देवघर // जिला में साइबर क्राइम को लेकर लगातार कार्यवाही की जा रही है और पुलिस साइबर क्राइम के आरोप में लगातार छापेमारी कर बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है।
शुक्रवार को भी पुलिस ने देवघर जिला के खागा थाना क्षेत्र व करौं थाना क्षेत्र से संदिग्ध साईबर अपराधी द्वारा फर्जी तरीके से FLIPKART/Amazon pay के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel payment Bank पदाधिकारी एवं गूगल पर फोन पे कस्टमर केयर एवं पी०एम० किसान योजना के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसकी सूचना मिली जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी किया और पुलिस ने 5 आरोपी को किया गिरफ्तार।
गिरफ्तार आरोपी देवघर और दुमका जिला से संबंधित है।
रविन्द्र नाथ घोसाल उम्र करीब 24 वर्ष पिता मनोज कुमार घोषाल सा० रघुनाथपुर थाना रानीश्वर जिला दुमका
अजय कुमार मंडल उम्र करीब 22 वर्ष पिता आनंद मंडल सा० बिराजपुर थाना खागा जिला देवघर
पिन्टु कुमार उम्र करीब 26 वर्ष पिता प्रदीप कुमार मंडल सा० कड़बिदा थाना रामगढ़ जिला दुमका
श्रीकांत महरा उम्र करीब 32 वर्ष पिता स्व० तुलु महरा सा० तंगीडीह थाना पथरड्डा (ओ०पी०) जिला देवघर एवं
विकाश कुमार रवानी उम्र करीब 30 वर्ष पिता गोपाल रवानी सा० प्रतापपुर थाना करौं जिला देवघर।
गिरफ्तार अभियुक्तों की अपराध शैलीः-
फर्जी Google Pay/Phonepe/PayTM Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर ठगी करना।
Apk File (PM Kishan Yojna, Bijli Bill, RTO Challan, Aadhar update) भेजकर मोबाईल का एक्सेस लेकर ठगी करना।
गिरफ्तार अभियुक्त के पास से बरामद सामानों की विवरणीः-
मोबाईल फोन -05, सिम कार्ड -08
नोटः-तकनीकी जांच के उपरांत पकड़ाए अभियुक्तों के पास से जप्त मोबाईल नम्बर एवं IMEI नम्बरों के विरूद्ध विभिन्न राज्यों में साईबर ठगी के शिकायत दर्ज पाए गए हैं।
आपराधिक इतिहास
अजय कुमार मंडल पूर्व में देवघर, साइबर थाना काण्ड सख्या 27/24 में अरोपित है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, फोटो-वीडियो रिकॉर्ड करने और गवाहों के बयान को डिजिटल तरीके से दर्ज करने में मददगार बन रहा e-Sakshya
डिजिटल दौर में जांच का नया तरीका
देश में आपराधिक न्याय व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के लागू होने के बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की भूमिका और महत्वपूर्ण हुई है।
इसी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने e-Sakshya नामक डिजिटल एप्लीकेशन विकसित किया है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप में दर्ज करने में सहायता देना है। गृह मंत्रालय के अनुसार e-Sakshya को नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए विकसित किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्मों में शामिल किया गया है।
e-Sakshya क्या है?
सरल शब्दों में कहें तो e-Sakshya पुलिस जांच में साक्ष्य को डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड और सुरक्षित रखने का माध्यम है।
जांच अधिकारी किसी अपराध के घटनास्थल से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्यों की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। इसके अलावा गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने की सुविधा भी इस व्यवस्था से जुड़ी है। बाद में जांच से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड को जरूरत के अनुसार सुरक्षित रखा और प्राप्त किया जा सकता है।
इसका मकसद केवल फोटो या वीडियो बनाना नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और साक्ष्य के संग्रह को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
जांच में कैसे उपयोगी है e-Sakshya?
किसी अपराध की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल की जांच पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटनास्थल पर मौजूद वस्तुएं, परिस्थितियां और अन्य महत्वपूर्ण पहलू बाद की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
e-Sakshya के माध्यम से घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी डिजिटल तरीके से दर्ज की जा सकती है। इससे जांच अधिकारी के पास जांच से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है।
गवाहों के बयान की रिकॉर्डिंग भी इस डिजिटल व्यवस्था का हिस्सा है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि e-Sakshya साक्ष्य के capture, storage और retrieval के साथ-साथ witness statements की recording में मदद करता है।
पुराने और डिजिटल तरीके में क्या बदलाव?
पहले जांच प्रक्रिया में कागजी दस्तावेज, लिखित बयान, फोटो और अन्य भौतिक रिकॉर्ड की बड़ी भूमिका रहती थी। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ जांच के रिकॉर्ड को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित करने की दिशा में बदलाव हो रहा है।
इसका एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि जांच से संबंधित सामग्री को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित और जरूरत के समय उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही घटनास्थल की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड जांच की प्रक्रिया को समझने में सहायता कर सकता है।
हालांकि, किसी डिजिटल रिकॉर्ड का अदालत में महत्व केवल उसके मौजूद होने से तय नहीं होता। उसकी वैधानिक स्वीकार्यता, प्रामाणिकता और कानून के अनुसार रिकॉर्ड तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहती है।
नए आपराधिक कानूनों से संबंध
e-Sakshya को नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह BNSS के तहत घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने से संबंधित प्रक्रियाओं की इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग में सहायता करता है।
इसके साथ ही BNSS में न्यायिक प्रक्रिया में ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इस्तेमाल के लिए भी प्रावधान हैं। सरकार के अनुसार BNSS की धारा 254, 265 और 266 में अभियोजन तथा बचाव पक्ष के गवाहों के साक्ष्य और परीक्षण के लिए ऑडियो-वीडियो माध्यम का उपयोग किया जा सकता है, जबकि धारा 530 इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ट्रायल, जांच और अन्य कार्यवाही की अनुमति देती है।
आने वाले समय में क्यों बढ़ेगी उपयोगिता?
