झारखंड की आवाज

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देवघर में जनता दरबार, फसल बीमा से लेकर बिजली बिल तक शिकायतों पर सख्त निर्देश

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देवघर // जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन एवं मुआवजा, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं।

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उपायुक्त ने लोगों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कई मामलों का संबंधित विभागों की ओर से मौके पर ही समाधान भी किया गया।

फसल बीमा की शिकायत पर जांच के निर्देश

देवीपुर प्रखंड से फसल बीमा योजना से जुड़ी शिकायत को उपायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को मामले की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

गलत बिजली बिलों के सुधार के लिए लगेगा कैंप

जनता दरबार में बिजली बिल से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उपायुक्त ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से गलत या त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों का मौके पर ही निराकरण करने को कहा गया।

बैंकिंग समस्याओं पर LDM को निर्देश

बैंकों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए उपायुक्त ने लीड बैंक मैनेजर (LDM) को निर्देश दिया कि आम लोगों की बैंकिंग समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्राहकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।

भू-अर्जन और मुआवजा मामलों का भी समाधान

जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े विभिन्न मामलों पर भी सुनवाई हुई। संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि मामलों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सके।

19 दैनिक चालकों को निजी एजेंसी में भेजने का किया विरोध

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हजारीबाग // नगर निगम में वर्षों से कार्यरत 19 दैनिक चालकों को निजी एजेंसी में भेजे जाने के प्रस्ताव का अखिल भारतीय मजदूर संगठन ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि ने नगर आयुक्त को पत्र देकर इस फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि वर्षों से नगर निगम के मस्टर रोल पर कार्यरत इन चालकों की पीएफ कटौती भी निगम के प्रतिष्ठान कोड से होती रही है। इसके बावजूद उन्हें निजी एजेंसी गुरु रामदास के अधीन भेजने की तैयारी की जा रही है।संगठन ने सवाल उठाया है कि पुराने और अनुभवी चालकों को ठेकेदारी व्यवस्था में भेजा जा रहा है, जबकि नए चालकों को सीधे निगम के मस्टर रोल पर रखा जा रहा है।

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विरोध प्रदर्शन करते


इसे संगठन ने श्रमिकों के साथ भेदभाव बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की है।अखिल भारतीय मजदूर संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 19 चालकों को पूर्ववत नगर निगम के अधीन नहीं रखा गया, तो श्रमिकों के हित में श्रम विभाग और उच्च न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाइट विवेक बाल्मीकि मजदूर नेता

मोहनपुर में बाइक लूट कांड का खुलासा, लूटी गई बाइक के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार

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देवघर: देवघर जिले की मोहनपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाल ही में हुई बाइक लूट की घटना का सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने न केवल लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद की, बल्कि घटना में शामिल दो आरोपियों को भी रंगे हाथों धर दबोचा।

क्या था मामला ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 23 अगस्त 2026 की शाम लगभग 07:30 बजे ग्राम घोंघा (थाना मोहनपुर) निवासी सोहेल अंसारी (22 वर्ष, पिता- सलीम अंसारी) देवघर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान तिलैया मंझियाना के समीप तीन अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोककर उनके साथ मारपीट की और उनकी टीवीएस रेडर (TVS Raider) मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए।

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इस संदर्भ में वादी सोहेल अंसारी की शिकायत पर मोहनपुर थाना में कांड संख्या- 141/2026 (दिनांक 24/08/2026), धारा- 309 (6) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।

SIT की कार्रवाई और गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा कांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूट कांड में संलिप्त दो अभियुक्तों को लूटी गई मोटरसाइकिल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. चन्द्रशेखर ठाकुर (उम्र लगभग 21 वर्ष), पिता- अंग्रेज ठाकुर, साकिन- झालर, थाना- मोहनपुर, जिला- देवघर।
  2. नितिश यादव (उम्र लगभग 21 वर्ष), पिता- प्रेमचन्द्र यादव, साकिन- कुरेवा, थाना- मोहनपुर, जिला- देवघर।

