साहिबगंज वरिष्ठ भाजपा नेत्री सीता सोरेन साइलेंटली पहली बार पहुंची साहिबगंज। झारखंड अलग होने के बाद भी साहिबगंज जिला का विकास से कोसों दूर है।
जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गढ़ है। सीएम साहब का है जिला, लेकिन जिला में विकास दिख नहीं रहा है। जिला में मुख्य रूप से अगर दिख रही है तो केंद्र के द्वारा बनवाए जा रहे गंगापुल और बंदरगाह है यही दो योजनाएं जो जिला को अन्य राज्यों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने का कार्य करेगी जो राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर जिला को एक अलग पहचान दिलाएगी ।
यह तो सेंट्रल गवर्नमेंट मोदी सरकार की देन है। जब शिकारीपाड़ा से साहिबगंज जिले की ओर सड़क मार्ग से साहिबगंज पहुंची तो जिला की विकाश खस्ता हालत में दिख रही थी। बीते 25 सालों में नहीं बदल सका संथाल परगना के साथ मुख्यमंत्री के साहिबगंज जिला की तस्वीर।विकाश जिला से कोसों दूर हैं, इसका जिम्मेदार कौन है? इस क्षेत्र की जो खनिज संपदा है उसकी पूरी तरह से दोहन हो रही है। मुख्यमंत्री विदेशी दौड़े पर लगे हुए है।
झारखंड में इन्वेस्ट करने के लिए इन्वेस्टरों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन मुझे ऐसा लगता है की मुख्यमंत्री को इस क्षेत्र में ध्यान देने की आवश्यकता है। मैं तो यह कहूंगी की सरकार को साहिबगंज और पाकुड़ क्षेत्र में इन्वेस्टरों को लाकर कुछ इन्वेस्ट कर विकास की दिशा में प्रयास करना चाहिए। ताकि पाकुड़ और साहिबगंज क्षेत्र में जो पत्थर के पहाड़ को खोखला किया जा रहा है, उसे रोकना चाहिए क्योंकि यह ऐतिहासिक धरोहर है। यहां के जो स्थानीय मूलवासी लोग हैं उनकी स्थिति काफी दयनीय है। साहिबगंज जिला जो घनी आबादी का क्षेत्र है वहां का रास्ता बहुत ही खराब है, जिस पर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है। यहां जो भी डेवलपमेंट गंगापुल सहित अन्य जो भी कुछ दिख रहा है वह केंद्र सरकार मोदी सरकार की देन है।
देवघर सारठ विधानसभा स्थित प्रखंड अंतर्गतदुधानी पंचायत निवासी 33 वर्षीय मेराज अंसारी को साइबर पुलिस द्वारा आरोपित बनाते हुए पूछताछ के लिए ले गई थी।
उस दौरान तबीयत खराब होने पर इलाज के दौरान मृत्यु पर झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने मृतक के अंतिम दर्शन के लिए उसके पैतृक आवास दुधानी स्थिति रूसियों पहुंचे। इसके पश्चात उन्होंने मृतक के सब का अंतिम दर्शन करने के पश्चात इसे पुलिस की वार्ता बताते हुए कहा कि मेराज उस घर का एक मात्र जीविकोपार्जन कराने वाला उत्तरदाई था। लेकिन पुलिस द्वारा जिस तरह से उसे घर से उठा कर ले जाने के बाद उनकी हत्या पर काफी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे उच्च स्तरीय जांच का विषय बताया। साथ ही उन्होंने झारखंड सरकार से मांग किया है कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए इसके अलावे 50 लाख की मुआवजा राशि देते हुए पीड़ित परिवार एवं उसके बच्चों को जीविकोपार्जन का साधन देते हुए सहयोग करने की मांग किया है।साथ ही दोषी पर कार्रवाई की मांग करते हुए इस घटना को अंजाम देने वाले अधिकारियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होने की भी मांग किया है। जबकि इस मुद्दे को राजकीय मानवाधिकार में भी ले जाने की बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को भी इस गंभीर समस्या से पत्र के माध्यम से अवगत कराऊंगा। साथ ही मानवाधिकार से मृतक के पीड़ित को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
देवघर पालोजोरी दुधानी निवासी 28 वर्षीय मो. मिराज अंसारी की पुलिस हिरासत में मौत मामले में झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।
इस सिलसिले में आयोग की पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार को घटना की जांच को लेकर मृतक के गांव पहुंची और परिजन, ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद देवघर परिसदन में अधिकारियों के साथ आयोग की टीम ने बैठक की जांच टीम में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) प्राणेश सॉलोमन, ज्योति सिंह मधारू, सदस्य इकरारूल हसन, सविता दृट्टू और कारी बरकत अली शामिल थे।
