देवघर // होली एवं डोल यात्रा के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुगम एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। बढ़ती मांग तथा यात्रियों को उनके गृह नगरों एवं प्रमुख गंतव्यों तक पहुँचाने की सुविधा के उद्देश्य से रेलवे ने हावड़ा से दिल्ली, कोलकाता से दिल्ली, आसनसोल से प्रयागराज तथा आसनसोल से विशाखापत्तनम के मध्य चार (04) अतिरिक्त एकतरफा अनारक्षित होली विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।
देखिए कहां से कहां तक चलेगी ये ट्रेनें
03015 हावड़ा – दिल्ली एकतरफा अनारक्षित विशेष ट्रेन दिनांक 01.03.2026 को 00:30 बजे हावड़ा से प्रस्थान करेगी तथा दिनांक 02.03.2026 को 13:00 बजे दिल्ली पहुँचेगी। यह ट्रेन मार्ग में आसनसोल मंडल के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर एवं जसीडीह स्टेशनों पर ठहरेगी।
03117 कोलकाता – दिल्ली एकतरफा अनारक्षित विशेष ट्रेन दिनांक 03.03.2026 को 15:30 बजे कोलकाता से प्रस्थान करेगी तथा दिनांक 05.03.2026 को 05:15 बजे दिल्ली पहुँचेगी। यह ट्रेन मार्ग में आसनसोल मंडल के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर एवं जसीडीह स्टेशनों पर ठहरेगी।
03531 आसनसोल – प्रयागराज एकतरफा अनारक्षित विशेष ट्रेन दिनांक 02.03.2026 को 12:30 बजे आसनसोल से प्रस्थान करेगी तथा दिनांक 03.03.2026 को 07:00 बजे प्रयागराज पहुँचेगी। यह ट्रेन मार्ग में आसनसोल मंडल के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर एवं जसीडीह स्टेशनों पर ठहरेगी।
03533 आसनसोल – विशाखापत्तनम एकतरफा अनारक्षित विशेष ट्रेन दिनांक 03.03.2026 को 09:10 बजे आसनसोल से प्रस्थान करेगी तथा दिनांक 04.03.2026 को 02:00 बजे विशाखापत्तनम पहुँचेगी।
रांची // राजधानी रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथ (प्रभात तारा) मैदान में रविवार को वृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के बैनर तले कुड़मी अधिकार महारैली का आयोजन किया गया।
महारैली की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र महतो एवं सखीचंद महतो ने संयुक्त रूप से किया। रैली में राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में कुड़मी समाज के लोग शामिल हुए।
कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने मांग
महारैली में वक्ताओं ने कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने तथा कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान देने की लंबित मांगों पर केंद्र एवं राज्य सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने कहा कि कुड़मी समाज पिछले 75 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और अब अपने संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए पुनः आंदोलन तेज किया जाएगा।
पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो की चेतावनी
उन्होंने आरोप लगाया कि छह सितंबर 1950 के निर्णय के बाद कुड़मी समाज को जनजातीय अधिकारों से वंचित कर पिछड़ा वर्ग में शामिल कर दिया गया। ओहदार ने कहा कि ब्रिटिश काल की जनगणनाओं में कुड़मियों को जनजातीय श्रेणियों में शामिल किया गया था, लेकिन आजादी के बाद उन्हें इस श्रेणी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों में निवास करने के कारण समाज को अधिकारों से दूर रखा गया। पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कुड़मी समाज को शीघ्र एसटी सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो पूरे झारखंड में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी।
जाति के रूप में ‘कुड़मी’ और भाषा के रूप में ‘कुड़माली’ दर्ज कराने का आह्वान किया
शिक्षाविद डॉ. अमर कुमार चौधरी ने कहा कि कुड़मी समाज लंबे समय से संवैधानिक अधिकारों से वंचित है। उन्होंने आगामी जनगणना में जाति के रूप में ‘कुड़मी’ और भाषा के रूप में ‘कुड़माली’ दर्ज कराने का आह्वान किया। भाजपा विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी के कारण कुड़मी समाज अब भी पिछड़ेपन का सामना कर रहा है। उन्होंने समाज से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और राजनीतिक रूप से संगठित होने की अपील की।
