देवघर जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना में छटनी की गई और आवास प्लस की प्रतीक्षा सूची से देवघर जिला से 3734 लोगों के नाम हटा दिए गए है।

इसमें तीन हजार लोगों ने पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से मनरेगा का जॉब कार्ड बनाकर पोर्टल इंट्री करा दी थी। वही 734 लोगों के नाम पक्के मकान, सरकारी नौकरी व अन्य आवास योजना जैसे अम्बेडकर आवास योजना, अबुआ आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के कारण प्रतीक्षा सूची से हटा दिया गया।
48 हजार लाभुकों की सूची तैयार
देवघर जिले में कुल 48 हजार पीएम आवास प्लस की प्रतीक्षा सूची तैयार की गई है। इस प्रतीक्षा सूची से ही आवेदकों के नामों का चयन किया जा रहा है। प्रतीक्षा सूची की जब जांच करायी गयी तो कुल 3734 लोग पीएम आवास का लाभ लेने के योग्य नहीं पाए गए । वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस की प्रतीक्षा सूची तैयार कराई गई थी, लेकिन लंबे समय तक पीएम आवास का आवंटन बंद था। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जब आवंटन मिला तो 3734 लोगों का नाम अयोग्य मिल गया। प्रखंडवार हटाये गये नामों की संख्या देवघर 91 मोहनपुर 813 देवीपुर 165 पालोजोरी 270 करौं 231 मधुपुर 319 मारगोमुंडा 40 सारठ 849 सारवां 446 सोनारायठाढ़ी 510 मारर्गोमुंडा में 40 ।
सबसे अधिक सारठ में 849 वही दूसरे नंबर पर मोहनपुर
देवघर उपायुक्त विशाल सागर ने जांच रिपोर्ट के बाद उक्त सभी 3734 लोगों का नाम सूची से हटाने का निर्देश दिया है। जिला के सभी 10 प्रखंडों से आए रिपोर्ट के बाद उक्त लोगों के नाम सूची से हटाया गया है। जांच में पाया गया है कि जिन लोगों के पास पक्के मकान था उन लोगों ने भी पीएम आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन डाल दिया। स्थलीय जांच में उक्त आवेदक के पक्के मकान पाए गए। इसमें सबसे अधिक सारठ प्रखंड में 849 लोगों को अयोग्य पाया गया है, जहां अधिकत्तर लोगों ने मनरेगा का फर्जी जॉब कार्ड नंबर डालकर कर आवेदन दिया था। मोहनपुर प्रखंड में भी 813 लोगों ने फर्जी जॉब कार्ड नंबर की इंट्री जांच में पकड़ी गई है सबसे कम मारर्गोमुंडा में 40 आवेदन फर्जी तरीके से किए गए थे ।