
साहिबगंज // नगर थाना क्षेत्र के तालबन्ना मोहल्ले में 1 दिसंबर की रात हुए 70 वर्षीय फल व्यवसायी विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता की ह*त्या और लूटकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सोहित कुमार राउत, सुमित कुमार गुप्ता और अमन कुमार जायसवाल शामिल हैं। घटना के अगले दिन 2 दिसंबर की सुबह परिवार वालों ने नगर थाना में सूचना दी थी कि बुजुर्ग की हत्या कर घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल चोरी कर लिए गए हैं।
साइबर विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने की कार्यवाही….
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि मृतक के हाथ-पैर सेलो टेप से बंधे हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी टीम, फॉरेंसिक यूनिट और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक के बैंक खाते, ATM कार्ड और कई महत्वपूर्ण कागजात गायब थे। साइबर विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले सोहित कुमार राउत और सुमित कुमार गुप्ता को हिरासत में लिया। कठोर पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि यह वारदात अमन कुमार जायसवाल के साथ मिलकर की गई थी।
मोबाइल , पिस्तौल, जिंदा कारतूस, 1 लाख नगद व सोने के जेवरात बरामद
पुलिस के अनुसार, सुमित कुमार गुप्ता, जो आईआरबी-8 का जवान है, ऑनलाइन गेमिंग की गंभीर लत से जूझ रहा था और करीब 50 लाख रुपये हार चुका था। बताया गया कि उसने कुछ महीने पहले अपने चचेरे दादा विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता से कर्ज लिया था, जिसे वापस करने का दबाव बढ़ने लगा था। इसी से परेशान होकर उसने अपने साथी अमन कुमार जायसवाल—जो स्वयं भी आईआरबी-8 का जवान है—और मित्र सोहित कुमार राउत के साथ मिलकर लूट और हत्या की साजिश रची।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक के बैंक से संबंधित दस्तावेज, मोबाइल फोन, एक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस,1 लाख 24 हज़ार नगद व सोने के जेवरात सहित अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों द्वारा किसी प्रकार की निकासी रोकने के लिए मृतक के बैंक खातों को पहले ही फ्रीज कर दिया था। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश होने से स्थानीय लोगों में राहत है, जबकि पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
