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युवती की जहर देकर हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद, गोड्डा स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला -

युवती की जहर देकर हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद, गोड्डा स्पेशल कोर्ट ने सुनाया फैसला

11 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनवर अंसारी को ठहराया दोषी

BNS की धारा 69 में 7 साल की सजा, SC-ST एक्ट के तहत आजीवन सश्रम कारावास

दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान

गोड्डा // युवती को कथित रूप से जहर देकर हत्या करने के मामले में गोड्डा की विशेष अदालत ने आरोपी अनवर अंसारी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार पवन की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों और 11 गवाहों की गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी माना।

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अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दोषी पाते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, अदालत ने आरोपी को एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत भी दोषी माना। इस धारा के तहत अदालत ने उसे आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को चार महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश

अदालत ने अपने फैसले में दोनों धाराओं में दी गई सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है। इस कारण आरोपी को अलग-अलग सजा जोड़कर अतिरिक्त अवधि नहीं भुगतनी होगी। मामले में अदालत के फैसले के बाद आरोपी को जेल में ही सजा काटनी होगी।

मृतका की मां ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी

मामला गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोपी अनवर अंसारी सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के घटियारी गांव का रहने वाला बताया गया है।मामले में तसरिया गांव निवासी बड़ी पहाड़िन ने अपनी पुत्री की मौत को लेकर सुंदरपहाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि उसकी पुत्री को जहर देकर उसकी हत्या की गई।

गवाही और साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनायी।

अदालत के इस फैसले को मामले में न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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