बरामदगी:

  • एक TVS Raider मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नं0- JH15AH-1690, इंजन नं0- AF9CR1045843, चेचिस नं0- MD625AF94R1CA6459)

छापेमारी दल में शामिल पुलिसकर्मी: इस सफल अभियान में मोहनपुर थाना प्रभारी पु०अ०नि० संदीप कृष्णा, पु०अ०नि० मनेन्द्र कुमार, आरक्षी-682 बिपिन कुमार राउत एवं स्थानीय चौकीदार शामिल थे।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। पुलिस अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है।

अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, चेकनाकों पर CCTV और वाहनों की जांच के निर्देश

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डीसी दीपक कुमार दूबे ने खनन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अवैध बालू उठाव और क्रशर इकाइयों पर भी होगी कार्रवाई

साहिबगंज: जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनन विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें चेकनाकों की व्यवस्था से लेकर मिट्टी खनन, ईंट-भट्ठों, बालू उठाव और क्रशर इकाइयों की स्थिति की समीक्षा की गई।

चेकनाकों के CCTV कैमरों की होगी जांच

बैठक में राजमहल अनुमंडल के फुटानी मोड़ चेकनाका पर लगे CCTV कैमरों की स्थिति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने जिले के सभी चेकनाकों पर लगे कैमरों की तत्काल जांच कराने और खराब कैमरों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि चेकनाकों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत रहनी चाहिए, ताकि अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।

बड़े मालवाहक वाहनों की होगी दस्तावेज जांच

उपायुक्त ने चेकनाकों से गुजरने वाले बड़े मालवाहक वाहनों में लदे खनिज पदार्थों की जांच के निर्देश दिए। वाहनों के वैध खनन चालान, निर्धारित मार्ग, खनिज की मात्रा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया।

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नियमों का उल्लंघन मिलने पर वाहन और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही समय-समय पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने को भी कहा गया।

मिट्टी खनन और ईंट-भट्ठों की होगी जांच

जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू ने बताया कि मिट्टी खनन से संबंधित सर्वेक्षण को मंजूरी मिल चुकी है। इसके आधार पर जिले में संचालित मिट्टी खनन स्थलों और ईंट-भट्ठों की जांच की जाएगी।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बिना आवश्यक स्वीकृति, अनुज्ञप्ति और वैधानिक प्रक्रिया के संचालित गतिविधियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अवैध मिट्टी कटाव पर भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

गुमानी नदी में अवैध बालू उठाव पर नजर

पतना और बरहेट के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को गुमानी नदी पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। नदी से अवैध बालू उठाव की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।

क्रशर इकाइयों के दस्तावेजों की होगी पड़ताल

जिले में संचालित क्रशर इकाइयों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिन क्रशर संचालकों द्वारा खनन, भंडारण और प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले खनिज के वैध स्रोत और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं, उनकी जांच की जाए।

जांच में अनियमितता या अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि जिले में खनन गतिविधियां निर्धारित नियमों और वैधानिक अनुमति के अनुरूप ही होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से पर्यावरणीय मानकों, राजस्व हितों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त-सह-परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू, साहिबगंज एसडीओ अमर जॉन आईन्द, राजमहल एसडीओ सदानंद महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खनन निरीक्षक, थाना प्रभारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बंद पड़े क्रेशर में चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

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चोरी का मोटर और कॉपर वायर बरामद

एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी

साहिबगंज: जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के मौजा अंबाडीहा स्थित बंद पड़े अपेक्स इंटरप्राइजेज क्रेशर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया मोटर और कॉपर वायर का कवर बरामद किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।

24 सितंबर की रात हुई थी चोरी

पुलिस के अनुसार, बंद पड़े क्रेशर में 24 सितंबर 2026 की रात चोरी की घटना हुई थी। घटना के बाद क्रेशर के मैनेजर रविशंकर सिंह ने जिरवाबाड़ी थाना में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर जिरवाबाड़ी थाना कांड संख्या 179/26, दिनांक 24 सितंबर 2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर की कार्रवाई

