झारखंड की आवाज

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रांची निकाय चुनाव मेयर पद के लिए रोशनी खलखो 11 हजार मतों से आगे

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रांची // रांची नगर निकाय चुनाव के मतों की गिनती राजधानी रांची के मनातु स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में प्रत्याशियों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच की जा रही है। मेयर पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो, 11495 मतों से आगे चल रही हैं। डेढ़ घंटे की देरी से शुरू हुई मतगणना में पहले राउंड में रोशनी को 41278 मत मिले हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी की ओर से समर्थित पूर्व मेयर रमा खलखो को 29783 मत ही मिले हैं।

देखिए कहां से कौन जीते

  • पहले राउंड में वार्ड संख्या 01 में नकुल तिर्की,
  • वार्ड 02 से सबिता कच्छप,
  • वार्ड 07 मीनू देवी,
  • वार्ड 19 में मेयर प्रत्याशी रौशनी खलखो की ननद गीता कुमारी,
  • वार्ड 20 में सुनील यादव,
  • वार्ड 25 से सुषमा राज,
  • वार्ड 26 में प्रदीप कुमार अग्रवाल,
  • वार्ड 31 में नीरज कुमार,
  • वार्ड 37 से परमेश्वर सिंह,
  • वार्ड 38 अवधेश ठाकुर,
  • वार्ड 48 में प्रदीप मिंज और
  • वार्ड 49 से जमीला खातून ने जीत दर्ज कर ली है।

हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है।

वहीं मतगणना केंद्रों के बाहर जीतने वाले प्रत्याशियों और समर्थकों में जश्न का माहौल है। वहीं अन्य प्रत्याशी और उनके समर्थक लगातार रुझानों पर नजर बनाए हुए हैं। पहले राउंड की गिनती के बाद अब दूसरे राउंड की गिनती शुरू हो गई है। वार्ड 2, 3, 8, 9, 10, 14, 15, 20, 21, 26, 27, 28, 32, 33, 39, 40, 43, 45, 49 और 50 की मतों की गिनती की जा रही है।

देवघर नगर निगम चुनाव

  • विजय वार्ड पार्षद प्रत्याशी
  • 1. संदीप कुमार
  • 2. प्रतिभा देवी
  • 3. राज किशोर राव
  • 4. पंकज कुमार
  • 5. टिप चटर्जी
  • 6. सीमा सिंह
  • 7. रुबी श्री
  • 8. मंजू देवी
  • 9. शर्बर शेख
  • 10. बुटनी देवी
  • 11. किरण वर्मा
  • 12. अनूप बरनवाल
  • 13. मृत्युंजय राउत
  • 14. भूषण दुबे
  • 15. दिलखुश कुमार
  • 16 माया देवी
  • 17 किरणकुमारी
  • वार्ड 18 शैलजा देवी विजय…
  • वार्ड 19 सोनी केशरी विजय
  • वार्ड 20 चांदनी चौधरी
  • वार्ड 21 भारती देवी विजय
  • वार्ड 22 अर्पणा देवी जीती
  • वार्ड 23 शैलेश चरण मिश्र

देवघर नगर निगम मेयर पद के द्वितीय राउंड के बाद नतीजे

  • प्रथम स्थान – रीता चौरसिया – 11452 मत
  • दूसरा स्थान – रवि राउत – 9083 मत
  • तीसरा स्थान – उमाशंकर सिंह – 4529 मत
  • चौथा स्थान – नागेंद्र नाथ बलियासे – 4389 मत

2369 मतों से भाजपा समर्थित उम्मीदवार रीता चौरसिया आगे 2787 मत हुए निरस्त

रांची मेयर चुनाव में रोशनी खलखो देखिए देवघर से कौन आगे

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झारखंड नगर निगम चुनाव// रांची मेयर चुनाव में रोशनी खलखो लगभग 12 हज़ार वोटों से आगे चल रही है।

देवघर मेयर पद में रीता चौरसिया 2300 वोट से आगे दूसरे नंबर पर रवि राउत
पहले राउंड 1 वार्ड से वार्ड 9 तक के गिनती में बीजेपी समर्थित रीता चौरसिया आगे है वही जेएमएम समर्थित रवि राउत दूसरे स्थान पर आगे मतगणना जारी…

