
रांची सीएनटी एक्ट उल्लंघन के मामले में शुक्रवार को दोषी करार दिया था वहीं शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी को जोड़ा गया और सभी नौ अभियुक्तों को बारी बारी से सजा सुनाई गई। जिसमें पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त एक साल जेल काटनी होगी।साथ ही अनिल कुमार, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर एवं ब्रजेश मिश्रा को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इन अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जबकि तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, मनी लाल महतो व ब्रजेश्वर महतो को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई।
करोड़ों रुपए की जमीन खरीदने का मामला
सीबीआई की विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने 15 साल पुराने मामले में यह सजा सुनाई सीबीआई की और से लोक अभियोजक दविंद्र पाल सूद ने कोर्ट से दोषियों को अधिकतम सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि एनोस एक्का राज्य में मंत्री बनने के तत्काल बाद करोड़ों रुपए की जमीन कहां से खरीदी इसका ठोस साक्ष्य है तत्कालीन मंत्री को अधिकतम सजा सुनाई जाए।
2010 में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी
झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को तत्कालीन मंत्री एनोस एक्का समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मामले में एनोस एक्का समेत अन्य पर 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने सबूत प्रस्तुत किया था। और शनिवार को सभी 9 अभियुक्तों को सजा सुनाई।
एनोस एक्का का राजनीतिक पृष्ठभूमि
एनोस एक्का झारखंड पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (सुप्रीमो) के रूप में कार्यरत हैं । एनोस एक्का 2005 से 2018 तक झारखंड विधानसभा के सदस्य रहे हैं। वो अपनी पार्टी झारखंड पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लगातार तीन बार : 2005 , 2009 और 2014 में कोलेबिरा विधानसभा सीट से जीती । 2005 और 2008 में अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा के झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान, एक्का ने परिवहन मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और भवन निर्माण मंत्री सहित विभिन्न विभागों को संभाला ।