आने वाले वर्षों में अपराध की जांच में डिजिटल साक्ष्य की भूमिका और बढ़ने की संभावना है। CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, डिजिटल संचार, फोटो-वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पहले से ही कई जांचों का हिस्सा हैं।
ऐसे माहौल में e-Sakshya जैसी व्यवस्था पुलिस जांच को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इससे भविष्य में—
घटनास्थल की डिजिटल रिकॉर्डिंग अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
जांच से संबंधित साक्ष्य को सुरक्षित रखने में सहायता मिल सकती है।
गवाहों के बयान के डिजिटल रिकॉर्ड की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
जांच अधिकारियों के बीच रिकॉर्ड साझा करने और प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक तकनीक आधारित हो सकती है।
अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले डिजिटल साक्ष्य की तैयारी और दस्तावेजीकरण बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
पुलिस व्यवस्था में बढ़ता दायरा
e-Sakshya का इस्तेमाल अब केवल एक सीमित प्रयोग तक नहीं है। गृह मंत्रालय ने फरवरी 2026 में राज्यसभा में बताया था कि यह एप्लीकेशन 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 15,899 पुलिस थानों में उपयोग किया जा रहा था। हालांकि FIR, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य रिकॉर्ड अपलोड किए जाने की संख्या का विवरण संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास है।
यह आंकड़ा बताता है कि देश की पुलिस व्यवस्था में डिजिटल साक्ष्य संग्रह की दिशा में तकनीकी बदलाव तेजी से आगे बढ़ रहा है।
चुनौतियां भी रहेंगी महत्वपूर्ण
तकनीक जांच को आसान बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन इसके साथ कई सावधानियां भी जरूरी हैं। डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा, डेटा की प्रामाणिकता, सही तरीके से रिकॉर्डिंग, साइबर सुरक्षा और अधिकृत अधिकारियों द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
डिजिटल साक्ष्य के मामले में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ न हो और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखी जाए। गृह मंत्रालय भी साइबर अपराध से संबंधित साक्ष्यों के उचित संग्रह, संरक्षण और विश्लेषण को महत्वपूर्ण मानता है।
निष्कर्ष
e-Sakshya केवल एक मोबाइल एप्लीकेशन नहीं, बल्कि पुलिस जांच को डिजिटल साक्ष्य के दौर के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्यवस्था है।
जैसे-जैसे आपराधिक मामलों में डिजिटल साक्ष्य का महत्व बढ़ेगा, वैसे-वैसे घटनास्थल की रिकॉर्डिंग, साक्ष्य का संरक्षण और जांच प्रक्रिया के डिजिटल दस्तावेजीकरण की जरूरत भी बढ़ेगी।
भविष्य में इसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिसकर्मी इसका कितना प्रभावी और कानून के अनुरूप इस्तेमाल करते हैं, डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा कितनी मजबूत रहती है और जांच से लेकर अदालत तक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की पूरी श्रृंखला कितनी विश्वसनीय तरीके से कायम की जाती है।
नोट: e-Sakshya का रिकॉर्ड किसी मामले में अपने-आप दोष सिद्ध नहीं करता। किसी डिजिटल साक्ष्य का न्यायिक महत्व संबंधित कानून, उसकी प्रामाणिकता और अदालत द्वारा किए गए मूल्यांकन पर निर्भर करता है।
देवघर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ पखवाड़े के अवसर पर देवघर नगर निगम की ओर से शुक्रवार को स्वच्छता एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों, सफाई कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। नगर निगम के महापौर, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त एवं विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान गांधीजी के स्वच्छता, स्वावलंबन, सत्य और अहिंसा के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया गया।
शिवगंगा क्षेत्र में चला श्रमदान अभियान
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद शिवगंगा के आसपास के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक श्रमदान अभियान चलाया गया। नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के साथ सफाई कर्मियों एवं स्वच्छता मित्रों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
नगर आयुक्त सुलोचना मीणा के साथ अन्य
अभियान के दौरान लोगों ने स्वयं झाड़ू लगाई और सार्वजनिक स्थानों से कचरा एकत्र किया। इसके माध्यम से शहरवासियों को स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
महापौर ने स्वच्छता को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
इस अवसर पर देवघर नगर निगम की महापौर ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दैनिक जीवनशैली और संस्कार का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवघर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है।
स्वच्छता मित्रों के योगदान की सराहना
नगर आयुक्त ने सफाई मित्रों और निगम कर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में स्वच्छता मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने की अपील की।
महापौर रवि कुमार राउत पौधा रोपण करते हुए
कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, स्वच्छता निरीक्षक, सफाई पर्यवेक्षक, बड़ी संख्या में सफाई मित्र एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और हरित देवघर बनाने के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली।