दुमका नगर पंचायत अध्यक्ष बासुकीनाथ के अध्यक्ष पद का चुनाव वीणा देवी ने जीता।

रामगढ़ नगर परिषद चुनाव : 10 वार्डों के प्रत्याशियों की जीत की घोषणा

रामगढ़ नगर परिषद चुनाव की मतगणना के दौरान विभिन्न वार्डों के प्रत्याशियों की जीत की घोषणा कर दी गई। मतगणना केंद्र से परिणाम सामने आते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और उन्होंने गुलाल लगाकर जीत का जश्न मनाया।घोषित परिणामों के अनुसार,

  • वार्ड नंबर 1 से विशेश्वर बेदिया,
  • वार्ड 2 से मुंशी मांझी,
  • वार्ड 3 से रंजीत कुमार पासवान,
  • वार्ड 4 से अरुण कुमार कुशवाहा, वार्ड
  • 5 से पवन यादव, वार्ड
  • 6 से संदीप साहू,
  • वार्ड 7 से अविनाश उपाध्याय,
  • वार्ड 8 से राहुल कुमार उर्फ सोनू साहू,
  • वार्ड 9 से बुल्लू देवी,
  • वार्ड 10 से लक्ष्मी देवी,
  • वार्ड 11 से फरहत अनीस तथा
  • वार्ड 13 से रंजीत पासवान को विजयी घोषित किया गया।
  • वहीं वार्ड नंबर 16 से मीना कुमारी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थीं

। उन्हें अब जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।जीत की घोषणा के बाद मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने अबीर-गुलाल लगाकर और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। चुनाव परिणामों को लेकर पूरे नगर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

नगर निगम चुनाव का अपडेट कौन कहां से आगे

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देवघर// नगर निगम वार्ड 1 से 8 तक का परिणाम

  • 1 संदीप विश्वकर्मा
  • 2 प्रतिभा देवी
  • 3 राजकिशोर मंडल
  • 4 पंकज पासवान
  • 5 टिप चटर्जी
  • 6 सीमा सिंह
  • 7 रूबी कुमारी
  • 8 मंजू देवी

ने जीत दर्ज की है अधिकारी घोषणा बाकी

कोडरमा जिले के तीन नगर निकाय के परिणाम

जिले के तीन नगर निकाय कोडरमा नगर पंचायत, झुमरीतिलैया नगर परिषद और डोमचांच नगर पंचायत के मतों की गिनती की जा रही है। अब तक डोमचांच और कोडरमा के सात वार्ड का परिणाम सामने आया है।

  • डोमचांच के वार्ड पार्षद में 1 से रंजीत साव,
  • दो से सुनीता,
  • तीन से गुड़िया देवी,
  • चार से अजय साव,
  • पांच में कोई नहीं,
  • छह से शिवा सिंह,
  • सात से मंजू देवी के जीतने की खबर है।

वहीं कोडरमा नगर पंचायत में वार्ड नंबर से

  • एक सचिन कुमार,
  • वार्ड नंबर दो से रफत शाहीन,
  • वार्ड नंबर तीन से रजिया खातून,
  • वार्ड नंबर 4 गूंजा देवी, वार्ड नंबर
  • पांच से अहमद रजा,
  • वार्ड छह से रेणु देवी,
  • वार्ड सात से साहिद हुसैन

के जीतने की खबर है। डोमचांच से अध्यक्ष पद पर उमेश वर्मा लगभग सात सौ वोट से आगे हैं।

झारखंड के 48 नगर निकायों में मतों की गिनती शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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रांची // झारखंड के 48 नगर निकाय चुनाव के मतों की गिनती शुक्रवार सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। 1,309 काउंटिंग टेबल पर एक साथ मतगणना हो रही है।वहीं, रांची नगर निगम चुनाव की मतगणना सुकुरहुटू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है।

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अधिकांश निकायों के नतीजे देर शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे। बड़े निकायों में मतों की संख्या अधिक होने के कारण कुछ स्थानों पर अंतिम परिणाम शनिवार तक आ सकते हैं।राज्य चुनाव आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने शुक्रवार को बताया कि मतों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है।उल्लेखनीय है कि 23 फरवरी को झारखंड के 48 नगर में निकायों में मतदान हुआ था।

देवघर नगर निगम चुनाव का मतगणना कार्य प्रारंभ ….

देवघर// देवघर नगर निगम हेतु जिला राइफल शूटिंग भवन देवघर कॉलेज एवं मधुपुर नगर परिषद के लिए महिला महाविद्यालय मधुपुर हेतु सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से सुबह 08 बजे से मतगणना कार्य सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति में चालू है।

1 से 36 वार्ड के लिए 36 टेबल जिसमें 172 मतदान केंद्र जो 5 चक्र में चलेगी

साथ ही मतगणना हेतु देवघर नगर निगम 1 से 36 वार्ड के लिए 36 टेबल जिसमें 172 मतदान केंद्र जो 05 चक्र में चलेगी। साथ ही मधुपुर नगर परिषद 1 से 23 वार्ड के लिए 10 टेबल जिसमें 46 मतदान केंद्र जो 05 चक्र में चलेगी।

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आगे उन्होंने जानकारी दी कि देवघर नगर निगम 172 मतदान केंद्र के लिए 36 मतगणना पर्यवेक्षक, 36 प्रथम गणन सहायक एवं 36 द्वितीय गणन सहायक कुल 108 कर्मी उपस्थित है। साथ ही मधुपुर नगर परिषद 46 मतदान केंद्र के लिए 10 गणना पर्यवेक्षक, 10 प्रथम गणन सहायक एवं 10 द्वितीय गणन सहायक कुल 30 कर्मी उपस्थित रहेंगे। वहीं सुरक्षित 50% हेतु 18+5 गणना टेबल के लिए 23 गणना पर्यवेक्षक, 23 प्रथम गणन सहायक एवं 23 द्वितीय गणन सहायक कुल 69 कर्मी उपस्थित है। ऐसे में देवघर नगर निगम एवं मधुपुर नगर परिषद हेतु 207 कर्मी मतगणना हॉल में कार्यरत हैं।

धनबाद नगर निगम को छोड़कर शेष सभी नगर निकायों के परिणाम आज देर शाम तक घोषित हो जाएंगे

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रांची // झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत मतगणना की प्रक्रिया 27 फरवरी को सुबह ०8 बजे से शुरू होगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने गुरुवार देर रात मतगणना स्थल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया और कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, गंभीरता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए।

प्रत्याशियों के एजेंटों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी

जिला प्रशासन की ओर से मतगणना के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिसमें सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, मीडिया कक्ष, कंट्रोल रूम सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। प्रत्याशियों के एजेंटों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश- मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए निर्वाची पदाधिकारी (रिटर्निंग अधिकारी) की ओर से जारी किया गया पहचान पत्र अनिवार्य होगा।- प्रत्याशियों के एजेंटों को अलग से फोटो युक्त पहचान पत्र साथ रखना भी अनिवार्य है।- मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा।

मतगणना से मतगणना के परिणाम के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने का आदेश

उपायुक्त ने कहा कि मतगणना की प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कदम उठाए गए हैं। सभी एजेंटों, प्रत्याशियों और अन्य संबंधित पक्षों से अपील की गई है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। उपायुक्त ने कहा क़ि मतगणना से मतगणना के परिणाम के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों की ओर से कोई भी घटना को अंजाम नहीं दिया जा सके। मतगणना स्थल पर भी पर्याप्त संख्या में पुलिस फ़ोर्स मजिस्ट्रेट के प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी तत्वों पर जिला प्रशासन की पैनी निगाहें है।

मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी।

इस दौरान उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राजेश्वर नाथ आलोक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं, राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में मतगणना 27 फरवरी को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए व्यापक व्यवस्था की है, जिसमें मतगणना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी।

राज्य भर में कुल 1309 टेबलों पर एक साथ मतगणना होगी।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि धनबाद नगर निगम को छोड़कर शेष सभी नगर निकायों के परिणाम 27 फरवरी को ही देर शाम तक घोषित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतगणना को लेकर सभी जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राज्य भर में कुल 1309 टेबलों पर एक साथ मतगणना होगी। पार्षद और मेयर-अध्यक्ष दोनों पदों के मतों की गिनती एक साथ की जाएगी। मतगणना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतगणना स्थलों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