चोरी की घटना में शामिल आरोपियों तक पहुंचने और चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

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गिरफ्तार आरोपी के साथ पुलिसकर्मी

इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का थाना क्षेत्र अंतर्गत जयरामपुर निवासी 25 वर्षीय रोनी शेख को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी की निशानदेही पर सामान बरामद

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर क्रेशर से चोरी किया गया मोटर और कॉपर वायर का कवर बरामद किया गया है। इसके अलावा आरोपी के कब्जे से ओप्पो कंपनी का एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, चोरी की वारदात में शामिल अन्य संदिग्ध आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल

कार्रवाई करने वाली टीम में जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक शशि सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक मोहम्मद शाहरूख, पुलिस अवर निरीक्षक फुलेश्वर कुमार अकेला समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

तपोवन गोलीकांड में 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार, देशी पिस्टल और मोबाइल बरामद

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कुण्डा पुलिस की कार्रवाई, 25 सितंबर को तालाब के पास हुई थी फायरिंग; घायल उमेश यादव का सदर अस्पताल में चल रहा था इलाज

देवघर // कुण्डा थाना क्षेत्र के तपोवन पहाड़ स्थित मथवा अहड़ा तालाब के पास 25 सितंबर को हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान सुधांशु कुमार (18 वर्ष) के रूप में हुई है। उसके पास से कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक 25 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे तपोवन क्षेत्र में फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में तपोवन जमुआ निवासी उमेश यादव को गोली लगी थी। घायल अवस्था में उन्हें सदर अस्पताल देवघर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। घायल के फर्दबयान के आधार पर कुण्डा थाना में कांड संख्या 120/2026 दर्ज किया गया था।

एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई थी टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुलदीप कुमार के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की।

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इसी क्रम में 28 सितंबर की रात गुप्त सूचना के आधार पर ढाकोडीह के पास फोरलेन सड़क किनारे छापेमारी कर सुधांशु कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार वह तपोवन गोलीकांड में शामिल था। उसके पास से देशी पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद किया गया।

बरामद सामग्री

  • देशी पिस्टल – 01
  • एंड्रॉयड मोबाइल फोन – 01

हथियार बरामदगी के बाद पुलिस ने इस मामले में कुण्डा थाना कांड संख्या 123/2026, दिनांक 28 सितंबर 2026, धारा 25(1-B)a/26/35 Arms Act के तहत भी कार्रवाई की है।

छापामारी टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी

कार्रवाई में सदर एसडीपीओ कुलदीप कुमार, कुण्डा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रेन्सन बखला, सहायक अवर निरीक्षक ओम प्रकाश, आरक्षी 296 चंदन कुमार साहा, आरक्षी 731 प्रवीण कुमार तथा चौकीदार 05/12 अनिल मंडल शामिल थे।

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है।

देवघर पुलिस ने की बड़ी कार्यवाही 16 साइबर आरोपी गिरफ्तार

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देवघर // पुलिस ने साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अभियुक्त को किया गिरफ्तार। गिरफ्तार आरोपी देवघर जिला के विभिन्न थाना क्षेत्र के है।

गिरफ्तार अभुिक्तों की अपराध शैलीः-

  • 1. फर्जी Google Pay/Phonepe/PayTM Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर ठगी करना।
  • 2. Apk File (PM Kishan Yojna, Bijli Bill, RTO Challan) भेजकर मोबाईल का एक्सेस लेकर ठगी करना।
  • 3. फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks app के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना।
  • 3. फर्जी कस्टमर केयर: Google Pay, PhonePe, PayTM, Flipkart/Amazon Pay तथा Airtel Payment Bank का प्रतिनिधि बनकर कैश बैक का झांसा देना या सर्विस चालू कराने के नाम पर ठगी।
  • 4. APK फाइलों का प्रयोग: PM Kisan Yojana, बिजली बिल, RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस प्राप्त करना।

