झारखंड की आवाज

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पूर्वी सिंहभूम में चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग

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पूर्वी सिंहभूम // जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-18 पर मुड़ाकाटी चौक के समीप शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जमशेदपुर से भुवनेश्वर जा रही ‘शांतिलता’ नामक स्लीपर बस अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में सवार यात्रियों की जान बस चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण बच सकी।

अधिकांश यात्री स्लीपर बर्थ पर विश्राम कर रहे थे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस सामान्य गति से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी और अधिकांश यात्री स्लीपर बर्थ पर विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान मुड़ाकाटी चौक के पास चालक को बस के भीतर से जलने की तेज गंध और धुआं उठता महसूस हुआ। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया।बस रुकते ही चालक ने जोर-जोर से आवाज लगाकर यात्रियों को तत्काल नीचे उतरने को कहा। अचानक हुई इस घोषणा से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन चालक और परिचालक की मदद से सभी यात्री जल्द ही बस से बाहर निकल आए। बताया जाता है कि अंतिम यात्री के उतरते ही आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।

इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आलीशान स्लीपर बस पूरी तरह जल चुकी थी और केवल उसका ढांचा ही बचा था। हालांकि इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

घटना का कारण तकनीकी खराबी …..

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान तकनीकी खराबी की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। स्थानीय लोगों ने बस चालक की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता ने कई जिंदगियां बचा लीं।

Cyber Crime News। साइबर ठगी का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

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देवघर // जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सारवां थाना क्षेत्र से तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपाधीक्षक राजा कुमार मित्रा के नेतृत्व में 20 फरवरी को की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सारवां थाना क्षेत्र के घोरपरास जंगल में कुछ लोग फर्जी कस्टमर केयर बनकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को मौके से पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को फ्लिपकार्ट, अमेजन, फोनपे, पेटीएम और एयरटेल पेमेंट बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। वे गूगल पर फर्जी नंबर डालकर संपर्क करते और पीएम किसान योजना, एसबीआई क्रेडिट कार्ड या कैशबैक का लालच देकर लिंक भेजते थे। इसके जरिए गिफ्ट कार्ड बनवाकर या रिडीम कराकर रकम हड़प ली जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करमुद्दीन अंसारी (28), सुमन कुमार दास (25) और अरुण कुमार दास (24) के रूप में हुई है। इनके पास से चार मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। छापेमारी दल में साइबर थाना देवघर और सारवां थाना की पुलिस टीम शामिल थी। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

ट्रक की चपेट में आने से अधेड़ की मौत मामले में ड्राइवर को मिली जमानत

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देवघर // कुंडा थाना क्षेत्र में पांडेय दुकान के समीप सड़क दुर्घटना में कृष्ण मंडल की मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक गगन यादव को गिरफ्तार कर लिया। ट्रक ड्राइवर को शनिवार को कोर्ट में पेशी की गई। जिसके बाद कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया गया। आरोपी चालक बिहार के जमुई जिला अंतर्गत चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के कैरोन गांव का रहने वाला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह पांडेय दुकान के समीप उस समय यह हादसा हुआ, जब कृष्ण मंडल सब्जी लेकर स्कूटी से घर लौट रहे था । ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की तभी सामने से रही पिकअप गाड़ी को देख घबरा गए और ट्रक की चपेट में आ गया। घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गया । उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया था। मृतक के पुत्र संतोष मंडल ने अज्ञात चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

सीसीटीवी व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से चालक की हुई पहचान

पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान व तकनीकी साक्ष्यों से ट्रक की पहचान कर चालक गगन यादव को गिरफ्तार कर लिया।

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

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पश्चिमी सिंहभूम // जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पोक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

यह मामला कुमारडुंगी थाना से संबंधित है। यह घटना कुलाबुरू गांव के टोला लोबरीसाई की है, जहां साण्डी हेस्सा उर्फ डेके हेस्सा पर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का आरोप दर्ज कराया गया था। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

अनुसंधान के दौरान पुलिस टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का संकलन किया। मेडिकल जांच, पीड़िता का बयान और साक्ष्य सहित सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित कर सुदृढ़ आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। मामले की सुनवाई पोक्सो केस संख्या 15/2022 के रूप में अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय संतोष आनंद की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किया। बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया और अभियुक्त को पोक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत दोषी करार दिया।अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध समाज के लिए अत्यंत घातक है और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए।

