देवघर: प्रसिद्ध समाजसेवी एवं मधुपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व राजद प्रत्याशी संजय भारद्वाज ने रविवार को महाअष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देवघर विधानसभा क्षेत्र के देवीपुर प्रखंड अंतर्गत बाघमारी गांव पहुंचकर कन्या पूजन किया और 501 कन्याओं के बीच नए वस्त्र वितरित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर संजय भारद्वाज ने कहा कि नारी शक्ति की पूजा सृष्टि के आरंभ से ही होती आ रही है। निश्छल बच्चियों, विशेषकर कन्याओं की प्रसन्नता से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और मन को आत्मिक सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें मानव सेवा की प्रेरणा देता है। ऐसे सामाजिक कार्यों से भावी पीढ़ी में संस्कारों का विकास होता है। इसलिए सभी को समाजसेवा के कार्यों के लिए आगे आना चाहिए।
वर्ष 2010 से कर रहे हैं वस्त्र वितरण
संजय भारद्वाज ने बताया कि वह वर्ष 2010 से ही प्रत्येक नवरात्र में लगभग 500 जरूरतमंद कन्याओं के बीच बिना किसी भेदभाव के नए वस्त्र वितरित करते आ रहे हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी कन्या पूजन एवं वस्त्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि महा सप्तमी के अवसर पर मधुपुर विधानसभा क्षेत्र की मलिन बस्तियों और देवघर के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद कन्याओं के बीच नए वस्त्र वितरित किए गए। वहीं, महाअष्टमी के दिन देवीपुर प्रखंड के बाघमारी गांव में कन्या पूजन कर वस्त्र वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कन्याओं को नए वस्त्र पहनाकर उनका पूजन किया गया और आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
कार्यक्रम में कई लोग रहे मौजूद
इस सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम में शोभा नाथ नरौने, अरविंद सिंह यादव, प्रदीप यादव, रमन भारद्वाज, छोटू यादव, धीरन राउत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम में सहयोग किया।
देवघर: जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 17 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र से संबंधित साइबर अपराधी फर्जी तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। आरोपी Google Pay, PhonePe, Paytm और Airtel Payments Bank के अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को निशाना बनाते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर भी ठगी किए जाने की सूचना मिली थी।
कैशबैक और सरकारी योजनाओं के नाम पर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, साइबर अपराधी फर्जी Google Pay, PhonePe और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देते थे। वहीं, PM किसान योजना, बिजली बिल और RTO चालान से संबंधित APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल करने और ठगी करने का तरीका भी अपनाया जाता था।
इसके अलावा आरोपी Airtel Payments Bank के अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देते थे। पुलिस के अनुसार, Airtel Thanks ऐप के माध्यम से बैंक कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर भी ठगी की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
बहाउद्दीन अंसारी, उम्र करीब 41 वर्ष, पिता इकराम मियां, थाना सारठ।
परवेज अंसारी, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता गुलजार अंसारी, थाना पथरड्डा ओपी, जिला देवघर।
सहादुद्दीन अंसारी, उम्र करीब 31 वर्ष, पिता मुश्ताक अंसारी, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा।
चंदन दास, उम्र करीब 21 वर्ष।
नंदन कुमार दास, उम्र करीब 23 वर्ष, पिता अजीत दास, थाना पथरड्डा ओपी, सारठ।
विक्रम कुमार दास, उम्र करीब 19 वर्ष, पिता मनोज दास, थाना पथरड्डा, सारठ।
कन्हैया कुमार दास, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता कास दास, थाना पथरौल।
रंजन कुमार दास, उम्र करीब 26 वर्ष, पिता दीनदयाल दास, थाना पथरौल।
पंकज दास, उम्र करीब 28 वर्ष, पिता केटुकुली महरा, थाना पथरौल, जिला देवघर।
12 मोबाइल और 12 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 12 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के आधार पर विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
साइबर अपराधी अब बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि और सरकारी योजना के कर्मचारी बनकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को किसी अनजान व्यक्ति के भेजे APK फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए और न ही किसी के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड या गोपनीय जानकारी साझा करनी चाहिए।
किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा करने से पहले संबंधित बैंक या सेवा प्रदाता के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
नोट: गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस एसोसिएशन का बोर्ड लगी बोलेरो से युवक को ले जाने का आरोप, अमगाछी गांव में ग्रामीणों के जुटने पर मचा हड़कंप
देवघर // एक मॉल के पास से युवक को कथित तौर पर अगवा कर फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस एसोसिएशन का बोर्ड लगी बोलेरो गाड़ी में सवार लोगों ने युवकों को रिखिया थाना ले जाने की बात कहकर गाड़ी में बैठाया और घंटों तक इधर-उधर घुमाने के बाद रिखिया थाना क्षेत्र के अमगाछी गांव स्थित एक तालाब के पास झाड़ी में ले गए।
वहां युवकों से मारपीट कर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने तथा उनके परिजनों से फोन पर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है।
महिलाओं की तत्परता से युवक को मिली मदद
युवक अन्य साथी के साथ मॉल से खरीदारी कर बाहर निकले थे। इसी दौरान पुलिस एसोसिएशन का बोर्ड लगी बोलेरो वहां पहुंची। गाड़ी में सवार लोगों ने युवकों को रिखिया थाना चलने की बात कही। इसके बाद सभी को कथित तौर पर जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया। आरोप है कि उन्हें कई घंटे तक गाड़ी में घुमाने के बाद अमगाछी गांव के तालाब के पास झाड़ियों में ले जाया गया।
इसी दौरान तालाब में स्नान कर रही कुछ महिलाओं ने शोरगुल सुना। बाहर निकलकर देखने पर उन्होंने एक युवक के साथ मारपीट होते देखी। महिलाओं ने तत्परता दिखाते हुए विरोध किया और युवक को बचाने के लिए आगे आईं। इसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे। ग्रामीणों के जुटने पर बोलेरो सवार अन्य लोग भागने में सफल रहे, जबकि गाड़ी के चालक को महिलाओं और स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया।
मौके पर पहुंची पुलिस, पकड़े गए युवक से मारपीट
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए युवक को हिरासत में ले लिया। हालांकि, इसी दौरान कथित पीड़ित के परिजनों ने पुलिस वाहन से युवक को उतारकर उसके साथ मारपीट कर दी। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर मोहनपुर की पीसीआर वैन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर माहौल शांत कराया। इसके बाद पकड़े गए युवक और बोलेरो गाड़ी को रिखिया थाना ले जाया गया।
बोलेरो पर लगा था साहिबगंज सशस्त्र पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष का बोर्ड
बताया जा रहा है कि बोलेरो गाड़ी पर साहिबगंज सशस्त्र पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष का बोर्ड लगा हुआ था। हालांकि, बोर्ड की प्रामाणिकता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना में फिरौती मांगने, ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने और युवकों को जबरन ले जाने के आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है। खबर लिखे जाने तक मामले में थाने में लिखित आवेदन दिए जाने की सूचना नहीं थी।
साहिबगंज // शारदीय नवरात्र की पावन बेला पर जब पूरा शहर भक्ति में डूबा है, तब काटरगंज की धरती पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।पूर्वांचल दुर्गा पूजा समिति के भव्य पंडाल का उद्घाटन एक ऐतिहासिक क्षण बन गया केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने फीता काटकर पंडाल का शुभारंभ किया।
फीता कटते ही पूरा परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद पंकज मिश्रा ने नारियल फोड़कर विधि-विधान से माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना की और साहिबगंज की जनता के लिए आशीर्वाद मांगा।
माँ के चरणों में साहिबगंज की खुशहाली की अरदास
इस पावन मौके पर उन्होंने माँ दुर्गा से साहिबगंजवासियों के लिए दिल से प्रार्थना की। उन्होंने कहा – “माँ दुर्गा की कृपा से हर घर में सुख-समृद्धि आए, हर व्यक्ति स्वस्थ रहे और हमारे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें। साहिबगंज का हर परिवार खुशहाल हो, यही मेरी कामना है।”
गणमान्यों का लगा जमावड़ा, महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
इस भव्य आयोजन में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक कुमार, नगर अध्यक्ष रामनाथ पासवान सहित शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष और समाजसेवी विमल यादव के नेतृत्व में पूरा आयोजन भव्य बना।
आस्था का सबसे सुंदर दृश्य तब दिखा जब महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर पारंपरिक रीति से पूजा स्थल में प्रवेश किया और कलश स्थापना की।
समिति अध्यक्ष विमल यादव ने सभी साहिबगंजवासियों को सपरिवार मेले में आने का न्योता दिया और कहा – “ये सिर्फ पूजा नहीं, ये हमारी संस्कृति, हमारे भाईचारे और एकता का पर्व है।”
चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुस्तैद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर सदर एसडीपीओ सुशील कुमार और जिरवाबाड़ी थानाध्यक्ष शशि सिंह दल-बल के साथ मौजूद रहे और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।
कुल मिलाकर काटरगंज का यह दुर्गा पूजा पंडाल सिर्फ एक पंडाल नहीं, बल्कि आस्था, एकता और साहिबगंज की संस्कृति का प्रतीक बन गया है।
देवघर: जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में देवघर पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र से एक युवक को साइबर अपराध में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के निवासी यश रमेश गुप्ता (21 वर्ष) के रूप में हुई है।
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के आदेशानुसार पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र में फर्जी तरीके से APK फाइल भेजकर आम लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया।
बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को देता था जानकारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की कथित अपराध शैली लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाना और उनके एटीएम कार्ड, पिन, पासवर्ड तथा सिम कार्ड अपने कब्जे में लेना था। इसके बाद इनका इस्तेमाल करने के लिए दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध कराया जाता था।
मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार युवक के पास से एक मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की साइबर ठगी से जुड़ाव की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच के दौरान जब्त मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
छापेमारी दल में ये अधिकारी थे शामिल
इस कार्रवाई में साइबर थाना देवघर के पुलिस निरीक्षक अमर कुमार राम, मारगोमुण्डा थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक शशि कपूर तथा मारगोमुण्डा थाना की टीम शामिल थी।
पुलिस मामले में बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच के आधार पर साइबर अपराध से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने में जुटी है।
देवघर और मधुपुर में निर्धारित तारीखों पर बैठेंगे वेकेशन जज; सत्र न्यायालयों के साथ मजिस्ट्रेट कोर्ट के प्रभार की भी तय हुई जिम्मेदारी, देखें पूरी सूची
देवघर। देवघर सिविल कोर्ट में 16 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 तक वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए रोस्टर जारी किया गया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय की ओर से जारी आदेश संख्या 270/2026 और 273/2026 के तहत विभिन्न न्यायालयों के प्रभार, न्यायिक अधिकारियों की जिम्मेदारी और जमानत समेत जरूरी आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन जजों की बैठने की तारीखें निर्धारित की गई हैं।
आदेश संख्या 273/2026, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 के अनुसार, वार्षिक अवकाश के दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को वेकेशन जज के रूप में जमानत याचिकाओं और अन्य जरूरी आपराधिक मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आदेश संख्या 270/2026, दिनांक 5 अक्टूबर 2026 में देवघर और मधुपुर के विभिन्न मजिस्ट्रेट न्यायालयों के संचालन के लिए प्रभार निर्धारित किया गया है।
जमानत सुनवाई के लिए कब और कहां बैठेंगे वेकेशन जज?
आदेश संख्या 273/2026 के अनुसार, देवघर और मधुपुर में अलग-अलग तारीखों पर वेकेशन जज बैठेंगे। इसकी सूची इस प्रकार है।
तारीख
न्यायिक अधिकारी
बैठने का स्थान
17 अक्टूबर 2026
श्री मुकेलेश चंद्र नारायण, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-IX
देवघर
22 अक्टूबर 2026
श्री शिवनाथ त्रिपाठी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, मधुपुर
मधुपुर
23 अक्टूबर 2026
श्री मुकेलेश चंद्र नारायण, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-IX
देवघर
26 अक्टूबर 2026
श्री शिवनाथ त्रिपाठी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, मधुपुर
मधुपुर
28 अक्टूबर 2026
श्री राजीव रंजन, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I
देवघर
30 अक्टूबर 2026
श्री शिवनाथ त्रिपाठी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, मधुपुर
मधुपुर
3 नवंबर 2026
श्री राजीव रंजन, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I
देवघर
7 नवंबर 2026
श्री कौशल किशोर झा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
देवघर
12 नवंबर 2026
श्री कौशल किशोर झा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
मधुपुर
14 नवंबर 2026
श्री कौशल किशोर झा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
देवघर
मजिस्ट्रेट न्यायालयों में कब कौन रहेंगे प्रभार में?