पालोजोरी, सारठ और साइबर थाने के पुलिस की भूमिका संदिग्ध
पत्रकारों से बात करते हुए आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मया ने माना कि मो. मिराज की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। हालांकि मौत कैसे हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन पूरे मामले में पालोजोरी, सारठ और साइबर थाने के पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। जांच में यह बात सामने आई है कि पुलिस ने सरेआम बिना किसी दोष के मिराज को उसके गांव से पकड़ा और यहीं सरेराह उसकी बर्बरता पूर्वक पिटाई की। कई लोग पुलिस को इस बरता पूर्ण कार्रवाई के चश्मदीद है। आयोग ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तय है। लेकिन उससे पहले दूसरे पक्ष की बातों को भी सुना जाएगा। इसके बाद किसी तरह का निर्णय लिया जाएगा।
मानवता को शर्मशार करने वाली घटना : आयोग
आयोग ने माना- घटना मानवता को शर्मशार करने वाली झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मारू ने कहा कि ऐसी घटना मानवता को शर्मशार करने ग्रामीण और परिजनी से घटना की जानकारी ली वाली है। मिराज के छोटे-छोटे बच्चे है। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पुलिस की कार्रवाई करने लायक नहीं है। पुलिस का काम है जनता की रक्षा करना, राज्य के लोगों की सुरक्षा करना, न की इस तरह से लाठी से पीटना, घसीटना है, जिससे मौत हो जाए। पीड़ित परिवार के साथ सरकार आयोग आयोग के उपाध्यक्ष प्रवेश सॉसरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हर हाल में पीड़ित को न्याय मिलेगा मुआवजे पर भी विचार हो रहा है। इस मामले में सरकार गंभीर है।
पिटाई का वीडियो आयोग के सदस्यों ने देखा
जांच में आयोग को पुलिस के खिलाफ मिले ये सबूत सरेआम मिराज की हुई पिटाई कई चश्मदीद आयोग ने जांच में पाया कि दुधानी गांव से जब पुलिस ने मिराज को पकड़ा तो उसी समय सभी के सामने उसकी बेहरमी से पुलिसवाले पिटाई करने लगे। इस घटना के कई चश्मदीद है। कइयों ने इसकी मोबाइल में वीडियो भी बनाई, जिसे आयोग ने देखा। युवकों को पकड़ा था। लेकिन मिराज की मौत के बाद दूसरे दिन सुबह में बाकी तीन युवकों को पुलिस ने स्वतः छोड़ दिया। इससे जाहिर है कि किसी युवक के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। फिर पुलिस ने ऐसा किया। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है।
पुलिस ने मिराज की मां को भी पीटा
चारों में किसी का क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं आयोग ने जांच में पाया मौत के बाद तीन युवकों को कि जिन चार युवकों को पुलिस ने 2 पुलिस ने क्यों छोड़ पुलिस ने गांव से कुल चार पकड़ा था उसमें किसी का भी क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं था। इसके मिराज की मां को भी पुलिसवालों ने पीटा सदस्य आयोग के सदस्य कारी बरकत अली ने कहा कि पुलिस दुदीतों के साथ ही ऐसा नहीं करती है, जैसा मिराज के साथ किया गया है। परिजनों के सामने मिरान को पुलिस ने पीटा मिराज की मां को भी पुलिसवालों ने पीटा। जब भाई ने पुलिसवालों से पूछा कि मिरान की क्या गलती है तो जवाब बाद भी पुलिस ने मिराज के साथ बरतापूर्ण तरीके पीटा और उसकी मौत हो गई।
सादे लिवास में गांव गई थी 4 पुलिस
आयोग को दुधानी गांव में यह भी पता चला कि गांव में चारों युवकों को पकड़ने गए पुलिसवाले सादे लिवास में थे। आयोग ने कहा इससे पुलिस की मंशा का पता चलता है। जबकि अक्सर ऐसी छापेमारी में पुलिस वर्दी में जाती है। लेकिन सादे लिवास के पीछे पुलिस की जरूर कोई मंशा रही होगी। मिला कि इसे बर्बाद कर देंगे। इसका प्रमाण वीडियो फुटेज है। मृतक के बड़े भाई मुस्तकीम अंसारी का आरोप है कि बुधवार दोपहर में सादे लिबास में कई पुलिसवालों ने उनके भाई मिरान को गांव से पकड़ा था और उसके साथ मारपीट की थी। उक्त पुलिसवालों में एक खुद को डीएसपी भी बता रहा था। मिराज को पुलिसवाले अपने साथ ले गए थे। इसके बाद जानकारी मिली की सदर अस्पताल में मिराज की मौत हो गई है। आकर देखा तो अस्पताल में उसकी लाश पड़ी हुई थी।
