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क्या है डिजिटल क्रॉप सर्वे आइए जानते हैं इससे किसानों क्या फायदा होने वाला है ? -

क्या है डिजिटल क्रॉप सर्वे आइए जानते हैं इससे किसानों क्या फायदा होने वाला है ?

देवघर // जिला अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा देवघर सभागार में प्रखंड नोडल पदाधिकारी एवं सुपरवाइजर का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिला कृषि पदाधिकारी एवं उप परियोजना निदेशक आत्मा देवघर के निर्देशन में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर शशांक शेखर, अजीत कुमार सिंह तथा कृष्णदेव पंडित ने सभी प्रखंड स्तरीय नोडल पदाधिकारी एवं सुपरवाइजरों को बताया कि इस बार झारखंड सरकार रबी मौसम में फसलों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मोबाइल एप और जियो टैगिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करके हर खेत की जानकारी ली जाती है। इसमें यह पता चलता है कि कौन सी फसल बोई गई है, कितनी जमीन पर बोई गई है ,इसे डिजिटल रूप में रिकॉर्ड की जाती है । जिससे सटीक उत्तर मिलता है और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक आसानी से पहुंचता है । यह पारंपरिक तरीकों से हटकर सीधे खेत से रियल टाइम डाटा इकट्ठा करता है ,जिससे पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है। मोबाइल ऐप का उपयोग सर्वेक्षक ग्राम कृषक मित्र खेत में जाकर एक मोबाइल ऐप के जरिए फसल की फोटो लेते हैं और खेत के खसरा नंबर के साथ जानकारी दर्ज करते हैं।

सरकार को फसल उत्पादन का सही अनुमान लगाने में मदद मिलेगी….

इसमें हर खेत की भौगोलिक स्थिति अक्षांश और देशांतर को लॉक कर दिया जाता है । ताकि कोई गलत जानकारी न भर सके। इसमें सारा डाटा सीधे पोर्टल पर अपलोड होता है जिससे सरकार के पास सटीक फसल का रिकॉर्ड होता है। सरकारी योजनाओं जैसे फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सही किसानों को मिलता है। इससे सरकार को फसल उत्पादन का सही अनुमान लगाने में मदद मिलती है। सरकार को पता होता है कि किस किसान ने क्या बोया है, जिससे उसे सही कृषि सलाह दी जा सकती है। प्रशिक्षक ने बताया कि यह खेती डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जो डाटा संचालित निर्णय और किसान केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देता है। इससे किसानों को केसीसी लेने, फसल बीमा कराने या बीज की उपलब्धता में एटीएम कार्ड की तरह इस कार्ड का उपयोग किया जाएगा।

मौके पर उप परियोजना निदेशक आत्मा अरविंद कुमार राय ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि आप लोग अच्छी तरह से प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपने नीचे सर्वेयर को सही जानकारी देने का प्रयास करें। एक प्लॉट का सर्वे करने हेतु 10 रुपया सर्वेयर को दिया जाएगा। सर्वे किसान मित्र या ग्रामिण युवा जो स्मार्टफोने चलाते हैं उनके द्वारा किया जाएगा और इस काम के लिये उन्हे प्रति प्लॉट 10 रुपया विभाग द्वारा भुगतान किया जाएगा। प्रशिक्षण में देवघर, देवीपुर, मोहनपुर, सोनारायठारी एवं पालोजोरी प्रखंड के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कृषि पदाधिकारी, जन सेवक आदि उपस्थित थे।

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