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14 दिनों में 28.33 लाख श्रद्धालुओं ने किया बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण, मेले में 3.54 करोड़ की आय -

14 दिनों में 28.33 लाख श्रद्धालुओं ने किया बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण, मेले में 3.54 करोड़ की आय

देवघर // राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर गुरुवार को आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में साप्ताहिक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में हुई प्रेसवार्ता में मेले की अब तक की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, स्वास्थ्य, सुरक्षा और राजस्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई।

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उपायुक्त ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक कुल 28,33,634 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण किया, जिनमें 92,134 श्रद्धालु शीघ्र दर्शनम् कूपन के माध्यम से शामिल रहे।

बाबा मंदिर से 3.54 करोड़ रुपये से अधिक की आय

उपायुक्त के अनुसार 30 जुलाई से 11 अगस्त तक बाबा मंदिर की कुल आय 3,54,59,011 रुपये रही। इसमें मंदिर के अन्य स्रोतों से प्राप्त आय भी शामिल है। वहीं शीघ्र दर्शनम् कूपन से प्राप्त आय में 60 प्रतिशत के रूप में 2,91,19,680 रुपये की राशि बताई गई।

उन्होंने कहा कि मेले के सफल संचालन में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, मीडिया और आम लोगों सहित सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

925 सीसीटीवी और 225 एआई कैमरों से निगरानी

श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 925 सीसीटीवी कैमरे, 225 एआई कैमरे और 5 ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए ऑनलाइन चैटबॉट क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त 65 शिकायतों का निष्पादन किया गया है।

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कोठिया में दो टेंट सिटी में कुल 2,000 बेड, बाघमारा टेंट सिटी में 750 बेड और आध्यात्मिक भवन में 700 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था में 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का इलाज

मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इन केंद्रों में कुल 98,436 श्रद्धालुओं का इलाज किया गया।

https://youtu.be/Ao9GE-bCz2w

इनमें 66,141 पुरुष, 28,414 महिलाएं और 3,791 बच्चे शामिल हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 111 चिकित्सक और 470 पारा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा 16 सामान्य एंबुलेंस, 24 एंबुलेंस-108 और 6 जीप उपलब्ध हैं।

खोया-पाया केंद्र ने हजारों श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से मेला क्षेत्र में 34 सूचना केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 49,257 खोये-पाये कांवरियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 34,561 श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया।इसके अलावा सूचना केंद्रों में 220 उद्घोषकों की व्यवस्था की गई है। मातृत्व विश्राम गृह के लिए 45 महिलाओं का चयन किया गया है। पांच टोटो की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

सुरक्षा के लिए 21 अस्थायी ओपी और 13 यातायात ओपी

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 यातायात ओपी बनाए गए हैं।

मेला क्षेत्र में एटीएस, रैफ, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वायड और क्यूआरटी टीम की तैनाती की गई है। इसके अलावा 52 पुलिस उपाधीक्षक, 92 पुलिस निरीक्षक, 758 सहायक पुलिस निरीक्षक और 1,110 सशस्त्र पुलिसकर्मियों समेत विभिन्न पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंदिर परिसर में इस सप्ताह कुछ मोबाइल बरामद किए गए हैं और कुछ पॉकेटमारों को गिरफ्तार भी किया गया है।

दो सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट

प्रेसवार्ता में उपायुक्त ने श्रावण माह की शेष दो सोमवारी को लेकर विशेष सतर्कता की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में कांवरियों के देवघर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहले की तरह अपने-अपने दायित्वों का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करेंगे।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के बाद श्रद्धालु देवघर से अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।

उन्होंने मेला के सफल संचालन में सभी विभागों, मीडिया और आम लोगों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में भी इसी समन्वय और गति के साथ काम करते हुए श्रावणी मेला की सफलता के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।

अन्य व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन की नजर

मेला क्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता को लेकर 48 स्नानागार, 323 शौचालय, 16 इंद्रवर्षा, 76 चापाकल और 9 प्याऊ की व्यवस्था की गई है।

शिवलोक परिसर में अमरनाथ दर्शन और श्रीकालहस्ती मंदिर की थीम पर भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन करीब 15 से 17 हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी दी गई। शिवगंगा में वाटर प्रोजेक्शन एवं लेजर शो, 10 स्थानों पर वीआर के माध्यम से बाबाधाम की पौराणिक कथा और 31 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए वीडियो प्रस्तुति की व्यवस्था की गई है।

नगर निगम द्वारा 30 जुलाई से 12 अगस्त तक 1.06 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रहण किया गया है। वहीं परिवहन विभाग को राज्य प्रवेश शुल्क के रूप में 38.37 लाख रुपये और वाणिज्य कर के रूप में 1 अगस्त से 12 अगस्त के बीच 203.71 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है।

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