झारखंड की आवाज

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अंतरराज्यीय चोर गिरोह का सरगना हसन चिकना गिरफ्तार, बरहरवा रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कार्रवाई

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साहिबगंज से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह के कथित सरगना हसन चिकना को बरहरवा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की ईटाहार पुलिस ने बरहरवा रेल पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, हसन चिकना पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मुंबई समेत कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

जानकारी के अनुसार, हसन चिकना कथित तौर पर रांची से चोरी के सोने की डिलीवरी करने के बाद वापस लौट रहा था। उसके बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिलने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस की टीम पहले से ही स्टेशन पर निगरानी कर रही थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर अभिषेक साह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन पुलिस पदाधिकारी सादे लिबास में स्टेशन परिसर में तैनात थे। ट्रेन से उतरने के बाद जैसे ही संदिग्ध को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, उसने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद करीब 5 से 7 किलो सोना बरामद होने की चर्चा सामने आ रही है। हालांकि, बरामद सोने की वास्तविक मात्रा और उसकी कीमत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की विस्तृत जांच और बरामदगी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

कार्रवाई के बाद आरोपी को बरहरवा जीआरपी थाना लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उत्तर दिनाजपुर पुलिस आरोपी को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई।

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।

करमा पूजा के दौरान महिलाओं से छेड़खानी और गाली-गलौज, विरोध पर फायरिंग का आरोप, 2 गिरफ्तार

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साहिबगंज // के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र से करमा पूजा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और मारपीट के बाद गोली फायरिंग का मामला सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 22 सितंबर की रात तेलियाडीह करमटोला गांव में हुई, जहां आदिवासी महिलाएं करमा पूजा कर रही थीं।

इसी दौरान कार्यक्रम में पहुंचे दो युवकों पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और छेड़खानी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इसी क्रम में दोनों आरोपियों ने देशी कट्टा से फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित महिला के आवेदन पर मिर्जाचौकी थाना में मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीरवाबाड़ी थाना क्षेत्र निवासी करण रिखियासन और गोड्डा जिले के महगामा थाना क्षेत्र के चुनाचक निवासी एक अन्य आरोपी के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा और एक खोखा बरामद किया है। बरामद हथियार के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।

पूरे मामले की जानकारी साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

अब सुनिए इस पूरे मामले पर साहिबगंज एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह ने क्या कहा।

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जमुनिया चौक पर शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में आक्रोश

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अज्ञात असामाजिक तत्वों की करतूत पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

देवघर/मोहनपुर। मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के जमुनिया चौक स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी एवं झारखंड के वीर सपूत शहीद सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

घटना की जानकारी देवघर विधायक सुरेश पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी, जिला परिषद सदस्य गीता मंडल, राष्ट्रीय जनता दल के प्रखंड अध्यक्ष सह बंका पंचायत के मुखिया रंजित प्रधान, जमुनिया पंचायत की मुखिया अनिता टुडू, मुखिया प्रतिनिधि लखीराम सोरेन, शहीद सिद्धो-कान्हू मेला समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सोरेन तथा राजद नेता एवं समाजसेवी पुरुषोत्तम यादव समेत अन्य लोगों को दी गई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

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मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मोहनपुर थाना प्रभारी से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

एक सप्ताह में गेट-ग्रिल और प्रतिमा के जीर्णोद्धार का आश्वासन

देवघर विधायक सुरेश पासवान ने मौके से ही प्रतिमा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा स्थल पर स्टील का गेट और ग्रिल लगवाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त प्रतिमा का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने भी प्रतिमा स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

देवघर रेल रोको मामले में विधायक सुरेश पासवान समेत 10 अभियुक्त दोषमुक्त

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देवघर, 26 सितंबर। देवघर में वर्ष 2015 के किसान आंदोलन के दौरान हुए रेल रोको अभियान से जुड़े मामले में अदालत ने देवघर विधायक सुरेश पासवान समेत सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है।

देवघर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) दिव्या मिश्रा की अदालत में लंबे समय से चल रहे मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया गया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त करार देते हुए मामले का निष्पादन कर दिया।

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दोषमुक्त किए गए अभियुक्तों में देवघर विधायक सुरेश पासवान, कांग्रेस नेता दिनेश कुमार मंडल, नागेश्वर सिंह, गुलाब यादव, महेश यादव, राजद नेता नित्यानंद केशरी, सलीम खान, भाजपा नेता विपिन देव, संतोष पासवान और बलबीर राय शामिल हैं।

