राँची// रेलवे सुरक्षा बल रांची एवं आरपीएफ फ्लाइंग टीम रांची द्वारा ऑपरेशन “नारकोस” के अंतर्गत रांची रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम हेतु विशेष संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान शिशुपाल कुमार, निरीक्षक आरपीएफ पोस्ट रांची के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में संचालित किया गया।
जांच अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 स्थित वीआईपी गेट के समीप एक संदिग्ध युवक काले एवं हरे रंग का स्काई बैग लेकर बैठा हुआ दिखाई दिया। जांच दल को देखकर वह घबराने लगा, जिस पर उसे रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपना नाम बृजराज यादव (19 वर्ष), पिता – निवास यादव, निवासी – ग्राम मटियारवा, थाना पदरौना, जनपद कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) बताया।
बैग के संबंध में पूछने पर उसने स्वीकार किया कि उसमें गांजा रखा हुआ है। घटना की सूचना, सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ रांची श्री प्रताप सिंह नेगी को दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंचे तथा संपूर्ण कार्रवाई का पर्यवेक्षण किया। एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने एवं स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में बैग की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान बैग से चार पैकेट बरामद हुए, जिनमें गांजा पाया गया। इस प्रकार कुल 12 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹6,00,000/- है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे मेहंदी अंसारी द्वारा संताला (ओडिशा) से गोरखपुर तक गांजा पहुंचाने का काम सौंपा गया था, जिसके बदले उसे प्रति किलोग्राम ₹1,000/- देने का वादा किया गया था।
उसने यह भी बताया कि रांची रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ की जांच देखकर मेहंदी अंसारी मौके से फरार हो गया। बरामद गांजा को जब्त एवं सील किया गया। इसके उपरांत आरोपी बृजराज यादव तथा जब्त 12 किलोग्राम गांजा को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु जीआरपी रांची को सुपुर्द कर दिया गया है।
इस कार्रवाई में निम्नलिखित आरपीएफ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही— शिशुपाल कुमार, पोस्ट कमांडर, आरपीएफ पोस्ट रांची, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक अजीत कुमार
आरपीएफ फ्लाइंग टीम रांची -आरक्षक दिलीप कुमार जितरवाल