साहिबगंज। झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश श्री अखिल कुमार के साहिबगंज आगमन पर जिला प्रशासन की ओर से गरिमापूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। न्यायाधीश के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां की गई थीं।
इस दौरान साहिबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दूबे, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह सहित जिले के अन्य वरीय पदाधिकारियों ने न्यायाधीश श्री अखिल कुमार का सादर स्वागत किया।
माननीय न्यायाधीश के सम्मान में पुलिस बल की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने न्यायिक गरिमा के अनुरूप प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान न्यायपालिका, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय एवं अनुशासन का परिचय देखने को मिला। मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
हिण्डोलावरण-सिमरजोर इलाके में नशे की खरीद-बिक्री की सूचना पर SIT की कार्रवाई, ₹5,400 नकद भी बरामद
देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्राउन शुगर की कथित खरीद-बिक्री और सेवन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 21.01 ग्राम ब्राउन शुगर जैसा मादक पदार्थ और ₹5,400 नकद बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 की शाम पुलिस उपाधीक्षक को सूचना मिली थी कि हिण्डोलावरण और सिमरजोर इलाके में कुछ लोग ब्राउन शुगर का सेवन करने के साथ इसकी खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए SIT का गठन किया गया।
अस्पताल के पास हुई कार्रवाई
SIT ने हिण्डोलावरण से तपोवन जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे तीनघरा के समीप नवनिर्मित अस्पताल के पास छापेमारी की। पुलिस ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
प्रफुल कुमार (33 वर्ष), पिता परमानंद मंडल, घुठिया बड़ा असहना।
भीम राय (20 वर्ष), पिता स्व. कार्तिक राय, सिमरजोर, घुठिया बड़ा असहना।
जितेन्द्र कुमार (36 वर्ष), पिता राजेन्द्र मंडल, सिमरजोर, घुठिया बड़ा असहना।
लखन मरांडी (25 वर्ष), पिता स्व. चुन्नू मरांडी, घुठिया बड़ा असहना।
राहुल कुमार (20 वर्ष), पिता हरिहर मंडल, घुठिया बड़ा असहना।
सभी आरोपी मोहनपुर थाना क्षेत्र, जिला देवघर के रहने वाले बताए गए हैं।
21.01 ग्राम मादक पदार्थ और ₹5,400 बरामद
पुलिस ने बरामदगी में 21.01 ग्राम ब्राउन शुगर जैसा मादक पदार्थ और ₹5,400 नकद शामिल होने की जानकारी दी है। नकदी में ₹500 के 2 नोट, ₹200 के 6 नोट, ₹100 के 30 नोट और ₹50 के 4 नोट बताए गए हैं।
इस संबंध में मोहनपुर थाना कांड संख्या 158/2026, दिनांक 1 अक्टूबर 2026, के तहत धारा 111(2)(b), 111(3), 111(4) बीएनएस एवं 21(b) NDPS Act में मामला दर्ज किया गया है।
कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं।
प्रफुल कुमार के खिलाफ मोहनपुर थाना कांड संख्या 49/2026, दिनांक 1 अप्रैल 2026, धारा 21(b) NDPS Act का मामला दर्ज बताया गया है।
भीम राय के खिलाफ मोहनपुर थाना कांड संख्या 269/2023 में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
जितेन्द्र कुमार के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 53/2019 में धोखाधड़ी, जालसाजी और IT Act की धाराओं के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
लखन मरांडी के खिलाफ मोहनपुर थाना कांड संख्या 145/2026, दिनांक 8 सितंबर 2026, में धारा 111(2)(b), 111(3), 111(4) बीएनएस एवं 21(b) NDPS Act के तहत मामला दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।
राहुल कुमार के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 25/2024 में IPC और IT Act की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज बताया गया है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद (CCR), देवघर, मोहनपुर थाना प्रभारी पुअनि संदीप कृष्णा, सअनि सुरेश कुमार रमानी, मोहनपुर थाना रिजर्व गार्ड और स्थानीय चौकीदार शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ की प्रकृति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
मरनी पुल के पास बाइक सवारों ने ओवरटेक कर रोकी थी मोटरसाइकिल, बैग समेत ₹1.50 लाख लेकर हुए थे फरार
देवघर/मधुपुर। मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र में 22 सितंबर की शाम हुई करीब डेढ़ लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और ₹22,800 नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पंचरूखी निवासी सागीर अंसारी 22 सितंबर की शाम मधुपुर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मरनी पुल के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। आरोप है कि हथियार/धमकी के बल पर उनके पास मौजूद बैग को छीनकर सभी मौके से फरार हो गए। बैग में करीब ₹1.50 लाख होने की बात शिकायत में कही गई थी।
मामले को लेकर मारगोमुण्डा थाना कांड संख्या 72/26, दिनांक 23 सितंबर 2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
SDPO के नेतृत्व में बनी SIT
घटना की गंभीरता को देखते हुए मधुपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। टीम ने तकनीकी एवं अन्य अनुसंधान के आधार पर छापेमारी करते हुए चार संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