मामला वर्ष 2015 में किसान आंदोलन के दौरान बाबाधाम स्टेशन के समीप हुए रेल रोको अभियान से जुड़ा था। इस संबंध में देवघर नगर थाना में नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ 299/2015 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 188 और 341 के तहत आरोप लगाए गए थे।

लंबे समय तक चले न्यायिक विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को साबित करने के लिए प्रस्तुत साक्ष्यों पर अदालत ने विचार किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।

मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र भोक्ता ने पैरवी की।

गोलमुरी केनरा बैंक में दिनदहाड़े 43 लाख की डकैती, 2.5 किलो सोना लेकर फरार अपराधी

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हथियार के बल पर बैंककर्मियों को बनाया बंधक, चेस्ट खुलवाकर नकदी और सोना लूटा; अपाचे बाइक की पहचान

जमशेदपुर// शहर में दिनदहाड़े बैंक डकैती की सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोलकर बैंक कर्मचारियों को गन प्वाइंट पर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बैंक मैनेजर से चेस्ट खुलवाकर करीब 43 लाख रुपये नकद और लगभग 2.5 किलो सोना लूटकर अपराधी फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि अपराधी गुरुवार सुबह करीब 9:15 बजे हथियारों के साथ बैंक में दाखिल हुए। बैंक में प्रवेश करते ही उन्होंने कर्मचारियों को हथियार दिखाकर धमकाया और सभी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद अपराधियों ने बैंक मैनेजर को चेस्ट खोलने के लिए मजबूर किया। चेस्ट खुलने के बाद अपराधियों ने नकदी और सोने को अपने कब्जे में लिया और मौके से फरार हो गए।

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वारदात के दौरान बैंक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपराधियों के निकलने के बाद बैंककर्मियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे बैंक परिसर की जांच शुरू की।

पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को अपराधियों के भागने के दौरान इस्तेमाल की गई एक अपाचे मोटरसाइकिल के संबंध में जानकारी मिली है। पुलिस बाइक और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस को भी सक्रिय किया गया है। शहर से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

दिनदहाड़े बैंक में हथियार के बल पर हुई इस बड़ी डकैती से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।

देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार; Google Pay से लेकर Airtel Payment Bank तक के नाम पर ठगी का आरोप

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देवघर: साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर थाना की पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल और सिम से साइबर ठगी में संलिप्तता के संकेत मिले हैं।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के आदेश तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के निर्देश पर की गई।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर बनाते थे निशाना

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल पेमेंट सेवाओं के नाम पर लोगों को झांसे में लिया जाता था। आरोपी कथित तौर पर Flipkart/Amazon के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank पदाधिकारी तथा Google Pay/PhonePe कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे।

इसके अलावा PM किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की बात सामने आई है।

Cash Back और Gift Card के नाम पर भी ठगी

पुलिस की प्रेसनोट के अनुसार, आरोपी Google Pay, PhonePe और PayTM कस्टमर केयर/IRCTC पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देते थे। इसके बाद PhonePe Gift Card बनवाकर उसे Redeem कराने के नाम पर ठगी की जाती थी।

इसी तरह Airtel Payment Bank का अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेने और Airtel Thanks App के माध्यम से बैंक कार्ड बंद करने या दोबारा चालू कराने में मदद के नाम पर भी ठगी करने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—

  1. तौहीद अंसारी, उम्र 22 वर्ष, पिता अनाजुल मियां, निवासी पिपराड़ी, थाना सारठ, देवघर।
  2. दिनेश महरा, उम्र 29 वर्ष, पिता रामकिशुन प्रसाद दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।
  3. अधन दास, उम्र 25 वर्ष, पिता छतीस दास, निवासी बड़ा संघरा, थाना पथरोल, देवघर।
  4. प्रमोद कुमार दास, उम्र 34 वर्ष, पिता कालू दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।
  5. सुमन कुमार, उम्र 18 वर्ष, पिता मनोज दास, निवासी घाघरा, थाना पथरड्डा ओपी, देवघर।

प्रेसनोट के मुताबिक, आरोपी प्रमोद कुमार दास देवघर साइबर थाना कांड संख्या 42/21 में भी आरोपित रहा है।

पांच मोबाइल और पांच सिम कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से:

  • मोबाइल फोन — 05
  • सिम कार्ड — 05

बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद उपकरणों की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

