
जमशेदपुर// देहरादून। जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की देहरादून के एक मॉल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंद सेकेंड में हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। विक्रम शर्मा, दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का खास गुर्गा माना जाता था और अपराध की दुनिया में उसका बड़ा नाम था।
सूत्रों के अनुसार, विक्रम शर्मा के कई चेले हाल के दिनों में एक न्यूज चैनल और न्यूज वेबसाइट की आड़ में रंगदारी वसूली का काम कर रहे थे। बताया जाता है कि उक्त चैनल का नामकरण भी विक्रम शर्मा के जन्मदिन की तारीख से जोड़कर किया गया था, ताकि समाज में उसकी और उसके गिरोह की साफ-सुथरी छवि बनाई जा सके।पुलिस तक बनाई थी पहुंचविक्रम शर्मा अपनी टीम के माध्यम से पुलिस तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा था। उसे 19 अप्रैल 2017 को देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे हवाई जहाज से रांची लाया गया और फिर बिष्टुपुर थाना होते हुए जेल भेजा गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम शर्मा के खिलाफ 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज था
जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने धंधे को दोबारा फैलाना शुरू कर दिया था। वह देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में रह रहा था और काशीपुर में स्टोन क्रशर का कारोबार करता था। इसके अलावा ‘विक्रम उद्योग’ नाम से एक कंपनी भी चला रहा था। 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम शर्मा के खिलाफ 50 से अधिक हत्या के मामले दर्ज था। सूत्र बताते हैं कि उसने करीब एक हजार करोड़ रुपये का बड़ा आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मॉल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इस हत्या के साथ ही अपराध की दुनिया के एक बड़े नाम का अंत हो गया है, लेकिन इस वारदात ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि इतने बड़े अपराधी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई।