झारखंड की आवाज

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नेपाल में निर्वाचन आयोग ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षण और भविष्यवाणी पर लगाई रोक

काठमांडू // नेपाल के निर्वाचन आयोग ने सभी मीडिया हाउस और सर्वे एजेंसियों के चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों और चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी के प्रकाशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

निर्वाचन आयोग के कार्यवाहक प्रमुख निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने आज सुबह बयान जारी कर कहा कि आयोग के तरफ से सभी मीडिया और सर्वे एजेंसियों को किसी भी प्रकार के चुनावी सर्वेक्षण और चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी के प्रकाशन और प्रसारण पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्देश जारी किया है।

आयोग ने कहा कि मतदान से पहले जीत–हार के अनुमान और जनमत सर्वेक्षण के नतीजे प्रकाशित करने जैसी गतिविधियां चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। भंडारी ने व्यक्तियों और मीडिया संस्थानों से यह भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर एआई और अन्य डिजिटल उपकरणों से तैयार भ्रामक सामग्री का निर्माण या प्रसार न करें। चुनाव की निष्पक्षता की रक्षा और मतदाताओं के गुप्त मतदान के अधिकार को साझा संवैधानिक दायित्व बताते हुए भंडारी ने पांच मार्च को निर्धारित चुनाव के सफल आयोजन के लिए सभी से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

वायरल वीडियो मामले में सब-इंस्पेक्टर और महिला सिपाही निलंबित

सारण // पुलिस ने अनुशासनहीनता और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर पैसों के लेन-देन से संबंधित एक वीडियो वायरल होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एक दारोगा और एक महिला सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

बीती रात करीब 09:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। इस वीडियो में नगर थाना की ईआरवी -01 112 गाड़ी पर तैनात महिला सिपाही संख्या 722 इंदु कुमारी को एक व्यक्ति के साथ पैसों के लेन-देन के विषय में बातचीत करते हुए देखा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस प्रशासन ने पूछताछ की, तो महिला सिपाही ने स्वीकार किया कि वीडियो लगभग दो महीने पुराना है। उस समय ड्यूटी पर उनके साथ पुलिस अवर निरीक्षक सब-इंस्पेक्टर जगदीश शर्मा और चालक सैफ सिपाही उमेश सिंह भी तैनात थे।

पुलिस विभाग के अनुसार इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है। आरोपों को गंभीर मानते हुए विभाग ने पुलिस अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।

उपायुक्त ने डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा करने का दिया आदेश

देवघर // उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल क्राप सर्वे का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सटीक ढंग से ससमय पूर्ण करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। इसके अलावा बैठक में उपायुक्त ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा के क्रम में लक्षित सर्वेयर के विरुद्ध किये गए कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत प्रतिशत सर्वेयर तैयार कर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। आगे उन्होंने कहा कि डिजिटल क्राप सर्वे एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाला कार्य है। ऐसे में सुपरवाइजर के माध्यम से प्रतिदिन सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि कार्य में गुणवत्ता व गति दोनों सुनिश्चित हो सके। आगे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित सर्वे मामलों को नियमानुसार स्वीकृत या अस्वीकृत करते हुए जल्द निष्पादन करें, जिससे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके।

इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सह प्रखंड नोडल पदाधिकारी (डिजिटल क्रॉप सर्वे), सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, सीएससी मैनेजर, जनसेवक व सहायक तकनीकी प्रबंधक सह सुपरवाइजर (डिजिटल क्रॉप सर्वे) उपस्थित थे।

Crime News। हत्या मामले में दो आरोपित गिरफ्तार

पश्चिमी सिंहभूम // जिले के हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में मागे परब की रात हुई युवक की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया है। 15 फरवरी 2026 की सुबह परमसाई गांव स्थित जोड़ा तालाब से बरामद शव की पहचान भुईयाँसाई गांव निवासी बैशाखू ग्वाला, पिता बिंदु ग्वाला के रूप में हुई थी। मामले में हाटगम्हरिया थाना( कांड संख्या 05/26) दर्ज की गई थी।

मृतक की पत्नी के फर्दबयान पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव तालाब में फेंके जाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक, चाईबासा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगन्नाथपुर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि 14- 15 फरवरी की रात बैशाखू ग्वाला को उसके परिचित पराय बोदरा उर्फ डुडरू बोदरा, पिता स्वर्गीय सामु बोदरा, तथा राम गागराई उर्फ बोतलराम गागराई, पिता स्वर्गीय विजय सिंह गागराई, दोनों निवासी हाटगम्हरिया, मागे परब मनाने के लिए घर से बुलाकर ले गए थे।

