झारखंड की आवाज

पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप और बेहतर सड़क नेटवर्क पर जोर -

पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप और बेहतर सड़क नेटवर्क पर जोर

राँची // परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया।

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इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च की प्रगति की विस्तृत समीक्षा…

रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आई.डी.टी.आर.) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।

वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके।

उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

इसी क्रम में धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र (Inspection & Certification Centre) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके।

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इन संस्थाओं की भूमिका को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, जनजागरूकता अभियान, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान एवं सुधार तथा नियमों के सख्त अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए।

गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना

मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।

गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944′ प्रारंभ होगी

इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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