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भिवाड़ी फैक्टरी विस्फोट : अवैध पटाखा निर्माण में सात मजदूर जिंदा जले -

भिवाड़ी फैक्टरी विस्फोट : अवैध पटाखा निर्माण में सात मजदूर जिंदा जले

खैरथल-तिजारा // राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के खुशखेड़ा-भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली (एम्स) रेफर किया गया है। हादसे के बाद फैक्टरी को सील कर दिया गया है और अवैध गतिविधियों के संबंध में जांच तेज कर दी गई है।

विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्री बोले– दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

यह हादसा सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे खुशखेड़ा के कारोली औद्योगिक क्षेत्र में हुआ। उस समय फैक्टरी में लगभग 25 मजदूर कार्यरत थे। अचानक हुए तेज धमाके के बाद आग ने पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट इतना भीषण था कि सात मजदूर जिंदा जल गए। कई शव बुरी तरह जल चुके थे और घटनास्थल पर शरीर के अंगों के टुकड़े बिखरे मिले, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने पॉलीथीन में एकत्र किया। मृतकों की शिनाख्त डीएनए जांच से कराई जा रही है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित फैक्टरी में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। मौके से बारूद, तैयार पटाखे और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कहा कि यह गारमेंट जोन है, यहां दूसरा व्यवसाय नहीं हो सकता। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि गेट पर ताले लगाकर गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने का कार्य किया जा रहा था। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए से कराई जा रही है। इस दुखद घटना की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। मंत्री अस्पताल भी पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह छोटा एक्सप्लोसिव मटेरियल प्रतीत हो रहा है और गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आगामी सात दिनों में पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सभी इकाइयों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान संचालित गतिविधियों, अग्नि सुरक्षा उपायों, वैधानिक अनुमतियों और श्रमिक सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार पूरे घटनाक्रम की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है और रीको सहित संबंधित विभागों को सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।

इस बीच राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है, जिसने सरकार के सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। जूली ने आरोप लगाया कि समय पर सूचना और राहत नहीं पहुंचने से हताहतों की संख्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जहां से सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों, निगरानी और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि वहां विस्फोटक सामग्री संग्रहीत की जा रही थी। ऐसे में किन विभागों ने अनुमति दी? कौन-कौन से विभाग नियमित जांच के लिए जाते हैं और मॉनिटरिंग की क्या व्यवस्था थी? सरकार को इन सभी बिंदुओं पर जवाब देना चाहिए। हि.स.

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