आदेश संख्या 270/2026 के तहत देवघर के विभिन्न मजिस्ट्रेट न्यायालयों के संचालन के लिए भी तिथिवार व्यवस्था की गई है। वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायिक अधिकारियों को अपने न्यायालय के अलावा अन्य निर्धारित न्यायालयों और कार्यालयों का प्रभार भी सौंपा गया है।
देवघर के मजिस्ट्रेट न्यायालयों का रोस्टर
अवधि
न्यायिक अधिकारी
पदनाम
16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर
सुश्री दिव्या मिश्रा
CJM-सह-सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II
16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर
श्री संदीप निशिथ बारा
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA)
16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर
सुश्री संगीता
सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-VII-सह-JMFC
23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर
सुश्री स्वाति विजय उपाध्याय
सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-VI-सह-JMFC
30 अक्टूबर से 4 नवंबर
श्री प्रतीक रंजन
JMFC-सह-जज-इन-चार्ज
1 नवंबर से 17 नवंबर
श्री आनंद सिंह
सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-I-सह-ACJM
5 नवंबर से 10 नवंबर
श्री बी.सी. चटर्जी
सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-VIII-सह-JMFC
11 नवंबर से 17 नवंबर
श्री सुरेश उरांव
SDJM-सह-PM, JJB
नोट: उपरोक्त अवधि आदेश में संबंधित न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी और प्रभार के आधार पर दी गई है। सभी अधिकारी पूरे समय केवल अपने मूल न्यायालय में ही बैठेंगे, ऐसा आदेश का अर्थ नहीं है; उन्हें अन्य न्यायालयों का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
मधुपुर में मजिस्ट्रेट न्यायालयों की व्यवस्था
आदेश संख्या 270/2026 में मधुपुर उपमंडल के न्यायालयों के लिए भी जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
आदेश के अनुसार, सुश्री सुचिता निधि तिग्गा को 5 नवंबर से 17 नवंबर तक सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II-सह-JMFC, मधुपुर और रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट, मधुपुर के न्यायालयों का भी प्रभार सौंपा गया है।
मधुपुर में सत्र न्यायालय का प्रभार भी निर्धारित
आदेश संख्या 273/2026 के अनुसार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-I, मधुपुर श्री शिवनाथ त्रिपाठी 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक अपने न्यायालय का प्रभार संभालेंगे। वे 22, 26 और 30 अक्टूबर को मधुपुर में बैठेंगे।
वहीं, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कौशल किशोर झा 12 नवंबर को मधुपुर में कैंप कोर्ट लगाएंगे। इस दौरान मधुपुर के संबंधित न्यायालयों के संचालन के लिए आदेश में अलग व्यवस्था भी निर्धारित की गई है।
अवकाश के दौरान न्यायिक कामकाज जारी रखने की व्यवस्था
वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायालयों का कामकाज सुचारू बनाए रखने के लिए जारी दोनों आदेशों में अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। सत्र न्यायालय स्तर पर वेकेशन जज जमानत और अन्य जरूरी आपराधिक मामलों की सुनवाई करेंगे, जबकि मजिस्ट्रेट न्यायालयों के लिए निर्धारित अधिकारी संबंधित न्यायालयों का प्रभार संभालेंगे।
आदेश में न्यायिक अधिकारियों को न्यायालयों के अभिलेख और रजिस्टर सुरक्षित रखने तथा अवकाश पर जाने से पहले जरूरी मासिक, त्रैमासिक और अन्य आवधिक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया गया है।
जमानत याचिका दाखिल करने वालों के लिए जरूरी सूचना
जमानत याचिका या अन्य जरूरी आपराधिक मामले में सुनवाई कराने के इच्छुक पक्षकारों और अधिवक्ताओं को संबंधित न्यायालय की कॉज लिस्ट, सुनवाई की तारीख और समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। वेकेशन जजों की निर्धारित बैठकें और मजिस्ट्रेट न्यायालयों के प्रभार की अवधि अलग-अलग हैं, इसलिए मामले के प्रकार के अनुसार संबंधित न्यायालय से जानकारी लेना जरूरी होगा।
शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग के इस्तेमाल का मामला, हरेंद्र मिष्ठान भंडार को एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक बाजार से वापस मंगाने का निर्देश
देवघर। जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत बलिया चौकी क्षेत्र में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में मिठाई दुकानों, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
इस दौरान शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग युक्त पांच किलोग्राम बालूशाही और सात किलोग्राम चाशनी को नष्ट कराया गया। वहीं, हरेंद्र मिष्ठान भंडार में एक्सपायर्ड ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक और पेप्सी को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया गया।
कई मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की। निरीक्षण अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शैलेश कुमार यादव और अंजलि विवा मिंज ने किया।
इस दौरान शिवम स्वीट्स, युवराज ढाबा फैमिली रेस्टोरेंट, हरेंद्र मिष्ठान भंडार, राजेश मिष्ठान भंडार, गोविंद मिष्ठान भंडार और गोविंद पान भंडार समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
अखाद्य रंग वाली मिठाई और चाशनी कराई गई नष्ट