मुख्य बिंदु

  • दिनांक: 28.09.2026
  • नेतृत्व एवं आदेश: पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर (भा०पु०से०) के आदेशानुसार, पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में कार्रवाई।
  • क्षेत्र: देवघर जिला के सारठ थाना क्षेत्र एवं पथरड्डा ओ०पी० क्षेत्र।
  • कुल गिरफ्तारी: 16 साइबर अपराधी।
  • बरामदगी: 19 मोबाइल फोन एवं 25 सिम कार्ड (तकनीकी जांच में जप्त IMEI/मोबाइल नंबरों पर अन्य राज्यों में भी ठगी की शिकायतें दर्ज हैं)।

गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची (नाम व पता)

  1. अक्षय कुमार (उम्र लगभग 19 वर्ष), पिता: रंजीत दास, साकिन: सिमरातरी, थाना: पाथरौल।
  2. प्रफुल दास (उम्र लगभग 19 वर्ष), पिता: बालदेव महरा, साकिन: गोबरशाला, थाना: पथरड्डा ओ०पी०।
  3. पवन यादव (उम्र लगभग 24 वर्ष), पिता: बिशेश्वर यादव, साकिन: अंबानचनिया, थाना: पथरड्डा ओ०पी०।
  4. ललन दास (उम्र लगभग 19 वर्ष), पिता: अरूण महरा, साकिन: दुघवाजारी, थाना: पथरड्डा ओ०पी०।
  5. रमेश दास (उम्र लगभग 30 वर्ष), पिता: खोशो दास, साकिन: डुमरतर, थाना: करौं।
  6. शेखर दास (उम्र लगभग 20 वर्ष), पिता: सुनील दास, साकिन: सिमरातरी, थाना: पाथरौल।
  7. बिट्टू दास (उम्र लगभग 21 वर्ष), पिता: भोपाल महरा, साकिन: दुधवाजोरी, थाना: पथरड्डा ओ०पी०।
  8. पंकज कुमार (उम्र लगभग 22 वर्ष), पिता: सुखदेव महरा, साकिन: दुधवाजोरी, थाना: पथरड्डा ओ०पी०।
  9. सुफियान अंसारी (उम्र 23 वर्ष), पिता: सफरूद्दीन अंसारी, साकिन: दोंदिया-कुरूवा, थाना: सोनारायठाढ़ी।
  10. आलमगीर अंसारी (उम्र 30 वर्ष), पिता: जहांगीर मियां, साकिन: दोंदिया-कुरूवा, थाना: सोनारायठाढ़ी।
  11. उमेश कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता: लीलू प्रसाद यादव, साकिन: चितरपोका, थाना: मोहनपुर।
  12. लालमोहम्म्द अंसारी (उम्र 28 वर्ष), पिता: समरूद्दीन अंसारी, साकिन: पिंडारी, थाना: सारठ।
  13. फुरकान अंसारी (उम्र 31 वर्ष), पिता: अलाउद्दीन मियां, साकिन: बुढ़वाडंगाल, थाना: पालाजोरी।
  14. गफ्फार अंसारी (उम्र 21 वर्ष), पिता: अफजल अंसारी, साकिन: दौंदिया-कुरूवा, थाना: सोनारायठाढ़ी।
  15. इरफान अंसारी (उम्र 25 वर्ष), पिता: रज्जाक अंसारी, साकिन: दौंदिया-कुरूवा, थाना: सोनारायठाढ़ी।
  16. महफुज अंसारी (उम्र 28 वर्ष), पिता: असतुल मियां, साकिन: बुढ़वा डंगाल, थाना: पालाजोरी।

सभी अभियुक्त जिला देवघर के निवासी हैं।

पूर्व आपराधिक इतिहास

  • ललन दास: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 54/25
  • बिट्टू कुमार दास: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 68/25
  • सुफियान अंसारी एवं इरफान अंसारी: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 36/2026
  • गफ्फार अंसारी: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 169/25
  • आलमगीर अंसारी: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 77/2022
  • उमेश यादव: देवघर साइबर थाना काण्ड संख्या 42/20 एवं 71/22

