शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग के इस्तेमाल का मामला, हरेंद्र मिष्ठान भंडार को एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक बाजार से वापस मंगाने का निर्देश
देवघर। जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत बलिया चौकी क्षेत्र में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में मिठाई दुकानों, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

इस दौरान शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग युक्त पांच किलोग्राम बालूशाही और सात किलोग्राम चाशनी को नष्ट कराया गया। वहीं, हरेंद्र मिष्ठान भंडार में एक्सपायर्ड ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक और पेप्सी को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया गया।
कई मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की। निरीक्षण अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शैलेश कुमार यादव और अंजलि विवा मिंज ने किया।

इस दौरान शिवम स्वीट्स, युवराज ढाबा फैमिली रेस्टोरेंट, हरेंद्र मिष्ठान भंडार, राजेश मिष्ठान भंडार, गोविंद मिष्ठान भंडार और गोविंद पान भंडार समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
अखाद्य रंग वाली मिठाई और चाशनी कराई गई नष्ट
निरीक्षण के दौरान शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग युक्त पांच किलोग्राम बालूशाही और सात किलोग्राम चाशनी पाई गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों को नष्ट कराया। खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंग का इस्तेमाल उपभोक्ताओं की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
वहीं, हरेंद्र मिष्ठान भंडार में एक्सपायर्ड ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक और पेप्सी को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया गया, ताकि ऐसी सामग्री की बिक्री रोकी जा सके।
लाइसेंस और जरूरी दस्तावेजों में मिली कमियां
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट से संबंधित कमियां पाई गईं। कुछ दुकानों में खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था या उसे निर्धारित तरीके से प्रदर्शित नहीं किया गया था।

विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने, लाइसेंस प्राप्त कर उसे प्रदर्शित करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन की हिदायत
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रतिष्ठानों में आवश्यक लाइसेंस एवं प्रमाणपत्र उपलब्ध होने चाहिए और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री और स्वच्छता संबंधी लापरवाही पर रोक लगाना है।






