तीनों ने साथ बैठकर मागे परब मनाया और हड़िया पी। इसके बाद वे कालीमाटी गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में नशे की हालत में कहासुनी हो गई। बताया जाता है कि बैशाखू ग्वाला ने पराय बोदरा को थप्पड़ मार दिया, जिससे विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर पराय बोदरा और राम गागराई ने मिलकर बैशाखू के साथ मारपीट शुरू कर दी। झाड़ियों के पास उसे पटक कर बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के दौरान बैशाखू के गले के पास गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। इसके बाद दोनों ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद दोनों आरोपितों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जोड़ा तालाब में फेंक दिया।

पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस मामले के खुलासे में पुलिस अवर निरीक्षक उत्तम तिवारी, सहदेव मंडल, यदुनन्दन महतो सहित सशस्त्र बल शमिल थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

Jharkhand News। अंधविश्वास में मां और नवजात को जिंदा ज*लाया

पश्चिम सिंहभूम // जिले के कुमारडूंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत कलाईया गांव में डायन होने का आरोप लगाकर 32 वर्षीय महिला और उसके दो माह के मासूम बच्चे को पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला दिया गया। इस वारदात में महिला का पति भी बुरी तरह झुलस गया, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला।

घटना मंगलवार रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है। जीवित बचे कोल्हान सिंकु (40) ने पुलिस को बताया कि वह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति सिंकु, दो साल के बेटे और दो माह के नवजात के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान गांव के ही रिश्तेदार राशिका बिरुवा ने घर के बाहर से आवाज लगाई। आवाज सुनकर वह पत्नी के साथ बाहर निकले, तभी उनकी पहली पत्नी जानी सिंकु भी बाहर आ गई।

आंगन में पहले से ही करीब एक दर्जन महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद थे। सभी ने ज्योति सिंकु पर डायन होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। कोल्हान सिंकु ने मामले को सुबह पंचायत में सुलझाने की बात कही, लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि इसी दौरान पेट्रोल से भरा गैलन लाकर उन पर उंडेल दिया गया और माचिस से आग लगा दी गई।

आग की लपटें उठते ही अफरा-तफरी मच गई। कोल्हान सिंकु किसी तरह जलते हुए वहां से भाग निकले। रास्ते में उन्होंने अपने जलते कपड़े उतार दिए और निर्वस्त्र हालत में थाना पहुंचकर मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन रात होने के कारण थाना का दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के घर शरण लेकर रात गुजारी।

बुधवार सुबह उन्होंने दोबारा थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और गांव पहुंचकर महिला तथा नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात में एक ही परिवार के करीब दस लोग शामिल थे। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की है और सभी संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुमारडूंगी थाना रंजीत उरांव ने बताया कि चार आरोपित को पकड़ लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सीएम ने विधानसभा सत्र के संचालन और बजट की रूपरेखा को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

राँची // झारखंड विधानसभा के षष्ठम सत्र के पंचम (बजट) सत्र (18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक) के सुचारु संचालन और बजट की रूपरेखा को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कक्ष, झारखंड विधानसभा में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।उक्त बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं महिला सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री की दावोस में आयोजित ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में भागीदारी का वर्णन किया गया, जहां उन्होंने विश्व के नीति निर्माताओं, औद्योगिक दिग्गजों एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ द्विपक्षीय चर्चाएं कीं, जिससे राज्य में निवेश के नए अवसर खुल सकें, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ट्राईबल वेलफेयर, स्कॉलरशिप एवं राज्य के जनहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट सत्र ससमय आयोजित हो तथा इसकी तैयारी सुचारु रूप से की जाए।

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतएव विभाग की तैयारी में कोई कमी न रहे। सत्ता दल एवं विपक्षी विधायकों के प्रश्नों एवं बजट संबंधी सवालों पर पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की जाए।बैठक में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार सहित वित्त विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सत्ता पक्ष के विधायक दल की बैठक संपन्न, बजट सत्र को लेकर बनी रणनीति

रांची // झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र की तैयारियों को लेकर रांची के डॉ श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया।बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया गया कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहें। सत्ता पक्ष सत्र के दौरान पूरी मजबूती और समन्वय के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।

विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले हर उचित सवाल का तथ्यों और तैयारी के साथ जवाब दिया जाएगा। बैठक में विधायी कार्यों के सुचारू संचालन और सरकार की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से रखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मंत्री एवं विधायक मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि षष्टम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू की गई।

अधिवक्ता हिट एंड रन मामले में दोनों तरफ से एफआइआर दर्ज

रांची // राजधानी रांची में अधिवक्ता हिट एंड रन का मामला प्रकाश में आया है। डोरंडा थाना क्षेत्र में एक कार सवार ने मामूली विवाद के बाद एक युवक को अपनी कार के बोनट पर कई किलोमीटर तक लटकाए रखा। इस दौरान युवक अपनी जान बचाने के लिए पूरे रास्ते संघर्ष करता रहा। पीड़ित युवक ने पूरे हादसे का वीडियो भी बनाया है। पीड़ित युवक मवाज खान ने बताया कि वह अपने छोटे भाई को स्कूल छोड़कर बाइक से डोरंडा की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक कार ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मवाज ने कार चालक से कहा कि उसका ब्रेक टूट गया है, इसलिए ब्रेक बनवाने के पैसे दे दें और चले जाएं।

लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि कार सवार ने कई वाहनों को धक्का मारते हुए निकलने की कोशिश की। इसी दौरान मवाज कार के बोनट पर जा गिरा। इसके बावजूद कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी, बल्कि और तेज गति से चलाई। मवाज खान बोनट पर अटका रहा। लाख मिन्नत करने के बाद भी कार सवार ने गाड़ी नहीं रोकी और युवक को उसी हालत में लेकर अपने अपार्टमेंट तक पहुंच गया। पूरे रास्ते मवाज अपनी जान बचाने के लिए चिल्लाता और चीखता रहा, लेकिन कार सवार ने उसकी एक नहीं सुनी।

अपार्टमेंट पहुंचने के बाद कार सवार ने चार-पांच लोगों के साथ मिलकर मवाज के साथ मारपीट भी की।किसी तरह अपार्टमेंट से फोन करके मवाज ने अपने परिजनों को सूचना दी। परिजन पहुंचे और उसे थाने ले गए। कार सवार की पहचान झारखंड उच्च न्यायालय के सीनियर अधिवक्ता मनोज टंडन के रूप में हुई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है।इसके बाद एक वीडियो आया कि मामले में समझौता हो गया। लेकिन थाना प्रभारी दीपिका ने मंगलवार देर रात बताया कि मामले में दोनों ओर से एक दूसरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।

उच्च न्यायालय का अधिवक्ता मनोज टंडन को सुरक्षा देने का निर्देश

रांची // झारखंड उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता मनोज टंडन को सुरक्षा दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन से महाधिवक्ता राजीव रंजन को बात करने का निर्देश दिया है।

उल्लेेखनीय है कि उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज टंडन की वाहन से किसी को टक्कर लग गई थी। इसके बाद लोगों ने डोरंडा स्थित उनके आवास को घेर लिया। इसके बाद मनोज टंडन को सुरक्षा के बीच डोरंडा थाना लाकर रखा गया, जहां भीड़ भी पहुंच गई।मामले में मंगलवार को कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस बात का मेंशन उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में उच्च न्यायालय के एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से किया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने कोर्ट में मौजूद महाधिवक्ता से कहा कि वह अविलंब अधिवक्ता मनोज टंडन और उनके के घर की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए वह पुलिस प्रशासन से बात करें।

हजारीबाग में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, 14 गिरफ्तार

हजारीबाग // जिले के कटकमदाग, लोहसिंघना और ईचाक थाना क्षेत्रों में नशाखोरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कटकमदाग के सुलताना में छापेमारी के दौरान 6 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके पास से 111.72 ग्राम ब्राउन शुगर, ₹17,160 नकद, 7 मोबाइल, 2 मोटरसाइकिल, एक स्विफ्ट कार और 2 माप-तौल मशीन बरामद हुई।लोहसिंघना थाना क्षेत्र से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 17 ग्राम ब्राउन शुगर, 2 किलो गांजा और ₹47,000 नकद जब्त किए गए।ईचाक थाना क्षेत्र में डायल 100 की सूचना पर 5 आरोपियों को पकड़ते हुए 2 पुड़िया ब्राउन शुगर और 7 मोटरसाइकिल बरामद की गईं।

मुख्य आरोपी उदय कुमार उर्फ नवल दांगी पर पूर्व से एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

150 करोड़ लोगों के साथ उनका “एंटरटेनमेंट और ब्लड सर्कुलेशन” का रिश्ता : राजपाल यादव

नई दिल्ली // जेल से रिहा होने के बाद बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया है। किसी को उन पर शक है तो सच को साबित करने के लिए वह हमेशा तैयार हैं।

सच को साबित करने के लिए हमेशा तैयार हैं : राजपाल यादव

राजपाल यादव ने मीडिया को बताया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पिछले एक दशक से हर आदेश का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में उच्च न्यायालय ने जहां-जहां आदेश दिए हैं, मैं वहां हाज़िर हुआ हूं। आगे भी कानून का जो भी आदेश होगा, मैं बिल्कुल हाज़िर मिलूंगा। “उन्होंने एक सवाल का जबाव देते हुए कहा कि वे खुद जांच और सवालों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपने करियर पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने बताया कि 2027 में उन्हें मुंबई और बॉलीवुड में 30 साल पूरे हो जाएंगे। यहां उनका जो रिश्ता बना है, वो सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 150 करोड़ लोगों के साथ उनका “एंटरटेनमेंट और ब्लड सर्कुलेशन” का रिश्ता है।