नाबालिग अपहरण मामले में दो दोषियों को 9-9 साल की सजा, चार आरोपित बरी

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Court News

सुपौल // जिले में नाबालिग अपहरण के एक चर्चित मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दुबे की अदालत ने दो आरोपिताें को दोषी करार देते हुए 9-9 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

लौकहा थाना में दर्ज मामले और पॉक्सो से जुड़े इस मामले में न्यायालय ने अनिल कुमार (22) एवं शशि शर्मा (31) को भारतीय दंड संहिता की धारा 366 एवं 366(ए) के तहत 9 वर्ष का कठोर कारावास तथा 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इसके अतिरिक्त दोनों दोषियों को भादवि की धारा 363 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा विचारण अवधि में जेल में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत समायोजित किया जाएगा।

12 गवाहों ने न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराया।

गौरतलब है कि न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 24 फरवरी को ही दोषी करार दिया था। सुनवाई के दौरान कुल 12 गवाहों ने न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी ने प्रभावी ढंग से पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रवीण मेहता ने दलीलें प्रस्तुत कीं।

साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने 4 आरोपी बरी

इस मामले में नामजद अन्य चार अभियुक्त—अशोक शर्मा, लक्ष्मी कुमारी, ननकी देवी एवं कंचन देवी—को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया। वहीं पीड़िता को न्याय दिलाते हुए अदालत ने एक लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का भी आदेश पारित किया है।

दिल्ली दंगा मामले में तीन आरोपित कोर्ट से बरी , 53 की हुई थी मौत

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नई दिल्ली // कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण कुमार सिंह ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के तीन आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया है।कोर्ट ने सागर, देवेंद्र गौतम और अनमोल को बरी करने का आदेश दिया है। तीनों पर दंगा करने, आगजनी करने, डकैती और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

अभियोजन पक्ष ने पीडब्ल्यूडी विभाग के सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाया था

कोर्ट ने तीनों को बरी करते हुए कहा कि इनके खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका, जिससे उनका दोष साबित हो।दिल्ली पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपित 25 फरवरी, 2020 को सोनिया विहार इलाके के पास मिलन गार्डन में दंगा करने वाली भीड़ का हिस्सा थे। इस मामले में सोनिया विहार थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 149, 188, 427, 435, 436, 380 और 395 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। अभियोजन पक्ष ने पीडब्ल्यूडी विभाग के सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाया था। इस फुटेज को हार्ड डिस्क में रखा गया था, जिसे बाद में फोरेंसिक लेबोरेटरी भेजा गया था। फोरेंसिक लेबोरेटरी की रिपोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।

साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी का उल्लंघन..

कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य दोषपूर्ण था और उसे ट्रायल के दौरान दोबारा पेश करने की अनुमति देना साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे में वीडियो फुटेज को साक्ष्य के तौर पर मान्यता नहीं दी जा सकती है। बता दें कि, फरवरी, 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब 200 लोग घायल हो गए थे। (हि.स.)

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा मामले में सीबीआई और एसआईटी से मांगी चार्जशीट

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नई दिल्ली// उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मणिपुर हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य विशेष जांच दल (एसआईटी) को पीड़ितों और उनके परिवारों को चार्जशीट की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीबीआई जांच की निगरानी कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी दत्तात्रेय पदसालगिकर की ओर से दाखिल ताजा स्टेटस रिपोर्ट पर गौर करने के बाद ये आदेश दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सीबीआई ने मणिपुर हिंसा के 20 मामलों में चार्जशीट दाखिल की है और छह मामलों की जांच अभी जारी है।

जस्टिस गीता मित्तल कमेटी की सिफारिशें जल्द लागू करे

कोर्ट ने 13 फरवरी को सीबीआई से जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया था कि अब मणिपुर या गुवाहाटी उच्च न्यायालय इन मामलों की निगरानी करें। कोर्ट ने कहा था कि अब मणिपुर उच्च न्यायालय में नये चीफ जस्टिस आ गए हैं, इसलिए वे स्थानीय हालात को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वो पीड़ितों के पुनर्वास के लिए बनी जस्टिस गीता मित्तल कमेटी की सिफारिशें जल्द लागू करे। उच्चतम न्यायालय ने जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता में बनी कमेटी पीड़ितों के पुनर्वास और उनके कल्याण के लिए बनाई थी।

