झारखंड की आवाज

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निशा भगत की मौत से झारखंड में शोक और आक्रोश, देखिए सीएम ने क्या कहा…

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रांची/गुमला। झारखंड की आदिवासी नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत के असामयिक निधन से राज्य के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है। आदिवासी समाज की पहचान, सरना धर्म, जल-जंगल-जमीन और जनजातीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली निशा भगत ने सामाजिक आंदोलन से लेकर चुनावी राजनीति तक अपनी अलग पहचान बनाई थी। 6 नवंबर 2026 को रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में उनकी मौत की खबर सामने आई। मौत से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित उनके फेसबुक लाइव वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

निशा भगत की मौत के बाद उनके राजनीतिक जीवन, सामाजिक संघर्ष और विभिन्न संगठनों से जुड़े सफर की चर्चा भी तेज हो गई है।

कांग्रेस से शुरू हुई थी राजनीतिक पारी

निशा भगत ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। दिसंबर 2023 में वह कांग्रेस के शक्ति सुपर शी अभियान से जुड़ी थीं। इस दौरान उन्होंने झारखंड में स्टेट कोऑर्डिनेटर और प्रदेश युवा कांग्रेस की उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी।

कांग्रेस से जुड़ने के बाद उन्होंने आदिवासी समाज और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता बढ़ाई। हालांकि, बाद में उन्होंने कांग्रेस से दूरी बनाकर झारखंड की क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।

JLKM में शामिल होकर 2024 में गुमला से लड़ा विधानसभा चुनाव

कांग्रेस के बाद निशा भगत झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से जुड़ीं। वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें गुमला विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने JLKM के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं।

चुनाव के बाद भी वह आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखती रहीं। वर्ष 2025 में कुड़मी-महतो समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध सहित कुछ मुद्दों पर पार्टी के साथ उनके मतभेद सामने आए। इसके बाद JLKM ने उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद सामाजिक कार्यों में जुटीं

निशा भगत मूल रूप से गुमला जिले की रहने वाली थीं। उन्होंने दुर्गापुर स्थित डीएसएमएस संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। इसके बाद बेंगलुरु में नौकरी भी की, लेकिन कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर अपने गृह क्षेत्र लौट आईं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गईं।

उनके पिता हंदू भगत भी झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे हैं। पिता के सामाजिक और आंदोलनकारी जीवन का प्रभाव निशा की विचारधारा और कार्यशैली में भी दिखाई देता था।

सरना धर्म और आदिवासी अस्मिता के मुद्दे पर रहीं मुखर

निशा भगत की सामाजिक सक्रियता का प्रमुख केंद्र आदिवासी समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान थी। वह सरना धर्म कोड, सरना झंडा, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, सीएनटी-एसपीटी कानून और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों को उठाती थीं।

सितंबर 2025 में उन्हें केंद्रीय सरना समिति की केंद्रीय महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। इस भूमिका में उन्होंने आदिवासी महिलाओं को संगठित करने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम किया।

दिसंबर 2025 में धर्मांतरण और डीलिस्टिंग के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने मुंडन भी कराया था। इस घटना के बाद वह एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में आई थीं।

मौत से पहले फेसबुक लाइव में बताई अपनी परेशानी

6 नवंबर को मौत से पहले निशा भगत फेसबुक पर लाइव आई थीं। करीब 10 से 11 मिनट के इस वीडियो में वह भावुक होकर अपनी परेशानी बताती नजर आईं। उन्होंने घर में कथित चोरी, बदनामी और पुलिस-प्रशासन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए।

लाइव के दौरान उन्होंने जमीन से जुड़े विवादों और कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए। खबर यह भी है कि उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी से फोन पर बात करते हुए अपनी स्थिति और परेशानी का जिक्र किया था।

वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पिता ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

निशा भगत की मौत के बाद उनके पिता हंदू भगत ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सीबीआई जांच कराने की मांग उठाते हुए अपनी बेटी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करने की अपील की है।

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फ़ाइल फोटो निशा भगत के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से

वहीं, झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (प्रथम मुख्यमंत्री) बाबूलाल मरांडी ने निशा भगत के पैतृक आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

पुलिस के अनुसार, पिठोरिया थाना क्षेत्र में हुई घटना के बाद अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक सफर पर एक नजर

  • दिसंबर 2023: कांग्रेस के शक्ति सुपर शी अभियान की झारखंड स्टेट कोऑर्डिनेटर और प्रदेश युवा कांग्रेस की उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय।
  • वर्ष 2024: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के टिकट पर गुमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।
  • वर्ष 2025: JLKM से छह वर्षों के लिए निष्कासित।
  • सितंबर 2025: केंद्रीय सरना समिति की केंद्रीय महिला अध्यक्ष बनीं।
  • दिसंबर 2025: डीलिस्टिंग और धर्मांतरण के मुद्दे पर मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया।
  • 6 नवंबर 2026: रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में निधन।

