
अररिया // अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने पत्नीहंता पति को सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 670/2025 में सजा सुनाई।साथ ही जुर्माने की रकम नहीं अदा करने पर दोषी की तीन महीने तक की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश भी न्यायालय ने अपने निर्णय में दिया।सजा पाने वाला दोषी 26 वर्षीय मो. गालिब पिता मो. इदरीस अररिया के ककुड़वा,बसंतपुर, वार्ड संख्या 29 का रहने वाला है।
मामला अररिया (बैरगाछी) थाना कांड संख्या 1115/2023 से संबंधित है। इसके सूचक मृतका बीबी सुहाना उर्फ झुमकी के पिता मो. परवेज पिता स्व.नूर मोहम्मद हैं,जो बैरगाछी के मैनापुर, वार्ड संख्या 13 के निवासी हैं। कांड में दोषी सहित कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था और पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर केवल दोषी मोहम्मद गालिब के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। शेष अन्य छह आरोपियों के विरुद्ध पूरक अनुसंधान लंबित रखा गया है । 16 दिसंबर 2022 को दर्ज कराई गई कांड में सूचक ने बताया था कि उसकी पुत्री का विवाह छह महीने पूर्व मो. गालिब से सम्पन्न हुई थी और उसके सुसराल वाले उसे दहेज में पांच लाख रुपये के लिए प्रताड़ित करता था।
पैसे नहीं मिलने पर मृतका बीबी सुहाना प्रवीण उर्फ झुमकी का गला घोंटकर हत्या कर शव को पनार नदी से पूर्व उत्तर में पेड़ से लटका दिया गया था। मौका ए वरदात मृतका की पेड़ से झूलते लाश मिली थी।सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक राजानंद पासवान और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश कुमार ठाकुर ने न्यायालय के समक्ष अपनी – अपनी दलीलें प्रस्तुत किया । दोनो ही पक्षों को सुनने के बाद पत्नी हत्त्या के आरोपी पति को न्यायालय ने दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई ।