दुमका ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा के गिरफ्तारी के ज्योति मल्होत्रा की चर्चा जोर सौर से हो रही है।
ज्योति मल्होत्रा का वीडियो से लिया गया फोटो बासुकीनाथ मंदिर का
पाकिस्तान के एजेंट के रूप में काम करने का भी आरोप है। जासूसी प्रकरण में गिरफ्तार पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने वर्ष 2023 में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज से देवघर बासुकीनाथ की यात्रा की थी। आईएसआई के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के द्वारा की गई सुल्तानगंज से बासुकीनाथ धाम की यात्रा की चर्चा जोरों पर है।
सूबे की उप राजधानी दुमका से करीब 24 किलोमीटर की दूरी पर दुमका-देवघर मुख्य मार्ग में अवस्थित बाबा बासुकीनाथ धाम मंदिर फौजदारी दरबार के रूप में प्रसिद्ध हैं। यूं तो यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन श्रावण-भादो माह के दौरान यहां काफी भीड़ होती है और राजकीय श्रावणी मेला को देखते हुए प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर से लेकर समस्त मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। यहां बिहार के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बैद्यनाथ धाम के रास्ते बाबा बासुकीनाथ तक आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है। पिछले दिनों आईएसआई के लिए काम के आरोप में हरियाणा निवासी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद अचानक से बासुकीनाथ धाम मंदिर एवं बैद्यनाथ धाम मंदिर सुर्खियों में आ गया है।
2023 में देवघर और दुमका के बासुकीनाथ मंदिर पहुंची थी
आपको बता दें कि ज्योति मल्होत्रा ने वर्ष -2023 में इन तीनों धार्मिक स्थलों की यात्रा किया था एवं मंदिर परिसर में वीडियो भी बनाया था जिसमें सुल्तानगंज, बैद्यनाथ धाम मंदिर, बासुकीनाथ मंदिर एवं जसीडीह रेलवे स्टेशन का विस्तार पूर्वक चित्रण किया गया था। ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद से ही देवघर और बासुकीनाथ धाम की यात्रा को लेकर बनाया गया वीडियो काफी चर्चा में है। इस वीडियो को किस दृष्टिकोण से बनाया गया अथवा इसका क्या मकसद था इसको लेकर भी खुफिया एजेंसी को जांच करने की जरूरत है।
रांची झारखंड में 11 जुलाई से शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला को लेकर मुख्यमंत्री ने की बैठक।
बैठक में आलाधिकारी के साथ देवघर विधायक सुरेश पासवान भी मौजूद रहे। झारखंड के देवघर जिला और दुमका जिला के बासुकीनाथ में राजकीय श्रावणी मेला में लाखों लाख की संख्या में श्रद्धालुओं बाबा पर जलार्पण के लिए पहुंचते हैं। बाबा पर जलाभिषेक करते हैं। एक माह तक चलने वाली श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन भी अपनी तैयारी में जुटी हुई है। वही राज्यधानी रांची में भी मेला के सफल संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने बैठक की और अधिकारी को दिया निर्देश दिए।
देवघर दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल पर टीआरटी मशीनों की तैनाती के लिए गम्हरिया जंक्शन और सीनी जंक्शन के बीच अप और डाउन लाइनों पर 21.05.2025 से 30.06.2025 तक मेगा ब्लॉक को ध्यान मे रखते हुए निम्नलिखित ट्रेन परिचालन सेवाओं को निम्नानुसार विनियमित किया जाएगा।
ट्रेनों का रद्दकरण
13288 आरा – दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस : 20.05.2025, 22.05.2025, 27.05.2025, 29.05.2025, 03.06.2025 05.06.2025,10.06.2025, 12.06.2025, 17.06.2025, 19.06.2025, 24.06.2025 और 26.06.2025 को होने वाली यात्रा रद्द रहेंगी।
13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस : 22.05.2025, 24.05.2025, 29.05.2025, 31.05.2025, 05.06.2025, 07.06.2025, 12.06.2025, 14.06.2025, 19.06.2025, 21.06.2025, 26.06.2025 और 28.06.2025 को होने वाली यात्रा रद्द रहेंगी।
