राँची// मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य के युवाओं की चिंताएं सरकार के लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल झारखंड की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में यह युवाओं के सामने एक बड़ी राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित जांच एजेंसियां दिन-रात जांच में जुटी हैं और मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भी भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि युवाओं को इस समस्या का ठोस और स्थायी समाधान देना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं। जिन छात्रों और अभ्यर्थियों के पास कोई मांग, सुझाव या समस्या है, वे अपनी बात सीधे राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। सरकार युवाओं के हर सुझाव और मांग को पूरी गंभीरता से सुनेगी और उस पर आवश्यक कदम उठाएगी।
साहिबगंज // झारखंड के साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात ड्यूटी के दौरान एक एएसआई पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में कोटालपोखर थाना में पदस्थापित एएसआई हेमंत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें पहले पाकुड़ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।पुलिस के अनुसार, पलासबोना गांव से सूचना मिली थी कि एक युवक नशे की हालत में हाथ में चाकू लेकर घूम रहा है और लोगों में दहशत फैला रहा है। सूचना मिलने पर एएसआई हेमंत यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान उसने अचानक चाकू से एएसआई हेमंत यादव पर हमला कर दिया। हमले में एएसआई गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को तुरंत काबू कर गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
देवघर// झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के जिला अध्यक्ष चंदन वर्मा की अध्यक्षता में देवघर जिला समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में कथित अनियमितताओं, परीक्षा घोटालों एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध जोरदार आवाज़ उठाई गई।
कार्यक्रम के उपरांत माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।धरना-प्रदर्शन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं—
1. JPSC/JSSC द्वारा आयोजित विवादित एवं आरोपित परीक्षाओं को रद्द कर उनकी CBI एवं ED से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. JPSC एवं JSSC में व्यापक सुधार करते हुए अध्यक्ष, सदस्यों एवं दोषी कर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
3. JPSC/JSSC की सभी लंबित परीक्षाओं का शीघ्र नोटिफिकेशन जारी कर निर्धारित वार्षिक कैलेंडर के अनुसार समयबद्ध तरीके से परीक्षाएँ एवं नियुक्तियाँ पूरी की जाएँ।
4. प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एवं पूर्णतः पारदर्शी एजेंसियों का चयन किया जाए।
5. यदि उपर्युक्त मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा दें।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष चंदन वर्मा ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए तथा लंबित नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में आरती चौहान, चांद हसन, इबरार अंसारी, अंग्रेज दास, रोहित राउत, खुशवंत प्रधान, सचिन दास, विजय कुमार पोद्दार, मुकेश यादव, बबलू महतो, मुरारी महतो, रविकांत मोती, गणेश महतो, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, छात्र-युवा एवं आम नागरिक उपस्थित रहे तथा आंदोलन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि युवाओं की जायज़ मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) राज्यव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन को और व्यापक रूप से चलाने के लिए बाध्य होगा।
देवघर // देवघर निवासी चमन कुमार ने गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को एक विस्तृत शिकायत भेजकर उनकी संसदीय सदस्यता रद्द करने तथा विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों से मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में सांसद, उनकी पत्नी अनामिका गौतम तथा परिवार से जुड़े ट्रस्ट और कंपनियों के संबंध में भ्रष्टाचार, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, शेल कंपनियों के माध्यम से निवेश और वित्तीय अनियमितताओं सहित कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन आरोपों की जांच लोकपाल, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, सीवीसी और अन्य एजेंसियों से कराने का अनुरोध किया है।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि मामले को लोकसभा की नैतिकता समिति और विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, लोकपाल, सीवीसी, सीबीआई, ईडी, झारखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, देवघर के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। समाचार लिखे जाने तक सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
साहिबगंज // झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पद्म भूषण से सम्मानित एवं जननायक दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को साहिबगंज के सिद्धों-कान्हु स्टेडियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावनाओं, सम्मान और संकल्प का प्रतीक बन गई। इस अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण राज्य के राजस्व, निबंधन, भूमि सुधार एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आम लोगों ने दिशोम गुरु की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा…
श्रद्धांजलि सभा में मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्ष, त्याग और जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और वंचित समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
दिशोम गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा….
इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा, पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, राजमहल विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने दिशोम गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं था, बल्कि झारखंड की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की लड़ाई का इतिहास है।
आदमकद प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक
वक्ताओं ने कहा कि सिद्धों-कान्हु स्टेडियम में स्थापित यह आदमकद प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। यह प्रतिमा हर उस व्यक्ति को यह संदेश देगी कि समाज और राज्य के हित में निस्वार्थ भाव से किया गया संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। दिशोम गुरु के आदर्श, सादगी, संघर्ष और जनसेवा की भावना आने वाले वर्षों में भी समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।
श्रद्धांजलि सभा का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन के दिखाए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समरसता, न्याय, विकास और झारखंड की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि उनके विचार और उनके संघर्ष की विरासत आने वाली पीढ़ियों के हृदय में सदैव जीवित रहे।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात्रि 1 बजे ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ तक पहुंच गई थी।
पहली सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने अहले सुबह मेला क्षेत्र, रूटलाइन और कांवरिया पथ का निरीक्षण कर सुरक्षा, कतार प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मेला ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस बल को श्रद्धालुओं के प्रति ‘सेवा भाव’ और ‘धैर्य’ के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बाबाधाम आने वाले कांवरियों की सेवा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
नंदन पहाड़ से बाबा मंदिर तक निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचना-सह-सहायता केंद्र, स्वास्थ्य शिविर, मातृत्व विश्राम गृह, पुलिस ओपी, ट्रैफिक ओपी, पर्यटन केंद्र तथा विद्युत केंद्र का भी निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग पर विशेष फोकसउपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य शिविरों में जीवनरक्षक दवाइयों और एम्बुलेंस की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित रहे। मातृत्व विश्राम गृह में महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा बिजली और सूचना केंद्र बिना किसी बाधा के संचालित हों।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहनों की पार्किंग कराई जाए और शहर में जाम की स्थिति नहीं बनने दी जाए। साथ ही, रूटलाइन के सभी होल्डिंग पॉइंट्स पर पानी, बिजली, मिस्ट कूलिंग और चिकित्सा सुविधाएं लगातार उपलब्ध रखने तथा क्यू कॉम्प्लेक्स को श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
पटना/पूर्णिया: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर उनके सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कथित तौर पर चाकू लेकर पहुंचे एक व्यक्ति द्वारा हमला करने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने सोशल मीडिया पर भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा हार के डर से हिंसा का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि सांसद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चाकू लेकर हमलावर का पहुंचना बेहद गंभीर मामला है और यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक को दर्शाता है। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा लोकसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की मांग की।
वहीं पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि “संत, सनातन पर आघात करने वाले और राम मंदिर लूटने वाले कालनेमियों ने उन पर हमला कराया।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास पर प्रेस से बातचीत के दौरान भाजपा-आरएसएस संरक्षित व्यक्ति ने हमला कराया। उन्होंने कहा कि वे “हनुमान जी की राह पर चलेंगे और कालनेमियों को खदेड़ेंगे।”
फिलहाल घटना को लेकर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। हमले के पीछे की परिस्थितियों और आरोपों की जांच की जा रही है। राजनीतिक दलों की ओर से इस घटना पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दूसरे दिन बाबा नगरी देवघर में श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार तड़के सुबह 4:13 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद पूरे दिन श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवघर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, दूसरे दिन कुल 1,05,179 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।
जलार्पण के आंकड़ों के अनुसार:
बाह्य अर्घा के माध्यम से: 19,472 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
आंतरिक अर्घा के माध्यम से: 81,985 श्रद्धालुओं ने बाबा का अभिषेक किया।
शीघ्र दर्शनम व्यवस्था के तहत: 3,722 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
श्रावणी मेले के दौरान जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
