झारखंड की आवाज

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सुप्रीम कोर्ट ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को अग्रिम जमानत दी

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय के जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विवादित पोस्ट लिखने के मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को अग्रिम जमानत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर को जांच में लगातार सहयोग करने का निर्देश दिया ।

नेहा सिंह राठौर ने इस एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी।

दरअसल, नेहा सिंह राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस पोस्ट के बाद नेहा सिंह राठौर पर उत्तर प्रदेश में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद नेहा सिंह राठौर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 197, 152, 353 और आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। नेहा सिंह राठौर ने इस एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी।

ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट ने केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली // दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में जांच एजेंसी पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल समेत सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि जांच एजेंसी के खिलाफ सामान्य टिप्पणी की गई है।

दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है…

इसके पहले 9 मार्च को कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि वो दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की आगे सुनवाई नहीं करें। इस आदेश के बाद ईडी ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। नौ मार्च को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि ये दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को कानूनों के मुताबिक गलत बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं।

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट में काफी विरोधाभास हैं। कोर्ट ने कहा कि हजारों पन्नों के चार्जशीट में जो तथ्य पेश किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर 2024 को तब रिहा हुए जब उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के मामले में जमानत दी।ईडी ने 21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून 2024 को सरेंडर किया था।

27 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने के कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी।

केजरीवाल को 26 जून 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें बीआरएस नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 27 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने के कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। उच्चतम न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई 2024 को ईडी के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।

45 दिन में साहिबगंज पाइपलाइन जलापूर्ति योजना पूरी करें : हाई कोर्ट

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रांची // साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को शीघ्र चालू करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को इस परियोजना को पूरा करने के लिए 45 दिनों का अंतिम मौका दिया है।

इंजीनियर-इन-चीफ को जिम्मेदार माना जाएगा

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि साहिबगंज में घर-घर पेयजल पहुंचाने की योजना पूरी नहीं होती है, तो इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।सुनवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), साहिबगंज की ओर से स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसका अदालत ने अध्ययन किया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2008 से यह योजना चल रही है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।

पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक जलापूर्ति शुरू हो जाने का सरकार का दावा सही नहीं है।

अदालत ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा कई बार इस परियोजना को पूरा करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया है। वहीं, अंडरग्राउंड पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से कई जगहों पर पानी रिसने की समस्या सामने आई है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने अदालत को बताया कि साहिबगंज में पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक जलापूर्ति शुरू हो जाने का सरकार का दावा सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड पाइपलाइन से पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शाहबाज अख्तर ने पक्ष रखते हुए कहा कि परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और यदि कुछ कार्य शेष हैं तो उन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

साहिबगंज के करीब 19 हजार घरों में कनेक्शन के लिए आवेदन दिया है।

मामले की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की खंडपीठ ने की। इससे पहले सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना पूरी कर ली गई है और ट्रायल रन के बाद कुछ घरों में पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। सरकार ने अदालत को यह भी जानकारी दी थी कि साहिबगंज के करीब 19 हजार घरों में से अब तक लगभग 8,500 लोगों ने नल से जल कनेक्शन के लिए आवेदन दिया है।

आवेदन करने वाले सभी लोगों को पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।सरकार के दावों की सत्यता की जांच के लिए अदालत ने पिछली सुनवाई में डालसा, साहिबगंज को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।उल्लेखनीय है कि सिद्धेश्वर मंडल ने जनहित याचिका दायर कर साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को शीघ्र चालू कराने की मांग की है।

खनिज संपदा के बावजूद झारखंड में बेरोजगारी बड़ी चुनौती : प्रदीप यादव

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रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को श्रम, नियोजन, कौशल विकास एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद झारखंड के सामने कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।

राज्य की प्राकृतिक संपदा और संसाधनों का सही उपयोग करते हुए

रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि खान-खनिज के मामले में झारखंड देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि कोयला उत्पादन के मामले में राज्य पूरे देश में अग्रणी है। ऐसे में झारखंड में विकास की संभावनाएं काफी हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। राज्य की प्राकृतिक संपदा और संसाधनों का सही उपयोग करते हुए रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

