झारखंड की आवाज

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रांची के होटल में फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर प्रिंस खान ने ली

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रंगदारी नहीं देने पर बम से उड़ाने की धमकी

रांची // झारखंड पुलिस के लिए कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान लगातार चुनौती बना हुआ है। विदेश में बैठकर वह झारखंड में अपने गिरोह का संचालन कर रहा है और अपराधियों के जरिए वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है।रांची के एक रेस्त्रां में शनिवार की रात हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी भी प्रिंस खान ने ली है। इसके साथ ही उसने रेस्त्रां संचालक को दोबारा धमकी देते हुए रंगदारी नहीं देने पर बम से हमला कराने की चेतावनी दी है।

ऑडियो मैसेज के माध्यम से गोलीबारी की जिम्मेदारी ली

पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र अंतर्गत लोधमा रोड स्थित कुतियातु चौक के पास बने होटल टीटॉस में शनिवार देर रात हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस घटना में होटल के कर्मचारी मनीष की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के कुछ घंटे बाद ही रेस्त्रां के संचालक के मोबाइल फोन पर प्रिंस खान का एक ऑडियो मैसेज आया, जिसमें उसने इस गोलीबारी की जिम्मेदारी ली। साथ ही उसने संचालक को धमकी देते हुए कहा कि यदि रंगदारी की रकम नहीं दी गई तो अगली बार उसके घर पर बम से हमला कराया जाएगा।

एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

बताया जाता है कि जिस रेस्त्रां में फायरिंग हुई, उसके मालिक राजकुमार गोप हैं। राजकुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को भी प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, जिसके बाद सुरक्षा के लिए उन्हें एक महीने तक बॉडीगार्ड भी दिया गया था। हालांकि कुछ दिन पहले ही सुरक्षा हटा ली गई थी। राजकुमार के अनुसार, अपराधियों का निशाना वही थे, लेकिन लगातार हुई फायरिंग में उनके रिश्तेदार और होटल कर्मचारी मनीष की मौत हो गई। इस घटना के बाद से उनका पूरा परिवार दहशत में है और सुरक्षा को लेकर चिंता में है।

प्रिंस खान का फिलहाल पाकिस्तान में होने की आशंका है

पुलिस सूत्रों के मुताबिक धनबाद के वासेपुर का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान फिलहाल पाकिस्तान में होने की आशंका है, जबकि इससे पहले वह दुबई में छिपा हुआ था। झारखंड पुलिस के प्रयासों के बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि वह विदेश में रहते हुए ही झारखंड में अपने गैंग के जरिए बड़ी वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है।

मामला दर्ज किया गया था और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

इधर घटना के बाद होटल संचालक और उनका परिवार पूरी तरह दहशत में है। राजकुमार ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में ही प्रिंस खान ने ऑडियो संदेश भेजकर उन्हें धमकी दी। मामले को लेकर पारस राणा, सिटी एसपी रांची ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी धमकी को लेकर मामला दर्ज किया गया था और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद को स्कॉर्ट कर रही पुलिस गाड़ी को बोलेरो ने मारी टक्कर, बाल बाल बचे लोग

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रामगढ़ // झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद को स्कॉर्ट कर रही रामगढ़ पुलिस की गाड़ी को एक बोलेरो ने विपरीत दिशा से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर तैनात लोग बाल बाल बच गए। इस घटना की पुष्टि करते हुए रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि मंत्री योगेंद्र प्रसाद रांची से अपने घर लौट रहे थे। रामगढ़ पुलिस की ओर से उन्हें स्कॉर्ट किया जा रहा था।

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ड्यूटी पर सब इंस्पेक्टर विकास कुमार मौजूद थे। उनके साथ चार जवान भी गाड़ी में थे। छत्तरमांडू में विपरीत दिशा से आ रही एक बोलेरो गाड़ी ने स्कॉर्ट गाड़ी को ठोक दिया। गाड़ी पर सवार सभी पुलिस पदाधिकारी और जवानों को हल्की चोटें आई हैं। सभी का प्राथमिक उपचार कराया गया है। बाद में दूसरी गाड़ी से मंत्री योगेंद्र प्रसाद को रजरप्पा क्षेत्र तक छोड़ा गया ।