देवघर // अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर ने कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. नितिन गंगाने के नेतृत्व में हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार गंभीर कोरोनरी धमनी रोग तथा हृदय की पंपिंग क्षमता (LVEF 25–30%) अत्यंत कम होने वाले मरीज का सफलतापूर्वक ऑफ-पंप कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट (OPCABG) किया गया।
यह जटिल ऑपरेशन कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। इतनी कम हृदय क्षमता वाले मरीजों में ऑफ-पंप बाईपास सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस ऑपरेशन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि छाती के भीतर स्थित लेफ्ट इंटरनल मैमरी आर्टरी (LIMA) का सफलतापूर्वक उपयोग बाईपास के लिए किया गया, जिसे हृदय बाईपास सर्जरी में दीर्घकालीन बेहतर परिणामों के लिए सर्वोत्तम ग्राफ्ट माना जाता है।
यह सर्जरी डॉ. रजत अग्रवाल, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग द्वारा तथा डॉ. संजय कुमार, विभागाध्यक्ष, एनेस्थीसिया विभाग के नेतृत्व में एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। ऑपरेशन के बाद मरीज का स्वास्थ्य तेजी से सुधरा और उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह उपलब्धि एम्स देवघर में उन्नत हृदय शल्य चिकित्सा सेवाओं के निरंतर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लातेहार // एक हादसे ने एक साथ छीन लीं दो जिंदगियां—करीब एक वर्ष पहले विवाह के बंधन में बंधे पति-पत्नी की दर्दनाक मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवा टोली स्थित ललित नारायण स्टेडियम के समीप शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
सदर थाना क्षेत्र के कुर्से गांव निवासी वारिश अंसारी, पिता इंतियाज अंसारी, उम्र करीब 24 वर्ष और उनकी पत्नी सानिया खातून, उम्र करीब 21 वर्ष, शुक्रवार को स्कूटी से सेरेंगहातु अली अंसारी स्थित अपने साढ़ू के घर जा रहे थे। इसी दौरान बरवा टोली के ललित नारायण स्टेडियम के पास तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
देवघर// राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के दौरान देवघर नगर निगम क्षेत्र और कांवरिया पथ पर साफ-सफाई तथा स्वच्छता व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार, मेला क्षेत्र में गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निरंतर औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
इसी कड़ी में आज मेला क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने पर ‘चारपाई रेस्टोरेंट’ के संचालक पर 20,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।इसके अलावा निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि चारपाई रेस्टोरेंट के ठीक आगे कचरे का बड़ा ढेर लगा हुआ था। गहन जांच और स्थानीय इनपुट से यह स्पष्ट हुआ कि रेस्टोरेंट से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय रोजाना मुख्य सड़क पर ही फेंक दिया जाता था। इस लापरवाही के कारण आसपास के पूरे क्षेत्र में भारी बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा है कि राजकीय श्रावणी मेला में स्वच्छता सर्वोपरि है। सभी प्रतिष्ठान अनिवार्य रूप से दोहरे डस्टबिन (गीले और सूखे कचरे के लिए) का उपयोग करें और कचरा केवल नगर निगम के वाहनों या निर्धारित डंपिंग पॉइंट पर ही दें। यदि कोई भी दुकानदार बाबा की नगरी को गंदा करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के सीधे जब्ती और जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी।
देवघर, 31 जुलाई: देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई चर्चित गणपति महतो हत्याकांड मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। एडीजे-9 मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्यों के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
महज 150 रुपये की बची गैस से शुरू हुआ था विवाद
अभियोजन के अनुसार, खिजुरिया गांव में परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद 12 जनवरी 2023 को श्राद्धकर्म संपन्न हुआ था। अगले दिन श्राद्ध में बची सामग्री का बंटवारा किया जा रहा था। इसी दौरान रसोई गैस सिलेंडर में बची लगभग 150 रुपये मूल्य की गैस, जिसे दोनों पक्षों में 75-75 रुपये के हिस्से में बांटने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान गणपति महतो पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चार दोषी करार, तीन आरोपी बरी
अदालत ने सीताराम महतो, संतोष यादव, चानो यादव और वरुण यादव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं कलेश्वरी देवी, रीना देवी और अनिता देवी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया।
2023 में दर्ज हुआ था मामला
मृतक गणपति महतो के पुत्र चंद्रदेव यादव उर्फ बद्री यादव के बयान पर 14 जनवरी 2023 को सोनारायठाढ़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह मामला थाना कांड संख्या 02/2023 के रूप में दर्ज हुआ और बाद में एसटी केस संख्या 269/2024 के तहत सुनवाई चली।
आठ गवाहों की गवाही बनी अहम
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
केस मैनेज करने के नाम पर लाखों की रिश्वत मांगने का आरोप
Bkd News Jharkhand।