निशा भगत का जीवन सामाजिक सक्रियता, आदिवासी अधिकारों की आवाज और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा रहा। उनकी मौत ने झारखंड में जमीन विवाद, आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। अब परिजनों के साथ-साथ समाज की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

नोट: इस समाचार में मौत से संबंधित आरोपों को संबंधित व्यक्तियों के आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही तय होगी।

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छठ पर्व के दौरान आसनसोल एवं पटना साहिब के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

आसनसोल // छठ पर्व के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए पूर्व रेलवे ने आसनसोल एवं पटना साहिब तथा आसनसोल एवं बेतिया के बीच अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।

  • 03513 आसनसोल – पटना साहिब अनारक्षित स्पेशल 11.11.2026 एवं 13.11.2026 को आसनसोल से 19:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 01:45 बजे पटना साहिब पहुंचेगी। वापसी में,
  • 03514 पटना साहिब – आसनसोल अनारक्षित स्पेशल 12.11.2026 एवं 14.11.2026 को पटना साहिब से 02:15 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 09:20 बजे आसनसोल पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में अपनी यात्रा के दौरान पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर एवं जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी।•
  • 03515 आसनसोल – बेतिया अनारक्षित स्पेशल 12.11.2026 को आसनसोल से 13:50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 01:00 बजे बेतिया पहुंचेगी। वापसी में,
  • 03516 बेतिया – आसनसोल अनारक्षित स्पेशल 13.11.2026 को बेतिया से 02:30 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 14:00 बजे आसनसोल पहुंचेगी।

यह ट्रेन दोनों दिशाओं में अपनी यात्रा के दौरान पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत चित्तरंजन, मधुपुर एवं जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी।

मईंया योजना, पेंशन एवं राजस्व से संबंधित मामलों को ऑन स्पॉट हुआ निष्पादन

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■ उपायुक्त की अध्यक्षता में जनता दरबार का किया गया आयोजन….

उपायुक्त ने प्राथमिकता के आधार पर नेत्रहीन युवक को अंबेडकर आवास योजना से जोड़ने का दिया आदेश

नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए सार्वजनिक गली पर अतिक्रमण से जुड़े मामलें में जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश….

आंगनवाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता से जुड़े मामले में जांच करने का आदेश

देवघर// जिलावासियों के समस्याओं के समाधान और त्वरित निष्पादन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने जनता दरबार में भू-अर्जन व मुआवजा भुगतान से संबंधित, झारखण्ड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, पेंशन, आवास से जुड़े मामलों को उपायुक्त के समक्ष रखा। साथ ही उपायुक्त द्वारा वहां उपस्थित सभी लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनी गयी एवं आश्वस्त किया गया कि संज्ञान में आए हुए सभी शिकायतों की जाँच कराते हुए जल्द से जल्द सभी का समाधान किया जाएगा। वहीं जनता दरबार के दौरान राशन कार्ड में नाम जोड़ने, झारखण्ड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, पेंशन एवं राजस्व से संबंधित मामलों को ऑन स्पॉट निराकरण संबंधित विभाग द्वारा किया गया।

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इसके अलावा जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने देवघर जिले के गिधनी पंचायत निवासी नेत्रहीन श्रवण कुमार मांझी को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारी को अंबेडकर आवास योजना से जोड़ते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया। आगे मोहनपुर प्रखंड के मोरने ग्राम की निवासी मुतापसा खातून ने आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप से जुड़े मामले को संज्ञान में लेते हुए उप विकास आयुक्त को मामले की जांच करने का निर्देश दिया, ताकि आंगनवाड़ी केंद्र में स्थानीय और योग्य उम्मीदवार का चयन किया जा सके। वही जसीडीह निवासी आजाद मियां के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने सहायक निर्देशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग को निर्देशित किया कि झारखंड मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लंबित बकाया राशि से जुड़े मामलें की जांच कर भुगतान किया जाए।

इसके अतिरिक्त बीएन साह रोड निवासी के जुड़े आवेदन पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नगर आयुक्त व अनुमंडल पदाधिकारी को नगर निगम देवघर से बिना स्वीकृत नक्शा मकान निर्माण करने एवं सार्वजनिक गली भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलें में जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार के दौरान जिले के सारवां प्रखंड अंतर्गत ग्राम सिरसा (टोला सिबलियाटांड़, पंचायत बंड़ाजोरी) से जुड़े मामलें में कार्यपालक अभियंता पीएचडी को निर्देश दिया कि पेयजल समस्या का शत प्रतिशत निदान सुनिश्चित करते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराएं। इसके अलावा जनता दरबार के दौरान मधुपुर निवासी खालिद के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने डेयरी फार्म व्यवसाय को लेकर गव्य विकास योजना से जोड़ने का निर्देश गव्य विकास पदाधिकारी को दिया। इसके साथ ही, उपायुक्त ने आम जनता और विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त शिकायतों व ज्ञापनों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित सुनवाई करते हुए मामलों का निष्पादन करने को कहा गया है। लापरवाही बरतने वाले या मामलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जनता दरबार में पहुँची सारवां प्रखंड की बच्ची; उपायुक्त ने कैरियर काउंसिलिंग कर बढ़ाया हौसला, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