5 लाख रुपया रिश्वत लेते लोकायुक्त के जाल में फंसे भाजपा विधायक

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कर्नाटक गदग // लोकायुक्त के अधिकारियों ने शनिवार को कर्नाटक के गदग जिले के शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. चंद्रू लामणि को एक ठेकेदार से कथित तौर पर 5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया है। गदग तालुक के चिंचली गांव के ठेकेदार विजयराज एस. पूजार की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग के कार्यों के संबंध में कुल 11 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी और पहले चरण में 5 लाख रुपये लेते समय लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई की।

लक्ष्मेश्वर कस्बे में विधायक के स्वामित्व वाले बालाजी अस्पताल में कथित रूप से पैसे लेते समय लोकायुक्त अधिकारियों ने छापा मारा। मौके से 4.5 लाख रुपये बरामद किए गए। साथ ही 50 हजार रुपये बाहर फेंकने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है। उक्त राशि को भी अधिकारियों ने जब्त कर लिया है। इस मामले में विधायक के करीबी सहयोगी मंजुनाथ वाल्मीकि तथा गुरु लामाणी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

लोकायुक्त की कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर जमा हो गए। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए मंत्री एच के पाटिल के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लोकायुक्त अधिकारियों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि अब तक विधायक की औपचारिक गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अपहरणकांड में पंजाब-बिहार के और पांच आरोपित गिरफ्तार

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पूर्वी सिंहभूम // शहर के बिष्टूपुर सीएच एरिया निवासी उद्योगपति के पुत्र कैरव गांधी के बहुचर्चित अपहरणकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच और आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस सनसनीखेज मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

एसएसपी ने बताया कि 13 जनवरी को कदमा-सोनारी लिंक रोड से कैरव गांधी का योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया था। घटना को अंजाम देने से पहले अपराधियों ने लगभग छह महीने तक जमशेदपुर में रहकर पीड़ित की गतिविधियों की लगातार रेकी की थी। मुख्य साजिशकर्ता, जो फिलहाल फरार है, अपने सहयोगी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह के साथ शहर में रह रहा था। अमरिंदर सिंह ने साकची क्षेत्र में किराये का कमरा लेकर वहीं से पूरी साजिश की रूपरेखा तैयार की थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि अपहरण के दिन बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे और कैरव गांधी की कार को रोका। वाहन चालक की भूमिका मनप्रीत सिंह सेखो ने निभाई, जबकि अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह, गुड्डू, मोहम्मद इमरान, रमीज राजा और अन्य अपराधी मौके पर मौजूद थे। राजकरण यादव, संतोष कुमार उर्फ संतोष विल्लेन और गुरदीत शेर सिंह ने सहयोगी की भूमिका निभाई।

करीब 13 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को मिली सफलता

अपहरण के बाद कैरव को स्कॉर्पियो वाहन से चांडिल गोलचक्कर ले जाया गया, जहां उसे दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद दोनों वाहन अलग-अलग मार्ग से शहर से बाहर निकल गए। अपहृत को रांची होते हुए डोभी ले जाया गया और बाद में गया जिला के बिसर गांव में छिपाकर रखा गया। करीब 13 दिनों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस ने 26 और 27 जनवरी की मध्यरात्रि को चौपारण-बरही मार्ग से कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद उसे उसके सीएच एरिया स्थित आवास पर सुरक्षित पहुंचाया गया।

इस मामले में इससे पहले पुलिस ने गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मोहम्मद इमरान आलम उर्फ आमीर, रमीज राजा और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में पुलिस को साजिश के विस्तृत नेटवर्क का पता चला, जिसके बाद देश के विभिन्न राज्यों में छापेमारी की गई।

गिरफ्तार आरोपितों में नाम और पता

गिरफ्तार आरोपितों में पंजाब के लुधियाना निवासी मनप्रीत सिंह सेखो (50), अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह (74) और गुरदीत शेर सिंह (26), बिहार के शेखपुरा निवासी राजकरण यादव (23) तथा संतोष कुमार उर्फ संतोष विल्लेन (26) शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें पंजाब के लुधियाना, कोलकाता, गाजियाबाद (दिल्ली-एनसीआर) और बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

