पुरी (ओडिशा)। विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा को लेकर पुरी नगरी पूरी तरह भक्तिमय हो गई है। पवित्र रथयात्रा के लिए महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भगवान श्रीबलभद्र एवं देवी सुभद्रा के भव्य और दिव्य रथ पूर्णतः तैयार हो चुके हैं। पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार निर्मित इन रथों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
रथयात्रा के दौरान महाप्रभु श्रीजगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान श्रीबलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक भव्य यात्रा करेंगे। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
रथयात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। पूरे पुरी शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और मंदिर परिसर सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
हिंदू धर्म में रथयात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि महाप्रभु के रथ का दर्शन और रथ की रस्सी खींचने से श्रद्धालुओं को पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
कौन है प्रियंका और कौशल किशोर जिसके खाते में भेजे गए 1000 रूपए
देवघर। Bkd News Jharkhand।
झारखंड के देवघर जिले में पुलिस और कथित पत्रकारों के बीच सांठ-गांठ से चल रहे अवैध वसूली के एक बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। वाहन चेकिंग के नाम पर आम जनता को प्रताड़ित करने और जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने सीधे देवघर के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और अवैध वसूली में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुमका जिले के जामा प्रखंड के महारो निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजू पुजहर ने देवघर एसपी को सौंपे पत्र में कुंडा थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने शिकायत के साथ अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए पैसों के डिजिटल स्क्रीनशॉट की छायाप्रति भी साक्ष्य के तौर पर एसपी को सौंपी है।
क्या है पूरा मामला ?
घटना सोमवार, 13 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग 3:01 बजे की है। पीड़ित राजू पुजहर एम्स से कुंडा चौक होते हुए अपने मोटरसाइकिल से वापस घर लौट रहे थे। उनके साथ बाइक पर हैदर अली नामक एक व्यक्ति भी सवार था, जिसने हेलमेट नहीं पहना था। पीड़ित ने बताया कि हैदर अली एम्स में भर्ती अपने एक गंभीर रूप से बीमार दोस्त को एम्बुलेंस से पटना विदा करने आया था और वहां अकेला छूट गया था। इसी मजबूरी में राजू उसे लिफ्ट देकर घर छोड़ रहे थे।
कुंडा थाना के समीप ‘छोटा बाबू’ और ट्रैफिक पुलिस बल द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। हेलमेट न होने के कारण पुलिस ने राजू को रोक लिया। राजू ने पुलिसकर्मियों को मरीज की बीमारी, दवाओं के पर्चे और मजबूरी का पूरा हवाला दिया, लेकिन पुलिसकर्मी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए।
जब रसीद काटने के बदले मांगी गई रिश्वत
शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने पीड़ित राजू से सीधे पांच हजार रुपये की मांग की। जब सामाजिक कार्यकर्ता राजू पुजहर ने असमर्थता जताते हुए कानूनी रूप से चालान काटने की बात कही, तो पुलिसकर्मी बिफर गए। बाद में मामला 1,000 रुपये के लेन-देन पर आकर अटका।
पीड़ित ने जब खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए रियायत देने की बात कही, तो ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। आरोपी पुलिसकर्मी ने कहा: “हम लोगों के ऊपर भी बड़े पदाधिकारी बैठे हैं। उनसे मोटी रकम देकर हमें इस थाने में पोस्टिंग मिली है, तो हम आपको ऐसे कैसे छोड़ दें? हमें भी ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है।”
कौन हैं प्रियंका और कौशल कुमार ! डिजिटल ट्रांसफर का खुला खेल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब वहां मौजूद सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में एक व्यक्ति सामने आया, जिसे कथित तौर पर पत्रकार और पुलिस का द लाल बताया जा रहा है। उसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से एक क्यूआर कोड/नंबर दिया और पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।
पीड़ित राजू ने बताया कि उनके पास नकद पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने विवश होकर उक्त सिविल ड्रेस वाले व्यक्ति के कहने पर ‘प्रियंका कुमारी’ और ‘कौशल कुमार’ नामक बैंक खातों में ₹1,000 का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये प्रियंका कुमारी और कौशल कुमार कौन हैं, जिनके खातों का इस्तेमाल पुलिस की अवैध वसूली की रकम को ठिकाने लगाने या उसे आपस में बांटने के लिए किया जा रहा है? क्या यह किसी बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा है?
