गया है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। ऐसे में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्र नागरिकों के नाम दर्ज करने के साथ-साथ मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों का भी नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
देवघर // मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानियाँ की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों—13-मधुपुर, 14-सारठ और 15-देवघर (अ.जा.)—के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
22 और 23 अगस्त को अंतिम विशेष शिविर
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित दूसरे और अंतिम विशेष शिविर में प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए नोटिस, दावा और आपत्तियों का निष्पादन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस दौरान नाम जोड़ने, विवरण में संशोधन अथवा अन्य आवश्यक सुधार से संबंधित आवेदनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं के लिए भी मौका
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले अथवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 जमा कर सकते हैं।जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को दावा-आपत्तियों के त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन के साथ यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
एक परिवार, एक मतदान केंद्र की दिशा में पहल
यदि एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं, तो उन्हें एक ही मतदान केंद्र पर करने के लिए प्रपत्र-8 प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए मतदाताओं के घरों पर Family Together Sticker लगाए जाने की जानकारी दी गई।
25 अगस्त से शुरू होगी मामलों की सुनवाई
बैठक में बताया गया कि 25 अगस्त 2026 से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य श्रेणियों से संबंधित मतदाताओं के मामलों की सुनवाई निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा शुरू की जाएगी।इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और यह सुनिश्चित करना है कि अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को 5 अगस्त से 14 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त होने वाले नोटिस, दावों एवं आपत्तियों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश भी दिए। साथ ही ASDDF/अवशेष गणना प्रपत्रों के सुरक्षित संधारण तथा नए मतदान केंद्रों के अनुसार प्रपत्रों के पृथक्करण को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि 22 और 23 अगस्त को आयोजित विशेष शिविर के इस अंतिम अवसर का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम एवं विवरण अवश्य जांचें और आवश्यक सुधार/पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शनिवार को आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में साप्ताहिक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मेला की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और राजस्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि 30 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक 51,12,531 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण किया। इनमें 1,90,887 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से पूजा-अर्चना करने पहुंचे।
बाबा मंदिर को 8.23 करोड़ रुपये से अधिक की आय
प्रेसवार्ता में बताया गया कि 30 जुलाई से 21 अगस्त तक बाबा मंदिर को कुल 8,23,47,741 रुपये की आय हुई है। इसमें मंदिर के विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राशि शामिल है। वहीं शीघ्र दर्शनम् कूपन से प्राप्त आय 6,87,19,320 रुपये बताई गई।
सुरक्षा के लिए हजारों जवान और आधुनिक निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 597 मजिस्ट्रेट एवं पदाधिकारी और 6,763 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 4 पुलिस अधीक्षक, CRPF की 3 कंपनियां तथा NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं।
मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 925 CCTV कैमरे, 225 AI कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 यातायात ओपी बनाए गए हैं। ATS, RAF, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड और QRT की टीमों को भी लगाया गया है।
71 हजार से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 34 सूचना केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक 88,328 खोये-पाये कांवरियों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 71,198 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया।इसके लिए 220 उद्घोषकों की व्यवस्था की गई है। मातृत्व विश्राम गृह के लिए 45 महिलाओं की भी तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर
मेला क्षेत्र में 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 30 जुलाई से 19 अगस्त तक इन केंद्रों पर 1,80,562 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। इनमें 1,19,779 पुरुष, 53,540 महिलाएं और 7,243 बच्चे शामिल हैं।पूरे मेला क्षेत्र में 111 डॉक्टर और 470 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा 16 सामान्य एंबुलेंस, 24 एंबुलेंस 108 और 6 जीप की व्यवस्था की गई है।
अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट
श्रावण माह की अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की संभावना जताई है। उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन एवं पुलिस की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला को सफल बनाने में प्रशासन के साथ मीडिया, स्थानीय लोगों और सभी संबंधित विभागों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी समन्वय के साथ मेला का संचालन जारी रखने पर जोर दिया गया।मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएंश्रद्धालुओं के आवासन के लिए कोठिया और बाघमारा में टेंट सिटी के साथ आध्यात्मिक भवन में भी व्यवस्था की गई है। कोठिया की दो टेंट सिटी में कुल 2,000 बेड, बाघमारा में 750 बेड और आध्यात्मिक भवन में 700 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है।
इसके अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 48 स्नानागार, 323 शौचालय, 16 इंद्रवर्षा, 76 चापाकल और 9 प्याऊ की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक जानकारी के लिए शिवगंगा में वाटर प्रोजेक्शन एवं लेजर शो, विभिन्न स्थानों पर VR के जरिए बाबाधाम की पौराणिक कथा तथा 31 स्थानों पर LED स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। शिवलोक परिसर में आयोजित विशेष प्रदर्शन को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देख रहे हैं।
फर्जी कस्टमर केयर और Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर करते थे ठगी
देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का झांसा देते थे। इसके अलावा Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप है।
देवघर पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत 21 अगस्त 2026 को पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में छापेमारी की गई। पुलिस को देवघर जिले के पथरडडा ओपी क्षेत्र से साइबर ठगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
संजीत कुमार दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता प्रमोद महरा, निवासी चोरमारा।
सरोज कुमार दास, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता हरिकिशोर दास, निवासी चोरमारा।
नितेश कुमार दास, उम्र करीब 22 वर्ष, पिता हरिकिशोर दास, निवासी चोरमारा।
मुन्ना कुमार दास, उम्र करीब 33 वर्ष, पिता कारू दास, निवासी रंगामटिया, थाना सारठ (पथरडडा ओपी)।
शिवनंदन कुमार, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता सिकंदर महरा, निवासी पिपरा।
अनवर अंसारी, उम्र करीब 20 वर्ष, पिता अनाउल मियां, निवासी रंगा, थाना पाथरोल।
सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की ठगी की कार्यशैली में कई तरीके शामिल थे। आरोपी फर्जी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का झांसा देते थे।
इसके अलावा PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
आरोपियों पर फर्जी Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, Airtel Thanks ऐप के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बंद होने की बात कहकर तथा आम सहायता के नाम पर कार्ड दोबारा चालू कराने का झांसा देकर ठगी की जाती थी।
12 मोबाइल और 13 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इन नंबरों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।
दो आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
प्रेस नोट के अनुसार संजीत कुमार दास और सरोज कुमार दास पर पूर्व में भी साइबर थाना देवघर में मामले दर्ज हैं। पुलिस इन आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
कार्रवाई में साइबर थाना देवघर के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ पथरडडा ओपी और पाथरोल थाना की टीम भी शामिल रही।
देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी, कैशबैक, सरकारी योजना, बिजली बिल या चालान के नाम पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें और किसी को भी मोबाइल या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
देवघर // जसीडीह थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार से हथियार के बल पर नकदी और अन्य सामान लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर ₹4.30 लाख नकद, दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक देसी कट्टा और अन्य सामान बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को वादी विक्रम चौधरी के लिखित आवेदन के आधार पर जसीडीह थाना क्षेत्र के टमाटर ढाबा के पास मुख्य सड़क पर लूट की घटना की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि अज्ञात अपराधकर्मियों ने मोटरसाइकिल सवार को रोककर ₹40,50,000 नकद समेत मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान लूट लिया था।मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 269/2026, दिनांक 08.08.2026 के तहत धारा 126(2), 134, 204, 205, 307 और 310(2) BNS 2023 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस टीम गठित कर शुरू हुई छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच करते हुए संदिग्धों की पहचान की और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में—
1. कुमुद पोद्दार, उम्र 34 वर्ष, पिता रविन्द्र पोद्दार, निवासी महथिया बक्सा थाना सिमुलतला, जिला जमुई (बिहार)
2. संजय कुमार सिंह, उम्र 55 वर्ष, पिता राम सिंह, निवासी रेंगला थाना बेलहर, जिला बांका (बिहार)
3. शिव शंकर कुमार, उम्र 28 वर्ष, पिता सदेव राम, निवासी गोरसामी टोला, कटोरिया थाना कटोरिया, जिला बांका (बिहार)
4. धनश्याम यादव, उम्र 47 वर्ष, पिता तेजो यादव, निवासी कौलाश पहाड़ी थाना बेलहर, जिला बांका (बिहार)