मालदा टाउन स्टेशन पर CIB/RPF की बड़ी कार्रवाई, 4 संदिग्ध TOPB अपराधी गिरफ्तार

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मालदा // यात्रियों के सामान की चोरी और रेलवे परिसरों में आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में CIB/मालदा और RPF/Post/Malda Town की संयुक्त टीम ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से चार संदिग्ध TOPB अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पांच संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन, TTE की वर्दी और रेलवे के महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेजों से भरा एक ग्रे बैकपैक बरामद किया गया। बरामद सामान का अनुमानित मूल्य करीब 1.15 लाख रुपये बताया गया है।

पार्सल गेट के पास संदिग्ध हालत में मिले

रेलवे के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को CIB/मालदा और RPF की टीम स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चला रही थी। करीब 13:45 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर न्यू फरक्का छोर की ओर पार्सल गेट के पास चार लोग संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। टीम को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा कर उन्हें पकड़ लिया गया।

पूछताछ में चारों की पहचान

  • अक्षय सरकार (30),
  • निजिल शेख (28),
  • शेख रबीउल (36) और
  • राहुल शेख (26) के रूप में हुई।

सभी मालदा जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में उन्होंने न्यू फरक्का से मालदा टाउन आने की बात कही, लेकिन उनके पास वैध यात्रा टिकट नहीं मिला।

पांच मोबाइल और TTE से जुड़े दस्तावेज बरामद

तलाशी के दौरान अक्षय सरकार के पास से एक Realme मोबाइल और ग्रे रंग का बैकपैक बरामद हुआ। बैकपैक से रेलवे TTE से संबंधित Suggestion-cum-Complaints Book, पहचान एवं Checking Authority-cum-Identity Card, Eastern Railway/SDAH का TTE ब्लेजर/वर्दी, बैज और अन्य रेलवे दस्तावेज मिले।
वहीं, निजिल शेख के पास से POCO और Redmi, शेख रबीउल के पास से Redmi और राहुल शेख के पास से भी Redmi मोबाइल बरामद किया गया।

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पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बरामद मोबाइल और अन्य सामान के संबंध में कोई वैध बिल या स्वामित्व प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
ट्रेनों में यात्रियों से चोरी करने का कथित खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि पांचों मोबाइल फोन और बैकपैक 27 और 28 सितंबर के दौरान न्यू फरक्का–मालदा टाउन तथा वापसी मार्ग की ट्रेनों में यात्रियों से चोरी किए गए थे। आरोपियों ने चोरी की संपत्ति को आर्थिक लाभ के लिए अन्य लोगों को बेचने की बात भी कथित रूप से स्वीकार की है।
हालांकि, इन बयानों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान की जानी है।

GRPS मालदा टाउन में मामला दर्ज

बरामद सामान को विधिवत जब्त किया गया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तारी के कारण और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए गिरफ्तार किया गया।
मामले में GRPS/Malda Town Case No. 121/26, दिनांक 28.09.2026 के तहत BNS की धारा 305(c) और 317(2) में मामला दर्ज किया गया है।

ICJS-CCTNS में आपराधिक इतिहास की जांच

जांच एजेंसियों ने ICJS और CCTNS के माध्यम से आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया है। उपलब्ध रिकॉर्ड में निजिल शेख, शेख रबीउल, अक्षय सरकार और राहुल शेख के खिलाफ अलग-अलग पुराने आपराधिक मामलों से संबंधित प्रविष्टियां मिलने की बात कही गई है।
रेलवे TTE से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज और वर्दी की बरामदगी के साथ पांच मोबाइल फोन मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अन्य यात्री-सामान चोरी की घटनाओं में भी शामिल थे या नहीं। बरामद मोबाइल फोन और रेलवे दस्तावेजों का चोरी/गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान कराया जा रहा है।

पटना ADM और सब-रजिस्ट्रार पत्नी के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, कैश और 48 महंगी घड़ियां बरामद

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के ठिकानों पर छापेमारी की है। कुमारी स्वीटी दानापुर की जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) के पद पर तैनात हैं।