दुमका के पूर्व उत्पाद अधीक्षक के बेटे की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा

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रांची // दुमका के पूर्व उत्पाद अधीक्षक से बदला लेने के लिए उनके पुत्र को अगवा कर हत्या करने के दोषी जनक प्रसाद को सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।साथ ही उसपर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने बीते दिन जनक प्रसाद को दोषी ठहराया था।दरअसल यह मामला वर्ष 2014 का है। अभियुक्त ने बदला लेने के लिए दुमका जिला के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक अखौरी धनंजय कुमार सिन्हा के बेटे गौतम अखौरी का अपहरण किया था। बाद में गाैतम का शव नेतरहाट से बरामद किया गया था।

अधिवक्ता के अनुसार वर्ष 2010-11 जनक प्रसाद ने सहयोगी के साथ मिलकर लोहरदगा में दो लाइसेंसी शराब दुकान खोला था। इसमें उसे करीब 25 लाख का नुकसान हुआ था। अभियुक्त ने इसकी जानकारी उत्पाद आयुक्त को देकर ज्यादा आमदनी वाला जगह पर लाइसेंसी शराब दुकान दिलाने का आग्रह किया था। इस पर अखौरी ने कोई मदद नहीं की, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी।इस बर्बादी का कारण वह अखौरी धनंजय कुमार सिन्हा को मानता था। उसी दिन से उसने अखौरी को बर्बाद करने की ठान ली थी। उसने वर्ष 2012 में अपनी पत्नी काजेवर बेचकर रातु रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल में एक दुकान खोला और अखौरी के एकलौते बेटे गौतम अखौरी से संपर्क बनाया। केक, आइसक्रीम, पेस्टी खिलाकर उसका भरोसा जीता और गौतम को नेतरहाट घुमाने के लिए तैयार किया। उस समय गौतम के परिजन दुमका में थे।

अभियुक्त ने उसका फायदा उठाते हुए गौतम को 4 मई 2014 को बस से नेतरहाट ले गया जहां योजना के तहत कोल्ड्रिंक में नींद की गोली मिलाकर पिला दिया। नींद में सोने के बाद गमछा से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की मंशा से शव को भारी भरकम पत्थर से कुचल दिया था।

तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने सदन में उठाया ओबीसी आरक्षण रोस्टर का मुद्दा

Torpa Vidhayak
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खूंटी // तोरपा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खूंटी जिला एवं सिमडेगा जिला में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लिए आरक्षण रोस्टर शून्य किए जाने का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने सदन की कार्यवाही के दौरान इस विषय को प्रमुखता से उठाया।

आरक्षण केवल एक नीति नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है..

विधायक ने आसन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की कि पूर्व की भांति दोनों जिलों में ओबीसी आरक्षण रोस्टर को अविलंब प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों, युवाओं एवं अभ्यर्थियों को शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी नियोजन में समुचित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इस विषय को लेकर बाद में स्थानीय पत्रकारों से उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल एक नीति नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है, जिसका लाभ वंचित वर्गों तक पहुंचना आवश्यक है। यदि समय रहते इस विसंगति को दूर नहीं किया गया तो इससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।सुदीप गुड़िया ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “सामाजिक न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर वर्ग को उसका अधिकार दिलाना ही हमारा संकल्प है। जनहित के प्रत्येक मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाना मेरा कर्तव्य है और क्षेत्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मेरा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। ”इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा तेज हो गई है और ओबीसी समुदाय के लोगों ने विधायक के प्रयास का समर्थन किया है।

झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने किया सिविल कोर्ट का निरीक्षण

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पलामू // झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शरदचंद्र सोनक शनिवार को पलामू व्यवहार न्यायालय पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश भी मौजूद थे। न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा, उपायुक्त समीरा एस और पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने उनका स्वागत किया। माैके पर पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान प्रकट किया।

