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गोड्डा सांसद Nishikant Dubey के करीबी माने जाने वाला जालसाजी मामले में गिरफ्तार -

गोड्डा सांसद Nishikant Dubey के करीबी माने जाने वाला जालसाजी मामले में गिरफ्तार

देवघर जिला के जसीडीह थाना की पुलिस ने भाजपा के गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के करीबी और जसीडीह थाना क्षेत्र के दर्दमारा स्थित परित्राण मेडिकल कॉलेज में जलसाजी मामले में भाजपा नेता देवता पांडे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

बताया जाता है कि आरोपी पांडे पर कुंडा थाना क्षेत्र के करणीबाद में स्थित फ़लेरिया कोठी मामले में भी आरोपी है और पुलिस के कई बुलावे के बावजूद भी श्री पांडे कुंडा थाना में उपस्थित नहीं हो सके और अब पुलिस उन्हें कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही नगर थाना क्षेत्र में भी आरोपी पांडे पर एक भूमि को जालसाजी से लिखाने की चर्चा है और हो सकता है वह मामला भी इस मामले के साथ खुले।

किन किन धाराओं में मामला किया दर्ज

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 : आपराधिक विश्वासघात” से संबंधित है। यह धारा तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा सौंपी गई संपत्ति का गबन या दुरुपयोग करता है।

बीएनएस 318: (420 IPC) यह धारा किसी व्यक्ति को धोखे से या बेईमानी से किसी संपत्ति को सौंपने या किसी कार्य को करने के लिए मजबूर करने के अपराध को परिभाषित करती है, जिससे उसे नुकसान हो सकता है।

बीएनएस की धारा 336 : जालसाजी से संबंधित है। यह उन लोगों को दंडित करती है जो किसी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को धोखा देने के इरादे से बनाते हैं।

बीएनएस की धारा 338 : मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत आदि की जालसाजी से संबंधित है। यह धारा उन लोगों पर लागू होती है जो जानबूझकर किसी भी दस्तावेज को जाली बनाते हैं, जिसका उद्देश्य मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, या किसी को संपत्ति का अधिकार देना हो। जालसाजी के इस कार्य के लिए आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।

बीएनएस की धारा 339 : यदि कोई व्यक्ति किसी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को यह जानते हुए अपने कब्जे में रखता है कि वह जाली है और उसे असली के रूप में उपयोग करने का इरादा रखता है, तो उसे सजा दी जाएगी। यह सजा अधिकतम सात साल की कैद और जुर्माने के साथ हो सकती है।

बीएनएस की धारा 61 : आपराधिक साजिश से संबंधित है, और इसका उपधारा 2, 6 महीने से अधिक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडनीय अपराध करने के लिए आपराधिक साजिश में शामिल होने पर सजा का प्रावधान करता है।

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