निगरानी टीम ने पटना और बेगूसराय स्थित उनके आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। पटना के दानापुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी अपार्टमेंट में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, महंगी घड़ियां और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।

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रिपोर्टों के अनुसार तलाशी के दौरान 48 महंगी घड़ियां बरामद हुई हैं। नकदी की बरामदगी को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी का उल्लेख किया गया है। निगरानी टीम बरामद नकदी और अन्य सामान का सत्यापन कर रही है।

निगरानी ब्यूरो ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मामले में कथित आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा 1.06 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। तलाशी के दौरान संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

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बेगूसराय स्थित पैतृक आवास पर भी निगरानी टीम ने कार्रवाई की है। यहां से नकदी और आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद संपत्ति, नकदी, आभूषण और दस्तावेजों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

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निगरानी विभाग की कार्रवाई अभी जांच के चरण में है। बरामद संपत्ति और नकदी के स्रोत तथा अधिकारियों की घोषित आय से उसके संबंध का सत्यापन जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

SIR-2026 विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के सचिव ने बरहेट में की समीक्षा

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साहिबगंज// जिले में संचालित SIR-2026 (विशेष गहन पुनरीक्षण) के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के सचिव श्री संजीव कुमार प्रसाद का साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड में आगमन हुआ। इस अवसर पर वन प्रमंडल के अतिथि भवन में SIR-2026 से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दूबे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर भारत निर्वाचन आयोग के सचिव का स्वागत किया।

समीक्षा के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के सचिव श्री संजीव कुमार प्रसाद ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि बरहेट (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदिवासी एवं पहाड़िया समुदाय के पात्र मतदाताओं का नाम किसी भी परिस्थिति में मतदाता सूची से विलोपित नहीं हो। साथ ही, मतदाता सूची में किसी भी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम शामिल न हो।

उन्होंने SIR-2026 के तहत प्राप्त दावा एवं आपत्ति से संबंधित दस्तावेजों तथा अभिलेखों का जायजा लिया । इस दौरान दस्तावेजों एवं अभिलेखों का सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, दावा एवं आपत्ति से संबंधित मामलों की सुनवाई की प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित सुनवाई कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।

भारत निर्वाचन आयोग के सचिव ने बरहेट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पात्र मतदाताओं से संबंधित सुनवाई की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करें तथा प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें।

SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि 05 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि में प्राप्त सभी दावा एवं आपत्ति आवेदनों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

मौके पर निर्वाची पदाधिकारी, बरहेट -सह- अपर समाहर्ता विजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुदिनी टुडू, सहित सभी संबंधित सहायक निर्वाची पदाधिकारी, BLO एवं निर्वाचन कर्मी उपस्थित थे।

देवघर के लिए गौरव का क्षण: जस्टिस अपरेश कुमार सिंह समेत तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट के लिए अनुशंसा

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देवघर/नई दिल्ली। देवघर जिले के लिए एक बार फिर गौरव का अवसर सामने आया है। तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है। उनके साथ गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की भी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के लिए अनुशंसा की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में तीनों मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए जाने की अनुशंसा की गई। अब इन अनुशंसाओं पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

देवघर के चांदचौरा से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का पैतृक संबंध देवघर जिले के करौं प्रखंड अंतर्गत चांदचौरा गांव से बताया जाता है। उन्होंने देवघर के सन फ्रांसिस स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई की।

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वर्ष 1990 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में वर्ष 2000 तक वकालत की। झारखंड गठन के बाद वर्ष 2001 से उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। 24 जनवरी 2012 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में वे स्थायी न्यायाधीश बने। उपलब्ध न्यायिक अभिलेखों में भी 24 जनवरी 2012 से झारखंड हाईकोर्ट में उनके न्यायाधीश के रूप में कार्य करने की पुष्टि होती है।

इसके बाद अप्रैल 2023 में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जुलाई 2025 में उनका स्थानांतरण तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में हुआ।

उनका परिवार भी कानून के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके छोटे भाई तपेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि रूपेश कुमार सिंह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत करते हैं।

