कोलकाता (जमशेदपुर) // दक्षिण पूर्व रेलवे ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए रांची की सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर (Sr. DCM/RNC) सुश्री शुचि सिंह का तबादला कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच का सामना कर रही थीं। इस घटनाक्रम को लेकर रेलवे महकमे में चर्चा तेज हो गई है।
श्रेया सिंह को PO/RCT/RNC से हटाकर Sr. DCM/RNC की जिम्मेदारी सौंपी गई
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार शुचि सिंह को उनके वर्तमान पद Sr. DCM/RNC से हटाकर पीओ/ आरसीटी/ रांची (PO/RCT/RNC) के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं, इसी आदेश के तहत श्रेया सिंह को PO/RCT/RNC से हटाकर Sr. DCM/RNC की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह तबादला आपसी अदला-बदली (mutual transfer) के रूप में किया गया है।
CBI ने रेलवे के एक घूसखोरी मामले में कार्रवाई की थी
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में CBI ने रेलवे के एक घूसखोरी मामले में कार्रवाई की थी, जिसमें वाणिज्य विभाग से जुड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे थे। इसी कड़ी में शुचि सिंह का नाम भी सामने आया था, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई थी। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन जांच के बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे के इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने और छोड़ने की तिथि की सूचना विभाग को देंगे। साथ ही, नियमों के तहत सभी आधिकारिक पास और दस्तावेजों को विधिवत हस्तांतरित करने का निर्देश भी दिया गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई पर लोगों की नजर
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन CBI जांच के बाद इस तरह का तबादला कई सवाल भी खड़े करता है। फिलहाल, इस मामले पर रेलवे प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम पर रेलवे कर्मचारियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह मामला न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि रेलवे में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से भी जुड़ा हुआ ।