प्रदीप यादव ने कहा कि इतनी प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद राज्य में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। झारखंड की खनिज संपदा और अन्य संसाधनों का समुचित उपयोग कर नए उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

सरकार को बेहतर प्रयास करते हुए राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए

उन्होंने कहा कि देश जिस आर्थिक और रोजगार संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है, उससे झारखंड भी अछूता नहीं है। इन चुनौतियों के बीच सरकार को बेहतर प्रयास करते हुए राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे समस्याओं का समाधान संभव हो सके।

विधायक ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि एचईसी जैसे सार्वजनिक उपक्रम लगातार कमजोर होते जा रहे हैं और वहां कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बेरोजगारी की समस्या को दूर करना और कठिन हो जाएगा।

औद्योगिक रोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियां नहीं बनेंगी

प्रदीप यादव ने कहा कि जब तक भारत सरकार की नीतियों और दिशा में बदलाव नहीं होगा तथा औद्योगिक रोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियां नहीं बनेंगी, तब तक देश और राज्यों में बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं हो पाएगा।

झारखंड हाई कोर्ट ने देसी शराब आपूर्ति मामले में कारोबारी भूपेंद्रपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज

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रांची // छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी भूपेंद्रपाल सिंह को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद द्विवेदी की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध किया गया। एसीबी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने अदालत को बताया कि भूपेंद्रपाल सिंह ने झारखंड में षड्यंत्र के तहत निम्न स्तर की गुणवत्ता वाली देसी शराब की आपूर्ति की है।

झारखंड सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है, अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।

एसीबी ने अदालत को बताया कि झारखंड में जानबूझकर घटिया गुणवत्ता की देसी शराब की आपूर्ति की गई, जो एक अन्य कंपनी के साथ मिलीभगत कर की गई थी। देसी शराब की आपूर्ति का ठेका लेने के बाद आरोपित ने मानकों के अनुरूप शराब उपलब्ध कराने के बजाय घटिया गुणवत्ता की शराब की आपूर्ति की।एसीबी की ओर से दलील दी गई कि इस कृत्य से झारखंड सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है, इसलिए आरोपित को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। अदालत ने एसीबी की दलीलों को सुनने के बाद भूपेंद्रपाल सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि भूपेंद्रपाल सिंह छत्तीसगढ़ के देसी शराब निर्माता हैं। उन पर झारखंड में अनस्टैंडर्ड और निम्न स्तर की देसी शराब की आपूर्ति कर राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में एसीबी रांची ने कांड संख्या 9/2025 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एक्सएलआरआई को पाकिस्तान एयरबेस से बम से हमला करने की धमकी

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पूर्वी सिंहभूम // जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को शहर में हड़कंप मच गया। यह धमकी संस्थान को एक अज्ञात ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी। ई-मेल मिलते ही संस्थान प्रबंधन में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

संस्थान के प्रमुख ने दी सूचना पुलिस आई हरकत में

संस्थान के प्रमुख ने इस संबंध में तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष कुमार पांडेय से संपर्क कर धमकी भरे ई-मेल की जानकारी दी। सूचना मिलते ही एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दूबे को पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने संस्थान के पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे कैंपस की तलाशी ली

एहतियात के तौर पर संस्थान परिसर को खाली कराया गया। क्लासरूम, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे कैंपस की सघन तलाशी ली गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।इस मामले में पुलिस की साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है और धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) कुमार शिवाशीष ने बताया कि ई-मेल में पाकिस्तान के एक एयरबेस से बम से हमला करने की बात लिखी गई है।

प्रारंभिक जांच में यह शरारत या मजाक के तौर पर भेजा गया संदेश प्रतीत हो रहा है, फिर भी पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।सिटी एसपी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और जांच पूरी होने तक संस्थान परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों में नये कुलपति नियुक्त

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राँची // झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों में नये कुलपतियों की नियुक्ति की गई है। इस संबंध में मंगलवार को राजभवन की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई। जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रोफेसर राजीव मनोहर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

तीनों कुलपति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष की….