Deoghar News महिला की मौत पर हॉस्पिटल में परिजनों का हंगामा

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देवघर // भीआईपी चौक के समीप स्थित सिटी केयर हॉस्पिटल में परिजनों का जोरदार हंगामा देखने को मिला । मिली जानकारी के अनुसार बरमसिया की एक वृद्ध महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद महिला का इलाज शुरू हुआ और परिजनों के अनुसार डॉक्टर की लापरवाही के वजह से एक वृद्ध महिला की मौत हो गई । परिजनों का आरोप है कि जब महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया उस समय सब कुछ नॉर्मल था । कुछ समय बाद हॉस्पिटल कर्मचारी द्वारा महिला को प्रॉब्लम की बात बताई नहीं उस समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था । परिजनों का यह भी आरोप है कि फोन करने के काफी देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचा। जिसके बाद परिजनों ने जोरदार हंगामा किया।

10 वर्षों से नहीं हुई JTET की परीक्षा कोर्ट ने मांगा जवाब , अभ्यर्थियों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

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परीक्षा स्थिति:

मौजूदा नियमों (2019) में संशोधन के कारण 2024 की अधिसूचना रद्द कर दी गई थी और अब नई नियमावली के तहत परीक्षा ली जाएगी। संभावित समय: जेपीएससी परीक्षा कैलेंडर और कोर्ट के आदेशों के अनुसार, परीक्षा 2026 के मार्च तक आयोजित हो सकती है।

देवघर // झारखंड में बीते 10 वर्षों से JTET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) की परीक्षा नहीं होने से झारखंड के हजारों युवा परेशान हैं। आज देवघर में अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित करने की मांग किया। प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2015-16 सत्र से ही हजारों अभ्यर्थी JTET परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस परीक्षा के आयोजन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

उम्र बढ़ रही है सरकार चुप बैठी है

इससे राज्य के लाखों युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धरना प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक बनने का सपना लेकर उन्होंने बीएड और अन्य शैक्षणिक योग्यताएं हासिल की हैं, लेकिन JTET परीक्षा नहीं होने के कारण वे आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर परीक्षा आयोजित होती तो अब तक हजारों युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल चुका होता। लेकिन हमलोग वर्षों से इंतजार कर रहे हैं सरकार भी चुप बैठी है।

मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया

आगे कहा कि झारखंड सरकार की लापरवाही के कारण हमलोगों की उम्र भी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा नहीं होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थियों ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को 31 मार्च तक JTET परीक्षा आयोजित करने को लेकर आदेश जारी किया है।

सरकार से जल्द परीक्षा कराने की मांग

धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी JTET परीक्षा का आयोजन बेहद जरूरी है। राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं होने से नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं।अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर जल्द से जल्द JTET परीक्षा आयोजित की जाती है तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

झारखंड पात्रता परीक्षा क्यों है जरूरी

झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक प्राध्यापकों) की नियुक्ति और पीएचडी में नामांकन की उम्मीदवारी के लिए झारखंड पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थी ही सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति और पीएचडी में नामांकन के लिए योग्य होंगे।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द JTET परीक्षा की अधिसूचना जारी कर परीक्षा की तिथि घोषित की जाए।

भूत सवार होने के शक में युवती को रस्सी से बांधकर झाड़-फूंक कराने ले गए परिजन

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पश्चिमी सिंहभूम // अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी क्षेत्र से अंधविश्वास से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवती को भूत सवार होने की आशंका जताकर उसके ही परिजनों ने रस्सी से बांध दिया और कथित तौर पर झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले गए।