‘बाईसी प्रथा’ आज भी सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड गठन के बाद भी आरक्षण व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव कुड़मी समाज पर पड़ा है, जिससे युवाओं में बेरोजगारी बढ़ी है और सरकारी सेवाओं में समाज की भागीदारी सीमित रह गई है। कुड़मी समाज की महिला अध्यक्ष सुषमा महतो ने कहा कि समाज की पारंपरिक ‘बाईसी प्रथा’ आज भी सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करना आवश्यक है।
महारैली में कई प्रस्ताव पारित किए गए
महारैली में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें आगामी जनगणना में कुड़मी जाति एवं कुड़माली भाषा दर्ज कराने, बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने, युवाओं को उन्नत कृषि एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मार्गदर्शन के लिए नियमित कार्यक्रम चलाने का निर्णय शामिल है।
महारैली में हजारों महिला-पुरुषों की भागीदारी
कार्यक्रम में रणधीर चौधरी, संजय लाल महतो, थानेश्वर महतो, रामचंद्र महतो, कपिल देव महतो, पार्वती देवी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे। महारैली में हजारों महिला-पुरुषों की भागीदारी ने समाज की एकजुटता और अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया।
देवघर // जिला के देवीपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक साइबर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। देवघर पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और जितेंद्र दास नामक युवक को हिरासत में लिया । हिरासत में लिए युवक की मोबाइल की जांच की गई और पुलिस को साइबर अपराध से जुड़े कई सबूत मिले जिसके बाद पुलिस ने इसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
साइबर ठगी का तरीका
गूगल पर अपना फर्जी मोबाईल नंबर कस्टमर केअर के नाम से अपलोड कर साइबर वगी करना।
2. फर्जी Phorpe /Paytm Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर
Phonpe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना।
फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर
उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आन सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना।
छापामारी का स्थान-1. मधुपुर थाना अंतर्गत ग्राम-ढाकोटिल्हा, जिला-देवघर।
देवघर // जिला प्रशासन ने बताया कि बाबा मंदिर धाम मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए बाहर से आने वाले श्रद्धालु गूगल मैप का सहारा लेते हुए संकरी एवं तंग गलियों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे यातायात की सुगमता बाधित हो जाती है। इस कारण श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
गूगल मैप पर प्रवेश निषेध घोषित
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए देवघर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ के निर्देशानुसार, देवघर यातायात पुलिस ने एक अभूतपूर्व निर्णय लिया है। अब मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख संकीर्ण मार्गों को गूगल मैप पर प्रवेश निषेध घोषित कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई श्रद्धालु गूगल मैप पर लाइव ट्रैफिक का उपयोग करते हुए मंदिर तक पहुँचने का प्रयास करेगा, तो उसे ये संकीर्ण मार्ग गूगल मैप पर रोड क्लोज्ड (बंद मार्ग) के रूप में दिखाई देंगे, जिससे वह सीधे सुरक्षित एवं सुगम मार्ग की ओर निर्देशित हो सकेगा।
गूगल मैप नहीं होगा बदनाम अब संकीर्ण रास्ता दिखेगा बंद ❌
यह पहल यातायात को सुचारू बनाए रखने एवं श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद व सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। घंटों जाम से बचना है तो अब गूगल मैप को बनाएं अपना नेविगेटर प्रशासन के अनुसार, मंदिर के आसपास स्थित संकरी और तंग गलियों में अक्सर श्रद्धालु अपने चार पहिया वाहन लेकर घुस जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए मंदिर की ओर जाने वाले 17 से अधिक प्रमुख रास्तों को चार पहिया वाहनों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रतिबंधित मार्गों में ये शामिल हैं
