देवघर// शनिवार को देवघर के एक पत्रकार के दो ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम द्वारा छापेमारी की गई। एक टीम ने मोहनपुर प्रखंड के बलथर स्थित आवास पर, जबकि दूसरी टीम ने बैजनाथपुर स्थित आवास पर जांच की।
इनकम टैक्स विभाग को अपने income पर ध्यान देना चाहिए
हम आयकर विभाग को इसलिए उसे अपने INCOME पर ध्यान देने कह रहे हैं क्योंकि एक तो बड़े बड़े उद्योगपति है उसके यहां छापेमारी ना करके एक छोटे से पत्रकार के यहां छापेमारी करते हैं इतनी महत्वपूर्ण एजेंसी जिसमें आईआरएस अधिकारी रहते उसकी सैलरी भी काफी अधिक है और वैसे अधिकारी दिन दिनभर छापेमारी करते हैं और कुछ बरामदगी नहीं होती है तो उसे अपने INCOME पर ध्यान देना ही चाहिए साथ ही आयकर विभाग ने जो पंचनामा बना कर पार्टी को सौंपा है ।

उसे जब आप ध्यान से देखेंगे तो आपको उसके मोहर में दिखेगा एक टीम जो धनबाद से आई थी उसने बलथर में छापेमारी की और वहां पर भी पंचनामा बनाया जिसमें मोहर लगाया है बगल में साइन भी किया है उसके मोहर में लिखा है Authorised Officer Income Tax Department Dhanbad साथ ही हिंदी में भी लिखा है अधिकृत आयकर अधिकारी धनबाद वही पटना की जो टीम थी उसने भी एक पंचनामा बनाया जिसमें उसने जो मोहर लगाया है जरा ध्यान से देखे उसके द्वारा जो मोहर लगाया गया है मोहर में क्या लिखा है Authorised Officer Incoem Tax Department Patna
पंचनामे की मोहर में दिखी स्पेलिंग की गलती
छापेमारी के बाद पत्रकार को सौंपे गए पंचनामों में से एक पर लगी मोहर में अंग्रेजी शब्द “Income” की जगह “Incoem” लिखा हुआ दिखाई देता है। इसी स्पेलिंग त्रुटि को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।दूसरी ओर, धनबाद टीम की मोहर पर “Authorised Officer Income Tax Department Dhanbad” सही लिखा हुआ है।
क्या स्पेलिंग की गलती से कार्रवाई पर सवाल उठता है ?
केवल मोहर में स्पेलिंग की त्रुटि होना अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि कार्रवाई किसी फर्जी अधिकारी ने की। हालांकि, इतनी महत्वपूर्ण सरकारी कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज़ में ऐसी गलती होना स्वाभाविक रूप से सवाल जरूर खड़े करता है। इस संबंध में आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
क्यों उठ रहे हैं सवाल
Bkd News Jharkhand ने इस विषय में सवाल इसलिए उठाया क्योंकि जब छापेमारी की खबरें सामने आई तो खबरें ये आई कि मुखिया के यहां छापेमारी हो रही है लेकिन बाद में बातें सामने आई कि मुखिया का कही कोई जिक्र नहीं है पत्रकार का नाम है तो मन में सवाल उठने लगा कि पत्रकार के पास इतने पैसे हो गए कि टैक्स चोरी करने लगे फिर उसके पंचनामा देखने पर ये गलती दिखी सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि आयकर विभाग की टीम किसी को कुछ बताती नहीं है और कई बार खबरें सामने आई है कि फर्जी पुलिस ने छापेमारी की फर्जी अधिकारी बनकर भीआईपी सुविधा का लाभ उठाया।
पत्रकार ने क्या कहा ?
छापेमारी के बाद पत्रकार चमन कुमार (Chaman Kumar) ने बयान जारी करते हुए दावा किया कि उनके यहां लगभग सात घंटे तक जांच चली और उन्होंने जांच टीम को पूरा सहयोग दिया। उनका कहना है कि जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
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पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक एम्बुलेंस की बदहाली से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी और उसी के लगभग 72 घंटे बाद उनके यहां छापेमारी हुई। उन्होंने इसे संयोग मानने से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की है।
आधिकारिक पक्ष का इंतजार
अब तक आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई, पंचनामे की मोहर में हुई स्पेलिंग त्रुटि या पत्रकार के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