मणिपुर में मई, 2023 में शुरु हुई हिंसा में अब तक 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं

इस कमेटी में जस्टिस गीता मित्तल के अलावा जस्टिस शालिनी जोशी और जस्टिस आशा मेनन को शामिल किया था। कोर्ट ने सीबीआई जांच की निगरानी के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी दत्तात्रेय पदसालगिकर को नियुक्त किया था। मणिपुर में मई, 2023 में शुरु हुई हिंसा में अब तक 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इस हिंसा में हजारों लोग बेघर हुए और कई घायल हो गए। यह हिंसा तब भड़की जब मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर कमेटी के लिए केंद्र से मांगे पर्यावरण विशेषज्ञों के नाम

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वो विशेषज्ञों की राय लेगी कि क्या अरावली इलाके में खनन की इजाजत दी जा सकती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से विशेषज्ञों का नाम सुझाने को कहा।कोर्ट ने कहा कि वो विशेषज्ञों से पूछेगी कि अगर अरावली इलाके में खनन की इजाजत दी जा सकती है, तो किस हद तक। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग कौन करेगा। कोर्ट ने मामले में पेश वकीलों से भी कहा कि वे कमेटी बनाने के लिए विशेषज्ञों का नाम सुझाएं।

100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली मानने की बात कही गई..

कोर्ट विशेषज्ञों की राय का पूरी तरह आकलन करेगा, जिसमें अरावली हिल्स और अरावली रेंज की परिभाषा 100 मीटर की ऊंचाई की सीमा का असर शामिल होगा। कोर्ट इस बात पर भी विचार करेगा कि क्या पहाड़ियों के बीच 500 मीटर के अंतराल में पर्यावरण का नुकसान किए बिना नियंत्रित खनन की इजाजत दी जा सकती है। कोर्ट ने साफ किया कि अरावली को लेकर पहले दिए गए उस आदेश पर लगी रोक जारी रहेगी, जिसमें 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली मानने की बात कही गई थी।

संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर सुनवाई 6 अप्रैल को

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नई दिल्ली // राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले में हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर सुनवाई 6 अप्रैल को करने का आदेश दिया है। स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने ये आदेश दिया।

उसके खिलाफ मनी लाऊंड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है।

सुनवाई के दौरान गुरुवार काे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कहा गया कि पूरक चार्जशीट के लिए संज्ञान लेने से पहले नोटिस जारी करना जरुरी नहीं है। पूरक चार्जशीट दिसंबर, 2025 में दाखिल किया गया था। इसके पहले सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा की ओर से कहा गया था कि उसके खिलाफ मनी लाऊंड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।

ईडी की याचिका को खारिज करने की मांग की थी

इस मामले में ईडी ने जवाब दाखिल कर संजय भंडारी की इस दलील का विरोध किया है कि संपत्तियों को जब्त करने की याचिका खारिज की जाए। 4 अक्टूबर, 2025 को संजय भंडारी ने संपत्तियों को जब्त करने की ईडी की याचिका को खारिज करने की मांग की थी। संजय भंडारी ने कहा था कि ईडी को अपनी याचिका में नये तथ्यों को पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है जो अभी लंबित है।

कोर्ट ने 5 जुलाई को संजय भंडारी को मनी लांड्रिंग मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था। ईडी की ओर से कहा गया था कि संजय भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में बेनामी संपत्तियां हैं। दिल्ली के वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कांप्लेक्स और शाहपुर जाट के अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी बेनामी संपत्तियां हैं। इसके अलावा कई बैंक खाते संजय भंडारी की पत्नी के नाम से है। ईडी ने कहा था कि संजय भंडारी के पास 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। कोर्ट के इस फैसले का संजय भंडारी की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है जो अभी लंबित है।

संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं।

कोर्ट ने दिसंबर, 2023 में ईडी की ओर से संजय भंडारी के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। पूरक चार्जशीट में संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेसमैन सीसी थम्पी और ब्रिटेन स्थित व्यवसायी सुमित चड्ढा का नाम शामिल किया है। उनमें से संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं। ईडी के मुताबिक उसने सुमित चड्ढा और उनकी पत्नी को समन जारी किया था लेकिन दोनों जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।

एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है।

ईडी के चार्जशीट में कहा गया है कि यूपीए के शासनकाल में भंडारी ने कमीशन लिया और लंदन में संपत्ति खरीदी जिसके लाभार्थी मालिक रॉबर्ट वाड्रा हैं। रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी के आरोपों को गलत बताया था। इस मामले में पहले ईडी ने हथियार डीलर संजय भंडारी के मनी लांड्रिंग मामले में दक्षिण दिल्ली में पंचशील पार्क में पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित संपत्ति को कब्जे में लिया था जो कि एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है। ईडी ने 2017 में भंडारी और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

एसआईआर के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट ने झारखंड-ओडिशा से 200 न्यायिक अधिकारियों की मांग की

कोलकाता // कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य को तेज़ करने के लिए झारखंड और ओडिशा से 100-100 न्यायिक अधिकारियों की मांग की है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी राज्यों से न्यायिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की अनुमति दी गई थी।

औपचारिक पत्र भेजकर 200 न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकता से अवगत कराया।

अदालत के सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट ने गुरुवार को झारखंड और ओडिशा के संबंधित प्राधिकरणों को औपचारिक पत्र भेजकर 200 न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकता से अवगत कराया। शीर्ष अदालत ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच समन्वय की कमी पर चिंता जताई थी। साथ ही, आंकड़ों में पाई गई विसंगतियों को दूर करने के लिए हाई कोर्ट के हस्तक्षेप को आवश्यक बताया था।निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार तक एसआईआर कार्य के लिए 532 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिनमें से 273 ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि, कार्य का दायरा व्यापक होने के कारण अतिरिक्त अधिकारियों की जरूरत महसूस की जा रही है।

राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की

सुप्रीम कोर्ट ने आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी अनुमति दी है। इस बीच, मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे, कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार और विशेष रोल पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता मौजूद रहे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि

करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में तय किया गया कि 21 फरवरी की मध्यरात्रि तक दर्ज तथ्यों को अंतिम माना जाएगा और आयोग गुरुवार को अंतिम आंकड़े साझा करेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पश्चिम बंगाल के शेष न्यायिक अधिकारियों के लिए लॉगिन आईडी गुरुवार शाम तक जारी कर दी जाएगी। झारखंड और ओडिशा से आने वाले अधिकारियों के आवास और भोजन की व्यवस्था भी अंतिम रूप से तय कर ली गई है।

14 फरवरी तक प्राप्त लेकिन आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए…

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 28 फरवरी तक उपलब्ध कार्य के आधार पर मतदाता सूची प्रकाशित की जाए, जबकि बाद में चरणबद्ध प्रकाशन की गुंजाइश रहेगी। साथ ही, 14 फरवरी तक प्राप्त लेकिन आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए सभी दस्तावेज गुरुवार शाम तक एसआईआर में लगे न्यायिक अधिकारियों को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्वाचन आयोग अब प्रतिदिन न्यायिक अधिकारियों के कार्य की प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगा।

फ्रांसीसी अदालत ने ईरानी महिला को ‘आतंकवाद के समर्थन’ मामले में एक साल की सजा सुनाई

पेरिस // फ्रांस की एक अदालत ने ईरान की नागरिक महदीयेह एस्फंदियारी को आतंकवाद का समर्थन करने से जुड़े मामले में एक वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। 39 वर्षीय एस्फंदियारी को सजा के साथ-साथ फ्रांस की सरजमीं पर स्थायी प्रतिबंध (परमानेंट बैन) भी लगाया गया है। अदालत में मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों के अनुसार, यह मामला उन बयानों से जुड़ा है जिन्हें न्यायालय ने आतंकवादी गतिविधियों के समर्थन या औचित्य ठहराने की श्रेणी में माना। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि ऐसे बयान फ्रांस के आतंकवाद-रोधी कानूनों का उल्लंघन करते हैं। विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह मामला कूटनीतिक स्तर पर भी संवेदनशील हो सकता है। कुछ विश्लेषकों के अनुसार, एस्फंदियारी को ईरान में हिरासत में रखे गए दो फ्रांसीसी नागरिकों सेसिल कोहलर और जैक्स पेरिस की रिहाई से जुड़ी संभावित बातचीत में एक ‘बातचीत के कार्ड’ के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। (हि.स.)