साजन कुमार रवानी (28 वर्ष), पिता दिनेश रवानी, लालगढ़, थाना मधुपुर।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही/कार्रवाई के दौरान निम्न सामान बरामद किए हैं—
₹22,800 नकद
POVA कंपनी का एक हल्का हरे रंग का मोबाइल
Vivo कंपनी का एक मैरून रंग का मोबाइल
Vivo कंपनी का एक आसमानी रंग का मोबाइल
ब्लू रंग की Apache मोटरसाइकिल — JH15W6839
ब्लैक-ब्लू रंग की Hero Splendor मोटरसाइकिल — JH15AD9924
दो आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साजन कुमार रवानी के खिलाफ मधुपुर थाना में वर्ष 2020, 2023, 2024 और 2025 के अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।
वहीं मो. सनवर हुसैन के खिलाफ पथरौल थाना कांड संख्या 111/24, दिनांक 27 अगस्त 2024, धारा 309(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
छापेमारी टीम में मधुपुर SDPO सत्येन्द्र प्रसाद, मधुपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक राउतु होनहागा, मारगोमुण्डा थाना प्रभारी शशि कपूर, पथरौल थाना प्रभारी दिलीप कुमार बिलुंग, मारगोमुण्डा थाना के लक्ष्मण बोबोंगा, मधुपुर थाना के अशोक कुमार एवं धर्मबीर भगत सहित मारगोमुण्डा थाना का सशस्त्र बल शामिल था।
पुलिस का कहना है कि मामले में अनुसंधान अभी जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों तथा लूट की शेष रकम के संबंध में भी जांच की जा रही है।
मोहनपुर थाना कांड संख्या 185/2024 में ADJ-9 की अदालत का फैसला, ₹5 हजार जुर्माना भी लगाया
देवघर। रंगदारी की मांग को लेकर दुकानदार को जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के मामले में देवघर की अदालत ने आरोपी सचिन राय उर्फ सचिन कुमार को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला मोहनपुर थाना कांड संख्या 185/2024 से संबंधित है। मामले की सुनवाई एडीजे-9 मुकुल चंद्र नारायण की अदालत में हुई।
रंगदारी को लेकर हुआ था विवाद
मामले के अनुसार, मोहनपुर थाना क्षेत्र के बाराकोला गांव निवासी सचिन राय के खिलाफ गांव के ही बबलू कुमार ठाकुर की शिकायत पर 20 सितंबर 2024 को मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने रंगदारी की मांग को लेकर दुकानदार को जान से मारने की नीयत से उसके पेट में दो गोलियां मार दी थीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ न्यायालय में कार्रवाई आगे बढ़ी।
दो साल के भीतर आया फैसला
मामले में दर्ज प्राथमिकी के करीब दो वर्ष के भीतर अदालत का फैसला सामने आया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी माना तथा सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के बाद अब दोषी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी। साथ ही ₹5,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।
कांड संख्या 185/2024 बनी फैसले का आधार
मोहनपुर थाना कांड संख्या 185/2024 में दर्ज किया गया जिसका सेशन ट्रायल 210/2025 में आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फैसला आया है। मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
फुलवरिया के मिश्रौली गांव से निकलकर IPL टीमों की नजर में आए तेज गेंदबाज, 2025 में पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के ट्रायल का भी मिला था मौका
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड स्थित मिश्रौली गांव के युवा तेज गेंदबाज अभिषेक यादव के क्रिकेट करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ने जा रहा है। अभिषेक को 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई इंडियंस के ट्रायल में शामिल होने का मौका मिलने की जानकारी सामने आई है। इस अवसर को लेकर उनके परिवार, स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों और समर्थकों में उत्साह है।
अभिषेक की क्रिकेट यात्रा इससे पहले भी IPL की फ्रेंचाइजी टीमों तक पहुंच चुकी है। नवंबर 2025 में प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक को पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से ट्रायल के लिए आमंत्रित किया गया था। रिपोर्ट में उन्हें गोपालगंज के मिश्रौली गांव का तेज गेंदबाज बताया गया था।
कम उम्र में तेज गेंदबाजी से बनाई पहचान
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक ने अंडर-16 स्तर पर अपने प्रदर्शन से ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि उन्होंने श्रीलंका यूथ लीग 2023 में अपने डेब्यू मुकाबले में 10 ओवर की गेंदबाजी में छह विकेट हासिल किए थे। इसी रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें ऑस्ट्रेलिया प्रीमियर लीग के लिए भी चयन का अवसर मिला था।
रिपोर्ट में अभिषेक की गेंदबाजी की खासियत के रूप में गति, स्विंग और निरंतरता का उल्लेख किया गया है। साथ ही बताया गया है कि वह आंध्र प्रदेश के अनुभवी कोच विजय कुमार की देखरेख में प्रशिक्षण ले रहे थे।
अब मुंबई इंडियंस के ट्रायल पर नजर
अब 8 अक्टूबर को मुंबई इंडियंस के ट्रायल का अवसर मिलने की सूचना ने अभिषेक के क्रिकेट सफर को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। ट्रायल किसी खिलाड़ी के लिए अपनी प्रतिभा को फ्रेंचाइजी के चयनकर्ताओं के सामने प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।
हालांकि, ट्रायल के लिए बुलाया जाना टीम में चयन या IPL अनुबंध मिलने के बराबर नहीं है। अंतिम चयन फ्रेंचाइजी की चयन प्रक्रिया और प्रदर्शन के आधार पर होता है।
28 नंबर की जर्सी के साथ बड़े सपने
