
देवघर // झारखण्ड निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के द्वारा नगरपालिका (आम) निर्वाचन- 2026 की घोषणा कर दी गई है। चुनाव घोषणा की तिथि से ही सम्पूर्ण देवघर नगर निगम क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया है। इस अवधि में विभिन्न प्रत्याशियों के द्वारा चुनाव प्रचार हेतु जन-सभा/जुलूस का आयोजन किया जायेगा। जनसभा एवं जुलूस में राजनीतिक प्रतिद्वद्विता एवं प्रतिस्पर्धा के कारण शस्त्र एवं शक्ति प्रदर्शन कर मतदाताओं को प्रभावित/आतंकित किये जाने तथा विधि-व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को डराने, धमकाने, जातीय साम्प्रदायिक तथा धार्मिक विद्वेष की भावना फैलाने के लिए अवांछित/असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने के कारण विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके कारण लोक शांति भंग हो सकती है। ऐसे मे उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल दण्डाधिकारी, देवघर द्वारा नगर निगम, देवघर क्षेत्रांतर्गत निष्पक्ष चुनाव के आचरण एवं अनुकूल, स्वस्थ और शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति होने तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए देवघर अनुमंडल के नगर निगम देवघर क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करते हुए निम्नांकित आदेश जारी किया गया है-
- देवघर नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं स्थानीय संस्थाओं, जैसे महाविद्यालय, उच्च विद्यालय, प्राथमिक, मध्य एवं बुनियादी विद्यालयों एवं किसी भी आम भूमि पर किसी प्रकार की आम सभा का आयोजन बिना सक्षम प्राधिकार के पूर्वानुमति के नहीं किया जायेगा। यह निशेधाज्ञा शव यात्रा, शादी विवाह/शिव बारात/मांगलिक कार्य पर लागू नहीं होगा।
- सम्पूर्ण देवघर नगर निगम क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति के द्वारा किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ, लाईसेेंसी हथियार, तीर-धनुष, लाठी, भाला एवं मानव शरीर के लिए घातक हथियार के लाने-ले जाने एवं प्रदर्शनी पर प्रतिबंध लगाया जाता है। यह प्रतिबंध उन समुदायों पर भी लागू नहीं होगा जो परम्परा तथा स्थानीय कानून के अधीन शस्त्रों का प्रदर्शन करने हेतु अधिकृत हैं। किन्तु ऐसे समुदायों के शस्त्रों को भी जब्त कर लिया जाएगा, यदि वे विधि-व्यवस्था के संधारण एवं निर्वाचन के शांतिपूर्ण संचालन में विघ्न उत्पन्न करते हैं अथवा अशांति या हिंसा फैलाते हुए पाए जाते हैं। उक्त प्रतिबंध से भारत के राष्ट्रीय राइफल एसोसियशन को मुक्त रखा जाता है, जो विभिन्न खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने के क्रम में अपने राइफल का प्रदर्शन एवं उपयोग कर सकते हैं। यह प्रतिबंध निर्वाचन कार्य में लगे दण्डाधिकारियों/निर्वाचन कर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों पर लागू नहीं होगा।
- किसी भी दल, अभ्यर्थी या उनके सहयोगी द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल प्रातः 06ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे के समय सीमा के अन्दर सक्षम प्राधिकार की पूर्वानुमति प्राप्त कर ही किया जा सकेगा। उक्त समय सीमा के बाहर ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
- किसी भी व्यक्ति/संगठन/उम्मीदवार/अभ्यर्थी के द्वारा मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरूद्वारा या अन्य धार्मिक स्थल पर निर्वाचन प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। किसी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी अथवा अन्य किसी व्यक्ति के द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा, जिससे विभिन्न जातियों या धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो।
- किसी सार्वजनिक/सरकारी सम्पत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर/पैम्पलेट चिपकाना, झण्डा लगाना, बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना एवं तोरण द्वार लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाता है। साइन बोर्ड/राजपथों/उच्च पथों पर दिशा दिखलाने वाले सूचकों अथवा अन्तर्भेदी सड़कों के महत्वपूर्ण बिन्दुओं, मील के पत्थरों, रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर सावधानी सूचक पटों, रेलवे प्लेटफार्म पर नाम पट्टिकाओं, बस अड्डों या सर्वसाधारण की सुविधा हेतु प्रदर्शित किये गये अन्य सूचना पट्टों को भी सार्वजनिक भवन अन्तर्गत सम्मिलित माना जायेगा। उक्त प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों पर Prevention of Defacement of Property Act-1987 की सुसंगत प्रावधानों के तहत् कार्रवाई की जाएगी।
- किसी भी निजी भवन, दीवार तथा चहारदीवारी या खम्भों पर अभ्यर्थी तथा उनके समर्थकों द्वारा गृहस्वामी/मालिक के बिना लिखित अनुमति के
(क) किसी तरह का पोस्टर/सूचना नहीं चिपकाया जायेगा।
(ख) किसी तरह का नारा नहीं लिखा जायेगा।
(ग) किसी तरह का बैनर अथवा झंडा नहीं लटकाया जायेगा। - किसी राजनैतिक दल के नाम से कोई नारा, बैनर एवं पोस्टर/पर्ची नहीं लगाया जायेगा एवं किसी प्रकार का प्रचार नहीं किया जायेगा।
- किसी भी नगरपालिका (आम) निर्वाचन में प्रयुक्त पोस्टर/पर्ची/बैनर के नीचे मुख्य पृष्ठ पर प्रेस, जिसके माध्यम से मुद्रित कराया गया है, उसका नाम एवं पता का उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
- किसी भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/संगठन/उम्मीदवार/अभ्यर्थी ऐसे किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो का प्रयोग नहीं करेगा, जो किसी व्यक्ति/समुदाय/धर्म/जाति की भवनाओें को आहत करता हो, तथा जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हो।
- राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के द्वारा समय-समय पर आदर्श आचार संहिता के संदर्भ में जारी किए गए दिशा-निर्देश, नियम एवं शर्त्तो का अक्षरशः अनुपालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा एवं किसी भी तरह का उल्लंघन वर्जित रहेगा। साथ ही यह आदेश तत्काल प्रभाव से नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की समाप्ति यानि दिनांक-27.02.2026 के रात्रि 12ः00 बजे तक लागू होगा। उक्त प्रतिबंधित आदेश का उल्लघंन होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी।