
Deoghar Breaking News। झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। देवघर जिला के जसीडीह थाना क्षेत्र के एक मुस्लिम लड़के ने जसीडीह थाना क्षेत्र के ही एक हिंदू लड़की से शादी करने फैसला किया है। दोनों ने रजिस्टर मैरेज करने का निर्णय लिया है। जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र के घाघी निवासी मुर्शीद अंसारी (29 वर्ष) और देवघर जिला के जसीडीह थाना क्षेत्र मोहल्ला धरमपुर कजरिया की रहने वाली साक्षी कुमारी (29 वर्ष ) दोनों ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए अपना सहमति दिया है। इस विवाह के आवेदन पत्र के अनुसार साक्षी के पिता नहीं है वहीं मां ने गवाह के रूप में अपना हस्ताक्षर किया है। सूत्रों की मानें तो धरमपुर मोहल्ला में कोई मुस्लिम नहीं रहते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार भी यह विवाह दो धर्म के बीच का हो रहा है।
मुर्शीद और साक्षी की मां बनी गवाह
मुर्शीद अंसारी और साक्षी कुमारी के विवाह में तीन गवाहों में साक्षी के मां किरण देवी का हस्ताक्षर है। वही मुर्शीद की मां आसमीणा खातून का टिप निशान और एक अन्य गिरिडीह के मोहमद अशरफ ने भी गवाह के रूप में अपना हस्ताक्षर किया है।
30 दिन पहले नोटिस देना, आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया……
विशेष विवाह अधिनियम, 1954 इस अधिनियम के तहत दो व्यक्तियों को बिना धर्म बदले सिविल विवाह करने की अनुमति देता है। इस अधिनियम के तहत न्यूनतम आयु (पुरुष के लिए 21 वर्ष , महिला के लिए 18 वर्ष ), इसके तहत विवाह अधिकारी को 30 दिन पहले नोटिस देना, आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया और विवाह अधिकारी के समक्ष गवाहों की उपस्थिति में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करके पंजीकरण कराना शामिल है, जो विवाह को कानूनी सुरक्षा और वैधता प्रदान करता है।
30 दिनों के बाद मुर्शीद और साक्षी दोनों एक दूसरे…..
विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत मुर्शीद अंसारी और साक्षी कुमारी ने अपना आवेदन विवाह अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया है जिसमें 3 गवाहों के भी हस्ताक्षर ओर टिप निशान है। आवेदन की प्रक्रिया के तहत ही इसे नोटिश बोर्ड में लगाया गया है और 30 दिनों के अंदर कोई आपत्ति नहीं होने पर मुर्शीद और साक्षी एक दूसरे के हो जाएंगे दोनों विशेष विवाह अधिनियम के तहत अपना शादी कर लेंगे। और दोनों रजिस्टर शादी का प्रमाण पत्र भी मिल जाएगा।