आज जनता दरबार में सारवां प्रखंड की एक छोटी बच्ची अपनी समस्याओं के बजाय उपायुक्त से मार्गदर्शन और बातचीत का समय मांगने पहुँची। बच्ची के इस अनूठे और सकारात्मक प्रयास को देख उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न सिर्फ उससे आत्मीय बातचीत की, बल्कि उसकी हौसला अफजाई भी की।

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बच्ची से संवाद के दौरान उपायुक्त ने उसकी रुचि और आगे की पढ़ाई को लेकर विस्तार से जानकारी ली। बच्ची के उज्ज्वल भविष्य और उसकी प्रतिभा को सही दिशा देने के उद्देश्य से उपायुक्त द्वारा उसे एक बेहतर कैरियर काउंसिलिंग दी गई, ताकि वह सही राह चुनकर जीवन में आगे बढ़ सके।

पुलिस बनकर ट्रक लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया ट्रक और इनोवा कार बरामद

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देवघर। देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी बनकर ट्रक रोकने और चालक-खलासी को अपने वाहन में बैठाकर ट्रक लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कांड में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर लूटा गया ट्रक, वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 5 नवंबर 2026 की सुबह करीब सात बजे सूचना मिली थी कि कुछ अज्ञात लोगों ने पुलिस बताकर एक तार लदे ट्रक को कागजात जांचने के बहाने रोका। इसके बाद चालक और खलासी को अपने वाहन में बैठा लिया गया। आरोप है कि ट्रक मालिक से पैसों की मांग की गई और अपराधी ट्रक लेकर फरार हो गए।

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घटना के संबंध में दिल्ली निवासी रामेश्वर (48 वर्ष), पिता स्वर्गीय भरत सिंह, ने मोहनपुर थाना में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर मोहनपुर थाना कांड संख्या 178/2026, दिनांक 05 नवंबर 2026 दर्ज किया गया।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई SIT, त्वरित कार्रवाई में दो गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कांड के उद्भेदन के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार राय (45 वर्ष), पिता भिखारी राय, निवासी गादी नवादा, थाना चकाई, जिला जमुई, बिहार, वर्तमान पता मानिकपुर, थाना जसीडीह, जिला देवघर तथा कैलाशपति मिश्रा (35 वर्ष), पिता स्वर्गीय शरद कुमार मिश्रा, निवासी पुरानी बाजार, थाना झाझा, जिला जमुई, बिहार, वर्तमान पता मानिकपुर, थाना जसीडीह, जिला देवघर के रूप में हुई है।

लूटा गया ट्रक और वारदात में इस्तेमाल इनोवा कार बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर DL-01ILAH-4721) बरामद किया। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर JH-15AF-0051) और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

छापेमारी दल में ये पुलिस पदाधिकारी थे शामिल

इस कार्रवाई में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुलदीप कुमार के नेतृत्व में मोहनपुर थाना प्रभारी पु०अ०नि० संदीप कृष्णा, स०अ०नि० राकेश कुमार रंजन, स०अ०नि० सुरेश कुमार रमानी, स०अ०नि० प्रमोद कुमार कुमार सहित मोहनपुर थाना के रिजर्व गार्ड और स्थानीय चौकीदार शामिल थे।

पुलिस की इस कार्रवाई से ट्रक लूट की घटना का खुलासा हुआ है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सनावद के Mass Study में दिवाली की धूम, कर्मचारियों को मिले उपहार

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सनावद (मध्य प्रदेश)। दीपों का पर्व दीपावली देशभर में हर्षोल्लास, उमंग और आपसी प्रेम के साथ मनाया जाता है। मध्य प्रदेश के सनावद शहर में भी दीपावली की खुशियां देखने को मिलीं। इसी कड़ी में Mass Study कोचिंग सेंटर में दीपावली का त्योहार उत्साह और पारिवारिक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर के संचालक कमलेश यादव ने अपने सभी कर्मचारियों को दिवाली के उपहार भेंट कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में Pro Speaker Batch के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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Mass Study कोचिंग सेंटर में आयोजित इस दिवाली मिलन समारोह में शिक्षा के साथ-साथ आपसी सहयोग, सम्मान और अपनापन की झलक देखने को मिली। संचालक कमलेश यादव ने अपने कर्मचारियों को उपहार देकर उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

देश के छह राज्यों के 30 से अधिक विद्यार्थी बने उत्सव का हिस्सा

Mass Study के Pro Speaker Batch की खास बात यह है कि इसमें केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 30 से अधिक विद्यार्थी शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों और परिवेश से आए इन विद्यार्थियों ने एक साथ दिवाली की खुशियां साझा कर आपसी एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया। इस आयोजन ने यह भी दर्शाया कि शिक्षा का केंद्र केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता, बल्कि यहां रिश्ते, संस्कार और आपसी जुड़ाव भी विकसित होते हैं।