इसी तरह डॉ.एला कुमार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है। वह फिलहाल इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन (आईजीडीटीयूडब्ल्यू), दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं अभय कुमार सिंह को झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (जेएसओयू), रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर (बिहार) में प्रोफेसर एवं डीन के पद पर कार्यरत हैं।

अधिसूचना के अनुसार, तीनों कुलपति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक या कुलाधिपति की इच्छा के अनुसार अपने पद पर कार्य करेंगे। साथ ही इन नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारों के मूल संस्थानों से सतर्कता (विजिलेंस) क्लीयरेंस प्राप्त होना अनिवार्य होगा।

परिवार से बिछड़ने के बाद 12 साल बाद मिला राजा, केरल से लौटा वापस

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पश्चिमी सिंहभूम // चाईबासा के एसपी अमित रेणु के निर्देश पर लगभग 12 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक बालक को उसके परिजनों से मिलाने में पुलिस को कामयाबी मिली है। इस पहल की पूरे जिले में सराहना की जा रही है।

केरल की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अहम भूमिका

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले का एक बालक कई वर्ष पहले घर से भटककर केरल राज्य पहुंच गया था। वहां उसकी देखभाल केरल की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की ओर से की जा रही थी। जब भी उससे उसके घर का पता पूछा जाता था, तो वह इतना ही बता पाता था कि उसका घर चाईबासा जिले के एक पहाड़ पर है। वह कहता था कि पहाड़ बहुत बड़ा नहीं है और उसके नीचे एक स्कूल स्थित है। वह अपने पिता का नाम बोलराम, मां का नाम मनी, भाई का नाम फंटूश और दो छोटी बहनों के नाम तुरकी और तेरकी बताता था।

सोशल मीडिया और मानवीय सूचना के माध्यम से मिला

इस सीमित जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बालक की पहचान कराने के लिए उसका फोटो और विवरण जिले के सभी थाना प्रभारियों और संबंधित शाखाओं को भेजा। इसके साथ ही विभिन्न माध्यमों से जानकारी साझा कर उसकी पहचान करने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस का यह प्रयास आखिरकार सफल साबित हुआ और सोशल मीडिया और मानवीय सूचना के जरिए बच्चे के परिजनों तक यह खबर पहुंच गई। इसके बाद परिजन सामने आए और पुलिस ने सभी तथ्यों का सत्यापन कराया।

परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने की मिली सूचना

जांच में पता चला कि बालक का नाम राजा गोप उर्फ गोमा है। उसके पिता का नाम बोडराम उर्फ बुधराम गोप और माता का नाम मानी गोप है। वह पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के हाड़ीमारा गांव के रहने वाले हैं। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और वर्तमान में जीविका चलाने के लिए पश्चिम बंगाल में मजदूरी कर रहा है।

पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी गुहार

परिजनों से संपर्क होने के बाद उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने बालक को वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद चाईबासा पुलिस ने एक टीम को केरल भेजा। पुलिस टीम ने आठ मार्च को केरल की बाल कल्याण समिति से बच्चे को प्राप्त किया और उसे लेकर वापस चाईबासा पहुंची।

पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता की हर ओर चर्चा हो रही है।

मंगलवार को सोनुवा थाना में सभी औपचारिकताओं के बाद बालक को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। करीब 12 साल बाद अपने बेटे को पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस पूरे मामले में चाईबासा पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता की हर ओर चर्चा हो रही है।

Cyber Crime News। देवघर पुलिस ने 5 साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार

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देवघर // पुलिस ने साइबर के ख़िलाफ़ छापेमारी कर 5 अभियुक्त को किया गिरफ्तार। एक को किया निरुद्ध।

