झारखंड की आवाज

ना पेंशन ना बिजली ऐसे गुजारा करते हैं 75 वर्षीय वृद्धा और उनका दिव्यांगपुत्र -

ना पेंशन ना बिजली ऐसे गुजारा करते हैं 75 वर्षीय वृद्धा और उनका दिव्यांगपुत्र

मोहल्ले के लोग मिलकर करते हैं भोजन और दवा का इंतजाम

पाकुड़ झारखंड में हेमंत सरकार झारखंड के लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना लेकर आई है जिससे गरीब असहाय लोगों को जीवन आपन करने में मदद मिल रही है।

लेकिन पाकुड़ से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है पाकुड़ शहर अंतर्गत वार्ड संख्या 16 में रहने वाला एक गरीब परिवार लगातार तीन वर्षों से अधिकारियों की उदासीनता के कारण अंधेरे में रहने को मजबूर है। दरअसल पिछले तीन वर्ष पहले बिजली विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के बिजली का कनेक्शन काट दिया गया। दिव्यांग मनोज कुमार राम ने बताया कि पहले हेमंत सरकार के द्वारा राज्य की जनता का बिजली बिल माफ किया गया था, लेकिन उसके बाद भी इन लोगों का बिजली बिल आज तक माफ नहीं हुआ अंधेरे में जीने को मजबूर है । 75 वर्षीय वृद्ध महिला के मकान का बिजली बिल 25 से 30 हजार बकाया बताकर बिजली का कनेक्शन काट दिया ।

ना बिजली बिल माफ हुआ न ही पेंशन नसीब

75 वर्षीय बुलू देवी ने रोते बताया कि वृद्धा पेंशन पास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वृद्धा पेंशन के लिए कई बार वार्ड पार्षद सहित नगर परिषद एवं अंचल कार्यालय का चक्कर लगा चुकी हैं। यहां तक कि सरकार आपके द्वारा में भी उनके द्वारा सारे कागजात के साथ आवेदन दिया गया था, लेकिन आज तक उनका वृद्धा पेंशन और राशन कार्ड स्वीकार नहीं किया गया है, जिस कारण वह मोहल्ले वासियों से माँग कर अपनी दवा वगैरह खरीदती हैं।

75 वर्षीय वृद्ध महिला 50 वर्षीय दिव्यांग पुत्र पेंशन के लिए लगा रहे हैं चक्कर

वर्षों से अंधेरे में गुजर बसर कर रही है महिला ने कहा आखिरी उम्मीद मीडिया से है हमारी बात कोई सुने और वर्षों से अंधेरे में अपना जीवन यापन करने को मजबूर इससे निजात मिले आगे कहा कि वृद्धा पेंशन या राशन तक नसीब नहीं हुआ है। जरूरत है ऐसे मामले में जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार को सकारात्मक पहल करने की। मकान में 75 वर्षीय बुलू देवी अपने 50 वर्षीय दिव्यांग पुत्र मनोज कुमार राम के साथ रहती हैं । इनका दिव्यांग पुत्र भी कोई कार्य करने में सक्षम नहीं है । बेहद ही गरीब और निर्धन परिवार हैं ।

बिजली बिल और बैंक ऋण कभी माफ नहीं होता : तत्कालीन कार्यपालक अभियंता

वृद्ध महिला ने बताया कि एक बार बिजली विभाग के अधिकारी से मिले थे तो बिजली विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा कहा गया कि बिजली का बिल और बैंक का ऋण जीवन में कभी माफ नहीं होता है, जैसे भी होता है पैसे लेकर आओ, जमा करो, तभी बिजली मिलेगी।

मेरे संज्ञान में आया है जांच करेंगे : कार्यपालक अभियंता विद्युत

कार्यपालक अभियंता इस मामले में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता शैलेंद्र बेसरा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। आगे कहा कि इस बार उन्हीं लोगों का बिजली बिल माफ हुआ है जिनका प्रति माह 200 यूनिट से कम था। इसका क्या मामला है वे इस पर जरूर जांच करेंगे। क्या सत्य है और क्या हकीकत, जांच करने के बाद ही इसका पता चल पाएगा।

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