निरीक्षण के दौरान शिवम स्वीट्स में अखाद्य रंग युक्त पांच किलोग्राम बालूशाही और सात किलोग्राम चाशनी पाई गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों को नष्ट कराया। खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंग का इस्तेमाल उपभोक्ताओं की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
वहीं, हरेंद्र मिष्ठान भंडार में एक्सपायर्ड ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक और पेप्सी को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया गया, ताकि ऐसी सामग्री की बिक्री रोकी जा सके।
लाइसेंस और जरूरी दस्तावेजों में मिली कमियां
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट से संबंधित कमियां पाई गईं। कुछ दुकानों में खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था या उसे निर्धारित तरीके से प्रदर्शित नहीं किया गया था।
विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने, लाइसेंस प्राप्त कर उसे प्रदर्शित करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन की हिदायत
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रतिष्ठानों में आवश्यक लाइसेंस एवं प्रमाणपत्र उपलब्ध होने चाहिए और उपभोक्ताओं को सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री और स्वच्छता संबंधी लापरवाही पर रोक लगाना है।
रौशन मोड़-धनहेत के बीच हुई लूट और मणिगढ़ी में छिनतई मामले में पुलिस की कार्रवाई, दो पल्सर बाइक, दो मोबाइल और 790 रुपये बरामद
देवघर। देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र में लूट और छिनतई की घटनाओं के उद्भेदन में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने एक 22 वर्षीय आरोपी विष्णु कुमार दास को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, लूटे गए 790 रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई दो काले रंग की पल्सर एन-160 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, बीते 1 अक्टूबर 2026 को सारवां थाना क्षेत्र के रौशन मोड़ और धनहेत के बीच लूट की घटना हुई थी। इसके बाद से थाना प्रभारी संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी।
इसी दौरान थाना प्रभारी को गुप्त सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध अपराधी पल्सर मोटरसाइकिल से नारंगी मोड़ के आसपास घूम रहे हैं और किसी अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना से वरीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद पुलिस ने नारंगी मोड़ से भैयाडीह जाने वाली सड़क पर वाहन जांच शुरू की।
पुलिस को देखकर भागने लगे चारों युवक
वाहन जांच के दौरान दो पल्सर मोटरसाइकिलों पर सवार चार व्यक्ति वहां पहुंचे। पुलिस की गाड़ी देखकर चारों ने मोटरसाइकिल घुमाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में एक युवक की पहचान विष्णु कुमार दास (22 वर्ष), पिता सरलु दास, निवासी करमाटांड़, थाना जसीडीह, जिला देवघर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह मोबाइल 1 अक्टूबर को शाम के समय रौशन मोड़ और धनहेत के बीच हुई लूट की घटना के दौरान मिला था।
मणिगढ़ी छिनतई मामले का भी मिला सुराग
पुलिस ने विष्णु कुमार दास के साथ पकड़े गए तीन विधि-विरुद्ध बालकों से भी पूछताछ की। तलाशी के दौरान उनके पास से एक अन्य मोबाइल फोन और 790 रुपये बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बताया गया कि बरामद ओप्पो रेनो मोबाइल फोन 22 सितंबर 2026 को मणिगढ़ी के पास हुई छिनतई की घटना से संबंधित है। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन और नकदी को जब्त कर लिया है।
दो पल्सर एन-160 मोटरसाइकिलें जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित वारदातों में इस्तेमाल की गई दो काले रंग की पल्सर एन-160 मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। पुलिस अब दोनों घटनाओं में आरोपियों की भूमिका और अन्य संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।
छापेमारी दल में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
इस कार्रवाई में सारवां थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक संदीप कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक अमरेश सोलंकी, सहायक अवर निरीक्षक सच्चिदानन्द सिंह और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हुई लूट और छिनतई की घटनाओं की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
कुबरी में दो ठिकानों पर उत्पाद विभाग की छापेमारी, 20 लीटर स्प्रिट, सैकड़ों खाली बोतलें और बाइक भी जब्त
देवघर। जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को देवीपुर थाना क्षेत्र के कुबरी गांव और कुबरी मोड़ के पास दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 396 लीटर अवैध विदेशी शराब, 20 लीटर स्प्रिट, करीब 500 खाली बोतलें और अन्य सामग्री जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
कुबरी गांव में 351 लीटर विदेशी शराब बरामद
उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देवीपुर थाना क्षेत्र के कुबरी गांव में छापेमारी की। इस दौरान रंजीत कुमार (24 वर्ष), निवासी डुबा, थाना सारवां, देवघर को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी के दौरान मौके से 39 पेटी विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 351 लीटर बताई गई है। जब्त शराब में 11 पेटी इकोनिक, 11 पेटी रॉयल स्टैग और 17 पेटी रॉयल चैलेंज शामिल हैं।
इसके अलावा 20 लीटर स्प्रिट, आठ खाली जरीकैन, करीब 500 खाली बोतलें, आठ बोरे में रखी बोतलें, खाली कार्टन और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। विभाग इस मामले में शराब के अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।
