BKD News Jharkhand | देवघर |
देवघर // के जसीडीह थाना क्षेत्र स्थित रुद्रा फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में 15 वर्षीय किशोर की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में एक आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। घटना में घायल 11 अन्य बच्चे सदर अस्पताल, देवघर में इलाजरत हैं।
17 जुलाई को नशा मुक्ति केंद्र में कराया था भर्ती
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता चंदन केशरी, निवासी झोसागाड़ी, सदर अस्पताल के समीप, देवघर ने बताया कि उन्होंने 17 जुलाई 2026 को अपने 15 वर्षीय पुत्र अक्षत कुमार केशरी को जसीडीह थाना क्षेत्र के डाबरग्राम स्थित रुद्रा फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
18 जुलाई को भी बेटे से मिलने नहीं दिया गया
शिकायत में कहा गया है कि 18 जुलाई को वह अपने बेटे के लिए कपड़े लेकर नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे थे। लेकिन वहां मौजूद अंकित कुमार ने गेट पर ही कपड़े लेकर उन्हें वापस भेज दिया। उन्हें अपने बेटे से मिलने नहीं दिया गया।

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि बेटे के पास मोबाइल होने के बावजूद नशा मुक्ति केंद्र के संचालक और कर्मचारी उससे बात नहीं करने देते थे। परिजनों से हमेशा केंद्र के मोबाइल से अंकित कुमार और अहिर मुखर्जी बात करते थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके बेटे की स्थिति के बारे में कभी कोई जानकारी नहीं दी गई।
23 जुलाई को आया फोन—’तबीयत खराब है, जल्दी आइए’
एफआईआर के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:42 बजे नशा मुक्ति केंद्र से फोन कर बताया गया कि उनके बेटे की तबीयत खराब है और जल्द केंद्र पहुंचने को कहा गया। जब शिकायतकर्ता ने अपने बेटे से बात कराने का आग्रह किया तो केंद्र के लोगों ने बात नहीं कराई।
केंद्र पहुंचने पर मृत अवस्था में मिला बेटा
शिकायतकर्ता अपने भाई के साथ करीब 2:15 बजे नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे। एफआईआर के अनुसार, वहां मुख्य गेट खुला था और परिसर में पुलिस मौजूद थी।
शिकायतकर्ता ने जब काउंसलर कृष्णा मुखर्जी से अपने बेटे के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह दूसरे कमरे में है। जब वह कमरे में पहुंचे तो उनका बेटा मृत अवस्था में पड़ा हुआ था।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि मृतक के पूरे शरीर पर जख्म के निशान थे और शरीर नीला पड़ चुका था।
मारपीट और करेंट लगाकर हत्या का आरोप
एफआईआर में गंभीर आरोप लगाया गया है कि कृष्णा मुखर्जी, अहिर मुखर्जी, अंकित कुमार, सुमित कुमार एवं अन्य कर्मचारियों ने आपसी षड्यंत्र के तहत बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बच्चे के शरीर पर किसी कठोर वस्तु से हमला किया गया तथा करेंट लगाकर उसे जान से मार दिया गया, जिसके बाद शव को कमरे में रख दिया गया और फिर परिजनों को फोन कर बुलाया गया।
इन लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस ने शिकायत के आधार पर निम्नलिखित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है—
- कृष्णा मुखर्जी
- अहिर मुखर्जी
- अंकित कुमार
- सुमित कुमार
- अन्य अज्ञात कर्मचारी
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।
23 जुलाई को फूटा लोगों का गुस्सा
घटना की जानकारी मिलने के बाद 23 जुलाई को स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने प्रदर्शन कर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, नशा मुक्ति केंद्र की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 24 जुलाई 2026 को नामजद आरोपी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपी कृष्णा मुखर्जी, अहिर मुखर्जी, सुमित कुमार समेत अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
11 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्र से निकाले गए 11 बच्चे फिलहाल सदर अस्पताल, देवघर में इलाजरत हैं। उनकी चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है। पूरे मामले की जांच जारी है।








