नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने धर्म के नाम पर मंदिरों में जानवरों की बलि पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई एक महीने बाद करने का आदेश दिया। वकील श्रुति बिष्ट ने दायर याचिका में कहा है कि मंदिरों में जानवरों की बलि के मामले पर सरकार और प्रशासन बिल्कुल चुप हैं। याचिका में प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स एक्ट की धारा 28 में जरुरी संशोधन कर धर्म के नाम पर जानवरों की बलि पर रोक लगाने की मांग की गई है।
वर्तमान में इन जगहों पर बाली पर रोक है
धारा 28 में कहा गया है कि धार्मिक रिवाज के मुताबिक किसी जानवर की बलि लेना अपराध नहीं है। याचिका में मांग की गई है कि धार्मिक त्यौहारों के समय जानवरों का कत्ल करने पर रोक लगाई जाए। याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में बाली, इंडोनेशिया और भारत के हिमालयी इलाके, उत्तर-पूर्वी भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और दक्षिण के राज्यों में जानवरों की बलि की परंपरा कायम है। याचिका में मांग की गई है कि इस पर समन्वित रुख अपनाने की जरुरत है, जिसमें मजबूत कानून और एनजीओ वगैरह का सहयोग लेकर जन जागरुकता अभियान चलाना जरुरी है।