अभिषेक 28 नंबर की जर्सी के साथ मैदान पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। तेज गेंदबाजी के साथ वह फिटनेस और खेल के दूसरे पहलुओं पर भी लगातार काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य क्रिकेट के उच्च स्तर तक पहुंचना और भविष्य में भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाना है।
2025 में भी IPL टीमों ने बुलाया था ट्रायल
अभिषेक के लिए IPL फ्रेंचाइजी से जुड़ा यह पहला अवसर नहीं है। नवंबर 2025 की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें उस समय पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स, दोनों से ट्रायल के लिए आमंत्रण मिला था। इससे यह स्पष्ट है कि पिछले कुछ समय से उनका प्रदर्शन फ्रेंचाइजी स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करता रहा है।
सहयोगियों ने बढ़ाया हौसला
अभिषेक की क्रिकेट यात्रा में बिकाश रॉय, रोहन शॉ, रबी रॉय, पिकाई अधिकारी, अजय पाल, बिक्रम दास, आतिफ खान, बुबाई दास और सौरव मित्रा समेत कई लोगों का सहयोग और प्रोत्साहन रहा है।
अब सभी की निगाहें 8 अक्टूबर के मुंबई इंडियंस ट्रायल पर हैं। अभिषेक के सामने अपनी गेंदबाजी और फिटनेस का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का अवसर होगा।
फर्जी कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर ठगी का आरोप, PM किसान योजना और APK फाइल के जरिए मोबाइल एक्सेस लेने का खुलासा
देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 30 सितंबर 2026 को साइबर ठगी के आरोप में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पालाजोरी थाना और मारगोमुंडा थाना क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध साइबर अपराधियों के संबंध में सूचना मिली थी। आरोप है कि ये लोग Flipkart/Amazon Pay के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank अधिकारी और Google पर PhonePe कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके अलावा PM किसान योजना के नाम पर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने की बात सामने आई है।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की ठगी करने की प्रमुख कार्यप्रणाली में फर्जी Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को कैशबैक का लालच देना शामिल था।
इसके अलावा PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान के नाम पर लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल करने का आरोप है। मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद साइबर ठगी किए जाने की बात पुलिस ने बताई है।
19 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल:
19 मोबाइल फोन
13 सिम कार्ड
बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की तकनीकी जांच के बाद विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों से इनके जुड़ाव की जानकारी सामने आई है।
तीन आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पूर्व में भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं।
मिथुन अंसारी के खिलाफ पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 28/23 दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
सईम अंसारी के खिलाफ देवघर साइबर थाना कांड संख्या 07/21 दर्ज होने का उल्लेख है।
रमेश कुमार मंडल के खिलाफ साइबर थाना देवघर कांड संख्या 79/2020 में आरोपित होने की जानकारी दी गई है।
छापेमारी टीम में शामिल रहे पुलिस पदाधिकारी
कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक नागेंद्र कुमार मंडल, पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार मंडल, पुलिस अवर निरीक्षक सह मारगोमुंडा थाना प्रभारी तथा मारगोमुंडा थाना की टीम, पुलिस अवर निरीक्षक सह करौं थाना प्रभारी एवं करौं थाना की टीम तथा पालाजोरी थाना की पुलिस टीम शामिल रही।
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
चरकी पहाड़ी के अर्धनिर्मित मकान और खंडहर में चल रहा था कथित नशे का कारोबार, मोबाइल और ₹9,270 नकद भी बरामद
देवघर // जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ देवघर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में कुण्डा थाना क्षेत्र के चरकी पहाड़ी में पुलिस ने छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर (कागज सहित), तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और ₹9,270 नकद बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 की शाम पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि चरकी पहाड़ी स्थित एक अर्धनिर्मित मकान और खंडहर में कुछ लोग अवैध मादक पदार्थों के सेवन एवं खरीद-बिक्री के लिए एकत्रित हैं। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अंचल अधिकारी देवघर तथा कुण्डा थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया।
दल ने बताए गए स्थान पर विधिवत छापेमारी की। इस दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और तलाशी के दौरान ब्राउन शुगर समेत अन्य सामान बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
अविनाश कुमार यादव उर्फ मधु (22 वर्ष), पिता परमेश्वर यादव, ग्राम भोड़ाजमुआ, थाना कुण्डा, देवघर।
कन्हैया सिंह (50 वर्ष), पिता स्व. रामदेव सिंह, शहीद आश्रम रोड, करनीबाग, थाना कुण्डा, देवघर।
महानंद यादव (28 वर्ष), पिता स्व. युगल किशोर यादव, नावाडीह बैजनाथपुर कुरैवा, थाना मोहनपुर, देवघर।
बरामदगी
ब्राउन शुगर — 10.8 ग्राम (कागज सहित)
एंड्रॉयड मोबाइल — 3