जलसार से मंदिर जाने का रास्ता
सब्जी मंडी से मंदिर जाने का रास्ता
आजाद चौक से मंदिर जाने का रास्ता
टावर चौक से मंदिर जाने का रास्ता
धोबिया गली, ड्रोलिया गली, डोमासी गली सहित अन्य संकरी गलियां
📱Google Maps बनेगा आपका जरिया
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाहर से वाहन लेकर आने वाले हर श्रद्धालु के लिए लाइव गूगल मैप का उपयोग करना अब सबसे बड़ा सहायक साबित होगा। पुलिस ने गूगल मैप पर सभी बंद मार्गों को अपडेट कर दिया है, जिससे श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही यह जान सकेंगे कि कौन-सा रास्ता अवरुद्ध है और कौन-सा उनके वाहन के लिए खुला है।यातायात पुलिस के अनुसार, लाइव गूगल मैप देखकर चलने से श्रद्धालु न केवल बंद गलियों में घुसने से बचेंगे, बल्कि घंटों जाम में फंसने से भी बच जाएंगे।
देवघर पुलिस की अपील
देवघर यातायात पुलिस ने सभी भक्तों से विनम्र अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और पुलिस कर्मियों द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्य बिंदु यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु मंदिर प्रवेश के सभी 17 प्रमुख मार्गों मे चार पहिया वाहन प्रवेश पर प्रतिबंध बाहर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र में प्रवेश से पूर्व गूगल मैप अवश्य देखें
बंद मार्गों की लाइव एंट्री गूगल मैप पर अपडेट निर्धारित पार्किंग स्थलों का करें उपयोग, पुलिस निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे
रामगढ़ // रामगढ़ नगर परिषद चुनाव ने इस बार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल तकनीक के उपयोग का नया इतिहास रच दिया। पारंपरिक सूचना प्रणाली से आगे बढ़ते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतगणना और चुनाव परिणामों को वास्तविक समय में जनता तक पहुंचाया, जिसे देश-विदेश में व्यापक सराहना मिली।
डिजिटल सिस्टम से पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के जिला सूचना अधिकारी सह संयुक्त निदेशक बीरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में विकसित निष्ठाक (न्यूट्रल इंटीग्रेटेड सिक्योर हार्मोनाइज पर्सनल एलोकेशन एंड कंट्रोल सिस्टम) को चुनाव प्रक्रिया में लागू किया गया।
इस प्रणाली का उद्देश्य निष्पक्ष, सुरक्षित और एकीकृत कार्मिक तैनाती एवं आवंटन व्यवस्था तैयार करना था, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम हों और चुनाव परिणाम तुरंत सार्वजनिक किए जा सकें। यह पहल डिजिटल तकनीक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रभावी समन्वय का उदाहरण बनी।
उच्च तकनीकी मानकों पर तैयार प्लेटफॉर्म
सिस्टम को एनआईसी के उच्च सुरक्षा और तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित किया गया। बहुस्तरीय तकनीकी ढांचे के कारण डेटा प्रोसेसिंग अत्यंत तेज रही और कुछ मिलीसेकंड में हजारों गणनाएं संभव हो सकीं।चुनाव परिणामों को सार्वजनिक करने के लिए https://ramgarh.net नामक निजी डोमेन का उपयोग किया गया, जिससे नागरिकों को सरल और तेज़ पहुंच उपलब्ध हुई। वेबसाइट का डैशबोर्ड हर 20 सेकंड में स्वतः रीफ्रेश होता था, जिससे मतगणना केंद्र और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बीच किसी प्रकार की देरी नहीं रही।
ऑपरेशनल इनोवेशन से कम हुई मानवीय त्रुटि
मतगणना के दौरान संभावित मानवीय त्रुटियों और मीडिया दबाव को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक नवाचार लागू किए गए। समाचार चैनलों की शैली में तैयार लाइव डैशबोर्ड पर विजेताओं के नाम लगातार स्क्रॉल होते रहे। हर नए अपडेट के साथ स्क्रीन पर ‘लाइव प्लस’ संकेतक प्रदर्शित होता था, जिससे दर्शकों को तुरंत जानकारी मिलती रही कि परिणाम अपडेट हो चुके हैं।
वैश्विक स्तर पर मिला जबरदस्त प्रतिसाद
अमेरिका, श्रीलंका, रोमानिया और सऊदी अरब सहित कई देशों में चुनाव परिणामों को लाइव देखा
