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महिलाओं के प्रति समाज की सोच को उनकी योग्यता व प्रतिभा के बल पर बदला जा सकता है : शिल्पी नेहा तिर्की -

महिलाओं के प्रति समाज की सोच को उनकी योग्यता व प्रतिभा के बल पर बदला जा सकता है : शिल्पी नेहा तिर्की

रांची // अखिल भारतीय बैंक ऑफ इंडिया के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के संघ की महिला शाखा का दूसरा सम्मेलन रविवार को रांची में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए राज्य की कृषि, पशुपाल एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि 21वीं सदी में भी कुछ लोग समाज को कमजोर करने और संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के विपरीत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच को उनकी योग्यता और प्रतिभा के बल पर बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर-परिवार, समाज या कार्यक्षेत्र—हर जगह महिलाएं पुरुषों के समान कार्य करने में सक्षम हैं। इतिहास इस बात का साक्षी है कि महिलाओं ने हर दौर में संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिसके माध्यम से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। कन्वेंशन को संतोषी केरकेट्टा, बिंदेश्वर प्रसाद, जेके कामले, एजे प्रबल, गुरु प्रसाद गोंड, अरुण, हरि शंकर नायक और सुनील लकड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी, पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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