रांची // झारखंड में JPSC, JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी रांची का जयपाल सिंह स्टेडियम पिछले 13 दिनों से आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं।
क्या हैं छात्रों की मांगें ?
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। इसलिए वे सभी भर्ती विवादों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल बनी आंदोलन का केंद्र
आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक अनशन जारी रहेगा।

आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। विधायक जयराम महतो, आजसू विधायक निर्मल महतो और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी धरनास्थल पहुंचकर छात्रों का समर्थन कर चुके हैं। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता जुनैद भी दिल्ली से रांची पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए हैं।
बीजेपी – कांग्रेस में आर पार
दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए, BJP विधायक नीरा यादव ने हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधा।”कांग्रेस दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के समय एक चेहरा दिखाती है और झारखंड के लिए उसका रुख़ अलग होता है।
“कांग्रेस नेता के. राजू ने कहा कि पार्टी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
सोनम वांगचुक और राहुल गांधी का समर्थन
प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए केवल जल और नमक ग्रहण करने का आग्रह किया, जिसे महतो ने स्वीकार किया। वहीं राहुल गांधी ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता बताई।
सरकार ने बनाई मंत्रियों की समिति
बढ़ते आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने वार्ता के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने के लिए गंभीर है और आंदोलनकारियों से वार्ता शुरू करने की अपील की है।
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा सरकार से बातचीत
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल घोषित कर दिया है। इसमें आठ छात्र प्रतिनिधि, दो पत्रकार और एक वकील शामिल हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वार्ता के दौरान उनकी सभी मांगें और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के समक्ष रखेंगे।
अब वार्ता पर टिकी सबकी नजर
छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित निर्णय और ठोस कार्रवाई के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। ऐसे में अब पूरे राज्य की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।