तीन मुख्य न्यायाधीशों के नाम कॉलेजियम ने भेजे

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के अलावा दो अन्य हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के नाम भी अनुशंसित किए हैं—

  • जस्टिस सुनीता अग्रवाल — मुख्य न्यायाधीश, गुजरात हाईकोर्ट
  • जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय — मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली हाईकोर्ट
  • जस्टिस अपरेश कुमार सिंह — मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना हाईकोर्ट

कॉलेजियम की यह अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट में तीन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं और स्वीकृत संख्या 38 है। तीनों नियुक्तियां अधिसूचित होने के बाद कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी।

देवघर से निकलकर झारखंड हाईकोर्ट, त्रिपुरा हाईकोर्ट और फिर तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद तक पहुंचे जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के सुप्रीम कोर्ट के लिए अनुशंसित होने की खबर ने देवघर सहित झारखंड के न्यायिक और विधिक जगत में विशेष रुचि पैदा की है।

8 साल पुराने मामले में देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत छह आरोपी रिहा, अभियोजन के गवाहों ने नहीं किया घटना का समर्थन

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देवघर: देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत छह आरोपियों को जसीडीह थाना कांड संख्या 203/2017 से जुड़े जीआर केस नंबर 859/2017 में एसडीजेएम न्यायालय से रिहाई मिली है। यह मामला 28 मई 2017 को सूचक फणींद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 504, 506, 447, 427, 385, 379 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि सूचक फणींद्र कुमार और उनके पुत्र संतोष पासवान के साथ मारपीट कर उन्हें घायल किया गया तथा 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध विवरण के अनुसार किसी भी गवाह ने अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों का समर्थन नहीं किया। ट्रायल के दौरान दो आरोपी अखिलेश्वर पासवान और कौशल्या देवी की मृत्यु भी हो गई।

बाद में मामले में धारा 504 और 34 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया। करीब आठ वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले में फैसला आया और सभी आरोपियों को रिहा कर दिया गया।

मामले में आरोपी बनाए गए सुरेश पासवान (विधायक), रंजीत कुमार पासवान, रिंकू देवी, निशा देवी, रूबी देवी और रामदास पासवान सभी पूनासी, जिला देवघर के निवासी हैं।

न्यायालय के फैसले के बाद इस पुराने मामले में आरोपियों को राहत मिली है।

देवघर में 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार, फ्लिपकार्ट-अमेजन कस्टमर केयर के नाम पर करते थे ठगी

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देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी कर पांच कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी करने सहित कई तरीकों से साइबर अपराध करने का आरोप है।

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साइबर थाना की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में इनके पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के संबंध में साइबर ठगी में संलिप्तता के संकेत मिलने की बात पुलिस ने कही है।

इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में

  • 1. सरफराज आलम उम्र करीब 30 वर्ष पिता इम्तीयाज आलम सा० बरमसिया थाना सारठ
  • 2. विजय कुमार दास उम्र करीब 21 वर्ष पिता रविन्द्र दास सा० सिमरातरी थाना पाथरौल
  • 3. शिवम कुमार दास उम्र करीब 19 वर्ष पिता ठाकुर दास सा० चरकमारा थाना सारठ
  • 4. नितेश कुमार उम्र करीब 19 वर्ष पिता किशोर मंडल सा० दौदिया थाना सोनारायठाड़ी एवं
  • 5. अभय कुमार दास उम्र करीब 24 वर्ष पिता सुखसागर दास सा० लेड़वा थाना पाथरौल सभी जिला देवघर

इस तरीके से करते थे साइबर ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को झांसे में लेते थे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • Flipkart/Amazon कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर कैशबैक का झांसा देकर ठगी करना।
  • Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर के नाम पर लोगों से संपर्क कर ठगी करना।
  • APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने और ठगी करने का प्रयास।
  • PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजना।
  • फर्जी Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर मोबाइल नंबर से Airtel Thanks ऐप के जरिए Payment Bank खाता बंद होने का झांसा देना और दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करना।