कुबरी मोड़ के पास दूसरी छापेमारी, बाइक जब्त
कार्रवाई के दूसरे चरण में उत्पाद विभाग की टीम ने कुबरी मोड़ के पास एक अन्य ठिकाने पर छापेमारी की। यहां से नथानी वर्मा (36 वर्ष), निवासी बनवरिया, थाना सारवां, देवघर को गिरफ्तार किया गया।
इस ठिकाने से पांच पेटी विदेशी शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 45 लीटर बताई गई है। इसमें ब्लेंडर्स प्राइड की दो पेटी और रॉयल चैलेंज की तीन पेटी शामिल हैं। शराब की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हीरो पैशन मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज
उत्पाद विभाग के अनुसार, कुबरी गांव में हुई कार्रवाई के मामले में गिरफ्तार रंजीत कुमार के अलावा बिनोद यादव उर्फ गुड्डू यादव, संतोष किस्कू उर्फ संतोष सोरेन, मंटू यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, कुबरी मोड़ के मामले में नथानी वर्मा के अलावा प्रमोद वर्णवाल, बिनोद यादव उर्फ गुड्डू यादव और पंकज वर्णवाल को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों मामलों में उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विभाग फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहा है।
उत्पाद विभाग की टीम रही शामिल
इस छापेमारी अभियान में उत्पाद विभाग देवघर के अवर निरीक्षक कांग्रेश कुमार और निलेश कुमार सिन्हा, सहायक अवर निरीक्षक अवधेश कुमार, परमेश्वर मुर्मू और दशरथ मंडल, उत्पाद सिपाही राहुल कुमार तथा सशस्त्र गृहरक्षक के जवान शामिल थे।
जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करने पर जोर
साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज श्री सुभाष के मार्गदर्शन में आज लोक अदालत कक्ष में पारा विधिक स्वयंसेवकों – न्याय मित्र के लिए साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में पारा विधिक स्वयंसेवकों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस कॉल, सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और पैसे की मांग करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे हस्तांतरित नहीं करने चाहिए।
कार्यशाला में ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाते की जानकारी एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा अनजान स्रोतों से मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने के महत्व पर भी चर्चा की गई।
पारा विधिक स्वयंसेवकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों, पंचायतों, अस्पतालों एवं ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
इसके साथ ही साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारा विधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से जिले में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं से सुरक्षित रहने के लिए सजग बनाना था।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक, अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ त्वरित कार्रवाई का निर्देश
देवघर। देवघर समाहरणालय में मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में चौकीदार अनुकंपा समिति एवं सामान्य अनुकंपा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा और सत्यापन किया गया। समिति ने कुल 14 आवेदकों के चयन की प्रक्रिया पूरी की, जिनमें चौकीदार अनुकंपा के तहत 7 और सामान्य अनुकंपा के तहत 7 आवेदक शामिल हैं।
आवेदनों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान समिति ने अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित विभिन्न आवेदनों की गहन समीक्षा की। प्राप्त जानकारी और भौतिक सत्यापन के आधार पर मामलों पर विचार किया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों में निर्धारित नियमों का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।
पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और पात्र आवेदकों के मामलों का निष्पादन बिना अनावश्यक विलंब के किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।
जिला स्थापना समिति की बैठक में भी हुई समीक्षा
इसी दौरान जिला स्थापना समिति की बैठक में विभिन्न स्थापना संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों का सुचारू और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमों के दायरे में रहकर संवेदनशीलता के साथ मामलों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, मधुपुर के अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार, स्थापना उपसमाहर्ता, सामान्य शाखा प्रभारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, मुख्यालय डीएसपी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
पुलिस की छापेमारी में 5.93 लाख रुपये नकद, केमिकल, मशीनें, दो बाइक और एक हुंडई कार बरामद
साहिबगंज/बरहरवा। साहिबगंज पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। बरहरवा थाना क्षेत्र के मुगलपाड़ा, महाराजपुर स्थित एक घर में छापेमारी कर पुलिस ने 608 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से कथित तौर पर ब्राउन शुगर तैयार करने और उसकी पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, मशीनें, नकदी और वाहन भी बरामद किए गए हैं। मामले में बरहरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने बताया कि 12 अक्टूबर को साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि बरहरवा थाना क्षेत्र के मुगलपाड़ा, महाराजपुर स्थित एक घर में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक के कुछ लोग कथित रूप से अवैध तरीके से ब्राउन शुगर से हेरोइन बनाने और उसकी बिक्री का काम कर रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी के साथ पुलिस कर्मी प्रेस कांफ्रेंस करते
