परीक्षा स्थिति:
मौजूदा नियमों (2019) में संशोधन के कारण 2024 की अधिसूचना रद्द कर दी गई थी और अब नई नियमावली के तहत परीक्षा ली जाएगी। संभावित समय: जेपीएससी परीक्षा कैलेंडर और कोर्ट के आदेशों के अनुसार, परीक्षा 2026 के मार्च तक आयोजित हो सकती है।
देवघर // झारखंड में बीते 10 वर्षों से JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) की परीक्षा नहीं होने से झारखंड के हजारों युवा परेशान हैं। आज देवघर में अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित करने की मांग किया। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2015-16 सत्र से ही हजारों अभ्यर्थी JTET परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस परीक्षा के आयोजन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उम्र बढ़ रही है सरकार चुप बैठी है
इससे राज्य के लाखों युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धरना प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक बनने का सपना लेकर उन्होंने बीएड और अन्य शैक्षणिक योग्यताएं हासिल की हैं, लेकिन JTET परीक्षा नहीं होने के कारण वे आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर परीक्षा आयोजित होती तो अब तक हजारों युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल चुका होता। लेकिन हमलोग वर्षों से इंतजार कर रहे हैं सरकार भी चुप बैठी है।
मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया
आगे कहा कि झारखंड सरकार की लापरवाही के कारण हमलोगों की उम्र भी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा नहीं होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को 31 मार्च तक JTET परीक्षा आयोजित करने को लेकर आदेश जारी किया है।
सरकार से जल्द परीक्षा कराने की मांग
धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी JTET परीक्षा का आयोजन बेहद जरूरी है। राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं होने से नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं।अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर जल्द से जल्द JTET परीक्षा आयोजित की जाती है तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
झारखंड पात्रता परीक्षा क्यों है जरूरी
झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापकों) की नियुक्ति और पीएचडी में नामांकन की उम्मीदवारी के लिए झारखंड पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थी ही सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति और पीएचडी में नामांकन के लिए योग्य होंगे।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द JTET परीक्षा की अधिसूचना जारी कर परीक्षा की तिथि घोषित की जाए।