युवती के व्यवहार में अचानक बदलाव परिजन परेशान

वे किस ओझा के पास गये, इसकी जानकारी परिजनों ने नहीं दी।घटना शनिवार रात नोवामुंडी क्षेत्र के तोड़े टोपा गांव है। मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी राजू दास की बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव आने की बात परिवार के लोग कह रहे हैं। युवती के भाई और भाभी का दावा है कि वह पिछले कुछ दिनों से असामान्य हरकतें कर रही थी। उनके अनुसार युवती अचानक घर से इधर-उधर भागने लगती थी और अजीब तरह से व्यवहार करती थी। इसी कारण उसे काबू में रखने के लिए कपड़े की रस्सी से उसकी कमर बांध दी गई थी।

मृत युवक की आत्मा युवती पर सवार होने का डर

परिजनों का यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले झिकपानी इलाके में एक युवक की मौत हुई थी। उन्हें शक है कि उसी मृत युवक की आत्मा युवती पर सवार हो गई है। इसी डर और अंधविश्वास के चलते परिवार के लोग उसे झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास ले जाने की बात कह रहे थे। जब युवती के भाई से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बहन के अचानक भागने और अनियंत्रित व्यवहार के कारण उसे रस्सी से बांधना पड़ा।

इस घटना के सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के आधुनिक समय में भी ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टर से इलाज कराना और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा जरूरी होता है।

राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल कर बंगाल को बदनाम किया जा रहा : ममता बनर्जी

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कोलकाता // पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के आयोजन स्थल को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नाराजगी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राष्ट्रपति के पद का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।कोलकाता के एस्प्लेनेड ईस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में चल रहे धरने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की गरिमा को जिस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है, वह शर्मनाक है।

हम राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं

उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें भाजपा की राजनीति और एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा, “हम राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, लेकिन आज जिस तरह से उन्हें भाजपा की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे खेद है, मैडम, मुझे आपका बहुत सम्मान है, लेकिन आप भाजपा के जाल में फंस गई हैं। ”मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्वारा यह आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार ने जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में लोगों को आने से रोकने के लिए छोटा स्थान दिया, यह पूरी तरह निराधार है।

हमारे पास भी अन्य काम हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राज्य सरकार का कार्यक्रम नहीं था और सरकार को इसके आयोजन की जानकारी भी नहीं थी। उन्होंने कहा, “यह राज्य सरकार का कार्यक्रम नहीं था। हमें केवल यह सूचना मिलती है कि राष्ट्रपति कब आएंगी और कब जाएंगी। हम अपनी ओर से व्यवस्थाएं करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अगर कोई रोज आएगा तो हर बार हम कैसे मौजूद रह सकते हैं? हमारे पास भी अन्य काम हैं। ”मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रपति का स्वागत करने नहीं जा सकीं क्योंकि वह आम लोगों के हित में विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में आयोजित धरने में शामिल थीं।

मणिपुर में आदिवासी समुदाय के खिलाफ अत्याचार हो रहे थे

तब इस पर विरोध क्यों नहीं किया गया

उन्होंने कहा, “भाजपा के लिए राष्ट्रपति प्राथमिकता हो सकती हैं, लेकिन मेरी प्राथमिकता आम लोग हैं। ”ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पर भी साधा निशाना ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासी समुदाय के विकास को लेकर राष्ट्रपति की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि जब मणिपुर में आदिवासी समुदाय के खिलाफ अत्याचार हो रहे थे, तब इस पर विरोध क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “जब दूसरे राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार होता है तो आप चुप रहते हैं। फिर पश्चिम बंगाल ही हमेशा निशाने पर क्यों रहता है?

राज्य प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की प्रोटोकॉल चूक नहीं हुई है

”बाद में रात 10:00 के करीब एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सिलीगुड़ी में आयोजित नवम अंतरराष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर राज्य प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की प्रोटोकॉल चूक नहीं हुई है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया।

आयोजन की तैयारियां पर्याप्त नहीं है इसकी जानकारी दी गई थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल संताल काउंसिल नामक एक निजी संस्था ने सिलीगुड़ी में आयोजित नवम अंतरराष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया था। उन्होंने बताया कि अग्रिम सुरक्षा समन्वय बैठक के बाद दार्जिलिंग जिला प्रशासन ने लिखित रूप से राष्ट्रपति सचिवालय को सूचित किया था कि आयोजन की तैयारियां पर्याप्त नहीं दिख रही हैं। यह चिंता दूरभाष के माध्यम से भी राष्ट्रपति सचिवालय को बताई गई थी।

