
लातेहार सदर थाना क्षेत्र के कोमो के पास एनएच-39 पर बुधवार की शाम लगभग पांच बजे नगर पंचायत का कचरा उठाने वाला ट्रैक्टर और एक चेचिस वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में ट्रैक्टर पर सवार सफाईकर्मी विनोद उरांव (दुगिला, लातेहार) की मौके पर ही मौ*त हो गई। शाम में पोस्टमार्टम नहीं होने एवं घायल को रांची ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलने के विरोध में ग्रामीणों ने सदर अस्पताल परिसर में नारेबाजी की थी। इसके बाद अगले दिन गुरुवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर सदर अस्पताल के बाहर एनएच-39 को करीब आधे घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया दिया।
दबाव देकर हमारे मजदूर भाई को काम में लाया गया मौत का जिम्मेदार नगर पालिका
वही कई ग्रामीणों सदर अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने, समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने एवं इस घटना में एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही नगर प्रशासक राजीव रंजन और सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार महतो दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद मृतक के परिजन शव को कंधे पर उठाकर लगभग एक किलोमीटर पैदल जुलूस की शक्ल में थाना चौक स्थित नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां घेराव किया। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की। वही इस घटना पर मृतक के परिजन दुगिला के ग्राम प्रधान सुकू उराँव का कहना था की कल करमा का त्यौहार है। सारा विभाग छुट्टी में था इसके बावजूद भी नगर पालिका के द्वारा दबाव देकर हमारे मजदूर भाई को काम में लाया गया। जो आज बहुत बड़ा दुर्घटना हो गया इसका सारा जिमेवार नगर पालिका है।
10 लाख रुपया और एक नौकरी उपलब्ध दी जाय
जबकि दुर्घटना हुई 3 घंटा हो जाने के बाद समय पर मरीज के लिए एंबुलेंस नहीं दिया गया है यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। मैं इसके लिए काफी आहत हूं और समय पड़े तो अपने मजदूर भाई के लिए सड़क जाम करने के लिए भी तैयार हूं अगर किसी प्रकार की अपरिय घटना हो गई तो सारा जिम्मेवार नगर पालिका होगी। आगे सुकु उरांव ने कहा कि नगर पंचायत में जितने भी कार्य हो रहा है वह सारे काम पर काफी लापरवाही है। आज जबकि राष्ट्रीय त्योहार है आज के दिन सारा विभाग छुट्टी में है। यह त्यौहार आदिवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण त्यौहार है इसके बावजूद भी का उल्लंघन करते हुए नगर पंचायत के द्वारा मजदूरों को पैसा का प्रलोभन देकर उनको काम में बुलाया गया है। यह दुर्घटना घटी है। हमारे मजदूर की मौत हो गई मैं जिला प्रशासन से मांग करता हूं की मृत्यु परिवार को 10 लाख रुपया और एक नौकरी उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन के आश्वासन पर हटा जाम
ताकि उनकी जीविका अच्छे से चल सके करीब आधा घंटे तक चले हंगामे के बाद नगर प्रशासक राजीव रंजन और थाना प्रभारी सुरेंद्र महतो के प्रयास से समझौता हो सका। नगर प्रशासन की ओर से तत्काल मृतक के पुत्र रूपम देव उरांव को अंतिम संस्कार हेतु 50 हजार रुपये नगद का सहयोग किया गया। साथ ही विभाग में मृतक के बेटे व बेटी को नौकरी देने तथा सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। मौके पर एसआई रमाकांत गुप्ता, राहुल सिन्हा, शुकू उरांव समेत कई लोग मौजूद थे।