झारखंड के खूंटी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) सह महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को कथित रूप से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी महिला थाना परिसर में की गई। एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी से शिकायत की थी कि एक मामले को मैनेज करने और राहत दिलाने के नाम पर महिला थाना प्रभारी ने 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।
रिश्वत की रकम लेते ही दबोचा गया आरोपी अधिकारी
पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने महिला थाना प्रभारी को 50 हजार रुपये की राशि सौंपी, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए एसीबी कार्यालय ले जाया गया।
अन्य लोगों की भूमिका की भी होगी जांच
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है या नहीं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेष अदालत में होगी पेशी
एसीबी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी महिला थाना प्रभारी को विशेष अदालत में पेश करेगी। जांच पूरी होने के बाद मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
पांच वर्षों से अवैध संबंध का आरोप, पंचायत के बाद भी नहीं थमा विवाद
बेटे ने लगाया जानलेवा हमले का आरोप, खून लगा चाकू पुलिस को सौंपा
छह गवाहों ने अभियोजन का किया समर्थन, बचाव पक्ष ने बताया झूठा मामला
जिला एवं सत्र न्यायधीश कौशल किशोर झा की अदालत ने धारा 323 और 324 में दोषी ठहराते हुए सुनाई दो वर्ष की सजा
देवघर // जिले के देवीपुर थाना क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी शनिचर मंडल को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 एवं 324 के तहत दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने आरोपी को प्रोविजनल बेल (अंतरिम जमानत) पर रिहा कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला देवीपुर थाना क्षेत्र के कमरशाली गांव का है। शिकायतकर्ता ******** मंडल ने वर्ष 2022 में थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उसके पिता शनिचर मंडल का उसकी पत्नी के साथ पिछले लगभग पांच वर्षों से अवैध संबंध था। शिकायत के अनुसार, इस संबंध की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने दोनों पर निगरानी रखी और बाद में कथित रूप से उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद ग्रामीणों, ससुराल पक्ष और पंचायत की मौजूदगी में समझौता भी कराया गया, जहां आरोपी ने माफी मांगी थी, लेकिन आरोप है कि संबंध समाप्त नहीं हुआ।
बेटे पर चाकू से जानलेवा हमले का आरोप
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना की रात आरोपी पिता दीवार फांदकर घर में घुस आया और सो रहे बेटे पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान कथित रूप से फेंके गए चाकू से शिकायतकर्ता के सिर में चोट लगी। शिकायतकर्ता ने खून लगा चाकू भी पुलिस को सौंपने का दावा किया।
2022 में दर्ज हुई थी एफआईआर
शिकायत के आधार पर देवीपुर थाना में कांड संख्या 118/2022 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 324 और 307 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद मामला सेशन ट्रायल केस संख्या 293/2023 के रूप में न्यायालय में चला।
छह गवाहों ने अभियोजन का किया समर्थन
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई। अदालत में सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया। इनमें आरोपी के दोनों पुत्र तथा उसकी पत्नी भी शामिल थे। वहीं, बचाव पक्ष के गवाहों ने आरोपों को निराधार बताते हुए घटना से इनकार किया।
अदालत का फैसला
सभी पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद देवघर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी शनिचर मंडल को धारा 323 और 324 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसे दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, सजा के बाद आरोपी को प्रोविजनल बेल पर छोड़ दिया गया।
ज्वेलर्स ने पिस्टल तानने वाले अपराधी को दिया धक्का, लोडेड पिस्टल छीन लूट का प्रयास किया नाकाम
ग्राहक बनकर पहुंचे दो अपराधियों ने चेन लूटने का किया प्रयास
दुकानदार के अदम्य साहस ने दुकान लूटने से बचाई
लोहरदगा // शहर के खत्री ज्वेलर्स में अपराधियों के हथियार के बल पर सोने के जेवरात लूटने के प्रयास को दुकानदार ने अपने अदम्य साहस से विफल कर दिया। दुकानदार की सूझबूझ और बहादुरी के आगे अपराधी पस्त हो गए और अपनी लोडेड पिस्टल वहीं छोड़कर जान बचाकर भाग निकले। जानकारी के अनुसार, दो की संख्या में आए अपराधी ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए और सोने की चेन दिखाने को कहा। दुकानदार ने जेवरातों से भरी एक ट्रे उनके सामने रख दी।
मौका पाते ही एक अपराधी ट्रे में रखी तमाम सोने की चेन उठाकर भागने की फिराक में लग गया। संदिग्ध हलचल देखते ही दुकानदार ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपराधी को पकड़ लिया। खुद को घिरता देख अपराधी ने तुरंत पिस्टल निकालकर दुकानदार पर तान दी। हालांकि, दुकानदार जरा भी नहीं घबराया और हिम्मत दिखाते हुए अपराधी को दरवाजे की ओर जोरदार धक्का दे दिया।
घटना का सीसीटीवी फुटेज 👇👇👇
इससे अपराधी अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा और दुकानदार ने झपटकर उसके हाथ से लोडेड पिस्टल छीन ली। खुद को निहत्था और फंसता देख दोनों अपराधी मौके से किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। दुकानदार ने अपराधियों से छीनी गई लोडेड पिस्टल पुलिस के हवाले कर दी है।