रामगढ़ नगर परिषद चुनाव का यह डिजिटल प्रयोग वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना। मतगणना के दिन पोर्टल को 11,38,255 से अधिक हिट्स प्राप्त हुए। इनमें से 11,34,757 अनुरोध भारत के विभिन्न राज्यों से आए, जबकि अमेरिका, श्रीलंका, रोमानिया और सऊदी अरब सहित कई देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों ने भी चुनाव परिणामों को लाइव देखा। जिला स्तरीय पोर्टल पर इतनी बड़ी संख्या में ट्रैफिक को सफलतापूर्वक संभालना इसकी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पहल भविष्य के चुनावों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है, जहां पारदर्शिता, गति और सार्वजनिक भागीदारी को तकनीक के माध्यम से मजबूत किया जा सके। रामगढ़ का यह डिजिटल चुनाव प्रबंधन मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है।
भागलपुर // भागलपुर के सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि पीएम किसान योजना का पैसा लाभुकों के खाते से अवैध रूप से निकासी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडा फोड़ करते हुए प्रमुख सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सिटी एसपी ने कहा कि एसएसपी के निर्देशानुसार साईबर अपराध से संबंधित कांडो में संलिप्त साइबर अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए लगातार तकनीकी विश्लेषण एवं छापामारी किया जा रहा है।
केवाईसी के नाम पर धोखे से खाता खोलकर पैसे की निकासी कर ली
इसी क्रम में चंदन कुमार साह के द्वारा लिखित रूप सूचना दिया गया कि पीएम किसान योजना के तहत जिन किसानों का पैसा खाते का केवाईसी नही होने के कारण रूका हुआ है। उसका केवाईसी के नाम पर एक गिरोह द्वारा धोखे से खाता खोलकर लाभुकों का सारा अवैध रूप से निकासी किया जा रहा है।
इस संबंध में साइबर थाना भागलपुर में सुसंगत धारओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया। उक्त सूचना का सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए एसएसपी के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक, नगर भागलपुर के निगरानी तथा पुलिस उपाधीक्षक, साइबर भागलपुर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
छापामारी के क्रम में दो को किया गिरफ्तार
गठित टीम द्वारा तकनीकी अनुसंधान से ज्ञात हुआ कि उक्त कांड में संलिप्त दो साइबर अपराधियों द्वारा अपने अन्य सहयोगियों के मदद से भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत किसी स्थान से गिरोह का तकनीकी संचालन किया जा रहा है। गठित टीम के द्वारा सूचना के सत्यापन एवं गिरफ्तारी के लिए तकनीकी अनुसंधान से प्राप्त सूचना के आधार पर मोजाहिदपुर थानान्तर्गत मुहल्ला वारसलीगंज स्थित एक मकान में छापामारी किया गया। दो आरोपी को किया गिरफ्तार।
लैपटॉप, मोबाईल फोन, एटीएम, पासबुक बरामद
जहा छापामारी के क्रम में दो साइबर अपराधियों अमर कुमार तांती एवं राहुल कुमार को इस घटना में प्रयोग किये जाने वाले लैपटॉप, मोबाईल फोन, एटीएम, खाता पासबुक, मोबाईल प्रिंटर मशीन, बायोमेट्रिक मशीन, चार्जर एवं लाखों में नगद राशि के साथ गिरफ्तार कर इस संबंध में आवश्यक पूछ-ताछ कर इस कांड संलिप्त अन्य अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगतार छापामारी किया जा रहा है।
कोलकाता // पश्चिम बंगाल में शनिवार शाम चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद सामने आए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में मतदाताओं की शुचिता को लेकर एक अभूतपूर्व अभियान चलाया गया। इस नई सूची के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी विचाराधीन श्रेणी से निकलकर आए हैं, जिसमें राज्य के लगभग 60 लाख छह हजार 675 मतदाताओं को संदिग्ध मानते हुए उनके मतदान अधिकार को फिलहाल रोक दिया गया है।
संदिग्ध मतदाताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा उन जिलों में है जो बांग्लादेश से सटी हुई हैं।
