देवघर// नाबालिग किशोरी के अपहरण मामले में स्पीडी ट्रायल के तहत एडीजे तृतीय सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा ने दोषी को सख्त सजा सुनायी है। अदालत ने अभियुक्त पप्पू राउत उर्फ पंकज को अपहरण का दोषी पाते हुए सात वर्ष की सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अलावा 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, जो पीड़िता को देय होगा। सजायाफ्ता अगर जुमनि की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो अलग से एक वर्ष की सश्रम कैद की सजा काटनी होगी। सजा पाने वाला अभियुक्त जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना के आंबेडकर नगर का रहने वाला है और इसके विरुद्ध नाबालिग किशोरी की मां के बयान पर सोनारायठाढ़ी थाना में 19 मई 2024 की घटना को लेकर एफआइआर दर्ज हुआ था। इसमें शादी की नीयत से 17 वर्षीय लड़की का अपहरण कर ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से घटना के समर्थन में 11 लोगों ने अदालत के समक्ष गवाही दी और अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह दोष सिद्ध कराने में सफल रहे। बचाव पक्ष से अधिवक्ता अमन कुमार ने पक्ष रखा, लेकिन दोषमुक्त कराने में विफल रहे। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने सिर्फ अपहरण की धाराओं में दोषी पाकर उपरोक्त सजाएं सुनायी व जुर्माना लगाया। इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ व महज 20 माह के अंदर पीड़िता को न्याय मिला।
