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कहलगांव में चतुष्कोणीय मुकाबला, कांग्रेस का कहलगांव मंत्री ने क्यों लगाई दाव -

कहलगांव में चतुष्कोणीय मुकाबला, कांग्रेस का कहलगांव मंत्री ने क्यों लगाई दाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 // बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड में सबसे अधिक चर्चा गोड्डा के राजद विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री संजय कुमार यादव को लेकर हो रही है। मंत्री की चर्चा जिस कहलगांव विधानसभा को लेकर हो रही है आज हम उस कहलगांव विधानसभा के बारे में आपको बताने वाला हूं।

अनुभव, संगठन या जनसमर्थन किस पर जनता करेगी भरोसा ?

कहलगांव विधानसभा में इस बार चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। मुकाबला त्रिकोणीय नहीं बल्कि चतुष्कोणीय हो चुका है। एनडीए की ओर से जदयू के उम्मीदवार ई. शुभानंद मुकेश मैदान में हैं, वहीं भाजपा के विधायक जिसने पहली बार कहलगांव में बीजेपी को जीत दिलाई वो अब बागी हो चुके हैं और पवन यादव निर्दलीय रूप में अपनी ताकत आजमा रहे हैं।

राजद – कांग्रेस आमने सामने

वही बिहार में राजद कांग्रेस के साथ गठबंधन होने के बाद भी इस सीट पर राजद ने अपना प्रत्याशी रजनीश भारती उर्फ रजनीश यादव को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है । चारों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला अब रोमांचक मोड़ पर है। जनता की निगाहें टिकी हैं कि आखिर कहलगांव की जनता किसे मौका देगी अनुभव को, संगठन को या जनसमर्थन को?अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन बाज़ी मारेगा कहलगांव की इस चुनावी जंग में।

9 बार के विधायक ने क्यों छोड़ा कांग्रेस का हाथ बेटा ने लिया जदयू का साथ

सदानंद सिंह 9 बार कहलगांव विधानसभा से विधायक चुने गए मंत्री भी बने। श्री सिंह कुर्मी जाति से आते हैं और 78 वर्षीय सदानंद सिंह के दो पुत्र है और 3 पुत्री है। सदानंद सिंह के पुत्र ई. शुभानंद मुकेश पिछली बार 2020 में कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे 72,379 वोट मिले थे और भाजपा के प्रत्याशी पवन कुमार यादव 1,15,538 वोट मिले और पहली बार भाजपा का खाता खोला था। इस बार शुभानंद मुकेश जदयू के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे हैं वहीं भाजपा के विधायक पवन यादव निर्दलीय मैदान में उतरे हैं।

कांग्रेस ने 11 बार राजद का कभी नहीं खुला खाता

17 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने 11 बार जीत हासिल की है। जनता दल ने 2 बार, जबकि सीपीआई , निर्दलीय, जद(यू), और भाजपा ने एक-एक बार जीत दर्ज की है।

कहलगांव विधानसभा का जाति समीकरण

कहलगांव विधानसभा सीट में ग्रामीण मतदाता 93.5% है वहीं शहरी मतदाता केवल 6.95% है । इस विधानसभा में यादव और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। साथ ही ब्राह्मण, कोइरी, रविदास और पासवान समुदाय की भी संख्या अच्छी खासी है। पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार कुल 3,31,391 मतदाता थे । जिसमें अनुसूचित जाति के 11.71%, अनुसूचित जनजाति के 1.12%, और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 18.1% है ।

कब कौन बने विधायक देखिए

  • 1952 रामजन्म महतो कांग्रेस
  • 1957 भोला नाथ चौबे कांग्रेस
  • 1962 सैयद मकबूल अहमद कांग्रेस
  • 1967 नागेश्वर प्रसाद सिंह कम्युनिस्ट पार्टी
  • 1969 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 1972 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 1977 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 1977 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 1980 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 1985 सदानंद सिंह निर्दलीय
  • 1990 महेश प्रसाद मंडल जनता दल
  • 1995 महेश प्रसाद मंडल जनता दल
  • 2000 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 2005 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 2005 अजय कुमार मंडल जनता दल (यू)
  • 2010 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 2015 सदानंद सिंह कांग्रेस
  • 2020 पवन कुमार यादव भाजपा

कुल 13 प्रत्याशी मैदान में

  • प्रवीण सिंह कांग्रेस
  • रजनीश भारती राजद
  • सुभानंद मुकेश जदयू
  • पवन कुमार यादव निर्दलीय
  • निर्मल कुमार अखंड भारतीय युवा पार्टी
  • मंजारा आलम जनसुराज
  • भवेश कुमार बसपा
  • अनुज मंडल , ओमप्रकाश मंडल , महेंद्र तांती , रामचंद्र मंडल रूपम देवी और संजू कुमारी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे हैं।

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