स्वागत और विदाई राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा स्वीकृत सूची के अनुसार ही किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय की अग्रिम टीम ने 05 मार्च को स्थल का दौरा किया था और वहां व्यवस्थाओं की कमी के बारे में जानकारी भी दी गई थी, इसके बावजूद कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा। मुख्यमंत्री के अनुसार राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्तालय के पुलिस आयुक्त ने राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा स्वीकृत सूची के अनुसार ही किया।

उन्होंने कहा कि इस सूची में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का नाम न तो स्वागत क्रम में था और न ही मंच की योजना में शामिल था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा देश के सर्वोच्च पद का सम्मान न करते हुए उसे अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

खाड़ी संकट के बीच भारत सरकार सतर्क, 52 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे

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नई दिल्ली // पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की है

विदेश मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ दिनों में क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद कई वाणिज्यिक और विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इन उड़ानों के माध्यम से 01 से 07 मार्च के बीच 52,000 से अधिक भारतीय नागरिक खाड़ी देशों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से 32,000 से ज्यादा यात्रियों ने भारतीय एयरलाइनों की उड़ानों का उपयोग किया। आने वाले दिनों में और उड़ानों की योजना बनाई जा रही है। सरकार ने क्षेत्र में मौजूद भारतीयों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और भारतीय दूतावासों द्वारा जारी सलाह का पालन करने को कहा है। विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल रही है।

क्षेत्रीय सरकारों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जो प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की ओर से आने वाले प्रश्नों और सहायता अनुरोधों की निगरानी कर रहा है।सरकार ने कहा कि जहां वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध नहीं हैं, वहां भारतीय नागरिकों को अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है। भारत सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय सरकारों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

UIDAI News। अब आधार में एक बार में एक ही बदलाव करा सकेंगे

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रांची // यूआइडीएआइ ने नियमों में बदलाव करते हुए नया नियम नियम लागू कर दिया है। आधार कार्ड में अब एक बार में कोई एक ही बदलाव करा सकेंगे । अगर आप एक बार में कई काम कराते हैं, तो इसे रिजेक्ट कर दिया जा रहा है। ऑनलाइन मोड में एक साथ

  • नाम, जन्म तिथि और जेंडर में संशोधन नहीं करा सकेंगे।
  • एक साथ नाम, पता और मोबाइल नंबर में बदलाव भी नहीं करा सकेंगे।
  • एक बार में एक काम जैसे केवल नाम या पता या मोबाइल नंबर में बदलाव कराते हैं, तो आपका काम हो जायेगा।
  • अब नाम और जन्म तिथि, नाम और जेंडर, जन्म तिथि और जेंडर, जन्म तिथि, पता और मोबाइल नंबर, नाम, जन्म तिथि, जेंडर और मोबाइल नंबर, पता, जन्म तिथि, जेंडर और मोबाइल नंबर

एक साथ काम नहीं करा पायेंगे।

Hazaribag News। बड़कागांव हत्याकांड के सात आरोपित गिरफ्तार

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हजारीबाग // जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के नापोखुर्द गांव में 05 मार्च को एक स्कॉर्पियो से आठ लोगों को टक्कर मारने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। घटना के बाद स्कॉर्पियो पलट गई और उसमें सवार सभी लोग मौके से फरार हो गए। इस संबंध में बड़कागांव थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच और खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी का गठन किया गया।