सूचना के आधार पर पुलिस ने बीती रात संबंधित घर में छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही घर में मौजूद पांच संदिग्धों ने पीछे के रास्ते से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक निवासी हाजिकुल शेख, अख्तर आलम, शजहान शेख, शाहनवाज आलम और अमिरुल शेख के रूप में हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
भारी मात्रा में नकदी, केमिकल और उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में नकदी, केमिकल, मशीनें और वाहन बरामद किए। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की सूची इस प्रकार है:
ब्राउन शुगर: 608 ग्राम
नकद राशि: 5 लाख 93 हजार 900 रुपये
मोबाइल फोन: 2
केमिकल: 15.877 किलोग्राम
एसीटाइल क्लोराइड (Acetyl Chloride): 500 मिलीलीटर की 13 बोतलें
इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन: 3
जनरेटर: 1
सीलिंग मशीन: 1
एक्सटेंशन मशीन: 1
पैकेजिंग सामग्री: 1.4 किलोग्राम
मोटरसाइकिल: 2
हुंडई कार: 1
पुलिस बरामद सामग्री के स्रोत और कथित नशीले पदार्थों के कारोबार में इनकी भूमिका की जांच कर रही है।
सीमावर्ती क्षेत्र होने का फायदा उठा रहे नशा तस्कर
साहिबगंज जिले का बरहरवा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के नजदीक स्थित है। रेल और नदी मार्गों की सुगम उपलब्धता के कारण यह इलाका नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में पुलिस इस मामले को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देख रही है।
नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साहिबगंज पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिशों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
दो साल से फाइलों में कैद है जीर्णोद्धार की योजना, न प्रशासनिक स्वीकृति मिली और न ही आवंटन; खिलाड़ियों को बदहाल मैदान में खेलने की मजबूरी
देवघर/मोहनपुर। मोहनपुर प्रखंड के एकमात्र प्रखंड स्तरीय स्टेडियम की बदहाली दूर करने के लिए दो साल पहले सरकारी स्तर पर पहल की गई थी। झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन के निर्देश के बाद स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 47 लाख 66 हजार 400 रुपये का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
न तो जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ और न ही स्टेडियम की स्थिति में कोई सुधार हो पाया। ऐसे में स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच निराशा बढ़ती जा रही है।
मंत्री के निर्देश के बाद भेजी गई थी अनुशंसा
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, जिला खेल शाखा, देवघर कार्यालय की ओर से पत्रांक 265, दिनांक 21 सितंबर 2024 को स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था। यह पहल मंत्री हफीजुल हसन के मोहनपुर क्षेत्र भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देश के बाद की गई थी।
पुलिस प्रेस का मैत्री क्रिकेट मैच
स्टेडियम की मरम्मत और विकास कार्यों के लिए जिला परिषद के जिला अभियंता द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन तैयार किया गया था। इसके आधार पर कुल 47 लाख 66 हजार 400 रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित की गई। इसके बाद उपायुक्त की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति और राशि आवंटित करने के लिए पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग, रांची को अनुशंसा भेजी गई थी।
पवेलियन से लेकर बाउंड्री वॉल तक होना था काम
प्रस्ताव के तहत स्टेडियम में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाने थे। इनमें पवेलियन बिल्डिंग की मरम्मत, गैलरी का जीर्णोद्धार, दुकानों का निर्माण, बाउंड्री वॉल की मरम्मत, खेल मैदान को तैयार करना, डीप बोरिंग और नाली निर्माण जैसे कार्य शामिल थे।
इन कार्यों के पूरा होने से स्टेडियम की स्थिति में सुधार होने और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी। लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति और आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण प्रस्तावित कार्य अब तक शुरू नहीं हो सके हैं।
मैदान में घास-झाड़, गड्ढों से खिलाड़ियों को परेशानी
वर्तमान में मोहनपुर स्टेडियम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मैदान में जगह-जगह घास-झाड़ उगे हैं और गड्ढों के कारण खिलाड़ियों को खेलने में परेशानी होती है। पवेलियन की छत टूटी हुई है, बाउंड्री वॉल कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है और गैलरी भी जर्जर अवस्था में है।
हाल ही में आयोजित पुलिस बनाम प्रेस मैत्री क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भी खिलाड़ियों को इसी बदहाल मैदान में खेलना पड़ा। इस आयोजन ने एक बार फिर स्टेडियम की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया। खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बातों के बीच बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्थानीय खेल व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
युवाओं की खेल प्रतिभाओं पर पड़ रहा असर