मध्य प्रदेश में धनतेरस से शुरू होती है दीपावली की रौनक

मध्य प्रदेश में दीपावली का उत्सव सामान्यतः पांच दिनों तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। धनतेरस के दिन लोग भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। और मध्य प्रदेश के सनावद शहर में सबसे अच्छी चीजें यह देखने को मिलती है कि सभी घरों के द्वार पर घर के महिला एवं बच्चियां रंगोली बनाते हैं। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। बाजारों में विशेष रौनक रहती है और घरों में दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

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फोटो: रंगोली बनाते हुए

इसके अगले दिन नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस दिन घरों की साफ-सफाई, दीप प्रज्वलन और धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है।

दीपावली पर दीपों से जगमगाते हैं घर और बाजार

अमावस्या के दिन मुख्य दीपावली मनाई जाती है। मध्य प्रदेश के शहरों और गांवों में लोग अपने घरों को रंगोली, फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों से सजाते हैं। शाम को भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके बाद घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं। बच्चे आतिशबाजी का आनंद लेते हैं और परिवार के सदस्य एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर शुभकामनाएं देते हैं।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज के साथ होता है पांच दिवसीय पर्व का समापन

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर गोवर्धन पर्वत के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है। मंदिरों में अन्नकूट का आयोजन होता है और विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाता है।

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इसके बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह प्रकट करते हैं। इस तरह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाला पांच दिवसीय दीपोत्सव प्रेम, परंपरा और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।

Mass Study कोचिंग सेंटर में आयोजित दिवाली समारोह ने भी इसी भावना को जीवंत किया। कर्मचारियों को सम्मान और उपहार देना तथा विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों का एक साथ त्योहार मनाना इस आयोजन की खास पहचान रही। रोशनी और खुशियों के इस पर्व पर Mass Study परिवार ने एकजुटता, सम्मान और आपसी भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।

मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 को लेकर देवघर में सुपरवाइजरों के साथ जूम बैठक, प्रपत्र-1, 2 और 3 पर दिए गए निर्देश

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देवघर। मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को देवघर में सभी सुपरवाइजरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता उप निर्वाचन पदाधिकारी सागरी बराल ने की।

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बैठक में मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी सुपरवाइजरों को प्रपत्र-1, प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3 के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुनरीक्षण कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि नहीं हो, इसके लिए सभी संबंधित कर्मी पूरी सजगता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

प्रपत्रों के निष्पादन में सावधानी बरतने का निर्देश

बैठक के दौरान प्रपत्र-1, 2 एवं 3 से संबंधित प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया। उप निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा करें, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में मदद मिल सके।

#DownloadECINet अभियान से मतदाताओं को जोड़ने की पहल

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड, रांची के निर्देशानुसार गुरुवार को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विशेष सोशल मीडिया जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इसके तहत सुपरवाइजरों, बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) और आम नागरिकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #DownloadECINet हैशटैग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को डिजिटल माध्यम से निर्वाचन आयोग की ऑनलाइन सेवाओं से जोड़ना और इन सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। उप निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी सुपरवाइजरों को स्वयं इस हैशटैग का उपयोग करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों के नागरिकों को भी इसके प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया।

जिला निर्वाचन प्रशासन की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

देवघर में 500 बेड के अस्पताल और 50 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की तैयारी, जमीन चिह्नित करने का निर्देश

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देवघर। जिले में विकास योजनाओं को गति देने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में राजस्व एवं भू-अर्जन कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सुरक्षा और परिवहन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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बैठक में देवघर जिले में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण, 50 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, कुंडा थाना के नए भवन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की दिशा में भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारियों को इन परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त भूमि का चयन करने को कहा।

रेलवे और सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

समीक्षा के दौरान मोहनपुर-हंसडीहा, बासुकीनाथ-चितरा और जसीडीह बाईपास रेल लाइन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा देवघर बाईपास राजमार्ग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की विभिन्न परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को जल्द दूर कर परियोजनाओं को गति देने का निर्देश दिया।

सरकारी जमीन से हटेगा अतिक्रमण, चलेगा विशेष अभियान

उपायुक्त ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को गंभीरता से लेते हुए सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और हाट-बाजारों पर भी जोर

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर शेष आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, स्थानीय हाट-बाजारों के विकास, नई जमीन की उपलब्धता और पुराने बाजारों के जीर्णोद्धार को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके साथ ही परिशोधन पोर्टल पर लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अंचलाधिकारियों को स्थानीय प्रधानों के साथ नियमित बैठक करने तथा आपदा से जुड़े लंबित मामलों और मुआवजा राशि के वितरण में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया।

बैठक में भू-अर्जन एवं विशेष भू-अर्जन से संबंधित मामलों में तेजी लाने के साथ विधि विभाग के अधिकारियों को भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी, विशेष भू-अर्जन से जुड़े अधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, विधि विभाग के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

झारखंड स्टेट बार काउंसिल को मिला नया नेतृत्व, अभय कुमार चतुर्वेदी अध्यक्ष और रिंकू भकत बने उपाध्यक्ष