नकद राशि — ₹9,270
इस संबंध में कुण्डा थाना कांड संख्या 124/26, दिनांक 30 सितंबर 2026, धारा 21(b) NDPS Act, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
छापेमारी अभियान में अंचलाधिकारी अनिल कुमार, कुण्डा थाना प्रभारी पु०अ०नि० प्रशांत कुमार, पु०अ०नि० सामु बाण्डो, पु०अ०नि० रेन्सन बखला, स०अ०नि० शिवयतन मुर्मु, आरक्षी 296 चंदन कुमार साहा, आरक्षी 731 प्रवीण कुमार तथा चौकीदार 05/12 अनिल मंडल शामिल थे।
बाबा बैद्यनाथ धाम से कुछ किलोमीटर के दायरे में छिपी हैं कई धार्मिक और पर्यटन की खास जगहें, जानिए दूरी और उनसे जुड़ी मान्यताएं
देवघर। बाबा बैद्यनाथ धाम की नगरी देवघर सिर्फ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है। यहां धार्मिक आस्था के साथ-साथ पहाड़, मंदिर, गुफाएं, आश्रम और प्राकृतिक नजारे भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अगर आप देवघर दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो बाबा मंदिर के अलावा इन प्रमुख स्थानों को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
🔱 1. बाबा बैद्यनाथ धाम — देवघर
दूरी: देवघर शहर के मध्य
देवघर की पहचान बाबा बैद्यनाथ धाम से होती है। जिला प्रशासन के अनुसार बैद्यनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। देशभर से श्रद्धालु यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
श्रावण के महीने में सुल्तानगंज से कांवर लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के कारण देवघर की धार्मिक पहचान और भी व्यापक हो जाती है।
🛕 2. नौलखा मंदिर — बाबा मंदिर से करीब 1.5 KM
बाबा बैद्यनाथ मंदिर से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नौलखा मंदिर देवघर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में है।
मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं स्थापित हैं और इसकी ऊंचाई करीब 146 फीट बताई गई है। जिला प्रशासन के अनुसार मंदिर के निर्माण में लगभग नौ लाख रुपये खर्च हुए थे, इसी कारण इसे नौलखा मंदिर कहा गया।
मान्यता: मंदिर के निर्माण की कहानी रानी चारुशीला और संत बालानंद ब्रह्मचारी से जुड़ी बताई जाती है।
🕉️ 3. नंदन पहाड़ — करीब 2 KM
देवघर बस स्टैंड से लगभग 2 किलोमीटर दूर नंदन पहाड़ धार्मिक आस्था और मनोरंजन दोनों का प्रमुख केंद्र है। यहां नंदी मंदिर के साथ शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय से जुड़े मंदिर भी हैं।
नंदन पहाड़ की पौराणिक मान्यता
स्थानीय पौराणिक मान्यता के अनुसार रावण भगवान शिव के धाम में प्रवेश करना चाहता था। वहां भगवान शिव के द्वारपाल नंदी ने उसे रोक दिया। इससे नाराज रावण ने नंदी को यहां फेंक दिया और इसी वजह से इस स्थान का नाम नंदन पहाड़ पड़ा, ऐसी मान्यता बताई जाती है।
आज यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का खूबसूरत नजारा भी देखा जा सकता है।
🔱 4. तपोवन — देवघर से करीब 10 KM
देवघर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में तपोवन का नाम भी शामिल है। यहां पहाड़ी, गुफाएं और मंदिर श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
झारखंड पर्यटन विभाग के अनुसार तपोवन की गुफाओं को साधु-संतों की तपस्या से जोड़कर देखा जाता है। यहां महर्षि वाल्मीकि और श्री बालानंद ब्रह्मचारी सहित कई संतों की तपस्या की मान्यता बताई गई है। रावण से जुड़ी तपस्या की मान्यता का भी पर्यटन विभाग के विवरण में उल्लेख है।
तपोवन के नीचे स्थित सीता कुंड को भी स्थानीय धार्मिक परंपरा में पवित्र माना जाता है।
⛰️ 5. त्रिकूट पहाड़ — करीब 20-21 KM
देवघर से लगभग 20-21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित त्रिकूट पहाड़ धार्मिक आस्था और रोमांच का अनूठा संगम है। जिला प्रशासन इसे ट्रेकिंग, रोपवे, प्राकृतिक पर्यटन और तीर्थ के लिए महत्वपूर्ण स्थल बताता है।
त्रिकूट में तीन प्रमुख चोटियां हैं। यहां त्रिकुटाचल महादेव मंदिर और ऋषि दयानंद का आश्रम भी बताया गया है। झारखंड पर्यटन विभाग के अनुसार त्रिकूट की पहाड़ियों को लेकर मान्यता है कि यहां कई ऋषियों ने तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया।
ऊंचाई से देवघर का विस्तृत दृश्य पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है।
🛕 6. सत्संग आश्रम — देवघर
देवघर का सत्संग आश्रम भी प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। जिला प्रशासन के अनुसार यह ठाकुर अनुकूलचंद्र के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और देवघर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित है।
देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
🛕 7. बासुकीनाथ — देवघर से लगभग 40+ KM
देवघर-बासुकीनाथ धार्मिक यात्रा का विशेष महत्व है। बाबा बैद्यनाथ धाम के बाद श्रद्धालुओं के बीच बासुकीनाथ जाने की परंपरा भी काफी प्रसिद्ध है।
देवघर जिला प्रशासन भी बासुकीनाथ मंदिर को जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में सूचीबद्ध करता है।
📍 एक नजर में देवघर के प्रमुख स्थल
स्थान
लगभग दूरी
बाबा बैद्यनाथ धाम
देवघर शहर
नौलखा मंदिर
1.5 KM
नंदन पहाड़
करीब 2 KM
तपोवन
करीब 10 KM
त्रिकूट पहाड़
करीब 20–21 KM
सत्संग आश्रम
देवघर
बासुकीनाथ
40+ KM
नोट: दूरी अलग-अलग स्थानों से मापे जाने और सड़क मार्ग के कारण बदल सकती है। इसलिए इन्हें लगभग दूरी के रूप में दिया गया है। त्रिकूट की दूरी सरकारी स्रोतों में करीब 18 से 21 KM तक बताई गई है।
देवघर क्यों है खास ?