22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस : 23.05.2025, 30.05.2025, 06.06.2025, 13.06.2025, 20.06.2025 और 27.06.2025 को होने वाली यात्रा रद्द रहेगी।22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस, दिनांक 25.05.2025, 01.06.2025, 08.06.2025, 15.06.2025, 22.06.2025 और 29.06.2025 को होने वाली यात्रा रद्द रहेगी।
देवघर: जिले के पालोजोरी थाने की पुलिस पर सुबह से ही स्थानीय लोग अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने बताया कि बुधवार को दुधनी गांव के रहने वाले मेराज अंसारी को साइबर क्राइम के आरोप में पालाजोरी थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया ।
आक्रोशित भीड़
करीब 8 से 10 घंटे की पूछताछ के बाद मेराज अंसारी की तबीयत अचानक खराब हो गई। मिराज की तबियत खराब होने पर पुलिस उसे स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए ले गई जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने मेराज अंसारी को मृत घोषित कर दिया।
परिजन का आरोप पुलिस के टार्चरिंग के कारण मौत हुई है
जिसके बाद पालोजोरी पुलिस पर परिजन और स्थानीय लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस के द्वारा किए गए टार्चरिंग की वजह से मेराज की मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि जब पालाजोरी थाने की पुलिस ने मेराज को घर से उठाया था तो वह स्वस्थ्य था लेकिन शाम में उसकी तबीयत कैसे बिगड़ गई।
मृतक मिराज अंसारी का फाइल फोटो
वहीं परिजनों ने कहा कि उठाने के दरमियान मेराज अंसारी के साथ मारपीट भी की गई। स्थानीय लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि पालोज़ोरी थाने की पुलिस आए दिन लोगों पर बर्बरता पूर्वक व्यवहार करती है। जिसका परिणाम यह हुआ कि आज एक आरोपी की मौत हो गई।
मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा : पुलिस
वही लोगों द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर स्थानीय डीएसपी रंजीत लकड़ा ने बताया कि लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वहीं पूरे मामले पर देवघर जिले के पुलिस प्रवक्ता सह डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि परिजन जो पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं उसका कोई आधार नहीं है। इसीलिए मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का असली कारण क्या है।
साइबर के नाम पर निर्दोष व्यक्ति की मौत निंदनीय है इसकी जांच की जाए
वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी पहुंचे हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार लोगों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि जिस तरह से साइबर अपराध को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है लोगों को उठाकर ले जाती है उसके बाद उसकी मौत हो जाती है यह दुखद है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग भीड़ को उकसा रहे हैं समाज को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं उसकी भी जांच कराई जाएगी। आगे कहा कि जरूरत है कि स्थानीय प्रशासन संज्ञान लें कि ताकि किसी भी निर्दोष की मौत ना हो सके।
देवघर में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश की रक्षा, संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की रक्षा कांग्रेस और राहुल गांधी के अलावा कोई नहीं कर सकता है।
देश की आजादी कांग्रेस ने दिलाई, संविधान कांग्रेस ने दिया और इसकी रक्षा भी कांग्रेस करेगी। इसके लिए हमारे कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता मर मिटने को तैयार है। आगे उन्होंने अपने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए बेहतर कार्यों को गिनाया और उन्होंने बताया कि देवघर जिला के पुराने सदर अस्पताल को ट्रामा सेंटर बनाने का आदेश दिया गया। ये यहां की लंबी मांग थी, देवघर विधायक सुरेश पासवान ने भी प्रस्ताव दिया है। देवघर में एक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के साथ बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज दिया जाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। आगामी श्रावणी मेला में स्वास्थ्य विभाग का बेहतर व्यवस्था रहेगी। कांवरिया बंधु के स्वास्थ्य संबंधी हर खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाएगी।
कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कांग्रेस का हर कार्यकर्ता संविधान बचाने के लिए तैयार
प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने भी इस संविधान की सुरक्षा के लिए कांग्रेस के हर सिपाही को आगे बढ़ने और इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। इनके अलावे पूर्व सांसद फुरकान अंसारी,पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू,पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख,जिला के पर्यवेक्षक अजय दुबे ने भी मुख्य रूप से संबोधित किया एवं कार्यकर्ताओं में जोश भरे। सभी नेताओं ने अपने संबोधन में रैली को सफल बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी को बधाई दी।नेताओं ने एक स्वर में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार संविधान को कमजोर करने और बदलने की साजिश रच रही है। रैली में भाग लेने के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सह प्रभारी सिरिबेला प्रसाद, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की एवं पूर्व सांसद प्रदीप बालमुचू ने अंबेडकर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी, टावर चौक स्थित राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
तदुपरांत कार्यक्रम परिसर में स्थित स्वामी विवेकानंद एवं सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि, साथ ही कार्यक्रम स्थल पर पहूंचते ही देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी के शहादत दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके योगदान एवं बलिदान को याद किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता, सूचना एवं प्रौद्योगिकी तंत्र के जनक,पंचायती राज व्यवस्था के संस्थापक एवं युवाओं के प्रेरणा स्रोत राजीव गांधी को हम याद कर उन्हें शत-शत नमन करते हैं।
देवघर में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार अपने चंद पूंजीपतियों मित्रों के लिए नित नए नियम बनाकर गरीबों के हक एवं अधिकार को हड़पने का प्रयास कर रही है।
आज अडानी को कोयले के खदान दिए जा रहे हैं गरीब मजदूरों की जमीन को ओने-पोने भाव में उन्हें अपना व्यापार बढ़ाने के लिए दिया जा रहा है। गोड्डा में अडानी पावर प्लांट में किसानों की जमीन ली गई। यहां के कोयले खदान दिए गए और सारी बिजली बांग्लादेश को दिया जाता है। एक छटाक झारखंड को बिजली नहीं मिलता है। इसकी लड़ाई हम लड़ रहे हैं। हमारे नेता राहुल गांधी की हर बात आज सच साबित हो रही है और उनके संघर्ष बेहतर रंग ला रहे हैं। संविधान में दिए गए सभी जाति वर्गों के आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। इनके जाति जनगणना कराने के आंदोलन के सामने केंद्र सरकार को झुकना पड़ा और जाति जनगणना की स्वीकृति देनी पड़ी। गत दिनों देश के पहलगाम में आतंकी घटना घटी ,हमारे नेता राहुल गांधी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के साथ पूरा विपक्ष ने सरकार को एक मत समर्थन दिया ताकि आतंकवाद का खत्मा हो सके। लेकिन दुख की बात है कि हमारे सेना का पराक्रम से आतंकवादियों पर की जा रही कार्यवाही को रोकने का निर्देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा मिलता है। ऐसी स्थिति में पूरा देश फिर से कांग्रेस को याद कर रहा है, इंदिरा गांधी को याद कर रहा है। आगे प्रदीप यादव ने कहा कि संविधान से छेड़छाड़ लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है और कांग्रेस इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
