दुमका कोर्ट // गोड्डा जिला के महागामा अंचल के भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में प्रतिकूल आदेश की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को दुमका के बंदोबस्त कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार के साथ अभद्र व्यवहार किया, उनके साथ हाथापाई की और उन्हें कार्यालय कक्ष से बाहर निकालकर आयुक्त कार्यालय तक ले गये।

घटना के बाद पदाधिकारी के लिखित आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में ऋषि देव लायक, रूपा देवी, डोली कुमारी और रोमी कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
बंदोबस्त से जुड़ा हुआ मामला
गोड्डा जिले के तेतरिया गांव से जुड़े 824/2018 के एक भूमि विवाद मामले को लेकर दुमका स्थित बंदोबस्त कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित पक्ष ने असिस्टेंट सेटलमेंट ऑफिसर को अपने कार्यालय से निकालकर कमिश्नर के कार्यालय में खींचकर लाया गया जहां कमिश्नर के सचिव के सामने प्रस्तुत किया गया।


सचिव ने एएसओ को संबंधित प्रकरण से जुड़े सभी अभिलेख और दस्तावेज एक दिन मे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और पीड़ित पक्ष को कमिश्नर के नाम पर आवेदन पूरी घटना की जानकारी देने की बात कही।
घटना में कब क्या हुआ
बंदोबस्त कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा, एएसओ को पैदल आयुक्त कार्यालय ले गए लोग शाम तक 4 पहुंचे जेल
- दुमका के बंदोबस्त कार्यालय में एक बंदोबस्ती वाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
- शिकायतकर्ताओं ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (एएसओ) मनोज कुमार पर पैसे लेकर पक्षपातपूर्ण फैसला देने का आरोप लगाया।
- महिलाओं ने एएसओ के सामने आंचल फैलाकर, पैर पकड़कर और दंडवत होकर न्याय की गुहार लगाई।
- आरोप है कि वर्षों तक वाद की जानकारी नहीं दी गई और अंतिम चरण में नोटिस भेजकर 30 मार्च 2026 को आदेश पारित कर दिया गया।
- पीड़ित पक्ष का दावा है कि महागामा के मझौना मौजा की लगभग 6 बीघा 14 कट्ठा 2 धूर जमीन से जुड़े मामले में उनके खिलाफ फैसला दिया गया।
- इसी जमीन के एक हिस्से का रेलवे अधिग्रहण कर चुका है, लेकिन विवाद के कारण मुआवजा अटका हुआ है।
- हंगामे के बाद लोग एएसओ को बंदोबस्त कार्यालय से पैदल लेकर संथाल परगना प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंच गए।
- आयुक्त के सचिव अमित कुमार ने दोनों पक्षों की बात सुनी और संबंधित वाद का रिकॉर्ड तलब किया।
- सचिव ने कहा कि 10 दिन पहले आयुक्त के निरीक्षण में बंदोबस्त कार्यालय में कई अनियमितताएं सामने आई थीं।
- उन्होंने एएसओ की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और मामले की जांच का आश्वासन दिया।
- दूसरी ओर एएसओ मनोज कुमार ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए हाथापाई और जबरन कार्यालय से ले जाने का आरोप लगाया।
- पुलिस ने एएसओ की शिकायत पर 7 नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवऋषि लायक, रूपा देवी, डोली कुमारी और रोमी कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- गिरफ्तार लोग उस समय पकड़े गए जब वे आयुक्त के नाम शिकायत पत्र टाइप कराने जा रहे थे।
- पूरे घटनाक्रम के बाद बंदोबस्त कार्यालय, आयुक्त कार्यालय और न्यायालय परिसर में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
