झारखंड की आवाज

नाम काटने की मुहिम पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस पार्टी दे रही है प्रशिक्षण -

नाम काटने की मुहिम पर रोक लगाने के लिए कांग्रेस पार्टी दे रही है प्रशिक्षण

देवघर // कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव दोपहर देवघर परिसदन पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उसके पश्चात उपस्थित पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से रुबरु हुए। इस दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्य रूप से तीन विषयों पर बात करनी है। पहला वर्तमान में जो पूरे देश में 2026 का जनगणना प्रारंभ हुआ है। जनगणना कर्मी कल से डोर टू डोर जाकर 33 बिंदुओं पर सूचना इकट्ठा करेंगें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

सिर्फ आधी जाति का ही जनगणना की जा रही है।

33 विंदुओं में से देखा जाए बिंदु नंबर 12 जो जाति संबंधित आंकड़े इकट्ठा करती है। उसमें ओबीसी का जिक्र ही नहीं है। इससे स्पष्ट जाहिर हो रहा है कि सिर्फ आधी जाति का ही जनगणना की जा रही है। इस पर गृह मंत्री का कहना है कि अभी सिर्फ मकान का गणना की जा रही है। हमारे नेता राहुल गांधी की मांग है कि पूरे देश में जाति आधारित जनगणना हो ताकि सभी जातियों का आंकड़ा मिल सके और यह किसी भी देश का समाजिक स्तर जानने का एक्स-रे है। इसमें भाजपा के लोगों का भी समर्थन था, परंतु ऐसा नहीं हो रहा है। इसका हमारी पार्टी घोर विरोध करती है।

राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में फिर से आंदोलन की जाएगी।

जाति जनगणना से ही हमें पता चलेगा की आजादी के 75 वर्ष बाद हमारे देश में किस-किस जाति के लोग का विकास हो पाया, किसने विकास की कितनी दूरी तय की है। इस परिदृश्य या मानचित्र को देखकर आने वाले समय में विकास का मॉडल तैयार किया जा सकेगा। तभी पता चल सकेगा कि देश की जो 90% संपत्ति 2% लोगों के पास था, आज उसकी स्थिति क्या है? उसमें बदलाव आया है कि नहीं। आखिर भारतीय जनता पार्टी जातिगत आंकड़ा इकट्ठे करने से क्यों कतरा रही है, इनकी क्या मानसिकता है? जबकि कांग्रेस पूरे देश में जाति आधारित जनगणना की मांग करती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में फिर से आंदोलन की जाएगी।

पहले नाम कटा फिर नाम जुटा और अब विधायक है

दूसरा बिंदु एसएआर का है, जो आपने देखा कि किस कदर पूरे देश में फिर से सत्ता हथियाने के लिए गैर भाजपाई गरीब गरुवा,पिछड़ी, एससी,एसटी,अल्पसंख्यक लोगों का नाम काटकर उन्हें वोट से वंचित किया जा रहा है। आपने देखा होगा कि बंगाल चुनाव में कांग्रेस के हमारे महताब शेख जो फरक्का से विधायक जीते हैं, उनका भी नाम एसआईआर के माध्यम से काटा गया था। उन्होंने इसका पुरजोर विरोध करते हुए सर्वोच्च न्यायालय तक आवेदन दिया।

जिसके बाद उनका नाम जुटा,वो चुनाव लड़ें और उनकी जीत हुई, वरना आज वो‌ विधायक नहीं बनते। झारखंड में भी एसआईआर प्रारंभ हो गया है। चुनाव आयोग के माध्यम से भाजपा के वोटरों का नाम काटने की मुहिम पर रोक लगाने के लिए पार्टी ने हर बूथ स्तर पर बीएलए -2 नियुक्त करते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।

Leave a Reply