ममता बनर्जी का आरोप, चुनाव आयोग बना ‘तुगलकी आयोग’

कोलकाता // पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब ‘तुगलकी आयोग’ बन गया है और एक राजनीतिक दल के इशारे पर काम कर रहा है।

राज्य सचिवालय में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ की एक महिला पदाधिकारी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है, मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।

ममता ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर राज्य के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तर्कहीन विसंगतियों का हवाला देकर आम लोगों से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी को संतुष्ट करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से उत्पन्न चिंता और कार्य संबंधी दबाव के कारण राज्य में 160 लोगों की मृत्यु हुई है।

Deoghar News। मैट्रिक की छात्रा परीक्षा देकर निकली और हो गई गायब

देवघर // जिला के नगर थाना क्षेत्र के मिश्रा रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल में मैट्रिक की परीक्षा देकर निकली और नंदन पहाड़ के रास्ते जसीडीह थाना क्षेत्र के कुमैठा अपना घर जा रही थी इसी बीच रास्ते से गायब हो गई। छात्रा के पिता ने नगर थाना में लिखित आवेदन में कहा कि खुशी शर्मा उम्र 15 वर्ष मैट्रिक की परीक्षा देकर दोपहर के 1 बजकर 39 मिनट में निकली और रास्ते से गायब हो गई। उन्होंने पुलिस से छात्रा की खोजबीन शुरू करने की गुहार लगाई है।

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से, सर्वदलीय बैठक आयोजन

रांची // झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी (बुधवार) से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को लेकर मंगलवार को विधानसभा परिसर में अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने बताया कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले, इसके लिए सभी दलों के नेताओं एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों, प्रतिवेदनों और अन्य कार्यों से संबंधित सामग्रियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लंबित प्रश्नों के उत्तर समय पर उपलब्ध कराए जाएं, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

23 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी

बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष ने सभी दलों से अपील की कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में गंभीर और सार्थक चर्चा हो, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान निकल सके। अध्यक्ष महतो ने बताया कि 23 फरवरी को झारखंड में नगर पंचायत चुनाव निर्धारित है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा कि 23 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रखी जाए, ताकि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन का व्यवस्थित संचालन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सत्ता पक्ष एवं विपक्ष दोनों की सकारात्मक भूमिका जरूरी है। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, आजसू के प्रतिनिधि तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव राजद से सुरेश पासवान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य उपस्थित रहे ।

हिरासत में मौत अवमानना मामले में एमआरएमसीएच का मूल रजिस्टर उच्च न्यायालय में पेश

रांची // झारखंड उच्च न्यायालय में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दायर शाईदा खातून और अन्य अवमानना याचिका की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेदनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू (एमआरएमसीएच) के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ अजय कुमार ने अस्पताल का ओरिजिनल एडमिशन रजिस्टर कोर्ट में में प्रस्तुत किया।

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने रजिस्टर का अवलोकन करने के बाद इसे मेडिकल सुपरिटेंडेंट को वापस सौंप दिया।

अदालत ने एडमिशन रजिस्टर के संबंधित अंश की स्कैन कॉ रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जिन दस्तावेजों पर भरोसा किया जा रहा था, वे रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं पाए गए हैं। इसपर कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि वे दस्तावेज अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र के माध्यम से रिकॉर्ड पर लाए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि उच्चतम न्यायालय की ओर से डीके बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य (199 मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर अधिवक्ता शादाब इकबाल ने अदालत को बताया कि मृतक को एक मार्च 2025 को हिरासत में लिया गया था और उसी दिन कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई।

इसके बाद उसे 24 घंटे बाद सेंट्रल जेल, मेदिनीनगर भेजा गया और इलाज के लिए 4 मार्च 2025 को रिम्स, रांची रेफर किया गया। याचिकाकर्ताओं ने रिम्स की ओर से जारी बेड टिकट का हवाला देते हुए कहा कि मृतक को पहली बार रिम्स में डॉक्टर ने 7 मार्च 2025 को देखा था।

सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पलामू (एमएमसीएच) के एडमिशन रजिस्टर का उल्लेख किया, जिसमें मृतक का नाम छह मार्च 2025 रात 11:10 बजे अस्पताल में दर्ज बताया गया। सरकार का कहना है कि 4 मार्च 2025 की रेफरल तारीख डॉक्टर की गलती हो सकती है।

याचिकाकर्ताओं ने एडमिशन रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन नंबरों के क्रम में अंतर दिखाते हुए गंभीर विसंगतियां बताईं। राज्य के अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि रजिस्ट्रेशन नंबरों में अंतर का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

उच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई में मामले की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए मूल एडमिशन रजिस्टर मांगी थी। अदालत ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पलामू व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। साथ में अदालत ने मूल एडमिशन रजिस्टर भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।