कथित पत्रकारों और पुलिस की सांठ-गांठ पर उठे सवाल
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि वाहन चेकिंग स्थलों पर कुछ सफेदपोश और कथित पत्रकार दिन-भर मंडराते रहते हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ इनकी नजदीकी जगजाहिर है। सूत्र बताते हैं कि ये कथित पत्रकार आम लोगों को डराने-धमकाने और मामला रफा-दफा करने के एवज में बिचौलिये की भूमिका निभाते हैं और कमीशन का एक बड़ा हिस्सा खुद डकार जाते हैं। देवघर की इस घटना ने इस गठजोड़ को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है।
जांच के घेरे में कुंडा पुलिस, एसपी से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के इस खुले खेल ने देवघर पुलिस की छवि पर गहरा बट्टा लगाया है। पीड़ित राजू पुजहर ने देवघर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पुलिस विभाग में बैठे काली भेड़ और उनके दलालों को बेनकाब किया जा सके। मामले में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन आईडी और स्क्रीनशॉट जैसे पुख्ता सबूत होने के कारण अब कुंडा थाना के दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि देवघर एसपी इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाते हैं और आम जनता को इस अवैध वसूली के आतंक से कब तक मुक्ति मिलती है।
गोड्डा लोकसभा से दिल्ली तक पत्रकार चमन के साथ खड़ी है कांग्रेस
देवघर // बीते 4 जुलाई को पत्रकार चमन कुमार के आवास पर हुई इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद से ही पूरे क्षेत्र में केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर कानाफूसी और चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी कड़ी में बीते मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता (सीएलपी लीडर) प्रदीप यादव बैजनाथपुर स्थित पत्रकार चमन कुमार के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने पत्रकार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और बिना किसी डर के निष्पक्ष पत्रकारिता जारी रखने का हौसला दिया।
पत्रकार से मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा पूरे देश में केंद्रीय जांच एजेंसियों का जमकर दुरुपयोग कर रही है। एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि के पत्रकार के घर पर हुई छापेमारी पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा, “एक आम इंसान मेहनत करके अपनी आजीविका चलाता है। आयकर विभाग की टीम जितनी दूरी तय कर और जितना खर्च करके यहाँ रेड मारने आई होगी, उतनी रकम भी इस घर से बरामद नहीं हुई होगी।
नमो एंबुलेंस की आड़ में काले धन को सफेद करने का एक बड़ा खेल चल रहा है।
यह सीधे तौर पर सत्ता की हनक और तानाशाही का प्रदर्शन है। जनता इस पूरे घटनाक्रम को बेहद करीब से देख रही है और इसका माकूल जवाब देश के प्रधानमंत्री व स्थानीय सांसद को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।”सांसद निशिकांत दुबे पर सीधा प्रहार करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि पत्रकार चमन कुमार ने हाल ही में ‘नमो एंबुलेंस’ की जमीनी हकीकत उजागर की थी, जिससे बौखलाकर उनके घर पर आईटी विभाग से छापेमारी कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नमो एंबुलेंस की आड़ में काले धन को सफेद करने का एक बड़ा खेल चल रहा है।
बीणा फाउंडेशन’ नामक संस्था के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।
खटारा गाड़ियों को जनता के हवाले कर ‘बीणा फाउंडेशन’ नामक संस्था के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। इसी सच को दबाने और सच लिखने वाली आवाज को खामोश करने के लिए यह सरकारी कार्रवाई कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में पूरी कांग्रेस पार्टी देवघर से लेकर दिल्ली तक पत्रकार चमन कुमार के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।
इस मौके पर मुख्य रूप से कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रो. उदय प्रकाश, दिनेश कुमार मंडल, मणिकांत यादव, राहुल सिंह, विनोद मनी पासवान, प्रखंड अध्यक्ष हेमंत चौधरी, रमाकांत कुमार, मुकेश यादव, नूनू कांत, पिपली खान, चंदन यादव, नवीन महथा, रामरेखा यादव, बाबूमणि यादव, शिरोमणि यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।