गिरफ्तार/निरूद्ध किये गये व्यक्ति/किशोरों की अपराध शैली निम्न प्रकार हैं-

  • 1. गूगल पर अपना फर्जी मोबाईल नंबर कस्टमर केअर के नाम से अपलोड कर साइबर ठगी करना।
  • 2. फर्जी Phonepe /Paytm Customer Care पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को Cash Back का झांसा देकर Phonpe Gift Card Create करवाकर उसे Redeem कर ठगी करना।
  • 3. फर्जी Airtel Payment Bank पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर Airtel Thanks App के माध्यम से Airtel Payment Bank कार्ड बन्द कर उपभोक्ताओं को झांसा देकर तथा आम सहायता के रूप में कार्ड को पुनः चालू कराने के नाम पर झांसा देकर ठगी करना

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता

  • 1. असलम अंसारी, उम्र करीब 30 वर्ष, पे०-जहरूद्दीन मियां, सा०-कालीजोत,थाना-सारठ,
  • 2. राहुल कुमार दास, उम्र करीब 20वर्ष, पे०-स्व० आनंदी दास, सा०-कोरकोटा, थाना-मधुपुर,
  • 3. आशीष यादव, उम्र-करीब 30वर्ष, पे०-अनिरूध प्र० यादव, सा०-बाबुपुर, थाना-मोहनपुर,
  • 4. विपीन कुमार यादव, उम्र करीब 26 वर्ष, पे० योगेन्द्र प्रसाद यादव, सा०-कुशमाहा,
  • 5. नितीश कुमार, उम्र करीब 27 वर्ष, पे०-योगेन्द्र प्रसाद यादव, सा०-कुशमाहा, सभी जिला-देवघरगिरफ्तार / निरूद्ध किये गये व्यक्ति/किशोरों के पास से बरामद सामानों की विवरणी।

गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 7 मोबाइल 8 सिम कार्ड को किया बरामद।

पैसे के लिए युवती की हत्या कर आरोपित ने कुएं में फेंका शव, गिरफ्तार

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दुमका // पैसे के लिए 28 वर्षीय युवती की गला दबाकर हत्या कर शव को कुएं में फेंक देने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपित जागेश्वर मरांडी के निशानदेही पर ही युवती के शव को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने बागझोपा गांव के एक कुएं से बरामद कर लिया है। यह घटना 10 फरवरी को मुफस्सिल थाना अन्तर्गत टीकापहाड़ी गांव की है।

युवती के अकाउंट में काफी रूपए थे रुपए के लालच में घटना को दिया अंजाम

जानकारी के अनुसार मृतका सरोधनी हेम्ब्रम टीकापहाड़ी गांव की रहने वाली थी और आरोपित युवक भी उसी गांव का निवासी है। युवक युवती को दीदी बोला करता था। युवती दैनिक मजदूरी किया करती थी। वह काम के सिलसिले में अक्सर पश्चिम बंगाल सहित अन्य प्रदेश भी जाती थी। युवती अपने कमाए रूपयों को अकाउंट में रखा करती थी। युवती के अकाउंट में काफी रूपए थे। इस बात की भनक युवक को लग गई थी। वह युवती के अकाउंट से रूपए लेने के लिए साजिश रचने लगा। आरोपी युवक जागेश्वर मरांडी ने 10 फरवरी को युवती को किसी काम का हवाला देते हुए सुनसान इलाके में बुलाया। युवती युवक पर काफी भरोसा करती थी। उसके बुलावे पर वह सुनसान इलाके में पहुंच गई।

पासवर्ड बताने को तैयार नहीं हुई

युवक ने किसी तरह से युवती के मोबाइल को हासिल किया और उससे फोन-पे के पासवर्ड जानने का प्रयास करने लगा। युवती को संदेह हुआ। वह पासवर्ड बताने को तैयार नहीं हुई। आवेश में युवक ने युवती की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के बाद उसने किसी तरह से उसके फोन पे के पासवर्ड जान लिया। पासवर्ड पता लगते ही युवक ने युवती के अकाउंट से एक लाख रूपया अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया।

परिजनों ने मुफस्सिल थाना में सनहा दर्ज कराया था

रूपए टांसफर होने के बाद उसने युवती की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद युवक गांव में ही रहने लगा था। इधर, परिजन युवती की तलाश अपने स्तर से कई जगहों पर की, लेकिन वह नहीं मिली। युवती के नहीं मिलने पर परिजनों ने अंत में 20 फरवरी को मुफस्सिल थाना में सनहा दर्ज कराई। सनहा दर्ज होने के बाद पुलिस भी अपने स्तर से छानबीन करने में जुट गई।

टेक्निकल सेल की मदद से यह पता लगाया कि 10 फरवरी को दोनों एक साथ थे या नहीं

इधर, युवती के मोबाइल नम्बर से लोकेशन का पता लगाया गया। युवती के अकाउंट को जब पुलिस ने खंगाला तो पता चला कि 10 फरवरी को ही गांव के ही जागेश्वर मरांडी के अकाउंट में एक लाख रूपया ट्रांसफर हुए है। पुलिस को संदेह हुआ और उक्त युवक को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया। पूछताछ में उसने किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से यह पता लगाया कि 10 फरवरी को दोनों एक साथ थे या नहीं। टेक्निकल सेल से पता चल गया कि घटना के दिन दोनों एक साथ थे।

छानबीन में पता चला कि गांव के ही युवक ने उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया है

बाद में पुलिस ने दोबारा युवक को थाने बुलाया और सख्ती से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस अब युवक के विरुद्ध हत्या कर साक्ष्य छूपाने की प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा। मुफस्सिल थाना प्रभारी लोरेंसिया केरकेट्टा ने बताया कि 20 फरवरी को युवती के लापता होने का परिजनों से सनहा दर्ज कराया था। छानबीन में पता चला कि गांव के ही युवक ने उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया है।

Ranchi News। सेना के जवान ने की खुदकुशी

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रांची // राजधानी के धुर्वा थाना क्षेत्र के स्मार्ट सिटी में एक सेना के जवान के खुदकुशी करने का मामला सोमवार को प्रकाश में आया है। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल से एक बाइक भी बरामद की गई है। मृत युवक की पहचान जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है। वह सेना का जवान था और दिल्ली में पोस्टेड था। वहीं, मृतक के पिता प्रमोद कुमार और पत्नी ने हत्या कर खुदकुशी दिखाने का आरोप लगाया है।

धुर्वा थाना प्रभारी विमल किंडो ने बताया कि अमन यादव ने किस वजह से खुदकुशी की है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही सही कारण का पता चल पायेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

कोर्ट से आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

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देवघर // एसीजेएम आनंद सिंह की अदालत द्वारा आरोपित मुकेश प्रसाद राय को राहत नहीं दी गयी। इस आरोपित की ओर से दाखिल जमानत आवेदन पर सुनवाई की गयी, जिसमें अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी गयी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी। आरोपित जसीडीह थाना के रायडीह गांव का रहने वाला है और इसके विरुद्ध जसीडीह थाना में केस दर्ज हुआ है, जिसमें जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से जख्मी करने का आरोप लगाया गया है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट 10 मार्च को करेगा सुनवाई

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है। आज याचिकाकर्ताओं के वकील मेनका गुरुस्वामी ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशन करते हुए याचिका पर सुनवाई की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने 10 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया।

मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि अपील स्वीकार्य है।

याचिका में कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान याचिकाकर्ताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। याचिकाकर्ताओं के नाम पहले के वोटर लिस्ट में नाम थे। इन्होंने पहले मतदान किया था लेकिन उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए। तब कोर्ट ने कहा कि मौजूदा हालात में वे न्यायिक अधिकारियों के फैसलों पर अपील नहीं कर सकती। तब मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि अपील स्वीकार्य है।

झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करें।

उच्चतम न्यायालय ने 24 फरवरी को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के एसआईआर में दावे और आपत्तियों का निपटारा करने के लिए राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करने की अनुमति दी थी। उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से कहा था कि वे इस काम में तीन साल के अनुभव वाले एडिशनल सिविल जजों के अलावा झारखंड और ओडिशा से भी न्यायिक अधिकारियों की तैनाती करें।

न्यायिक अधिकारियों की तैनाती पर आया खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा।