देवघर जिला कांग्रेस द्वारा राष्ट्रव्यापी अभियान कार्यक्रम के तहत् जिला स्तरीय “संविधान बचाओ रैली” का आयोजन देवघर शहर के आर.एन. बोस लाइब्रेरी परिसर में किया गया। इस रैली में पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार पर संविधान से छेड़छाड़ करने तथा उसे बदलने का प्रयास का गंभीर आरोप लगाया।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम करने के लिए संविधान दिया,आज उस संविधान के पन्नों के साथ केंद्र की मोदी सरकार द्वारा छेड़छाड़ किया जा रहा है, उसे नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा कांग्रेस कदापि होने नहीं देगी। संविधान हमें मौलिक अधिकार के साथ स्वतंत्रता एवं न्याय का अधिकार देता है,हर व्यक्ति को समानता का अधिकार मिला है। ऐसे में संविधान की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। इस देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में पूज्य बापू, पंडित नेहरू,सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महापुरुषों की संघर्ष का परिणाम है। देश की आजादी में आर एस एस एवं भारतीय जनता पार्टी के किसी भी सदस्य ने एक बूंद खून नहीं बही नहीं इस आंदोलन में कभी हिस्सा लिया बदले अंग्रेजों की चाटुकारिता करते रहे उनके मुख विधि करते रहे। 58 वर्षों तक अपने कार्यालय में कभी तिरंगा नहीं लहराया। जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को जिन्होंने देश में अमन चैन और आजादी की नींद हमें दी उन्हें भी नाथूराम गोडसे के द्वारा हत्या कराया गया।
देवघर आसनसोल मंडल में स्थित शंकरपुर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प किया गया है। इस परिवर्तित स्टेशन का उद्घाटन 22.05.2025 को प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, जो भारतीय रेलवे के चल रहे आधुनिकीकरण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देश भर के रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण करना है, ताकि उन्हें आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर सौंदर्य और उन्नत बुनियादी ढांचे के साथ भविष्य के लिए तैयार किया जा सके। इस पहल के हिस्से के रूप में, शंकरपुर स्टेशन का यात्री आराम, पहुंच और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक बदलाव किया गया है। झारखंड में हावड़ा-पटना मेन लाइन पर स्थित पूर्व रेलवे क्षेत्र का शंकरपुर रेलवे स्टेशन, जिसे एनएसजी-6 स्टेशन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत महत्वपूर्ण परिवर्तन का अनुभव कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य व्यापक अवसंरचनात्मक संवर्द्धन के माध्यम से यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
पुनर्विकास की मुख्य विशेषताएं
शंकरपुर स्टेशन पर पुनर्विकास परियोजना में यात्रियों की सुविधा, पहुंच और समग्र स्टेशन सौंदर्य को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए कई प्रमुख उन्नयन शामिल हैं
दूसरे प्रवेश द्वार के साथ नया स्टेशन भवन: एक आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें दिव्यांगजनों (विकलांग व्यक्तियों) के सुविधाओं सहित टिकट काउंटर, प्रतीक्षा क्षेत्र और शौचालय की सुविधाएँ होगी।
संवर्धित सर्कुलेटिंग क्षेत्र: स्टेशन के आस-पास के क्षेत्र में यात्रियों और वाहनों की निर्बाध आवाजाही की सुविधा के लिए स्टेशन के सर्कुलेटिंग क्षेत्र को ऑप्टिमाइज़ किया जा रहा है।
उद्यान (बगीचा) एवं भूनिर्माण यात्रियों के लिए एक शांत और आकर्षक माहौल बनाने के उद्देश्य से आस-पास के क्षेत्रों को हरा भरा किया जा रहा है तथा भूनिर्माण के लिए सामग्रियां लाई जा रही हैं।
आर्किटेक्चरल प्रवेश द्वार: स्टेशन के लिए एक आइकॉनिक और वेलकमिंग प्रवेश द्वार उपलब्ध कराने के लिए समकालीन डिजाइन सामग्रियों के साथ आर्किटेक्चरल रूपांकनों को मिलाकर एक नया प्रवेश द्वारा बनाया जा रहा है।
₹7.77 करोड़ की अनुमानित लागत से होगा पुनर्विकास