देवघर// जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त के निर्देशानुसार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल एवं सुचारू संचालन को लेकर मंगलवार को उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सागरी बराल ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आर.एन. बोस रोड, सत्संग नगर स्थित संत मेरी बालिका उच्च विद्यालय में संचालित मतदान केंद्र संख्या 192 से 196 तक का विस्तृत निरीक्षण किया।
ASDD मतदाताओं के सत्यापन कार्य की हुई समीक्षा
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं डुप्लिकेट) मतदाताओं की पहचान एवं सत्यापन कार्य की समीक्षा की। साथ ही मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्र भरने और समय पर जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं बीएलओ सुपरवाइजरों से ली।
पारदर्शिता और शुद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश
श्रीमती सागरी बराल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में शामिल हो सके।
बीएलओ की समस्याओं का मौके पर किया समाधान
निरीक्षण के दौरान बीएलओ ने फील्ड वर्क के दौरान आने वाली विभिन्न व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं से उप निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने सभी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
देवघर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार श्रम अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार साह ने शनिवार को स्व. बिरजु मांझी की पत्नी श्रीमती जितनी देवी को मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत ₹50,000 का सहायता चेक प्रदान किया।
स्व. बिरजु मांझी, पिता शुकदेव मांझी, ग्राम देवघरबाद, पंचायत पथरड्डा, प्रखंड सारठ (जिला देवघर) के निवासी थे। वे चेन्नई (तमिलनाडु) में प्रवासी श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। 31 मई 2026 को कार्य के दौरान छत गिरने की दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी।
श्रम विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष के तहत दुर्घटना में मृत प्रवासी श्रमिक के आश्रितों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
श्रम अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार साह ने प्रवासी श्रमिकों से श्रमाधान पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने तथा इसकी जानकारी जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे आपातकालीन परिस्थितियों में श्रमिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मेट/ठेकेदार को आवश्यक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्राप्त करने के बाद ही श्रमिकों को राज्य से बाहर कार्य के लिए ले जाना चाहिए। श्रमाधान पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले प्रवासी श्रमिक सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मेला से जुड़े सभी विभाग अपने-अपने कार्य 25 जुलाई 2026 तक हर हाल में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें।
देवघर उपायुक्त और देवघर पुलिस अधीक्षक बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर प्रांगण में
उपायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बारिश और मॉनसून को देखते हुए विशेष सतर्कता के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला इस बार मानसून के दौरान आयोजित हो रहा है। ऐसे में सभी विभाग जलभराव, जल निकासी, पार्किंग, विद्युत सुरक्षा और सड़क मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता दें। सभी पंडालों को वाटरप्रूफ और मजबूत बनाने तथा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बाबा मंदिर और कांवरिया पथ के कार्य 25 जुलाई तक पूरे करने का निर्देश
बैठक में बाबा मंदिर परिसर, नए फुटओवर ब्रिज, रंग-रोगन और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। खिजुरिया से दुम्मा तक कांवरिया पथ पर—
साफ-सफाई
बालू बिछाने की व्यवस्था
पेयजल सुविधा
शौचालय एवं स्नानघर
विश्राम गृह
पेड़ों की छंटाई
अतिक्रमण हटाने
सूचना एवं सहायता केंद्र
को समय पर तैयार करने का निर्देश दिया गया।
तैयारी का जायजा लेते पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर
स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन रहेगा हाई अलर्ट पर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र में—
अस्थायी अस्पताल
स्वास्थ्य शिविर
हेल्थ कंट्रोल रूम
जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता
डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती
24 घंटे आपदा प्रबंधन टीम
पर्याप्त एम्बुलेंस सेवा
सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
34 हाईटेक सूचना सह सहायता केंद्र और 10 मातृत्व विश्राम गृह
इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 34 हाईटेक सूचना सह सहायता केंद्र बनाए जाएंगे, जहां मेला संबंधी सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह 24 घंटे संचालित रहेंगे।
6 सांस्कृतिक मंच, 30 एलईडी स्क्रीन और लेजर शो होगा आकर्षण का केंद्र
श्रावणी मेला को भव्य बनाने के लिए—
6 सांस्कृतिक मंच
30 एलईडी स्क्रीन
शिवलोक परिसर में प्रदर्शनी
शिवगंगा एवं जलसार में लाइट एंड साउंड शो
टॉवर चौक एवं बाबा मंदिर परिसर में लेजर शो
का आयोजन किया जाएगा।
पूरे मेला क्षेत्र में होगी आधुनिक लाइटिंग
रात में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र को आधुनिक रोशनी से सजाया जाएगा। विद्युत सुरक्षा को लेकर खुले तार, ट्रांसफार्मर, अर्थिंग एवं बिजली व्यवस्था की विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
8,723 पुलिसकर्मियों के हवाले होगी श्रावणी मेले की सुरक्षा
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने श्रावणी मेला 2026 के लिए सुरक्षा का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए कुल 8,723 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं—
92 डीएसपी/पुलिस उपाधीक्षक
28 इंस्पेक्टर
730 अवर निरीक्षक (SI)
1,110 सहायक अवर निरीक्षक/हवलदार
5,365 सशस्त्र बल के जवान
958 आईआरबी, जैप एवं जेआरएएफ के जवान
440 महिला पुलिसकर्मी
इन जिलों से आएंगे सबसे अधिक जवान
मेले की सुरक्षा के लिए—
जमशेदपुर – 500 जवान
पलामू – 435 जवान
गिरिडीह – 350 जवान
रांची – 325 जवान
चाईबासा – 300 जवान
गढ़वा – 300 जवान
चतरा – 260 जवान
के अलावा विभिन्न आईआरबी, जैप और जेआरएएफ बटालियनों की कंपनियां भी तैनात रहेंगी।
AI कैमरों और ड्रोन से होगी हाईटेक निगरानी
श्रावणी मेला इस बार पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था से लैस रहेगा।
मुख्य व्यवस्थाएं—
250 PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे
900 सर्विलांस कैमरे
ड्रोन कैमरों से निगरानी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे
इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम (IMCR)
पूरे मेला क्षेत्र और रूट लाइन की 24×7 मॉनिटरिंग
भीड़ नियंत्रण के लिए AI आधारित सिस्टम
संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी
गर्भगृह में मोबाइल और फोटोग्राफी पर रहेगा प्रतिबंध
बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोबाइल फोन और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी।
उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम और यादगार श्रावणी मेला का अनुभव मिल सके।
देवघर पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 10 जुलाई 2026 को साइबर थाना, देवघर पुलिस द्वारा पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में की गई।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर सारठ थाना क्षेत्र के पुरानीकेसिया स्थित टकवा जंगल में छापेमारी की गई। यहां कुछ साइबर अपराधी फर्जी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। छापेमारी के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ऐसे देते थे साइबर ठगी को अंजाम
प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपी निम्नलिखित तरीकों से लोगों को ठगते थे—
Flipkart, Amazon, Google Pay, PhonePe एवं Airtel Payment Bank के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करना।
PM Kisan Yojana, बिजली बिल, RTO चालान आदि के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करना।
Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank से जुड़ी जानकारी लेकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करना।
गिरफ्तार आरोपी
1. संजीत कुमार मंडल (24 वर्ष), निवासी– खुखरजोर, थाना– सारठ।
2. दिनेश कुमार दास (25 वर्ष), निवासी– गोविंदडीह, थाना– देवीपुर।
3. अनंत कुमार दास (20 वर्ष), निवासी– गोविंदडीह, थाना– देवीपुर।
4. प्रदीप कुमार दास (24 वर्ष), निवासी– गोविंदडीह, थाना– देवीपुर।
इस कार्रवाई में साइबर थाना देवघर के पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या APK फाइल पर भरोसा न करें। कोई भी व्यक्ति यदि खुद को बैंक, Google Pay, PhonePe, Flipkart, Amazon या अन्य संस्थानों का अधिकारी बताकर गोपनीय जानकारी मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाना को दें।
जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से देवघर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोहनपुर थाना क्षेत्र में अवैध ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के पास से 4.04 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक देवघर को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर थाना क्षेत्र के रामजोरिया के समीप यात्री शेड के पास दो व्यक्ति ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया और छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनकी विधिवत तलाशी लेने पर 4.04 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी
सुरज चौधरी उर्फ सोनू (31 वर्ष), पिता– ओमप्रकाश जायसवाल, निवासी– बुधवाकुरा, थाना– मोहनपुर, जिला– देवघर।
मनीष कुमार उर्फ सन्नी (23 वर्ष), पिता– प्रवीण कुमार यादव, निवासी– सिंहरायडीह, थाना– मोहनपुर, जिला– देवघर।
मामला दर्ज
इस संबंध में मोहनपुर थाना कांड संख्या 115/2026 दिनांक 10 जुलाई 2026 के तहत NDPS Act की धारा 21(b) में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जनता दरबार में स्कूल की समस्या उठते ही डीएसई को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
देवघर // जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड के जरका चंदना गांव में जमीन विवाद के कारण बंद पड़े राजकीयकृत मध्य विद्यालय को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने गंभीर रुख अपनाया है। जनता दरबार में मामला सामने आने के बाद उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एक किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध किसी सरकारी भवन को चिन्हित कर वहां पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में सुनी गईं आम लोगों की समस्याएं
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन एवं मुआवजा, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास, राशन कार्ड और राजस्व से जुड़े मामलों की शिकायतें रखीं। कई मामलों का मौके पर ही संबंधित विभागों द्वारा समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों की जांच कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
मिशन वात्सल्य योजना से जोड़ने का निर्देश
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने एकल अभिभावक (Single Parent) के बच्चों को मिशन वात्सल्य योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। इस योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ, बेसहारा अथवा एकल अभिभावक वाले बच्चों को ₹4,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उनकी शिक्षा और पालन-पोषण सुचारु रूप से हो सके।
हर बुधवार प्रखंड और अंचल कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार
उपायुक्त ने सभी बीडीओ एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले जनता दरबार में अधिक से अधिक मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की भौतिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुक्रवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों ने जमुआ-खोरीमहुआ मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
शादी के एक माह बाद हुई संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार, मृतका राजिया खातून की शादी करीब एक माह पहले कुरूमडीहा निवासी अब्जल अंसारी से हुई थी। राजिया का मायका भूचारोबाद (आजाद नगर) में है। गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के परिजन और रिश्तेदार ससुराल पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ससुराल पक्ष लगातार दहेज में मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर राजिया को प्रताड़ित किया जाता था और इसी कारण उसकी हत्या की गई।
शव रखकर किया सड़क जाम
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को गांव ले आए और जमुआ-खोरीमहुआ मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम
सूचना मिलने पर हीरोडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी देर तक परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र ने बताया कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
हीरोडीह थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत।
