देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देर रात से ही कांवरियों की कतार बाबा मंदिर की ओर बढ़ती रही और पूरा बाबाधाम ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। अंतिम सोमवारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, रूटलाइन, कतार प्रबंधन और सुगम जलार्पण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

अंतिम सोमवारी से एक दिन पहले यानी 23 अगस्त तक राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 25 दिनों में 55,02,228 श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं। 22 अगस्त को 2,02,458 और 23 अगस्त को 1,87,239 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। इससे पहले 21 अगस्त तक जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 51,12,531 थी।
2025 के आंकड़े के बेहद करीब पहुंचा 2026 का आंकड़ा
2025 के राजकीय श्रावणी मेला में 28 दिनों में 55,63,100 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण किया था।
वहीं, 2026 में अभी 25 दिन ही पूरे हुए हैं और श्रद्धालुओं की संख्या 55,02,228 पहुंच चुकी है। यानी 2025 के 28-दिन के आंकड़े से अब अंतर महज 60,872 श्रद्धालुओं का रह गया है।
इस तुलना से साफ है कि 2026 में श्रद्धालुओं की आमद बेहद तेज रही है। हालांकि दोनों आंकड़ों की अवधि अलग-अलग है, इसलिए इसे वर्ष-दर-वर्ष पूरे मेले की अंतिम तुलना नहीं माना जाना चाहिए।
2026 में किस दिन कितने श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 30 जुलाई से 23 अगस्त तक बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही—
| तारीख | श्रद्धालुओं की संख्या |
|---|---|
| 30 जुलाई | 74,987 |
| 31 जुलाई | 1,05,179 |
| 01 अगस्त | 1,27,533 |
| 02 अगस्त | 1,51,621 |
| 03 अगस्त | 3,17,494 |
| 04 अगस्त | 1,51,373 |
| 05 अगस्त | 1,52,685 |
| 06 अगस्त | 1,85,423 |
| 07 अगस्त | 2,07,713 |
| 08 अगस्त | 2,27,691 |
| 09 अगस्त | 2,73,861 |
| 10 अगस्त | 3,69,449 |
| 11 अगस्त | 2,79,256 |
| 12 अगस्त | 2,84,456 |
| 13 अगस्त | 2,35,233 |
| 14 अगस्त | 2,31,168 |
| 15 अगस्त | 2,27,556 |
| 16 अगस्त | 2,32,147 |
| 17 अगस्त | 3,61,679 |
| 18 अगस्त | 2,39,407 |
| 19 अगस्त | 2,38,963 |
| 20 अगस्त | 2,26,747 |
| 21 अगस्त | 2,11,010 |
| 22 अगस्त | 2,02,458 |
| 23 अगस्त | 1,87,239 |
| कुल | 55,02,228 |
इन आंकड़ों में सबसे अधिक भीड़ 10 अगस्त को 3,69,449 श्रद्धालुओं के साथ रही। इसके बाद 17 अगस्त को 3,61,679 और 3 अगस्त को 3,17,494 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।
अंतिम सोमवारी को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
अंतिम सोमवारी पर भीड़ को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने रूटलाइन और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने दंडाधिकारियों और पुलिस बल को श्रद्धालुओं के साथ ‘सेवा भाव’ से पेश आने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, कुमुदिनी घोष रोड, बरमसिया, सरकार भवन, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, जलसार मोड़ और शिवराम झा चौक सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशासन की निगरानी जारी है।
केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से रूटलाइन और मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, बिजली, सूचना केंद्र और मातृत्व विश्राम गृह जैसी सुविधाओं को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
मंदिर की आय में भी 2026 ने बनाया नया आंकड़ा
श्रद्धालुओं की संख्या के साथ बाबा मंदिर की आय के आंकड़े में भी 2026 में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2025 में 30 दिनों में मंदिर की आय ₹7,36,44,295 रही थी, जबकि 2026 में 23 दिनों में ही ₹8,23,47,741 की आय दर्ज की गई।
यानी 2026 में 23 दिनों की आय ही 2025 के 30 दिनों की आय से ₹87,03,446 अधिक हो चुकी है। यह लगभग 11.82 प्रतिशत अधिक है।
आस्था और व्यवस्था दोनों की बड़ी परीक्षा
बाबा बैद्यनाथ धाम में अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़ एक बार फिर देवघर की धार्मिक आस्था की विशालता को दिखा रही है। 2026 के आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस वर्ष कम दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या 2025 के 28-दिन के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।
हालांकि 24 अगस्त यानी अंतिम सोमवारी का अंतिम जलार्पण आंकड़ा अभी इस खबर में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उसका आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध होने के बाद ही 2026 का अंतिम कुल आंकड़ा निश्चित रूप से बताया जा सकेगा।
स्रोत: देवघर जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्तियां एवं उपलब्ध प्रकाशित आंकड़े। 2025 में 28 दिनों के जलार्पण का आंकड़ा 55,63,100 जिला प्रशासन की जानकारी के आधार पर प्रकाशित हुआ था।