पुलिस की अपील

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा कस्टमर केयर, बैंक अधिकारी, सरकारी योजना, Cash Back, Gift Card या लोन के नाम पर संपर्क किए जाने पर बिना सत्यापन के कोई OTP, PIN, बैंक संबंधी जानकारी या डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी जाती है।

जमशेदपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार की मौत; शोक की लहर

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जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग के मरीन ड्राइव क्षेत्र में एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी भी शामिल हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दुर्घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

हादसे की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और अन्य मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।

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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

परिजनों के प्रति संवेदना

किसी भी माता-पिता के लिए अपनी संतान को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। यह हादसा उन सभी परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

इस कठिन घड़ी में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की गई है।

हादसे की विस्तृत जानकारी और पुलिस जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार है।

देवघर में साइबर ठगी के आरोप में 5 गिरफ्तार, 7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

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देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पांच संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर फर्जी कस्टमर केयर, बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है।

देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वरीय पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 22 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की गई।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी Flipkart, Amazon Pay, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी सेवाओं के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके अलावा Airtel Payment Bank से जुड़े अधिकारी बनकर भी ग्राहकों को झांसे में लेने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को कैशबैक दिलाने, खाते या बैंकिंग सेवा से जुड़ी समस्या दूर करने तथा अन्य सहायता के नाम पर विश्वास में लेते थे और इसके बाद ठगी की प्रक्रिया को अंजाम देते थे।

APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने का आरोप

जांच में पुलिस ने आरोपियों की कथित ठगी की एक अन्य कार्यप्रणाली का भी खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा PM-Kisan योजना, बिजली बिल और RTO चालान आदि के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजी जाती थी। इस फाइल के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर ठगी करने का आरोप है।

इसके अलावा फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर ग्राहकों को Airtel Thanks App के माध्यम से फर्जी लिंक भेजने तथा Airtel Payment Bank कार्ड को बंद या दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करने की बात भी पुलिस ने बताई है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—

  1. कुर्बान अंसारी, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
  2. इस्लाम अंसारी, उम्र करीब 34 वर्ष, पिता हासन मियां, थाना करौं क्षेत्र।
  3. रूपेश कुमार मंडल, उम्र करीब 18 वर्ष, पिता बाबूलाल मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
  4. महेंद्र मंडल, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता जगदीश मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।
  5. सुरेश कुमार, उम्र करीब 32 वर्ष, पिता गिरजा मंडल, थाना बुढ़ई क्षेत्र।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी देवघर जिले के रहने वाले हैं।

7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच के बाद पकड़े गए आरोपियों के पास से पूर्व में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े साक्ष्य मिलने की संभावना है। साथ ही विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों के साथ भी इनके कनेक्शन की जांच की जा रही है।

देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, APK फाइल या कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें और बैंकिंग अथवा सरकारी योजना से संबंधित जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।

झारखंड पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण पर ट्रिपल टेस्ट की तैयारी, पिछड़ा वर्ग आयोग को औपचारिक पत्र का इंतजार

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रांची। झारखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरकारी स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण तय करने से पहले ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पंचायती राज विभाग ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को ट्रिपल टेस्ट कराए जाने की जानकारी दी है। अब आयोग को विभाग की ओर से औपचारिक पत्र मिलने का इंतजार है। पत्र मिलते ही आयोग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

ट्रिपल टेस्ट के बाद स्पष्ट होगी आरक्षण की स्थिति

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव ने बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से आयोग को ट्रिपल टेस्ट कराए जाने की जानकारी दी जा चुकी है। आयोग की ओर से आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

उनके मुताबिक, विभाग से औपचारिक पत्र प्राप्त होते ही आयोग ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करेगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपने का प्रयास किया जाएगा।

पंचायतवार मतदान केंद्रों की तैयारी

पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग भी अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है। आयोग ने सभी उपायुक्तों को मतदान केंद्रों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

प्रखंड स्तर पर पंचायतवार मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्तावित मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

अंतिम मतदाता सूची का भी इंतजार

चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को भी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची के आधार पर पंचायत चुनाव कराया जाएगा।

अप्रैल-मई 2027 में चुनाव की तैयारी

झारखंड में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव वर्ष 2022 में हुआ था। मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद अगला चुनाव अप्रैल-मई 2027 के आसपास कराया जाना प्रस्तावित है।