झारखंड के सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता, शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों के आधार पर जारी जिला स्तरीय स्कूल रैंकिंग 2026 में देवघर जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 पायदान की छलांग लगाकर राज्य में छठा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले में शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधार और शिक्षा विभाग की सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
19 प्रमुख संकेतकों के आधार पर तैयार हुई रैंकिंग
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा जारी इस रैंकिंग में सरकारी विद्यालयों का मूल्यांकन 19 प्रमुख संकेतकों के आधार पर किया गया। इनमें शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, नामांकन, शैक्षणिक गतिविधियां, आधार और अपार आईडी, पाठ्यपुस्तक वितरण, योजनाओं का क्रियान्वयन तथा अन्य प्रशासनिक मानकों को शामिल किया गया।देवघर ने किया उल्लेखनीय सुधाररिपोर्ट के अनुसार, देवघर जिले ने पिछले मूल्यांकन की तुलना में 13 स्थानों का सुधार करते हुए 71.12 अंक प्राप्त किए और राज्य में छठा स्थान हासिल किया। यह सुधार जिले में विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का परिणाम माना जा रहा है।
कोडरमा पहले, लोहरदगा दूसरे और सरायकेला-खरसावां तीसरे स्थान पर
नई रैंकिंग में कोडरमा 82.52 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। लोहरदगा 75.01 अंकों के साथ दूसरे तथा सरायकेला-खरसावां 68.34 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं देवघर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष छह जिलों में अपनी जगह बनाई।
पूर्वी सिंहभूम की रैंकिंग में बड़ी गिरावट
एक समय राज्य में पहले स्थान पर रहने वाला पूर्वी सिंहभूम इस बार 15वें स्थान पर पहुंच गया। रिपोर्ट में शिक्षकों की कम उपस्थिति, छात्रों के बैंक खाते नहीं खुलने तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।
शिक्षा विभाग के प्रयासों का मिला सकारात्मक परिणाम
देवघर में विद्यालयों की नियमित समीक्षा, शिक्षकों की उपस्थिति पर निगरानी, आधार एवं अपार आईडी निर्माण, समय पर पाठ्यपुस्तकों का वितरण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर रैंकिंग में देखने को मिला है। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का संकेत मिलता है।प्रमुख बातेंदेवघर ने 13 पायदान की छलांग लगाई।राज्य की स्कूल रैंकिंग में छठा स्थान हासिल किया।जिले को 71.12 अंक प्राप्त हुए।
शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार का मिला लाभ।
पूर्वी सिंहभूम पहले से फिसलकर 15वें स्थान पर पहुंचा।
देवघर: आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर नगर निगम की ओर से कराए जा रहे जनसुविधा कार्यों का नगर आयुक्त ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस आवासन, रूट लाइन एवं मेला क्षेत्र में चल रहे सड़क मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, जल निकासी तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
20 जुलाई से पहले सभी कार्य पूरे करने का निर्देश
नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य 20 जुलाई 2026 से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
रोजाना होगी कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने विभिन्न स्थलों पर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
नगर आयुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार, सहायक अभियंता पारस कुमार, कनीय अभियंता वैदेही शरण सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
देवघर // जिले के मधुपुर स्थित आंची देवी गर्ल्स मिडिल स्कूल में गुरुवार को छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन मंत्री हफीजूल हसन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 700 से अधिक छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण किया।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री हफीजूल हसन ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा और उनके आत्मनिर्भर भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों से स्कूल आने-जाने में छात्राओं को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए साइकिल वितरण योजना चलाई जा रही है।
ड्रॉपआउट दर कम करने में मिलेगी मदद