मोहनपुर जैसे बड़े प्रखंड में एक बेहतर खेल मैदान युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है। लेकिन स्टेडियम की बदहाली के कारण स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में पत्रकार बनाम पुलिस मैत्री क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भी खिलाड़ियों को इसी बदहाल मैदान में खेलना पड़ा था, जिससे स्टेडियम की हकीकत सबके सामने आ गई।
स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम का जीर्णोद्धार होने से युवाओं को बेहतर माहौल मिलेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्राप्त होगा। लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द पहल कर स्टेडियम को खेलने योग्य बनाने की मांग की है।
दो साल बाद भी प्रस्ताव पर कार्रवाई का इंतजार
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मंत्री के निर्देश के बाद प्राक्कलन तैयार हुआ और उपायुक्त की ओर से विभाग को अनुशंसा भी भेजी गई, तो अब तक योजना पर काम क्यों शुरू नहीं हो सका? क्या प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है या आवंटन की प्रक्रिया लंबित है? इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।
फिलहाल 47.66 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित जीर्णोद्धार योजना के धरातल पर उतरने का इंतजार है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में कब तक कार्रवाई करते हैं और मोहनपुर स्टेडियम की बदहाल तस्वीर बदलने की दिशा में कब ठोस कदम उठाया जाता है।
जमशेदपुर // टाटा स्टील में वर्ष 1981 में कार्यरत रहे सैकड़ों मजदूर पिछले 36 वर्षों से अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन मजदूरों की मांग है कि कंपनी उन्हें स्थायी नौकरी दे या फिर उचित सेटलमेंट के माध्यम से उनका बकाया अधिकार सुनिश्चित करे। इतने लंबे समय बाद भी मांग पूरी नहीं होने से मजदूरों में नाराजगी है।
मजदूरों के अनुसार, वर्ष 1981 में जब कंपनी में श्रमिकों की कमी थी, उस समय उन्होंने दिन-रात मेहनत कर कंपनी के उत्पादन और कामकाज को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका दावा है कि इन मजदूरों की मेहनत के कारण ही कंपनी का काम प्रभावित होने से बचा। इसके बाद वर्ष 1990 में लगभग 1,600 मजदूरों को स्थायी रूप से बहाल किया गया, लेकिन सैकड़ों अन्य मजदूरों को स्थायी नौकरी नहीं मिल सकी और उन्हें काम से बाहर कर दिया गया।
आश्वासन मिला, लेकिन मांग आज तक अधूरी
प्रभावित मजदूरों का कहना है कि उन्हें भी स्थायी करने और वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई। कुछ मजदूरों के पास आज भी कंपनी के गेट पास मौजूद होने की बात कही जा रही है। मजदूर इसे अपने लंबे कार्यकाल और कंपनी के साथ जुड़े रहने का प्रमाण बताते हैं।
मजदूरों का आरोप है कि आश्वासन पूरा नहीं होने के कारण उन्हें वर्षों से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ अब नियमित नौकरी मिलने की उम्मीद कमजोर होती जा रही है, लेकिन उन्हें उचित आर्थिक सहायता और सेटलमेंट मिलने का अधिकार जरूर मिलना चाहिए।
JKLM ने न्याय दिलाने का किया दावा
अब इस मामले में JKLM ने भी आवाज उठाई है। संगठन का कहना है कि प्रभावित मजदूरों को किसी भी कीमत पर न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। JKLM के अनुसार, मजदूरों की उम्र को देखते हुए अब नौकरी के बजाय उचित सेटलमेंट एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन की मांग
दशकों से संघर्ष कर रहे इन मजदूरों की मांग अब केवल नौकरी तक सीमित नहीं रह गई है। वे चाहते हैं कि उनके वर्षों के योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित आर्थिक लाभ मिले, ताकि जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अब देखना होगा कि टाटा स्टील प्रबंधन इस लंबे समय से लंबित मामले पर क्या रुख अपनाता है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। 36 वर्षों से जारी इस संघर्ष का समाधान कब निकलेगा, यह सवाल आज भी बरकरार है।
देवघर // जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर पितरों की तृप्ति हेतु गौ- ग्रास एवं गो-पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बैद्यनाथधाम गौशाला के शहीद आश्रम रोड स्थित यूनिट 2 में किया गया।
जिला मारवाड़ी सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष जालान ने जानकारी देते हुए बताया कि अग्रसेन जयंती के अग्र- सप्ताह कार्यक्रम के तत्वावधान में यह कार्यक्रम किया गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मारवाड़ी समाज के लोगों ने उपस्थित होकर गायों को रोटी, गुड़, हरा चारा, लड्डू आदि भोज्य पदार्थ खिलाए। कार्यक्रम के दौरान गौ माता का पूजन एवं आरती भी की गई।
पितृ अमावस्या के पावन मौके पर आयोजित इस गौ पूजन कार्यक्रम में देवघर जिला मारवाड़ी सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष जालान, अध्यक्ष अशोक कुमार डालमिया, जिला महामंत्री राज कुमार शर्मा (अधिवक्ता), श्रवण बथवाल, अशोक सराफ, मनीष खेमका, विमल चौधरी, बहादुर सिंह कोठारी, राजेश बसईवाल, संजीव सिंहानिया, राकेश सिंहानिया, संजय झांझरिया, नम्रता बथवाल, अशोक बथवाल, बजरंग बथवाल, अधिवक्ता सुधा शर्मा, साध्वी आत्रेय सहित बड़ी संख्या में मारवाड़ी समाज के महिला- पुरुष शामिल रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मारवाड़ी समाज के श्रद्धा पुरुष अग्रसेन जी की जयंती के अवसर पर 11 अक्टूबर को चांदडीह स्थित वृद्धाश्रम में वृद्ध जनों को सम्मानस्वरुप भोजन कराया जाएगा।