जनता दरबार में छात्रा ने लगाई थी पढ़ाई जारी रखने की गुहार, पुलिस-प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ; आर्थिक तंगी से जूझ रही स्वीकृति राज सुकरना अब आगे बढ़ने को तैयार
साहिबगंज // जरूरतमंद और होनहार छात्रों की मदद के लिए प्रशासन और पुलिस की संवेदनशील पहल समाज में सकारात्मक पुलिसिंग की मिसाल पेश करती है। साहिबगंज में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह की पहल से आर्थिक तंगी से जूझ रही एक छात्रा को पढ़ाई जारी रखने के लिए सहयोग मिला है।
हबीबपुर निवासी छात्रा स्वीकृति राज सुकरना बीएससी मेजर लाइफ साइंस से ऑनर्स की छात्रा हैं। आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। परिवार की स्थिति ऐसी थी कि पढ़ाई जारी रखना उनके लिए चुनौती बन गया था।
जनता दरबार में छात्रा ने रखी अपनी बात
बताया गया कि छात्रा के पिता ने अपनी पत्नी रूबी सिन्हा और पुत्री स्वीकृति राज सुकरना की स्थिति को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी। जनता दरबार में छात्रा ने पढ़ाई जारी रखने की अनुमति और सहयोग की गुहार लगाई।छात्रा की इच्छा है कि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़े और देश के उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान दे सके। छात्रा की परेशानी सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
24 घंटे के भीतर झोपड़ी में पहुंची बिजली और पानी की सुविधा
इस मामले में प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक और उदाहरण देखने को मिला। जिस झोपड़ी में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं था और पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी, वहां महज 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की गई।

प्रशासन और पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल तत्काल मदद करना ही नहीं, बल्कि छात्रा को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना भी है।
कम्युनिटी पुलिसिंग का दिखा मानवीय चेहरा
पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद लोगों और छात्रों की मदद के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से की जाने वाली ऐसी पहल कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को मजबूत करती है।
कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें, कॉपियां, बैग, फीस, कोचिंग और करियर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की जाती रही है। साहिबगंज में भी छात्रा के मामले में पुलिस-प्रशासन की संवेदनशीलता सामने आई है।
पढ़ाई के सपने को मिला प्रशासन का सहारा
आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद स्वीकृति राज सुकरना ने पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद नहीं छोड़ी। प्रशासन और पुलिस की ओर से मिले सहयोग से अब उनके आगे की पढ़ाई का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।छात्रा और उनके परिवार ने इस पहल के लिए पुलिस एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया है। वहीं, इस पूरे मामले ने यह संदेश भी दिया है कि यदि प्रशासन जरूरतमंदों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुने और समय पर सहयोग करे, तो किसी छात्र का भविष्य संवर सकता है।