दरअसल, कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस ने उच्चतम न्यायालय से कहा था कि राज्य में ‘तार्किक विसंगति’ के 50 हजार से ज्यादा मामले हैं जिनका निपटारा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों की कमी पड़ जाएगी। उच्च न्यायालय की ओर से कहा गया था कि इस काम के लिए करीब 250 न्यायिक अधिकारियों को 80 दिनों तक तैनात करना पड़ेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल से बाहर के न्यायिक अधिकारियों की तैनाती पर आया खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा। निर्वाचन आयोग राज्य के बाहर के न्यायिक अधिकारियों के यात्रा, ठहरने और मानदेय का खर्च वहन करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को एसिड अटैक सर्वाइवर को सरकारी नौकरी देने दिया निर्देश

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वो सभी पीड़ितों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की नीति बनाएं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर नौकरी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती तो राज्यों को पीड़ितों को गुजारा भत्ता देने की नीति बनानी चाहिए।

इसके पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसिड हमले से जुड़े मामलों में दोषियों के लिए असाधारण सजा का प्रावधान करने की वकालत की थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कानून में बदलाव कर पर विचार करने को कहा ताकि ऐसे मामलों से दहेज हत्या के मामलों की तरह सख्ती से निपटा जा सके।

केसों की स्थिति और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे उपायों का जिक्र होना चाहिए

उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे एसिड अटैक से जुड़े मामलों का हर साल का विस्तृत ब्यौरा दें। इस रिपोर्ट में कोर्ट में केसों की स्थिति और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे उपायों का जिक्र होना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया था कि इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट गठित किए जाएं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह इस संबंध में कानून में संशोधन करने पर विचार करें ताकि तेजाब से पीड़ित लोगों को राइट आफ पर्संस विद डिसेबिलिटी एक्ट के तहत दिव्यांग की परिभाषा में शामिल किया जा सके। याचिका एसिड हमले से पीड़ित शाहीन मलिक ने दायर की है।

एसिड अटैक के पीड़ितों को दिव्यांग की तरह का दर्जा दिया जाए

पीड़ितों को मुआवजा मिलने में देरी पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों से संपर्क करने को कहा है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को एक चार्ट बनाने का भी निर्देश दिया जिसमें पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मुआवजा मांगने का समय और इसे प्राप्त करने का दिन शामिल करने को कहा गया है। याचिका में मांग की गई है कि एसिड अटैक के पीड़ितों को दिव्यांग की तरह का दर्जा दिया जाए ताकि उसे दूसरी सुविधाएं मिल सकें।

याचिका में 2023 के लक्ष्मी बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया गया है

बता दें कि एसिड अटैक के मामले में उच्चतम न्यायालय में एक और याचिका पहले से लंबित है। याचिका मुंबई के एनजीओ एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन ने दायर किया है। याचिका में 2023 के लक्ष्मी बनाम भारत संघ के फैसले का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ित को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि संबंधित राज्य सरकार द्वारा देखभाल और पुनर्वास लागत के रुप में न्यूनतम तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।

यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह 301वीं रैंक पाने वाली सफल अभ्यर्थी : यूपीएससी

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नई दिल्ली // संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में रैंक 301 को लेकर सामने आए विवाद पर सोमवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि इस रैंक पर चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह हैं।

आयोग ने बताया कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि एक ही नाम की दो अभ्यर्थी, आकांक्षा सिंह, सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में समान रैंक 301 प्राप्त करने का दावा कर रही हैं। यूपीएससी द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार आयोग के अभिलेखों के मुताबिक रैंक 301 प्राप्त करने वाली सफल अभ्यर्थी का विवरण इस प्रकार है— आकांक्षा सिंह, रोल नंबर 0856794, पिता का नाम रंजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह, जिनका पता उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव का है।

बिहार की नहीं यूपी की आकांक्षा सफल

उल्लेखनीय है कि विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार निवासी एक अन्य आकांक्षा सिंह ने भी परीक्षा में 301वीं रैंक प्राप्त करने का दावा किया था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच परिणाम सामने आने के बाद गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने भी 301वीं रैंक प्राप्त करने की जानकारी दी थी। आयोग के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रैंक 301 पर चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश की हैं। यूपीएससी ने छह मार्च को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया था।