मुख्य न्यायाधीश ने सिविल कोर्ट के विभिन्न कक्षों, न्यायिक पदाधिकारियों के कोर्ट और चैंबर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार कक्ष और दस्तावेजों के रख-रखाव का बारीकी से निरीक्षण किया। परिसर की साफ-सफाई और कमल पुष्प वाटिका को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और कहा कि यहां आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। दौरे के दौरान मुख्य न्यायाधीश, उनकी पत्नी, उपायुक्त और एसपी ने सिविल कोर्ट स्थित पुष्प वाटिका में पौधारोपण किया।

इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय, विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, अभियोजन पदाधिकारी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। वहीं मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर न्यायालय परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

Crime News। ब्राउन शुगर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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चतरा // गिद्धौर थाना क्षेत्र के सलगा आंगनबाड़ी केंद्र के समीप पुलिस ने छापेमारी कर 10 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दाेनाें तस्कराें काे शनिवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तार तस्करों की पहचान हजारीबाग जिला के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर निवासी रजत राज तथा कटकमदाग थाना क्षेत्र के विष्णुपुरी निवासी छोटन कुमार के रूप में हुई है।थाना प्रभारी शिवा यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि सलगा आंगनबाड़ी केंद्र के पास कुछ व्यक्तियों की ओर से अवैध अफीम की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर गठित छापेमारी दल मौके पर पहुंचा। जहां एक मोटरसाइकिल खड़ी कर कुछ युवक आपस में बातचीत कर रहे थे। संदेह होने पर दोनों को पकड़कर पूछताछ और तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान 10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से दो मोबाइल फोन एवं एक मोटरसाइकिल भी जब्त किया।

झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा में उम्र सीमा पर बड़ी राहत, कट-ऑफ डेट 2026 से घटाकर 2022 की गई

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रांची // झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की नियुक्तियों में उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट बदलने का फैसला किया है। अब कट-ऑफ डेट अगस्त 2026 के बजाय अगस्त 2022 निर्धारित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए पहले अधिकतम और न्यूनतम आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जानी थी। लेकिन राज्य में नियमित रूप से सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित नहीं होने के कारण कई अभ्यर्थी आयु सीमा से बाहर हो रहे थे।

इसे लेकर अभ्यर्थियों और विधायकों ने सरकार से कट-ऑफ डेट में छूट देने की मांग की थी।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब अभ्यर्थियों को प्रभावी रूप से चार वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी। इससे सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 38 वर्ष की आयु तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे, जबकि दिव्यांग और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार अतिरिक्त आयु सीमा का लाभ मिलेगा।

इससे पहले कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने अधिकतम तीन वर्ष की छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट को भेजा था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा कट-ऑफ डेट को 2022 करने की घोषणा से अभ्यर्थियों को अपेक्षा से अधिक राहत मिली है।सरकार के इस फैसले से लंबे समय से सिविल सेवा परीक्षा का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है और वे अब आगामी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

झारखंड विधानसभा : बैकलॉग पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा : मंत्री

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रांची // झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हाथियों के हमलों से होने वाली मौतों और नुकसान को लेकर बड़ा निर्णय लेने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजा राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को समय पर राहत देने के लिए एक समेकित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। फिलहाल राज्य में हाथी के हमले में मौत होने पर चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन अन्य राज्यों में यह राशि चार लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।

घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई एसओपी में घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी के दायरे में शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री सोरेन ने अवैध खनन को भी हाथियों के बढ़ते हमलों का एक कारण बताते हुए कहा कि यदि खनन गतिविधियों से वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं तो सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करेगी।

कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग..

इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा उठाया था, जिस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा भी उठा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में डॉक्टरों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है और पड़ोसी छत्तीसगढ़ में भी इसे बढ़ाया गया है।

इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि राज्य में फिलहाल सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवा हैं और सरकार रिक्त पदों पर युवाओं की नियुक्ति को प्राथमिकता दे रही है।

बैकलॉग पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा : मंत्री

खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों को भरने की मांग उठाई। सरकार ने जवाब में कहा कि विभागवार भर्ती प्रक्रिया जारी है और बैकलॉग पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आज आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 पेश करते हुए बताया कि झारखंड की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रति व्यक्ति आय पहली बार एक लाख रुपये के पार