आधुनिक शौचालय सुविधाएँ: आधुनिक शौचालय सुविधाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से स्वच्छता, परिशुद्धता और उपयोगकर्ता के सुविधा पर जोर दिया जा रहा है।
दिव्यांगजनों के अनुकूल बुनियादी ढांचा: स्टेशन में सभी यात्रियों के लिए समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए रैंप, मार्गदर्शक स्पर्श और सुलभ शौचालय बनाए जायेंगे।
प्लेटफ़ॉर्म विस्तार और विकास: बढ़ते यात्री यातायात को समायोजित करने और आश्रय प्रदान करने के लिए दो नए प्लेटफ़ॉर्म शेड के निर्माण सहित प्लेटफ़ॉर्म को 100 मीटर तक और बढ़ाया जा रहा है तथा चौड़ा किया जा रहा है। शंकरपुर स्टेशन का पुनर्विकास ₹7.77 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जा रहा है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिगनलिंग और दूरसंचार कार्य, साइनेज और अन्य आवश्यक अवयव शामिल हैं। यह परियोजना अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत एक बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना(एबीएसएस) का लक्ष्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाना, स्टेशन तक पहुँच में सुधार करना और स्टेशन के डिज़ाइन में स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला को एकीकृत करना है। इस योजना का उदेद्श्य बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं को उन्नत करके देश भर के यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान है। शंकरपुर स्टेशन का कायाकल्प परिवर्तन भारतीय रेलवे की अपने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे पुनर्विकास के प्रयास जारी रहेंगे, यात्री अधिक सुलभ, आरामदायक और सौंदर्यपूर्ण रूप से सुखद स्टेशन वातावरण की उम्मीद कर सकते हैं, जो समकालीन मानकों को पूरा करता है और सभी यात्रियों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करता है।
रांची मौसम विभाग ने मंगलवार को MP-UP समेत 11 राज्यों में आंधी-बारिश के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है।
झारखंड, बिहार समेत 13 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, हरियाणा-राजस्थान समेत 4 जिलों में हीटवेव चल सकती है।राजस्थान में एक तरफ जहां तेज गर्मी पड़ रही है। बीकानेर, चुरु सहित कई जिलों में सोमवार को पारा 45 डिग्री से ज्यादा पहुंच गया है। वहीं, उदयपुर में तेज हवा के साथ बरसात हुई। खराब मौसम से फतहसागर झील में नाव पलट गई।
महाराष्ट्र-झारखंड में बिजली गिरने से 7 की मौत, बांदा 46.6° के साथ देश में सबसे गर्म
हालांकि, सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इधर, महाराष्ट्र में बिजली गिरने से 2 और झारखंड में 5 मौतें हुईं। वहीं, मध्य प्रदेश का खजुराहो में पारा 46 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उत्तर प्रदेश का बांदा 46.6 डिग्री के साथ देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा।दक्षिण राज्य कर्नाटक में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। साथ ही पूरे कोस्टल कर्नाटक में तूफानी हवाएं भी चल सकती हैं। यहां पिछले 2 दिन से हो रही बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव के हालात बने हुए हैं।आगे बढ़ा दक्षिण पश्चिम मानसूनमौसम विभाग ने 19 मई को बताया कि अगले 2-3 दिनों में मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में एक या दो स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। अगले 2 दिन मौसम का हाल21 मईः कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, असम, मेघालय, बिहार, केरल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में तेज बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, गोवा, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में आंधी बारिश का अलर्ट है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव की चेतावनी है। 22 मई: महाराष्ट्र में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। असम, मेघालय, सिक्किम, झारखंड, बिहार, कोंकण, गोवा, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश समेत 23 राज्यों में बारिश होगी। राजस्थान में हीटवेव और धूल भरी आंधी चल सकती है।
