जनता दरबार में स्कूल की समस्या उठते ही डीएसई को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
देवघर // जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड के जरका चंदना गांव में जमीन विवाद के कारण बंद पड़े राजकीयकृत मध्य विद्यालय को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने गंभीर रुख अपनाया है। जनता दरबार में मामला सामने आने के बाद उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यालय के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एक किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध किसी सरकारी भवन को चिन्हित कर वहां पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में सुनी गईं आम लोगों की समस्याएं
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन एवं मुआवजा, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास, राशन कार्ड और राजस्व से जुड़े मामलों की शिकायतें रखीं। कई मामलों का मौके पर ही संबंधित विभागों द्वारा समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों की जांच कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
मिशन वात्सल्य योजना से जोड़ने का निर्देश
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने एकल अभिभावक (Single Parent) के बच्चों को मिशन वात्सल्य योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। इस योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ, बेसहारा अथवा एकल अभिभावक वाले बच्चों को ₹4,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उनकी शिक्षा और पालन-पोषण सुचारु रूप से हो सके।
हर बुधवार प्रखंड और अंचल कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार
उपायुक्त ने सभी बीडीओ एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक बुधवार आयोजित होने वाले जनता दरबार में अधिक से अधिक मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की भौतिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