राज्य का वास्तविक सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2011-12 में 1,50,918 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3,03,178 करोड़ रुपये हो गया। 2025-26 में जीएसडीपी 3,21,892 करोड़ रुपये और 2026-27 में 3,41,064 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्तमान कीमतों पर जीएसडीपी 2025-26 में 5.6 लाख करोड़ रुपये और 2026-27 में लगभग 6.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। प्रति व्यक्ति आय पहली बार एक लाख रुपये के पार पहुंचकर 2024-25 में 1,16,663 रुपये हो गई है।आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कृषि और संबद्ध गतिविधियों का राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान बना हुआ है। राज्य का बजट और बैंकिंग ढांचा भी मजबूत हुआ है।

राज्य में सितंबर 2025 तक 3,449 बैंक शाखाएं और 3,338 एटीएम कार्यरत हैं।

झारखंड का बजट राज्य गठन के बाद से 20 गुना से अधिक बढ़ गया है। 2001-02 में जो बजट 6,067 करोड़ रुपये था, वह 2024-25 में बढ़कर 1,16,892 करोड़ रुपये हो गया, 2025-26 के लिए 1,45,400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है । वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि राज्य में बैंकिंग सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। सितंबर 2025 तक 3,449 बैंक शाखाएं और 3,338 एटीएम कार्यरत हैं। जमा राशि 220 प्रतिशत बढ़कर 3,79,735 करोड़ रुपये और ऋण वितरण 124 प्रतिशत बढ़कर 1,58,714 करोड़ रुपये हो गया है।

जयराम महतो ने स्थापना समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग

इससे पहले बजट सत्र के चौथे दिन सुबह 11:06 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही डुमरी से विधायक जयराम महतो ने कहा कि स्थापना समिति में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है।इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने बताया कि स्थापना समिति बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत संचालित होती है और सभी विभागों में इसकी व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार का जनप्रतिनिधियों को स्थापना समिति में शामिल करने का कोई विचार नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा।

24 फरवरी को झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया बजट पेश करेगी

भोजनावकाश के बाद विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए तृतीय अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही संबंधित विनियोग विधेयक भी पारित कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही 24 फरवरी की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी। इसी दिन झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया बजट पेश करेगी।इस प्रकार विधानसभा के बजट सत्र में वन्यजीव हमलों पर मुआवजा, सरकारी नौकरियों, आर्थिक स्थिति और बजट से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार ने कई अहम संकेत दिए

अभिनेत्री जया प्रदा ने मेदिनीनगर में रोड शो कर मेयर प्रत्याशी के लिए मांगा समर्थन

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पलामू // पलामू जिले के मेदिनीनगर में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के समर्थन में भव्य रोड शो किया। इस दौरान शहर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में महिला और युवा कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।

रोड शो की शुरुआत चैनपुर क्षेत्र से हुई, जो शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरा। जया प्रदा खुले वाहन में सवार होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करती रहीं और मतदाताओं से अरुणा शंकर के पक्ष में मतदान करने की अपील कीं। रास्ते में जगह-जगह कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

रोड शो के दौरान जया प्रदा ने कहा कि किसी भी शहर के समग्र विकास के लिए मजबूत और सक्षम नेतृत्व आवश्यक होता है। उन्होंने अरुणा शंकर को जनसेवा के प्रति समर्पित और सक्रिय उम्मीदवार बताते हुए कहा कि वे मेदिनीनगर को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य करेंगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे विकास और सुशासन के लिए अरुणा शंकर को अपना समर्थन दें।

रोड शो के बाद शिवाजी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जया प्रदा ने कहा कि लोगों का उत्साह और समर्थन स्पष्ट संकेत दे रहा है कि आगामी 23 फरवरी को मतदान में अरुणा शंकर को भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 27 फरवरी को मतगणना के बाद अरुणा शंकर प्रचंड मतों से विजयी होंगी।

उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि ऐसे प्रत्याशी को चुनना चाहिए, जिसे शहर की समस्याओं, योजनाओं और जरूरतों की पूरी जानकारी हो। उन्होंने कहा कि अनुभवी नेतृत्व ही शहर के लंबित विकास कार्यों को तेजी से पूरा कर सकता है।

इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें जयश्री गुप्ता, मीना गुप्ता, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, चुनाव प्रभारी भानु प्रताप शाही, विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम नारायण दुबे और बिभाकर पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

गिरिडीह के पूर्व जिप अध्यक्ष की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

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गिरिडीह // जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)के नेता राकेश महतो की हत्या कर दी गई है । शनिवार को राकेश महतो का अधजला शव निमियाघाट थाना इलाके के खांखी जंगल में मिला है। बताया जा रहा है कि हत्या से पहले उनके साथ मारपीट की गई है। हत्या के बाद शव को पेड़ के पत्तों से ढककर जलाने का प्रयास भी किया गया है। घटना की सूचना पर डुमरी एसडीपीओ सुमित कुमार के साथ निमियाघाट एवं डुमरी पुलिस सदल बल के मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुटी है ।

उल्लेखनीय है कि राकेश महतो डुमरी 33 क्षेत्र के राजनीतिक छवि के व्यक्ति थे । वर्ष 2016 में जिला परिषद के अध्यक्ष भी बने थे। क्षेत्र में मिलनसार और लोकप्रिय थे। लगभग 52 वर्षीय राकेश महतो की हत्या की खबर से डुमरी इलाके में मातम के साथ लोगों रोष का माहोल है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह प्रथम दृष्टया घटना दुःखद बताते हुए नाराजगी जताई की है।

उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे। इस बीच जानकारी के मुताविक एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एसडीपीओ डुमरी को मामले की जांच तुरंत करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। एसडीपीओ सुमित कुमार ने कहा कि राकेश महतो की हत्या हुई है । लाश खांखी के जंगल में मिली है। सभी बिन्दुओ पर आगे की जांच चल रही है ।

इघर घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गयी है। उनकी हत्या की खबर से भारी संख्या में लोगों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी है। परिजनों के मुताविक राकेश महतो शुक्रवार 20 फ़रवरी को सुबह अपने घर से निकले थे लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे थे। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। शनिवार तड़के उनका शव मिला है। उनकी हत्या की खबर सुनते ही पूरे जिले में सनसनी फैल गयी है। लोगों में इस हत्या को लेकर काफी आक्रोश व्याप्तहै। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अविलम्ब इस हत्या कांड की गुत्थी सुलझाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग किया है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बीच गृह मंत्रालय ने केंद्रीय बलों की तैनाती का लिया निर्णय

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कोलकाता // पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच विभिन्न इलाकों से अशांति और तोड़फोड़ की शिकायतें सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम न लेने का फैसला किया है। इसी के तहत मतदान की तारीखों की घोषणा से पहले ही केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय लिया गया है।

शनिवार को गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आगामी मार्च माह में पश्चिम बंगाल में कुल 480 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की जाएंगी। यह तैनाती दो चरणों में होगी। पहले चरण में एक मार्च को 240 कंपनियां पहुंचेंगी, जबकि शेष 240 कंपनियां 10 मार्च को आएंगी।गौरतलब है कि, शुक्रवार को एसआईआर से संबंधित मामले में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि 28 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाए। यदि किसी कारणवश पूरी सूची तैयार न हो सके तो पूरक सूची प्रकाशित करने की भी अनुमति दी गई है। इस आदेश के मात्र 24 घंटे बाद केंद्रीय बलों की तैनाती की घोषणा को राजनीतिक विश्लेषक महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग इन बलों का उपयोग संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, लोगों के मन से भय दूर करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए करेगा।

राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कई स्थानों पर तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। मतदाता सूची पर्यवेक्षकों और बूथ स्तर अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा है। पिछले वर्ष दिसंबर में दक्षिण 24 परगना के मगराहाट में एक विशेष पर्यवेक्षक के वाहन पर हमले का आरोप भी लगा था।

इन घटनाओं के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस महानिदेशक को कड़ी टिप्पणी की थी और स्पष्ट किया था कि नियमों का पालन न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों को परिणाम भुगतने होंगे।ऐसे परिदृश्य में केंद्रीय बलों की तैनाती को आगामी चुनाव प्रक्रिया से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है