देवघर // संताल परगना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, AIIMS Deoghar ने पहली बार अत्याधुनिक Left Bundle Branch Area Pacing (LBBAP) तकनीक के माध्यम से Permanent Pacemaker Implantation सफलतापूर्वक किया है।
इस प्रक्रिया का लाभ देवघर की 60 वर्षीय महिला मरीज को मिला, जो पिछले एक महीने से बार-बार चक्कर आने, बेहोशी जैसा महसूस होने तथा अचानक बेहोश होकर गिर जाने की समस्या से जूझ रही थीं। उनकी स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि उन्होंने घर से बाहर निकलना तक लगभग बंद कर दिया था। जांच के दौरान पता चला कि वे Sick Sinus Syndrome से पीड़ित थीं, जिसमें हृदय की प्राकृतिक Pacemaker System ठीक से कार्य नहीं करती। प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें विशेष उपचार हेतु AIIMS Deoghar रेफर किया गया।
AIIMS Deoghar के Cardiology Department में डॉ. सी.बी. पांडेय एवं डॉ. स्मारकरंजन राउत के नेतृत्व में इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की सभी शिकायतें पूरी तरह समाप्त हो गईं और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस उपलब्धि को विशेष बनाने वाली बात यह है कि यह Pacemaker Implantation हृदय की प्राकृतिक विद्युत संचरण प्रणाली का उपयोग करने वाली नवीनतम तकनीक से किया गया। पारंपरिक Pacemaker की तुलना में यह तकनीक हृदय की धड़कनों को अधिक स्वाभाविक और समन्वित बनाए रखने में सहायता करती है, जिससे लंबे समय तक बेहतर हृदय कार्यक्षमता प्राप्त होती है। उन्नत उपकरणों, विशेष प्रशिक्षण और उच्च तकनीकी दक्षता की आवश्यकता के कारण यह सुविधा वर्तमान में केवल चुनिंदा Cardiac Centres में ही उपलब्ध है।
इस सफलता के साथ AIIMS Deoghar झारखंड के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां यह अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। इससे देवघर तथा आसपास के जिलों के मरीजों को अब ऐसे उन्नत उपचार के लिए रांची, कोलकाता या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
Cardiology Department ने इस उपलब्धि के लिए AIIMS Deoghar के माननीय निदेशक महोदय के निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भविष्य में भी अनेक नई उपलब्धियां हासिल की जाएंगी तथा क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
