झारखंड की आवाज

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सड़क दुर्घटना में कॉलेज की शिक्षिका की मौत, जांच में जुटी पुलिस

पश्चिमी सिंहभूम // जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में नोवामुंडी कॉलेज की अंग्रेजी विषय की शिक्षिका प्रतिभा टिकारामजी सोमकुंवर की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर में शिक्षिका कॉलेज से छुट्टी के बाद अपनी स्कूटी संख्या जेएच 06 यू 5135 से घर लौट रही थीं। डीवीसी बीएसएनएल टावर के समीप पहुंचते ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर गिर पड़ीं और वाहन चालक उन्हें कुचलते हुए जोजो कैंप की दिशा में फरार हो गया। दुर्घटना के बाद उनकी स्कूटी, हेलमेट और हैंडबैग घटनास्थल पर ही बिखरे पड़े मिले।

सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना की उपनिरीक्षक पूर्णिमा कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल शिक्षिका को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से स्कूटी, हेलमेट और हैंडबैग जब्त कर लिया और अज्ञात वाहन चालक की तलाश में क्षेत्र में घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।घटना की खबर मिलते ही मृतका के पति तुलसीदास रणबीर, जो टाटा स्टील फाउंडेशन में यूनिट लीड के पद पर कार्यरत हैं, अस्पताल पहुंचे। मौके पर कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और शोक व्यक्त किया। टाटा स्टील के प्रशासनिक प्रमुख निशिकांत सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

Crime News। युवती ने की खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस

पश्चिमी सिंहभूम // जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनकटी गांव में 18 वर्षीय युवती रोशनी गोप ने फंंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।मिली जानकारी के अनुसार रोशनी गोप के पिता का नाम मिंटू गोप है। गुरुवार को परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। परिजनों ने रोशनी को भी साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन वह घर पर ही रह गई। शुक्रवार सुबह जब परिवार के लोग लौटे तो रोशनी घर पर मौजूद नहीं थी। यह समझा गया कि शायद वह विवाह समारोह में चली गई होगी, लेकिन वहां से भी उसके नहीं पहुंचने की सूचना मिली।

इसके बाद उसका बड़ा भाई करण घर के दूसरे हिस्से में खोजबीन करने गया। वहीं एक कमरे में उसने देखा कि रोशनी ने गमछे के सहारे छत में लगे पाइप से फंदा बनाकर खुुदकुशी कर ली है। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बदहवास हो गए और तुरंत ग्रामीण मुंडा के माध्यम से घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में खुदकुशी का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।परिजनों का कहना है कि रोशनी ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। घटना से परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है ताकि खुदकुशी के कारणों का पता लगाया जा सके।

विधानसभा में विधायक ने उठाया दाखिल-खारिज और प्रमाण पत्र बनाने में देरी का मुद्दा

रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने दाखिल-खारिज और आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने में हो रही देरी का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे राज्य में आम हो गई है और लोगों को भूमि निबंधन के बाद भी दाखिल-खारिज कराने तथा जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने में काफी परेशानी हो रही है।

नीरा यादव ने बताया कि नियमों के अनुसार दाखिल-खारिज 30 दिनों के भीतर और आय प्रमाण पत्र 15 दिनों के भीतर जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समय सीमा तय है, तो बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर क्यों आ रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि दाखिल-खारिज की तरह आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए भी नियमित कैंप लगाए जाएं, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि सरकार सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सेवा गारंटी कानून 2011 के तहत सभी अंचल कार्यालयों में कार्यों के निष्पादन के लिए समय सीमा निर्धारित है। यदि कहीं देरी हो रही है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा के शून्यकाल में अन्य जनसरोकार से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कट-ऑफ तिथि का मामला उठाते हुए सरकार से समय रहते स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि देरी होने से हजारों छात्रों को नुकसान हो सकता है।वहीं विधायक पूर्णिमा साहू ने बीएड छात्राओं की समस्या उठाई। उन्होंने मांग की कि छात्रवृत्ति की राशि मिलने तक छात्राओं को फीस जमा करने से राहत दी जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्राएं बिना बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

Good News। एसीबी की बड़ी कार्यवाही रिश्वत लेते रोजगार सेवक गिरफ्तार

पलामू // भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूराे (एसीबी) की पलामू इकाई ने छतरपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर सिलदाग पंचायत के रोजगार सेवक सुनील कुमार को छह हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।मेदिनीनगर कार्यालय लाने के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी कर राेजगार सेवक काे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रोजगार सेवक की गिरफ्तारी के साथ एसीबी पलामू ने इस वर्ष का चौथा ट्रैप केस पूरा कर लिया है।

एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर प्रखंड के सिलदाग गांव में दो महिलाओं के नाम से ग्राम सभा के माध्यम से दीदी बड़ी योजना प्रस्तावित हुई थी। योजना की स्वीकृति देने के लिए रोजगार सेवक ने छह हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। लाभुक घूस देकर काम नहीं करना चाहते थे और उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसीबी पलामू कार्यालय में कर दी। शिकायत को सही पाकर कार्रवाई के लिए टीम तैयार की गई और शुक्रवार को पीड़ित के साथ सिलदाग भेजा गया। यहां जैसे ही रोजगार सेवक सुनील ने घूस की राशि ली उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

झारखंड विधानसभा में 6,450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश

ग्रामीण विकास व सामाजिक योजनाओं पर जोर

रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में 6,450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस अनुपूरक बजट में सरकार ने ग्रामीण आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जरूरतों को प्राथमिकता दी है।अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा प्रावधान ग्रामीण कार्य विभाग के लिए किया गया है। विभाग को 1,717.58 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए 779 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा पंचायती राज विभाग को 657.56 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास विभाग को 594.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

ऊर्जा विभाग के लिए 281.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 323.94 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (गृह प्रभाग) के लिए 407.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा खनन एवं भूतत्व विभाग के लिए 300.21 करोड़ रुपये, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 177.97 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग के लिए 159.73 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 105.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।सरकार का कहना है कि इस अनुपूरक बजट से विकास योजनाओं को गति मिलेगी और राज्य में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

झारखंड सरकार विधि‍-व्यवस्था संभालने में असफल : डॉ. नीरा यादव

रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक नीरा यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राज्य सरकार को भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की स्थिति, जंगली हाथियों के उत्पात और विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा।

नीरा यादव ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने रांची के कचहरी चौक पर एक किन्नर को सरेआम कुचलने के प्रयास की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधि-व्यवस्था बनाए रखने में असफल रही है।

भाजपा विधायक ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 100 दिनों की रोजगार गारंटी थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है और मजदूरी भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का प्रावधान जोड़ा गया है। उन्होंने योजनाओं के नाम को लेकर हो रहे विवाद पर तंज कसते हुए कहा कि अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है।

जंगल और पहाड़ों के लगातार नुकसान के कारण हाथियों का उत्पात बढ़ा

इस टिप्पणी पर सत्तापक्ष के विधायकों, जिनमें मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस विधायक अनुप सिंह शामिल थे, ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हल्की नोकझोंक हुई। विधायक नीरा यादव ने राज्य में जंगली हाथियों के बढ़ते उत्पात पर चिंता जताते हुए कहा कि जंगल और पहाड़ों के लगातार नुकसान के कारण हाथियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हुआ है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सभी राजनीतिक दलों से मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई । इस पर राज्य के वन मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा कि यह समस्या पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों का परिणाम है। हालांकि, नीरा यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि जंगल संरक्षण के लिए सभी सरकारों को संयुक्त रूप से प्रयास करना चाहिए।

विधायक ने डोमचांच नगर निकाय चुनाव, नाली निर्माण, बिजली-पानी और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कथित घोटालों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने इन मामलों में उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला, जिससे सदन का माहौल गरमाया रहा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- बंगाल में एसआईआर के लिए नियुक्त किये जाएं न्यायिक अधिकारी

नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले पर सुनवाई करते हुए ‘तार्किक विसंगति’ सूची में डाले गए लोगों की ओर से जमा किए दावों के निपटारे के लिए राज्य के न्यायिक अधिकारियों को तैनात करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वह सेवारत और रिटायर्ड एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज स्तर के न्यायिक अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराएं।

28 फरवरी के बाद भी पूरक वोटर लिस्ट प्रकाशित कर सकती है।

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिया कि वे न्यायिक अधिकारियों को हर संभव मदद करें ताकि ये प्रक्रिया पूरी की जा सके। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को निर्देश दिया कि वे एसआईआरके काम में लगे अधिकारियों को मिलने वाली धमकियों पर की गई कार्रवाई के संबंध में हलफनामा दाखिल करें।उच्चतम न्यायालय ने कहा कि बंगाल में बड़े दुर्भाग्यपूर्ण हालत है जहां दो संवैधानिक संस्थाएं निर्वाचन आयाेग और पश्चिम बंगाल सरकार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। दोनों के बीच विश्वास की कमी साफ नजर आती है। इसके चलते एसआईआर प्रकिया अटकी हुई है। इस असाधारण हालात के चलते हमारे पास यह फैसला लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह गया है।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि एसआईआर से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गयी हैं ऐसे में राज्य में वोटर्स की अंतिम सूची 28 फरवरी तक प्रकाशित करने की अनुमति दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग 28 फरवरी के बाद भी पूरक वोटर लिस्ट प्रकाशित कर सकती है।

ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्हें कहीं इंसाफ नहीं मिल रहा है। इंसाफ दम तोड़ रहा है..

