देवघर // दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में देवघर व्यवहार न्यायालय से महत्वपूर्ण फैसला आया है। एडीजे-9 मुकुल चंद नारायण की अदालत ने आरोपी पति गणेश यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सेशन ट्रायल संख्या 01/2025 में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।
मृतिका के पिता ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
मामले को लेकर मृतिका चेमेली देवी के पिता ने मोहनपुर थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन के आधार पर मोहनपुर थाना कांड संख्या 139/2024 दर्ज किया गया। मृतिका का मायका मोहनपुर थाना क्षेत्र के तुलसीवरण गांव में है, जबकि दोषी गणेश यादव बगडूबा गांव का निवासी है।
दहेज में बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप
प्राथमिकी में मृतिका के पिता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2019 में उनकी पुत्री की शादी गणेश यादव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति एवं ससुराल पक्ष के लोग दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करने लगे और मांग पूरी नहीं होने पर उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
उन्होंने बताया कि 13 जुलाई 2024 को सूचना मिली कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की जा रही है। सूचना मिलने पर जब वे ससुराल पहुंचे तो देखा कि उनकी बेटी की हालत गंभीर थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
11 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों को प्रस्तुत किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी पति गणेश यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई।
