
देवघर // जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड अंतर्गत जरका चंदना गांव में शनिवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब लगभग वर्ष 1953 से संचालित हो रहे एक विद्यालय को कोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दिया गया। वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे इस स्कूल में अब सन्नाटा पसरा है।बताया जा रहा है कि विद्यालय में करीब 250 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। स्कूल बंद होने के बाद इन बच्चों की शिक्षा पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि अचानक स्कूल बंद होने से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब ये बच्चे आगे कहां पढ़ेंगे और उनकी पढ़ाई कैसे जारी रहेगी।विद्यालय बंद होने की खबर फैलते ही गांव में चिंता और नाराजगी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो

कोर्ट के आदेश से बंद हुआ स्कूल, बच्चों की पढ़ाई पर बड़ा सवाल
फिलहाल कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए विद्यालय को बंद कर दिया गया है। हालांकि आदेश किन कारणों से जारी हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या 70 वर्षों की शैक्षणिक विरासत यहीं थम जाएगी, या फिर 250 बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए कोई ठोस समाधान निकलेगा? इस पूरे मामले पर सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं।