ऐसे में सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के सामने आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची, मतदान केंद्रों समेत चुनाव से जुड़ी अन्य तैयारियों को समय पर पूरा करने की चुनौती है।

2010 और 2015 में था OBC आरक्षण

झारखंड में वर्ष 2010 और 2015 के पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण लागू किया गया था। वर्ष 2022 में OBC के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य श्रेणी में रखते हुए पंचायत चुनाव कराया गया था।

अब आगामी चुनाव में OBC आरक्षण की स्थिति ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने और उससे संबंधित रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगी।

उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर महिला किसानों को दिया प्रशिक्षण, दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन

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देवघर। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), देवघर की ओर से एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के तहत उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। कार्यक्रम का आयोजन गोविंदपुर पंचायत के कुर्मी डीह गांव में किया गया, जिसमें करीब 30 महिला किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान महिला कृषकों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक इस्तेमाल के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि फसल की बेहतर पैदावार के साथ मिट्टी और पर्यावरण की सेहत बनाए रखने के लिए उर्वरकों का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना जरूरी है।

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मिट्टी की जांच के बाद करें उर्वरकों का इस्तेमाल

प्रखंड तकनीकी प्रबंधक शशांक शेखर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखने, फसल उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अनियंत्रित इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और जल स्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही आवश्यक पोषक तत्वों और उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेत की नियमित मृदा जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति की जाए। इसके साथ ही उर्वरक हमेशा अधिकृत एवं विश्वसनीय स्रोत से खरीदने और निर्धारित मात्रा में ही इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

जैविक और रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। किसानों को गोबर की खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और हरी खाद के प्रयोग के फायदे बताए गए।

प्रशिक्षकों ने कहा कि मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए जैविक खाद का उचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन लागत को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।

नीम लेपित यूरिया और जैव उर्वरकों की जानकारी

प्रशिक्षण में किसानों को नीम लेपित यूरिया के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। साथ ही राइजोबियम, एजोटोबैक्टर और पीएसबी जैसे जैव उर्वरकों के महत्व के बारे में बताया गया।

प्रशिक्षकों के अनुसार इन जैव उर्वरकों में मौजूद सूक्ष्मजीव पौधों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। किसानों को बताया गया कि वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करने से खेती की लागत में कमी, बेहतर उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकती है।

30 महिला किसानों को मिला प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक के रूप में अविनाश कुमार, अमन कुमार और बलराम कुमार वर्मा ने किसानों को आवश्यक जानकारी दी। मौके पर रिंकी कुमारी और शबनम कुमारी सहित करीब 30 महिला किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागी महिला किसानों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।

PM Kisan Yojana के नाम पर फर्जी APK भेजकर ठगी, देवघर पुलिस ने 3 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

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देवघर // जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच देवघर पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 21 सितंबर 2026 को सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के असूरबंधा स्थित ब्लॉक के पीछे मैदान में छापेमारी की गई।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त स्थान पर कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीके से ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:-

  • सहादत अंसारी, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता सहजाद अंसारी-
  • गुलफराज अंसारी, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता अब्बास मियां-
  • सरफराज अंसारी, उम्र करीब 21 वर्ष, पिता जमशेद अंसारी

तीनों आरोपी बिंझा-पिपरा, थाना सोनारायठाढ़ी, जिला देवघर के रहने वाले बताए गए हैं।

PM Kisan के नाम पर APK भेजकर मोबाइल का लेते थे एक्सेस

पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा साइबर ठगी के लिए कई तरीके अपनाए जाते थे। इनमें PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan के नाम पर लोगों को APK फाइल भेजना शामिल था। आरोपी लोगों को इस तरह की फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे और मोबाइल का एक्सेस हासिल करने के बाद ठगी करने का प्रयास करते थे।इसके अलावा आरोपी खुद को Google Pay, PhonePe और Airtel Payment Bank का Customer Care अधिकारी बताकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

Cashback का झांसा देकर ठगी

पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी Customer Care प्रतिनिधि बनकर उपभोक्ताओं को Cashback या अन्य लाभ का झांसा देते थे। बातचीत के दौरान लोगों से ऐसी जानकारी या प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश की जाती थी, जिससे उनके साथ वित्तीय धोखाधड़ी की जा सके।