इन मतदाताओं की नागरिकता और दस्तावेजों की वैधता अब न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इनका नाम मतदाता सूची में रहेगा या नहीं, इसका निर्णय उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार उच्च न्यायालय की न्यायिक बेंच करेगी। इसकी सुनवाई लगातार चल रही है और दावा किया जा रहा है कि राज्य में चुनाव के ऐलान से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस पूरी रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर जो सबसे प्रमुख तथ्य उभरकर सामने आता है, वह है संदिग्ध मतदाताओं का भौगोलिक केंद्र। चुनाव आयोग के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि संदिग्ध मतदाताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा उन जिलों में है जिनकी सीमाएं सीधे तौर पर बांग्लादेश से सटी हुई हैं।
मुर्शिदाबाद जिला में 11 लाख एक हजार 145 मतदाताओं के नाम संदिग्ध पाए गए हैं।
इन इलाकों में लंबे समय से अवैध घुसपैठ और मतदाता सूचियों में हेरफेर के आरोप लगते रहे हैं। आंकड़ों के प्रवाह में देखें तो मुर्शिदाबाद जिला इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर है, जहां अकेले 11 लाख एक हजार 145 मतदाताओं के नाम संदिग्ध पाए गए हैं। यह संख्या पूरे राज्य के संदिग्ध मामलों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है, जो जिला स्तर पर एक बहुत बड़ी विसंगति को दर्शाता है। यह वही जिला है जहां हिंदुओं के साथ पिछले दो सालों से लगातार हिंसा होती रही है और इस जिले में करीब 70 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी है तथा मूल निवासी बंगाली समुदाय घटकर 30 फीसदी के करीब पहुंच गया है।
उत्तर 24 परगना में पांच लाख 91 हजार 252 मतदाता जांच के घेरे में हैं
मुर्शिदाबाद के ठीक बाद मालदा जिले की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक और संवेदनशील बनी हुई है। मालदा में आठ लाख 28 हजार 127 मतदाताओं को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। जिले की कुल आबादी और क्षेत्रफल के अनुपात में मालदा में संदिग्धों की यह संख्या राज्य में सबसे प्रभावी मानी जा रही है। इसी तरह दक्षिण बंगाल के सामरिक और सीमावर्ती महत्व वाले जिले उत्तर 24 परगना में पांच लाख 91 हजार 252 मतदाता जांच के घेरे में हैं, जबकि दक्षिण 24 परगना में भी पांच लाख 22 हजार से अधिक नामों को ‘होल्ड’ पर रखा गया है।
झाड़ग्राम में संदिग्ध मतदाताओं की संख्या मात्र छह हजार 682 है
इन चार प्रमुख सीमावर्ती जिलों मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना को मिलाकर ही कुल संदिग्धों का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बन जाता है, जो यह संकेत देता है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की जड़ें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब ही गहरी हैं।इसके विपरीत, जब हम राज्य के उन जिलों की ओर देखते हैं जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से दूर या अंदरूनी इलाकों में स्थित हैं, तो वहां की तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है। उदाहरण के तौर पर झाड़ग्राम में संदिग्ध मतदाताओं की संख्या मात्र छह हजार 682 है और कलिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिले में यह आंकड़ा महज छह हजार 790 तक ही सीमित है।
60 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच के लिए सैकड़ों न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
सीमावर्ती और अंदरूनी जिलों के बीच का यह भारी अंतर उस प्रशासनिक चुनौती को उजागर करता है जिसका सामना चुनाव आयोग को सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के कारण करना पड़ रहा है। वर्तमान में इन सभी 60 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सैकड़ों न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। जब तक ये अधिकारी अपनी जांच पूरी कर हरी झंडी नहीं दे देते, तब तक इन मतदाताओं के नाम मुख्य सूची से बाहर रहेंगे और वे मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