ईंट भट्ठे के व्यापार को लेकर चल रहा था विवाद

घटना में शामिल सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि गठित टीम की जांच में सामने आया कि नापोखुर्द गांव में विकास कुमार का पहले विनोद साहू, संजय साहू और रोहित साहू के साथ ईंट भट्ठे के व्यापार को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद के कारण उनके बीच लगातार तनाव बना हुआ था। इसी विवाद के चलते विकास कुमार इन तीनों से काफी नाराज था। 04 मार्च को होली मनाने के लिए विकास कुमार रांची से अपने घर नापोखुर्द आया था।उस दिन भी विकास कुमार और विनोद साहू सहित अन्य लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। 05 मार्च को विकास कुमार ने अपने दोस्तों प्रभात कुमार, कुलदीप कुमार, दीपक तिवारी, पारस महतो उर्फ सिट्टन, घनश्याम कुमार, सूरज कुमार, संदीप कुमार और नागेंद्र गंझु के साथ शराब पी।

मारपीट के क्रम में घटनास्थल पर ही दो की मौत हो गई

इसके बाद, विनोद साहू से पुराने विवाद का बदला लेने के इरादे से लाठी, लोहे की रॉड और पाइप लेकर स्कॉर्पियो से निकले। रास्ते में उन्होंने देखा कि विनोद साहू अपने सात-आठ दोस्तों के साथ होली के पर डीजे बजाकर नाच-गा रहे थे।यह देखकर स्कॉर्पियो चला रहे विकास कुमार ने तेजी से गाड़ी उन पर चढ़ा दी। गाड़ी रोकने के बाद, विकास कुमार और उसके दोस्तों ने गाड़ी में रखे लाठी, लोहे की रॉड और पाइप से विनोद साहू और अन्य लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के क्रम में रोहित कुमार और प्रदीप कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने छापेमारी कर सात आरोपित को किया गिरफ्तार

इसके बाद विकास कुमार अपने साथियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर तेजी से भाग रहा था। इसी क्रम में गाड़ी अनियंत्रित होकर बिजली के खंबे में जा टकराया और गाड़ी पलट गई। इसके बाद सभी आरोपित किसी तरह गाड़ी से निकाल कर भाग गए। मामले में पुलिस की टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर शनिवार को आराेपित विकास कुमार, प्रभात कुमार, कुलदीप कुमार, दीपक तिवारी, पारसनाथ महतो उर्फ सिट्टन, घनश्याम कुमार, नागेंद्र गांझू को गिरफ्तार कर न्यायिक रियासत में भेज दिया।

अपराधियों के पास से तीन मोबाइल फोन एक लोहे का रड एक लोहे का पाइप और दो लाठी के साथ एक स्कॉर्पियो बरामद किया गया है।

रांची में 19 मार्च को महापौर के साथ 53 वार्ड पार्षद लेंगे शपथ

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रांची // रांची के नगर निकाय चुनाव में जीते प्रत्याशी 19 मार्च को उपायुक्त कार्यालय में शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में महापौर रोशनी खलखो समेत 53 वार्ड पार्षद शामिल होंगे। शपथ ग्रहण के साथ ही पार्षद अपने-अपने इलाकों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। शहर में जल संकट, साफ सफाई, सड़क, नाली निर्माण को रफ्तार दी जाएगी। शहरवासियों की सुविधाओं के लिए महापौर विकास कार्य को अंजाम देगी।

डिप्टी मेयर के लिए नाम वापसी का आधे घंटे का मिलेगा समय

डिप्टी मेयर का चुनाव 19 मार्च को ही होगा। सबसे पहले डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल की जाएगी। प्रत्याशी को आधे घंटे का समय नाम वापस लेने के लिए दिया जाएगा। इसी दिन चुनाव होगा और रिजल्ट की घोषणा होगी।

नगर निकाय चुनाव के बाद लोगों में खुशी का माहौल है। अब सीधे वार्ड पार्षद अपने वार्डो को स्मार्ट वार्ड बनाने पर जोर देगें। लोगों की जनसुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की बैठक में भाग लेंगे।

टोल प्लाजा पर स्थानीय वाहनों से टोल टैक्स का लोगों ने किया विरोध

दोपहिया वाहन, ऑटो और ट्रैक्टर से टोल नहीं वसूला जाएगा

पलामू // नेशनल हाईवे (एनएच)-39 दुबियाखांड़ टोल प्लाजा पर स्थानीय चारपहिया वाहनों से टोल टैक्स वसूली के विरोध में और जमीन अधिग्रहण मुआवजा भुगतान को लेकर स्थानीय लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन किया।

