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भूमि घोटाला व मनी लांड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से राहत -

भूमि घोटाला व मनी लांड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से राहत

नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर पेश नहीं होने के मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ईडी ने कई छोटे-मोटे मामलों में ज्यादा ध्यान दिया है।

कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गहरी नजर रखी जानी चाहिए

सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने कहा कि हेमंत सोरेन को सात बार समन भेजा गया था, लेकिन वो पेश नहीं हुए। इस मामले में हेमंत सोरेन को ईडी के समन पर पेश नहीं होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। हेमंत सोरेन के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि सोरेन तीन बार ईडी के सामने पेश हुए, लेकिन हर बार उन्हें हिरासत में ले लिया गया। तब कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गहरी नजर रखी जानी चाहिए। इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से जारी समन को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय के इसी फैसले को हेमंत सोरेन ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।

उच्चतम न्यायालय ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई, 2024 को हेमंत सोरेन को इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय से मिली जमानत को ईडी की ओर से चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया था। झारखंड उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई, 2024 को हेमंत सोरेन को जमानत दी थी। झारखंड उच्च न्यायालय ने सोरेन को जमानत देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। ईडी ने 31 जनवरी, 2024 को हेमंत सोरेन से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। सोरेन को भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। लोकसभा चुनाव 2024 के पहले हेमंत सोरेन ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर अंतरिम जमानत की मांग की थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया था।

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