Airtel Payment Bank के नाम पर भी ठगी

पुलिस ने बताया कि आरोपी खुद को Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं को विश्वास में लेते थे। इसके बाद Airtel Thanks App के माध्यम से Payment Bank कार्ड को बंद करने और फिर सहायता के नाम पर दोबारा चालू कराने का झांसा देकर ठगी करने की कोशिश की जाती थी।

मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने:- 03 मोबाइल फोन- 04 सिम कार्डबरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

छापेमारी टीम

कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक राकेश कुमार रवि, साइबर थाना देवघर एवं अन्य सशस्त्र बल तथा पुलिस अवर निरीक्षक सह थाना प्रभारी सोनारायठाढ़ी रोहित दांगी और थाना बल शामिल रहे।

देवघर पुलिस द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस लोगों से अपील करती रही है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड न करें और Google, PhonePe, Airtel Payment Bank अथवा किसी अन्य कंपनी के Customer Care के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें।

मिलावटी एवं एनालॉग पनीर के विरुद्ध देवघर में सघन जांच अभियान

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देवघर // उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार पर्व-त्योहार को देखते हुए जिले में मिलावटी और एनालॉग (सिंथेटिक/नकली) पनीर के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

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इसी क्रम में देवघर में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन ने शहर के जसीडीह, बरमसिया, कुंडा, कॉस्टर टाउन, सुभाष चंद्रा रोड के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण एवं पनीर का नमूना संग्रहित किया गया। सुभाष चंद्रा रोड स्थित वीयोरी इन, जसीडीह के सुख सागर, बरमसिया के संजू मिष्ठान भंडार से पनीर का नमूना लेकर राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भेजा गया।

जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में खाद्य कारोबारियों को केवल वैध लाइसेंसधारी आपूर्तिकर्ता से ही पनीर प्राप्त कर बेचने का निर्देश दिया गया। अवैध स्रोत से प्राप्त पनीर और मिलावटी पनीर मिलने पर पनीर को जब्त करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी के आधार बताए बिना नहीं हो सकती मनमानी कार्रवाई, दोबारा गिरफ्तारी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने तय की प्रक्रिया

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नई दिल्ली। गिरफ्तारी की प्रक्रिया और आरोपी के संवैधानिक अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। Jaskaran Jeet Singh Deol बनाम State of Punjab मामले में शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) लिखित रूप में उपलब्ध कराना संवैधानिक आवश्यकता है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि गिरफ्तारी संविधान के अनुच्छेद 22 के प्रावधानों के उल्लंघन के कारण अवैध घोषित होकर आरोपी को रिहा किया जाता है, तो उसके बाद की कार्रवाई निर्धारित कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ही होनी चाहिए।

क्या था मामला?

मामला पंजाब के एसएएस नगर क्षेत्र की एक FIR से जुड़ा था। पुलिस ने 17 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया था और अगले दिन उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने पाया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को लिखित रूप में गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

मजिस्ट्रेट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत प्राप्त अधिकार का उल्लंघन माना और आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए उसे रिहा करने का निर्देश दिया।

मामले में यह मुद्दा भी उठा कि गिरफ्तारी के दौरान 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने संबंधी संवैधानिक आवश्यकता का पालन हुआ या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यही था कि ऐसी स्थिति में आरोपी को उसी मामले में दोबारा गिरफ्तार करने के लिए जांच एजेंसी को किन शर्तों और प्रक्रिया का पालन करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) और 22(2) में दिए गए सुरक्षा प्रावधानों का कठोरता से पालन किया जाना चाहिए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के आधार केवल औपचारिकता नहीं हैं। आरोपी को यह जानने का अधिकार है कि उसे किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में उपलब्ध कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद यदि संवैधानिक या कानूनी उल्लंघन के कारण उसे रिहा किया जाता है, तो जांच एजेंसी केवल उसी आधार पर स्वतः उसे दोबारा हिरासत में नहीं ले सकती। यदि जांच के लिए आरोपी की कस्टोडियल इंटरोगेशन आवश्यक मानी जाती है, तो संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।

गंभीर अपराध होने से संवैधानिक अधिकार खत्म नहीं होते

फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी अपराध की गंभीरता संविधान द्वारा प्रदान किए गए अधिकारों को समाप्त नहीं करती। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कानून के मुताबिक ही अंकुश लगाया जा सकता है और संविधान द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई

मामले में गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में उपलब्ध नहीं कराने को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि संबंधित जांच अधिकारी को निलंबित किया गया और थाना प्रभारी को पद से हटाकर पुलिस लाइन में स्थानांतरित किया गया।

हाईकोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 29 मई 2026 के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि जांच एजेंसी आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक समझती है, तो उसे Mihir Rajesh Shah मामले में निर्धारित सिद्धांतों और वर्तमान फैसले में बताई गई प्रक्रिया का पालन करना होगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ लगाए गए मूल आरोपों के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले की प्रति सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल तथा राज्य न्यायिक अकादमियों के निदेशकों को भेजने का निर्देश भी दिया है।

फैसला: Jaskaran Jeet Singh Deol v. State of Punjab, Criminal Appeal No. 4234 of 2026, निर्णय दिनांक 21 सितंबर 2026.

देवघर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार; 7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

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देवघर // साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच रविवार, 20 सितंबर 2026 को चार संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग कंपनियों के कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेते थे और ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के आदेश पर तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के निर्देश में की गई।

ठगी करने का तरीका

  • फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर ठगी का आरोप
  • पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले में कुछ लोग फर्जी तरीके से Flipkart और Amazon कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank अधिकारी तथा Google पर PhonePe कस्टमर केयर के नाम से लोगों से संपर्क कर साइबर ठगी कर रहे हैं।
  • पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा PM किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाने की जानकारी मिली थी।
  • आरोपियों की कथित कार्यशैली में फर्जी Google Pay, PhonePe, Paytm Customer Care और IRCTC अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करना शामिल था।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन और सिम कार्ड के साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—-

  • मन्टु दास (38 वर्ष), पिता- बालदेव दास, निवासी लखनुवाँ, थाना मधुपुर, देवघर।-
  • उपेन्द्र कुमार दास (28 वर्ष), पिता- गुलाब दास, निवासी लखनुवाँ, थाना मधुपुर, देवघर।-
  • देवानन्द दास (22 वर्ष), पिता- बालदेव दास, निवासी लखनुवाँ, थाना मधुपुर, देवघर।-
  • अंशु कुमार दास (22 वर्ष), पिता- होरो दास, निवासी तिलौना, थाना देवीपुर, देवघर।

एक आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड

  • पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अंशु कुमार दास पूर्व में साइबर थाना देवघर के कांड संख्या 65/2025 में आरोप-पत्रित है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से

  • कुल—मोबाइल फोन – 07 सिम कार्ड – 06 बरामद किए हैं।

पुलिस बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और मामलों के संबंध में भी जानकारी सामने आने की संभावना है।

BKD News Jharkhand अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड, UPI PIN, कार्ड संबंधी जानकारी या Gift Card की जानकारी साझा न करें। किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर की पुष्टि उसके आधिकारिक माध्यम से ही करें।

झारखंडी संस्कृति की रंगीन झलक, मांदर की थाप पर थिरके सैकड़ों लोग

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करम महोत्सव में झूमे साहिबगंज के कुर्मी समाज के लोग

साहिबगंज // रविवार को झारखंड प्रदेश अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष प्रेम लाल मंडल उर्फ मंटा मंडल के नेतृत्व में साहिबगंज जिले से सैकड़ों कुर्मी-महतो समाज के लोग पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित कोड़ाडीह मैदान में आयोजित करम महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान भाजपा नेत्री कृष्णा महतो, संजय पटेल, झूलन महतो समेत महासभा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।करम महोत्सव में पहुंचने पर साहिबगंज से पहुंचे लोगों ने झारखंडी लोक संस्कृति और परंपरा की अनूठी झलक देखी। मैदान में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच लोग सामूहिक रूप से करम नृत्य करते नजर आए। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोगों की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को आकर्षक बना दिया।

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महासभा के सदस्यों ने बताया कि करम पर्व झारखंड की लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और रीति-रिवाजों से जोड़ने का अवसर मिलता है। साहिबगंज से पहुंचे लोगों ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मांदर की थाप पर जमकर नृत्य किया और करम महोत्सव का आनंद उठाया। इस दौरान कोड़ाडीह मैदान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। साहिबगंज से पहुंचे कुर्मी-महतो समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से आयोजन में भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश भी दिया। मौके पर मौजूद ओमप्रकाश महतो, राजू महतो, और अन्य महतो परिवार मौजूद थे।