5. विनोद प्रसाद यादव, उम्र 38 वर्ष, पिता जगन्नाथ यादव, निवासी रेंगला थाना सिमुलतला, जिला जमुई (बिहार) शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
पुलिस के मुताबिक संजय सिंह की निशानदेही पर एक मोटरसाइकिल (JH01BP-4780), एक काले रंग का रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी का सफेद रंग का मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक की पुलिस डंडा और एक काला रंग का पुलिस लिखा बैग बरामद किया गया।
वहीं कुमुद पोद्दार की निशानदेही पर
500×840 के नोट कुल ₹4,20,000 तथा 200×50 के नोट कुल ₹10,000, यानी कुल ₹4,30,000 नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक एप्पल कंपनी का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया।
शिव शंकर कुमार की निशानदेही पर
एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें घटनास्थल से मुक्त होकर आने-जाने वाली रास्ते का मैप बताया गया है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व से भी कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपियों के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं, जिनमें BNS की धाराओं के साथ-साथ बिहार मद्य निषेध अधिनियम से संबंधित मामला भी शामिल है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
छापामारी टीम में शामिल रहे पुलिसकर्मी
कार्रवाई में देवघर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जसीडीह थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ तकनीकी शाखा की टीम की भूमिका रही। पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गुमला // पुलिस ने नक्सली संगठन जेजेएमपी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है गुमला जिला के डुमरी थाना अंतर्गत औरापाठ के जंगल में गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी करते हुए पुलिस ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका एरिया कमांडर अरविंद नायक व सदस्य जीतेंद्र लोहरा मुनेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया है। रामदेव के ऊपर पुलिस ने ₹500000 का इनाम घोषित किया था।
पुलिस ने इनके पास से 1 एके56 1 एसएलआर 1 ऑटोमैटिक रायफल एक पिस्टल एक देशी कट्टा 146 गोली वॉकी टोकी मोबाइल9 नक्सल पर्चा बाइक बरामद किया। एसपी गुमला हारीश बिन जमां ने बताया कि पुलिस ने पूर्व में ही जेजेएमपी की कमर तोड़ दी थी।
लेकिन रामदेव के नेतृत्व में कुछ नक्सली चतरा लातेहार व लोहरदगा इलाके में सक्रिय थे। जो गुमला में फिर से संगठन को मजबूत करने के लिये पहुचे थे जिसे समय रहते पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवघर में NDRF की टीम ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए कुएं में गिरे एक श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसा शिवगंगा तालाब के समीप स्थित भट्टर धर्मशाला के कुएं में हुआ।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे स्थानीय लोगों ने एक श्रद्धालु को कुएं में गिरा देखा। इसकी सूचना तत्काल मेला कंट्रोल रूम को दी गई। करीब 5 मिनट बाद शिवगंगा तालाब के पास तैनात NDRF टीम को घटना की जानकारी मिली।
इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में एक सब-ऑफिसर और छह जवानों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। करीब 1:40 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। NDRF के एक बचावकर्मी ने रस्सी और कैराबिनर की मदद से गहरे कुएं में उतरकर श्रद्धालु को सुरक्षित बांधा। आधुनिक बचाव उपकरणों की सहायता से करीब 1:45 बजे उसे कुएं से बाहर निकाल लिया गया।
गया के बोधगया निवासी हैं श्रद्धालु
बचाए गए श्रद्धालु की पहचान 28 वर्षीय योगेंद्र चौधरी, पिता विलास चौधरी, निवासी बोधगया, जिला गया, बिहार के रूप में हुई है।
कुएं से बाहर निकालने के बाद NDRF कर्मियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। बताया गया कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसके बाद उन्हें पुलिस ओपी नंबर-06 को सौंपा गया, जहां से आगे की चिकित्सा और निगरानी के लिए मेडिकल कैंप भेज दिया गया।
श्रावणी मेले के दौरान NDRF की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर आपदा और आपात स्थिति में प्रशिक्षित बचाव दल की अहम भूमिका सामने आई है।
साहिबगंज // जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेन्स नीति के तहत लगातार कार्यवाही हो रही है। इसी कड़ी में आज रांगा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केसरो गांव के पास से 1003 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन तस्कर को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह बरहरवा क्षेत्र में अब तक बरामद ब्राउन शुगर की सबसे बड़ी खेप है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अमन राज, गुलशन कुमार और शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल फोन और ब्राउन शुगर की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक सफेद स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का कनेक्शन पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कलियाचक से जुड़ा है। आरोपियों के माध्यम से बिहार समेत अन्य राज्यों में ब्राउन शुगर की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है।
मामले में बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया ।
लखीसराय, बिहार। सावन की तीसरी सोमवारी पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। अचानक मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकांश महिलाएं बताई जा रही हैं।
भारी भीड़ के बीच बिगड़े हालात
सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए पहुंच रहे थे। मंदिर और आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से स्थिति अचानक बेकाबू हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीड़ के बीच बिजली का एक पोल गिरने के बाद वहां करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में घबराहट पैदा हुई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ा और भगदड़ की स्थिति बन गई। घटना के वास्तविक कारण की जांच प्रशासन कर रहा है।
7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल
हादसे में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग बताई गई है, इसलिए प्रशासन की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
दो ट्रेनों के पहुंचने से बढ़ी भीड़
प्रशासन की शुरुआती जानकारी के अनुसार, लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने के बीच आसपास की रेलवे सेवा से भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर की ओर आए। दो ट्रेनों के क्रम से पहुंचने के कारण भीड़ अचानक बढ़ने की बात सामने आई है। भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूटने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर स्थिति संभाल ली है। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत कार्य जारी है। हादसे की परिस्थितियों और भगदड़ के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
वीरभूम // पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तारापीठ धाम में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण अग्निकांड हो गया। थाना के पास स्थित होटल में लगी आग के दौरान सो रहे 6 श्रद्धालुओं की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि श्रावण माह के अंतिम सोमवार के कारण तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसपास के होटलों में ठहरे हुए थे। इसी दौरान तड़के अचानक होटल में आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने होटल के कमरों को अपनी चपेट में ले लिया।हादसे के समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। आग और धुएं के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
कई लोग धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद होटल से लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल राज्य मंत्री कौशिक चौधरी भी कोलकाता से घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
तारापीठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर हुई इस दर्दनाक घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक एवं दहशत का माहौल है।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तीसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर आस्था के महासागर में बदल गई है। बंगला सावन की आखरी सोमवारी और नागपंचमी के विशेष संयोग के कारण बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों का उत्साह चरम पर है।
आधी रात से ही कांवरियों की लंबी कतारें नंदन पहाड़ तक पहुंच गईं और पूरा बाबाधाम हर-हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से गूंज उठा।
रात एक बजे ही नंदन पहाड़ तक पहुंची कतार
जिला प्रशासन के अनुसार, तीसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गई कि रात्रि करीब 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।
कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर हजारों कांवरिये पैदल देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर रहे हैं।
बंगला सावन में सोमवारी का विशेष महत्व
बंगला परंपरा में सावन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन की सोमवारी को भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे में बंगला सावन की आखरी सोमवारी पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।
बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही भक्ति का माहौल बना हुआ है।
नागपंचमी ने बढ़ाया पर्व का धार्मिक महत्व
तीसरी सोमवारी के साथ नागपंचमी का पर्व भी होने के कारण आज का दिन शिवभक्तों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। सनातन परंपरा में नागों का भगवान शिव से गहरा संबंध माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान रहते हैं, इसलिए नागपंचमी के अवसर पर शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
नागपंचमी और सोमवारी के इस धार्मिक अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। मंदिर परिसर में बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
एक दिन पहले 2.32 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
राजकीय श्रावणी मेला के 18वें दिन यानी 16 अगस्त 2026 को भी बाबा बैद्यनाथ पर श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में जलार्पण किया। सुबह 4:13 बजे से जलार्पण शुरू हुआ और कुल 2,32,147 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल चढ़ाया।इनमें 1,07,353 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा और 1,24,794 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया।
तीसरी सोमवारी पर इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने से बाबाधाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारू जलार्पण को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
बंगला सावन की अंतिम सोमवारी, नागपंचमी और बाबा बैद्यनाथ की नगरी—इन तीनों के धार्मिक महत्व ने आज देवघर को आस्था के सबसे बड़े केंद्र में बदल दिया है। चारों ओर गूंज रहा है—हर-हर महादेव… बोल-बम!