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली

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नई दिल्ली // उच्चतम न्यायालय ने लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी अंजलि की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 10 मार्च तक टाल दिया है। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वो होली की छुट्टियों के दौरान वांगचुक के भाषणों से संबंधित वीडियो देखेंगे। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के आईटी रजिस्ट्रार से कहा है कि वे होली की छुट्टियों के दौरान पेन ड्राईव के वीडियो देखने का इंतजाम करें। कोर्ट ने कहा कि वो वीडियो देखने के बाद 10 मार्च को इस मामले पर सुनवाई पूरी कर लेंगे। उच्चतम न्यायालय ने 16 फरवरी को जोधपुर जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि वो सोनम वांगचुक को हिरासत के दौरान दी गई पेन ड्राईव सीलबंद कर कोर्ट में दाखिल करें।

हिरासत में लेने के 28 दिन बाद उनको हिरासत में लेने के आधार नहीं बताए गए

उच्चतम न्यायालय ने इस बात का संदेह जताया था कि केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक के भाषणों से संबंधित जो ट्रांसक्रिप्ट दी है उसके अनुवाद में काफी फर्क है। सुनवाई के दौरान 8 जनवरी को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चौरी-चौरा कांड का जिक्र करते हुए कहा था कि हिंसा के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तत्काल वापस ले लिया था। आपको याद होगा कि गांधीजी ने भी ऐसा ही किया था। जब चौरी-चौरा की घटना के बाद हिंसा हुई थी, तो उन्होंने भी बिल्कुल वैसा ही किया था। कपिल सिब्बल ने कहा कि हिरासत में लेने के 28 दिन बाद उनको हिरासत में लेने के आधार नहीं बताए गए, जो कानूनी समय-सीमा का साफ उल्लंघन है। सिब्बल ने कहा कि कानून यह है कि जिन दस्तावेज के आधार पर हिरासत में लिया गया है अगर आरोपित को उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो हिरासत का आदेश रद्द हो जाता है। उच्चतम न्यायालय ने अपने कई फैसलों में यह बात कही है।

एशिया का सबसे बड़ा बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करेगी सरकार : शिल्पी

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रांची // सदन में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को कहा कि रांची के कांके में एशिया का सबसे बड़ा और एकमात्र स्थापित सरकारी बेकन फैक्ट्री को खोलने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री झारखंड विधानसभा में बजट के कटौती प्रस्ताव पर जवाब दे रही रही थीं। उन्होंने कहा कि कभी देश दुनिया में रैनबैक ब्रांड की पहचान थी। यहां से निर्मित पोर्क, कबाब, सलामी और सॉसेज जैसे उत्पाद नॉर्थ ईस्ट के देशों तक भेजे जाते थे। उन्होंने सदन में विपक्षी सदस्य नवीन जायसवाल की ओर से लाए गए आंकड़ों को भ्रामक बताया।

किसानों को 10 करोड़ रुपये यूपीआई माध्यम से सीधे भुगतान किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि विभाग ने अब तक 67 प्रतिशत राशि खर्च कर ली है और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 80-90 प्रतिशत व्यय का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि धान खरीदारी के तहत 21,800 किसानों को 10 करोड़ रुपये यूपीआई माध्यम से सीधे भुगतान किए गए हैं। मिलेट मिशन योजना के आंकड़े भी सदन को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देशी मांगुर मछली पर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में कई एफआईआर दर्ज किए गए हैं।एमएसपी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के बोनस में बढ़ोतरी को तैयार है, लेकिन इसपर केंद्र सरकार का रुख देखना होगा।

पांच लाख से अधिक किसानों को ऋण स्वीकृत किया गया

मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में महिला किसान सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। पांच लाख से अधिक किसानों को ऋण स्वीकृत किया गया है। करंज तेल के माध्यम से ग्रीन इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग तीन लाख लीटर दूध उत्पादन हो रहा है, जिसे दोगुना करने का लक्ष्य है।इसके बाद स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।