
Bihar Vidhansabha Election// बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बीच तेजप्रताप यादव की सुरक्षा को बड़ा दिया गया है। अब तेजप्रताप यादव की सुरक्षा Y-Plus कैटेगरी की कर दी गई । तेज प्रताप की सुरक्षा में आर्म्ड पुलिस के 11 कमांडो तैनात रहेंगे, जिसमें 5 पुलिस के स्टैटिक जवान वीआईपी की सुरक्षा के लिए उनके घर और आसपास रहते हैं। साथ ही 6 पीएसओ तीन शिफ्ट में सुरक्षा करते हैं।
तेज प्रताप यादव ने चुनाव आयोग से की शिकायत
जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपने प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत किया जिसमें उन्होंने कहा कि सुगौली विधानसभा से जे जे डी के उम्मीदवार श्याम किशोर चौधरी ने बिना पार्टी की अनुमति से महागठबंधन का समर्थन लिया इसलिए उसका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए। जिसके बाद चुनाव आयोग ने तेज प्रताप यादव को कहा कि आप अपने पार्टी के लेटर पेड पर लिख कर दे तब कार्यवाही होगी । साथ ही तेज प्रताप यादव ने चुनाव आयोग से कहा कि ये लोग कभी भी कुछ कर सकते हैं है।
सुगौली का सियासी समीकरण
पूर्वी चंपारण जिला के सुगौली विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन की और से मुकेश सहनी की पार्टी से प्रत्याशी थे । और एनडीए की और से लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रत्याशी राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता प्रत्याशी है। वही जन शक्ति जनता दल से श्याम किशोर चौधरी उम्मीदवार हैं। स्कूटनी में मुकेश सहनी की पार्टी भीआईपी पार्टी का प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया।
जिसके बाद महागठबंधन ने तेजप्रताप यादव की पार्टी के प्रत्याशी को अपना समर्थन दे दिया। समर्थन को लेकर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि हमारा मकसद है कि किसी भी तरह भाजपा को बिहार से भगाना है और इसी वजह से हम महागठबंधन के सभी नेताओं ने श्याम किशोर चौधरी को अपना समर्थन दिया है। इसे आप सभी जीताने का काम करें। आगे उन्होंने ये भी कहा था कि भले ही राजद में तेजप्रताप यादव नहीं है लेकिन है तो भाई ही हर घर में थोड़ी मन मुटाव होती है इसलिए आप सभी अपना समझ कर सपोर्ट करें।
महागठबंधन के समर्थन से एनडीए की बढ़ी टेंशन
नामांकन रद्द होने के बाद महागठबंधन को एक बड़ा झटका लगा था वही महागठबंधन ने तेजप्रताप यादव की पार्टी के प्रत्याशी को अपना समर्थन देकर एनडीए को एक बार फिर टेंशन में डाल दिया था । लेकिन इस सब के बीच तेजप्रताप यादव ने चुनाव आयोग से शिकायत करके फिर से एनडीए को थोड़ी राहत दी है और महागठबंधन को बेचैनी।
तेजप्रताप का निर्णय सही या गलत
तेजप्रताप यादव ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन रद्द करवाने वाली शिकायत से सभी हैरान है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो तेजप्रताप यादव की पार्टी का इस सीट पर चुनाव जीतना आसान था लेकिन उन्होंने खुद ब खुद मैदान से हटने का निर्णय लिया बदले मिला तो Y+ श्रेणी की सुरक्षा। अगर नामांकन रद्द होता है तो फिर तेजप्रताप यादव सीट के साथ अपनी विचारधारा को गंवाएंगे और बीजेपी का बी टीम भी कहलाएंगे ।