रांची // राजधानी रांची में एक दुखद घटना सामने आई है। वर्ष 2018 बैच की महिला दारोगा सुमित्रा कच्छप का इलाज के दौरान निधन हो गया। वह गिरिडीह जिला बल में पदस्थापित थीं और वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट, रांची में गिरिडीह जिला बल की कोर्ट नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थीं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह रांची के तुपुदाना स्थित राजेंद्र नर्सिंग होम में ऑपरेशन के जरिए सुमित्रा कच्छप ने एक बेटे को जन्म दिया था। परिवार में नवजात के आगमन की खुशी थी, लेकिन प्रसव के कुछ घंटों बाद देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी हालत गंभीर होने लगी। उन्हें तत्काल देवनिका अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजन उन्हें लालपुर क्षेत्र के एक बड़े अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रिम्स ले जाया गया।
रिम्स में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन बुधवार सुबह करीब छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बेटे को जन्म देने के कुछ ही घंटों बाद महिला दारोगा की मौत से परिवार में मातम पसर गया।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
सुमित्रा कच्छप के निधन की सूचना मिलने के बाद झारखंड पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को रांची पुलिस लाइन लाया गया। यहां पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारी और उनके सहकर्मी भावुक नजर आए।
नवजात के जन्म की खुशी बदली मातम में
जिस परिवार में मंगलवार सुबह बेटे के जन्म की खुशी थी, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम छा गया। नवजात ने दुनिया में कदम रखा, लेकिन उसकी मां सुमित्रा कच्छप हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गईं। सुमित्रा कच्छप के आकस्मिक निधन से उनके परिवार के साथ-साथ झारखंड पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है।