देवघर में एक ही यात्रा के दौरान ज्योतिर्लिंग के दर्शन, प्राचीन मंदिर, पौराणिक स्थल, पहाड़, गुफाएं, रोपवे और प्राकृतिक नजारों का अनुभव किया जा सकता है।
यही वजह है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में भी अपनी अलग पहचान रखती है।
1 अक्टूबर से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, 14 अक्टूबर शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकेंगे आवेदन
देवघर: देवघर जिले में सरकारी अधिवक्ता एवं अपर सरकारी अधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर जिला विधि शाखा की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी कार्यालय, देवघर की ओर से जारी सूचना के अनुसार सरकारी अधिवक्ता के लिए एक पद और अपर सरकारी अधिवक्ता के लिए दो पद पर योग्य एवं अनुभवी अधिवक्ताओं से आवेदन मांगे गए हैं।
जिला विधि शाखा की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि विधि विभाग, झारखंड, रांची के पत्रों के निर्देश के आलोक में इन पदों के लिए इच्छुक अधिवक्ताओं से पुनः नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
सरकारी अधिवक्ता के लिए 10 वर्ष का अनुभव जरूरी
जारी सूचना के अनुसार सरकारी अधिवक्ता के पद पर नियुक्ति के लिए अधिवक्ता के रूप में कम से कम 10 वर्ष का कार्यानुभव आवश्यक है। वहीं अपर सरकारी अधिवक्ता के पद के लिए कम से कम 7 वर्ष का कार्यानुभव निर्धारित किया गया है। अनुभव विशेष रूप से देवघर जिले से संबंधित होना आवश्यक बताया गया है।
नियुक्ति प्रक्रिया The Jharkhand Law Officer (Engagement) Rules, 2018 एवं संशोधित The Jharkhand Law Officer (Engagement) Rules, 2026 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।
14 अक्टूबर तक जमा होंगे आवेदन
इच्छुक अधिवक्ता सरकारी अधिवक्ता और अपर सरकारी अधिवक्ता पद के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित कागजात के साथ अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में बंद लिफाफे में जमा करना होगा।
आवेदन जमा करने की अवधि: 1 अक्टूबर 2026 से 14 अक्टूबर 2026 तक समय: अपराह्न 5:00 बजे तक
आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेजों की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां जमा करनी होंगी। इनमें प्रमुख रूप से—
जीवनवृत्त (बायोडाटा)
भारतीय नागरिक होने का प्रमाण
निबंधन प्रमाणपत्र की स्व-अभिप्रमाणित प्रति
बार एसोसिएशन द्वारा जारी अनुभव प्रमाण-पत्र की स्व-अभिप्रमाणित प्रति
उम्र संबंधी प्रमाण-पत्र की स्व-अभिप्रमाणित प्रति
शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्रों की स्व-अभिप्रमाणित प्रति
अधिवक्ता के रूप में किए गए वादों में पैरवी का विवरण
पिछले तीन वित्तीय वर्षों का आयकर रिटर्न दाखिल करने संबंधी कागजात
दिए गए विवरणों की सत्यता से संबंधित शपथ-पत्र
आवेदन के साथ पिछले एक वर्ष और शेष पिछले वर्षों में अधिवक्ता के रूप में किए गए मामलों तथा उनके निर्णय से संबंधित निर्धारित प्रारूप में जानकारी भी देनी होगी।
नियुक्ति में निभानी होगी अहम कानूनी जिम्मेदारी
जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सरकारी अधिवक्ता एवं अपर सरकारी अधिवक्ता जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों, व्यवहार न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय तथा जरूरत के अनुसार अन्य न्यायालयों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखेंगे। साथ ही जिला प्रशासन को आवश्यकता के अनुसार विधिक परामर्श उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी होगी।
उपायुक्त, देवघर के आदेशानुसार जारी इस विज्ञप्ति पर जिला विधि शाखा, देवघर के प्रभारी पदाधिकारी द्वारा सूचना जारी की गई है।
रिलायंस के वरिष्ठ अधिकारी और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष धनराज नाथवानी बने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यसभा राजनीति में बुधवार को समाजवादी पार्टी ने एक ऐसा नाम सामने रखा, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नाथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनके पिता परिमल नाथवानी वर्तमान में झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। जून 2026 में हुए चुनाव में परिमल नाथवानी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और उन्हें NDA/भाजपा का समर्थन मिला था।
अब कुछ ही महीनों के अंतराल में नाथवानी परिवार का दूसरा सदस्य भी राज्यसभा की राजनीति में सामने आया है, लेकिन इस बार राजनीतिक मंच अलग है। बेटे धनराज को समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से उम्मीदवार बनाया है।
कॉरपोरेट जगत से राज्यसभा की राजनीति तक
धनराज नाथवानी का सार्वजनिक परिचय मुख्य रूप से कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से जुड़ा रहा है। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक वे रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी हैं।
रिलायंस से जुड़े अपने दायित्वों के अलावा नाथवानी खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं। वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। इससे पहले वे एसोसिएशन में उपाध्यक्ष की भूमिका में भी रह चुके हैं।
उनकी प्रोफाइल के अनुसार वे गुजरात में फुटबॉल प्रशासन और कई सामाजिक एवं संस्थागत गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
पिता भाजपा के समर्थन से पहुंचे संसद, बेटे को सपा ने उतारा
धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी का सबसे चर्चित पहलू उनके पिता की राजनीतिक स्थिति है। परिमल नाथवानी रिलायंस समूह से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाजपा/NDA के समर्थन से निर्वाचित हुए।
दूसरी ओर, अब उनके बेटे धनराज को समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है। इस घटनाक्रम ने नाथवानी परिवार की राजनीतिक मौजूदगी को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।
क्या है अखिलेश यादव की रणनीति?