रांची। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारियों के बहुप्रतीक्षित चुनाव का परिणाम बुधवार, 4 नवंबर को घोषित कर दिया गया। चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार चतुर्वेदी (एके चतुर्वेदी) ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। वहीं, रिंकू भकत उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके अलावा प्रशांत कुमार सिंह को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के प्रतिनिधि सदस्य के पद पर सफलता मिली।

डोरंडा स्थित कार्यालय में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया

चुनाव की पूरी प्रक्रिया रांची के डोरंडा स्थित झारखंड स्टेट बार काउंसिल कार्यालय में संपन्न कराई गई। मुख्य चुनाव पदाधिकारी न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की निगरानी में मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया पूरी हुई। इस चुनाव में कुल 26 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें बार काउंसिल के 25 निर्वाचित सदस्य और राज्य के महाधिवक्ता शामिल थे।

अभय कुमार चतुर्वेदी को मिली अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

अध्यक्ष पद के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार चतुर्वेदी ने जीत हासिल कर काउंसिल की कमान अपने हाथों में ली। उनके निर्वाचन के साथ ही झारखंड स्टेट बार काउंसिल को नया नेतृत्व मिल गया है। राज्यभर के अधिवक्ताओं की निगाहें इस चुनाव के परिणाम पर टिकी थीं।

रिंकू भकत उपाध्यक्ष, प्रशांत कुमार सिंह बीसीआई प्रतिनिधि निर्वाचित

उपाध्यक्ष पद पर रिंकू भकत ने जीत दर्ज की। वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि सदस्य पद के लिए हुए त्रिकोणीय मुकाबले में प्रशांत कुमार सिंह विजयी घोषित किए गए।

अधिवक्ताओं के हितों को आगे बढ़ाने की होगी चुनौती

मतदान के बाद मुख्य चुनाव पदाधिकारी की देखरेख में मतगणना पूरी की गई और तीनों महत्वपूर्ण पदों के परिणाम घोषित किए गए। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने राज्य के अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं का समाधान, कल्याणकारी योजनाओं को गति देने तथा बार काउंसिल की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को राज्यभर के अधिवक्ताओं की ओर से बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि नया नेतृत्व अधिवक्ता समुदाय की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: BKD News Jharkhand

झारखंड के ‘प्रोजेक्ट शिशु’ जैसी योजनाओं को पूरे देश में लागू करने की जरूरत : मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत

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देवघर में आयोजित राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर में बोले भारत के मुख्य न्यायाधीश; 1,880 लाभुकों के बीच 14.46 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों एवं योजनाओं का लाभ वितरित

देवघर, 02 नवंबर। सिविल कोर्ट परिसर, देवघर में सोमवार को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, देवघर एवं जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने झारखंड में संचालित ‘प्रोजेक्ट शिशु’ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरे भारतवर्ष में लागू करने की आवश्यकता है, ताकि अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण, शिक्षा और बेहतर भविष्य मिल सके।

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कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर एवं न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह, झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। भारत के मुख्य न्यायाधीश की धर्मपत्नी श्रीमती सविता वशिष्ठ की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- जरूरतमंदों तक खुद पहुंचे विधिक सेवा संस्थाएं

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय का वास्तविक अर्थ केवल न्यायालय तक पहुंचना नहीं, बल्कि आम नागरिक को उसके अधिकारों का वास्तविक लाभ मिलना है। किसी वृद्ध महिला को रुकी हुई पेंशन मिलना, श्रमिक को उसकी मेहनत की मजदूरी प्राप्त होना, किसी बच्चे को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलना तथा पीड़ित परिवार को समय पर सहायता उपलब्ध होना भी न्याय की सार्थक अभिव्यक्ति है।

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उन्होंने विधिक सेवा संस्थाओं से आग्रह किया कि वे जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचें और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें। उन्होंने सैनिकों एवं उनके परिवारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘NALSA वीर परिवार सहायता योजना’ तथा लंबित विवादों के आपसी सहमति से समाधान के लिए संचालित ‘मीडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान का भी उल्लेख किया।

मुख्य न्यायाधीश ने झारखंड की सामाजिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं के माध्यम से विधिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने पारा विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही प्रोजेक्ट शिशु के तहत बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लगातार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

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उन्होंने कहा कि शिविर की सफलता का आकलन केवल लाभ वितरण के आंकड़ों से नहीं, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि कितने जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ। इसके लिए लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही और लाभार्थियों को उनके आवेदन की स्थिति की जानकारी देना जरूरी है।

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ

स्वागत एवं उद्घाटन संबोधन में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस राज्य स्तरीय शिविर का मुख्य उद्देश्य विधिक अधिकारों की जानकारी को वास्तविक सहायता एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय और सहायता पहुंचाना आवश्यक है। कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी, आवश्यक दस्तावेज या उचित मार्गदर्शन के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने पलामू एवं रांची में विधिक सहायता क्लिनिकों के उद्घाटन, पीड़ितों को सहायता, प्रोजेक्ट शिशु तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण को महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस शिविर के माध्यम से 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को NALSA, झालसा एवं विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर ने ‘मीडिएशन फॉर द नेशन’ और वीर परिवार सहायता योजना की सराहना की