पांच मोबाइल और आठ सिम बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रेस नोट के अनुसार तकनीकी जांच के बाद बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के संबंध में विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सरफराज आलम के खिलाफ पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 125/25 तथा जिला दुमका के शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या 115/24 में भी आरोपित होने की जानकारी दी गई है।

देवघर साइबर थाना पुलिस ने कहा है कि मामले में बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच जारी है। जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रांची से लापता चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज के तीनपहाड़ से बरामद, पांच गिरफ्तार

साहिबगंज। रांची रेलवे स्टेशन के बाहर से 24 सितंबर को लापता हुए चार वर्षीय बच्चे को रविवार, 27 सितंबर की सुबह साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के बाबूपाड़ा से सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में पुलिस ने कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रांची पुलिस ने धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस के सहयोग से की।

रेलवे स्टेशन के बाहर से अचानक गायब हुआ था बच्चा

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ निवासी दिलमेत राजवाड़े आंध्र प्रदेश के सलेम में काम करने के बाद अपने बच्चों के साथ छत्तीसगढ़ लौट रही थीं। 24 सितंबर को वह अपने चार वर्षीय बेटे विवान कुमार और छह वर्षीय बेटी प्रिंसी कुमारी के साथ रांची पहुंची थीं।

रांची रेलवे स्टेशन के बाहर वह अंबिकापुर जाने वाली बस के संबंध में ऑटो चालकों से जानकारी ले रही थीं। इसी दौरान उनका चार वर्षीय बेटा विवान अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने चुटिया थाना में शिकायत दर्ज कराई।

CCTV फुटेज से पुलिस को मिला सुराग

शिकायत मिलने के बाद रांची पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा साहिबगंज के तीनपहाड़ तक पहुंचा।

बाबूपाड़ा में पुलिस ने बच्चे को बरामद किया

चुटिया थाना इंस्पेक्टर पूनम कुजूर के नेतृत्व में रांची पुलिस की टीम तीनपहाड़ पहुंची। स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से बाबूपाड़ा में कार्रवाई की गई, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, धनबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीनपहाड़ क्षेत्र से चार अन्य लोगों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।

बच्चे को रांची कैसे लाया गया, जांच जारी

बच्चे के रांची से तीनपहाड़ पहुंचने की पूरी कड़ी को पुलिस खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे को किस तरह रांची से साहिबगंज लाया गया और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।

जन्म-मृत्यु के दो साल बाद पंजीकरण के लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी

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देवघर। जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल से अधिक समय बाद पंजीकरण कराने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना आवश्यक होगा।

बताया गया है कि यह प्रावधान एक अक्टूबर 2026 से लागू होगा। वहीं जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के अनुसार अलग-अलग स्तर पर सत्यापन और अनुमति की व्यवस्था की गई है।

30 दिन के भीतर पंजीकरण पर सामान्य प्रक्रिया

जन्म या मृत्यु की घटना के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर अस्पताल अथवा संबंधित स्थानीय निकाय से सूचना और प्रमाण के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। 30 दिन से अधिक लेकिन एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए संबंधित नगर निकाय अथवा प्रखंड स्तर पर आवेदन और निर्धारित अधिकारी की अनुमति की जरूरत होगी।

एक से दो साल के बीच पंजीकरण के लिए शपथ पत्र सहित आवेदन करना होगा और संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।

वहीं दो साल से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

21 दिनों के भीतर पंजीकरण पर नियम में बदलाव नहीं

खबर के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। समय पर पंजीकरण होने से सरकारी रिकॉर्ड में जन्म और मृत्यु का प्रमाण सुरक्षित रहता है और भविष्य में प्रमाणपत्र से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।

राज्य में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए झारखंड जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन नियमावली, 2009 पहले से लागू है। नए प्रावधान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण मामलों में सत्यापन को अधिक व्यवस्थित करना बताया गया है।

नए नियम लागू होने के बाद विलंब से पंजीकरण कराने वाले लोगों को निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करनी होगी।