रांची // संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में झारखंड के कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर राज्य और अपने-अपने शहरों का नाम रोशन किया है।
राजधानी रांची के इस्तियाक रहमान ने ऑल इंडिया रैंक 354 हासिल किया
राजधानी रांची के डोरंडा स्थित मानिटोटोला, फिरदौस नगर के निवासी इस्तियाक रहमान ने भी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 354 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से रांची शहर में खुशी और गर्व का माहौल है।

इस्तियाक रहमान की सफलता पर सामाजिक संगठन फ्रेंड्स ऑफ वीकर सोसाइटी के अध्यक्ष तनवीर अहमद ने प्रेस बयान जारी कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस्तियाक रहमान की सफलता रांची के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि इस्तियाक रहमान पिछले लगभग छह महीनों से मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के अंतर्गत हैदराबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। अब यूपीएससी में सफलता प्राप्त कर उन्होंने अपने परिवार, समाज और पूरे रांची शहर को गौरवान्वित किया है।
बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करें
तनवीर अहमद ने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर युवा मेहनत, लगन और सही दिशा में तैयारी करें तो वे किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस्तियाक रहमान की सफलता उन छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने रांची के छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि भविष्य में और भी युवा देश की सर्वोच्च सेवाओं में जाकर समाज और देश की सेवा कर सकें।
दुमका की सुदीपा दत्ता ने 41 वीं रैंक हासिल कर राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है
इस बार झारखंड के दुमका की सुदीपा दत्ता ने 41 वीं रैंक हासिल कर राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उनका तीसरा प्रयास था। सुदीपा ने बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी दुमका में रहकर ही की और शहर की स्टेट लाइब्रेरी में पढ़ाई कर इस मुकाम तक पहुंचीं।उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता सहायक पोस्टमास्टर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। इससे पहले सुदीपा का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से सीडीपीओ पद पर भी हो चुका है।
लातेहार जिले के बिपुल गुप्ता ने 103 वीं रैंक हासिल कर
वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर गांव के बिपुल गुप्ता ने 103 वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस ) के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। विपुल पवन कुमार गुप्ता और दीपा गुप्ता के पुत्र हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने 368 वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ था। हालांकि उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, जिसे उन्होंने इस बार अपनी कड़ी मेहनत से पूरा कर लिया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया और परिवार सहित ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
साहिबगंज में दर्जी का बेटा निहारिका सिन्हा ने 365 वीं रैंक हासिल किया
इसी तरह साहिबगंज की निहारिका सिन्हा ने भी यूपीएससी परीक्षा में 365 वीं रैंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। कुलीपाड़ा निवासी निहारिका के पिता निरंजन सिन्हा पेशे से दर्जी हैं, जबकि माता शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर नर्स हैं।

निहारिका ने 2018 में संत जेवियर स्कूल, साहिबगंज से दसवीं और 2020 में रांची के जवाहर विद्या मंदिर श्यामली से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के संत जेवियर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की।वर्ष 2024 में पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में 365वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपने माता-पिता के सपनों को साकार किया।
धनबाद जिले से जुड़ी श्रुति मोदी ने 569वीं रैंक हासिल किया
वह बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं
इधर, धनबाद जिले से जुड़ी श्रुति मोदी ने भी यूपीएसी में 569वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। श्रुति के पिता सीताराम मोदी और माता सुषमा मोदी हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) से बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उनकी सफलता पर वर्णवाल सेवा समिति बाघमारा सहित परिवार और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है