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर ने अपने संबोधन में ‘मीडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान एवं ‘NALSA वीर परिवार सहायता योजना’ सहित विभिन्न विधिक सहायता कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं और अभियानों के माध्यम से हजारों जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता एवं राहत प्राप्त हुई है।

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उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को आम नागरिकों तक न्याय की पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने प्रोजेक्ट शिशु को बताया महत्वपूर्ण पहल

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने झारखंड में बच्चों के संरक्षण एवं उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में संचालित ‘प्रोजेक्ट शिशु’ की विशेष रूप से सराहना की।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से झारखंड के अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को विधिक सहायता तथा आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, बेहतर भविष्य और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के देवघर आगमन एवं कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति के लिए आभार भी व्यक्त किया।

पलामू और रांची में विधिक सहायता क्लिनिक का वर्चुअल उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने कर-कमलों से वर्चुअल माध्यम के जरिए पलामू स्थित भीष्म नारायण सिंह विधि महाविद्यालय तथा रांची स्थित सरला बिरला विश्वविद्यालय में स्थापित विधिक सहायता क्लिनिक (Legal Aid Clinic) का विधिवत उद्घाटन किया।

इन क्लिनिकों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को विधिक जानकारी, मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

1,880 लाभुकों के बीच 14 करोड़ 46 लाख 90 हजार रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण

शिविर में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं मंचासीन अन्य न्यायमूर्तियों के कर-कमलों से विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत चयनित पात्र लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों एवं योजनाओं का लाभ वितरित किया गया।

इस दौरान कुल 1,880 लाभुकों के बीच 1,446.90 लाख रुपये अर्थात 14 करोड़ 46 लाख 90 हजार रुपये की राशि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत वितरित की गई।

इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभुकों एवं पीड़ितों को चेक के माध्यम से सहायता राशि और प्रतिकर राशि भी प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों एवं वंचितों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

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विशेष रूप से पीड़ितों को प्रतिकर राशि उपलब्ध कराना न्याय एवं पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

न्यायपालिका, झालसा और जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित हुआ शिविर

इस राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना, जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना था।

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शिविर के माध्यम से आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम ने न्यायपालिका, विधिक सेवा प्राधिकार और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल पेश की। कार्यक्रम के अंत में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के स्वागत में डीबीए ने रखी बड़ी मांग, संताल परगना में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का किया आग्रह

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देवघर। भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के देवघर आगमन के अवसर पर जिला बार एसोसिएशन, देवघर की ओर से स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्य न्यायाधीश का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए देवघर की ऐतिहासिक, धार्मिक और भौगोलिक विशेषताओं का उल्लेख किया गया। साथ ही संताल परगना के litigants और अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देवघर में झारखंड उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई।

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जिला बार एसोसिएशन की ओर से प्रस्तुत स्वागत संबोधन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत की उपस्थिति को देवघर के संपूर्ण विधिक समुदाय के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बताया गया। एसोसिएशन ने उनके न्यायिक अनुभव, ऐतिहासिक फैसलों, कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता और न्याय के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की।

कई न्यायिक हस्तियों का किया गया स्वागत

स्वागत संबोधन में मुख्य न्यायाधीश के साथ उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। इनमें माननीय न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, माननीय न्यायमूर्ति श्री अपरेश कुमार सिंह, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, माननीय न्यायमूर्ति श्री सुजीत नारायण प्रसाद, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री रोंगोन मुखोपाध्याय शामिल हैं।

सौ वर्षों से अधिक पुरानी है देवघर बार एसोसिएशन की विरासत

एसोसिएशन ने अपने संबोधन में बताया कि देवघर जिला बार एसोसिएशन की गौरवशाली विरासत सौ वर्षों से अधिक पुरानी है। इस बार एसोसिएशन ने न्यायिक और विधिक क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व दिए हैं। यहां के अधिवक्ताओं ने सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कई अधिवक्ता विधायक, विधान पार्षद और देवघर नगर निगम के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहकर जनसेवा कर चुके हैं।

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संबोधन में बार और बेंच के बीच लंबे समय से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया गया। एसोसिएशन ने न्यायपालिका के साथ मिलकर आम लोगों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग

स्वागत संबोधन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष देवघर में झारखंड उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने का आग्रह रहा। जिला बार एसोसिएशन ने कहा कि संताल परगना क्षेत्र में देवघर इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। देवघर की भौगोलिक स्थिति, बेहतर रेल संपर्क, अंतरराज्यीय बस सुविधा, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, होटल, लॉज, धर्मशालाएं और होमस्टे जैसी सुविधाएं इसे न्यायिक बेंच की स्थापना के लिए अनुकूल बनाती हैं।

