साइबर अपराध एवं डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए आमजन को जागरूक करने पर जोर
साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज श्री सुभाष के मार्गदर्शन में आज लोक अदालत कक्ष में पारा विधिक स्वयंसेवकों – न्याय मित्र के लिए साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में पारा विधिक स्वयंसेवकों को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस कॉल, सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और पैसे की मांग करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे हस्तांतरित नहीं करने चाहिए।
कार्यशाला में ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाते की जानकारी एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा अनजान स्रोतों से मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने के महत्व पर भी चर्चा की गई।
पारा विधिक स्वयंसेवकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों, पंचायतों, अस्पतालों एवं ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
इसके साथ ही साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारा विधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से जिले में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं से सुरक्षित रहने के लिए सजग बनाना था।
