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केंद्र ने ‘पीएम राहत’ योजना शुरू की, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये का कैशलेस इलाज -

केंद्र ने ‘पीएम राहत’ योजना शुरू की, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये का कैशलेस इलाज

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नई दिल्ली // केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत’ (रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना की शुरुआत की है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना कार्यालय सेवा तीर्थ में स्थानांतरित होने के बाद अपने पहले ही फैसले में पीएम राहत योजना से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए। यह फैसला सरकार के इस वादे को दिखाता है कि सड़क दुर्घटना के बाद तुरंत मेडिकल मदद न मिलने से किसी की जान न जाए।

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सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा

मंत्रालय के अनुसार, देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होती हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामलों में यदि पीड़ित को दुर्घटना के पहले ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जान बचाई जा सकती है। योजना के तहत किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तथा गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की सुविधा दी जाएगी, जिसके लिए एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पुलिस प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।योजना को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) 112 हेल्पलाइन से जोड़ा गया है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट को टीएमएस 2.0 से जोड़ा जाएगा

दुर्घटना पीड़ित, ‘राह-वीर’ (गुड समैरिटन) या घटनास्थल पर मौजूद कोई भी व्यक्ति 112 पर कॉल कर निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकता है और एंबुलेंस सहायता का अनुरोध कर सकता है। इससे पुलिस, आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों के बीच त्वरित समन्वय सुनिश्चित होगा। यह योजना तकनीक आधारित ढांचे के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ईडीएआआर) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस 2.0) से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल में भर्ती, उपचार, दावा निपटान और भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल रूप से संचालित होगी।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।

अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (एमवीएएफ) से किया जाएगा। बीमित वाहन के मामलों में सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान से राशि दी जाएगी, जबकि बिना बीमा या हिट एंड रन मामलों में केंद्र सरकार के बजटीय प्रावधान से भुगतान होगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा। जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा नामित शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर/जिलाधिकारी/उपायुक्त करेंगे। सरकार ने कहा कि ‘पीएम राहत’ योजना यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को आर्थिक कारणों से जीवन रक्षक उपचार से वंचित न होना पड़े और देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिले।

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