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इसके अलावा देवघर में एम्स जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने तथा जिला बार एसोसिएशन के समृद्ध पुस्तकालय का भी उल्लेख किया गया। एसोसिएशन का मानना है कि देवघर में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से संताल परगना के अधिवक्ताओं और मुकदमेबाजों को काफी सहूलियत मिलेगी तथा न्याय तक उनकी पहुंच आसान होगी।

जिला बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से इस मांग पर सकारात्मक विचार करने का अनुरोध किया। अंत में एसोसिएशन की ओर से न्यायमूर्ति सूर्यकांत के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और देश की न्यायिक सेवा में उनके दीर्घ एवं गौरवशाली कार्यकाल की कामना की गई।

जिला बार एसोसिएशन, देवघर (झारखंड) की ओर से यह स्वागत संबोधन 2 नवंबर 2026 को प्रस्तुत किया गया।

सीजेआई के आगमन को लेकर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव

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जिले में भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव: ताकि आमजनों के साथ छोटे वाहनों को आवागमन में न हो असुविधा…..

भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट…..

उपायुक्त के निर्देशानुसार अनुमण्डल पदाधिकारी-सह-अनुमण्डल दण्डाधिकारी देवघर, रवि कुमार द्वारा भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के देवघर जिला अंतर्गत प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह आदेश आज दिनांक 02.11.2026 को दोपहर 03:00 बजे से लेकर रात्रि 09:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान वीआईपी रूट लाइन पर सभी प्रकार के बड़े और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से निषेध रहेगा।

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भारी वाहनों के लिए प्रमुख निषेध एवं रूट डायवर्ट बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. चौपामोड़: भागलपुर और हंसडीहा की ओर से आने वाले सभी व्यावसायिक वाहन और बसें देवघर शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इन वाहनों को चौपामोड़ से हिण्डोलावरण, तीरनगर होते हुए सारवां के रास्ते भेजा जाएगा।
  2. हिण्डोलावरण मोड़: इसे पूर्ण प्रवेश निषेध बिंदु (No Entry Point) बनाया गया है।
  3. उजाला चौक: हिण्डोलावरण की ओर से तपोवन होते हुए शहर की ओर आने वाली सभी भारी व्यावसायिक बसों का उजाला चौक से शहर में प्रवेश वर्जित रहेगा।
  4. कोठिया मोड़: सुल्तानगंज की ओर से आने वाले भारी वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। ये वाहन कनमटिया मोड़, रिखिया और मोहनपुर होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
  5. प्रहलाद चौक: रांची और गिरिडीह की ओर से आने वाले सभी भारी वाहनों का प्रहलाद चौक से शहर की ओर प्रवेश बंद रहेगा।
  6. रोहिणी शहीद द्वार: इस द्वार से सभी प्रकार के भारी वाहनों का शहर की ओर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  7. कोरियासा मोड़: कोरियासा मोड़ से सभी प्रकार के भारी वाहनों और व्यावसायिक बसों का शहर में प्रवेश निषेध रहेगा।
  8. कर्णकोल मोड़: सारठ और सारवां की ओर से आने वाले भारी वाहनों का कर्णकोल मोड़ से शहर की ओर प्रवेश वर्जित रहेगा।
  9. एयरपोर्ट मोड़: मधुपुर की ओर से आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों का एयरपोर्ट मोड़ से आगे प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
  10. जटाही मोड़: रांगा मोड़ एवं गिधनी की ओर से आने वाले सभी भारी वाहनों और व्यावसायिक बसों का जटाही मोड़ से बरमसिया की ओर प्रवेश निषेध रहेगा।

जिला प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस समयावधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए निर्धारित रूट का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।

देवघर में अंतरजिला साइबर ठगी गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार, पांच मोबाइल और छह सिम कार्ड बरामद

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देवघर। साइबर अपराधियों के खिलाफ देवघर पुलिस की लगातार कार्रवाई के तहत पुलिस ने चार संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा०पु०से०) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 31 अक्टूबर 2026 को पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई।

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पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी तरीके से फ्लिपकार्ट, अमेजन पे के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, एयरटेल पेमेंट बैंक के पदाधिकारी और गूगल पर उपलब्ध फोन-पे कस्टमर केयर के नाम पर आम लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है।

  • राहुल कुमार रवाणी (19 वर्ष), पिता गुड्डू रवाणी, निवासी डुमरतर, थाना करौं, जिला देवघर।
  • गौतम कुमार मंडल (28 वर्ष), पिता दयानंद मंडल, निवासी दामोडीह, थाना रामगढ़, जिला दुमका।
  • बिरेन्द्र दास (20 वर्ष), पिता बच्चू दास, निवासी छाताकुरूम, थाना पथरड्डा ओपी, जिला देवघर।
  • दीपक कुमार दास (24 वर्ष), पिता शशी महरा, निवासी छाताकुरूम, थाना पथरड्डा ओपी, जिला देवघर।

इस तरीके से लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की ठगी करने की शैली में कई तरीके शामिल थे।

आरोपी फर्जी गूगल पे, फोन-पे और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का लालच देते थे।