देवघर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी विशाल सागर ने जिले में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में अनियमितता से जुड़े मामले को संज्ञान लेते हुए जिला गव्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं संबंधित इंडियन बैंक के बैंक प्रबंधक की कार्यशैली पर रोष प्रकट करते हुए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत इंडियन बैंक साप्तर और इंडियन बैंक जियाखाड़ा से फर्जी दस्तावेज व फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से की गयी अवैध निकासी को लेकर संबंधित बैंक के प्रबंधकों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराया गया है। साथ ही जिले में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत सभी सुयोग्य लाभुकों के खातों की जांच करने का निदेश संबंधित अधिकारियेां को दिया, ताकि लाभुकों के नाम पर सब्सिडी की अवैध निकासी से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की जा सके। आगे उपायुक्त ने बैंकों के वरीय अधिकारियों को कड़े शब्दों में निदेशित करते हुए कहा कि कार्य में कोताही या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जायेगी।
साहेबगंज उपायुक्त के निर्देश पर जिला खनन टास्क फोर्स की टीम के द्वारा सदर एसडीओ अमर जॉन आइंद के नेतृत्व में मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के भुताहा मौजा में स्टार इन्डिया माइंस के बगल में चल रहे अवैध माइंस में छापेमारी करते हुए एक पोकलेन मशीन को जप्त किया है।
जप्त मशीन को एसडीओ ने मिर्जाचौकी थाना पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया है। वहीं एसडीओ अमर जॉन आइंद ने बताया कि साहिबगंज डीसी के निर्देश के बाद मिर्जाचौकी क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी की गई है जहां से एक पोकलेन मशीन को जप्त किया गया है । उन्होंने बताया कि जिले में किसी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन करनेवाले पर सख्त से सख्त कार्यवाई की जाएगी।मौके पर साहिबगंज सीओ , मंडरो सीओ के अलावा मिर्जाचौकी थाना पुलिस अपने दल बल के साथ मौजूद थे।
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी समाज की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलना चाहती है।
दरअसल कल (21 मई) प्रस्तावित आदिवासी परामर्शदातृ समिति (TAC) की बैठक से पहले झारखंड सरकार ने जो एजेंडों की सूची जारी की है, उसमें राज्य के आदिवासी बहुल गाँवों में शराब की दुकानें एवं बार खोलने का लाइसेंस देने की बात कही गई है।
इसी मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने कहा कि – “अपने सार्वजानिक जीवन की शुरुआत, मैंने नशा-विरोधी मुहिम से की थी। झारखंड की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने की इस कोशिश का पुरजोर विरोध होगा।”
राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि टीएसी का गठन सदैव राज्यपाल के संरक्षण में करने की परंपरा रही है, जिसे इस राज्य सरकार ने तोड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह संस्था आदिवासियों के हित में काम करने के लिए बनी है, तो फिर टीएसी में सरकार का बहुमत होते हुए भी पिछले कई वर्षों से पेसा समेत आदिवासियों से जुड़े अन्य मामलों पर कोई ठोस परिणाम क्यों नहीं दिखते?
इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कोल्हान क्षेत्र में में कई वर्षों पहले रोके गए ईचा-खरकाई डैम परियोजना को दोबारा शुरू करने का भी विरोध किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनकी अध्यक्षता में बनी समिति ने इस मुद्दे पर बहुत पहले फैसला लिया था, तो फिर से 124 गाँवों को विस्थापित करने का निर्णय क्यों लिया जा रहा है?
उनके इस बयान के बाद झारखंड की सियासत में टीएसी की भूमिका, उसकी निष्पक्षता और सरकार की नीतियों को लेकर बहस शुरू हो गई है।