Deoghar Nagar Nigam // देवघर नगर निगम में सफाईकर्मी की हड़ताल की वजह से नगर निगम क्षेत्र में कचरे का अंबार लग गया है। जहां तहां फैले कूड़े कचरे से आमलोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम के सफाईकर्मी ने ना सिर्फ कचरा उठाव को बंद किया है बल्कि कचरे को डस्टबिन से रोड पर फेंकने का काम किया जिससे और भी परेशानी बढ़ गई।
झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन पर बड़ा आरोप
सड़क पर कचरा फैलाने के मामले में यह भी आरोप है कि झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के नेता ने सफाईकर्मी को इस प्रकार का कृत करने के लिए उकसाया और शहर में गंदगी फैला कर गलत राजनीति करने का काम किया।
मेयर ने उठाया झाड़ू
देवघर नगर निगम के मेयर रवि कुमार राउत ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई करनी शुरू की । मेयर ने नगर निगम क्षेत्र के लोगों को साफ संदेश दिया उन्होंने कहा कि नगर हमारा है, इसकी जिम्मेदारी भी हमारी है। हड़ताली सफाईकर्मियों द्वारा मुख्य बाजारों में फैलाए गए कचरे के बीच जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, युवाओं, नगर के प्रबुद्ध नागरिकों तथा निगम अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

बाबा वैद्यनाथ की पवित्र नगरी की पहचान उसकी स्वच्छता, सुंदरता और सामाजिक एकता से है। नगर की गरिमा को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों ने मिलकर सफाई की जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि बयानों की नहीं, बल्कि साफ दिल और सकारात्मक सोच की पहचान ही समाज में व्यक्ति की वास्तविक छवि स्थापित करती है।
समाजसेवी सह फेडरेशन के संयोजक ने मांगी माफी
समाजसेवी सह झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के संयोजक बाबा बलियासे ने माफी मांगते हुए कहा कि जिस प्रकार से सफाईकर्मी के द्वारा सड़क पर कचरा को फैलाया कही ना कही फेडरेशन की गलती से ये सब हुआ और में संयोजक होने के नाते शहर के लोगों से माफी मांगता हूं। बाबा बलियासे भी झाड़ू उठाकर सफाई करते नजर आए ।

बाबा बलियासे ने क्या कहा
सफाई कर्मियों द्वारा जो गलती किया गया था उसका सुधार करते हुए मेन रोड पर फेके कचरे को समेट कर डस्टबिन में डाल दिया और समेट दिया है ।
आगे सवाल खड़े करते हुए कहा कि
सफाई कर्मी का भी परिवार है उनके भी बच्चे हैं और मैं उनके साथ हूँ और रहूँगा । कोई नौकरी करता है तो उसका EPF और PF कटता है । वो कहाँ है किसके जेब में है उसको जमा करने में इतना दिक्क़त कियूं??? । ये काम करते हैं आप को इनकी मजदूरी 10 तारीख तक देने में क्या दिक्क़त । और यदि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मजदूरी बढ़ोतरी की है वह बड़ा हुआ मजदूरी देने में क्या दिक्कत यही तीन साधारण मांग है क्या यह मांग नाजायज है ।
