देवघर // उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में पंचायती राज विभाग की एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की धरातलीय प्रगति को परखना और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना था। आगे बैठक के दौरान उपायुक्त ने 15वें वित्त आयोग के तहत आवंटित राशि के उपयोग, वर्ष 2024-2025 के चल रहे वित्तीय ऑडिट कार्य और पंचायतों में टाइट व अनटाइड मद से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए लंबित ऑडिट कार्यों को अविलंब पूरा करने का निर्देश दिया।
आपसी तालमेल,पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ करे कार्य
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंचायतों के चहुंमुखी विकास और ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल, पारदर्शिता और सेवा भावना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश: टाइट और अनटाइड मद के कार्य जल्द हों पूरे..इसके अलावा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि टाइट और अनटाइड मद से स्वीकृत व संचालित सभी प्रकार के निर्माण और विकास कार्यों को बिना किसी देरी के, निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वीकृत शत-प्रतिशत जलमीनारों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी जलमीनारें अभी अपूर्ण हैं या तकनीकी कारणों से बंद हैं, उन्हें युद्धस्तर पर काम कर जल्द से जल्द पूर्ण और क्रियाशील किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान
गांवों को ओडीएफ प्लस और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में उपायुक्त ने ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में कचरा प्रबंधन और कचरा डिस्पोजल के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत काम किया जाए। गीले और सूखे कचरे के सही निस्तारण के लिए डस्टबिन वितरण और प्रसंस्करण केंद्रों को सक्रिय करने की दिशा में तेजी से कार्य करने को कहा गया। इसके अलावा उपायुक्त ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों के उज्जवल भविष्य के मद्देनजर उपायुक्त ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग करते हुए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत और आकर्षक रंग-रोगन कराने की हिदायत दी। इसके साथ ही, पंचायतों में स्थापित ज्ञान केंद्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इन्हें और भी बेहतर व आधुनिक तरीके से सुसज्जित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन केंद्रों को इस प्रकार विकसित करें कि ग्रामीण बच्चे और युवा सही मायने में इसका लाभ उठा सकें और वहाँ बैठकर अपनी पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शांतिपूर्ण ढंग से कर सकें। आगे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंचायतों में रोस्टरवाईज 30 जून तक चल रहे आधार कैम्प में शत प्रतिशत शून्य से पांच वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। साथ ही जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों में प्रज्ञा केंद्र को एक्टिव करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को सुविधा मिले।