मौके पर लोगों ने कहा कि सड़क का निर्माण जब अधूरा है तो टोल टैक्स क्यों लिया जा रहा है। घटना में सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी लालजी और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

लिस्टिंग करके टोल नाके पर लगाया जाएगा

इस क्रम में निर्णय लिया गया कि सदर मेदिनीनगर प्रखंड क्षेत्र के जितने लोगों के पास चारपहिया निजी वाहन हैं वे अपना नाम, गाड़ी का नंबर और आधार कार्ड मुखिया के माध्यम से कंपनी के पास जमा करेंगे। इसकी लिस्टिंग करके टोल नाके पर लगाया जाएगा और इसके आधार पर ही टैक्स में छूट दी जाएगी। इसी तरह 50 से अधिक रैयतों के मुआवजा भुगतान को लेकर कोर्ट में भेजे गए मामले को वापस लिया जाएगा और उपायुक्त के माध्यम से मुआवजा भुगतान किया जाएगा। इसके लिए 5 दिनाें का समय दिया गया।

मांगों पर सहमति बनने पर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया।

इधर, जिला परिषद सदस्य पति अर्जुन सिंह ने बताया कि दोपहिया वाहन, ऑटो और ट्रैक्टर से टोल नहीं वसूला जाएगा। दोनों मांगों पर सहमति बनने पर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। मौके पर बताया गया कि निर्धारित अवधि में वाहनों की जानकारी कंपनी को दे दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सतबरवा- सदर प्रखंड के भोगू से गढवा रोड (रेहला) के शंखा तक 49 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसमें 42 किलोमीटर तक सड़क बन गई है। 07 किलोमीटर निर्माण को लेकर मुआवजा सहित अन्य मामला अटका हुआ है। इस बीच शनिवार से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है।

रांची उपायुक्त का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कर्मियों पर शो-कॉज का निर्देश

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रांची // होली अवकाश के बाद कार्यालयों में कार्य व्यवस्था को सुदृढ़ और अनुशासित बनाए रखने के उद्देश्य से रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

संध्या लगभग चार बजे के बाद उपायुक्त ने समाहरणालय ब्लॉक-ए के सभी कार्यालयों का निरीक्षण कर उपस्थित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और कार्यालय व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों से उनके कार्यों के बारे में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश भी दिए।

कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की भी जांच का निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की भी जांच की और निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी नियमानुसार अवकाश आवेदन प्रस्तुत करें। जिन कर्मचारियों के बारे में यह पाया गया कि वे कार्यालय प्रधान को पूर्व सूचना दिए बिना अनुपस्थित रहे, उनके विरुद्ध संबंधित कार्यालय प्रधानों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।

सभी कर्मियों पहचान पत्र अनिवार्य रूप से धारण करे

उपायुक्त की ओर से सामान्य शाखा के सहायक अर्जुन मुण्डा तथा जिला कल्याण शाखा के लनिता कुमार महतो और विकास जायसवाल को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी कर्मियों को पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अनिवार्य रूप से धारण करने और अपने-अपने टेबल पर नेमप्लेट प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। जिन कर्मचारियों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया था, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होने देने की हिदायत दी गई।

सभी कर्मचारी अनुशासित और जिम्मेदार तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करें

उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अनुशासित और जिम्मेदार तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इसके लिए कार्यालय प्रधानों को भी अपने अधीनस्थ कर्मियों की नियमित उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख, स्वच्छता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परिसर की स्वच्छता और हरियाली बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस मौके पर अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वरनाथ आलोक, उपसमाहर्ता नजारत सुदेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक तथा जिला पंचायती राज पदाधिकारी राजेश कुमार साहू सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

झारखंड के मंत्री-विधायकों को देशभर में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा: इरफान अंसारी

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रांची // झारखंड सरकार मंत्री, विधायक और पूर्व विधायकों के लिए नई स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत राज्य के जनप्रतिनिधियों और उनके परिवारों को देशभर में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नई व्यवस्था के तहत झारखंड के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और उनके परिवार के सदस्य देश के किसी भी हिस्से में बेहतर और कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

इसके लिए नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में लिया गया है, ताकि जनप्रतिनिधियों को देशभर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार इस व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति (रिइम्बर्समेंट) की व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे इलाज के दौरान आने वाले खर्च का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था अखिल भारतीय सेवा (चिकित्सा उपस्थिति) नियम, 1954 की तर्ज पर लागू की जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जनप्रतिनिधियों को इलाज के दौरान बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।

समय पर जांच और जल्द इलाज से कैंसर का इलाज संभव : डॉ. नम्रता

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महिला दिवस के उपलक्ष्य में कैंसर जागरूकता कार्यशाला, विशेषज्ञों ने नियमित जांच पर दिया जोर

रांची // अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मेकॉन लिमिटेड में महिला कर्मचारियों के लिए कैंसर जागरूकता विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मेकॉन के वूमेन इन पब्लिक सेक्टर (डब्ल्यूआईपीएस) फोरम की ओर से शनिवार को आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने भाग लिया।कार्यशाला में रांची की प्रसिद्ध स्तन कैंसर विशेषज्ञ डॉ. नम्रता महंसारिया ने महिलाओं को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण, संभावित जोखिम कारक और इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महिलाएं स्व-परीक्षण और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराए : डॉ. महांसारिया

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और शीघ्र निदान से कैंसर का सफल इलाज संभव है। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए और नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। डॉ. महांसारिया ने बताया कि शुरुआती चरण में स्तन कैंसर का पता चलने पर उपचार की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने महिलाओं को स्व-परीक्षण (सेल्फ एग्जामिनेशन) और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं में होने वाली अन्य सामान्य बीमारियों के बारे में भी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मेकॉन लिमिटेड के निदेशक (वाणिज्यिक) जेके झा ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में कैंसर, विशेष रूप से स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को समझाना है। उन्होंने महिलाओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और नियमित जांच कराने पर जोर दिया।

इस अवसर पर मेकॉन के निदेशक (परियोजना) राजीव खिलन और मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) डॉ. सतीश कुमार भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सुरक्षित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

Cyber Froud। इंस्टाग्राम पर लड़की से दोस्ती व्यापारी को पड़ा महंगा

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पानीपत // साइबर ठगों ने एक व्यापारी को 22 लाख रुपए का चूना लगा दिया। पीड़ित व्यापारी ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज करवाई है। ठगों ने व्यापारी को विश्वास में लेकर एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप में निवेश करवाया और जब मुनाफे की रकम लेने की बारी आई, तो संपर्क काट दिया।

ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से ठगी

सनौली रोड निवासी पंकज ने शनिवार काे पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात आभा शर्मा नाम की एक लड़की से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और गहरी दोस्ती हो गई। विश्वास जीतने के बाद लड़की ने पंकज को कमाई का लालच देना शुरू किया और एक ट्रेडिंग ऐप के बारे में बताया। लड़की की बातों में आकर पंकज ने उक्त ऐप पर पैसे निवेश करना शुरू कर दिया।

कैसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा

ठग युवती पंकज से सिर्फ वॉट्सएप कॉल के जरिए ही बात करती थी और उसे ज्यादा निवेश करने के लिए उकसाती रहती थी। पंकज ने किस्तों के जरिए कुल 22 लाख रुपए उस ऐप में बताए गए खातों में भेज दिए। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पंकज ने अपने निवेश किए हुए पैसे और मुनाफा वापस निकालने की कोशिश की।

ऐप के संचालकों और युवती के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज

ऐप के संचालकों और युवती ने पैसे देने के बजाय कभी 10 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत टैक्स जमा करने की बात कही। जब पंकज को शक होने पर उसने सख्ती से अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया और उसका सारा पैसा डूब गया। ठगी का अहसास होने पर पंकज ने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपीयों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।