साहिबगंज/बरहरवा। आरपीएफ बरहरवा की टीम ने रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में चलाए जा रहे नियमित गश्त एवं सघन चेकिंग अभियान के दौरान 05 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। सभी बच्चों को आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर संरक्षण एवं देखरेख के लिए संबंधित प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।
आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
तीनपहाड़ स्टेशन पर छोटे भाई के साथ मिली नाबालिग बालिका
आरपीएफ के अनुसार, 04 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:35 बजे तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त के दौरान एक नाबालिग बालिका अपने करीब दो वर्षीय छोटे भाई को गोद में लेकर अकेले घूमती मिली। संदेह होने पर आरपीएफ जवानों ने उसे रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों से वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी। भटकते हुए दोनों तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। इसके बाद आरपीएफ टीम दोनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर बरहरवा आरपीएफ पोस्ट पहुंची।
बरहरवा स्टेशन पर तीन और नाबालिग मिले
इसी क्रम में 05 अक्टूबर 2026 की रात करीब 00:20 बजे बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और वेटिंग रूम में चेकिंग के दौरान तीन अन्य नाबालिग बच्चे अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध अवस्था में मिले।
पूछताछ और सत्यापन के दौरान बच्चों ने बताया कि वे अपने माता-पिता को बिना बताए घर से निकल आए थे।

आरपीएफ के अनुसार, इनमें तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले 17 वर्षीय बालक और 16 वर्षीय बालिका भी शामिल थे। दोनों ने बताया कि वे पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और एक-दूसरे को पसंद करते थे। परिवार की सहमति नहीं होने के कारण दोनों ने 04 अक्टूबर को घर से बिना बताए निकलने और बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की बात बताई। दोनों पश्चिम बंगाल की ओर जाने की तैयारी में थे, लेकिन आरपीएफ टीम ने समय रहते उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।
फेसबुक के जरिए युवक से हुई थी नाबालिग बालिका की पहचान
एक अन्य 16 वर्षीय नाबालिग बालिका, जो बरहेट थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, ने पूछताछ में बताया कि मोबाइल फोन और फेसबुक के माध्यम से करीब एक वर्ष पहले उसकी पटना निवासी एक व्यक्ति से पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होती थी और वह उक्त व्यक्ति से मिलने के लिए पटना जाने का प्रयास कर रही थी।
बालिका के अनुसार, परिवार के सदस्य इस संबंध से सहमत नहीं थे और इसी बात को लेकर उसे अक्सर डांट पड़ती थी। इसके बाद वह 04 अक्टूबर की शाम करीब 8 बजे बिना माता-पिता को बताए घर से निकल गई और सड़क मार्ग से बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंची थी।
परिजनों से संपर्क के बाद संरक्षण हेतु सौंपे गए बच्चे
आरपीएफ कर्मियों ने सभी पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया। आवश्यक पूछताछ और सत्यापन के बाद बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया।
इसके बाद नियमानुसार आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी पांच नाबालिग बच्चों को मंथन/बरहरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल और अंशु मालाकार को आगे की आवश्यक कार्रवाई, देखरेख एवं संरक्षण के लिए सुपुर्द किया गया।
RPF ने अभिभावकों से की अपील
आरपीएफ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। बच्चों की भावनात्मक और व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास करें तथा मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उनकी गतिविधियों पर उचित निगरानी रखें।
आरपीएफ ने कहा कि परिवार में संवाद और बच्चों की समस्याओं को समझने से ऐसी परिस्थितियों को रोका जा सकता है, जिनमें बच्चे बिना बताए घर से निकलकर जोखिमपूर्ण स्थिति में पहुंच जाते हैं।