धनराज नाथवानी को टिकट दिए जाने के बाद सपा के इस फैसले के राजनीतिक मायने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास तौर पर इसलिए क्योंकि वे उत्तर प्रदेश की राजनीति के पारंपरिक चेहरे नहीं हैं और उनका प्रमुख सार्वजनिक प्रोफाइल कॉरपोरेट तथा खेल प्रशासन से जुड़ा रहा है।
हालांकि, यह दावा कि नाथवानी को उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायकों में सेंध लगाने या किसी विशेष राजनीतिक ऑपरेशन की जिम्मेदारी देकर उम्मीदवार बनाया गया है, अभी सार्वजनिक रूप से प्रमाणित नहीं है। इसलिए इसे राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, तथ्य के रूप में नहीं।
राज्यसभा चुनाव का गणित भी महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन आठ सीटों पर और सपा-कांग्रेस गठबंधन दो सीटों पर जीत की स्थिति में बताया जा रहा है। हालांकि उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने पर मुकाबले में क्रॉस-वोटिंग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
ऐसे राजनीतिक माहौल में सपा द्वारा धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाया जाना अपने आप में चर्चा का विषय है। अब निगाहें चुनावी प्रक्रिया, उम्मीदवारों के समर्थन और आगे बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर रहेंगी।
धनराज नाथवानी की पहचान एक नजर में
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ग्रुप प्रेसिडेंट
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष
रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक
गुजरात में खेल और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां
परिमल नाथवानी के पुत्र
उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार
सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों का लिया जायजा, एम्स देवघर का भी किया निरीक्षण
देवघर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत मध्य प्रदेश से आए करीब 30 इन्फ्लुएंसर की टीम ने देवघर में केंद्र सरकार से जुड़ी विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का दौरा किया।
देवघर पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन रवानी के नेतृत्व में इन्फ्लुएंसर टीम का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद टीम ने जिले में संचालित और निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन्फ्लुएंसर टीम के सदस्यों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने संथाल परगना में केंद्र सरकार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं की जानकारी साझा की।
मरांडी ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया, उनमें देवघर एयरपोर्ट, एम्स देवघर, रोहिणी-जसीडीह रेलवे बाईपास, रिंग रोड, पुनासी डैम, खेल परिसर तथा रेलवे लाइन के विस्तार जैसी परियोजनाएं शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से संथाल परगना में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है।
एम्स देवघर का किया निरीक्षण
बाबूलाल मरांडी ने इस दौरान एम्स देवघर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एम्स की सुविधाओं और संस्थान के कामकाज की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि संथाल परगना जैसे अपेक्षाकृत सुदूर क्षेत्र में एम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान का स्थापित होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, इससे देवघर और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
मध्य प्रदेश से आई इन्फ्लुएंसर टीम के देवघर एयरपोर्ट पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन रवानी के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, प्रदेश मंत्री अमित कुमार सिंह, अमरनाथ चौधरी, सीताराम पाठक, संजय यादव, विशाखा सिंह, अभयानंद झा, सुनीता सिंह, पंकज सिंह, भदोरिया सिंह, मुकेश पाठक, संतोष मुर्मू, सुलोचना देवी, मनोज मिश्रा, अलका सोनी, जयकांत मंडल, सोनाधारी झा, निरंजन देव, संजय गुप्ता, रमेश राय, अमरजीत दुबे, सुमित रवानी, काशी मंडल, शांति देवी, सुनील यादव, संतोष सिंह, सुनील मंडल, रामनारायण राय, सौरभ कश्यप, श्री राम सिंह, पप्पू दास, उमाशंकर प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सेवा से विकास तक योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम का उद्देश्य इन्फ्लुएंसर टीम के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास परियोजनाओं की जमीनी स्थिति को सामने लाना बताया गया। टीम ने देवघर की प्रमुख परियोजनाओं का दौरा कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की, ताकि इन योजनाओं से जुड़े अनुभव और जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की जा सके।
देवघर // जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में मंगलवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन एवं मुआवजा, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित विभिन्न मामलों से जुड़ी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं।
उपायुक्त ने लोगों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कई मामलों का संबंधित विभागों की ओर से मौके पर ही समाधान भी किया गया।
फसल बीमा की शिकायत पर जांच के निर्देश
देवीपुर प्रखंड से फसल बीमा योजना से जुड़ी शिकायत को उपायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को मामले की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
गलत बिजली बिलों के सुधार के लिए लगेगा कैंप
जनता दरबार में बिजली बिल से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उपायुक्त ने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। कैंप के माध्यम से गलत या त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों का मौके पर ही निराकरण करने को कहा गया।
बैंकिंग समस्याओं पर LDM को निर्देश
बैंकों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए उपायुक्त ने लीड बैंक मैनेजर (LDM) को निर्देश दिया कि आम लोगों की बैंकिंग समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि ग्राहकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।
भू-अर्जन और मुआवजा मामलों का भी समाधान
जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े विभिन्न मामलों पर भी सुनवाई हुई। संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि मामलों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सके।