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दो करोड़ रुपया के गबन मामले में हरियाणा निवासी गुरप्रीत सिंह को मिली जमानत -

दो करोड़ रुपया के गबन मामले में हरियाणा निवासी गुरप्रीत सिंह को मिली जमानत

देवघर // प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा की अदालत ने दो करोड़ रुपया ठगी के आरोप में जेल में बंद हरियाणा निवासी गुरप्रीत सिंह के जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया।

आवेदक का बचाव राज्य का विरोध

अभियोजन पक्ष की और से लोक अभियोजक अजय कुमार साह वरिष्ठ अधिवक्ता अमर कुमार सिंह प्रीतम आनंद ने अपना पक्ष रखा। वही बचाव पक्ष की और से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार , बिड़लानंद चौधरी , अमित कुमार और पप्पु कुमार यादव ने अपनी बातों को रखा ।

केस डायरी में लगभग दो करोड़ का बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स मेंशन

लोक अभियोजक द्वात अमानत आवेदन का कड़ा विरोध किया गया किया गया। प्रार्थी अभियुक्त इस वाद में नागजद आरोपी हैं। प्राथमिकी के अवलोकन से ज्ञात होता है कि सूचक सुभक्स इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निर्देशक के पद पर कार्यरत हैं। और डायरी में दिए गए बैंक ट्रांजेक्शन से भी पता चलता है कि लगभग दो करोड़ रुपया का डेबिट हुआ है।

बचाव पक्ष की और से कहा गया कि दिनांक 11.11.2005 को यह दुर्भावनापूर्ण मामला दर्ज किया गया। उनका आगे कथन है कि पार्थी अभियुक्त लगभग 24 वर्ष का अविवाहित युवक है जिसका भविष्य उज्जवल है और जेल हिरासत में रखने से चली मानसिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित होगी। उनका आगे कथन है कि प्रार्थी अभियुक्त का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। बल्कि शिकायत कर्ता का आपराधिक इतिहास है जो माननीय सीजीएम के न्यायालय में चल रहा है। बैंक ट्रांजेक्शन रिपोर्ट जो डायरी में संलग्न है वह बैंक द्वारा नहीं दिया गया है। उसे एक्सल सीट में बनाकर पेस किया गया है। अभियुक्त न्यायालय के आदेशानुसार बंधपत्र दाखिल करने के लिए तैयार है। अतः उन्हें जमानत पर छोड़ने की कृपा की जाय।

कैसे हुई गिरफ्तारी….

आपको बता दे कि जेल में बंद गुरप्रीत सिंह पर आरोप लगाया गया था कि जिस कंपनी में वह काम कर रहा था उस कंपनी का लगभग दो करोड़ रुपया वर्ष 2021 से 2025 तक में गवन कर लिया गया है । जो कंपनी के आंतरिक ऑडिट में ये बातें सामने आई जिसके बाद निखिल कुमार झा की और से नगर थाना लिखित आवेदन दिया गया। जिसके बाद नगर थाना कांड संख्या 512/2025 बीएनएस की धारा 126(2) , 115(2), 351(4), 352,316(2), 318(2), 308(2)316(5) के तहत मामला दर्ज कर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा से गुरप्रीत सिंह को 16/11/2025 को विधिवत गिरफ्तार कर देवघर लाया और 19/11/2025 को कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ट्रायल के दौरान जेल में बंद रहना जरूरी नहीं

शिकायत कर्ता के अधिवक्ता ने कहा अभियुक्त को ट्रॉयल के दौरान न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत है क्योंकि अभी तक उसके पास की लैपटॉप की बरामदगी नहीं हुई है जिसके बाद जज साहब ने कहा कि एक महीने के अंदर कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी है इसलिए इसकी आवश्यकता नहीं है।

इस बात की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष की और से युवा अधिवक्ता पप्पु कुमार यादव ने बताया कि एक गलत आरोप में जेल में बंद युवक को जमानत मिलने पर बहुत खुशी हुई आगे कहा कि मैने केश डायरी का बारीकी से अवलोकन कर डायरी में मेंशन ट्रांजेक्शन रिपोर्ट और कंपनी के प्रबंधक को लेकर सवाल उठाया। इस बात को जज साहब ने भी बड़ी बारीकी से अवलोकन किया और कहा कि ट्रांजेक्शन रिपोर्ट जो डायरी में संलग्न किया गया है वह बैंक द्वारा नहीं दिया गया । साथ ही कंपनी के प्रबंधक शिकायतकर्ता निखिल कुमार झा नहीं पुष्प राज है। न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने मामले को बारीकी से सुना और अभियुक्त गुरप्रीत सिंह को जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया ।

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