इसके अलावा पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस प्राप्त करने के बाद ठगी की जाती थी। वहीं, एयरटेल पेमेंट बैंक का अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से बैंक कार्ड बंद होने और उसे दोबारा चालू कराने का झांसा देकर भी लोगों को निशाना बनाया जाता था।

छठ पर्व को लेकर डीसी ने गंगा घाटों का किया निरीक्षण, असुरक्षित घाटों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश

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साहिबगंज। आगामी छठ महापर्व को लेकर जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने अधिकारियों के साथ साहिबगंज शहरी क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान शकुंतला सहाय घाट से चानन घाट तक करीब 3 से 4 किलोमीटर क्षेत्र का जायजा लेकर घाटों की सुरक्षा, जलस्तर और कटाव की स्थिति का आकलन किया।

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निरीक्षण के दौरान बिजली घाट, मुक्तेश्वर घाट, ओझाटोली घाट, मलाही टोला घाट, चानन घाट और कबूतर खोपी घाट सहित अन्य घाटों की स्थिति देखी गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को सुरक्षित और असुरक्षित घाटों को चिह्नित करने तथा खतरनाक घाटों पर श्रद्धालुओं का आवागमन प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सुरक्षित घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही घाटों पर पर्याप्त संख्या में चौकीदार, गोताखोर और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

ओझाटोली घाट पर पानी की गहराई अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए बांस के माध्यम से वास्तविक गहराई मापने का निर्देश दिया गया है।

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उपायुक्त ने जिलेवासियों और छठव्रतियों से अपील की कि प्रशासन द्वारा असुरक्षित घोषित घाटों का उपयोग नहीं करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता विजय कुमार, एसडीओ अमर जॉन आईन्द, अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू, नगर प्रशासक अभिषेक कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत होंगे मुख्य अतिथि

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देवघर। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची एवं जिला प्रशासन देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 2 नवंबर 2026 को देवघर सिविल कोर्ट परिसर में राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति श्री शिरीष चंद्रशेखर एवं न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय सहित हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश एवं गणमान्य अतिथियों की भी उपस्थिति रहेगी।

विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

कार्यक्रम के दौरान पलामू एवं रांची में विधिक सहायता क्लीनिक का वर्चुअल उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा पीड़ितों के बीच चेक वितरण, प्रोजेक्ट शिशु के तहत लाभ का वितरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों को लाभ प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह एवं न्यायमूर्ति शिरीष चंद्रशेखर का विशेष संबोधन होगा। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य संबोधन देंगे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान एवं हाई-टी के साथ होगा।

अधिवक्ताओं से आईडी कार्ड के साथ उपस्थित रहने की अपील

इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम को लेकर देवघर के अधिवक्ताओं से अपने-अपने पहचान पत्र (आईडी कार्ड) के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अधिवक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपना अधिवक्ता पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएं, ताकि कार्यक्रम में उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 5:15 बजे अतिथियों के आगमन के साथ होगा। इसके बाद स्वागत एवं सम्मान समारोह, दीप प्रज्वलन और अन्य निर्धारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कौन हैं नीरज कुमार ? जिसने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, अनंत सिंह को करना होगा सरेंडर

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पटना। मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह से जुड़े दुलारचंद यादव हत्याकांड में एक बार फिर नीरज कुमार चर्चा में हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कौन हैं नीरज, जिनकी याचिका पर अनंत सिंह को सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है?

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दाखिल करने वाले नीरज कुमार दिवंगत दुलारचंद यादव के पोते हैं। उनका नाम जदयू के नवनिर्वाचित एमएलसी नीरज कुमार से जोड़कर भी देखा जा रहा था, लेकिन दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं।

दादा की शवयात्रा के दौरान आए थे चर्चा में

दुलारचंद यादव की हत्या के बाद उनकी शवयात्रा के दौरान एक युवक ट्रैक्टर पर बैठा दिखाई दिया था। बताया जाता है कि वह युवक दुलारचंद यादव का पोता नीरज था। उस समय उसने अपने परिवार की ओर से यह संकल्प जताया था कि जब तक दादा की हत्या के आरोपितों को जेल नहीं भेजा जाएगा, तब तक तेरहवीं का कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट में जमानत को दी चुनौती

दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने जमानत के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। इसी मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की जांच निर्धारित समयसीमा में पूरी करने का भी निर्देश दिया है।

अनंत सिंह ने दी अपनी प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बातचीत में उन्होंने नीरज कुमार पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया। अनंत सिंह ने कई बार इसका जिक्र कर चुका है एम एल सी चुनाव में भी जदयू में रहते हुए जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया और विरोध का कारण भी यही बताया कि नीरज मेरे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया है इसलिए हम विरोध कर रहे हैं , अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है।

एक नाम से पैदा हुआ भ्रम

इस मामले में नीरज कुमार नाम को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले नीरज दिवंगत दुलारचंद यादव के पोते हैं, न कि जदयू के नवनिर्वाचित एमएलसी नीरज कुमार। इस अंतर को समझना जरूरी है।

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