
देवघर// मोंथा चक्रवात से किसानों को फसल भारी क्षति हुआ है। राज्य सरकार ने किसानों के क्षतिग्रस्त फसलों से हुए नुकसान की भरपाई करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को किसानों के फसलों की क्षति का आंकलन करने और डाटा तैयार करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन पत्र निर्गत कर समिति का भी गठन किया है।
अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में पंचायत स्तर पर समिति का गठन….
प्रासंगिक पत्र के माध्यम से विगत दिनों में आये मोंथा चक्रवात से फसलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना विभिन्न स्त्रोतों से आपदा प्रभाग एवं जिला मुख्यालय को प्राप्त हुई है। उक्त स्थिति में इस आपदा से जिले के प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुँचाये जाने की आवश्यता है। जिलान्तर्गत फसल क्षति का आकलन शीघ्रता से करने हेतु संबंधित अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में पंचायत स्तर पर निम्न प्रकार समिति का गठन किया जाता है।
समिति में कौन कौन शामिल है….
- 1. प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी / प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक
- 2. राजस्व उपनिरीक्षक
- 3. जनसेवक
- 4. कृषक मित्र
उक्त समिति क्षतिग्रस्त फसलों के संदर्भ में निम्न बिन्दुओं पर आकलन प्रतिवेदन
- 1. क्षतिग्रस्त फसलों का प्रकार एवं किस्में
- 2. क्षतिग्रस्त फसलों की कुल प्रतिशत (ज्ञातव्य हो कि क्षतिग्रस्त फसल की कुल प्रतिशत 33%से अधिक रहने पर ही अनुग्रह अनुदान अनुमान्य होगा )
- 3. क्षतिग्रस्त फसल बीमा से आच्छादित है अथवा नहीं ( बीमा रहित क्षतिग्रस्त फसल के लिएअनुग्रह अनुदान गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से देय होगा ।)
- 4. मौजा का विवरणी, खाता संख्या, प्लॉट संख्या एवं रकवा ।
- 5. जियो टैग फोटोग्राफ ।
तीन दिन के अंदर जमा करें रिपोर्ट….
उपायुक्त ने पत्र के माध्यम से सभी को निर्देश दिया है कि उपरोक्त आकलन करते हुए तद्नुसार अधियाचना संलग्न विहित प्रपत्र में कार्यालय को तीन दिनों के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। ताकि विभाग से आवंटन उपलब्ध कराने हेतु अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
इस पूरे प्रक्रिया में कोई भी पैसा नहीं लिया जा रहा है। कुछ किसानों ने रिपोर्ट करने के नाम पर कृषक मित्र के द्वारा पैसे मांगे जाने की सूचना दी है। अगर कोई भी व्यक्ति पैसा मांगता है तो आप इसकी शिकायत संबंधित पदाधिकारी से कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क है।