मंत्री ने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं का समय बचेगा, नियमित रूप से विद्यालय पहुंचना आसान होगा और पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) की समस्या में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियां ही समाज और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।
छात्राओं और अभिभावकों में खुशी
साइकिल मिलने के बाद छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों ने राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए मंत्री हफीजूल हसन का आभार व्यक्त किया।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर, जिला कल्याण पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
देवघर // पुलिस अधीक्षक देवघर, प्रवीण पुष्कर के निर्देशानुसार साईबर अपराधियों के विरूद्ध की जा रही लगातार कार्रवाई के आलोक में पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में देवघर पुलिस ने टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया और 11 (ग्यारह) साइबर आरोपी एवं 01 (एक) किशोर को साइबर अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार / निरूद्ध किया गया है।
देवघर जिला के विभिन्न थाना क्षेत्र में की छापेमारी
प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर देवघर जिला के मोहनपुर, बुढ़ई , देवीपुर करों, मार्गोमुंडा , पथरोल एवं पथरड्डा ओ०पी० क्षेत्र से संदिग्ध साईबर अपराधी द्वारा फर्जी तरीके से FLIPKART/Amazon pay के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Credit Card का अधिकारी, Airtel payment Bank पदाधिकारी एवं गूगल पर फोन पे कस्टमर केयर के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी।
उक्त सूचना के आलोक में टीम गठन कर की गई छापामारी के दौरान 01 (एक) निरूद्ध किशोर सहित कुल 12 (बारह) साइबर अपराधकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों के पास से बरामद मोबाईल फोन/सिम के प्रारंभिक जांच में साईबर ठगी में संलिप्तता पाई गयी हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः-
अजीत दास उम्र करीब 31 वर्ष पिता प्रदीप दास सा० पुनसिया थाना बुढ़ई
सिकंदर दास उम्र करीब 26 वर्ष पिता कार्तिक दास सा० पुनसिया थाना बुढ़ई
बुलू दास उम्र करीब 30 वर्ष पिता अर्जुन दास सा० तिलौना थाना देवीपुर
शिवम कुमार उम्र करीब 20 वर्ष पिता संतलाल मंडल सा० असाना थाना मोहनपुर
गोखुल मंडल उम्र करीब 25 वर्ष पिता स्व०. राजकुमार मंडल सा० नागादरी थाना करौं
चन्द्र कुमार मंडल उम्र करीब 24 वर्ष पिता स्व० पुलिस मंडल सा० नागादरी थाना करौं
ईसाक अंसारी उम्र करीब 37 वर्ष पिता रसीद मियां सा० नागादरी थाना करौं
नवाज अंसारी उम्र करीब 21 वर्ष पिता महमुद अंसारी सा० टटकजोरी थाना मारगोमुण्डा
मांगन महरा उम्र करीब 27 वर्ष पिता स्व० वकील महरा सा० सिरसा थाना पाथरौल
संदीप महरा उम्र करीब 22 वर्ष पिता दिनेश महरा सा० सिरसा थाना पाथरौल एवं
पंकज महरा उम्र करीब 27 वर्ष पिता सुभाष महरा सा० रंगा सिरसा थाना पाथरौल सभी जिला देवघर।
गिरफ्तार अभिक्तों की अपराध शैलीः-
फर्जी Google Pay/Phonepe/PayTM Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर ठगी करना।
Apk File (PM Kishan Yojna, Bijli Bill, RTO Challan) भेजकर मोबाईल का एक्सेस लेकर ठगी करना।
फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks app के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना।
फर्जी क्रेडिट कार्ड का लिंक भेजकर ठगी करना।
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से बरामद सामानों की विवरणीः-
नोटः- तकनीकी जांच के उपरांत पकड़ाए अभियुक्तों के पास से जप्त मोबाईल नम्बर एवं IMEI नम्बरों के विरूद्ध देश के विभिन्न राज्यों में साईबर ठगी के शिकायत दर्ज पाये गये हैं।
वारदात के 7 घंटे के अंदर मामले का उद्वेदन, दो गिरफ्तार
लोहरदगा // सदर थाना क्षेत्र के ओयना टोंगरी स्थित बंद पड़े पत्थर खदान से मंगलवार को बरामद क्षत-विक्षत शव हत्याकांड की गुत्थी सुलझा लिया है। पुलिस की स्पेशल टीम ने वारदात के महज 7 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर कांड में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहरी क्षेत्र के नूर नगर निवासी गुलजार खान का 22 वर्षीय पुत्र अरमान खान व आजाद बस्ती निवासी स्व तसौव्वर अहमद का पुत्र मो सहवाज अहमद उर्फ राज के रूप में कई गयी है। इस संदर्भ में बुधवार को पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर जानकारी दी।