Mirzapur // उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में जिगना थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में शनिवार रात पुलिस ने एक मकान में पुलिस ने छापा मारा। यहां से तीन युवतियों और युवकों को बाहर निकाला गया। थाना प्रभारी संजय सिंह ने रविवार को बताया कि गौरा गांव के ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा था कि कुछ युवक पिछले कई महीनों से किराये के मकान में बिना पुलिस सत्यापन के रह रहे थे। आरोप है कि ये युवक रात में युवतियों को बुलाते हैं।
युवती के पिता ने पीआरवी को दी सूचना शुरू हुई छापेमारी
तीन युवतियों और युवकों को बाहर निकाला गया।
शनिवार रात को भी एक युवती के पिता ने पीआरवी को सूचना दी कि उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर एक मकान में बुलाया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान की तलाशी ली और वहां से तीन युवतियों और युवकों को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और आक्रोश जताया।थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर मौजूद कुछ युवकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। किराएदारों के सत्यापन दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
देवघर // अधीक्षक उत्पाद, देवघर के निर्देशानुसार होली पर्व के मद्देनजर पथरौल थाना के सहयोग से पथरौल थाना अंतर्गत नयाचक एवं लुटिया में अवैध महुआ चुलाई शराब के विनिर्माण स्थल तथा मधुपुर थाना अंतर्गत मधुपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित महुआ चुलाई शराब के बिक्री स्थल पर छापामारी की गई।
छापामारी के क्रम में 02 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया एवं शराब चुलाई हेतु तैयार 1200 कि.ग्रा. जावा महुआ को छापामारी स्थल पर विनष्ट कर 90 लीटर अवैध महुआ चुलाई शराब को जब्त किया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
रायपुर // राजधानी रायपुर के खरोरा में पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को सड़क हादसे का शक्ल देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने जांच में हत्या का पर्दाफाश कर दिया।
भाई के शिकायत पर पुलिस ने शुरू की कार्यवाही
थाना खरोरा से रविवार काे मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को पीड़ित भागवत सारथी ने सूचना दी थी कि उसके छोटे भाई किशोर का शव ग्राम मांठ स्थित सागौन वाटिका के पास संदिग्ध अवस्था में सड़क किनारे पड़ा हुआ है। मौके पर पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू कर दी। परिजनों ने प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर शव को सागौन वाटिका की ओर घसीटकर फेंका गया है। मामला हत्या का पाए जाने से धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पत्नी ने अपने प्रेमी कुलदीप के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि मृतक की पत्नी और लिलेश उर्फ मुरू उर्फ कुलदीप नामक व्यक्ति के बीच पिछले कुछ महीनों से प्रेम संबंध था। इस अवैध संबंध की जानकारी किशोर को पता चल गई, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती थी। इसी से परेशान होकर पत्नी ने अपने प्रेमी कुलदीप के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
आरोपी पत्नी और अन्य आरोपी
पत्नी सहित चार आराेपित गिरफ्तार
शुक्रवार को उसने रात 9 बजे बहन को लेने के लिए पति को ग्राम बिठिया भेज दिया। इस दौरान पहले से ही खरोरा-रायपुर रोड पर आरोपित घात लगाकर बैठे थे। थार सवार आरोपिताें ने किशोर की माेटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हाे गया, इसके बाद, आराेपिताें ने उसकी हत्या कर दी।
घटना में इस्तेमाल थार वाहन को किया जब्त्त
प्रकरण में षड्यंत्रपूर्वक हत्या किया जाना पाए जाने से धारा 61(2) भा.न्या.सं. जोड़ी गई। मामले में मृतक की पत्नी सहित कुल चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया है। वहीं घटना में इस्तेमाल थार वाहन को जब्त्त कर आरोपिताें के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