उच्चतम न्यायालय ने 9 फरवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वो निर्वाचन आयोग के लिए काम कर रहे 8 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट करना सुनिश्चित करें। 4 फरवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद उच्चतम न्यायालय में दलीलें रखीं। ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्हें कहीं इंसाफ नहीं मिल रहा है। इंसाफ दम तोड़ रहा है। ममता ने कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग को छह पत्र लिखे लेकिन आयोग ने पत्रों के जवाब तक नहीं दिया जिसके बाद उन्हें कोर्ट आना पड़ा, मैं न्याय के लिए कहां जाऊं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि सिर्फ पश्चिम बंगाल को ही टारगेट क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब असम और अन्य उत्तरी राज्य, जहां चुनाव होने वाले हैं, वहां एसआईआर नहीं कराया जा रहा, तो फिर सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही यह प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है। दूसरे राज्यों में ऐसी शर्ते नहीं रखी जाती।

ममता बनर्जी ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दी है।

ममता बनर्जी ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दी है। इस मामले में निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी पर एसआईआर की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। आयोग ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में कहा है कि ममता बनर्जी ने एसआईआर की प्रक्रिया को बाधित करने के लिए भड़काऊ भाषण दिया। हलफनामे में निर्वाचन आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ हिंसा और धमकियों का माहौल है, जो अन्य राज्यों से अलग है। आयोग ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और प्रशासन चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ काम कर रहे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

पत्नी और साढू के बीच अवैध संबंधों से आजिज युवक ने की आत्महत्या, मुकदमा दर्ज

नोएडा // अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने अपने जीजा और उसके सहयोगियाें के साथ मिलकर पति का उत्पीड़न किया, जिसकी वजह से पति ने आत्महत्या कर लिया। इस मामले में थाना बीटा- दो में मुकदमा दर्ज हुआ है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

थाना बीटा- दो के प्रभारी विनोद कुमार ने शुक्रवार काे बताया कि बृजेश पुत्र लाल सिंह ने बीती रात को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह जनपद बुलंदशहर के रहने वाले हैं। उनके अनुसार उनके भाई पुष्पेंद्र की शादी प्रियंका पुत्री दुर्वेश निवासी जनपद बुलंदशहर के साथ 11 माह पूर्व हुई थी। पीड़ित के अनुसार शादी की कुछ दिन बाद से ही उसके भाई और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा होने लगा, जब उन्होंने अपने भाई से पूछा तो उसने बताया कि प्रियंका के अवैध संबंध उसके जीजा देवेंद्र से है, जिसके चलते प्रियंका और देवेंद्र उसका उत्पीड़न करते हैं।

ये लोग उसपर पैसे देने के लिए दबाव बना रहे हैं। पीड़ित के अनुसार इस वजह से परेशान होकर उसके भाई पुष्पेंद्र ने 16 फरवरी को अंसल गोल्फ फीलिंग निकट परी चौक के पास अपने किराए के मकान में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। वह हनी बेल्स पैलेस में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था।थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित ने इस मामले में अपने भाई की पत्नी प्रियंका, प्रियंका के जीजा देवेंद्र, जीजा सुंदर और प्रियंका के भाई सुधीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवस करने की धारा में मुकदमा दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

उन्नाव दुष्कर्म : दाेषी जयदीप सेंगर को हाई कोर्ट ने कल सरेंडर करने का दिया आदेश

नई दिल्ली // दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सेंगर को 21 फरवरी को सरेंडर करने का आदेश दिया है। जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली डिवीजन पीठ ने जयदीप सेंगर को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।

जयदीप सेंगर को कैंसर के इलाज के लिए जुलाई, 2024 में अंतरिम जमानत मिली थी। जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है। कोर्ट ने 17 फरवरी को जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत नहीं बढ़ाई। हालांकि, जयदीप ने भी सरेंडर नहीं किया था। उसके बाद कोर्ट ने जयदीप सेंगर को 21 फरवरी को जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जयदीप सेंगर से कहा कि पहले सरेंडर करें, उसके बाद याचिका पर सुनवाई होगी। अगर सरेंडर नहीं करेंगे, तो निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करने का निर्देश दिया।

देवघर रिमांड होम में गोड्डा के नाबालिक लड़की की मौ”त परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

देवघर // जिला के चरकी पहाड़ी स्थित रिमांड होम में एक युवती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद नाबालिक युवती को आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। मामले की सूचना के बाद परिजन पहुंचे रिमांड होम। नाबालिक युवती के परिजन ने इस मौत पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है।

परिजन का आरोप : रिमांड होम में भी लड़का करता था बात

परिजनों के अनुसार मृत युवती प्रेम प्रसंग से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर चरकी पहाड़ी स्थित रिमांड होम में रह रही थी। गोड्डा जिला के महगामा की रहने वाली थी नाबालिक लड़की । लड़का भी गोड्डा जिला के ही डांडे का रहने वाला है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित युवक पैसा देकर लड़की से बात करता था। आगे परिजनों ने आरोप लगाया कि लड़का वाला मिला हुआ है और मिलकर युवती की हत्या की गई है।

पुलिस मामले की कर रही है जांच

वहीं सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की तैयारी में जुट गई। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।