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ग्रामीणों, प्रशासन और कोल कंपनी के बीच जमकर बवाल , जनसुनवाई कार्यक्रम को ग्रामीणों ने कहा काला दिवस -

ग्रामीणों, प्रशासन और कोल कंपनी के बीच जमकर बवाल , जनसुनवाई कार्यक्रम को ग्रामीणों ने कहा काला दिवस

हजारीबाग // बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा अडानी कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। 20 जनवरी को प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापन विरोधी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विरोधकर्ताओं ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है।दरअसल, गोंदलपुरा अडानी कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर प्लस टू हाई स्कूल, बड़कागांव में जनसुनवाई आयोजित की जानी थी। लेकिन जनसुनवाई के दौरान भारी बवाल देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण परंपरागत हथियारों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और जनसुनवाई का जोरदार विरोध किया। ग्रामीणों, प्रशासन और कोल कंपनी के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। आरोप है कि आक्रोशित ग्रामीणों ने जनसुनवाई स्थल पर जमकर तोड़फोड़ की, टेंट और कुर्सियों को क्षतिग्रस्त किया। वहीं, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ लोगों के साथ मारपीट की भी सूचना सामने आ रही है। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाएं सबसे आगे नजर आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके।विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आयोजित की जा रही जनसुनवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं रह जाती, बल्कि जनता की आवाज दबाने का माध्यम बन जाती है।विरोधकर्ताओं ने जिला प्रशासन से जनसुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ग्रामीणों की सहमति, सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान नहीं किया जाता, तब तक किसी भी तरह की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से विरोध उग्र रूप ले चुका है, उससे आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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