रांची// होली और रामनवमी पर्व को लेकर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार सघन छापेमारी अभियान चला रहा है। इसी क्रम में रविवार को उत्पाद विभाग की टीम ने रांची जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध एवं नकली शराब बरामद की तथा आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया।
थाना क्षेत्र के इन जगहों में को छापेमारी
उत्पाद विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक आयुक्त उत्पाद को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विधानसभा थाना क्षेत्र के महुआ टोली एवं डहु टोली, नगड़ी थाना अंतर्गत गागी टोली और सेम्बो तथा बेड़ों थाना क्षेत्र के इटा चिनरी गांव में एक साथ छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान इटा चिनरी से 09 पेटी में कुल 290 पीस यानी 73.65 लीटर नकली विदेशी शराब बरामद की गई। इस मामले में एक आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।
सात अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा अन्य स्थानों पर की गई कार्रवाई में भारी मात्रा में विदेशी शराब, बियर, अवैध चुलाई शराब तथा जावा महुआ जब्त किया गया। अभियान के दौरान कुल सात अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में संजीत मिंज, पिंटू बाड़ू, अनिल लिंडा, सुनील उरांव, अजय कुजूर, रौशन केरकेट्टा, राजू कच्छप एवं निखिल तिर्की शामिल हैं।
अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
उत्पाद विभाग ने आरोपितों के पास से कुल 80.925 लीटर विदेशी शराब, 65.1 लीटर बियर, 9.9 लीटर ब्रिजर, 100 लीटर अवैध चुलाई शराब तथा लगभग 500 किलोग्राम जावा महुआ बरामद किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पर्व-त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पश्चिमी सिंहभूम // झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान आज सुबह आईईडी विस्फोट से 209 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। घटना की पुष्टि पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने की है।
सहायक कमांडेंट अजय मलिक गंभीर रूप से जख्मी
सुरक्षा बलों को सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर 209 कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए जंगल में निकली थी। टीम दुर्गम और घने इलाके से गुजर रही थी, तभी जमीन के नीचे प्लांट किया गया प्रेशर आईईडी अचानक फट गया। विस्फोट की चपेट में आने से सहायक कमांडेंट अजय मलिक गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी
बाकी जवानों ने मोर्चा संभालते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी बुलाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस मुख्यालय को तत्काल सूचना दी गई। घायल सहायक कमांडेंट अजय मलिक को तत्काल घटनास्थल से सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची एयरलिफ्ट किया गया है। एसपी अमित रेणु ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
धनबाद // धनबाद नगर निगम चुनाव में जनता ने अपना नया मेयर चुन लिया है। धनबाद की जनता ने संजीव सिंह को रिकॉर्ड 114362 मत देकर धनबाद का नया मेयर बना दिया है। 27 फरवरी को शुरू हुआ मतगणना दूसरे दिन 28 फरवरी तक चला। निगम के 55 वार्डो के साथ मेयर प्रत्याशी की गिनती पुरी हो गई है।
जेएमएम दूसरे तो कांग्रेस तीसरे वही भाजपा चौथे नंबर पर
मतगणना के पहले चक्र से लगातार संजीव सिंह 10 वे राउंड तक बढ़त बना रहा। संजीव सिंह को कुल वोट 114362 मिले, जबकि जेएमएम समर्थित प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल 82460 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, कॉग्रेस समर्थित प्रत्याशी शमशेर आलम को 59079 वोट, जबकि भाजपा समर्थित प्रत्याशी संजीव कुमार को जनता ने 57895 वोट दिया है। वहीं, जीत की घोषणा के बाद संजीव सिंह के समर्थकों और सिंह मेंशन में जश्न का माहौल है।
भाजपा से बागी होकर लड़े चुनाव
भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे और पहले राउंड की गिनती से ही दबदबा जारी रखा और धनबाद के नए मेयर बन गए संजीव सिंह । चुनवा जितने के बाद Sanjiv Singh ने पॉलिटेक्निक से अपने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए सिंह मेंशन पहुंचे। जहां उनके परिवार के लोगों ने उन्हें तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल रहा।
देवघर // जिला अधिवक्ता संघ सभागार में शनिवार के दिन महिला अधिवक्ताओं ने होली मिलन समारोह का आयोजन किया। इसमें महिला अधिवक्ताओं ने अपनी भागीदारी दिखायी और एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। महिला अधिवक्ताएं होली के गीतों पर जमकर थिरकीं, साथ ही सभी ने स्वादिष्ट व्यंजनों का भी स्वाद लिया। महिला अधिवक्ताओं ने इस दौरान अपनी प्रस्तुतियां भी दीं। किसी ने गीत गाये, तो किसी ने एकल नृत्य की प्रस्तुति दी। होली मिलन कार्यक्रम में उपस्थित महिला अधिवक्ता, प्रस्तुति देकर मनोरंजन किया और सभी ने खूब ठहाके लगाये। इस अवसर पर कविता झा, सुचित्रा झा, रजनी सिन्हा, नीता प्रसाद, कांता सिंह, मीनाक्षी मुर्मू, महामाया राय, रत्ना प्रिया, रेखा कुमारी, अंकिता कुमारी, ज्योति कर्मशील, पूजा केशरी, अंकिता यादव, नीलम कुमारी, सोनी सिंह, पूजा कुमारी, सोनम, संझा, क्रांति हांसदा, मुस्कान, श्रुति, प्रिया, अनामिका, स्नेहा आदि मौजूद थीं।
तेहरान/न्यूयॉर्क // ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की हमले में मौत, देश के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने की पुष्टि- सीएनएन की रिपोर्ट
“वैध सैन्य लक्ष्य” घोषित
अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को “वैध सैन्य लक्ष्य” घोषित कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरसन और यूएन सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि तेहरान तब तक आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करता रहेगा, जब तक कथित “आक्रामकता” पूरी तरह और बिना शर्त बंद नहीं हो जाती।
ईरान इजरायल युद्ध
उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और हवाई हमलों को “सशस्त्र आक्रमण” बताया। पत्र में कहा गया कि ईरान शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का जवाब देने के लिए अपनी सभी आवश्यक रक्षात्मक क्षमताओं का उपयोग करेगा। रक्षा मंत्रालय की चेतावनी ईरान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह अपनी सैन्य कार्रवाइयों को जारी रखने के लिए पूर्ण हथियार और उपकरण समर्थन देता रहेगा, “जब तक दुश्मन की पराजय नहीं हो जाती।” मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को ऐसी कार्रवाई बताया जो अंततः उनके “विफलता और दंड” का कारण बनेगी, और “कड़ा व पछतावे योग्य जवाब” देने की चेतावनी दी।
ईरान की दुश्मनी अमेरिकी जनता से नहीं है, बल्कि उन नीतियों से है
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक वरिष्ठ कमांडर ने दावा किया कि अब तक केवल “पुराने या सीमित” मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है और अगली प्रतिक्रिया में अधिक शक्तिशाली तथा अप्रत्याशित हथियार तैनात किए जा सकते हैं।‘हम अपने बच्चों के कातिलों को सजा देंगे’अराघची ने सोशल मीडिया पर अमेरिका के हमले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान इस कार्रवाई के कारणों को नहीं समझता और संभव है कि अमेरिकी प्रशासन इसमें “खींचा गया हो। ” उन्होंने चेतावनी दी, “ईरान उन लोगों को सजा देगा जो हमारे बच्चों को मारते हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की दुश्मनी अमेरिकी जनता से नहीं है, बल्कि उन नीतियों से है जिन्हें लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी नागरिकों को “गुमराह” किया जा रहा है।
24 प्रांत प्रभावित, 201 मौतें
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रवक्ता ने मेहर समाचार एजेंसी को बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों से देश के 24 प्रांत प्रभावित हुए हैं। अब तक कम से कम 201 लोगों की मौत और 747 के घायल होने की पुष्टि की गई है।रेड क्रेसेंट की 220 से अधिक टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम जारी है। मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों के बयानों से संकेत मिलते हैं कि टकराव अभी थमता नजर नहीं आ रहा। (ही.स.)